भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…

3200 करोड़ के अवैध लेनदेन के आरोपी महफूज का बेटा गिरफ्तार, लूट की तफ्तीश से खुली थी पोल

 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन से जुड़े मामले में पुलिस ने पांच महीने से फरार 25 हजार रुपये के इनामी  फैज को गिरफ्तार कर लिया। फैज मुख्य आरोपी महफूज उर्फ पप्पू छुरी का बेटा है। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा फरवरी में हुई 24 लाख रुपये की लूट की जांच के दौरान हुआ था।

PoK में प्रदर्शन, लोग बोले- हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं:₹1 करोड़ का इनामी शौकत नवाज गिरफ्तार; JAAC के 600 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता हिरासत में

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। उन्हेंने ऐलान किया कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, JAAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर को दो साथियों के साथ धीरकोट के सांगर फत्तारे इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। PoK में JAAC के 600 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है। शौकत नवाज मीर समेत JAAC के नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना देने वालों के लिए पाकिस्तान सरकार ने ₹1 करोड़ के इनाम की घोषणा की थी। प्रदर्शनकारी बोले- हमें नहीं, पाकिस्तान को हमारी जरूरत प्रदर्शन के दौरान JAAC नेता सरदार अमन खान ने कहा, ‘हमें आपके राशन की जरूरत नहीं, आपको हमारी जरूरत है। अगर जरूरी सामान की सप्लाई बंद रही तो लोग जिंदा रहने के लिए दूसरा रास्ता चुनने को मजबूर होंगे।’ उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार आंदोलन को दबाने के लिए जानबूझकर जरूरी सामान की सप्लाई रोक रही है। महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, अब राजनीतिक मुद्दा बना रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलन महंगाई, खाद्य संकट, बढ़ती कीमतों और स्थानीय प्रशासन के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। अब यह पाकिस्तान सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध का रूप ले चुका है। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रावलाकोट और मीरपुर के लोगों को ‘असल कश्मीरी नहीं’ बताया था। इसके बाद विरोध और बढ़ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, JAAC के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत केस भी दर्ज किए गए हैं। सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इंटरनेट बंद, 22 मौतों का दावा रिपोर्ट के मुताबिक, जून की शुरुआत से PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सीमित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ऐसा आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो बाहर जाने से रोकने के लिए किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले दो हफ्तों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है। PoK में 27 जुलाई को चुनाव होंगे गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं।

WhatsApp पर बिना मोबाइल नंबर शेयर किए करें चैट, आ रहा है नया Username फीचर, जानिए कैसे करेगा काम

whatsapp

अगर आप किसी नए व्यक्ति से WhatsApp पर बात करना चाहते हैं लेकिन अपना मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना चाहते तो जल्द ही यह संभव होगा। WhatsApp एक नया Username फीचर ला रहा है, जिसकी मदद से यूजर्स बिना फोन नंबर बताए भी बातचीत शुरू कर सकेंगे। कंपनी ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस सप्ताह से यूजर्स अपने पसंदीदा Username को पहले से रिजर्व कर सकेंगे।

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बिना नंबर शेयर किए होगी चैट

अब तक WhatsApp पर किसी से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था। लेकिन नए Username फीचर के आने के बाद यूजर्स अपने फोन नंबर की जगह Username के जरिए दूसरे लोगों से जुड़ सकेंगे। इससे आपकी प्राइवेसी पहले की तुलना में और मजबूत होगी।

ग्रुप चैट में भी मिलेगा फायदा

यह फीचर उन लोगों के लिए भी उपयोगी होगा जो किसी नए ग्रुप, जैसे स्कूल, सोसायटी, स्पोर्ट्स टीम या किसी इवेंट के WhatsApp ग्रुप में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन अपना मोबाइल नंबर सभी सदस्यों के साथ साझा नहीं करना चाहते।

अभी से रिजर्व कर सकेंगे Username

WhatsApp ने बताया कि दुनिया भर में उसके 3 अरब से अधिक यूजर्स हैं। ऐसे में कई लोगों के पसंदीदा नाम एक जैसे हो सकते हैं। इसी वजह से कंपनी ने फीचर लॉन्च होने से पहले ही Username रिजर्व करने की सुविधा शुरू की है, ताकि यूजर्स अपनी पसंद का नाम सुरक्षित कर सकें। अगर Username चुनने में परेशानी होती है तो WhatsApp एक Username Generator भी उपलब्ध कराएगा, जो आपके लिए उपयुक्त Username सुझाएगा।

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बिजनेस और क्रिएटर्स को मिलेगा खास विकल्प

 

