बाढ़ में घायल 53 साल की हथिनी ‘जॉयमोती’ का एयरलिफ्ट, इलाज के लिए वनतारा पहुंची, भारत में पहली बार हुआ ऐसा रेस्क्यू

बाढ़ में घायल 53 साल की हथिनी ‘जॉयमोती’ का एयरलिफ्ट, इलाज के लिए वनतारा पहुंची, भारत में पहली बार हुआ ऐसा रेस्क्यू

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जुलाई की भीषण बाढ़ में बहकर गंभीर रूप से घायल हुई 53 वर्षीय हथिनी जॉयमोती को विशेष इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर जामनगर स्थित वनतारा पहुंचाया गया है। नागालैंड में बाढ़ के तेज पानी में बहने के बाद स्थानीय लोगों और सरकारी एजेंसियों की मदद से उसे बचाया गया था। जॉयमोती के शरीर पर कई गंभीर घाव हैं, उसकी दाहिनी आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और पुरानी चोट के कारण पिछले पैर में भी लंगड़ापन है।

 

स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी उम्र, गंभीर चोटों और चलने-फिरने में परेशानी को देखते हुए विशेष अस्पताल में इलाज की जरूरत थी। वनतारा में अब उसकी विस्तृत चिकित्सा जांच के साथ आंख और अन्य चोटों का विशेष उपचार किया जा रहा है। पोषण और दूसरी जरूरी देखभाल भी दी जाएगी।

 

गंभीर रूप से घायल हाथी को अस्पताल में इलाज के लिए विमान से पहुंचाना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास बताया गया है। जॉयमोती को सड़क के लंबे और थकाऊ सफर से बचाने के लिए एयरलिफ्ट किया गया। यात्रा के दौरान उसकी सेहत, आराम और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया।

 

वनतारा ने स्पष्ट किया है कि जॉयमोती को जामनगर लाना स्थायी स्थानांतरण नहीं है। उसे केवल विशेष और जरूरी इलाज के लिए यहां लाया गया है। वनतारा ने असम में हाथियों के लिए एक समर्पित केंद्र समेत तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि भविष्य में घायल वन्यजीवों को उनके क्षेत्र के करीब ही बेहतर इलाज मिल सके।

भारत में चीनी के दाम बढ़ने से Pakistan को क्यों दिखा फायदा, दिल्ली के फैसले से क्यों हुआ बैचेन

भारत में चीनी के दाम बढ़ने से Pakistan को क्यों दिखा फायदा, दिल्ली के फैसले से क्यों हुआ बैचेन

bihar minister shravan kumar on sugar price

पाकिस्तान की चीनी इंडस्ट्री अब अपने अतिरिक्त चीनी स्टॉक के लिए भारत को संभावित बाजार के तौर पर देख रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब भारत सरकार ने घरेलू कीमतों में तेजी के बीच 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी है। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के चलते दोनों देशों के बीच सीधा व्यापार अभी ठप है।

 

पाकिस्तान के अखबार द न्यूज इंटरनेशनल ने रिपोर्ट किया कि पाकिस्तान शुगर मिल्स एसोसिएशन (PSMA) के एक वरिष्ठ सदस्य ने सरकार से भारत को अतिरिक्त चीनी निर्यात करने की संभावनाएं तलाशने की अपील की है।

 

भारत के आयात फैसले से पाकिस्तान को दिखी उम्मीद

 

भारत सरकार ने गुरुवार (20 अगस्त) को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना है।

 

भारत का यह फैसला चीनी बाजार के लिए अहम बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि देश का चीनी बाजार लंबे समय से आयात को लेकर काफी हद तक संरक्षित रहा है। इसी बीच पाकिस्तान की चीनी मिलों को उम्मीद है कि भारत की बढ़ी हुई आयात मांग उसके अतिरिक्त स्टॉक को खपाने का रास्ता खोल सकती है।

 

पाकिस्तान के पास 12 लाख टन अतिरिक्त चीनी

 

