यूपी में रसोइयों को मिला बीमा सुरक्षा कवच, मुख्यमंत्री योगी ने किया एमओयू

यूपी में रसोइयों को मिला बीमा सुरक्षा कवच, मुख्यमंत्री योगी ने किया एमओयू

– स्कूलों में कार्यरत रसोइयों व परिजनों को दो लाख रुपए की बीमा दुर्घटना सहायता दिलाने के लिए है यह अनुबंध

– बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव व एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक ने अनुबंध का किया आदान-प्रदान

– मुख्यमंत्री के हाथों 11 रसोइयों को मिला कैशलेस चिकित्सा कार्ड, बढ़े मानदेय का चेक व परिधान किट 

– रसोइया सामाजिक सुरक्षा के तहत मुख्यमंत्री योगी के समक्ष हुआ एमओयू

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए कार्यक्रम में रसोइया सामाजिक सुरक्षा के तहत एमओयू हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (बेसिक/माध्यमिक शिक्षा) पार्थसारथी सेन शर्मा व एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज ने रसोइयों व उनके परिजनों के लिए दो लाख रुपए की बीमा दुर्घटना सहायता के सुरक्षा कवच से संबंधित अनुबंध का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम में पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना की उपलब्धियों संबंधी लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। 

 

छात्राओं ने सीएम संग ली सेल्फी, मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन 

मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का भी अवलोकन किया। उन्होंने योजनाओं की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली। बच्चों ने उन्हें निपुण तराजू के बारे में भी बताया। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी दी। इस दौरान मीना मंच के स्टॉल पर बच्चियों ने मुख्यमंत्री से सेल्फी लेने का अनुरोध किया, जिस पर सीएम मुस्कुरा उठे तो बच्चियों ने उनके साथ सेल्फी भी ली। इसके बाद सीएम योगी ने छह माह की अनीता व मो. अली को अपने हाथ से खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया और खिलौना दिया। 

मुख्यमंत्री के हाथों 11 रसोइयों को मिला कैशलेस चिकित्सा कार्ड, चेक व परिधान किट 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों 11 रसोइयों को सम्मान व कैशलेस चिकित्सा कार्ड, परिधान किट व बढ़े हुए मानदेय का चेक प्रदान किया। 

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किरन देवी :  प्राथमिक विद्यालय केसरीगंज सीतापुर 

आशा तिवारी :  प्राथमिक विद्यालय निगोहा-2 लखनऊ

सुनीता :  उच्चतर प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट हारपुर गोरखपुर 

सुदेश देवी :  उच्चतर प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट ऐलमपुर अलीगढ़

सरिता दीक्षित :  प्राथमिक विद्यालय कालभैरव  वाराणसी

गीता देवी :  उच्चतर प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट गंगारामपुर हरदोई

सीमा सिंह :  प्राथमिक विद्यालय नगरिया लखीमपुर खीरी

रेखा देवी  उच्चतर प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट हारपुर गोरखपुर 

पिंकी देवी :  उच्चतर प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट  ऐलमपुर अलीगढ़ 

खिलाना :  प्राथमिक विद्यालय अटवा मोहाल, ओसिया  उन्नाव

रेखा :  पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजामऊ बछरावां रायबरेली।

स्वाइन फ्लू को लेकर ICMR का बड़ा बयान, देश में नहीं मिला कोई नया वेरिएंट, जानिए कहां बढ़ रहे H1N1 के मरीज?

स्वाइन फ्लू को लेकर ICMR का बड़ा बयान, देश में नहीं मिला कोई नया वेरिएंट, जानिए कहां बढ़ रहे H1N1 के मरीज?

