ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी को झटका, बर्थराइट सिटिजनशिप पर आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है। US सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूनाइटेड स्टेट्स में बर्थराइट सिटिजनशिप पर रोक लगाने की वाली उनकी कोशिश को खारिज कर दिया। अदालत का यह फैसला अमेरिका की इमिग्रेशन नीति और संविधान के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चों को नागरिकता मिलने का अधिकार है। अदालत ने इस पुराने संवैधानिक प्रावधान को फिर से सही माना।

इस साल दूसरी बार हुआ है जब कोर्ट ने ट्रंप की किसी बड़ी पहल को अमान्य कर दिया है, इससे पहले फरवरी में उनके बड़े ग्लोबल टैरिफ को खत्म करने का फैसला लिया गया था।

ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी को झटका

दरअसल, जनवरी 2025 में राष्ट्रपति पद संभालने के पहले दिन डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस आदेश का उद्देश्य उन बच्चों को जन्म के साथ मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता से वंचित करना था, जिनके माता-पिता अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हों या अस्थायी वीजा पर हों। इस आदेश के तहत केवल उन्हीं बच्चों को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता देने का प्रस्ताव था, जिनके कम से कम एक माता-पिता अमेरिकी नागरिक हों या कानूनी रूप से स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) हों। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह आदेश लागू नहीं हो सकेगा।

बर्थराइट सिटिजनशिप  पर आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन नीति को बड़ा झटका देते हुए अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें ट्रंप के इस कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी गई थी। डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से कहते रहे हैं कि जन्म के आधार पर अपने-आप मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता की मौजूदा व्यवस्था का कुछ लोग गलत फायदा उठाते हैं, जिससे देश की इमिग्रेशन व्यवस्था प्रभावित होती है। वहीं, ट्रंप के विरोधियों का आरोप है कि उनकी सरकार की कई इमिग्रेशन नीतियां भेदभावपूर्ण रही हैं और उनका असर खास समुदायों के लोगों पर अधिक पड़ता है।

यह मामला अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में मौजूद नागरिकता संबंधी प्रावधान से जुड़ा है। इस प्रावधान में कहा गया है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले या कानूनी रूप से अमेरिकी नागरिक बनने वाले सभी लोग, जो देश के कानून के दायरे में आते हैं, अमेरिका के नागरिक माने जाएंगे। पिछले 150 से ज्यादा वर्षों से इस नियम का यही मतलब माना जाता रहा है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चों को जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेटस कुछ भी हो।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अमेरिका के सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉयर ने ट्रंप प्रशासन की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी संविधान के नागरिकता संबंधी प्रावधान का मुख्य उद्देश्य पहले गुलाम रहे लोगों और उनकी आने वाली पीढ़ियों को अमेरिकी नागरिकता का अधिकार देना था। सॉयर ने यह भी कहा कि “बर्थ टूरिज्म” यानी सिर्फ बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए दूसरे देशों के लोगों का अमेरिका जाकर बच्चे को जन्म देने का चलन बढ़ रहा है। उनका दावा था कि कई विदेशी नागरिक इसी मकसद से अमेरिका आते हैं। हालांकि, जब सुप्रीम कोर्ट के जजों ने उनसे इस दावे के समर्थन में आंकड़े मांगे, तो उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह के मामलों की संख्या बताने वाला कोई ठोस या आधिकारिक डेटा उनके पास नहीं है।

कौन हैं केतन हत्याकांड का मजाक उड़ाने वालीं डेंटिस्ट डॉ. मुस्कान सोनी? इंस्टा पोस्ट के बाद हुईं सस्पेंड

पुणे के केतन-सिया मर्डर केस का इंस्टाग्राम पर मज़ाक उड़ाने पर मध्य प्रदेश की डेंटिस्ट डॉ. मुस्कान सोनी को ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIDSA) ने सस्पेंड कर दिया है। चौतरफा घिरने पर डॉक्टर ने माफी मांगी है।

El Nino Impact in July: IMD के मंथली आउटलुक में जुलाई में भी मानसून वाली बारिश का हाल ठीक नहीं, अल नीनो का खतरा यहां तक पहुंचा

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई 2026 के लिए अपना मासिक आउटलुक जारी कर दिया है। मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान चिंता बढ़ाने वाला है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की बारिश का हाल ठीक नहीं रहने वाला है और इसके सामान्य से कम होने की पूरी संभावना है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो को माना जा रहा है। इसका खतरा अब और बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

जुलाई में सामान्य से कम रहेगी बारिश: IMD का पूर्वानुमान

IMD द्वारा मल्टी-मॉडल एनसेंबल फोरकास्टिंग सिस्टम के आधार पर अपने पूर्वानुमान जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम (<94% of Long Period Average – LPA) रहने की सबसे अधिक संभावना है।

क्या है बारिश का सामान्य आंकड़ा (LPA)?