छोटे कारोबार, कंटेंट क्रिएटर्स और संस्थानों के लिए WhatsApp अपने Instagram या Facebook पर पहले से इस्तेमाल किए जा रहे Username को WhatsApp पर भी क्लेम करने का विकल्प देगा। इससे सभी प्लेटफॉर्म पर एक जैसी डिजिटल पहचान बनाए रखना आसान होगा।

 

प्राइवेसी रहेगी और मजबूत

 

WhatsApp के अनुसार Username की कोई सार्वजनिक डायरेक्टरी नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति आपका Username खोज नहीं सकेगा। केवल वही लोग आपसे संपर्क कर पाएंगे जिन्हें आपका सटीक Username पता होगा। इसके अलावा कंपनी एक वैकल्पिक Username Key फीचर भी देगी, जिसके जरिए यूजर यह तय कर सकेगा कि कौन उससे संपर्क कर सकता है।

 

फोन नंबर रहेगा छिपा

 

जब Username फीचर पूरी तरह शुरू हो जाएगा और आपने इसे सक्रिय कर लिया होगा, तब किसी नए व्यक्ति या बिजनेस से पहली बार चैट करते समय आपका मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा।

 

  • ऐसे करें Username रिजर्व
  • WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन अपडेट करें।
  • Settings में जाएं।
  • Account पर टैप करें।
  • Username विकल्प चुनकर अपना पसंदीदा Username रिजर्व करें।

कंपनी ने बताया है कि आने वाले महीनों में यह फीचर चरणबद्ध तरीके से सभी देशों में जारी किया जाएगा। आपके देश में उपलब्ध होने पर WhatsApp ऐप के भीतर ही इसकी सूचना दी जाएगी।

IND vs ENG: जीत के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, क्या बारिश बिगाड़ेगी मुकाबले में खलल?

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला जाएगा। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम जीत के साथ वापसी करना चाहेगी। वहीं इंग्लैंड की टीम भी हालिया खराब प्रदर्शन को भुलाकर अपने घरेलू मैदान पर शानदार शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी। ऐसे में दोनों टीमें पहले मुकाबले में जीत के साथ सीरीज का आगाज करना चाहेंगी। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

वहीं अभिषेक शर्मा से एक बार फिर तेज शुरुआत की उम्मीद होगी, जबकि संजू सैमसन भी अपनी लय हासिल करना चाहेंगे। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने भी टीम को संभालने और अगले टी20 विश्व कप की तैयारियों के बीच मजबूत प्रदर्शन करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आइए जानते हैं कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट

भारत-इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, सूर्यांश शेज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती।

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम करन, लियाम डॉसन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, आदिल राशिद।

दोनों टीमों की हेड-टू-हेड

भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इन मुकाबलों में भारतीय टीम का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। भारत ने 18 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि इंग्लैंड ने 12 मुकाबलों में बाजी मारी है। ऐसे में हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया का पलड़ा फिलहाल भारी नजर आता है।

कैसा होगा स्टेडियम की पिच

डरहम के रिवरसाइड ग्राउंड की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। नई गेंद से गेंदबाजों को अच्छी स्विंग और उछाल मिलने की उम्मीद रहती है। वहीं शुरुआती ओवर संभालने के बाद बल्लेबाज खुलकर रन बना सकते हैं। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अगर 175 से 185 रन के बीच स्कोर बना लेती है, तो उसे चुनौतीपूर्ण लक्ष्य माना जा सकता है।

कैसा होगा स्टेडियम की मौसम

पहले टी20 मैच के दौरान मौसम नॉर्मल रहने की संभावना है। आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हल्की बारिश की आशंका जरूर है, लेकिन पूरे मैच के होने की उम्मीद है। मौसम की वजह से शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और अतिरिक्त मदद मिल सकती है।

‘ये तो बहुत खतरनाक है’! वॉट्सएप के नए ‘यूजरनेम’ अपडेट को लेकर भारत में क्यों मचा बवाल?

वॉट्सएप बिना नंबर शेयर किए चैट के लिए ‘यूज़रनेम’ फीचर लाया है। भारत में इसे लेकर हड़कंप है। अंकुर वारिकू और ध्रुव राठी का मानना है कि इससे फेक आईडी और स्कैम्स की बाढ़ आ जाएगी, क्योंकि नंबर न दिखने से पहचान मुश्किल होगी।

A-1 लिमिटेड बनी ईशान डाइज की प्राइमरी डीलर, 5 महीने में ₹40 करोड़ का कारोबार

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी A-1 लिमिटेड को ईशान डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड ने अपने सल्फर-बेस्ड इंडस्ट्रियल केमिकल्स का प्राइमरी ऑथराइज्ड डीलर बनाया है। कंपनी का कहना है कि इससे उसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत होगा और इंडस्ट्रियल केमिकल बाजार में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी। फरवरी 2026 से अब तक दोनों कंपनियों के बीच करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है।

कौन-कौन से प्रोडक्ट्स की होगी सप्लाई?

