
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम और आगे की रणनीति की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बने नए समझौते का स्वागत किया और भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। साथ ही समुद्री मार्गों पर नौवहन और वैश्विक व्यापार की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया। इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। यह छह दिवसीय कार्यक्रम 4 जुलाई से ईरान के तीन शहरों में आयोजित किया जाएगा।
ALSO READ: ITR, Aadhaar, Passport, EPFO के साथ ही 1 जुलाई से बदलेंगे 6 नियम, आप पर क्या होगा असर, जरूर पढ़ें
हालांकि भारत सरकार ने अब तक आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया है कि कार्यक्रम में किस स्तर पर भागीदारी होगी। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
ALSO READ: OnePlus Nord N6 5G लॉन्च, 19,999 रुपए में 8,000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और 50MP कैमरा
कार्यक्रम की शुरुआत 4 और 5 जुलाई को तेहरान में श्रद्धांजलि समारोह से होगी। 6 जुलाई को मुख्य अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि 9 जुलाई को अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। Edited by : Sudhir Sharma

