Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

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1 सितंबर से बदल जाएंगे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ये नियम, LPG से लेकर विदेश यात्रा तक जानें क्या बदलेगा

1 सितंबर से बदल जाएंगे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ये नियम, LPG से लेकर विदेश यात्रा तक जानें क्या बदलेगा

september changes

अगस्त का आज आखिरी दिन है। सितंबर की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के जीवन, खर्च और बचत से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। बैंकिंग, गैस सिलेंडर, टैक्स, यात्रा और क्रेडिट कार्ड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के ये बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं। इनमें से कुछ बदलावों के कारण आपको अधिक पैसे चुकाने पड़ सकते हैं, तो वहीं कुछ नियमों से आपको बड़ी राहत मिलने की संभावना है। किसी भी परेशानी या अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए, नए नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।

 

विदेश यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत

1 सितंबर से भारत से अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। इमिग्रेशन काउंटर पर अब यात्रियों के बोर्डिंग पास पर भौतिक (फिजिकल) मुहर नहीं लगाई जाएगी। इमिग्रेशन ब्यूरो ने प्रक्रिया को सुगम और तेज बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नए नियम के अनुसार, यात्री अपने मोबाइल फोन पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर आसानी से अपनी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और अस्पष्ट मुहरों जैसी पुरानी तकनीकी समस्याएं हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।

 

LPG सिलेंडर

31 अगस्त को एलपीजी कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी या बायोमेट्रिक सत्यापन आखिरी दिन है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया 1 सितंबर को बंद हो जाएगी। यदि आपने इस अवधि में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो आप घरेलू सब्सिडीयुक्त सिलेंडर प्राप्त करने से वंचित हो सकते हैं। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल जैसी प्रमुख तेल कंपनियां ग्राहकों को इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की सलाह देते हुए लगातार संदेश भेज रही हैं। 1 सितंबर से एलपीजी या पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव हो सकता है। 

 

बैंकिंग नियमों में बड़े बदलाव

बैंकों में बड़ी सावधि जमा (एफडी) करने वालों के लिए भी नियमों में पारदर्शिता लाई जा रही है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बड़ी जमा राशि पर दिए जाने वाले ब्याज दर रोजाना सुबह 10:10 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, बैंक की अलग-अलग शाखाएं एक ही दिन जमा की गई एक ही राशि पर अलग-अलग ब्याज दरें नहीं दे सकेंगी। हालांकि, इस नियम का आम नागरिकों की छोटी एफडी पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। ध्यान दें कि एफडी पारदर्शिता के ये नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। 1 सितंबर से एटीएम से जुड़े चार्जेस में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में ज्यादा ट्रांजैक्शन करने पर बैंक आपसे मोटी फीस वसूल सकता है।

 

ईटीएफ पर नए नियम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी (SEBI) ने ईटीएफ (ETF) कारोबार को लेकर 1 सितंबर से नए नियम लागू करने का फैसला किया है। नए नियमों के हिसाब से ईटीएफ की कीमत की सीमा तय के लिए पिछले कारोबारी दिन के आखिरी 30 मिनट की ट्रेडिंग वॉल्यूम की औसत कीमत को आधार बनाया जाएगा। इससे ईटीएफ की कीमत बाजार की ताजा स्थिति के आसपास बनी रहेगी।

 

विदेश यात्रा से जुड़ा बड़ा बदलाव

1 सितंबर 2026 से विदेश यात्रा से जुड़ा एक बड़ा बदलाव होने वाला है। भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर अब बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी. यात्री मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकेंगे। इस नए नियम से हवाई यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

Rain Forecast: अगले 48 घंटे 5 राज्यों पर भारी! यूपी, बिहार, झारखंड से MP तक IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त से अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटे देश के 5 प्रमुख राज्यों ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बेहद भारी साबित हो सकते हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे ओडिशा तट पर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से इन इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा व उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से ओडिशा में 31 अगस्त को और छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटों में भी 20 सेमी से अधिक की भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा।

यूपी, बिहार और झारखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के निवासियों के लिए भी 31 अगस्त और 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD ने इन तीनों राज्यों में 31 अगस्त और 1 सितंबर के दौरान अत्यंत से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश में मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बनी एक ट्रफ लाइन के असर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 1 सितंबर से 6 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बिहार और झारखंड में भी 4 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

उत्तरी और पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ की वजह से मौसम बदला हुआ रहेगा। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 4 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अगस्त और 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