ICMR's major statement on swine flu

ICMR's major statement on swine flu : देश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के किसी नए और खतरनाक वेरिएंट के फैलने की आशंका के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति स्पष्ट की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में H1N1 का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आया है। फिलहाल देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा-A यानी H1N1 pdm09 वायरस पहले से मौजूद स्ट्रेन का ही हिस्सा है। स्वाइन फ्लू की अफवाहों के बीच आईसीएमआर की यह रिपोर्ट देश के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि यह वायरस साल 2025 से ही देश में बना हुआ है, इसलिए किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है।

 

देश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के किसी नए और खतरनाक वेरिएंट के फैलने की आशंका के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति स्पष्ट की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में H1N1 का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आया है। फिलहाल देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा-A यानी H1N1 pdm09 वायरस पहले से मौजूद स्ट्रेन का ही हिस्सा है।

 

स्वाइन फ्लू की अफवाहों के बीच आईसीएमआर की यह रिपोर्ट देश के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि यह वायरस साल 2025 से ही देश में बना हुआ है, इसलिए किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है।

 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान वायरस मौसमी फ्लू वैक्सीन में शामिल वायरस से मेल खाता है। लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में लक्षण बिगड़ने पर थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इन लोगों में बीमारी की वजह से परेशानी थोड़ी बढ़ सकती है। अगर किसी के लक्षण 3-4 दिन में ठीक न हों, या सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कत होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। H1N1 के लक्षण आम मौसमी फ्लू जैसे हो सकते हैं। इनमें बुखार, खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान शामिल हैं।

 

यहां बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले

दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में इन्फ्लूएंजा ए के 2392 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1,777 मामले एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के हैं। मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि अस्पतालों में इलाज के लिए डॉक्टर, बेड और दवाइयां पर्याप्त हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर रख रहा है।

 

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। अब तक 38 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 25 मरीज रायपुर के हैं। रायपुर में मिले मरीजों में आधे से अधिक अभी एक्टिव हैं। इसके अलावा बिलासपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, बस्तर, बेमेतरा और रायगढ़ में भी मरीज मिले हैं। इसे लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है।

 

मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उज्जैन में एच-1एन-1 संक्रमण से ग्रस्त महिला की मौत के बाद अब प्रदेशभर से स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने लगे हैं। बीते 5 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो इंदौर और उज्जैन में स्वाइन फ्लू के 4 मामले सामने आए थे, जबकि सिर्फ शनिवार को ही अलग-अलग शहरों से 3 संकर्मितों की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू (H1N1) एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो सांस के जरिए, खांसने या छींकने से फैलती है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और थकान शामिल हैं। सही समय पर आराम, तरल पदार्थों के सेवन और डॉक्टर की सलाह से यह ठीक हो जाता है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का केंद्र पर वादाखिलाफी का आरोप, 24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का केंद्र पर वादाखिलाफी का आरोप, 24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

abhijeet dipke at jantar mantar

जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले प्रदर्शन को समाप्त करने के बाद द कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को केंद्र सरकार से दबाव समूह के साथ किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। संगठन ने केंद्र पर देश के युवाओं के साथ विश्वासघात करने और उनके भरोसे को तोड़ने का आरोप लगाया है।

 

CJP ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार ने शांतिपूर्ण आंदोलन खत्म कराने के लिए जो वादे किए थे, उन्हें अब पूरा किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि सड़कों से प्रदर्शन खत्म होने के बाद उन्हीं वादों से पीछे हटने की कोशिश करके सरकार को पूरी पीढ़ी का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बयान में कहा गया, “भारत के युवाओं से किया गया वादा अक्षरश: और उसकी भावना के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए।”

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सरकार ने कोर्ट को अब तक नहीं दी सूची

 

CJP ने अपने बयान में दावा किया कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने को लेकर अदालत की ओर से बार-बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद सरकार ने अब तक संबंधित सूची उपलब्ध नहीं कराई है। संगठन के मुताबिक, संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद CJP के सह-संयोजक सौरव दास और लीगल अफेयर्स लीड रत्ना सिंह ने चेतावनी दी थी कि सरकार आंदोलन वापस लिए जाने के बाद युवाओं के साथ किए गए वादों से पीछे हटने की कोशिश कर रही है। CJP ने कहा कि किए गए वादों को कमजोर करना, टालना, उनकी नई व्याख्या करना या उन्हें पूरा नहीं करना युवाओं के भरोसे के साथ अस्वीकार्य विश्वासघात होगा।

 

24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

 

