IAS की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी की मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का चुनाव, जानिए क्या है सियासी समीकरण

IAS की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी की मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का चुनाव, जानिए क्या है सियासी समीकरण

Divya Mittal ex IAS

Divya Mittal Politics Janniti Bharat Party: उत्तर प्रदेश की चर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक सफर को लेकर एक बड़ा और धमाकेदार ऐलान कर दिया है। उन्होंने न केवल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की है, बल्कि अपनी पार्टी का नाम और अपनी चुनावी सीट भी तय कर ली है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम रखा है ‘जन‍नीति भारत’। साथ ही मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है। 

 

उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में अपनी अलग छाप छोड़ने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब सियासत के रंग में रंगने को पूरी तरह तैयार हैं। राजनीति में कदम रखने के अपने इरादे को पहले ही जता चुकीं दिव्या मित्तल ने अब सस्पेंस खत्म करते हुए ऐलान किया है कि वह साल 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव ‘मिर्जापुर सदर’ सीट से लड़ेंगी।

 

चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने अपनी खुद की पार्टी ‘जननीति भारत’ बनाकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। मिर्जापुर में लंबे समय तक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में तैनात रहीं दिव्या मित्तल की जनता के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है, और उनके इस कदम से मिर्जापुर का राजनीतिक तापमान अभी से चढ़ गया है।

क्या कहा दिव्या मित्तल ने?

‍दिव्या ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट वीडियो में कहा कि जननीति भारत 2027 का यूपी चुनाव लड़ेगी, ताकि सरकार आपके (जनता के) हिसाब से चल सके। उन्होंने अपनी पार्टी के तीन वचन के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जननीति भारत का पहला वचन है- देश की नीतियों के केन्द्र में लोग होंगे और उन नीतियों को लोग ही तय करेंगे। दूसरी नीति पर उन्होंने कहा कि जन से नीति और नीति से भारत। अर्थात हर फैसला जरूरत देखकर होगा, पहचान देखकर नहीं। तीसरे वचन पर कहा कि हर काम का हिसाब जनता लेगी। जनता को पता होना चाहिए कि क्या हो रहा है और कब तक होगा। उन्होंने अपने वीडियो में युवा, आम आदमी, किसान, व्यापारियों की बात की। भ्रष्टाचार और लेटलतीफी की बात भी की। ALSO READ: IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, जानिए कौन हैं IIT-IIM पासआउट अफसर और क्या मिर्जापुर से लड़ेंगी चुनाव?

क्यों चुनी मिर्जापुर सदर सीट?

हालांकि पहले से ही अटकलें थीं कि दिव्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने यही सीट क्यों चुनी? दरअसल, इस सीट पर सबसे बड़ा वोट बैंक वैश्य (गुप्ता/साहू/व्यापारी) समाज का है, जिनकी संख्या करीब 1.50 लाख के करीब है। दिव्या मित्तल भी वैश्य समाज से आती हैं। साथ ही वे लंबे समय तक मिर्जापुर जिले की कलेक्टर भी रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोग उनके कामकाज के तरीके को भी समझते हैं। इसका फायदा भी उन्हें मिल सकता है। वैश्य मतदाताओं के बाद इस सीट पर ब्राह्मण और क्षत्रिय (ठाकुर) मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यूजीसी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के चलते सवर्ण वोटर भी उन्हें एक विकल्प के रूप में देख सकते हैं।  ALSO READ: यूपी की राजनीति में उतरेंगी पूर्व IAS दिव्या मित्तल, क्या होगा अगला कदम? राजभर ने साधा निशाना

आसान नहीं होगी दिव्या की राह

हालांकि मिर्जापुर सदर सीट पर जीत हासिल करना दिव्या के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि यह सीट भाजपा और एनडीए का गढ़ मानी जाती है। वर्ष 2017 के भाजपा के कैलाश चौरसिया ने यहां जीत हासिल की थी। वहीं, 2022 में भाजपा के ही रत्नाकर मिश्रा विजयी रहे थे। इसके साथ ही यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का संसदीय क्षेत्र भी है। पिछले 20 वर्षों से यहां पटेल परिवार का वर्चस्व रहा है। ऐसे में दिव्या यहां त्रिकोणीय मुकाबले में उलझ भी सकती हैं।

