महंगाई ने बिगाड़ा शेयर बाजार का मूड, सेंसेक्स 453 अंक टूटा; अगले हफ्ते इन सेक्टर्स पर नजर

महंगाई ने बिगाड़ा शेयर बाजार का मूड, सेंसेक्स 453 अंक टूटा; अगले हफ्ते इन सेक्टर्स पर नजर

share market weekly outlook 22 August

Share Market Weekly Review : क्रूड के दामों में उतार चढ़ाव, महंगाई के आंकड़ें और मेटल में तेजी की बदौलत भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते रेंज बाउंड ही रहा। सेंसेक्स में 453 अंक गिरा तो निफ्टी में 114 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। 3 दिन बाजार लाल निशान में तो 2 दिन हरे निशान में रहा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगस्त का पहला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 281 अंकों की गिरावट के साथ 77728 पर बंद हुआ। निफ्टी 78 अंक गिरकर 24,287 पर आ गया। मंगलवार को सेंसेक्स 493 अंकों की गिरावट के साथ 77235 पर बंद हुआ वहीं निफ्टी 133 अंक गिरकर 24,155 पर पहुंच गया। बुधवार को भी सेंसेक्स में 310 अंकों की गिरावट के साथ 77,000 के नीचे पहुंच गया। निफ्टी 77 अंक गिरकर 24,078 पर बंद हुआ। 

 

गुरुवार को हफ्ते में पहली बार भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में दिखाई दिए। सेंसेक्स 628 अंकों की बढ़त के साथ 77538 पर बंद हुआ तो दिन का कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 154 अंक बढ़कर 24,232 पर था। शुक्रवार को बाजार लगभग फ्लैट ही बंद हुआ। सेंसेक्स 3 अंकों की बढ़त के साथ 77541 पर बंद हुआ, निफ्टी 20 अंक बढ़कर 24,252 पर था। 

 

महंगाई की मार

देश में रिटेल में चीनी के दाम बढ़कर 70 रुपए प्रति किलो हो गए। त्योहारी सीजन में चीनी की कीमत में 15 दिन में लगभग 20 रुपए की बढ़ोतरी से कई वस्तुओं के दाम बढ़ गए। तेल, नमक, चावल, बिस्किट, साबुन, कार, टायर और पेंट समेत कई वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़े। रिजर्व बैंक के अनुसार, आने वाले दिनों में इन वस्तुओं के कम होने की गुंजाइश कम है। ऐसे में आगामी महिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। ALSO READ: क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

 

नुकसान में रहे 87.7% रिटेल इनवेस्टर्स 

सेबी की अवेयरनेस रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में डेरिवेटिव ट्रेडिंग में रिटल निवेशको की भागीदारी 18% घटकर 87.5 लाख रह गई। इस दौरान 87.7% रिटेल इनवेस्टर्स को शुद्ध घाटा हुआ। इस दौरान छोटे ट्रेडर्स को 91,685 करोड़ रुपए का कुल घाटा हुआ। घाटे का 92% हिस्सा ऑप्शन ट्रेडिंग से आया था। हालांकि इस दौरान बड़ी ट्रेडिंग फर्मों ने 44,000 करोड़ रुपए कमाए। एक लाख रुपए से कम का इ्क्विटी पोर्टफोलियो रखने वाले ट्रेडरो के हिस्से में नुकसान का 70 फिसदी हिस्सा आया।

 

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि यह रिपोर्ट इस बात का संकेत दे रही है कि बाजार फिलहाल बड़े निवेशकों का है। रिटेल निवेशकों को डिलिवरी बेसिस पर लांग टर्म के लिए निवेश करना चाहिए। साथ ही इंट्रा डे और ऑपशन ट्रेडिंग से दूरी भी बनाए रखनी चाहिए। ALSO READ: E20 पेट्रोल पर CEA नागेश्वरन ने उठाए सवाल, E-10 पर लौटने की दी सलाह

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

इस हफ्ते बाजार पर सबसे बड़ा असर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का रहा। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर लगभग 94 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। महंगाई और 