PSMA के वरिष्ठ सदस्य और Hunza Sugar Mills Ltd के प्रतिनिधि चौधरी मुहम्मद वहीद ने पाकिस्तान सरकार से भारत को अतिरिक्त चीनी निर्यात की अनुमति देने की मांग की है। वहीद के मुताबिक, पाकिस्तान की चीनी इंडस्ट्री के पास 12 लाख टन से ज्यादा अतिरिक्त चीनी का स्टॉक मौजूद है। इससे मिलों पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर अगले गन्ना पेराई सीजन से पहले।

 

इंडस्ट्री को आशंका है कि अगर अगली फसल भी बंपर रही तो चीनी का भंडार और बढ़ सकता है। इससे मिलों के लिए किसानों से अगली गन्ने की फसल खरीदना मुश्किल हो सकता है।

 

भारत को चीनी निर्यात से पाकिस्तान को क्या फायदा?

 

वहीद ने कहा कि पाकिस्तान की भारत से भौगोलिक नजदीकी उसे दूर के निर्यात बाजारों की तुलना में फ्रेट कॉस्ट का फायदा दे सकती है। भारत को चीनी निर्यात करने से पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा हासिल करने, चीनी मिलों की नकदी स्थिति सुधारने और भंडारण लागत घटाने में मदद मिल सकती है।

 

इसके अलावा, इससे चीनी मिलों को गन्ना किसानों को समय पर भुगतान करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

 

पाकिस्तानी चीनी उद्योग का यह भी मानना है कि दोनों देशों के बीच चीनी व्यापार शुरू होने से आर्थिक संबंधों के लिए कम से कम एक नया रास्ता खुल सकता है।

 

भारत-पाकिस्तान व्यापार में बड़ी अड़चन

हालांकि, फिलहाल पाकिस्तान भारत को चीनी भेजने की कोई मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार व्यवस्था तैयार नहीं कर रहा है। पाकिस्तान की चीनी इंडस्ट्री सिर्फ सरकार से ऐसे निर्यात की अनुमति देने की मांग कर रही है। भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और सुरक्षा तनाव के कारण सीधा द्विपक्षीय व्यापार पहले से ही प्रभावित है। अटारी-वाघा बॉर्डर और हवाई मार्ग बंद हैं। ऐसे में पाकिस्तान से भारत को चीनी की वास्तविक खेप भेजने के लिए दोनों सरकारों की मंजूरी और व्यापार के लिए जरूरी व्यवस्था तैयार करना अनिवार्य होगा।

राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने के बाहर धरना: पैलेट गन पीड़ित के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता, भाजपा ने बताया अराजकता की राजनीति

राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने के बाहर धरना: पैलेट गन पीड़ित के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता, भाजपा ने बताया अराजकता की राजनीति

rahul gandhi protest outside sansad marg police station

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचन के साथ संसद मार्ग थाने के पास धरने पर बैठ गए। उन्होंने एफआईआर दर्ज होने तक धरना समाप्त नहीं करने का एलान किया। इस मामले में भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए इस प्रदर्शन को अराजकता की राजनीति करार दिया। ALSO READ: NEET छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल पर राहुल गांधी सख्त, FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने में धरने पर बैठे

 

भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता, राहुल गांधी, उस राजनीति में लिप्त हैं जिसे हम अराजक राजनीति कहते हैं। वह वर्तमान में बिना किसी अनुमति या पूर्व सूचना के संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरने पर बैठे हैं।

 

उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें सूचित कर दिया है कि उनके द्वारा उल्लिखित घटना के संबंध में पहले ही एक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मामले की जांच चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है।

 

भाजपा नेता ने कहा कि हम राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस इस समय जो कर रही है, उसकी कड़ी निंदा करते हैं। यह वंदे मातरम् मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास है। वे कोई नियम कानून नहीं मानते। ALSO READ: वंदे मातरम् पर फिर घमासान: 150 साल पुराने गीत में आज का भारत क्या खोज रहा है?