IAS की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी की मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का चुनाव, जानिए क्या है सियासी समीकरण

IAS की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी की मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का चुनाव, जानिए क्या है सियासी समीकरण

Divya Mittal ex IAS

Divya Mittal Politics Janniti Bharat Party: उत्तर प्रदेश की चर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक सफर को लेकर एक बड़ा और धमाकेदार ऐलान कर दिया है। उन्होंने न केवल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की है, बल्कि अपनी पार्टी का नाम और अपनी चुनावी सीट भी तय कर ली है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम रखा है ‘जन‍नीति भारत’। साथ ही मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है। 

 

उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में अपनी अलग छाप छोड़ने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब सियासत के रंग में रंगने को पूरी तरह तैयार हैं। राजनीति में कदम रखने के अपने इरादे को पहले ही जता चुकीं दिव्या मित्तल ने अब सस्पेंस खत्म करते हुए ऐलान किया है कि वह साल 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव ‘मिर्जापुर सदर’ सीट से लड़ेंगी।

 

चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने अपनी खुद की पार्टी ‘जननीति भारत’ बनाकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। मिर्जापुर में लंबे समय तक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में तैनात रहीं दिव्या मित्तल की जनता के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है, और उनके इस कदम से मिर्जापुर का राजनीतिक तापमान अभी से चढ़ गया है।

क्या कहा दिव्या मित्तल ने?

‍दिव्या ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट वीडियो में कहा कि जननीति भारत 2027 का यूपी चुनाव लड़ेगी, ताकि सरकार आपके (जनता के) हिसाब से चल सके। उन्होंने अपनी पार्टी के तीन वचन के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जननीति भारत का पहला वचन है- देश की नीतियों के केन्द्र में लोग होंगे और उन नीतियों को लोग ही तय करेंगे। दूसरी नीति पर उन्होंने कहा कि जन से नीति और नीति से भारत। अर्थात हर फैसला जरूरत देखकर होगा, पहचान देखकर नहीं। तीसरे वचन पर कहा कि हर काम का हिसाब जनता लेगी। जनता को पता होना चाहिए कि क्या हो रहा है और कब तक होगा। उन्होंने अपने वीडियो में युवा, आम आदमी, किसान, व्यापारियों की बात की। भ्रष्टाचार और लेटलतीफी की बात भी की। ALSO READ: IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, जानिए कौन हैं IIT-IIM पासआउट अफसर और क्या मिर्जापुर से लड़ेंगी चुनाव?

क्यों चुनी मिर्जापुर सदर सीट?

हालांकि पहले से ही अटकलें थीं कि दिव्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने यही सीट क्यों चुनी? दरअसल, इस सीट पर सबसे बड़ा वोट बैंक वैश्य (गुप्ता/साहू/व्यापारी) समाज का है, जिनकी संख्या करीब 1.50 लाख के करीब है। दिव्या मित्तल भी वैश्य समाज से आती हैं। साथ ही वे लंबे समय तक मिर्जापुर जिले की कलेक्टर भी रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोग उनके कामकाज के तरीके को भी समझते हैं। इसका फायदा भी उन्हें मिल सकता है। वैश्य मतदाताओं के बाद इस सीट पर ब्राह्मण और क्षत्रिय (ठाकुर) मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यूजीसी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के चलते सवर्ण वोटर भी उन्हें एक विकल्प के रूप में देख सकते हैं।  ALSO READ: यूपी की राजनीति में उतरेंगी पूर्व IAS दिव्या मित्तल, क्या होगा अगला कदम? राजभर ने साधा निशाना