 

मानसून की कमजोर चाल ने भी बाजार को प्रभावित किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली किए जाने से बाजार के बड़े शेयरों पर दबाव बना रहा। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में तेजी और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण उभरते बाजारों से निवेशकों का रुझान कुछ समय के लिए कम हुआ। हालांकि इस दौरान DII ने बाजार को संभाले रखा। इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में भारी मुनाफावसूली और बिकवाली देखने को मिली।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

अगले हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार की चाल रेंज बाउंड ही रहने की संभावना है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो इससे घरेलू बाजार को राहत मिल सकती है। बैंकिंग, वित्तीय 

 

सेवाएं और मेटल/यूटिलिटी सेक्टर बाजार को संभालने की कोशिश कर सकते हैं। आईटी सेक्टर की निर्भरता वैश्विक संकेतों पर ज्यादा दिखाई दे रही है। बाजार की चाल FII और DII के रुख पर भी निर्भर करेगी।

 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

बागौरा ने बताया कि बाजार फिलहाल रेंज बाउंड है। निफ्टी 24,000 से 24700 की रेंज में रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) सिस्टम में मैनिपुलेशन के मामले में सख्‍त कार्रवाई करते हुए 2 कंपनियों ‘कॉपथॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट लिमिटेड’ और ‘मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड’ को सिक्योरिटीज मार्केट से रोक दिया है। उनसे गलत तरीके से कमाए गए 3.68 करोड़ रुपये जब्त करने का आदेश दिया है। इनके खिलाफ 13 अगस्त, 2026 को इंडेक्स की एक्सपायरी के दिन CAS के दौरान सेंसेक्स में हेरफेर के शुरुआती सबूत मिले थे।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

अयोध्या में सरयू खतरे के निशान के ऊपर, प्रभावितों को सरकार से मिली मदद

Saryu River Water Level: ​अयोध्या में घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर खतरे के निशान (92.730 मीटर) से ऊपर दर्ज किए जाने के बावजूद, उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन की पूर्व तैयारी के चलते बाढ़ की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। नदी का वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से 0.310 मीटर ऊपर (93.040 मीटर) है, जो 2009 के सर्वकालिक उच्चतम स्तर (94.010 मीटर) की तुलना में काफी कम है।

​बाढ़ नियंत्रण एवं राहत कार्यों की मुख्य झलकियां

  • ​सुरक्षित तटबंध : रौनाही (14.550 किमी), अयोध्या-बिल्वहरि घाट (13.140 किमी) और तमसा नदी पर गोसाईंगंज (5.340 किमी) तटबंधों की नियमित मरम्मत से बड़े नुकसान से बचा गया। शहरी क्षेत्रों में जलभराव या फसल क्षति की कोई सूचना नहीं है।
  • ​प्रभावित क्षेत्र: वर्तमान में जिले के 11 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं (तहसील सदर के 4, सोहावल का 1 और रुदौली के 6 ग्राम)।
  • राहत किट एवं सामग्री वितरण : प्रभावित परिवारों तक 2,370 बाढ़ राहत किट (सदर : 1,500, रुदौली : 645, सोहावल : 225), 1450 लंच पैकेट और पशुओं के लिए 350 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है।

बाढ़ को ध्यान में रखते हुए कुल 14 बाढ़ शेल्टरहोम चिन्हित हैं। सहारा बाग (सोहावल) स्थित शेल्टरहोम में 100 प्रभावित व्यक्ति रह रहे हैं। निगरानी के लिए 10 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं और 18 नावों का संचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की 37 टीमों ने 1224 ओआरएस पैकेट और 2912 क्लोरीन टैबलेट बांटे हैं। पशु चिकित्सा की 21 टीमें पशु टीकाकरण और उपचार में जुटी हैं।

 

​जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के अनुसार प्रशासनिक सतर्कता और विभागों के समन्वय से स्थिति सामान्य है। उप जिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर के अधिकारी लगातार क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं और राहत कार्य निर्बाध जारी हैं।

