प्रयागराज में माफिया की जमीन पर गरीबों के घर, कसारी-मसारी अब ‘श्रीकृष्णपुरी’, CM योगी ने किया पद्मलोक योजना का भूमिपूजन

प्रयागराज में माफिया की जमीन पर गरीबों के घर, कसारी-मसारी अब 'श्रीकृष्णपुरी', CM योगी ने किया पद्मलोक योजना का भूमिपूजन

yogi adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज के कसारी मसारी में माफिया से मुक्त कराई 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर पद्म लोक आवास योजना के अंतर्गत 191 करोड़ से अधिक की लागत से 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाबी भी वितरित की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी आती है, तो माफिया और गुंडे-बदमाश लेकर आती है और भाजपा आती है तो विकास और बदलाव आता है। उन्होंने घोषणा की कि कसारी-मसारी अब नहीं होगा, इस पूरे क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे और यहां एक व्यवस्थित टाउनशिप विकसित होगी।

 

अवैध कब्जा कर अय्याशी का अड्डा बनाया था माफिया अतीक ने

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रयागराज में अब कोई माफियागिरी करने का दुस्साहस नहीं करेगा और अगर कोई ऐसा करेगा या करवाएगा, तो उसे मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर लेनी चाहिए। कोई गुंडा या माफिया किसी की संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसके बाप-दादा की कमाई को भी जब्त कर लिया जाएगा। लूकरगंज के बाद अब कसारी-मसारी में भी माफिया से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर गरीबों के आशियाने बनेंगे। जिस भूमि पर कभी माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों का कब्जा था, वहां अब गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान बनाए जाएंगे। ढाई हेक्टेयर यानी लगभग 15 बीघा जमीन पर अतीक अहमद और उसके गुंडों ने कब्जा कर अस्तबल बनाया हुआ था, उसे अय्याशी का अड्डा बना रखा था। सरकार ने उस अवैध साम्राज्य को ध्वस्त कर जमीन को मुक्त कराया। अब इसी जमीन पर गरीबों के आवास बनेंगे। यह केवल जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि उसका उपयोग समाज के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हित में करने का संकल्प भी है।

 

माफिया अतीक-अशरफ के सामने घुटने टेकती थी पिछली सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज तीर्थराज है। यह सामाजिक समता की भूमि, भगवान अक्षयवट की पावन धरा और महर्षि भारद्वाज की साधना से पवित्र हुई धरती है। इस भूमि ने युगों-युगों से तीर्थ के महात्म्य को संजोकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया है। लेकिन इसी प्रयागराज में एक समय ऐसा था, जब माफिया अतीक और माफिया अशरफ जिस जमीन पर पैर रखते थे, वह उनकी हो जाती थी और प्रदेश सरकार उनके सामने घुटने टेककर मौन बनी रहती थी। यहां बेटियों की सुरक्षा पर खतरा होता था। माफिया असलहा लहराते हुए प्रयागराज की सड़कों और गलियों में भय तथा दहशत के पर्याय बने हुए थे। माफिया के आतंक के कारण आम आदमी अपने आपको असुरक्षित महसूस करता था। ऐसे वातावरण में न विकास हो सकता था, न निवेश आ सकता था, न युवाओं को रोजगार मिल सकता था और न ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कोई कार्ययोजना आगे बढ़ सकती थी।

 

अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। किसी अपराधी को रियायत नहीं मिलेगी और उत्तर प्रदेश को माफिया मुक्त बनाया जाएगा। आज इसी संकल्प के परिणाम सामने दिखाई दे रहे हैं। कभी भय और दहशत के प्रतीक रहे माफिया को उसके किए की सजा दिलाने के लिए सरकार आगे बढ़ी। प्रयागराज में विधायक राजू पाल की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और तत्कालीन सरकार इन माफियाओं के सामने गिड़गिड़ाती हुई दिखाई देती थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने माफिया के अवैध साम्राज्य को ध्वस्त करने और उनसे मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग गरीबों के हित में करने का संकल्प लिया। लूकरगंज में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर 86 गरीब परिवारों के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाकर उन्हें आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। अब कसारी-मसारी में भी आवासीय योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां पहले चरण में 602 परिवारों और दूसरे चरण में 598 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है। इस प्रकार लगभग 1,200 परिवारों को पक्के घर मिलेंगे।

 

बाजार-पार्क-जिम और खेल सुविधाएं भी मिलेंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लगभग 1,200 परिवार इस आवासीय परिसर में रहेंगे, तो यहां छह से साढ़े छह हजार से अधिक लोगों की आबादी होगी। उनके लिए केवल मकान ही नहीं, बल्कि अलग से व्यवस्थित टाउनशिप विकसित की जाएगी। यहां बाजार बनेगा, पार्क की सुविधा होगी, खेलकूद के लिए स्थान होगा, जिम बनेगा और लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण इन सुविधाओं को विकसित करने का काम करेगा।

 

उन्होंने कहा कि गरीबों को आवास देने का अर्थ केवल उन्हें छत उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और परिवार सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। सरकार बिना भेदभाव हर गरीब और हर जाति के व्यक्ति को आवास की सुविधा उपलब्ध करा रही है। आजादी के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 65 लाख गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराया है। अब प्रयागराज में भी गरीबों को पक्के आवास की सुविधा दी जा रही है। 

 

प्रयागराज में पुल, लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण भी अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में बड़े पैमाने पर सड़कें चौड़ी की गईं। अब यहां सात मीटर से लेकर 14 मीटर तक चौड़ी सड़कें हैं और आवागमन सुगम हुआ है। सरकार सुरक्षा का माहौल इसलिए उपलब्ध करा रही है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके, उनकी नौकरी का उचित प्रबंध हो, गरीबों को सिर ढकने के लिए आवास मिले और हर नागरिक सुशासन का लाभ लेकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर सके। इसी उद्देश्य से प्रयागराज में विकास की अनेक योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। सहसों क्षेत्र में गंगा नदी पर बड़े पुल पर 950 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी विधानसभा क्षेत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है।

 

महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा आईटीआई

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आईटीआई के निर्माण की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। इस आईटीआई का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा जाएगा। महाराजा बिजली पासी ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 किले बनवाए थे। वह विदेशी आक्रांताओं के काल में सनातन धर्म के प्रबल रक्षक थे। उनके नाम पर आईटीआई का निर्माण कर उनके योगदान को सम्मान दिया जाएगा।

 

प्रयागराज के लिए अब बेहतर कनेक्टिविटी

सीएम ने कहा कि प्रयागराज अब बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। यहां एयरपोर्ट बन चुका है और गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सीधे मेरठ तथा दिल्ली की दूरी कम कर रहा है। पहले प्रयागराज से कार से दिल्ली जाने में 10 से 12 घंटे लगते थे, लेकिन अब गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से यह दूरी लगभग सात घंटे में पूरी की जा सकती है। यही डबल इंजन की भाजपा सरकार का बदलाव है। 

 

इस अवसर पर प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, प्रयागराज पश्चिमी के विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, सांसद प्रवीण पटेल, महापौर गणेश केसरवानी, विधायक हर्षवर्धन वाजपेई, पीयूष रंजन निषाद, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश की उपाध्यक्ष और विधायक पूजा पाल और पूर्व सांसद विनोद सोनकर उपस्थित रहे।

 

इन लाभार्थियों को मंच पर मिली आवास की चाबी

  • ममता
  • सिंधु श्रीवास्तव
  • कंचन सोनी
  • बसंती देवी
  • निरुपम चक्रवर्ती
  • शंकरलाल कुशवाहा
  • प्रियंका सोनकर
  • ललिता पांडे
  • रंजीता सोनकर
  • हरिशंकर मिश्रा

मुस्कान कैदी नंबर 396, साहिल 395… जेल में बदली पहचान, जानिए जेल में दोनों को क्या काम मिलेगा?

मुस्कान कैदी नंबर 396, साहिल 395… जेल में बदली पहचान, जानिए जेल में दोनों को क्या काम मिलेगा?

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कभी नाम से पहचाने जाने वाले मुस्कान और साहिल की अब मेरठ जिला जेल में नई पहचान बन गई है। साहिल को कैदी नंबर 395 और मुस्कान को कैदी नंबर 396 आवंटित किया गया है। चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों की जेल में दिनचर्या बदलने लगी है। अब उनकी पहचान, कामकाज और निगरानी की व्यवस्था सजायाफ्ता कैदियों के लिए निर्धारित नियमों के मुताबिक की जा रही है। जेल की चारदीवारी के भीतर दोनों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल अपने भविष्य और आगे की कानूनी लड़ाई को लेकर है।

बैरक भी अलग, जिम्मेदारियां भी होंगी अलग-अलग

मेरठ जेल में मुस्कान को महिला बंदियों की बैरक संख्या 12बी में रखा गया है, जबकि साहिल बैरक नंबर 15 में रहेगा। दोनों की गिनती और रिकॉर्ड कैदी नंबर के आधार पर दर्ज किए जा रहे हैं। जेल में दोनों अलग-अलग रहेंगे और उनकी दिनचर्या भी अलग होगी।

 

जेल प्रशासन के मुताबिक, सजायाफ्ता कैदियों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार उनके कामकाज की व्यवस्था की जाती है। इसी क्रम में मुस्कान ने सिलाई और कढ़ाई सीखने की इच्छा जताई थी। अब वह जेल में कपड़ों की सिलाई का काम करेगी। दूसरी ओर, साहिल को खेतीबाड़ी और बागवानी से जुड़े काम में लगाया जाएगा। इस तरह जेल के भीतर दोनों की दिनचर्या अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ेगी।

लखनऊ और आगरा जेल भेजे जाने की संभावना

मेरठ जेल में दोनों की आगे की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा है। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, जेल के नियमों के तहत दोनों को दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है। मुस्कान को लखनऊ स्थित नारी निकेतन और साहिल को आगरा जेल भेजे जाने की संभावना है। हालांकि, यह फैसला संबंधित स्थानों पर उपलब्धता और नियमानुसार प्रक्रिया के आधार पर आगामी दिनों में लिया जा सकता है।

 

फिलहाल दोनों मेरठ जिला जेल में ही हैं। दूसरी जेल में स्थानांतरण को लेकर अंतिम निर्णय होने तक उनकी व्यवस्था जेल प्रशासन के निर्देशों के अनुसार संचालित होगी।

भविष्य की चिंता…. 

अदालत के फैसले के बाद मुस्कान और साहिल के सामने अब कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण है। दोनों अपने भविष्य को लेकर चिंतित बताए जा रहे हैं और जेल प्रशासन से यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे क्या होगा और अपील की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी। फांसी की सजा के बाद दोनों की कानूनी लड़ाई का अगला पड़ाव अब महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, सजा के खिलाफ अपील और आगे की न्यायिक प्रक्रिया का निर्णय संबंधित कानूनी कार्यवाही के तहत होगा।

दोनों बच्चियों की चिंता में भावुक हो रही मुस्कान

अब दोनों के सामने जेल द्वारा निर्धारित दिनचर्या के साथ-साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।वहीं मुस्कान के लिए अपनी बच्चियों की चिंता सर्वोपरि है। उसके आंखें बार-बार नम हो रही है कि यदि उसे जल्दी ही फांसी हो गई तो उसकी छोटी बेटी की देखभाल कौन करेगा।

 

यूपी में 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

यूपी में 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

योगी सरकार के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने घरेलू रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और 3,000 मेगावाट (3 गीगावाट) से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ चुकी है। यह उपलब्धि प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार, घरेलू बिजली बिलों में बचत, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घरेलू रूफटॉप सोलर की दैनिक स्थापना दर से तुलना

वर्ष 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में जनवरी से जून के दौरान लगभग 1.89 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की गई, जो औसतन लगभग 10.4 मेगावाट प्रतिदिन है। अमेरिका में आवासीय सोलर स्थापना की दर पहली तिमाही में लगभग 13.1 मेगावाट प्रतिदिन और दूसरी तिमाही में लगभग 10.9 मेगावाट प्रतिदिन रही। वहीं, जर्मनी में भवनों पर स्थापित सोलर क्षमता की वृद्धि पहली छमाही में औसतन लगभग 17.5 मेगावाट प्रतिदिन रही। इस अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 9–10 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने की निरंतर दर प्रदेश के सौर ऊर्जा अभियान के व्यापक पैमाने को दर्शाती है। यह दर ऑस्ट्रेलिया के व्यापक रूफटॉप बाजार की दैनिक औसत वृद्धि के आसपास है। 