साल 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई महीने के लिए पूरे देश की दीर्घकालिक औसत वर्षा लगभग 280.4 मिमी है। IMD का पूर्वानुमान है कि देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई में कम बारिश होगी। उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में बारिश सामान्य से ऊपर या सामान्य रहने की संभावना है।

मजबूत हो रहा है अल नीनो, न्यूट्रल रहेगा आईओडी

मौसम विभाग ने मानसून की बारिश पर असर डालने वाले वजहों के बारे में भी बताया है। IMD के मुताबिक अभी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के ऊपर कमजोर अल नीनो की स्थिति बनी हुई है। लेकिन मानसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) और अन्य वैश्विक जलवायु मॉडलों के ताजा संकेत बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान यह अल नीनो स्थितियां और अधिक मजबूत हो सकती हैं।

इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति कैसी है?

इस समय हिंद महासागर में न्यूट्रल आईओडी की स्थिति देखी जा रही है। मॉडल के पूर्वानुमानों के अनुसार, पूरे दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान यह न्यूट्रल आईओडी स्थिति ही बनी रहने की संभावना है। इंडियन ओशन डाइपोल हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के समुद्री सतह के तापमान में अंतर को दर्शाने वाली जलवायु सिस्टम है। सामान्य तौर पर यदि IOD सकारात्मक रहता है तो यह भारतीय मानसून को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है। लेकिन इस बार IOD के तटस्थ रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि यह मानसून को अतिरिक्त मजबूती नहीं दे पाएगा और अल नीनो का प्रभाव अधिक हावी रहेगा।

जुलाई में सताएगी गर्मी, तापमान रहेगा सामान्य से अधिक

कम बारिश के अनुमान के बीच जुलाई के महीने में देशवासियों को सामान्य से अधिक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। जुलाई के दौरान, देश के अधिकांश हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। हालांकि, पश्चिम-मध्य भारत के कुछ छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। रात के समय या न्यूनतम तापमान की बात करें तो देश के अधिकांश क्षेत्रों में यह भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। सिर्फ मध्य और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य रह सकता है।

कम बारिश से बढ़ेंगी चुनौतियां, तैयारी करने की सलाह

आईएमडी ने आगाह किया है कि जुलाई में सामान्य से कम बारिश होने के कारण कई मोर्चों पर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। बारिश की कमी के कारण कृषि, जल संसाधन, जलविद्युत उत्पादन, पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता और पीने के पानी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने बताया कि वह नुकसान को कम करने के लिए विस्तारित अवधि के पूर्वानुमान, जिला-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान, कृषि-मौसम विज्ञान सलाहकार सेवाएं और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान जारी करता रहता है। ये किसान, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और बिजली क्षेत्र के योजनाकारों के लिए मददगार हैं।

अगला पूर्वानुमान कब?

आईएमडी द्वारा मानसून सीजन के दूसरे भाग (अगस्त + सितंबर 2026) के लिए और विशेष रूप से अगस्त महीने की बारिश का पूर्वानुमान जुलाई 2026 के अंत में जारी किया जाएगा

IND vs ENG: ‘बेलफास्ट के हालात थे अलग’, इंग्लैंड सीरीज से पहले श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान

आयरलैंड ने दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत का 2-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। इसके साथ ही साल 2023 के बाद पहली बार भारतीय टीम को किसी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर को उम्मीद है कि इंग्लैंड के खिलाफ टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। भारतीय कप्तान के मुताबिक, इंग्लैंड में खेलने का माहौल खिलाड़ियों के लिए ज्यादा परिचित है, जबकि बेलफास्ट की परिस्थितियां अलग और चुनौतीपूर्ण थीं। ऐसे में टीम अब नई शुरुआत करते हुए सीरीज में दमदार वापसी करना चाहेगी।

कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि बेलफास्ट की परिस्थितियां टीम के लिए नई और चुनौतीपूर्ण थीं। उनका मानना है कि इंग्लैंड में होने वाले मुकाबलों की परिस्थितियां खिलाड़ियों के लिए ज्यादा परिचित होंगी, जिससे टीम बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। भारत अब पिछली हार को भूलकर दमदार वापसी करने की कोशिश करेगा।