कनाडा के PM कार्नी ने अमेरिका के साथ तोड़ी व्यापार वार्ता, बौखलाए ट्रंप ने ठोका 50% टैरिफ, अब डॉलर के बदले डॉलर से जवाब

कनाडा के PM कार्नी ने अमेरिका के साथ तोड़ी व्यापार वार्ता, बौखलाए ट्रंप ने ठोका 50% टैरिफ, अब डॉलर के बदले डॉलर से जवाब

Canada US trade war

Canada US Trade War: अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापार वार्ता अचानक बड़े आर्थिक युद्ध में तब्दील हो गई है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका द्वारा आखिरी वक्त पर रखी गई 'अव्यावहारिक” शर्तों का विरोध करते हुए ट्रेड वार्ता को तुरंत रोक दिया। इस फैसले से बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा पर 50 प्रतिशत भारी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद कार्नी ने भी 'ईंट का जवाब पत्थर से' देने की चेतावनी दे डाली है।

अमेरिका की 'अंतिम शर्त' पर भड़का कनाडा

उत्तरी अमरीका की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। महीनों से चल रही व्यापार वार्ता को कनाडा ने अचानक बीच में ही तोड़ दिया है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सख्त रुख अपनाते हुए अपने सभी शीर्ष वार्ताकारों को तुरंत ओटावा लौटने का फरमान जारी कर दिया। कनाडा का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन बातचीत के अंतिम दौर में ऐसी शर्तें थोप रहा था, जो कनाडाई उद्योगों और छोटे कारोबारियों के लिए बेहद आर्थिक नुकसानदायक थीं। ALSO READ: मैक्रों ने ट्रम्प की 'ईरान नीति' की धज्जियां उड़ाईं, युद्ध और नाटो पर फ्रांस के राष्ट्रपति का बड़ा बयान

50% टैरिफ का 'डॉलर-फॉर-डॉलर' जवाब

कनाडा के इस कड़े कदम से गुस्साए राष्ट्रपति ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले करीब 28 अरब कनाडाई डॉलर के सामान पर आधी रात से 50 फीसदी टैरिफ (आयात शुल्क) ठोकने का ऐलान किया। ट्रम्प के इस फैसले पर पलटवार करते हुए पीएम कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जितने डॉलर का टैरिफ हम पर लगाएगा, हम भी 'डॉलर-फॉर-डॉलर' की तर्ज पर अमेरिकी सामानों पर ठीक उतना ही शुल्क लादेंगे।

एक दिन पहले तक बन रहे थे समझौते के आसार

चौंकाने वाली बात यह है कि इस गतिरोध से ठीक एक दिन पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने सकारात्मक संकेत दिए थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में उम्मीद जताई थी कि कनाडा के साथ जल्द एक ऐतिहासिक डील हो सकती है और मार्क कार्नी के साथ उनके रिश्ते काफी बेहतर हैं। हालांकि, वाशिंगटन की ओर से अंतिम समय में बदले गए रुख ने पूरे समझौते की विश्वसनीयता पर पानी फेर दिया।

अमेरिका का आरोप : समझौते से मुकरा कनाडा

दूसरी तरफ, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने इस विफलता का ठीकरा कनाडा के सिर फोड़ा है। ग्रीर का कहना है कि अमेरिका ने कनाडा को अन्य देशों की तुलना में बेहद रियायती और बेहतर शर्तें ऑफर की थीं, लेकिन कनाडा की नई अनपेक्षित मांगों और प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने की वजह से पूरी बातचीत पटरी से उतर गई।

अमेरिका पर निर्भरता घटाएगा कनाडा

वार्ता टूटने के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री ने एक बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत दिया है। कार्नी ने कहा कि कनाडा अब अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अमेरिका पर से निर्भरता कम करेगा। कनाडा अपने मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों का दायरा बढ़ाएगा, ताकि उसके व्यापार की पहुंच दुनिया भर के 1.5 अरब से ज्यादा उपभोक्ताओं तक हो सके। इसके साथ ही, कनाडाई सरकार ने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए राहत पैकेज देने की भी योजना बनाई है।