पात्र परिवारों को ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पात्र लाभार्थियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकतम ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। योजना की निर्धारित पात्रता एवं प्रक्रिया के अनुसार इच्छुक उपभोक्ता 31 मार्च 2027 तक आवेदन कर सकते हैं। यह वित्तीय सहायता घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने की शुरुआती लागत कम करने में सहायक है।

9500 से अधिक वेंडर्स के नेटवर्क से 1 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि प्रदेश में 9,500 से अधिक वेंडर्स के नेटवर्क के माध्यम से सोलर प्लांट की स्थापना, उपकरणों की आपूर्ति, परिवहन, रखरखाव और संबंधित सेवाओं में 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। सोलर क्षेत्र के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है।

प्रतिदिन लगभग 1.35 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन की अनुमानित क्षमता

प्रदेश में स्थापित 3000 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता के आधार पर, यदि प्रति किलोवाट प्रतिदिन औसतन 4.5 यूनिट बिजली उत्पादन माना जाए, तो प्रतिदिन लगभग 1.35 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन की क्षमता बनती है। ₹6.50 प्रति यूनिट की सांकेतिक दर से इस बिजली का अनुमानित आर्थिक मूल्य प्रतिदिन लगभग ₹8.78 करोड़ और वार्षिक आधार पर लगभग ₹3,202 करोड़ होता है। वास्तविक बिजली उत्पादन और आर्थिक मूल्य धूप, मौसम, प्लांट की कार्यक्षमता तथा लागू बिजली दरों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

स्थानीय विनिर्माण और आर्थिक विकास को बढ़ावा

रूफटॉप सोलर के विस्तार से सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, बैटरी, केबल, माउंटिंग स्ट्रक्चर और अन्य उपकरणों की आपूर्ति एवं विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलता है। इंस्टॉलेशन और रखरखाव से जुड़े स्थानीय उद्यमों को भी नए अवसर प्राप्त होते हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बिजली खर्च में बचत, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रूफटॉप सोलर का निरंतर विस्तार प्रदेश की हरित अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास को नई गति प्रदान कर सकता है।

 

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस शिक्षा विरोधी, सीएम योगी ने साधा निशाना

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस शिक्षा विरोधी, सीएम योगी ने साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस, ये दोनों शिक्षा विरोधी हैं। ऐसा न होता तो प्रदेश में शिक्षा की ये दुर्गति नहीं होती। शिक्षा में अव्यवस्था होने पर सबसे पहले शिक्षकों का सम्मान प्रभावित होता है। स्नातक युवाओं के सामने भविष्य की चिंता खड़ी होती है, वे हताश और निराश होते हैं, पलायन पर मजबूर होते हैं। समाजवादी पार्टी के समय प्रदेश में यही सब हुआ। विश्वविद्यालय नहीं खोले गए, महाविद्यालयों को मान्यता नहीं दी गई और अराजकता चरम पर थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो रहा है, युवाओं को नौकरी मिल रही है, शिक्षकों को सम्मान और सुरक्षा मिल रही है तथा शिक्षण संस्थानों का कायाकल्प किया जा रहा है।

2017 के पहले नहीं था कोई विजन

मुख्यमंत्री ने मीरजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में कहा कि विंध्यवासिनी धाम की पावन धरती श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। शारदीय नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजी और काली खोह में मां काली के दर्शन, पूजा-अर्चना कर मातृशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। मोदी जी के नेतृत्व में मां विंध्यवासिनी धाम में भव्य कॉरिडोर का निर्माण हो चुका है।

मां गंगा के पावन घाटों का निर्माण कार्य भी पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। ये सुविधाएं वर्ष 2017 से पहले भी दी जा सकती थीं, लेकिन तब इस धनराशि का दुरुपयोग माफिया को पालने और गरीबों की जमीनों पर कब्जा करने के लिए किया जाता था। हमारी सरकार ने उसी धनराशि का दुरुपयोग रोका और उसे विकास कार्यों में लगाया। इसी का परिणाम है कि प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी धाम आ रहे हैं। इसके लिए इच्छाशक्ति और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेने की सामर्थ्य चाहिए, लेकिन आजादी के बाद सत्ता में आए लोगों के पास कोई स्पष्ट विजन या दिशा नहीं थी।

कांग्रेस-सपा सिर्फ परिवार तक सीमित रहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस व सपा में हर काम परिवार के नाम और परिवार तक सीमित रखने की प्रवृत्ति रही। कांग्रेस केवल नेहरू परिवार के लिए और समाजवादी पार्टी सैफई परिवार तक सीमित रही। इन लोगों ने प्रदेश को बेगाना बना दिया था और इसीलिए जनता ने इन्हें बेगाना बना दिया, इनकी छुट्टी कर दी। सपा का वास्तविक चेहरा देखना हो तो राज्यसभा में इसके प्रत्याशियों के चयन को देखिए। ये पीडीए-पीडीए चिल्लाते हैं, लेकिन जब राज्यसभा चुनाव आए तो अपने चचाजान और मुंबई के धन्ना सेठ को प्रत्याशी बना दिया। इन्हें कोई और दलित, वंचित, पिछड़ा या अगड़ा नहीं दिखाई दिया। अगर इन वर्गों पर विश्वास नहीं था तो कम से कम किसी मुस्लिम को ही प्रत्याशी बना देते, लेकिन उसे भी नहीं बनाया। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी ने आठ टिकट दिए, जिनमें तीन फॉरवर्ड, तीन बैकवर्ड और दो अनुसूचित जाति के प्रत्याशी थे।

पार्टी ने सामान्य कार्यकर्ताओं को अवसर दिया, किसी धन्ना सेठ को नहीं, क्योंकि कार्यकर्ता मेहनत करता है और अपना समय देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए ने आठ प्रत्याशी दिए और आठों जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को टिकट दिया, जिसका परिणाम यह हुआ कि पीडीए की हवा निकल गई।
 