आसान नहीं होगी दिव्या की राह

हालांकि मिर्जापुर सदर सीट पर जीत हासिल करना दिव्या के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि यह सीट भाजपा और एनडीए का गढ़ मानी जाती है। वर्ष 2017 के भाजपा के कैलाश चौरसिया ने यहां जीत हासिल की थी। वहीं, 2022 में भाजपा के ही रत्नाकर मिश्रा विजयी रहे थे। इसके साथ ही यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का संसदीय क्षेत्र भी है। पिछले 20 वर्षों से यहां पटेल परिवार का वर्चस्व रहा है। ऐसे में दिव्या यहां त्रिकोणीय मुकाबले में उलझ भी सकती हैं। 

पेशावर में विद्यालय की छत ढहने से 34 लोगों की मौत

पाकिस्तान के पेशावर शहर में गुरुवार को एक निजी विद्यालय की छत ढह जाने से 34 लोगों की मौत हो गयी जबकि 52 लोग घायल हो गये। मृतकों में ज्यादातर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और एक शिक्षिका शामिल हैं। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

सरकारी आपातकालीन सेवा ‘रेस्क्यू 1122’ के अनुसार, यह हादसा दीर कॉलोनी के कॉलेज रोड स्थित ‘अल-खैर’ नामक निजी विद्यालय में आज सुबह करीब 08:48 बजे हुआ। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिये गये। स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के बाद राहत कर्मियों और स्थानीय लोगों ने घंटों मलबे की तलाशी ली, क्योंकि आशंका थी कि और भी बच्चे मलबे में दबे हो सकते हैं। राहत कार्यों में सहायता के लिए पाकिस्तानी सेना के जवान भी बचाव दलों के साथ जुट गये।

लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि अस्पताल में आपातकाल घोषित कर डॉक्टर घायलों के इलाज में जुटे हैं।

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इस बीच, पेशावर पुलिस ने विद्यालय के मालिक खान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इमारत बेहद खतरनाक हालत में है और इसके और अधिक ढहने का जोखिम बना हुआ है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस भीषण गहरा दुख जताया है।

श्री शरीफ ने ‘एक्स’ पर दुख जताते हुए लिखा है, “विद्यालय की छत गिरने की दुखद और दिल दहला देने वाली घटना का गहरा दुख है, जिससे कई कीमती जानें चली गयी। जान गंवाने वाले बच्चों और शिक्षकों के दुखी परिवारों के साथ मेरी संवेदना है। मैं उन परिवारों के लिए सब्र और हिम्मत की दुआ करता हूं, जिन्होंने अपनी जान गंवायी।”

उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्हें यह भी निर्देश दिया है कि घटना में घायल हुए बच्चों और दूसरे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जायें और प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद दी जाये।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने भी दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से क्यों हटाया, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस

जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से क्यों हटाया, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस

supreme court notice on jantar mantar

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दशकों से राजनीतिक आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों का गढ़ रहे ‘जंतर-मंतर’ को प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर करने के केंद्र सरकार के फैसले पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका जवाब तलब किया है। ALSO READ: SIR को लेकर विपक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने EC से मांगा जवाब, SC मार्च पर कहा- हमें डरा नहीं सकते

 

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “हम केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांग रहे हैं। उन्हें जवाब दाखिल करने दें, यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो कानून अपना काम करेगा।”

 

इन 3 स्थानों पर प्रदर्शन की इजाजत

हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक आदेश जारी कर जंतर-मंतर को प्रदर्शनों की सूची से हटा दिया है। इसके स्थान पर विरोध-प्रदर्शनों के लिए अब केवल तीन जगहों—रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड (शाहदरा)—को ही चिन्हित किया गया है। सरकार के इस कदम के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे चुनौती दी गई है।

 

समिति की सिफारिश पर लिया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का निर्णय किसी एक के कहने पर नहीं, बल्कि एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। ALSO READ: हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

 

जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शनों का सबसे प्रमुख केंद्र 

गौरतलब है कि दिल्ली के दिल में स्थित जंतर-मंतर हमेशा से विरोध-प्रदर्शनों का सबसे प्रमुख और सुलभ केंद्र रहा है। बीते जुलाई महीने में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर यहां लंबे समय तक भारी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले थे।

