Sanae Takaichi: कौन हैं सनाए ताकाइची जिन्हें पीएम मोदी ने कहा ‘छोटी बहन’? संभाल रही हैं जापान की कमान

Japan PM Sanae Takaichi: भारत और जापान के बीच हमेशा से ही गहरे और मजबूत रणनीतिक संबंध रहे हैं। लेकिन नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान यह रिश्ता एक नए और बेहद आत्मीय मोड़ पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को अपनी ‘छोटी बहन’ कहकर संबोधित किया।

पीएम मोदी ने ताकाइची को एक दूरदर्शी और ‘जापान फर्स्ट प्रधानमंत्री’ बताया। वैश्विक मंच पर जब चीन की आक्रामकता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है, ऐसे में एक महिला नेता के हाथ में जापान की कमान होना और भारत के साथ उनका यह तालमेल बेहद अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची आखिर कौन हैं और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है।

कौन हैं सनाए ताकाइची?

सनाए ताकाइची का जन्म 1961 में जापान के नारा प्रांत में हुआ था। वह जापान की राजनीति में एक बेहद कद्दावर, प्रखर और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जानी जाती हैं। जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) से जुड़ी ताकाइची ने रूढ़िवादी और पुरुष-प्रधान माने जाने वाले जापानी राजनीतिक परिदृश्य में अपनी एक अलग और बेहद मजबूत पहचान बनाई है। वह जापान के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे की बेहद करीबी और उनकी नीतियों की प्रबल समर्थक रही हैं।

रॉक बैंड से लेकर पीएम की कुर्सी तक का सफर

ताकाइची की शख्सियत काफी दिलचस्प और बहुआयामी है। राजनीति में आने से पहले अपने कॉलेज के दिनों में वह एक हेवी मेटल रॉक बैंड में ड्रम बजाती थीं और उन्हें मोटरबाइक्स चलाने का बेहद शौक रहा है। उन्होंने कोबे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और बाद में प्रतिष्ठित ‘मात्सुशिता इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंट एंड मैनेजमेंट’ से राजनीति की बारीकियां सीखीं। उन्होंने अमेरिका में कांग्रेसनल फेलो के रूप में भी काम किया है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति का गहरा अनुभव मिला।

जापान की राजनीति में ‘आयरन लेडी’ की छवि

सनाए ताकाइची को जापान की ‘आयरन लेडी’ भी कहा जाता है। वह अपनी स्पष्टवादिता और मजबूत आर्थिक व रक्षा नीतियों के लिए जानी जाती हैं। वह जापान की सैन्य ताकत को मजबूत करने और रक्षा बजट को बढ़ाने की वकालत करती रही हैं। शिंजो आबे की तरह ही वह भी ‘इकोनॉमिक्स’ और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक के विजन को आगे बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी से जुड़ाव और भारत-जापान का नया अध्याय

शिखर वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सनाए ताकाइची की यह भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रही है। दोनों देशों ने साफ संकेत दिया है कि उनकी यह ऐतिहासिक साझेदारी अब केवल व्यापार और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में भारत और जापान मिलकर रक्षा, अत्याधुनिक तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और ग्रीन एनर्जी जैसे अहम और रणनीतिक मोर्चों पर एक साथ मिलकर कदम बढ़ाएंगे।

2026 Suzuki Burgman Street features image gallery

2026 Suzuki Burgman Street features image gallery

The 2026 Suzuki Burgman Street is the most comprehensive update to Suzuki’s maxi-styled scooter in its eight-year history, bringing a significantly revised design, a larger underseat storage area and new variant-specific features while retaining the refined 124cc engine that has always been the Burgman’s strongest suit. 

The scooter is available in two variants. The base variant gets an analogue-digital instrument cluster, keyless ignition and a USB charger, while the top variant adds a 4.2-inch TFT display with Bluetooth-enabled turn-by-turn navigation and notification alerts.

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 3 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 2 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,150 के ऊपर रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर और निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ। लगभग 2436 शेयरों में बढ़त हुई, 1663 शेयरों में गिरावट आई और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में इन्फोसिस,टीसीएस,टेक महिंद्रा,एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,एलएंडटी,नेस्ले,एक्सिस बैंक और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो,आईटी इंडेक्स में लगभग 5% की तेजी आई,जिससे इसका लगातार 4 दिनों का गिरावट का सिलसिला टूट गया। ऑटो,रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर,कैपिटल गुड्स,पावर,टेलीकॉम और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.4-0.7% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के आस-पास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें गिरीं,जबकि फेड चेयर के नरम रुख वाले बयानों से महंगाई कम होने और ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों के अनुकूल माहौल की उम्मीदें मजबूत हुईं।

भारत-जापान समिट को लेकर बनी उम्मीदों से भी बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों को व्यापार,रक्षा,सेमीकंडक्टर,AI सहयोग,प्रस्तावित रुपया-येन सेटलमेंट फ्रेमवर्क और दोनों देशों के बीच बढ़ते कैपिटल फ्लो पर समझौतों की उम्मीद है।

सेक्टर के हिसाब से IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इस सेक्टर को शॉर्ट कवरिंग का सपोर्ट मिला। यह भी माना जा रहा है कि भारतीय IT कंपनियां एंटरप्राइज AI को अपनाने में अहम भूमिका निभाती रहेंगी। इसके चलते इस सेक्टर में तेजीआई। आगे चलकर,बाजार की दिशा तय करने में US नॉन-फार्म पेरोल डेटा,भारत-जापान समिट से जुड़ी खबरों और Q1FY27 के आने वाले नतीजों की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि निफ्टी ने हाल के कंसोलिडेशन से बाहर निकलकर बढ़त दिखाई है,जो मार्केट के बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिल रही है। मोमेंटम ऑसिलेटर RSI भी अपनी गिरती ट्रेंडलाइन से ऊपर निकल गया है,जो मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

आने वाले समय में ट्रेंड के पॉजिटिव रहने की उम्मीद है और इंडेक्स के 24,300–24,500 के लेवल तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ,24,000 पर तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक, वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी एक तय दायरे में बना हुआ है और साथ ही इसमें तेजी का रुख भी दिख रहा है। सपोर्ट लेवल का धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ना इसकी मजबूती को दिखाता है,हालांकि अपट्रेंड के अगले चरण की पुष्टि के लिए 58,600 के स्तर से ऊपर मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स में एक सीमित दायरे में ही कारोबार होने की संभावना है।

RSI पॉजिटिव जोन में सपाट हो गया है,जो तेजी का रुख बनाए रखते हुए मोमेंटम में ठहराव का संकेत देता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 57,500 और 57,200 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,600 पर दिख रहा है। गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफ़िट बुकिंग की रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।

 

 

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KTM to Phase Out Demo Mode Feature on Future Motorcycles

New KTM 790 Duke Main Thumbnail Image

The KTM Demo Mode function gave buyers temporary access to the motorcycle’s electronic features, including electronic assists like Quickshifter+, Cruise Control, Motor Slip Regulation (MSR), and Rally Mode, for the first 1,500 km. Once that limit was reached, these functions would be disabled unless the owner paid an additional fee to unlock them permanently through an authorized KTM dealership.

The idea behind the feature was to let riders experience KTM’s premium electronic aids before deciding whether they wanted to purchase them. However, this was almost universally disliked among customers who argued that they had already paid for a motorcycle equipped with the features and shouldn’t have to pay extra to activate them.

After a few years of facing this flak, KTM appears to have reconsidered its approach. In the latest press release for the 790 Duke, KTM says “Most importantly, we listened and we acted. Rider feedback has been taken on board with intent, leading to the phased withdrawal of Demo Mode from future models.”

So, upcoming motorcycles are expected to do away with the temporary trial system, making the ownership experience much more straightforward. However, KTM isn’t simply offering you all the features with the purchase of the bike. Instead, the company will now only offer select electronic features if the customer pays extra for them via a Tech Pack or Track Pack.

While KTM has not officially confirmed that this will be the approach for all future models, the situation of customers having to pay extra for certain electronic assists still remains. Given that the company (which was rescued from bankruptcy by Bajaj in 2025) should be doing its all towards winning back customer confidence, these features being offered as standard would be ideal.

Honda Activa e: 102KM रेंज, बैटरी-स्वैपिंग टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें कीमत और खूबियां

Honda Activa e

भारत में दोपहिया वाहनों की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी होंडा की प्रतिष्ठित Activa अब इलेक्ट्रिक अवतार में उपलब्ध है। वर्ष 2001 में लॉन्च हुई एक्टिवा ने वर्षों तक भारतीय परिवारों की पहली पसंद बने रहने के बाद अब Honda Activa e के रूप में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के नए दौर में कदम रखा है। कंपनी ने इसमें बैटरी-स्वैपिंग टेक्नोलॉजी और कई आधुनिक कनेक्टेड फीचर्स दिए हैं।

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Honda Activa e में Permanent Magnet Synchronous Motor (PMSM) दिया गया है, जो 8.04hp की पावर और 22Nm का टॉर्क जनरेट करता है। स्कूटर में 1.5 kWh क्षमता के दो स्वैपेबल लिथियम-आयन बैटरी पैक मिलते हैं।  भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Ather Rizta, Bajaj Chetak, TVS iQube और Hero Vida V2 जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा। नई Activa e के जरिए होंडा ने अपने सबसे लोकप्रिय ब्रांड को इलेक्ट्रिक युग के अनुरूप पेश किया है। कंपनी के अनुसार यह स्कूटर IDC प्रमाणित 102 किलोमीटर की रेंज प्रदान करता है।

 

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की टॉप स्पीड 80 किमी/घंटा है और यह 0 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार केवल 7.3 सेकंड में पकड़ लेता है। बेहतर राइडिंग अनुभव के लिए इसमें Econ, Standard और Sport जैसे तीन राइडिंग मोड दिए गए हैं। इसके अलावा Reverse Mode भी मिलता है, जिससे भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में पार्किंग और स्कूटर को पीछे करना आसान हो जाता है।

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डिजाइन की बात करें तो Honda Activa e में LED हेडलाइट, LED DRLs, LED इंडिकेटर्स, LED टेललाइट, डायमंड-कट अलॉय व्हील्स और बॉडी-कलर्ड मिरर्स दिए गए हैं। यह स्कूटर Pearl Serenity Blue, Pearl Igneous Black, Matt Foggy Silver Metallic समेत कुल पांच आकर्षक रंगों में उपलब्ध है।

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फीचर्स के तौर पर इसमें 7-इंच TFT डिस्प्ले, स्मार्ट-की, USB Type-C चार्जिंग पोर्ट और Honda RoadSync Duo कनेक्टिविटी सूट मिलता है। इसके जरिए यूजर्स को टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, लाइव व्हीकल ट्रैकिंग, कॉल अलर्ट और म्यूजिक कंट्रोल जैसी स्मार्ट सुविधाएं मिलती हैं। Honda Activa e की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 1.20 लाख रुपए रखी गई है। Edited by : Sudhir Sharma

मेजबान अमेरिका पहुंचा क्वार्टर फाइनल, बोस्निया-हर्जेगोविना को 2 गोलों से रौंदा

मेजबान अमेरिका की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप के राउंड ऑफ 32 में बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर में जगह बना ली है। फोलारिन बालोगुन ने हाफ टाइम से ठीक पहले अमेरिका के लिए निर्णायक गोल किया। यह टूर्नामेंट में उनका तीसरा गोल था। लेकिन फिर एक घंटे के निशान के ठीक बाद एक विवादास्पद फैसले में उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया गया, जिसके कारण उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच के लिए निलंबित किया जा सकता है।

अमेरिकी आक्रमण क्षेत्र के भीतर ही बालोगुन और बोस्नियाई डिफेंडर तारिक मुहारेमोविक के बीच टक्कर होने पर उन्हें लाल कार्ड दिखाया गया। शुरुआत में दोनों खिलाड़ी जमीन पर गिर पड़े, लेकिन फिर वीडियो सहायक रेफरी ने रेफरी, ब्राजील के राफेल क्लॉस को मॉनिटर पर बुलाया।

स्लो-मोशन फुटेज देखने के बाद, क्लॉस ने निष्कर्ष निकाला कि बालोगुन ने अपने जूते मुहारेमोविक के पैर पर रगड़े थे और उनके टखने पर भी चोट पहुंचाई थी, जिसके चलते उन्हें गंभीर फाउल प्ले के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया। बालोगुन सदमे में दिखे; वे लड़खड़ाते हुए साइडलाइन पर गए और क्रिस्टियन पुलिसिक और टिम वेह ने उन्हें सांत्वना दी। विश्व कप में रेड कार्ड के लिए एक मैच का निलंबन मानक है, हालांकि अमेरिका संभवतः अपील करेगा।

बालोगुन विश्व कप में लाल कार्ड पाने वाले पांचवें अमेरिकी खिलाड़ी हैं और 2006 के फाइनल में फ्रांस के जिनेदिन जिदान के बाद किसी भी देश के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक ही नॉकआउट मैच में गोल करने के साथ-साथ लाल कार्ड भी प्राप्त किया है।