CJP ने कहा कि संगठन 24 अगस्त को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। साथ ही संगठन ने संभावित नए आंदोलन के संकेत भी दिए हैं। बयान में छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और देशभर में मौजूद CJP स्वयंसेवकों से 24 अगस्त को होने वाली बैठक के बाद की कार्रवाई के लिए तैयार रहने की अपील की गई है।

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NEET छात्रों के परिवारों को मुआवजे का मुद्दा

 

संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधिमंडल उन तक नहीं पहुंचा है और न ही किए गए वादों पर उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है। इन वादों में आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग भी शामिल थी। CJP ने दावा किया कि उसके प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, लेकिन संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक युवाओं से किए गए सभी वादे पूरे नहीं होते, तब तक वह पीछे नहीं हटेगा।

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25 जुलाई को खत्म किया था आंदोलन

 

द कॉकरेच जनता पार्टी ने 25 जुलाई को एक महीने से अधिक समय तक चले अपने प्रदर्शन को समाप्त किया था। उस समय संगठन ने दावा किया था कि सरकार ने उसकी सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं। अब संगठन की ओर से 24 अगस्त को बैठक बुलाए जाने और संभावित आंदोलन की चेतावनी के बाद जंतर-मंतर आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता, चिराग पासवान का बड़ा बयान

आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता, चिराग पासवान का बड़ा बयान

chirag paswan

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि आरक्षण किसी की मांग पर समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई खैरात या किसी सरकार की ओर से दी जाने वाली रियायत नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। इसका उद्देश्य उन समुदायों को सामाजिक रूप से आगे बढ़ाना है, जिन्होंने पीढ़ियों तक भेदभाव का सामना किया है।

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दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान से जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था खत्म करने की मांग को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन के बारे में सवाल किया गया था।

 

'आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता'

 

चिराग पासवान ने कहा, “आरक्षण ऐसी चीज नहीं है, जिसे किसी की मांग पर खत्म किया जा सके। न ही यह किसी को दी जाने वाली खैरात है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आरक्षण संविधान में किया गया प्रावधान है और यह किसी सरकार की इच्छा या कृपा पर निर्भर नहीं करता।

 

सामाजिक समावेशन के लिए बनाया गया आरक्षण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा में लाना था, जिन्हें लंबे समय तक सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने इन समुदायों की पहचान की और उनके उत्थान के लिए आरक्षण का प्रावधान किया।

 

उन्होंने कहा कि समाज में आज भी सामाजिक भेदभाव की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में सामाजिक न्याय को मजबूत करने और आरक्षण व्यवस्था पर चर्चा आज भी प्रासंगिक है।

 

उत्तराखंड की घटना का किया जिक्र

चिराग पासवान ने सामाजिक भेदभाव के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि सामाजिक भेदभाव का मुद्दा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और सामाजिक न्याय पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

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आरक्षण विरोधी प्रदर्शनकारियों से बातचीत की वकालत

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की ओर से आरक्षण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को लेकर दिए गए बयान पर सवाल पूछे जाने पर चिराग पासवान ने कहा कि प्रदर्शनकारी अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों से संवाद के जरिए उन्हें आरक्षण के उद्देश्य और यह व्यवस्था अब भी क्यों जरूरी है, इसके बारे में समझाया जा सकता है।

अमर शहीद गुलाबसिंह लोधी का 91वां बलिदान दिवस, मुख्यमंत्री योगी योगी ने दी श्रद्धांजलि, कही यह बड़ी बात…

अमर शहीद गुलाबसिंह लोधी का 91वां बलिदान दिवस, मुख्यमंत्री योगी योगी ने दी श्रद्धांजलि, कही यह बड़ी बात...