इसके बाद से हालिया राजनीतिक मुद्दों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर भी विपक्ष व विभिन्न संगठनों ने यहां प्रदर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस की सख्त पाबंदियों और नए नियमों के चलते उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी, जिसके बाद यह मामला अदालत की चौखट तक पहुंच गया है।

शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा उछला

कच्चे तेल और डॉलर में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 1,500 अंक से अधिक की तेजी में बंद हुआ।

बाजार की बढ़त में आईटी और वित्तीय क्षेत्रों की कंपनियों ने अगुवाई की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम घटने और डॉलर सूचकांक में गिरावट तथा घरेलू स्तर पर रुपये जारी तेजी से निवेश धारणा मजबूत हुई है। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) चढ़कर 74,315.61 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 376.60 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की बढ़त में 22,999.30 अंक पर पहुंच गया। यह दोनों का करीब तीन सप्ताह का उच्चतम स्तर है। वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत चढ़ा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.01 प्रतिशत टूट गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी 50 में दो प्रतिशत की तेजी रही। ऑटो समूह का सूचकांक 1.84 प्रतिशत, वित्त का 1.76 प्रतिशत और तेल एवं गैस का 1.60 प्रतिशत की बढ़त में रहा। बैंकिंग, रियल्टी, फार्मा, धातु और स्वास्थ्य सेक्टरों के सूचकांक भी हरे निशान में रहे। सार्वजनिक बैंकों और रसायनों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर चार से साढ़े चार प्रतिशत तक की बढ़त में रहे। भारती एयरटेल, इटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, इंफोसिस और मारुति सुजुकी के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक चढ़े। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, इंडिगो, आईटीसी, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में एक से दो प्रतिशत की तेजी रही। भारतीय स्टेट बैंक, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी और एशियन पेंट्स के शेयर भी हरे निशान में रहे।

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इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता हिरासत में

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यहां इंडिया गेट पर धरने पर बैठे उनके माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार तड़के चार बजे हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया। उनके साथ धरने पर बैठे कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था लेकिन उन्हें भी बाद में छोड़ दिया गया।

अंकिता के माता-पिता बुधवार को उत्तराखंड के अपने गांव से दिल्ली आए थे और बेटी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। वे अपनी बेटी की हत्या के लिए जिम्मेदार माने जा रहे ‘वीआईपी’ को राज्यपाल बनाये जाने के विरोध में धरने पर बैठे। देर रात कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य उनसे मिलने धरना स्थल पर पहुंचे थे। पुलिस ने आज सुबह करीब चार बजे अंकिता के माता-पिता और कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को यहां इंडिया गेट से हिरासत में लिये जाने की आलोचना करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

श्री खरगे ने कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह चार बजे पुलिस भेजकर अंकिता के माता-पिता को गिरफ्तार करवा दिया। ‘वीआईपी’ दुष्यंत गौतम को बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने हद पार कर दी है। न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि भाजपा के ‘वीआईपी’ को राज्यपाल बनाया जा रहा है।

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उन्होंने इसे सत्ता के दमन और सवालों से भागने का प्रमाण बताते हुए कहा है कि एक बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।

श्री गांधी ने कहा कि चार साल से अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला लेकिन एक ‘वीआईपी’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिला। उन्होंने भाजपा पर महिला-विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठने को मज़बूर हुई है लेकिन वहां से उन्हें सुबह चार बजे हटा दिया गया है।

इस बीच पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज एक्स पर लिखा कि अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे थे लेकिन उन्हें रात के अंधेरे में हिरासत में ले लिया गया। पार्टी ने इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और श्री मोदी तथा श्री शाह से सवाल किया कि क्या अपनी बेटी की हत्या के मामले में न्याय मांगना अपराध है और बुजुर्ग माता-पिता को आधी रात में हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी।

