
US Illinois Hindu Temple Attack: अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक प्रमुख हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली बड़े पैमाने पर गोलीबारी की भयावह साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। इस चौंकाने वाली घटना के सामने आने के बाद भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने इस साजिश के हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव को बेहद चिंताजनक बताते हुए अमेरिकी सरकार से भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।
अमेरिका के इलिनोइस राज्य स्थित ऑरोरा (Aurora) इलाके में बने एक बड़े हिंदू मंदिर के बड़े समूह को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। हालांकि अमेरिकी जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से यह जानलेवा हमला होने से टल गया। घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस तरह की नस्लीय और धर्म-विरोधी नफरत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है।
भारत विरोधी नफरत पर चिंता
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कथित साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव खास तौर पर चिंताजनक है, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर हिंसा फैलाने की बात कही गई है। यह घटना अमेरिका में बढ़ती नस्लवादी दुश्मनी और भारत विरोधी नफरत की चिंताओं को और बढ़ाती है।
Our response to media queries regarding an attempted mass shooting incident in the United States. ???? https://t.co/mKh70FMPsI https://t.co/yVQ3OeSo4d
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) October 15, 2026
जायसवाल ने पुष्टि की कि अमेरिकी पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी और नफरत से प्रेरित ऐसी हिंसक घटनाओं के खिलाफ सख्त और ठोस कदम उठाने होंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह खौफनाक साजिश इलिनोइस के पैलेटाइन शहर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Paporakis) से जुड़ी है। अलेक्जेंड्रोस स्थानीय ‘टैको बेल’ आउटलेट में काम करता था और अपने सहकर्मियों के सामने खुद को खुले तौर पर ‘श्वेत वर्चस्ववादी’ और ‘नव-नाजी’ घोषित करता था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (11 अक्टूबर) को अलेक्जेंड्रोस ऑरोरा स्थित सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। उसका इरादा वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने का था। हालांकि, जब उसने मंदिर के भीतर अपनी राइफल से गोली चलाने की कोशिश की, तो भाग्यवश उसकी राइफल जाम हो गई। हमला करने में नाकाम रहने के बाद वह घबराकर मौके से फरार हो गया।
सहकर्मी की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद जब उसने अपने इस हिंसक प्रयास की बात अपने एक सहकर्मी से साझा की, तो उस सजग सहकर्मी ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस को इस खतरे से अलर्ट किया। पुलिस ने बिना समय गंवाए जाल बिछाया और संदिग्ध अलेक्जेंड्रोस को उस वक्त धर दबोचा जब वह अपने घर से बाहर निकल रहा था। जब पुलिस और जांच एजेंसियों ने अलेक्जेंड्रोस के ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में घातक सामग्री बरामद हुई। इनमें एक AR-स्टाइल सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, लगभग 300 राउंड जिंदा कारतूस और कई लोडेड मैगजीन शामिल हैं।
इसके साथ ही बॉडी आर्मर (बुलेटप्रूफ जैकेट), टैक्टिकल गियर और नाजी प्रतीकों वाले सामान भी बरामद हुआ। उसने 8 पन्नों के दस्तावेज में विशेष रूप से भारतीय, यहूदी और अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के प्रति घृणा जाहिर करते हुए उन्हें अपना निशाना बनाने की बात लिखी थी। अदालत और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अब एफबीआई (FBI) भी इस मामले की गहन जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस खौफनाक आतंकी साजिश में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या कोई नफरती संगठन भी शामिल था।

