रिश्तेदार को बना दिया था आयोग का अध्यक्ष

सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के समय अनिल यादव नाम के व्यक्ति थे, जो सैफई परिवार के रिश्तेदार थे। वह पद के योग्य नहीं थे, फिर भी उन्हें आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया। हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी के साथ उन्हें कुर्सी से हटाया और कहा कि वह उस पद के योग्य नहीं हैं। उस समय युवा सड़कों पर चिल्लाता था, लेकिन लखनऊ में बैठी अखिलेश यादव की सरकार कानों में तेल डालकर खर्राटे लेती थी। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। आज प्रदेश का युवा नौकरी प्राप्त कर रहा है और स्टार्टअप इकोसिस्टम के माध्यम से दूसरों को रोजगार भी दे रहा है।

मीरजापुर मंडल में आज दो मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी को चार बार प्रदेश में शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उस समय मीरजापुर मंडल के तीन जनपदों- मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही में न कोई मेडिकल कॉलेज था और न कोई विश्वविद्यालय। आज मंडल में दो मेडिकल कॉलेज और दो विश्वविद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी के नाम पर विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज भी शुरू हो गया है। भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय तथा सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज शुरू हो गया है। सपा शासन में मंडल में न सड़क थी, न बिजली, न पानी, न सुरक्षा, न सरकार की सहायता, न शिक्षा और न नौकरी। सैफई सिंडिकेट जिसे चाहता था, उसे नौकरी मिलती थी। नौकरियों पर भी एक ही परिवार का कब्जा था। हमारी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया है।

साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी

सीएम ने कहा कि एनडीए और भाजपा के नेतृत्व में प्रदेश में सरकार बनने के बाद साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख नौजवानों व स्नातकों को सरकारी नौकरी दी गई है। सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण बनाया गया, जिससे 65 लाख लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां मिली है। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के तहत तीन करोड़ से ज्यादा रोजगार विकसित किए गए। आस्था भी आर्थिकी का कारण बन सकती है। प्रयागराज का महाकुंभ, मां विंध्यवासिनी धाम और काशी विश्वनाथ धाम इसके उदाहरण हैं। 
 

अयोध्या में वर्ष 2017 से पहले स्थिति ऐसी थी कि रामलला के दर्शन के लिए संकरे मार्गों से गुजरना पड़ता था और रामलला टाट के नीचे रहने के लिए मजबूर थे। स्वतंत्र भारत हम सबको ललकारता था कि क्या यही स्वाधीनता है कि हमारे प्रभु टाट के नीचे रहें? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो गया है। विपक्ष इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं। जिन लोगों ने राम मंदिर का विरोध किया और आस्था पर कुठाराघात किया, वे आज अयोध्या के बारे में उपदेश देते फिर रहे हैं।

दो करोड़ युवाओं को देंगे टैबलेट, 62 लाख को मिल चुके

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की अनेक योजनाएं युवाओं के लिए चल रही हैं। दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की योजना है, जिनमें 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। चुनाव संपन्न होने के बाद फिर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे और स्नातक युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराकर डिजिटल अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर प्रारंभ किए गए हैं। ये केंद्र निःशुल्क हैं और युवा भौतिक तथा वर्चुअल दोनों माध्यमों से इनका लाभ ले सकते हैं। नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार युवाओं के साथ खड़ी है। सरकार युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य पर विश्वास करती है और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है।

15 लाख शिक्षकों को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर

सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान था, न सुरक्षा और न स्वास्थ्य की सुविधा। अब सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्ववित्तपोषित संस्थानों सहित 15 लाख शिक्षकों को उनके परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया है। शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी दी गई है। किसी घटना या दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षा और सुविधाएं देती है तथा शिक्षण संस्थानों को कायाकल्प से जोड़ती है। ये काम वर्ष 2017 से पहले भी हो सकते थे, लेकिन उस समय न दृष्टि थी और न विजन। जब विजन ही नहीं होगा तो मिशन कैसे पूरा होगा।

माफिया के सामने घुटने टेकने वाले आज सुरक्षा की बात कर रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते थे, घुटने टेकते थे तथा नाक रगड़ते थे, वे आज सुरक्षा की बात कर रहे हैं। पहले नवरात्रि के दौरान दुर्गा जी की मूर्ति रखने के लिए श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी। मंदिरों में सुविधाओं का अभाव, गंदगी, बिजली की कमी, अराजकता और अव्यवस्था प्रदेश की पहचान बन गई थी। आज ऐसी समस्याएं नहीं हैं। सरकार जनता के साथ और जनता के द्वार पर खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हर ब्लॉक में शिविर लगाए गए और लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ने का काम हुआ है। मतदाताओं को भी अच्छा प्रतिनिधि चुनकर भेजना चाहिए, जो उनकी आवाज उठा सके, उनके हितों का संवर्धन कर सके और शासन से योजनाएं स्वीकृत कराकर उन तक पहुंचा सके। गलत प्रतिनिधि चुनने पर समस्या के समाधान के रास्ते में बैरियर खड़ा हो जाता है।

सपा वही बैरियर है, जो समस्याओं का समाधान नहीं होने देती

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी वही बैरियर है, जो समस्याओं का समाधान नहीं होने देती। मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर में इन्होंने व्यवधान पैदा किया। मेडिकल कॉलेज न बने, विश्वविद्यालय न बने, इसके लिए रोड़े अटकाने का प्रयास किया। भदोही में विश्वविद्यालय, मीरजापुर और भदोही में मां गंगा पर पुल व घाटों के निर्माण और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज के निर्माण में भी व्यवधान पैदा करने का प्रयास किया। इन लोगों को यही करना है तो इन्हें बैरियर ही बना रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इस बैरियर को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे।

 

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री मिर्जापुर नंद गोपाल गुप्ता नंदी, तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, समाज कल्याण विभाग राज्य मंत्री संजीव गौड़, सांसद डॉ विनोद बिंद, उपाध्यक्ष राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग सोहन लाल श्रीमाली, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष लाल बहादुर सरोज और जनप्रतिनिधिगण, शिक्षक स्नातक खंड के प्रत्याशी डॉ प्रमोद मिश्र, स्नातक विधान परिषद के प्रत्याशी केदारनाथ सिंह उपस्थित रहे।