पार्टी ने यह भी सवाल किया कि दुष्यंत गौतम भाजपा के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि उन्हें बचाने के लिए दुखी माता-पिता को अपमानित किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए, उनके माता-पिता को जवाब मिलना चाहिए और देश की सरकार को बेटियों के साथ खड़ा होना चाहिए, न कि उनके खिलाफ।

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश में हत्या कर दी गई थी । वह वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। इस मामले में रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता और प्रबंधक सौरभ भास्कर को पुलिस ने हिरासत में लिया था।इन आरोपियों ने अपना अपराध कबूल किया था और मई 2025 में अदालत द्वारा उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद वे उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं।

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मुरली श्रीशंकर के टखने की हुई सर्जरी

जापान में एशियाई खेलों के दौरान चोटिल हुए भारतीय लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के दाहिने टखने की सर्जरी हुई है। अब उनका पूरा ध्यान 2027 के एथलेटिक्स सीज़न में वापसी करने पर है।

27 वर्षीय भारतीय एथलीट ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस सर्जरी की पुष्टि की। श्रीशंकर ने लिखा मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि मुझे इन सब से गुजरना पड़े, लेकिन इस बार मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। कल लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डी’हूघे की देखरेख में मेरे टखने की एक छोटी सर्जरी हुई।

पिछले महीने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों के दौरान, लॉन्ग जंप फाइनल में श्रीशंकर का टखना चोटिल हो गया था। बारिश से भीगे रनवे पर, अपने चौथे प्रयास के लिए तैयार होते समय वे टेक-ऑफ बोर्ड पर फिसल गए, जिससे उनके दाहिने टखने में मोच आ गई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर इस घटना का एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस चोट के कारण उन्हें अपने आखिरी दो जंप छोड़ने पड़े, लेकिन दूसरे राउंड में लगाई गई 8.07 मीटर की छलांग उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए काफी रही।

शुरुआत में श्रीशंकर को लगा कि टखने की चोट गंभीर नहीं है और आराम तथा रिहैबिलिटेशन से ठीक हो जाएगी, लेकिन बाद में स्कैन और डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद सर्जरी की ज़रूरत पड़ी। मंगलवार को स्पोर्ट्स ऑर्थोपेडिक सर्जन पीटर डी’हूघे की देखरेख में लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई।

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मुरली श्रीशंकर, जिनके नाम पहले लॉन्ग जंप का राष्ट्रीय रिकॉर्ड था (जिसे बाद में जेस्विन एल्ड्रिन ने तोड़ दिया), ने कहा कि वह आने वाले सीज़न के लिए तैयार रहेंगे।

श्रीशंकर ने बताया सर्जरी ज़रूरी थी ताकि मेरा टखना स्थिर रहे और आने वाले सीज़न के लिए तैयार हो सके। इसमें बीजिंग में होने वाली 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप और सबसे महत्वपूर्ण, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक शामिल हैं।

एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले इस भारतीय एथलीट को हाल के दिनों में चोटों के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा है। घुटने की चोट के कारण वह पेरिस 2024 ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। लंबे ब्रेक के बाद 2025 में उन्होंने वापसी की और 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीते, लेकिन फिर उन्हें एक और झटका लगा। लगातार हो रही चोटों के बारे में बात करते हुए, श्रीशंकर ने सकारात्मक नज़रिया अपनाते हुए आगे की ओर देखा।

उन्होंने कहा आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो जाता है। सच कहूं तो, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसके लिए गीले टेकऑफ़ बोर्ड या अपनी किस्मत को दोष दे सकता हूं, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलेगी। इसके बजाय, जो हुआ है उसे स्वीकार करके, मैं खुद को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना जारी रखूंगा।

बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट के प्रशंसक श्रीशंकर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा लेकिन एक बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं कि मुझमें वापसी करने का एक खास जज़्बा और ‘म्म्बा मेंटालिटी’ है। यही चीज़ मुझे आगे बढ़ने में मदद करेगी।