10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए, अमेरिका ने न केवल अपनी बढ़त बनाए रखी, बल्कि 82वें मिनट में मलिक टिलमैन के बोस्नियाई दीवार को भेदते हुए शानदार फ्री किक ने अमेरिका के लिए जीत सुनिश्चित कर दी। अमेरिका ने इतिहास में केवल दूसरा और 2002 के बाद पहला विश्व कप नॉकआउट मैच जीता। इस जीत के साथ अमेरिकी टीम ने यूरोपीय टीमों के खिलाफ लगातार 10 मैचों में हार का सिलसिला भी तोड़ दिया है और अब अगले दौर में उनका सामना बेल्जियम से होगा, जहां उनके पास बदला लेने का मौका होगा: बेल्जियम ने उन्हें 2014 विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में बाहर कर दिया था।

खेल का शुरुआती हिस्सा काफी संतुलित लग रहा था। अमेरिका का खेल पर पूरा नियंत्रण था और गेंद पर उनका अधिक समय तक कब्जा था, लेकिन ऐसा लग रहा था कि बोस्निया यही चाहता था। उन्होंने अमेरिकी हमलों को नाकाम किया, डिफेंडरों को फुर्ती से बदलते रहे और खेल को मैदान के किनारों की ओर ही ले जाते रहे। कुछ खतरनाक मौके भी आए, लेकिन हाफ टाइम आते-आते अमेरिका ने सिर्फ एक ही शॉट गोल पर लगाया था।

बालोगुन सबसे ज्यादा निराश खिलाड़ियों में से थे, उन्होंने कई बार अपना हाथ जमीन पर पटका। उनका दावा था कि बोस्नियाई डिफेंडर लगातार उनकी कमीज खींच रहे थे, उन्होंने रेफरी से पेनल्टी की मांग की जो उन्हें नहीं मिली, और 33वें मिनट में उन्होंने गोल कर दिया, लेकिन उसे ऑफसाइड करार देकर रद्द कर दिया गया।

बोस्निया को पूरा यकीन था कि उन्होंने मैच को हाफ टाइम तक बराबरी पर लाने के लिए काफी कुछ कर लिया है। लेकिन 45वें मिनट में टिम रीम ने मैदान के बीच में गेंद छीन ली और टायलर एडम्स की ओर गेंद बढ़ाई , जिन्होंने बड़ी चतुराई से टिलमैन को पास दिया। मिडफील्डर ने एक ऐसा पास दिया जो संयोगवश उछला, बोस्नियाई रक्षापंक्ति ने उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन वह अपने साथी खिलाड़ी से टकराकर वापस आ गई और गेंद बालोगुन के पास गिरी, जिन्होंने उसे गोलकीपर के नीचे से गोल में डाल दिया।

आखिर क्‍यों टला इंदौर के विकास पर होना वाला आयोजन, क्‍या मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का लेटर बम है वजह

Kailash Vijayvargiya

इंदौर के विकास को लेकर शहर में 3 जुलाई को होने वाला कार्यक्रम टल गया है। इस आयोजन में इंदौर के विकास को लेकर कई तरह के विमर्श होना थे। लेकिन ऐनमौके पर यह आयोजन टल गया है। इसकी वजह मुख्यमंत्री मोहन यादव की व्यस्तता बताई जा रही है। हालांकि अब नए सिरे से तिथि की घोषणा की जाएगी। इस आयोजन के लिए ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर तक बुक कर लिया गया था और शहर के गणमान्य नागरिकों को कार्ड भी बांट दिए गए थे।

लेकिन 2 जुलाई को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का लेटर कांड हो गया, जिसमें एक अखबार ने दावा किया था इंदौर में विकास की अनदेखी से नाराज मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम यादव को लेटर लिखा है। हालांकि मंत्री विजयवर्गीय ने लेटर लिखने के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आखिर इंदौर के विकास को लेकर जो आयोजन तय हो गया था, जिसके निमंत्रण कार्ड भी बंट गए थे, वो अचानक रद्द क्‍यों कर दिया गया।

क्‍या कैलाशजी का लेटर है वजह : कार्यक्रम की घोषणा और उसके टलने को भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के लेटर कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले में सियासत तेज हो गई है और कांग्रेस की तरफ से भी बयान आने लगे हैं। कांग्रेस में भाजपा की इस अंदरूनी खींचतान को लेकर खूब चटखारे लिए जा रहे हैं।