फॉलोअर्स के लिए हद पार! रेड सिग्नल पर जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर युवती ने बनाई रील, वीडियो वायरल होने पर पुलिस एक्शन में

फॉलोअर्स के लिए हद पार! रेड सिग्नल पर जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर युवती ने बनाई रील, वीडियो वायरल होने पर पुलिस एक्शन में

reel on trafic signal in indore

इंदौर में इन दिनों सोशल मीडिया पर रील बनाने का क्रेज इस हद तक बढ़ गया है कि लोग ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालने से भी नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला इंदौर के लेटन चौराहे का है, जहां एक युवती ने फॉलोअर्स बढ़ाने और वायरल होने के चक्कर में बीच चौराहे पर रील शूट की। ALSO READ: 4 साल से अधूरी सड़क के लिए कीचड़ में बैठे पार्षद और रहवासी, विरोध के बाद जागा इंदौर नगर निगम

 

वीडियोग्राफर के साथ पहुंची इस युवती ने ट्रैफिक सिग्नल रेड होते ही जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर अलग-अलग पोज देना शुरू कर दिया। चौराहे पर खड़े वाहन चालक यह देखकर हैरान रह गए कि आखिर युवती को क्या हुआ है? हालांकि, कुछ ही देर में साफ हो गया कि यह सब सिर्फ सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स पाने के लिए किया जा रहा है।

 

ब्लैक और ब्राउन कपड़ों में नजर आई प्रकृति नाम की इस युवती के इंस्टाग्राम पर पहले आठ हजार फॉलोअर्स थे, लेकिन इस रील के बाद उसके फॉलोअर्स की संख्या में अचानक तेजी आ गई।

 

पुलिस ने लिया एक्शन, डीसीपी ने दिए जांच के निर्देश

युवती की इस लापरवाही और सनक को ट्रैफिक पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना शुक्रवार से पहले की बताई जा रही है।

 

गौरतलब है कि जेब्रा क्रॉसिंग पैदल यात्रियों के सुरक्षित सड़क पार करने के लिए बनाई जाती है। ऐसे व्यस्त चौराहे पर फोटो या वीडियो के लिए लेटना स्पष्ट रूप से यातायात नियमों का उल्लंघन है। पुलिस अब इस मामले में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने पर युवती के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। ALSO READ: कुत्‍ता बनकर कलेक्‍टर के सामने पहुंचा शख्‍स, देखकर हर कोई रह गया दंग, वजह भी है चौंकाने वाली

 

याद आया श्रेया का डांस

इससे लोगों को वर्ष 2021 का वह चर्चित मामला याद आ गया, जब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेया कालरा ने विजय नगर क्षेत्र के रसोमा चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल के दौरान डांस कर वीडियो बनाया था। उस समय वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में श्रेया कालरा ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी गलती स्वीकार की, सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। 

US-Canada Trade War: ट्रंप ने कनाडाई सामान पर ठोका 50% टैरिफ, कनाडा ने भी किया टैरिफ वार

US-Canada Trade War: ट्रंप ने कनाडाई सामान पर ठोका 50% टैरिफ, कनाडा ने भी किया टैरिफ वार

US Canada trade war

US-Canada Trade War : अमेरिका और कनाडा के बीच अंतिम दौर की व्यापार वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50% शुल्क लगा दिया है। जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामान पर समान शुल्क लगाने की घोषणा की है। ALSO READ: कभी चीन का 'सुब्रत रॉय सहारा', अब उम्रकैद, Evergrande के Hui Ka Yan की कहानी ने क्यों चौंकाया?