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उत्तर भारत में अचानक बदला मौसम का मिजाज; पहाड़ों पर सीजन की पहली बर्फबारी

उत्तर भारत में अचानक बदला मौसम का मिजाज; पहाड़ों पर सीजन की पहली बर्फबारी

snowfall on mountains

Weather Update : पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम बदल गया है। कश्मीर से लेकर हिमाचल तक सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जबकि दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा में बारिश का अलर्ट है।

 

राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में आज सुबह बारिश हुई। जम्मू कश्मीर के डोडा जिले के ऊपरी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। ताजा हिमपात के बाद तापमान में काफी गिरावट आई है और पहाड़ बर्फ की चादर से ढक गई है। पीर पंजाल रेंज की ‘पीर की गली’ में भी इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई जिसके बाद सड़कों पर बर्फ जमा हो गया। अभी मुगल रोड से बर्फ हटाने का काम जारी है। हिमाचल प्रदेश के भरतपुर, बारालाचा और सूरज ताल क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हुई। हिमपात को देखते हुए सरचू चेकपोस्ट पर वाहन रोके गए।

 

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में काफी बड़े इलाकों में बारिश हो रही है। दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। कुछ जगहों पर 40-50 किमी/घंटा या इससे तेज हवाएं, गरज-चमक और ओले की भी संभावना है।

उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है। पूर्वी राजस्थान में भी कुछ जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि संभव है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भी बारिश का अलर्ट है।

 

दक्षिण भारत के केरल एवं माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ ही 40-50 किमी/घंटे की हवाएं चलने की भी संभावना है। 

 

इन राज्यों में बर्फबारी

गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग, जोजिला, राजदान टॉप, गुरेज समेत जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है। यह सीजन की शुरुआती बर्फबारी है। लद्दाख के लेह और कारगिल जैसे जगहों पर हल्की बर्फबारी की वजह से तापमान तापमान शून्य से नीचे पहुंचे गया।

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी हो रही है। उत्तराखंड के 3500-3800 मीटर या उससे ऊंचे इलाकों (चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी आदि) में बर्फबारी की संभावना हैं। इससे निचले इलाकों में बारिश और ठंड बढ़ेगी।

SIR को लेकर विपक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने EC से मांगा जवाब, SC मार्च पर कहा- हमें डरा नहीं सकते

SIR को लेकर विपक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने EC से मांगा जवाब, SC मार्च पर कहा- हमें डरा नहीं सकते

Supreme Court on Gyanesh Kumar

Supreme Court on Gyanesh Kumar: सुप्रीम कोर्ट ने देश में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित तौर पर वोटरों के नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन के प्रमुख नेताओं की याचिका को स्वीकार करते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। दूसरी ओर, एक अन्य याचिका के जवाब में सीजेआई ने विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर कड़ी आपत्ति जताई। 

 

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं की ओर से दायर एक संयुक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त को नोटिस जारी किया है। इस याचिका के जरिए देशभर में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया और इसके तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। 

विपक्षी दिग्गजों ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा

इस महत्वपूर्ण याचिका में राहुल गांधी के अलावा विपक्षी दलों के कई शीर्ष नेता शामिल हैं। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, NCP-SP नेता सुप्रिया सुले, शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत, भाकपा महासचिव डी. राजा समेत अन्य दलों के नेता शामिल हैं।

न्यायपालिका को डरा नहीं सकते

दूसरी ओर, सीजेआई सूर्यकांत ने राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर कहा कि न्यायपालिका को कोई डरा-धमका नहीं सकता। इस तरह के प्रयास बेहद कमजोर हैं और इन पर कोई ध्यान नहीं देता। सीजेआई ने कहा कि हम वास्तविक दुनिया से कटकर नहीं बैठे हैं और हमें हर चीज की जानकारी है।

दरअसल, वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस निकाले जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इस अस्वीकार्य बताया। विरोध प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी कानूनी एजेंसियों को सीसीटीवी और सारा डिजीटल रिकॉर्ड संरक्षित रखने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट परिसर का भी रिकॉर्ड रखें। 