मध्य प्रदेश, पश्चिम भारत और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

मध्य भारत के राज्यों में पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश देखने को मिलेगी जबकि पश्चिम मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है। कोंकण और गोवा में 6 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां थोड़ी धीमी बनी रहेंगी। हालांकि तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ दिनों तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।

September 2026: दूध से लेकर LPG सिलेंडर तक… 1 सितंबर से बदल जाएंगे ये 9 बड़े नियम! आपकी जेब पर पड़ेगा बड़ा असर

Financial Rule Changes September 2026: सितंबर का महीना शुरू होते ही आम आदमी से लेकर निवेशकों और करदाताओं के लिए कई नियम बदलने वाले हैं। सितंबर 2026 में दूध की कीमतों से लेकर डीमैट अकाउंट, एडवांस टैक्स, एलपीजी सिलेंडर बायोमेट्रिक और फ्लाइट में सफर तक से जुड़े 9 बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाले इन सभी 9 महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में विस्तार से जानिए।

1. डीमैट और म्यूचुअल फंड में नॉमिनेशन के नए नियम

1 सितंबर 2026 से डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए नॉमिनेशन के नए दिशानिर्देश लागू हो जाएंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खातों का नॉमिनेशन स्टेटस तुरंत चेक करें और आवश्यक प्रक्रिया या ऑप्ट-आउट फॉर्म समय रहते पूरा कर लें।

2. SEBI के नए ETF रूल्स

शेयर बाजार के नियामक सेबी का नया एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) फ्रेमवर्क 7 सितंबर 2026 से लागू होने जा रहा है। इसमें बेस प्राइस, प्राइस बैंड, प्री-ओपन कॉल ऑक्शन और क्लोज-आउट प्रक्रियाओं में बदलाव शामिल हैं। पहले इसे लागू करने की समयसीमा अलग थी, जिसे बढ़ाकर 7 सितंबर किया गया है।

3. FCNR(B) डिपॉजिट पर स्पेशल स्वैप विंडो बंद

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की FCNR(B) डिपॉजिट के लिए विशेष डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा 31 अगस्त को समाप्त हो रही है। 1 सितंबर से नई FCNR(B) एफडी पर यह स्पेशल फैसिलिटी नहीं मिलेगी। हालांकि, FCNR(B) डिपॉजिट बंद नहीं हुए हैं, लेकिन अब इन पर ब्याज दरें बैंक की सामान्य दरों के आधार पर तय होंगी।

4. एडवांस टैक्स चुकाने की लास्ट डेट: 15 सितंबर

करदाताओं के लिए 15 सितंबर 2026 एडवांस टैक्स की अगली किश्त जमा करने की अंतिम तिथि है। नियमों के तहत, योग्य टैक्सपेयर्स को 15 सितंबर तक अपनी कुल एडवांस टैक्स देनदारी का कम से कम 45% हिस्सा सरकार को जमा करना अनिवार्य है।

5. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव

सितंबर का आखिरी दिन यानी 30 सितंबर छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि और एनएससी (NSC) जैसी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की नई ब्याज दरों की समीक्षा और घोषणा करेगी।

6. इंटरनेशनल फ्लाइट्स: बोर्डिंग पास पर स्टैंप की जरूरत खत्म

1 सितंबर 2026 से भारत से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर मोहर लगवाने की बाध्यता से छूट दे दी गई है। अब यात्री अपने मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास का उपयोग कर सकते हैं या प्रिंटेड पास दिखाकर इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

7. LPG e-KYC की अनिवार्यता

घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (e-KYC) कराने की समयसीमा 31 अगस्त यानी आज तक है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें 1 सितंबर के बाद रसोई गैस सिलेंडर की रीफिल बुकिंग या सब्सिडी दरों का लाभ लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

8. मुंबई में दूध की कीमतें बढ़ीं

मुंबई में 1 सितंबर से ताजा भैंस के दूध के थोक दामों में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी होने वाली है। इसके बाद अब दूध की नई दरें ₹102 प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। यह रिवाइज्ड रेट अगले छह महीनों के लिए लागू रहेंगे।

9. मुंबई में ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी

मुंबई में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी झटका लगने वाला है। 1 सितंबर से मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के बेस फेयर में बढ़ोतरी होने वाली है, जिससे लोकल ट्रैवलिंग थोड़ी महंगी हो जाएगी।