 

3  दिन तक चली बात 

अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। इसके बाद अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कनाडाई उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया।

 

5 फीसदी उत्पादों पर असर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए जाने वाले आयात शुल्क से कनाडा से अमेरिका भेजे जाने वाले कुल उत्पादों में से करीब 5 प्रतिशत प्रभावित होंगे। इनमें हॉकी स्टिक से लेकर जीभ की जांच में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी की छोटी छड़ियां तक शामिल हैं। ALSO READ: भारत में चीनी के दाम बढ़ने से Pakistan को क्यों दिखा फायदा, दिल्ली के फैसले से क्यों हुआ बैचेन

 

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि आज रात कनाडा ने इस सप्ताह की शुरुआत में तय शर्तों के तहत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया। अमेरिका ने कनाडा को हमारे बाजार में किसी भी बड़े निर्यातक के मुकाबले सबसे बेहतर शर्तें देने की पेशकश की थी। इसके बावजूद कनाडा की नई मांगों और कुछ अन्य प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने के कारण संतुलित व्यवस्था बिगड़ गई।

 

क्या बोले कनाडाई पीएम?

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका की प्रस्तावित शर्तों में आखिरी समय में किए गए बदलाव अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदेह थे। उन्होंने आखिरी समय में डील की शर्ते बदलकर उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका जितने मूल्य के कनाडाई सामान पर टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतने ही मूल्य के अमेरिकी सामान पर टैरिफ लगाएगा।

नीरज खंडेलवाल ने किया स्पेस सेक्टर के लिए भारत का पहला FFSC रॉकेट इंजन विकसित

Neeraj Khandelwal FFSC Rocket Engine: राजस्थान के जयपुर जिले के चौमू शहर के निवासी नीरज खंडेलवाल ने भारत के स्पेस सेक्टर के लिए 'Everest' — भारत का पहला FFSC रॉकेट इंजन विकसित करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 

 

नीरज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान Everest और Astrobase के काम के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। एक छोटे से शहर से निकलकर देश के अंतरिक्ष क्षेत्र में कुछ नया और बड़ा करने का प्रयास यह सिर्फ परिवार की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे चौमू शहर के लिए भी गर्व का विषय है।

 

अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता (तुंगा वाले), अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा, खंडेलवाल वैश्य महासभा पत्रिका के मुख्य संपादक राम निरंजन खुटेटा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी तथा कुलसचिव, सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गैंगटोक प्रोफेसर रमेश कुमार रावत, राष्ट्रीय युवा संयोजक शरद फरसोईया सहित अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों और विभिन्न शहरों के अनेक पदाधिकारियों ने नीरज की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। 

उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ! प्राकृतिक बर्फ से बनता है यहां शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ती है भारी भीड़

उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ! प्राकृतिक बर्फ से बनता है यहां शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ती है भारी भीड़

Timrsain Mahadev cave

टिम्मरसैंण महादेव गुफा उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-तिब्बत सीमा के पास नीति घाटी के नीति गांव में स्थित भगवान शिव का एक प्रसिद्ध और पवित्र गुफा मंदिर है। यहां सर्दियों में प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनने से इसे 'उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ' भी कहा जाता है। ALSO READ: बागेश्वर का बागनाथ मंदिर: उत्तर भारत का अनोखा दक्षिणमुखी शिव धाम, सावन में दर्शन का विशेष महत्व

 

सर्दियों के महीनों में बर्फ का शिवलिंग देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पहले यहां जाने के लिए विशेष परमिट लेना पड़ता था, जो अब सुगम है। हालांकि अत्यधिक ठंड और बर्फबारी के कारण यात्रा के समय सतर्कता रखनी पड़ती है।

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, चमोली जनपद की नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा आस्था, आध्यात्मिकता और प्रकृति का अद्भुत संगम है। गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग की आकृति का निर्माण होना इसे विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करता है। चमोली जनपद आगमन पर इस पवित्र स्थल के दर्शन अवश्य करें। ALSO READ: उत्तराखंड का कमलेश्वर महादेव मंदिर, जानें इतिहास, मान्यता और पहुंचने का रास्ता

कैसे पहुंचें टिम्मरसैंण महादेव?