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान से जुड़ा है। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस विशेष पुनरीक्षण की आड़ में बिना पारदर्शी नियमों और उचित सत्यापन के वैध मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे कई नागरिक अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च भी किया था। 

 

विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे तुरंत रोकने या इसमें सुधार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। याचिकाओं पर शुरुआती दलीलें सुनने के बाद सर्वोच्च अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले पर अपना आधिकारिक पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

तिलक का आउट होना मैच का ‘टर्निंग पॉइंट’ रहा: सैमसन

भारतीय सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन का मानना है कि चौथे टी-20 मैच में वेस्टइंडीज खिलाफ तिलक वर्मा का आउट होना मैच का टर्निंग पॉइंट था।

नयी तैयार की गई पिच पर 248 रनों का पीछा करते हुए, भारत 12वें ओवर तक 130 रनों पर 5 विकेट गंवा चुका था, लेकिन तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा। इन दोनों ने मिलकर स्थिति ऐसी ला दी थी कि 19 गेंदों पर 48 रनों की जरूरत थी, तभी रोमारियो शेफर्ड ने तिलक को आउट कर दिया।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 24 रनों से हराने के बाद संजू सैमसन ने कहा मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे थे और प्रति ओवर 10-12 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव वाली स्थिति में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। मुझे लगता है कि उस पल तक हम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में थे। पांच विकेट गिरने के बाद इस तरह का कंट्रोल होना वाकई बहुत बड़ी बात है – दो युवा क्रिकेटरों ने दबाव को संभाला और वेस्टइंडीज की गेंदबाजी लाइन-अप का डटकर सामना किया। इससे पहले, सैमसन ने खुद 23 गेंदों में 56 रन बनाकर टीम के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया था।

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उन्होंने कहा जब आप हारने वाली टीम की तरफ होते हैं, तो आप जो कुछ भी करते हैं उसका अहसास बिल्कुल अलग होता है, इसलिए इस समय मैं काफी निराश हूँ। मैं निश्चित रूप से जीतना चाहता था। मुझे बल्लेबाजी करने में बहुत मज़ा आया। जब आप इस तरह के स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं, तो कोई दूसरा विचार नहीं आता – आपको बस अपनी सूझबूझ और अपनी ताकत पर भरोसा करना होता है, और मैंने बिल्कुल वैसा ही किया। इसलिए मुझे अपनी पारी में मज़ा तो आया, लेकिन काश हम जीत जाते।

जब उनसे पूछा गया कि क्या गेंदबाजी में भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी खल रही है, तो सैमसन ने कहा जसप्रीत बुमराह का कोई विकल्प नहीं है। वे अपनी पीढ़ी के एक असाधारण गेंदबाज हैं, और हम बहुत भाग्यशाली हैं कि वे हमारी टीम में हैं। लेकिन हमारे पास कुछ बहुत अच्छी युवा प्रतिभा भी हैं। अर्शदीप सिंह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, और पिछले कुछ मैचों में प्रिंस यादव ने जिस तरह से गेंदबाजी की है, वह भी काफी प्रभावशाली है। मुझे लगता है कि हमारे पास वाकई बहुत अच्छा टैलेंट है। हम उन्हें जितना ज़्यादा खिलाएंगे और उन पर जितना ज़्यादा भरोसा दिखाएंगे, वे उतने ही बेहतर होते जाएंगे।

सीरीज का फैसला करने वाले पांचवें टी-20 मैच से पहले भारत के सामने एक और समस्या आ खड़ी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर में, शमार जोसेफ की एक शॉर्ट गेंद अर्शदीप के बाएं कंधे पर लग गई। वे काफी दर्द में दिख रहे थे, लेकिन फिर भी एक और गेंद का सामना करने के बाद वे ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर चले गए। सैमसन ने बताया अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। उम्मीद है कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे। सीरीज काआखिरी टी-20 मैच शनिवार को बेंगलुरु में खेला जाएगा।

Pic Credit : UNI