इस डील के तहत A-1 लिमिटेड अब सल्फ्यूरिक एसिड (98% और 70%), ओलियम (23% और 65%) और क्लोरो सल्फोनिक एसिड की सप्लाई करेगी। इन केमिकल्स का इस्तेमाल फर्टिलाइजर, फार्मा, डाइज, पेट्रोकेमिकल्स और वॉटर ट्रीटमेंट जैसे कई सेक्टर में होता है।

कंपनी के मुताबिक, इस साझेदारी से सल्फर-बेस्ड केमिकल्स की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ग्राहकों को समय पर और लगातार सप्लाई मिल सकेगी। A-1 लिमिटेड के पास 100 से ज्यादा गाड़ियों का नेटवर्क है, जिससे वह अपनी सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता को और मजबूत करेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

A-1 लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि यह नियुक्ति कंपनी के मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भरोसेमंद सेवाओं पर ग्राहकों के विश्वास को दिखाती है। उनके मुताबिक, इससे इंडस्ट्रियल केमिकल्स कारोबार में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही, आने वाले समय में ग्रोथ को भी रफ्तार मिलेगी।

हाल में मिले कई बड़े ऑर्डर

हाल के महीनों में A-1 लिमिटेड को सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महाधन एग्रीटेक लिमिटेड और साईं बाबा पॉलीमर टेक्नोलॉजीज से करीब 35 करोड़ रुपये के सप्लाई ऑर्डर मिले हैं।

इसके अलावा कंपनी ने GNFC और सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड के साथ 10,000 मीट्रिक टन नाइट्रिक एसिड की सप्लाई का समझौता किया है। कंपनी को 127.50 करोड़ रुपये का इंडस्ट्रियल यूरिया सप्लाई ऑर्डर भी मिला है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भी रखा कदम

A-1 लिमिटेड ने हाल ही में A-1 सुरेजा इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर ली है। इसके बाद यह कंपनी उसकी सब्सिडियरी बन गई है। इसके साथ ही A-1 लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार में भी एंट्री कर ली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

India-Iran : PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन से की बात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा, क्या अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे प्रधानमंत्री

pm modi Masoud Pezeshkian

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम और आगे की रणनीति की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बने नए समझौते का स्वागत किया और भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही होना चाहिए।

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उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। साथ ही समुद्री मार्गों पर नौवहन और वैश्विक व्यापार की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया। इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। यह छह दिवसीय कार्यक्रम 4 जुलाई से ईरान के तीन शहरों में आयोजित किया जाएगा।

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हालांकि भारत सरकार ने अब तक आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया है कि कार्यक्रम में किस स्तर पर भागीदारी होगी। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

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कार्यक्रम की शुरुआत 4 और 5 जुलाई को तेहरान में श्रद्धांजलि समारोह से होगी। 6 जुलाई को मुख्य अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि 9 जुलाई को अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। Edited by : Sudhir Sharma

पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, होर्मुज की ‘आजादी’ के साथ इन मुद्दों पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के बाद पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री मोदी को क्षेत्र के ताजा हालात और आगे की संभावित स्थिति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में बनी सहमति का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने दोहराया कि भारत का हमेशा से यही मानना रहा है कि सभी विवादों और लंबित मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही होना चाहिए।

इन मुद्दों पर हुई बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इसका असर भारत समेत कई देशों के व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया में हाल ही में तनाव बढ़ा था। इसके बावजूद भारत, ईरान के साथ अपने मजबूत कूटनीतिक संबंध बनाए हुए है और दोनों देश उच्च स्तर पर लगातार संपर्क में हैं। साथ ही, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

ईरान ने भेजा बुलावा 

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान ने भारत को बुलावा भेजा है। इस कार्यक्रम में भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा हिस्सा लेंगे। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक समारोह 4 जुलाई को स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड्स में शुरू होगा। इसी समय से आम लोगों के लिए भी कार्यक्रम स्थल खोल दिया जाएगा, ताकि वे श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत- ईरान के मजबूत रिश्ते

ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच संघर्ष के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया था। इसके बावजूद भारत ने ईरान के साथ अपने कूटनीतिक संबंध लगातार मजबूत बनाए रखे। इसके लिए दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर राजनीतिक, रणनीतिक और मानवीय स्तर पर लगातार बातचीत होती रही। प्रधानमंत्री स्तर की बातचीत से लेकर मंत्रियों की मुलाकातों और ब्रिक्स (BRICS) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक, भारत ने ईरान के साथ संवाद जारी रखा और सभी स्तरों पर संपर्क बनाए रखा। संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से दो बार फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया।