यूपी में माताओं, बहनों और बेटियों को 2 दिन फ्री बस यात्रा, साथ में एक सहयोगी भी मुफ्त, रक्षाबंधन पर CM योगी का बड़ा तोहफा

यूपी में माताओं, बहनों और बेटियों को 2 दिन फ्री बस यात्रा, साथ में एक सहयोगी भी मुफ्त, रक्षाबंधन पर CM योगी का बड़ा तोहफा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को फ्री बस यात्रा का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही फील्ड में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन, पुलिस और प्रशासन मिलकर पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

महिला सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय रहें और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर रखी जाए। रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने बस चालकों की जांच और निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले किसी भी चा

लक को बस चलाने की अनुमति न दी जाए। निजी बसों के चालकों का सत्यापन कराया जाए। ऑटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। परिवहन और पुलिस विभाग आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि रक्षाबंधन पर यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन मिल सके।

गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की नीति बनेगी

गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की नीति बनेगी

bhupendra patel

गुजरात सरकार ने दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर व्यापक अध्ययन कर उचित नीति तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस समिति के अध्यक्ष राज्य के मुख्य सचिव होंगे।

 

केंद्र और अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन होगा

 

नई समिति दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के संबंध में केंद्र सरकार की नीतियों और अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी। इसके अलावा, इस मुद्दे पर विभिन्न अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों, कानूनी प्रावधानों और सरकारी नियमों का भी विश्लेषण किया जाएगा। समिति पूरे अध्ययन के आधार पर गुजरात में दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण को लेकर किस प्रकार की नीति लागू की जा सकती है, इस संबंध में सरकार को अपनी सिफारिश देगी।

 

आरक्षण के प्रतिशत पर भी होगा विचार

 

समिति दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में कितने प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, इसे किस तरह लागू किया जाए और इसके लिए कौन-कौन से नियम बनाए जाएं, जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करेगी। सरकारी विभागों में दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा से जुड़ी परिस्थितियों और नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन को भी ध्यान में रखा जाएगा। विभिन्न विभागों की जरूरतों और मौजूदा सेवा नियमों का अध्ययन करने के बाद समिति अपनी अंतिम सिफारिश तैयार करेगी।

 

दिव्यांग कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण पहल

 

राज्य सरकार की इस पहल से सरकारी सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसरों को लेकर नई व्यवस्था बनने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल आरक्षण का प्रतिशत और अन्य नियमों को लेकर अंतिम निर्णय समिति के अध्ययन और उसकी सिफारिश के बाद ही लिया जाएगा।

जापान में 5.9 तीव्रता के भूकंप से दहला पूर्वी हिस्सा, टोक्यो तक महसूस हुए झटके, 23 लोग घायल

जापान में 5.9 तीव्रता के भूकंप से दहला पूर्वी हिस्सा, टोक्यो तक महसूस हुए झटके, 23 लोग घायल

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जापान में रविवार तड़के 5.9 तीव्रता के भूकंप ने पूर्वी हिस्से को हिला दिया। भूकंप के तेज झटके टोक्यो और आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में 23 लोग घायल हुए हैं, हालांकि ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है।

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जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप इबाराकी प्रांत के दक्षिणी हिस्से में 70 किलोमीटर की गहराई पर आया। यह क्षेत्र जापान के उन इलाकों में शामिल है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भूकंप की शुरुआती तीव्रता 5.8 दर्ज की।

 

चार प्रांतों में 23 लोग घायल

 

प्रांतीय अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण क्षेत्र के चार प्रांतों में कुल 23 लोग घायल हुए। इनमें सैतामा में 9, कानागावा में 9, चिबा में 4 और इबाराकी में 1 व्यक्ति घायल हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर लोग भूकंप के समय सो रहे थे। अचानक तेज झटके महसूस होने पर वे घबराकर बिस्तर से उठे और गिर पड़े या फर्नीचर और दरवाजों से टकरा गए।

 

योमिउरी अखबार के अनुसार, कानागावा प्रांत के योकोहामा में 80 साल की एक महिला बिस्तर से गिर गईं और उनके कूल्हे में गंभीर चोट आई।

 

ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित

 

भूकंप के बाद टोक्यो और नारिता एयरपोर्ट को जोड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में देरी हुई। पूर्वोत्तर क्षेत्रों की कुछ स्थानीय ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। हालांकि, ईस्ट जापान रेलवे कंपनी के मुताबिक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।
 

टोक्यो में पानी की पाइपलाइन फटी, बिजली भी गुल

 

भूकंप के झटकों के कारण टोक्यो के कोटो इलाके में भूमिगत पानी की पाइपलाइन टूट गई, जिससे सड़क पर पानी भर गया। बाद में कर्मचारियों ने पाइपलाइन की मरम्मत कर रिसाव रोक दिया। TEPCO Power Grid के अनुसार, भूकंप के कारण टोक्यो में करीब 460 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, लेकिन रविवार सुबह तक बिजली बहाल कर दी गई।

 

जापान की परमाणु नियामक प्राधिकरण ने बताया कि करीब एक दर्जन परमाणु संयंत्रों और परमाणु सामग्री से संबंधित अन्य प्रतिष्ठानों से किसी तरह की असामान्य स्थिति की सूचना नहीं मिली।

मुंबई के भुलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा आगमन समारोह के दौरान हादसा, 2 की मौत, 5 घायल, 2 बच्चे भी शामिल

मुंबई के भुलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा आगमन समारोह के दौरान हादसा, 2 की मौत, 5 घायल, 2 बच्चे भी शामिल

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दक्षिण मुंबई के भुलेश्वर इलाके में शनिवार रात गणेश प्रतिमा आगमन समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ‘भुलेश्वरचा राजा’ की गणेश प्रतिमा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए। नगर निगम के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

 

अधिकारियों के मुताबिक, हादसा रात करीब 10 बजे भुलेश्वर के जय अंबे चौक स्थित कबूतरखाना के पास बलराम मर्चेंट रोड पर हुआ। गणेश प्रतिमा गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे में घायल सभी लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हालांकि, गंभीर चोटों के चलते दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई।

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घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा और नगर निगम के वार्ड कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। राहत और बचाव का काम तुरंत शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान संकेत नेवशे (33) और बृजेश हेमंत जोशी (30) के रूप में हुई है।

 

घायलों में वैभव घेनंद (38), पवन चौरसिया (25), 5 वर्षीय लावण्या गनेर और 7 वर्षीय दिव्या गनेर शामिल हैं। पांचवें घायल की पहचान की जानकारी अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों की हालत स्थिर है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

 

महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर मनाया जाता है गणेशोत्सव

मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 10 दिवसीय गणेशोत्सव सबसे बड़े और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में शामिल है। इस दौरान भगवान गणपति की प्रतिमाओं को धूमधाम से पंडालों में लाया जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन आयोजनों में शामिल होते हैं।

weather update : कमजोर पड़ा मानसून, अगले 2 हफ्ते बारिश को तरसेंगे कई इलाके, IMD ने जताई बड़ी चिंता, बढ़ सकता है फसलों पर संकट

weather update : कमजोर पड़ा मानसून, अगले 2 हफ्ते बारिश को तरसेंगे कई इलाके, IMD ने जताई बड़ी चिंता, बढ़ सकता है फसलों पर संकट

भारत में मानसून अब उस समय कमजोर पड़ता नजर आ रहा है, जब इस मौसम में बारिश अपने चरम पर होनी चाहिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कम से कम दो सप्ताह यानी 2 सितंबर तक देशभर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। शनिवार तक देश में कुल बारिश लंबी अवधि के औसत से 14 फीसदी कम दर्ज की गई थी और आने वाले दिनों में यह कमी और बढ़ सकती है।

 

IMD के 20 अगस्त के विस्तारित अवधि पूर्वानुमान (Extended Range Forecast) के मुताबिक, मानसून ट्रफ के मध्य भारत की ओर बढ़ने के बजाय लगातार हिमालय की तलहटी के पास बने रहने की संभावना है। इसका सीधा असर देश के उन हिस्सों पर पड़ सकता है, जहां अगस्त में कृषि के लिए महत्वपूर्ण बारिश की जरूरत होती है।

 

हिमालय और पूर्वोत्तर में भारी बारिश, मध्य भारत में संकट

 

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दोनों सप्ताह देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, हिमालयी क्षेत्र तथा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, प्रायद्वीपीय भारत में अगले सप्ताह भी बारिश की स्थिति कमजोर रहने का अनुमान है।

 

अगले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तरी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

 

स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया के मुताबिक, मानसून ट्रफ का हिमालयी क्षेत्र में केंद्रित रहना देश के बाकी हिस्सों में बारिश को प्रभावित करेगा। उनके अनुसार, ट्रफ के कम से कम एक सप्ताह तक हिमालय की तलहटी में बने रहने की संभावना है।

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मध्य भारत में बारिश की कमी बढ़ा सकती है कृषि की चिंता

 

मानसून ट्रफ का दक्षिण की ओर मध्य भारत में नहीं आना बड़ी चिंता का कारण है। अगस्त के दौरान मध्य भारत में यही ट्रफ आमतौर पर सबसे अधिक और कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण बारिश कराता है। ऐसे में जिन क्षेत्रों को बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होने का खतरा बढ़ गया है।

 

एक्सपर्ट्‍स के अनुसार मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और गुजरात के वर्षा आधारित इलाकों में 2026 का मानसून अनियमित रहा है। वर्तमान में बारिश की कमी करीब 14 फीसदी है और अगस्त के बाकी दिनों में कमजोर बारिश के साथ यह घाटा 15 फीसदी से अधिक हो सकता है। अरहर (तूर), सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों पर निगरानी और उपज के आकलन की जरूरत बताई है।  मानसून में आगे भी कमी रहने से आने वाले दिनों में खाद्य महंगाई बढ़ने का दबाव बन सकता है।

 

वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियां भी स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। रूस-यूक्रेन क्षेत्र से कार्गो आपूर्ति में बाधा के कारण लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याएं पहले से बनी हुई हैं। ऐसे में कमजोर मानसून के बीच सरकार के लिए मजबूत सप्लाई चेन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

 

अल नीनो भी बढ़ा रहा चिंता

 

इस साल मानसून के कमजोर प्रदर्शन से जुड़ा अल नीनोभी लगातार मजबूत हो रहा है। ब्रिटेन के Met Office ने शुक्रवार को कहा कि यह घटना एक सदी से अधिक समय में सबसे शक्तिशाली अल नीनो बनने की दिशा में बढ़ रही है। प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस से अधिक ऊपर जाने का अनुमान है। इसका वैश्विक मौसम पर व्यापक असर पड़ सकता है और 2027 के दुनिया के सबसे गर्म वर्ष बनने की संभावना भी बढ़ सकती है।

यमुना के बाढ़ क्षेत्र को पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने के सभी आरोपों से आर्ट ऑफ लिविंग मुक्त, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

यमुना के बाढ़ क्षेत्र को पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने के सभी आरोपों से आर्ट ऑफ लिविंग मुक्त, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय के एक महत्त्वपूर्ण एवं निर्णायक निर्णय के साथ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिष्ठित 2016 वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल को लेकर लगभग एक दशक से चले आ रहे मीडिया ट्रायल और निराधार आरोपों का पटाक्षेप हो गया है। न्यायालय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के पूर्व निर्णय को निरस्त करते हुए उससे संबंधित सभी परिणामी अंतरिम कार्रवाइयों को भी समाप्त कर दिया है।

निर्णय का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पक्ष यह है कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना कि अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों से यह सिद्ध होता है कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल से यमुना के बाढ़ क्षेत्र को किसी प्रकार की पर्यावरणीय क्षति नहीं हुई थी।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा जमा की गई 5 करोड़ की राशि उसे पूर्णतः वापस की जानी चाहिए। इस राशि को अनुचित रूप से ‘जुर्माना’ के रूप में प्रचारित किया गया था, जिसका उद्देश्य संस्था की प्रतिष्ठा को धूमिल करना था।

2016 का वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल एक ऐतिहासिक वैश्विक आयोजन था, जिसमें 155 से अधिक देशों की सहभागिता रही और लगभग 35 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से इसमें सम्मिलित हुए। इस विराट आयोजन की अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सी. लाहोटी ने की थी। संयुक्त राष्ट्र के छठे महासचिव दिवंगत डॉ. बुतरस बुतरस-घाली भी इस आयोजन के सह-अध्यक्ष बनने वाले थे, किंतु दुर्भाग्यवश आयोजन से एक माह पूर्व ही उनका निधन हो गया।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात आर्ट ऑफ लिविंग के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा: “निहित स्वार्थों से प्रेरित कुछ लोगों द्वारा उस संस्था पर निराधार आरोप लगाने का यह दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद प्रयास अब पूरी तरह उजागर हो गया है, जो स्वयं लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के संवर्धन के लिए समर्पित भाव से कार्य करती आ रही है।”

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

abhijeet dipke at jantar mantar

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) बनाकर और फिर जंतर-मंतर पर आंदोलन कर के चर्चा में आए अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दीपके पर सरकारी स्कूल में बिना अनुमति के घुसने, सरकारी काम में बाधा डालने और धमकाने का आरोप लगा है। इसके बाद उन पर यह एफआईआर दर्ज हुई है। यह एफआईआर लातूर पुलिस ने दर्ज की है।

क्‍यों हुई एफआईआर : सरकारी स्‍कूल में बिना अनुमति के घुसने, काम में बाधा डालने और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में महाराष्ट्र के लातूर जिले की पुलिस ने कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके और अन्य लोगों के खिलाफ कथित यह एफआईआर दर्ज की गई है।

किसने दर्ज करवाई शिकायत : यह एफआईआर जिला परिषद उर्दू स्कूल की 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशादबानो खैरात अली की शिकायत पर औसा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।  दिपके CJP के चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले के स्कूलों का दौरा कर वहां की समस्याओं को सामने ला रहे हैं।

शिकायत के अनुसार, कथित घटना मुंबई से 500 किलोमीटर से अधिक दूर औसा के पास जावली स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल में हुई। आरोप है कि दिपके और उनके सहयोगी बिना अनुमति स्कूल में घुस गए, छात्रों के बीच बैठ गए और उनसे कई सवाल पूछे। इससे पढ़ाई और सरकारी काम में बाधा पहुंची।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CJP नेता ने इस दौरान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया. शिकायत के मुताबिक, दिपके ने यह दावा कर स्कूल को बदनाम किया कि उनके दौरे के दौरान दूसरे स्कूल के छात्रों को लाकर कक्षाओं में बैठाया गया था। उन पर शिक्षकों को निलंबित करवाने की धमकी देने का भी आरोप है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 329(3), 351(2) और 356(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

ईरान से जंग हार चुका है अमेरिका, दुनिया भी यह मान चुकी है, किसके बयान से फिर सुलग उठा मिडिल ईस्‍ट?

ईरान से जंग हार चुका है अमेरिका, दुनिया भी यह मान चुकी है, किसके बयान से फिर सुलग उठा मिडिल ईस्‍ट?

Donald Trump

मिडिल ईस्‍ट में तनाव खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अमेरिका बार-बार ईरान को सबक सिखाने की बात कर रहा है तो वहीं, दूसरी तरफ ईरान का दावा है कि दुनिया अब मान चुकी है कि अमेरिका यह जंग हार चुका है। इस बयानबाजी से मिडिल ईस्‍ट में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है।

बता दें कि अमेरिका ईरान के पर सबसे बड़ा आर्थिक शिकंजा कसने की तैयारी में है, जबकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का दावा है कि अमेरिका के साथ इस जंग में ईरान जीत चुका है। उन्‍होंने कहा कि यही नहीं, पूरी दुनिया भी अब इस सच्चाई को स्वीकार कर चुकी है।

दूसरी ओर, सीरिया और इजरायल के बीच दशकों से विवाद का कारण बने 'गोलान हाइट्स' को लेकर अमेरिका के अपने ही राजदूत का एक बयान आ गया है, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईरान की जीत दुनिया पर दुनिया की मुहर : ईरानी सरकारी मीडिया (IRNA) की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि अब अमेरिका के साथ जारी टकराव को खत्म हो जाना चाहिए, क्योंकि दुनिया यह मान चुकी है कि इस युद्ध में ईरान की जीत हुई है। पेजेश्कियन ने यह भी कहा कि पूरी दुनिया हमारी जीत पर अपनी सहमति दे चुकी है और इस वक्त अमेरिका पूरी दुनिया में नफरत का पात्र बन चुका है। ईरान का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब वाशिंगटन से ट्रंप प्रशासन ईरान पर चौतरफा 'आर्थिक हमला' करने की रणनीति बना रहा है।

कैसे आर्थिक तौर पर ईरान को तोड़ने की कोशिश में अमेरिका: वहीं दूसरी तरफ डोनाल्‍ड ट्रंप ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने की तैयारी कर रहा है। इस मुहिम को 'इकोनॉमिक डी-डे' का नाम दिया जा रहा है। इसका मकसद ईरान को आर्थिक तौर से पूरी तरह अलग-थलग करना है। ट्रंप का सीधा फरमान है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लगाए और तेल व प्राकृतिक गैस के टैंकरों की आवाजाही के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित और बहाल करे।

टॉम बैरक के बयान से मचा बवाल : ईरान के साथ जारी इस तनाव के बीच तुर्किये में अमेरिकी राजदूत और सीरिया के विशेष दूत टॉम बैरक के एक इंटरव्यू ने वाशिंगटन के विदेश नीति को असहज कर दिया है। टॉम बैरक ने कहा कि इजरायल आज भी संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हुए गोलान हाइट्स पर 'अवैध रूप से कब्जा' जमाए हुए है। गौरतलब है कि इजरायल ने 1967 के युद्ध में सीरिया से गोलान हाइट्स को छीना था और 1981 में इसे अपना हिस्सा घोषित कर दिया था। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) आज भी इसे सीरिया का ही अधिकृत इलाका मानता है। बता दें कि मार्च 2019 में ट्रंप ने दशकों पुरानी अमेरिकी नीति को बदलते हुए गोलान हाइट्स पर इजरायल के अधिकार को आधिकारिक मान्यता दी थी।

पुणे मंजे प्रेम, ‘छात्रों की गूंज’ में बोले राहुल गांधी, कहा, लड़कियां आजाद हों, हजारों लड़कियों ने राहुल के लिए बनाया दिल

पुणे मंजे प्रेम, ‘छात्रों की गूंज’ में बोले राहुल गांधी, कहा, लड़कियां आजाद हों, हजारों लड़कियों ने राहुल के लिए बनाया दिल

Rahul Gandhi

राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया। यहां उन्‍हें सुनने के लिए हजारों की संख्‍या में छात्राएं जमा हुईं। इस आयोजन में राहुल गांधी ने कहा कि देश की लड़कियों का आजाद होना जरूरी है। पिता, पति और बेटे से आपका रिश्ता है, लेकिन आपकी पहचान उनसे नहीं है। आपको अपने लिए आजाद होना चाहिए।

उन्‍होंने सिर्फ 8% महिलाओं के पास खुद की प्रॉपर्टी है। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति कहती है कि लड़की पिता, पति, बच्चों की संपत्ति है। यह शर्मनाक है। महिलाओं को किसी पर आश्रित नहीं होना हैं। आयोजन के दौरान छात्राओं ने राहुल के लिए हाथों से दिल का साइन बनाकर दिखाया और राहुल राहुल के नारे लगाए।

तीन तरह से महिलाओं की हत्‍या : राहुल गांधी ने कहा कि ‘महिलाओं के खिलाफ आज 3 तरह से हिंसा होती हैं। पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें।’ इस कार्यक्रम में सिर्फ छात्राओं को ही बुलाया गया था। इस दौरान इन्होंने राहुल-राहुल के नारे लगाए और राहुल के लिए हाथों से दिल का साइन बनाकर दिखाया।

लड़कों के लिए गाली अलाऊ क्‍यों : राहुल गांधी ने इस बीच पितृसत्‍ता का मुद्दा भी उठाया। उन्‍होंने कहा कि दिल्‍ली के जंतर मंतर में गालियां लड़कों ने भी दी और लड़कियों ने भी दी। लेकिन सवाल सिर्फ लड़कियों पर उठाया गया। कहा कि लड़कियां गाली दे तो शोभा नहीं देता। राहुल ने मोदी, योगी, भागवत के बयानों के क्लिप दिखाए। जिसके टाइटल में लिखा था- मनुस्मृति इज बैक…। राहुल ने कहा- जंतर मंतर में गालियां लड़कों ने भी दी और लड़कियों ने भी दी। लेकिन लड़की गाली दे शोभा नहीं देता। पीएम कहते हैं कि ये कल्चरल शॉक है कि लड़कियों ने गाली दी। लड़के गाली दें तो उनके लिए अलाऊ है।

बी प्राउड एंड फाइट फोर योर सेल्फ : राहुल ने मराठी में कहा-पुणे मंजे प्रेम। कुछ लड़कियों को राहुल ने मंच पर बुलाया। बता दें कि आयोजन में 15 हजार से ज्यादा लड़कियां मौजूद थीं। खट्‌टर जी कहते हें कि रेप महिला के कारण होता है। ये एक माइंड सेट है। लड़की की एक जगह है, उसे पिंजरे में बंद होना चाहिए। लड़कों को फुल फ्रीडम होनी चाहिए। वे चाहें गाली दें काम करें घूमें फिरें। हमें ऐसा हिंदुस्तान नहीं चाहिए। आपके दिल में जो डर है उसे जल्द से जल्द मिटा देना है। आप इस देश की नींव हो भविष्य हो.. आपको पितृसत्ता डराती है, दबाती है, कंट्रोल करती है, तो इसे मिलकर खत्म करना है। मैं आपसे ये कहना चाहता हूं कि बी लाउड, बी प्राउड, एंड फाइट फोर योर सेल्फ।

पितृसत्ता पर प्रहार : कुल मिलाकर राहुल गांधी ने पितृसत्ता पर प्रहार किया और महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों की बात की। बराबरी की बात की। उन्‍होंने लड़कों और लड़कियों के बीच इस खाई को भरने और भेदभाव खत्‍म करने की बात की। लड़कियों की आजादी की बात की और उनसे उनके विचारों को जाना समझा। कई लड़कियों ने खुलकर राहुल के सामने अपने विचार व्‍यक्‍त किए।

राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

Ayodhya Rakhi Mata Shanta: अयोध्या में भगवान श्रीराम की बड़ी बहन माता शांता की ओर से श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश के कई विशिष्ट दिग्गजों को विशेष राखियां भेजी गई हैं। इन राखियों को केले के तने, रेशमी धागे और भागलपुर की कला का उपयोग करके तैयार किया गया है।                                

राखी की मुख्य विशेषताएं

  • विशिष्ट जनों को प्रेषित : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथसिंह, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ को यह रक्षा सूत्र भेजा गया है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार: साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने इन सभी राखियों को वैदिक मंत्रों के साथ अभिमंत्रित किया है।
  • खास सामग्री : इस बार की राखियां मुख्य रूप से केले के तने के धागे, रेशम, मखाने और भागलपुरी पेंटिंग की कला का उपयोग करके बनाई गई हैं, जिन्हें मधुबनी की अंजलि सिंह के सहयोग से तैयार किया गया है।
  • भगवान राम को अर्पण : देश के प्रमुख नेताओं और गणमान्य लोगों तक रक्षा सूत्र पहुंचाने के बाद, माता शांता की ओर से भेजी गई यह पावन राखी अयोध्या में भगवान श्रीरामलला को भी अर्पित की गईं। 

क्या है धार्मिक मान्यता?

पौराणिक कथाओं के अनुसार माता शांता राजा दशरथ की पुत्री और भगवान श्रीराम की बड़ी बहन थीं, जिनका विवाह श्रृंगी ऋषि के साथ हुआ था। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का निर्वाह करते हुए हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर माता शांता के धाम/आश्रम की तरफ से यह रक्षा सूत्र भेजने की परंपरा निभाई जाती है। 

 

श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इन विशेष राखियों को अभिमंत्रित किया है। प्राचीन परंपरा और भ्रातृ-स्नेह को जीवंत रखने के लिए संस्थान हर वर्ष यह रक्षा सूत्र भेजता है।