– 91वें बलिदान दिवस पर झंडेवाला पार्क में मुख्यमंत्री योगी ने शहीद को दी श्रद्धांजलि

– किसान परिवार में जन्मे गुलाबसिंह लोधी ने आजादी के लिए न्योछावर कर दिया जीवन

– बलिदानियों के सम्मान में संस्थानों और बटालियनों का किया जा रहा नामकरण

– महापुरुषों की प्रतिमाओं, पार्कों और स्मारकों के लिए करीब 500 करोड़ रुपए स्वीकृत

– 1935 में ब्रिटिश सरकार को चुनौती देकर फहराया था तिरंगा

Gulab Singh Lodhi Balidan Diwas : स्वाधीनता संग्राम सेनानी अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को झंडेवाला पार्क, अमीनाबाद में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अगस्त 1935 को मात्र 32 वर्ष की उम्र में भारत माता के महान सपूत अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देते हुए इसी पार्क में भारत का तिरंगा फहराया था। उस समय तिरंगा स्वाधीनता का प्रतीक था। कायर ब्रिटिश सरकार ने उनके इस साहस का जवाब गोलियों से दिया और वह देश की आजादी के लिए शहीद हो गए थे। 

 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी बलिदान हुए लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वाधीनता का एक स्वर्णिम पृष्ठ छोड़ गए हैं। उनके बलिदान के महज 12 वर्ष बाद देश ब्रिटिश दासता से मुक्त होकर स्वतंत्र हुआ।

 

किसान परिवार में जन्मे, आजादी के लिए न्योछावर किया जीवन

सीएम योगी ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से वह अमर शहीद की पुण्य स्मृतियों को नमन करते हैं। गुलाब सिंह लोधी का जन्म वर्ष 1903 में उन्नाव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनके भीतर देश की आजादी के लिए जज्बा था। इसी भावना के साथ उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और लखनऊ आकर देश की स्वाधीनता के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी जी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने उन्नाव जिले में पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उत्तर प्रदेश सरकार अपने उन सभी अमर बलिदानियों के पुण्य स्मरण को जीवंत बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 

 

बलिदानियों के नाम पर संस्थानों का नामकरण

भारत की आजादी के लिए 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपने आप को बलिदान करने वाली वीरांगना अवंतीबाई लोधी जी के नाम पर अलीगढ़ में स्टेडियम का नामकरण और बदायूं में पीएसी की नई बटालियन का नामकरण किया गया है। लखनऊ में पीएसी की महिला बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा गया है।

इसी तरह गोरखपुर में नवस्थापित पीएसी महिला बटालियन का नाम वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर तथा औरैया में नए मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर किया गया है। इन सभी महापुरुषों और वीरांगनाओं ने भारत की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया था।

 

महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी जैसे क्रांतिकारियों ने देश की आन, बान और शान को बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर बलदानियों की स्मृतियों को संरक्षित रखने के लिए स्मारक निर्माण के कार्यक्रम को निरंतर आगे बढ़ाएगी।

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महापुरुषों के स्मारकों के लिए करीब 500 करोड़ रुपए स्वीकृत

सीएम योगी ने बताया कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने सामाजिक न्याय और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के सम्मान में करीब 500 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। इस धनराशि से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद् गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि जी महाराज समेत अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर छाजन लगाने, पार्कों के नवनिर्माण और उन्हें सुरक्षित बनाने के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का यह क्रम लगातार आगे बढ़ता रहेगा।

राहुल गांधी के सामने छात्रा ने उठाया AI और Cyber Security का मुद्दा, पूछा- महंगी पढ़ाई से गरीब छात्रों का क्या होगा

राहुल गांधी के सामने छात्रा ने उठाया AI और Cyber Security का मुद्दा, पूछा- महंगी पढ़ाई से गरीब छात्रों का क्या होगा

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक छात्रा की बात शेयर करते हुए AI और साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सिक्योरिटी पर निर्भर होती जा रही है, ऐसे में इन क्षेत्रों में युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। राहुल गांधी ने पोस्ट में बताया कि ‘Echo of Students’ कार्यक्रम के दौरान प्रज्ञा कुमार गावंडे ने उनके सामने अपनी बात रखी।

 

छात्रा ने बताया कि वह शुरुआत से ही साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती थीं, लेकिन महंगी फीस और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें किसी दूसरे कोर्स में दाखिला लेना पड़ा।

 

सरकारी कॉलेजों में जरूरी कोर्स क्यों नहीं?

 

छात्रा ने सवाल उठाया कि जब आज के दौर में AI और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्र इतने महत्वपूर्ण हो गए हैं, तो सरकारी कॉलेजों में ऐसे जरूरी पाठ्यक्रम पर्याप्त संख्या में उपलब्ध क्यों नहीं हैं? उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया, ताकि पैसे की कमी किसी छात्र की पढ़ाई और करियर के रास्ते में बाधा न बने।

राहुल गांधी द्वारा साझा किए गए संदेश में छात्रों की आर्थिक स्थिति और उच्च शिक्षा तक समान पहुंच को लेकर सवाल उठाया गया है। पोस्ट में छात्रा की ओर से यह मुद्दा 'Echo of Students' कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष के सामने रखने की बात कही गई है।

बाढ़ प्रभावितों के लिए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय, CM योगी के निर्देश पर राहत-बचाव कार्य तेज

बाढ़ प्रभावितों के लिए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय, CM योगी के निर्देश पर राहत-बचाव कार्य तेज

CM Yogi Adityanath

उत्तरप्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय की 21 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अब तक 19 जिले प्रभावित हुए हैं, जबकि 14 जिलों में 21 अगस्त को बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ नावों, मोटर बोट, बचाव टीमों, मेडिकल टीमों और कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की गई है।

 

अब तक 258 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें 92 गांवों में आबादी और कृषि दोनों प्रभावित हैं। वहीं 27 गांवों में कटान, 75 गांवों में जलभराव से आबादी प्रभावित, 91 गांवों में केवल कृषि प्रभावित और 26 गांवों में बाढ़ से संपर्क मार्ग कटने की स्थिति दर्ज की गई है। वहीं 157 गांवों में राहत कार्य संचालित किया जा रहा है।

 

1.45 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी प्रभावित

ग्रामीण क्षेत्र की करीब 1.45 लाख की आबादी बाढ़ और जलभराव से प्रभावित है। वहीं बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने शरणालयों और सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था की है। 1,274 गांवों से संबंधित लोगों को बाढ़ शरणालयों तक पहुंचाए जाने, 1,905 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और 13,611 लोगों के बाढ़ शरणालयों में रहने की व्यवस्था की जा चुकी है।

 

बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए भी व्यवस्था हुई

मानव आबादी के साथ पशुधन की सुरक्षा पर भी प्रशासन का जोर है। रिपोर्ट के अनुसार 15,561 पशु प्रभावित हुए हैं। इनके लिए पशु शिविर लगाए गए हैं और उपचार व टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। 544 पशुओं के उपचार, 12,695 पशुओं के टीकाकरण और 22,636 क्विंटल भूसा वितरण किया गया है।

 

200 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया

बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रदेश में 17,428.01 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। इसमें 8,452.88 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि, 3,903.16 हेक्टेयर बोया गया क्षेत्र और 62 हेक्टेयर कटान प्रभावित क्षेत्र है। फसल क्षति के लिए 200.31 करोड़ रुपये अनुदान दिया गया है।

 

राहत के लिए 1,599 नावें और 621 मोटरबोट

बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और आवागमन के लिए बड़ी संख्या में संसाधन लगाए गए हैं। रिपोर्ट में 1,599 नावें, 621 मोटरबोट, 1,315 स्थानीय गोताखोर, 12 एनडीआरएफ टीमें, 9 एसडीआरएफ टीमें और 7 पीएसी टीमें लगाए जाने का आंकड़ा दिया गया है। साथ ही 6,032 खोज-बचाव वाहन भी दर्ज किए गए हैं।

 

1.28 करोड़ लीटर से अधिक पानी की व्यवस्था

राहत सामग्री के वितरण में भी प्रशासन की सक्रियता सामने आई है। 28,126 खाद्यान्न सामग्री पैकेट, 17,424 डिग्निटी किट, 22,883.5 मीटर तिरपाल, 1,28,576 लीटर पीने का पानी, 35,153 ओआरएस पैकेट और 69,834 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए गए हैं। वहीं राहत एवं स्वास्थ्य मोर्चे पर 1,560 कम्युनिटी किचन/लंगर, 762 मेडिकल टीम, 544 उपचारित मानव, 566 एंटी-स्नेक वेनम की व्यवस्था हुई है।

 

प्रशिक्षित आपदा मित्र कर रहे मदद

बाढ़ प्रबंधन में स्थानीय स्तर पर भी व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रदेश में 12,687 राहत चौपालें लगाई गई हैं। इसके अलावा 6,704 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है, जो लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

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kanpur

शिक्षा है सबका अधिकार, यह स्लोगन अक्सर सुनाई पड़ता है, इस अधिकार को पाने के लिए एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसको देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया। क्योंकि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और उज्ज्वल भविष्य के सपने होने चाहिए, उस उम्र में जेन अल्फा अपने सुरक्षित भविष्य के लिए स्कूल की बिल्डिंग मांग रहें है।

 

कानपुर के समुही भटपुरवा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर और कमरों की कमी को झेल रहा है। जिसके चलते प्राथमिक स्कूल के यह छात्र अपनी आवाज प्रशासन और शासन तक पहुंचने के लिए प्रदर्शन करतज नजर आयें, जेन अल्फा ने तिरंगा हाथ में लेकर अपने सुरक्षित जीवन और शिक्षा पाने के लिए आवाज उठाई हैं। विद्यालय के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहें छात्रों ने क्लास रूम में जाने से इनकार कर दिया और विद्यालय के बाहर करीब चार घंटे तक नारेबाजी करते रहे। इन छात्रों ने बदहाली की बात करते हुए सिस्टम से सीधा प्रश्न किया कि जब जर्जर भवन गिर चुका है, तो नया भवन कब बनेगा?

 

घाटमपुर तहसील क्षेत्र के भटपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में कभी जर्जर भवन का कुछ हिस्सा गिरने से एक बच्ची घायल हुई थी। हादसे के बाद भवन के जर्जर हिस्से को शिक्षा विभाग की अनुमति से ढहा दिया गया और उसकी नीलामी भी कर दी गई। मगर इसके बाद जो खाली जगह बनी, वह आज भी बच्चों के लिए अधूरी व्यवस्था की कहानी कह रही है। तीन साल गुजर गए, लेकिन नया विद्यालय भवन अभी तक जमीन हकीकत में सामने नहीं आया है।

 

दो कमरों में 122 बच्चों का भविष्य

 

वर्तमान में यह विद्यालय मात्र दो कमरों के अंदर सिमटा हुआ है। इस प्राथमिक विद्यालय के अंदर 122 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। प्रिंसिपल प्रियंका तिवारी के साथ दो सहायक अध्यापक और दो शिक्षामित्र तैनात हैं। बच्चों की संख्या और कमरों की कमी के बीच पढ़ाई कराना शिक्षकों के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि एक कमरे में दो या तीन क्लास चलाने पर पढ़ाई में दिक्कत आती है, बच्चों के लिए यह रोजमर्रा की असुविधा हो गई है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि नए भवन की मांग को लेकर वे करीब तीन वर्षों से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन भवन निर्माण की शुरुआत अभी तक नहीं हो पाई है। विद्यालय परिसर में चलने वाला आंगनबाड़ी केंद्र भी भवन के अभाव में एक ग्रामीण के घर में संचालित हो रहा है। यानी समस्या सिर्फ स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं, बल्कि गांव के बच्चों की बुनियादी शैक्षिक व्यवस्था से जुड़ी है।

 

बच्चों ने खुद उठाई आवाज

 

जेन अल्फा छात्रों का सब्र अब जवाब देने लगा है। जिसके चलते वह विद्यालय पहुंचने के बाद छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं में जाने के बजाय बाहर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी आवाज में गुस्सा और अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर भी दिखाई दिये। शनिवार में वह करीब चार घंटे तक बच्चे अपनी मांग दोहराते रहे। बारिश शुरू हुई तो प्रदर्शन समाप्त कर उन्हें घर लौटना पड़ा।

 

बच्चों के इस विरोध ने उस सवाल को फिर सामने ला दिया, जिसे पिछले तीन वर्षों से ग्रामीण उठाते आ रहे हैं, क्या सुरक्षित और पर्याप्त भवन में पढ़ना बच्चों का अधिकार नहीं है?