 

3 घंटे से धरने पर राहुल गांधी

राहुल गांधी पिछले 3 घंटे से दिल्ली के संसद मार्ग थाने के कैंपस में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि पैलेट गन के मामले में एफआईआईआर दर्ज जब तक नहीं किया जाएगा, वो यहां से नहीं जाएंगे। उन्हें पुलिसकर्मी मनाने की कोशिश कर रहे हैं। थाने में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

 

पुलिस के सूत्रों के मुताबिक साहिल ने जो अभी शिकायत दी है वो ले ली गई है। जंतर मंतर पर हिंसा से जुड़े मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है, इसलिए इस शिकायत को भी क्राइम ब्रांच को सौंपा जाएगा।

क्या बोला पैलेट गन से घायल साहिल?

साहिल लोचन ने कहा कि 20 जुलाई को मुझ पर कनॉट प्लेस के पास पैलेट गन से हमला हुआ। इस घटना के बाद मुझे लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहां से AIIMS रेफर कर दिया गया, जहां मेरी दो सर्जरी हुई। सर्जरी के बाद भी मुझे आंख से साफ दिखाई नहीं दे रहा है। मैंने 14 अगस्त को 7 पेज की शिकायत लिखकर अपने वकील को दी, लेकिन अबतक FIR दर्ज नहीं की गई है।

कुत्‍ता बनकर कलेक्‍टर के सामने पहुंचा शख्‍स, देखकर हर कोई रह गया दंग, वजह भी है चौंकाने वाली

कुत्‍ता बनकर कलेक्‍टर के सामने पहुंचा शख्‍स, देखकर हर कोई रह गया दंग, वजह भी है चौंकाने वाली

Dogs

खंडवा जिले में (इंदौर संभाग के अंतर्गत) कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में एक अनोखी घटना देखने को मिली, जहां एक युवक कुत्ते का मुखौटा (डॉगी मास्क) पहनकर कलेक्‍टर के पास पहुंच गया। दरअसल, यह अनोखा प्रदर्शन नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक (मुल्लू) राठौर के नेतृत्व में किया गया।

क्‍यों किया ऐसा : प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चार साल में नसबंदी पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कुत्तों की संख्या कम नहीं हुई और इस दौरान 13,000 से अधिक लोगों को कुत्तों के काटने के मामले सामने आए हैं। ऐसे यह प्रशासन की पूरी तरह से नाकामी है।

इंसानों की नहीं सुनी तो यह खुद अपनी लड़ाई लड़ेगा : मुल्लू राठौर ने कहा कि यह कुत्ता दिल्ली से पढ़कर आया है और इसने कहा है कि अब वह खुद जाकर एफआईआर करवाएगा। इसके बाद कार्रवाई होगी या नहीं, यह देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम को यह भी पता नहीं है कि कुत्तों का बधियाकरण बंद है या चालू।

यह कुत्ता खुद अपनी लड़ाई लड़ेगा : उन्होंने कहा कि जब नगर निगम इंसानों की समस्याएं नहीं सुन रहा है तो अब यह कुत्ता खुद अपनी लड़ाई लड़ेगा। राठौर ने कानूनी कार्रवाई करने और हाईकोर्ट तक जाने की बात भी कही।

कुत्तों के नाम पर 40 लाख का घोटाला : नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने आरोप लगाया कि खंडवा नगर निगम ने कई मामलों में रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि पहले नाश्ते के नाम पर साढ़े चार करोड़ रुपये और अब कुत्तों के नाम पर 40 लाख रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है।

चार साल में 13,225 लोगों को कुत्तों ने काटा : राठौर ने दावा किया कि पिछले चार साल में 13,225 लोगों को कुत्तों ने काटा है। उन्होंने कहा कि डॉग बाइट की समस्या को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर नजर नहीं आया। नगर निगम की व्यवस्थाओं से केवल इंसान ही नहीं, बल्कि जानवर भी परेशान हैं।

बता दें कि शहर में डॉग बाइट की बढ़ती समस्या और कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर हो रही गड़बड़ी के विरोध में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने जो अनोखा तरीका अपनाया उसकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।

चीनी की बढ़ती कीमतों पर बोले मंत्री श्रवण कुमार, कहा- ‘मिठाई कौन खाता है, आजकल तो सबको डायबिटीज है’

चीनी की बढ़ती कीमतों पर बोले मंत्री श्रवण कुमार, कहा- ‘मिठाई कौन खाता है, आजकल तो सबको डायबिटीज है’

sugar rates increasing in india

बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर ऐसा बयान दिया, जिस पर अब चर्चा हो रही है। चीनी के दाम बढ़ने से आम लोगों पर पड़ने वाले असर के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इससे ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आजकल लोग वैसे भी कम चीनी का सेवन कर रहे हैं। ALSO READ: क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

 

क्या बोले श्रवण कुमार

श्रवण कुमार ने कहा कि आजकल लोग कई तरह की बीमारियों से परेशान हैं और बड़ी संख्या में लोग डायबिटीज से जूझ रहे हैं। ऐसे में लोग मिठाई और चीनी का इस्तेमाल पहले की तुलना में कम कर रहे हैं। उनका कहना था कि चीनी के दाम बढ़ने से लोगों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

 

मंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आजकल लोग मिठाई खाने से भी परहेज करते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘मिठाई कौन खाता है आजकल’, क्योंकि लोगों को डायबिटीज की बीमारी हो रही है।

 

मंत्री ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण चीनी की खपत में कमी आई है। हालांकि, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ सीधे तौर पर चीनी खरीदने वालों पर ही नहीं, बल्कि मिठाई, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

बहरहाल श्रवण कुमार के इस बयान के बाद चीनी की कीमतों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में मंत्री की टिप्पणी को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। खास तौर पर बढ़ती महंगाई के बीच चीनी की कीमतों को लेकर दिए गए इस बयान पर कई लोग चुटकी लेते नजर आ रहे हैं।

70 रुपए किलो है दाम

गौरतलब है कि इन चीनी के दाम आसमान पर है। पिछले 15 दिनों में इसकी कीमतों में 20 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है। रिटेल में चीनी 70 रुपए प्रति किलो मिल रही है। सरकार ने बढ़ती किमतों पर लगाम लगाने के लिए इस पर आयात शुल्क नहीं लगाने का फैसला किया है। साथ ही इसका स्टॉक रखने पर भी पाबंदी लगाई है। ALSO READ: Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में 20 रुपए महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

इंदौर के होटल सयाजी में खाद्य विभाग का छापा, नहीं मिला फाइव स्टार FSSAI लाइसेंस, किचन में कॉकरोच और चूहे भी

इंदौर के होटल सयाजी में खाद्य विभाग का छापा, नहीं मिला फाइव स्टार FSSAI लाइसेंस, किचन में कॉकरोच और चूहे भी

Sayaji

इंदौर के सयाजी होटल पर खाद्य विभाग ने छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में जांच के दौरान फूड स्टोरेज में चूहे और किचन व फूड प्रिपरेशन एरिया में कॉकरोच मिले। इतना ही नहीं, करीब 66 किलो नॉनवेज बिना उचित पैकिंग और लेबलिंग के रखी मिली पाई गई। हैरान करने वाली बात तो यह है कि होटल के पास सेंट्रल FSSAI फाइव स्टार लाइसेंस भी नहीं है। ये अनियमितता गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान सामने आई है। खाद्य विभाग की टीम ने करीब पांच घंटे होटल के किचन का निरीक्षण किया।

खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि टीम को जांच के दौरान फूड स्टोरेज में चूहे दिखाई दिए और पैलेट के नीचे भी उनकी मौजूदगी के संकेत मिले। किचन और फूड प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म पर कॉकरोच एवं चूहों द्वारा फैलाई गई गंदगी मिली। ड्राय स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें थीं। गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी। पीने के पानी के बर्तनों के पास रखे डस्टबिन में भी दोनों तरह का कचरा एक साथ मिला।

इंदौर के सयाजी होटल में खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण के दौरान करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना पैकिंग डेट के मिली। इसके अलावा खाद्य सामग्री के गलत तरीके से स्टोरेज, तापमान मेंटेन न करने, किचन में कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी, सड़ी खाद्य सामग्री, फंगस और बिना लेबल वाले उत्पाद जैसी कई अनियमितताएं सामने आईं। कुल मिलाकर खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर भी कई खामियां सामने आईं।