बता दें कि 2 जुलाई को एक अखबार के माध्‍यम से खबर सामने आई थी कि इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा को लेकर 20 जून को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक चिट्ठी लिखी थी। पत्र में शहर के साथ हो रहे भेदभाव, परियोजनाओं में देरी सहित अन्य मुद्दों का जिक्र किया गया था। लेकिन मीडिया के सामने मंत्री विजयवर्गीय ने इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्‍होंने कहा कि मुझे नहीं पता, जिस अखबार में छपा है उसी से जाकर पूछ लो।

क्‍या था कथित लेटर में : मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कथित पत्र में दावा किया गया है कि ढाई साल से इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा से आहत हूं। इन वर्षों के दौरान उपेक्षा और असहयोग ही मिला है। पत्र में यह भी कहा गया बताया था कि शहर से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाना उनकी विवशता होगी। मंत्री ने मास्टर प्लान में देरी, एयरपोर्ट विस्तार की कवायद न होने, पीथमपुर के बजाय विक्रमपुरी में नए सेंटर खोले जाने जैसी बातों का भी पत्र में उल्लेख किया था।

अचानक क्‍यों रद्द हो गया आयोजन : बता दें कि इंदौर में उम्मीदों का शहर इंदौर थीम पर सांसद शंकर लालवानी ने एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था। यह कार्यक्रम 3 जुलाई को होना था। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि फिलहाल कार्यक्रम टल गया है। नई तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।

दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI से जुड़े 4 आतंकी गिरफ्तार

Delhi Police Special Cell arrested four accused linked to terrorist network

Terror attack plot in Delhi foiled : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्यीय अभियान में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 3 पंजाब से और एक दिल्ली से है। ये सभी आतंकवादी हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे। इनके पास से हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये आरोपी आईएसआई हैंडलर शाहजाद भट्टी के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। ये नंबर उन्हें पाकिस्तानी हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे।

 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्यीय अभियान में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 3 पंजाब से और एक दिल्ली से है। ये सभी आतंकवादी हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे। इनके पास से हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

 

ISI हैंडलर शाहजाद भट्टी के संपर्क में थे आरोपी 

ये आरोपी आईएसआई हैंडलर शाहजाद भट्टी के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। ये नंबर उन्हें पाकिस्तानी हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दिल्ली और पंजाब में कई छापे मारे गए।

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पुलिस प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रैकी का सौंपा था काम 

स्पेशल सेल ने आरोपियों के पास से दो विदेशी पिस्तौल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। एक आरोपी को दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रैकी करने का काम सौंपा गया था। उसे दिल्ली में गोलीबारी की घटना को अंजाम देने का भी निर्देश दिया गया था। एक आरोपी ने पूछताछ में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ मिलने की बात कबूली है।

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मामला की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के तरनतारन निवासी शुबदीप सिंह उर्फ विशाल, गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि, अमृतसर निवासी साजन सिंह उर्फ हनी और फतेहगढ़ साहिब निवासी गगनप्रीत के रूप में हुई है। शुबदीप और साजन पहले भी NDPS एक्ट के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

Nifty 50 के 20 साल के रिटर्न महा-कैलकुलेशन: मंदी, क्रैश और महामारी झेलने के बाद भी मिला इतना बंपर रिटर्न, आंकड़े देख चौंक जाएंगे आप

Nifty 50 Long Term Investment Returns: शेयर बाजार के हालिया उतार-चढ़ाव और निफ्टी 50 के पिछले एक साल के -5.56 प्रतिशत के नेगेटिव रिटर्न को देखकर कई निवेशक असमंजस में हैं। वे सोच रहे हैं कि क्या वाकई लंबी अवधि में शेयर बाजार से तगड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है?

इस सवाल का जवाब जानने के लिए फंड्सइंडिया ने साल 2000 से 2025 तक के निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (Nifty 50 TRI) के रोलिंग रिटर्न का एक ऐतिहासिक विश्लेषण किया है। इस डेटा से एक बात बिल्कुल साफ हो गई है कि, आप बाजार में जितने लंबे समय तक टिके रहेंगे, आपका मुनाफा उतना ही पक्का और शानदार होगा। आइए समझते हैं कि 20 साल तक निवेशित इंवेसटेड रहने पर निफ्टी ने कैसा जादुई रिटर्न दिया है।