 

एक माह में शुरू हो सकता है निर्माण

 

मामले की जानकारी मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी दीपक अवस्थी विद्यालय पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। उनका कहना है कि विद्यालय भवन निर्माण के लिए केंद्र स्तर से धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। अब प्रदेश स्तर से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर करीब एक माह में समय लग जायेगा और उसके बाद विद्यालय के नये भवन का निर्माण शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।

 

अब देखना यह है कि बच्चों की यह नारेबाजी व्यवस्था के लिए कितनी बड़ी चेतावनी साबित होती है। तीन वर्षों से विद्यालय का निर्माण कागजों और आश्वासनों के बीच अटका रहा है। शिक्षा अधिकारी यानी बीईओ का आश्वासन एक माह बाद आकार लेता नजर आता है, तो यह सिर्फ एक इमारत का निर्माण नहीं होगा, बल्कि उन 122 बच्चों के भरोसे की जी होगी, जो शिक्षा पाने के साथ अपने भविष्य की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर और ईंट-पत्थरों से हमला, 3 घायल, 17 वर्षीय आरोपी पकड़ा गया

दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर और ईंट-पत्थरों से हमला, 3 घायल,  17 वर्षीय आरोपी पकड़ा गया

दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र में शनिवार को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। मुकुंदपुर के जनता विहार इलाके में गश्त और चेकिंग के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। आरोप है कि एक समूह ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर फेंकने के बाद ईंट और डंडों से हमला किया।

 

पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल दिनेश और राजेश इलाके में गश्त कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक ऐसी मोटरसाइकिल मिली, जिसके वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। नियमानुसार मोटरसाइकिल को थाने लाकर दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 66 के तहत जमा कराया गया।

 

बाइक जब्त करने पर पुलिस से भिड़ा समूह

 

पुलिस के मुताबिक, करीब 3:30 बजे जब दोनों पुलिसकर्मी दोबारा बीट पर पहुंचे, तो मोटरसाइकिल मालिक और उसके परिवार के सदस्यों समेत कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। समूह ने मोटरसाइकिल जब्त किए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाया।

 

देखते ही देखते विवाद कथित तौर पर हिंसक हो गया। आरोप है कि समूह के लोगों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और ईंटों व डंडों से हमला कर दिया। उनकी मदद के लिए मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल टीनू के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई।

 

तीन पुलिसकर्मी घायल

 

हमले में तीनों पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। हेड कांस्टेबल दिनेश के सिर में चोट लगी है। पुलिस के मुताबिक, सभी घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।

 

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की हैं।

 

17 वर्षीय आरोपी मौके से पकड़ा गया

 

पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल एक 17 वर्षीय किशोर को मौके से पकड़ लिया गया है। उसे कानून के साथ संघर्षरत किशोर (JCL) के रूप में बताया गया है। हालांकि, अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए।

 

मामले में भलस्वा डेयरी थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

 

मुख्य आरोपी पर पहले से 5 आपराधिक मामले

 

पुलिस के अनुसार, फरार मुख्य आरोपी की पहचान सुनील उर्फ पंकज के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे इलाके का BC (Bad Character) बताया है। उसके खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें NDPS एक्ट के तहत दर्ज दो मामले और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले शामिल हैं।

 

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

 

पुलिस घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। इसमें मोटरसाइकिल जब्त किए जाने की कार्रवाई से लेकर पुलिसकर्मियों के साथ हुए कथित हमले तक के घटनाक्रम को शामिल किया गया है।

सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस में पहुंचे CM धामी, बोले- ‘सेवा सबसे बड़ा धर्म’

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dhami

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड,भूपतवाला में पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वां निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य सतगुरू लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने भक्ति को जन जन तक पहुंचाया है।

उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी और दृष्टि में भगवान बुद्ध के समान असीम करुणा थी। पूज्य सतगुरु ने समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने जीवन भर यही सिखाया कि सेवा सबसे बड़ा धर्म है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संतों का सानिध्य और सतगुरु की कृपा मिलना सौभाग्य की बात है। हमारे संत समाज ने हमेशा धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। उनके मार्गदर्शन से समाज को धर्म और संस्कृति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। भारत की महान संस्कृति हमें सिखाती है कि कितनी भी कठिनाइयां आएं, हमें अच्छे समाज के निर्माण और विकास को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।