मैदान काफी अलग था

श्रेयस अय्यर ने मंगलवार को कहा, “यह पूरी तरह अलग माहौल था। बेलफास्ट का मैदान सामान्य स्टेडियम जैसा नहीं था। आउटफील्ड में हल्की ढलान थी, मैदान कुछ जगह ऊबड़-खाबड़ था और उसका आकार भी थोड़ा अलग था। ऐसे में सिंगल और डबल रन रोकना आसान नहीं था। कप्तान के तौर पर फील्ड सेट करना भी चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि हम ऐसी परिस्थितियों के आदी नहीं हैं। आईपीएल में ज्यादातर मैदान हर तरफ से बराबर होते हैं, इसलिए वहां खेलना हमारे लिए थोड़ा मुश्किल रहा।”

इंग्लैड के खिलाफ करेंगे बेहतरीन प्रदर्शन

अय्यर को उम्मीद है कि इंग्लैंड के मैदान और माहौल भारतीय खिलाड़ियों के लिए ज्यादा परिचित हैं। अय्यर ने कहा, “यहां मैदान का आकार लगभग एक जैसा है, आउटफील्ड भी समतल है और स्टेडियम का माहौल बिल्कुल अलग होता है। यहां बड़ी संख्या में दर्शक भी आएंगे। हम पहले भी ऐसी परिस्थितियों में खेल चुके हैं, इसलिए खुद को ढालना आसान रहेगा।” उन्होंने यह भी माना कि बेलफास्ट में भारतीय बल्लेबाजों को काफी दिक्कत हुई, क्योंकि आयरलैंड के तेज गेंदबाजों ने अतिरिक्त उछाल और बड़ी स्क्वायर बाउंड्री का पूरा फायदा उठाते हुए बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

कब खेला जाएगा पहला टी20

आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती हार के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा था कि उनकी टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले सकती। उन्होंने माना कि टीम नए हालात के अनुसार अपने खेल की योजना को सही तरीके से लागू नहीं कर सकी। अब भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ नई शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी। दोनों टीमों के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 1 जुलाई को चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा। ये मुकाबला रात 10 बजे से शुरू होगा।

Fifth-gen BMW X5 unveiled with ICE, EV, PHEV and Hyrdogen powetrains

BMW X5

BMW has unveiled the fifth-generation X5 alongside the first-ever all-electric iX5. The new X5 brings a redesigned exterior, an all-new interior and a wider range of powertrains, while the iX5 marks the first fully electric version of BMW’s luxury SUV.

  1. First-ever all-electric BMW iX5 debuts
  2. New X5 gets redesigned exterior and digital cabin
  3. Hydrogen-powered iX5 to join the line-up later

Stocks to Watch: 1 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 9 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार, 1 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कहीं नए प्रोडक्ट और बड़ी डील का असर दिख सकता है, तो कहीं टैक्स विवाद और जून महीने के बिक्री आंकड़े निवेशकों की नजर में रहेंगे। ऐसे में इन शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

KPIT Technologies

टेक्नोलॉजी कंपनी KPIT Technologies ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही उम्मीद से कमजोर रह सकती है। कंपनी को रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 1% की गिरावट का अनुमान है। वहीं EBITDA और नेट मार्जिन भी पिछली तिमाही के मुकाबले घट सकते हैं। हालांकि, कंपनी को दूसरी छमाही में कारोबार में सुधार और चौथी तिमाही में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

L&T Technology Services

इंजीनियरिंग और टेक कंपनी L&T Technology Services ने AI बेस्ड प्लेटफॉर्म Ainfonix 4.0 लॉन्च किया है। इसकी मदद से इंजीनियरिंग डॉक्युमेंट्स और तकनीकी रिकॉर्ड को डिजिटल डेटा में बदला जा सकेगा।

HDFC Life Insurance

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी HDFC Life Insurance को GST मामले में झटका लगा है। थाणे के कमिश्नर (अपील) ने ब्याज और जुर्माने समेत 132.7 करोड़ रुपये की GST डिमांड को बरकरार रखा है।

Kotak Mahindra Bank

प्राइवेट सेक्टर के Kotak Mahindra Bank ने Deutsche Bank के साथ डील की है। कोटक इसके तहत बैंक के भारत में रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार को करीब 281.7 करोड़ रुपये में खरीदेगा।

Paras Defence

डिफेंस कंपनी Paras Defence and Space Technologies ने Tandem Defense LLC के साथ Guardian-1 Interceptor तकनीक के लिए IP लाइसेंस एग्रीमेंट किया है।

Prestige Estates Projects

रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates Projects ने मुंबई के मुलुंड में Prestige Forest Hills प्रोजेक्ट का दूसरा चरण लॉन्च किया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू 2,200 करोड़ रुपये है।

Auto Stocks

ऑटो सेक्टर की कंपनियां जून महीने के बिक्री आंकड़े जारी करेंगी। अनुमान है कि पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 26% और दोपहिया वाहनों की बिक्री में 18% की सालाना बढ़ोतरी हो सकती है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies ने Tensai for Reasoning Ops नाम का नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद एंटरप्राइज आईटी ऑपरेशंस में एजेंटिक AI का इस्तेमाल बढ़ाना है।

Zaggle Prepaid Ocean Services

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid Ocean Services ने APAC Financial Services के साथ 5 साल का समझौता किया है। इसके तहत कंपनी अपने एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म की सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

Multibagger Stocks: रामदेव अग्रवाल ने बताया अच्छे स्टॉक खरीदने का फॉर्मूला, इन 10 बातों से होगी पहचान

 

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UP में शिक्षा सुधार का नया मॉडल: कक्षा-कक्ष से मिली सीख के आधार पर तय होगी भविष्य की रणनीति, योगी सरकार का बड़ा कदम

Jevar Airport Farmers meet cm yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनियादी शिक्षा सुधारों को नई ऊंचाई देते हुए अब कक्षा-कक्ष में होने वाले वास्तविक अधिगम को शिक्षा नीति का केंद्र बना दिया है। प्रदेश में पहली बार शिक्षकों के अनुभव, बच्चों के सीखने के साक्ष्य, परख के निष्कर्ष, टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज (टीएलपीएस) अध्ययन और निपुण भारत मिशन के जमीनी अनुभवों को एक मंच पर लाकर भविष्य की शैक्षणिक रणनीति पर व्यापक मंथन किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के संयुक्त तत्वावधान में लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के प्लूटो ऑडिटोरियम में आयोजित 'पॉलिसी टू प्रैक्टिस डायलॉग' एवं टीएलपीएस उत्तर प्रदेश राज्य रिपोर्ट-2025 के विमोचन कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों, राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों, एसआरजी, एआरपी, बीईओ, डायट विशेषज्ञों तथा शिक्षा क्षेत्र के अग्रणी संस्थानों ने विद्यालयी शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, साक्ष्य-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने की भावी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, स्कूल शिक्षा महानिदेशक एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी, एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार तथा बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी सहित बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय एवं राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक, एसआरजी, एआरपी, बीईओ, डायट विशेषज्ञ तथा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

 

प्रारंभिक सत्र में उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन की प्रगति, अब तक हुए शिक्षा सुधारों, कक्षा-कक्ष में आए बदलाव तथा अधिगम गुणवत्ता सुधार के लिए अपनाई गई रणनीतियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान परख के निष्कर्ष, शिक्षा सुधारों के प्रमुख आयाम, प्रभावी कक्षा-कक्षीय शिक्षण की 10 प्रमुख शिक्षण पद्धतियों, 15 कैच-अप रणनीतियों, हॉलीस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, अकादमिक कैलेंडर तथा निपुण उत्तर प्रदेश 2.0 की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तुतीकरण क्वालिटी यूनिट के प्रभारी आनंद कुमार पाण्डेय ने किया।

 

टीएलपीएस रिपोर्ट ने दिखाई कक्षा-कक्ष में बदलाव की वास्तविक तस्वीर

कार्यक्रम में टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस)-2025 उत्तर प्रदेश रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया। यह रिपोर्ट प्रदेश में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को मजबूत बनाने के लिए कक्षा-कक्ष में हो रहे वास्तविक बदलावों का साक्ष्य-आधारित दस्तावेज है। रिपोर्ट में कक्षा 1 एवं 2 में भाषा और गणित शिक्षण की वर्तमान स्थिति, कक्षा का वातावरण, पाठ योजना, शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएं, शिक्षण समय का उपयोग, शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक सहयोग तथा निपुण भारत मिशन के प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा सुधारों की वास्तविक सफलता का आधार कक्षा-कक्ष में दिखाई देने वाला परिवर्तन और बच्चों के सीखने के स्तर में होने वाला सुधार है। नवंबर-दिसंबर 2024 के दौरान बहराइच, रायबरेली, मिर्जापुर एवं बरेली के 200 विद्यालयों में किए गए इस अध्ययन के आधार पर प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, बच्चों की सहभागिता, शिक्षक क्षमता विकास, सतत अकादमिक मेंटरिंग तथा विद्यालय स्तर पर आवश्यक सुधारों की पहचान की गई है। रिपोर्ट भविष्य की शैक्षणिक रणनीतियों को अधिक साक्ष्य आधारित, परिणामोन्मुख और बच्चों की सीखने की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने का मार्ग भी प्रशस्त करती है।

 

प्रभावी कक्षा-कक्षीय शिक्षण पर बनी साझा रणनीति

'स्ट्रेंथनिंग क्लासरूम प्रैक्टिसिज़ फॉर फाउंडेशनल लर्निंग' विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक डेमो-आधारित और व्यावहारिक बनाने, अधिगम में पीछे रह गए बच्चों के लिए प्रभावी कैच-अप रणनीतियों को अपनाने, शिक्षकों की सतत मेंटरिंग को मजबूत करने तथा कक्षा-कक्ष में बच्चों के भीतर प्रश्न पूछने के संकोच और भय को दूर कर जिज्ञासापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही एसआरजी, एआरपी एवं शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए ब्लॉक स्तर पर विद्यालयों की नियमित शैक्षणिक समीक्षा, प्रभावी अकादमिक सहयोग और सतत मार्गदर्शन को शिक्षा सुधारों की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। पैनल चर्चा में डायट वाराणसी के प्राचार्य उमेश कुमार शुक्ला, गाजीपुर के खंड शिक्षा अधिकारी राजीव यादव, गौतम बुद्ध नगर की एसआरजी सदस्य रश्मि त्रिपाठी तथा पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय मूरघाट, बस्ती के प्रधानाध्यापक सर्वेष्ठ कुमार ने अपने अनुभव साझा किए।

 

अपर मुख्य सचिव ने शिक्षकों और अकादमिक नेतृत्व से किया सीधा संवाद

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण सत्र अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों, एसआरजी, एआरपी और बीईओ के साथ सीधा संवाद रहा। उन्होंने प्रभावी अकादमिक कैलेंडर, पठन अभियान, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता, कैच-अप लर्निंग, हॉलीस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, शिक्षक-नेतृत्व वाले नवाचार, बहुस्तरीय कक्षाओं के शिक्षण तथा कक्षा 3 से 5 तक निपुण लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों ने अपने जमीनी अनुभव साझा करते हुए विद्यालयी शिक्षा को अधिक परिणामोन्मुख बनाने के सुझाव भी दिए।

 

भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा

समापन सत्र में यह स्पष्ट संदेश उभरकर सामने आया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा सुधारों की अगली यात्रा साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, मजबूत शिक्षक क्षमता विकास, सतत अकादमिक सहयोग, प्रभावी मेंटरिंग और कक्षा-कक्ष केंद्रित नवाचारों पर आधारित होगी। विशेषज्ञों ने कहा कि नीति का वास्तविक प्रभाव तभी माना जाएगा, जब उसका परिणाम प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर में दिखाई दे। Edited by : Sudhir Sharma

Tata Sierra EV colours in pictures

Tata Sierra EV colour options

The Tata Sierra EV is available in 7 colour options, all of which are monotone options. These include Rishikesh Rapids, Nainital Nocturne, Coorg Clouds, Pure Grey, Prsitine White, Andaman Adventure and Bengal Rouge. Of these, Rishikesh Rapids and Nainital Nocturne are exclusive to the Sierra EV, while the others are shared with the ICE-powered Sierra. The base Pure trim only gets three colour options: Coorg Clouds, Pure Grey and Prsitine White. The mid-spec Adventure trim adds Andaman Adventure and Bengal Rouge, while the top-spec Empowered trim brings in the Rishikesh Rapids shade. The Nainital Nocturne is limited to only the Sierra EV AWD variant. 

यूपी में विकास के नए कीर्तिमान, 3 महीने में दी 62 हजार करोड़ से अधिक की 5551 परियोजनाओं की सौगात

uttar pradesh development: बीते 9 साल से निरंतर विकास की बुलंदियों को छू रहा उत्तर प्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। यदि वित्तीय वर्ष 2026-27 की बात करें तो पहली तिमाही में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरंतर जनपदों के दौरे कर विकास की सौगात दे रहे हैं। वे पूर्वांचल, पश्चिमांचल, बुंदेलखंड, मध्याचंल समेत प्रदेश के सभी जनपदों को विकास से जोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल, मई और जून के दौरान प्रदेशभर में आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, खेल, शहरी विकास, ग्रामीण विकास और कनेक्टिविटी से जुड़ी 5,551 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

 

इन परियोजनाओं पर 62,282 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वित हो रहा है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। 

हर क्षेत्र में विकास की समान गति

इन तीन महीनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़क, पुल, मेडिकल कॉलेज, खेल अवसंरचना, औद्योगिक पार्क, नगर विकास, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन और डिजिटल सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की गई। योगी सरकार ने केवल बड़े शहरों पर ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के जिलों में भी विकास कार्यों को समान प्राथमिकता दी।

गंगा एक्सप्रेसवे पर दौड़े विकास के पहिए, जेवर से हुई प्रगति की उड़ान

इस अवधि की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले गंगा एक्सप्रेसवे व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का लोकार्पण रहा। मेरठ से प्रयागराज तक प्रदेश को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। वहीं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर से भी प्रगति की उड़ान हुई। एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान पहली फ्लाइट में बैठकर लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद भी किया। 

शिक्षा और तकनीक पर विशेष जोर

योगी सरकार ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक तकनीकी शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गई, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और थ्री-डी प्रिंटिंग जैसे भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुजफ्फरनगर में भी सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग की स्थापना के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ विस्तार

योगी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी अनेक परियोजनाओं की शुरुआत की। ललितपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित स्वास्थ्य अवसंरचना से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। विभिन्न जिलों में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

उद्योग और निवेश को नई ऊर्जा

ललितपुर में 1,500 एकड़ में उत्तर प्रदेश का पहला फार्मा पार्क विकसित करने की घोषणा राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं विभिन्न जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के माध्यम से निवेश के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मिला बढ़ावा

प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को भी प्राथमिकता दे रही। संतकबीर नगर में तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर, बाबा बैजूनाथ धाम के विकास और बखिरा झील को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई। महोबा को एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। इसके साथ ही प्रदेशभर में इको टूरिज्म को लेकर भी बड़े स्तर पर काम चल रहा है।

खेल और शहरी सुविधाओं का विस्तार

गोरखपुर में लगभग 393 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया गया, जिसमें 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। वहीं नगर निगमों में आधुनिक सदन भवन, मल्टीलेवल पार्किंग, टू-लेन ब्रिज, ईको पार्क और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास से नागरिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया।

सामाजिक समरसता और जनकल्याण को भी प्राथमिकता

लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों, पीलीभीत में हजारों बंगाली परिवारों को नागरिकता और भूमि अधिकार पत्र वितरित किए गए। इस तरह प्रदेश में कई अवसरों पर लोगों को नियुक्ति पत्र व अन्य सुविधाओं से जुड़े पत्र भी वितरित किए गए। वहीं श्रमिक कल्याण योजनाओं, कल्याण मंडपम और अन्य जनसुविधाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव

इसी तरह रामपुर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, उन्नाव, आजमगढ़, कुशीनगर, गोंडा, बलरामपुर, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, ललितपुर और अन्य जिलों में सैकड़ों विकास परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जिस गति से हजारों विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ, उससे स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में विकास अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वित हो रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, खेल और शहरी विकास जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में एक साथ हो रहे निवेश प्रदेश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं।

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ स्वयं लोकार्पण और शिलान्यास से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निगरानी करते आ रहे हैं। वहीं एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर, फार्मा पार्क और औद्योगिक क्लस्टर जैसी आधारभूत परियोजनाओं के साथ निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कृषि, एमएसएमई, पर्यटन, डिजिटल अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र को नई गति दी जा रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने, रोजगार सृजन, कौशल विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था के माध्यम से उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य तेज आर्थिक विकास के साथ प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है।

Kanpur: एक दीवार ने चचेरे भाइयों को बना दिया दुश्मन, दोनों पक्षों ने लगाए मारपीट के आरोप, मुकदमा दर्ज

Kanpur Land Dispute:कानपुर के सचेण्डी थाना क्षेत्र के रामसिंह का पुरवा गांव में जमीन पर दीवार निर्माण को लेकर चचेरे भाइयों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।