‘ओडीओपी’ से हो रही यूपी की पहचान: नंदी

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पहचान और परसेप्शन दोनों बदले हैं। 2017 से पहले प्रदेश की पहचान परिवारवाद, तुष्टीकरण और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ से होती थी, जबकि आज सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ प्रदेश की नई पहचान बन चुके हैं। पहले विकास सैफई और रायबरेली तक सीमित था, लेकिन आज बुंदेलखंड से पश्चिमांचल और अवध से पूर्वांचल तक, हर जनपद और गांव विकास की नई कहानी लिख रहा है। उत्तर प्रदेश अब सांस्कृतिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आगामी एमएलसी चुनाव को प्रदेश के विकास और विरासत को नई ऊंचाई देने का अवसर बताते हुए उन्होंने मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के हाथ मजबूत करने की अपील की।

योगी सरकार के कामकाज पर मुहर का अवसर : पटेल

मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज और जनहित में किए गए प्रयासों पर मुहर लगाने का अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि मिर्जापुर के साथ वाराणसी मंडल के मतदाता भी भाजपा प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाएंगे। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास की नई दिशा दी है। लगातार भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो रहे हैं और युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं। पुलिस एवं होमगार्ड भर्ती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सरकार की बड़ी उपलब्धि है। योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार कर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, उत्तराखंड पुलिस ने बताया कैसे 88 दिन में पूरी हुई जांच

अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, उत्तराखंड पुलिस ने बताया कैसे 88 दिन में पूरी हुई जांच

uttrakhand police

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच और न्यायिक कार्यवाही को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने विस्तृत जानकारी दी है। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मामले में पुलिस ने घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने 88 दिनों में जांच पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।

 

पुलिस के मुताबिक, कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई 2025 को तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं और सजा काट रहे हैं।

 

घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए थे तीनों आरोपी

 

डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की थी। पुलिस की विभिन्न टीमों ने आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था।

 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित हुई थी SIT

 

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। जांच की जिम्मेदारी डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई, ताकि मामले की निष्पक्ष, गहन और प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके।

 

डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की हुई जांच

 

एडीजी के अनुसार, एसआईटी ने जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई और फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।

 

पुलिस ने बताया कि एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद शासन की ओर से मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए गए।

 

30 मई 2025 को तीनों दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद

 

डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता फिलहाल जेल में बंद हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। प्रेस वार्ता में पुलिस ने मामले की जांच से लेकर न्यायिक कार्यवाही तक की प्रमुख जानकारियां साझा कीं।

राजभर का अखिलेश से सवाल, सपा जीते तो चुनाव निष्पक्ष और हारे तो बेईमानी कैसे?

राजभर का अखिलेश से सवाल, सपा जीते तो चुनाव निष्पक्ष और हारे तो बेईमानी कैसे?

akhilesh yadav and om prakash rajbhar on Samajwadi Party Split

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजभर ने अखिलेश से पूछा कि 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को हार मिली, लेकिन 2024 में उसके 37 सांसद जीतकर दिल्ली पहुंच गए। ऐसे में चार में से तीन चुनाव गलत और एक चुनाव सही कैसे हो सकता है?

 

राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि केंद्र में 2014 से अब तक भाजपा की ही सरकार है। फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि जिन चुनावों में सपा हारी, वे गलत हो गए और जिस चुनाव में जीत मिली, वह सही हो गया? उन्होंने सवाल किया कि 2024 में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद जीतकर दिल्ली कैसे पहुंच गए? इनमें पांच सांसद तो अखिलेश के अपने परिवार से थे। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जब सपा को उसकी हैसियत से ज्यादा सीटें मिल गईं, तब सब ‘ऑल इज वेल’ हो गया।

 

कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि या तो 2024 के चुनाव में उनके वोटर फर्जी थे या फिर वह आज सरेआम अफवाहबाजी कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि एसी, पीसी और ट्विटर ने अखिलेश को बहका दिया है।

2027 में साइकिल का रिम-फ्रेम भी टेढ़ा होगा

राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब नवाबी के दिन हवा हो गए हैं। 2027 में सपा की साइकिल का टायर पंचर नहीं, बल्कि फटने जा रहा है। इस बार साइकिल का रिम और फ्रेम भी टेढ़ा होने वाला है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से अभी से भूमिका बनाने और बहाने तलाशने में जुट गए हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश यह बात अच्छी तरह समझ चुके हैं, इसलिए पहले से बहाना खोजकर रख रहे हैं ताकि बाद में अपने समर्थकों के सामने जवाब देने से बच सकें। उन्होंने पोस्ट के अंत में तंज कसते हुए लिखा, ‘कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।’

योगी सरकार की यूपी स्टार्टअप नीति-2026 को 6 प्रमुख स्तंभ देंगे रफ्तार

योगी सरकार की यूपी स्टार्टअप नीति-2026 को 6 प्रमुख स्तंभ देंगे रफ्तार

योगी सरकार ने प्रदेश को स्टार्टअप का हब बनाने के लिए स्टार्टअप नीति-2026 लागू की है। इसमें नवाचार, तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में ऐसा मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां युवाओं को नए विचारों को कारोबार में बदलने, वित्तीय सहायता प्राप्त करने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के अवसर मिल सकें। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास, वित्तीय सहायता, प्रतिभा विकास, उद्योगों से जुड़ाव, इकोसिस्टम के प्रचार और संस्थागत सहयोग को नीति के छह प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप-टेक जैसी उभरती तकनीकों पर ध्यान देकर प्रदेश में नवाचार आधारित उद्यमों के विकास का रास्ता तैयार किया जा रहा है।

छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है नई स्टार्टअप पॉलिसी

यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि योगी सरकार प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाले उद्यमियों के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। स्टार्टअप नीति-26 के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नए उद्यमियों को अपने विचारों को विकसित करने के लिए जरूरी संसाधन, मार्गदर्शन, तकनीकी सुविधाएं और बाजार से जुड़ने के अवसर एक ही व्यवस्था के तहत मिलें। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-26 को छह प्रमुख स्तंभों के आधार पर तैयार किया गया है। इनमें बुनियादी ढांचे का विकास, वित्तीय सहायता, प्रतिभा विकास एवं क्षमता निर्माण, उद्योगों से जुड़ाव, इकोसिस्टम का प्रचार-प्रसार और इकोसिस्टम को मजबूत बनाना एवं सक्षम करना शामिल हैं। 

इन छह प्रमुख स्तंभ पर काम करेगी नई स्टार्टअप पॉलिसी

सीईओ ने बताया कि पहले स्तंभ में बुनियादी ढांचे के तहत स्टार्टअप के लिए भौतिक और डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर है। दूसरे स्तंभ में वित्तीय सहायता के माध्यम से सरकारी योजनाओं और निजी निवेशकों से पूंजी प्राप्त करने के अवसर बढ़ाए जाएंगे। तीसरे स्तंभ में प्रतिभा विकास एवं क्षमता निर्माण के तहत शिक्षा, कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से नवाचार आधारित कार्यबल तैयार करने का लक्ष्य है। चौथे स्तंभ में उद्योगों से जुड़ाव के जरिए स्टार्टअप, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि नए उद्यमों को बाजार तक पहुंचने में मदद मिले। वहीं, पांचवे स्तंभ में इकोसिस्टम के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश की स्टार्टअप क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने, साझेदारियां विकसित करने और लक्षित प्रचार गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा। छठे स्तंभ में संस्थागत क्षमता, हितधारकों की भागीदारी और सहयोग तंत्र को मजबूत करना भी नीति का अहम हिस्सा है।

StartinUP ऑनलाइन पोर्टल बनेगा सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म

नई स्टार्टअप नीति के तहत StartinUP ऑनलाइन पोर्टल को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा। यह स्टार्टअप, निवेशकों, इन्क्यूबेटरों, मेंटर्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) और अन्य संबंधित पक्षों को एक मंच पर जोड़ने का काम करेगा। इसे योगी सरकार के स्टार्टअप कार्यक्रम की डिजिटल पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे नीति के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और कार्यों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिल सके।

पोर्टल पर स्टार्टअप से जुड़ी नीतियों, प्रोत्साहनों, संसाधनों, इन्क्यूबेशन सेंटरों, आगामी कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें उद्यमियों को क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों का लाभ भी मिल सकेगा। इनमें उद्यमिता विकास, स्टार्टअप प्रबंधन, वित्तीय साक्षरता, नियामकीय अनुपालन, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), तकनीक के व्यावसायीकरण और बाजार तक पहुंच जैसे विषय शामिल होंगे। इसके लिए विषय विशेषज्ञों और सहयोगी संस्थानों को पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। वे प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन और अपने दावों को संबंधित नोडल एजेंसी के समक्ष जमा कर सकेंगे। 

स्टार्टअप से जुड़ी समस्याओं के लिए जारी किया जाएगा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर

नोडल एजेंसी की ओर से इनके मूल्यांकन और मंजूरी की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। पोर्टल पर प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) भी उपलब्ध होगी, जिससे दैनिक गतिविधियों और नीति के क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा पोर्टल का एकीकरण केंद्र सरकार के डीपीआईआईटी, भास्कर और मार्ग जैसे स्टार्टअप इंडिया प्लेटफॉर्म से करने की व्यवस्था है। इसमें भविष्य में नई सुविधाओं और अन्य पोर्टलों के साथ एकीकरण की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है। स्टार्टअप से जुड़ी शिकायतों और सवालों के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन तथा सोशल मीडिया आधारित सहायता की भी सुविधा मिलेगी। यह मंच स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर, एक्सेलेरेटर, मेंटर्स, निवेशकों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच नेटवर्किंग, साझेदारी और सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।

 

Toyota Glanza Facelift : टोयोटा की सस्ती कार लॉन्च, त्योहारों पर मचाएगी धमाका, जानिए क्या हैं फीचर्स

Toyota Glanza Facelift : टोयोटा की सस्ती कार लॉन्च, त्योहारों पर मचाएगी धमाका, जानिए क्या हैं फीचर्स

Toyota Glanza Facelift

टोयोटा ने भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम हैचबैक Toyota Glanza Facelift 2026 लॉन्च कर दी है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.99 लाख रुपये रखी गई है। अपडेटेड ग्लैंजा को नए इंजन, बदले हुए फ्रंट डिजाइन और अतिरिक्त फीचर्स के साथ पेश किया गया है। कंपनी ने इसमें पेट्रोल और सीएनजी दोनों विकल्प दिए हैं। यह कार भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी बलेनो, हुंडई i20 और टाटा अल्ट्रोज जैसी कारों को टक्कर देती है।

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नई ग्लैंजा में लेदराइट सीट अपहोल्स्ट्री, फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस फोन चार्जर और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा, कार में लेवल-2 ADAS फीचर्स भी दिए गए हैं। हालांकि, नए तीन-सिलेंडर इंजन का पावर आउटपुट पुराने चार-सिलेंडर इंजन के मुकाबले थोड़ा कम है।  डिजाइन में क्या हुए बदलाव?

 

2026 टोयोटा ग्लैंजा फेसलिफ्ट के फ्रंट डिजाइन में बदलाव किए गए हैं। इसमें पहले के मुकाबले बड़ी ग्रिल दी गई है, जिसका डिजाइन टोयोटा के महंगे मॉडलों से प्रेरित नजर आता है। ग्रिल में रडार मॉड्यूल भी दिए गए हैं, जो ADAS फीचर्स के संचालन में भूमिका निभाते हैं।

 

कार के हेडलैंप का डिजाइन पहले जैसा रखा गया है, जबकि LED फॉग लैंप में बदलाव किया गया है। टोयोटा का लोगो अब बोनट पर दिया गया है। इसके अलावा, कार को दो नए कलर ऑप्शन- डिजिटल टील ग्रीन और ब्लूइश ब्लैक में पेश किया गया है।

 

कार के पिछले हिस्से और अलॉय व्हील के डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं।

 

इंटीरियर और फीचर्स: अब मिलेंगी वेंटिलेटेड सीट्स

 

नई ग्लैंजा के केबिन में लेदराइट सीट अपहोल्स्ट्री दी गई है। इसमें पहले की तरह 9-इंच का फ्री-स्टैंडिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है। इसके साथ कलर मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले (MID) वाला इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी दिया गया है।

 

फीचर्स की बात करें तो अपडेटेड मॉडल में फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स और वायरलेस फोन चार्जर जैसे नए फीचर्स शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, कार में चार स्पीकर और दो ट्वीटर वाला क्लैरियन साउंड सिस्टम मिलता है। ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल के साथ पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए AC वेंट भी दिए गए हैं।

 

सुरक्षा के लिए मिलेंगे ये फीचर्स

 

टोयोटा ग्लैंजा फेसलिफ्ट में सुरक्षा और ड्राइविंग असिस्टेंस से जुड़े कई फीचर्स दिए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

 

  • छह एयरबैग
  • 360-डिग्री कैमरा
  • हिल होल्ड कंट्रोल
  • इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP)
  • लेवल-2 ADAS फीचर्स

 

ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम ड्राइविंग के दौरान कुछ परिस्थितियों में चालक को सहायता देने के लिए बनाया जाता है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता उपलब्ध फीचर्स और ड्राइविंग परिस्थितियों पर निर्भर करती है। यह चालक की सतर्कता का विकल्प नहीं है।

 

Toyota Glanza Facelift का इंजन और माइलेज

 

नई टोयोटा ग्लैंजा में 1.2-लीटर का नया Z12E तीन-सिलेंडर इंजन दिया गया है। यह इंजन पेट्रोल और सीएनजी, दोनों विकल्पों में उपलब्ध है।

 

  • पेट्रोल इंजन के स्पेसिफिकेशन
  • इंजन: 1.2-लीटर, तीन-सिलेंडर Z12E
  • अधिकतम पावर: 83 hp
  • अधिकतम टॉर्क: 112 Nm
  • गियरबॉक्स: 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT

 

पुराने चार-सिलेंडर इंजन की तुलना में नए पेट्रोल इंजन का पावर आउटपुट 7 hp और टॉर्क 1 Nm कम है। हालांकि, कंपनी के अनुसार इसकी फ्यूल एफिशिएंसी में थोड़ा सुधार हुआ है। ट्रैफिक में ईंधन की खपत कम करने में मदद के लिए इसमें आइडल स्टार्ट/स्टॉप फंक्शन भी दिया गया है।

 

CNG मॉडल में कितना पावर मिलेगा?

 

सीएनजी मोड में यही इंजन 70 hp की पावर और 102 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। सीएनजी वर्जन में भी 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT ट्रांसमिशन के विकल्प दिए गए हैं। पेट्रोल इंजन के मुकाबले सीएनजी मोड में पावर 7 hp कम हो जाती है, जबकि टॉर्क 4.5 Nm कम रहता है। कंपनी के दावे के मुताबिक, सीएनजी विकल्प में माइलेज अधिक मिलता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नई ग्लैंजा का सटीक माइलेज आंकड़ा नहीं दिया गया है।

 

कार खरीदने से पहले ग्राहकों को पेट्रोल और सीएनजी मॉडल के वास्तविक माइलेज, ईंधन की स्थानीय कीमत और सालाना ड्राइविंग के आधार पर कुल खर्च की तुलना करनी चाहिए।

 

Toyota Glanza Facelift का मुकाबला किन कारों से होगा?

 

भारतीय बाजार में नई टोयोटा ग्लैंजा का मुकाबला मुख्य रूप से इन प्रीमियम हैचबैक कारों से होगा:

मारुति सुजुकी बलेनो: इसकी शुरुआती कीमत 5.99 लाख रुपये बताई गई है। ग्लैंजा की तरह बलेनो भी इसी सेगमेंट में आती है और दोनों कारों में कई समानताएं हैं।

 

हुंडई i20: इसकी शुरुआती कीमत 6 लाख रुपये बताई गई है। यह प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में ग्लैंजा की एक प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है।

 

टाटा अल्ट्रोज: इसकी शुरुआती कीमत भी 6 लाख रुपये बताई गई है। यह कार भी ग्लैंजा के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।

 

यहां दी गई प्रतिद्वंद्वी कारों की कीमतें शुरुआती एक्स-शोरूम कीमतें हैं। अलग-अलग वेरिएंट और शहर के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।

 

क्या नई Toyota Glanza खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है?

 

नई ग्लैंजा में डिजाइन, केबिन फीचर्स और सुरक्षा तकनीक से जुड़े कई अपडेट किए गए हैं। छह एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा, लेवल-2 ADAS, वायरलेस चार्जिंग और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे फीचर्स इसे उन ग्राहकों के लिए प्रासंगिक बनाते हैं, जो प्रीमियम हैचबैक खरीदना चाहते हैं।

 

दूसरी ओर, नए इंजन का पावर आउटपुट पुराने इंजन से कम है। इसलिए कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव लेना, पेट्रोल और सीएनजी के माइलेज की तुलना करना और अपने बजट के अनुसार वेरिएंट चुनना बेहतर रहेगा। अंतिम निर्णय लेते समय ऑन-रोड कीमत, वारंटी, सर्विस खर्च और उपलब्ध फीचर्स को भी ध्यान में रखें।

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं गए थे जेल : CM योगी

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं गए थे जेल : CM योगी

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी जी, एक बात नोट करना। जेल में देश की आजादी के लिए केवल और केवल नेहरू जी नहीं गए थे, देश की आजादी के लिए महाशय मसुरियादीन पासी जी भी जेल गए थे।’ 
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने एक-दो महीने या चार-छह महीने नहीं, बल्कि 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। इतिहास के कालचक्र में उनके जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को विस्मृत कर दिया गया। विरासत और विकास में विश्वास करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने महापुरुषों को भुला नहीं सकती। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने वंचितों और दलितों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हें भी उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री योगी तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर 1911 को जन्मे मसुरियादीन की जयंती महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन ही पड़ती है। इसके बावजूद उनके योगदान को इतिहास में भुला दिया गया। आज उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कर सरकार ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने का कार्य किया है।

नेहरू के साथ संसद पहुंचे, फिर भी भुला दिए गए

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अपने लगभग 66-67 वर्ष के जीवन में उन्होंने नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर रहकर भी स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनजागरण करते रहे। जनता के बीच उनके प्रति सम्मान का परिणाम था कि वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में एक ही सीट से दो सांसद चुने जाते थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में ऐसे अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, जिनकी स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए।

जरायम पेशा कानून के खिलाफ आंबेडकर और मसुरियादीन ने लड़ी लड़ाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को चुनौती देने वाली कई जातियों को अपमानित करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाया था। पासी समाज सहित कई जातियों को इसकी श्रेणी में रखा गया। वर्ष 1952 में संसद पहुंचने के बाद महाशय मसुरियादीन ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई।

 

उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस काले कानून को समाप्त कराने की लड़ाई लड़ी। इस संघर्ष से पासी, सोनकर और अन्य वंचित समाजों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए।

महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले हर महापुरुष को सम्मान मिलना चाहिए। यह सम्मान किसी एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वंचितों और दलितों की आवाज उठाई, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया, उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना आवश्यक है। महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। अतीत को सम्मान देने से वर्तमान संवरेगा और वर्तमान संवरेगा तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा।

 

मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशय मसुरियादीन का सम्मान भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है।

मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा

मुख्यमंत्री योगी ने महाशय मसुरियादीन की स्मृतियों को स्थायी बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने महापौर से कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजें। प्रयागराज की किसी एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उस संस्था में उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी, ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।

महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार करा रही सरकार

मुख्यमंत्री ने पासी समाज के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं शताब्दी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 गढ़ बनवाए थे। विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले के लिए इन किलों का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में महाराजा बिजली पासी की प्रतिमा स्थापित कराई थी। अब डबल इंजन सरकार उनके लखनऊ स्थित किले का पुनरुद्धार करा रही है और इसके लिए धन उपलब्ध कराया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया। कहा कि मक्का पासी के बलिदान के बाद उनकी पत्नी ऊदा देवी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला और लड़ते हुए बलिदान हो गईं। लखनऊ में गठित होने वाली महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा जा रहा है। उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है।

गरीबों और महापुरुषों के सम्मान के लिए समर्पित है सरकार : मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने चार बार लोकसभा में इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और गरीब से गरीब व्यक्ति की बात सुनकर उसकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया। ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अनावरण किया जाना उनके योगदान के प्रति सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार गरीबों के लिए समर्पित है। डबल इंजन सरकार महापुरुषों को आदर और सम्मान देने का काम कर रही है।

 

मसुरियादीन का अहम योगदान : महाशय मसुरियादीन स्मारक समिति के मंत्री एवं उनके पौत्र सचिन कुमार ने कहा कि अंग्रेजी शासन में दलित जातियों को जरायम पेशा घोषित कर उनका उत्पीड़न किया गया था। इस कानून को समाप्त कराने में महाशय मसुरियादीन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को सम्मान देने के लिए मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों की सराहना की। समारोह में कार्यक्रम के आयोजकों ने मुख्यमंत्री को हनुमान जी की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। सचिन कुमार ने उन्हें भगवान बुद्ध की प्रतिमा और पुष्पगुच्छ भेंट किए।

 

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद : समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र चौधरी, महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा गंगापार जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और महाशय मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

US Illinois Hindu Temple Attack: अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक प्रमुख हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली बड़े पैमाने पर गोलीबारी की भयावह साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। इस चौंकाने वाली घटना के सामने आने के बाद भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने इस साजिश के हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव को बेहद चिंताजनक बताते हुए अमेरिकी सरकार से भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

 

अमेरिका के इलिनोइस राज्य स्थित ऑरोरा (Aurora) इलाके में बने एक बड़े हिंदू मंदिर के बड़े समूह को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। हालांकि अमेरिकी जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से यह जानलेवा हमला होने से टल गया। घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस तरह की नस्लीय और धर्म-विरोधी नफरत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है।

भारत विरोधी नफरत पर चिंता 

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कथित साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव खास तौर पर चिंताजनक है, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर हिंसा फैलाने की बात कही गई है। यह घटना अमेरिका में बढ़ती नस्लवादी दुश्मनी और भारत विरोधी नफरत की चिंताओं को और बढ़ाती है।

जायसवाल ने पुष्टि की कि अमेरिकी पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी और नफरत से प्रेरित ऐसी हिंसक घटनाओं के खिलाफ सख्त और ठोस कदम उठाने होंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह खौफनाक साजिश इलिनोइस के पैलेटाइन शहर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Paporakis) से जुड़ी है। अलेक्जेंड्रोस स्थानीय ‘टैको बेल’ आउटलेट में काम करता था और अपने सहकर्मियों के सामने खुद को खुले तौर पर ‘श्वेत वर्चस्ववादी’ और ‘नव-नाजी’ घोषित करता था।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (11 अक्टूबर) को अलेक्जेंड्रोस ऑरोरा स्थित सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। उसका इरादा वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने का था। हालांकि, जब उसने मंदिर के भीतर अपनी राइफल से गोली चलाने की कोशिश की, तो भाग्यवश उसकी राइफल जाम हो गई। हमला करने में नाकाम रहने के बाद वह घबराकर मौके से फरार हो गया।

सहकर्मी की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी

घटना के बाद जब उसने अपने इस हिंसक प्रयास की बात अपने एक सहकर्मी से साझा की, तो उस सजग सहकर्मी ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस को इस खतरे से अलर्ट किया। पुलिस ने बिना समय गंवाए जाल बिछाया और संदिग्ध अलेक्जेंड्रोस को उस वक्त धर दबोचा जब वह अपने घर से बाहर निकल रहा था। जब पुलिस और जांच एजेंसियों ने अलेक्जेंड्रोस के ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में घातक सामग्री बरामद हुई। इनमें एक AR-स्टाइल सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, लगभग 300 राउंड जिंदा कारतूस और कई लोडेड मैगजीन शामिल हैं।

 

इसके साथ ही बॉडी आर्मर (बुलेटप्रूफ जैकेट), टैक्टिकल गियर और नाजी प्रतीकों वाले सामान भी बरामद हुआ। उसने 8 पन्नों के दस्तावेज में विशेष रूप से भारतीय, यहूदी और अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के प्रति घृणा जाहिर करते हुए उन्हें अपना निशाना बनाने की बात लिखी थी। अदालत और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अब एफबीआई (FBI) भी इस मामले की गहन जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस खौफनाक आतंकी साजिश में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या कोई नफरती संगठन भी शामिल था।