
H1N1 Strain Update: देशभर के अस्पतालों में इन दिनों बदलते मौसम और मानसून के चलते फ्लू और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा देखा जा रहा है। राजधानी दिल्ली से लेकर बेंगलुरु और मुंबई तक स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामलों के बढ़ने से लोगों के मन में डर बैठ गया था कि क्या कोई नया म्यूटेंट या खतरनाक वायरस देश में पैर पसार रहा है। लेकिन अब देश की सर्वोच्च चिकित्सा अनुसंधान संस्था ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) ने इस पर आधिकारिक बयान जारी कर सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है। ALSO READ: H1N1 Cases: दिल्ली-NCR में 1,700 से ज्यादा मामले, मुंबई में भी तेजी, बच्चों में फ्लू जैसे लक्षण बढ़े, जानें बचाव और कब कराएं टेस्ट
क्या कहती है आईसीएमआर की रिपोर्ट
ICMR के वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि भारत में इन दिनों जो Influenza A (H1N1) वायरस एक्टिव हैं, वह कोई नया स्ट्रेन नहीं है। यह वायरस असल में A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09-like स्ट्रेन से मेल खाता है, जो कि क्लेड (Clade) 6B.1A.5a2a और सबकलेड D.3.1.1 के अंतर्गत आता है। इससे घबराने की जरूत नहीं है। यह स्ट्रेन साल 2025 से ही देश में सर्कुलेशन में है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में फैल रहे इन फ्लू स्ट्रेन पर उत्तरी गोलार्ध के लिए अनुशंसित मौजूदा वैक्सीन पूरी तरह प्रभावी और मेल खाने वाली हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने हाल ही में देश में मौसमी बीमारियों और अस्पताल की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान नमी, तापमान में उतार-चढ़ाव और भीड़-भाड़ वाले इनडोर स्थानों की वजह से मौसमी फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी आम बात है। दिल्ली और कर्नाटक जैसे राज्यों में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है और अस्पतालों में पर्याप्त बेड व दवाइयां उपलब्ध हैं। ALSO READ: सावधान! क्या आपको भी है तेज बुखार और खांसी? नजरंदाज न करें H1N1 का यह खतरा
फ्लू के मुख्य लक्षण और बचाव के उपाय
मौसमी फ्लू आमतौर पर स्वतः ठीक होने वाला (Self-limiting) होता है, फिर भी इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
मुख्य लक्षण: तेज बुखार, लगातार खांसी, सिरदर्द और बदन दर्द। किन्हें है ज्यादा खतरा? छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी (जैसे डायबिटीज या दिल के रोग) से पीड़ित लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या रखें सावधानी?
- ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें।
- अपने हाथों से बार-बार अपनी आंख, नाक या मुंह को न छूएं।
डॉक्टर से संपर्क कब करें: यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तबीयत ज्यादा बिगड़े या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। उचित आराम और समय पर देखभाल से मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं।