औली और जोशीमठ से लगभग 70 किमी दूर, धौली गंगा घाटी के अंतिम छोर पर बसे नीती गांव के पास टिम्मरसैंण महादेव की गुफा तक पहुंचने के लिए दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश तक ट्रेन से आया जा सकता है। हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचकर पर्यटक बस या टैक्सी से जोशीमठ पहुंच सकते हैं।

जोशीमठ से नीती गांव की दूरी लगभग 80 किमी है। इस मार्ग में ट्रांसपोर्ट सुविधाएं पर्याप्त हैं। जोशीमठ-मलारी हाईवे से तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। ALSO READ: दक्षेश्वर महादेव मंदिर: सावन में क्यों खास है कनखल का यह शिव धाम?

त्योहारों से पहले कड़वी हुई चीनी! खरगे बोले- 9 साल के निचले स्तर पर स्टॉक, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

त्योहारों से पहले कड़वी हुई चीनी! खरगे बोले- 9 साल के निचले स्तर पर स्टॉक, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

mallikarjun kharge attacks modi government on sugar price

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहारों से पहले चीनी के स्टॉक में भारी कमी आई है और कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने दावा किया कि चीनी का स्टॉक 9 माह के निचले स्तर पर है। 3 माह में चीनी 40 प्रतिशत महंगी हुई है। ALSO READ: क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

 

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है।

 

मोदी सरकार से 3 सीधे सवाल:

1. दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी duty-free आयात करने तक कैसे पहुँच गई?

2. तीन महीने में चीनी करीब 40% महँगी हो गई —त्योहारों से पहले जनता पर पड़ी इस महंगाई की मार का जिम्मेदार कौन है?

3. जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो गन्ने और अनाज को E20 के लिए Ethanol बनाने में झोंकने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही? ALSO READ: Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में 20 रुपए महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’?

खरगे ने कहा कि ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’ है? पहले चीनी का उत्पादन घटा, फिर स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर पहुंचा, अब विदेश से चीनी आयात कर रहे हैं — और दूसरी तरफ गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए Ethanol में झोंक रहे हैं!

GSRTC रक्षाबंधन स्पेशल: 26 से 30 अगस्त के बीच चलेंगी 6500 अतिरिक्त बसें; एडवांस बुकिंग शुरू

GSRTC रक्षाबंधन स्पेशल: 26 से 30 अगस्त के बीच चलेंगी 6500 अतिरिक्त बसें; एडवांस बुकिंग शुरू

gsrtc rakhi special bus

त्योहारों के समय यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए GSRTC (गुजरात राज्य मार्ग परिवहन निगम) द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर 6500 अतिरिक्त बसें चलाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। निगम द्वारा 26 से 30 अगस्त के दौरान राज्यभर में विभिन्न मार्गों पर इन अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा, ताकि यात्रियों को समय पर और सुविधाजनक बस सेवा मिल सके।

 

यात्रियों की मांग के अनुसार तुरंत रवाना की जाएंगी बसें 

यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए निगम द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। त्योहार के दिनों में बस स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ और मांग के आधार पर संबंधित मार्गों पर तुरंत अतिरिक्त बसें रवाना की जाएंगी। इसके अलावा, लोग पहले से ही अपनी यात्रा की योजना बना सकें, इसके लिए एडवांस बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

 

प्रमुख तीर्थ स्थलों और शहरों के रूट शामिल 

ये अतिरिक्त बसें राज्य के प्रमुख शहरों जैसे अहमदाबाद, गोधरा, वडोदरा, पालनपुर, नडियाद, सूरत, राजकोट, जूनागढ़, पोरबंदर और वलसाड के लिए चलाई जाएंगी। इसके साथ ही पावागढ़ सहित विभिन्न प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और तीर्थ स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष बसों की सुविधा प्रदान की जाएगी।

 