वेज और नॉनवेज एक साथ स्‍टोर : निरीक्षण के दौरान पाया गया कि होटल में खाद्य सामग्री का निर्धारित तापमान मेंटेन नहीं किया जा रहा था। वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक ही कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था। सी-फूड, चिकन और मटन को भी एक साथ स्टोर किया गया था। उबले हुए आलू पर एक्सपायरी डेट की टैगिंग मिली, जबकि कुछ टेट्रापैक लीक मिले, जिससे खाद्य सामग्री के दूषित होने की आशंका जताई गई। टीम को पैक्ड कुल्फी भी मिली, जिस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दर्ज नहीं था। वहीं, स्टोर में फ्रोजन डेजर्ट रखा मिला, जबकि होटल के मेन्यू में उसे आइसक्रीम के रूप में दर्शाया गया था। कई खाद्य उत्पाद बिना लेबल के भी पाए गए।

किचन में भी खामियां : स्वच्छता व्यवस्था की जांच के दौरान ड्राई स्टोरेज और नॉनवेज स्टोरेज में जंग लगी सामग्री मिली। फूड प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म पर भी जंग और रस्ट पाया गया। किचन और स्टोरेज एरिया में कॉकरोच और चूहों की लीद मिलने के साथ ही चूहे भी पाए गए। ड्राई स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें मिलीं। स्टोर में सड़े हुए टमाटर और आलू तथा मूंगफली में फंगस भी पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई खाद्य सामग्री दीवार से सटाकर और बड़ी मात्रा में सामग्री बिना पैलेट के सीधे जमीन पर रखी गई थी। पैलेट के नीचे गंदगी मिली। ग्रेवी को रूम टेम्परेचर पर स्टोर किया गया था। डस्टबिन में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था भी नहीं मिली।

NEET छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल पर राहुल गांधी सख्त, FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने में धरने पर बैठे

NEET छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल पर राहुल गांधी सख्त, FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने में धरने पर बैठे

Rahul Gandhi Dharana: संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच घमासान तेज हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ित छात्र साहिल लोचव को न्याय दिलाने के लिए खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे। जब पुलिस ने पीड़ित की एफआईआर (FIR) दर्ज करने से इनकार कर दिया, तो राहुल गांधी अपने वकील और कांग्रेस नेताओं के साथ थाने के भीतर ही धरने पर बैठ गए।

FIR पर अड़े राहुल गांधी

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के रहने वाले पीड़ित छात्र साहिल लोचव 14 अगस्त को वकीलों के साथ पुलिस शिकायत दर्ज कराने गए थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद साहिल ने राहुल गांधी से संपर्क किया। साहिल पहले भी राहुल गांधी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पेलेट गन से लगे अपने जख्म मीडिया को दिखा चुके हैं। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए राहुल गांधी खुद साहिल और उनके परिवार के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने जॉइंट सीपी नूपुर सिंह और डीसीपी से मुलाकात कर तत्काल केस दर्ज करने को कहा। केस दर्ज न होने पर राहुल गांधी थाने में ही धरने पर बैठ गए और स्पष्ट किया कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, वह वहां से नहीं हटेंगे। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी इस मामले में मीडिया से भी बात कर सकते हैं। 

क्या कहा कांग्रेस ने?

कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा- अमित शाह ने देश के बच्चों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया, जिसमें साहिल की आंख में पैलेट लगने से गंभीर चोट आई। साहिल और उसकी मां FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस के पास जाते रहे, लेकिन पुलिस इसे नज़रअंदाज़ करती रही। ALSO READ: पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

 

इसलिए, आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साहिल और उसकी मां के साथ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और जांच के बारे में जानकारी मांगी। साहिल की शिकायत पर कोई 'इन्वेस्टिगेशन नंबर' भी नहीं दिया गया है, जिसके बिना FIR दर्ज की जा सकती है।  AIIMS की ओर से साहिल की MLC (मेडिको-लीगल केस) रिपोर्ट भी नहीं दी गई है, जिसे शिकायत और FIR के साथ जोड़ा जा सकता था। यह सरासर अन्याय है।  अमित शाह और दिल्ली पुलिस, कान खोलकर सुन लें—यह तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हम पूरी ताक़त से लड़ते रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने गठित की उच्च स्तरीय जांच समिति

दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति (HPEC) का गठन किया है। यह समिति 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच करेगी। इस जांच समिति में पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी, पूर्व जस्टिस रवि शंकर झा (पूर्व मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट), पूर्व जस्टिस शालिंदर कौर (पूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय), ऋषि कुमार शुक्ला (पूर्व निदेशक, सीबीआई), एलआर बिश्नोई (पूर्व डीजीपी, मेघालय) शामिल हैं। 

 

क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

tax free Sugar Import in India

आगामी त्यौहारी सीजन (गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली) से ठीक पहले देश में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। Mint की रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 10 लाख मीट्रिक टन (1 Million Tonnes) कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात (Duty-Free Import) की अनुमति दे दी है। ALSO READ: Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में 20 रुपए महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

 

1. आयात करने की नौबत क्यों आई?

गन्ने के उत्पादन और स्टॉक में कमी: मानसून की अनिश्चितता और चीनी सत्र (2025-26) में गन्ने की पैदावार पर असर पड़ने से चीनी मिलों के पास शुरुआती स्टॉक (Opening Stock) कम रहने का अनुमान है।
एथेनॉल निर्माण में इस्तेमाल: गन्ने के रस और सीरे का एक बड़ा हिस्सा पेट्रो-ईंधन में मिलाने वाले एथेनॉल (Ethanol) बनाने में डायवर्ट किया गया, जिससे शुद्ध चीनी उत्पादन में थोड़ी गिरावट आई।
त्यौहारी मांग: अगस्त से नवंबर के बीच मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड की मांग सबसे ज्यादा होती है। बाजार में चीनी की कमी की आशंका से थोक कीमतें बढ़ने लगी थीं।

  

2. निर्यात से आयात का सफर: जिम्मेदार कौन?

भारत यूएई, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे देशों को चीनी निर्यात कर विदेशी मुद्रा कमाता रहा है। हालांकि, स्थिति अचानक नहीं बदली:

अनुमान में चूक और निर्यात अनुमति: सरकार ने सत्र की शुरुआत में करीब 8 लाख टन से अधिक चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। जब domestic स्टॉक कम होने लगा, तब मई में निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगाई गई।

जमाखोरी पर कसता शिकंजा: सरकार ने बड़े खरीदारों (जैसे कोल्ड ड्रिंक्स और कंफेक्शनरी कंपनियों) के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी है ताकि बाजार में कृत्रिम किल्लत न पैदा हो।  

 

3. क्या होगा आम जनता पर असर?

100% कस्टम ड्यूटी हटाने का उद्देश्य यही है कि विदेशों से आने वाली कच्ची चीनी भारत में रिफाइन होकर घरेलू बाजार में सही दामों पर उपलब्ध हो सके। सरकार का लक्ष्य खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखना है, जिससे आम उपभोक्ता को त्यौहारी सीजन में अचानक आई महंगाई का सामना न करना पड़े।

वंदे मातरम पर राष्ट्रवाद की सियासत!, किसका फायदा, किसका नुकसान?

वंदे मातरम पर राष्ट्रवाद की सियासत!, किसका फायदा, किसका नुकसान?

भारतीय जनता पार्टी के वंदे मातरम पर देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस के वंदे मातरम के केवल एक अंतरे (दो पद) को पार्टी के कार्यक्रमों के गाने के फैसले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के तीखे हमले के बाद इस पर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले  रही है। कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर यह फ़ैसला ऐसे समय किया जब स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में भाजपा ने सोनिया गांधी पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगाया था। 
 
कांग्रेस वर्किंग कमेटी में वंदे मातरम के गाने के फैसले पर गृहमंत्री अमित शाह की आपत्ति पर  कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दिखावटी राष्ट्रवाद का आरोप लगाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे है।
 
वंदे मातरम पर विवाद की शुरुआत कैसे?- वंदे मातरम पर नए विवाद पर स्वतंत्रता दिवस पर नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम मे वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी के व्यवहार को लेकर हुई। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम को बीच में रोकने की कोशिश की। इसके बाद बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के नेताओं ने वंदे मातरम के गायन का मुद्दा उठाया था।
 
बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के दो पद गाने की बात कही। इसके लिए खरगे ने  28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से पारित प्रस्ताव का हवाला दिया।
 
दरअसल 1937 में कोलकाता मे हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में वंदेमातम को लेकर चर्चा हुई और एक प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव को तैयार करने में जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, गोविंद बल्लभ पंत और आचार्य नरेंद्र देव जैसे नेताओं की भूमिका थी। यह प्रस्ताव गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर तैयार किया गया था।
 
25 जनवरी 1950 को संविधान सभा की आखिरी बैठक में संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की थी कि ‘जन गण मन’ देश का राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत होगा। उन्होंने कहा कि ‘जन गण मन’ में भी पांच में से केवल एक अंतरे को राष्ट्रगान के तौर पर अपनाया गया है।
 
अमित शाह ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत से जोड़ा- कांग्रेस कार्यसमिति में वंदेमातरम पर हुए इस फैसले को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत से जोड़ दिया। मीडिया एजेंसी से चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि “कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के रिजोल्यूशन को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है”।
 
अमित शाह ने आगे कहा कि “मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ। आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है। इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है”।

अमित शाह ने आगे कहा कि “कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए।  आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के रिजोल्यूशन को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है”।
 
वहीं केंद्रीय शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के खिलाफ तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि वंदे मातरम को अधूरा गाने का फैसला देश की भावना और राष्ट्रगीत का अपमान है। उन्होंने कहा  कि यह किसी पार्टी का नहीं बल्कि भारत माता के सम्मान का प्रश्न है। शिवराज सिंह ने कहा कि जो गीत स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा, उसे पूरा गाना हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ दल देश की एकता और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को भी राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ देते हैं।
 
कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार-भाजपा के वंदे मातरम के मुद्दें को राजनीतिक तूल देने पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर को लेकर एक अलग राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दे का राजनीतिकरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और सरकार की कथित नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है, जिसमें छात्रों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
 
कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस पूरे विवाद में कानूनी पहलू सामने रखा है। कानून को उसकी मौजूदा स्थिति के हिसाब से देखा जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक और निजी कार्यक्रमों के बीच अंतर बताया। सिंघवी के मुताबिक मौजूदा कानून सरकारी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन से जुड़ी बात करता है। पार्टी के आंतरिक कार्यक्रमों के बारे में उसमें वैसी स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। यही तर्क कांग्रेस के उस फैसले को समझने की कोशिश में अहम हो जाता है, जिस पर अब पार्टी के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आ रही है।

LIVE: संसद मार्ग पुलिस थाने पर राहुल गांधी का धरना, पैलेट गन मामले में FIR की मांग

LIVE: संसद मार्ग पुलिस थाने पर राहुल गांधी का धरना, पैलेट गन मामले में FIR की मांग

rahul gandhi Latest News Today Live Updates in Hindi : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में शिकायत दर्ज कराने संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे। पल पल की जानकारी…

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने वंदे मातरम् विवाद पर कहा कि उस समय महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और पंडित नेहरू जैसे नेताओं ने कुछ निर्णय लिए थे। ये लोग आज उन्हें बदलना चाहते हैं। आज बहुत से मुद्दे हैं। आज नौजवान सड़कों पर हैं। ये ऐसे मुद्दे लेकर आते हैं जिनका कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस पार्टी के इतिहास और बलिदान को कौन नकार सकता है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट है कि 1937 में हमारी पार्टी ने जिस बात को रखा था, उसी को हमारी पार्टी रख रही है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी से मुलाकात की।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शिकायत दर्ज कराने के लिए संसद मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित DCP कार्यालय पहुंचे। जंतर मंतर पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में FIR की मांग।

-पैलेट गन से घायल शख्स के साथ एफआईआर दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचे राहुल गांधी। 

-राहुल गांधी ने साहिल को मीडिया के सामने लाकर दावा किया था कि 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षा बलों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।

-घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर यह दावा किया था कि प्रदर्शनकारियों पर किसी भी तरह की पैलेट गन या छर्रों का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

डीसीपी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी। पैलेट गन से घायल छात्र का परिवार भी साथ।