पिछले साल 3.33 लाख यात्रियों ने उठाया था लाभ

 त्योहारों के समय GSRTC की अतिरिक्त बस सेवा को यात्रियों की ओर से हर साल भारी प्रतिक्रिया मिलती है। पिछले साल भी रक्षाबंधन के त्योहार पर निगम द्वारा 6,402 अतिरिक्त ट्रिप चलाई गई थीं, जिनका लाभ 3.33 लाख से अधिक यात्रियों ने उठाया था। इस साल भी यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

बाढ़ राहत कार्यों को लेकर योगी सरकार अलर्ट, राहत कार्यों पर पैनी नजर

बाढ़ राहत कार्यों को लेकर योगी सरकार अलर्ट, राहत कार्यों पर पैनी नजर

 

 

 

 

 

 

प्रदेश में सरयू-घाघरा सहित अन्य नदियों के उफान के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार की सजगता से बाढ़ राहत कार्य पूरी तत्परता के साथ संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फर्रूखाबाद, बलिया एवं बहराइच में चल रहे बाढ़ राहत कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का लाइव जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावितों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

राहत आयुक्त ने शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। फर्रूखाबाद के रहमानिया इंटर कॉलेज स्थित राहत शिविर में उन्होंने बाढ़ प्रभावित अब्दुल गफ्फार खान से बातचीत की, जिन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ 1 अगस्त से शिविर में रह रहे हैं और उन्हें भोजन, पानी, साफ-सफाई तथा दवाओं सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिल रही हैं।

बहराइच में राहत आयुक्त ने उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी से मिहपुरवा स्थित कम्पोजिट विद्यालय आनन्द नगर बरखड़िया के राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और प्रभावित शिवकुमार निषाद से संवाद किया। शिवकुमार ने बताया कि शिविर में चारपाई, गद्दा, नाश्ता एवं भोजन सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जलस्तर घटने के साथ ही प्रभावित परिवार अब अपने घरों को लौटने लगे हैं, जिन्हें प्रशासन राशन किट सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रहा है।

बलिया में उप जिलाधिकारी, बैरिया से गोपल नगर टांडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैरिया स्थित राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए राहत आयुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित पप्पू यादव से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि शिविर में तीनों समय भोजन, स्वच्छ पानी, साफ-सफाई एवं दवाओं की समुचित व्यवस्था है तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

समीक्षा के दौरान राहत आयुक्त ने तीनों जनपदों के अधिकारियों को राहत शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं निरंतर उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया।
 

अयोध्या-आजमगढ़ में भी सतर्कता, राहत कार्य युद्धस्तर पर
 

राहत आयुक्त की समीक्षा के साथ-साथ प्रदेश के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अयोध्या में सरयू (घाघरा) नदी के जलस्तर में वृद्धि के बावजूद प्रशासन की सक्रियता से बड़े नुकसान से बचा जा सका है। जनपद के 11 गांव वर्तमान में बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां अब तक कुल 2370 राहत किट, 1450 लंच पैकेट तथा पशुओं के लिए 350 कुंतल भूसा वितरित किया जा चुका है। जिले में 14 बाढ़ शरणालयों में से सहारा बाग शरणालय में 100 प्रभावित लोग रह रहे हैं, जबकि 10 बाढ़ चौकियों से 18 नावों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की 37 टीमों ने 1224 ओआरएस पैकेट और 2912 क्लोरीन टैबलेट बांटे हैं, वहीं पशु चिकित्सा विभाग की 21 टीमें टीकाकरण शिविर लगा रही हैं। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 0.310 मीटर ऊपर 93.040 मीटर दर्ज किया गया है।

आजमगढ़ में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। उल्टहवा गेज पर जलस्तर 76.30 मीटर तक पहुंच गया है, जो 76.60 मीटर के निशान के निकट है। इस्माइलपुर, बदरहुआ एवं डिघिया गेजों पर भी जलस्तर बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं। हालांकि टोंस नदी की स्थिति स्थिर बनी हुई है। योगी सरकार की सक्रिय व्यवस्था के चलते प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है, और प्रभावितों तक राहत सामग्री समय पर पहुंचाई जा रही है।