20 साल तक बाजार में टिके रहने का जादू

अगर आपने निफ्टी 50 में पूरे 20 साल के लिए पैसा लगाया होता, तो रिटर्न के आंकड़े बेहद हैरान करने वाले और राहत देने वाले हैं:

बाजार के बड़े झटके भी रहे बेअसर: इस 20 साल की अवधि में वे निवेशक भी शामिल थे जिन्होंने साल 2000 का डॉट-कॉम क्रैश, 2008 का वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 महामारी जैसी भयंकर गिरावटों को झेला था।

औसत रिटर्न 14% रहा: इतनी बड़ी-बड़ी ऐतिहासिक गिरावटों के बावजूद, 20 साल की अवधि में निफ्टी 50 का औसत सालाना रिटर्न 14 प्रतिशत रहा।

अधिकतम और न्यूनतम रिटर्न: इस दौरान निवेशकों को मिलने वाला सबसे बेहतरीन रिटर्न 16 प्रतिशत और सबसे खराब रिटर्न भी 11 प्रतिशत सालाना रहा।

इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने सबसे खराब समय पर भी बाजार में एंट्री ली होती और 20 साल तक टिके रहते, तो भी आपको हर साल कम से कम 11% का रिटर्न आराम से मिलता। यानी सही समय पर एंट्री करने से ज्यादा जरूरी बाजार में टिके रहना है।

शॉर्ट-टर्म बनाम लॉन्ग-टर्म: होल्डिंग पीरियड का बड़ा खेल

शॉर्ट-टर्म में आपकी एंट्री का समय बहुत मायने रखता है। अगर आपने मार्केट क्रैश से ठीक पहले निवेश किया, तो रिटर्न बेहद खराब दिख सकता है और अगर मंदी के ठीक बाद किया, तो रिटर्न बंपर दिखेगा। लेकिन लॉन्ग-टर्म में यह रिस्क खत्म हो जाता है:

1 साल का जोखिम: साल 2000 से 2025 के बीच, अगर किसी ने सिर्फ 1 साल के लिए पैसा लगाया, तो उसे अधिकतम 141 प्रतिशत का मुनाफा या न्यूनतम 65 प्रतिशत का भारी नुकसान तक झेलना पड़ा। यही कारण है कि शॉर्ट-टर्म में दो निवेशकों का अनुभव बिल्कुल अलग हो सकता है।

20 साल का भरोसा: वहीं, जैसे ही निवेश की अवधि बढ़कर 20 साल हुई, सबसे खराब रिटर्न भी सुधरकर 11% पर आ गया और बेस्ट रिटर्न 16% रहा। यानी समय बढ़ने के साथ अच्छे और बुरे रिटर्न का अंतर बहुत छोटा हो जाता है।

एक्सपर्ट व्यू: डिगी-फिनमार्ट प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर चिंतन कामदार का कहना है, ‘शुरुआत और अंत की तारीख देखकर रिटर्न बहुत अलग लग सकते हैं। इसलिए रोलिंग रिटर्न देखना ज्यादा सही तस्वीर दिखाता है। किसी एक समय का रिटर्न लंबी अवधि के निवेश की दिशा तय नहीं कर सकता।’

मार्केट क्रैश में कैसे काम करता है आपका SIP?

आनंद राठी वेल्थ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुभेंदु हरिचंदन के मुताबिक, हालिया परफॉर्मेंस देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। उन्होंने समझाया, ‘बाजार में गिरावट अक्सर निवेशकों के धैर्य की परीक्षा लेती है, लेकिन यही वह समय है जब आपकी एसआईपी सबसे बेहतरीन तरीके से काम करती है।

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वहीं मंदी या रिकवरी के दौरान, ‘रुपी-कॉस्ट एवरेजिंग’ के जरिए एसआईपी कम कीमतों पर म्यूचुअल फंड के अधिक यूनिट्स इकट्ठा करती है। इससे आपकी खरीद लागत कम हो जाती है और जब बाजार दोबारा ऊपर जाता है, तो आपको बंपर मुनाफा होता है।’

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी सीख

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि भविष्य में भी बिल्कुल ऐसा ही रिटर्न मिलेगा, क्योंकि पास्ट परफॉर्मेंस भविष्य की गारंटी नहीं होती। लेकिन ये सीख साफ है कि शॉर्ट-टर्म के -5.56% रिटर्न को देखकर निफ्टी 50 को जज न करें। शार्ट-टर्म में बाजार अनप्रेडिक्टेबल होता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में यह बेहद सुसंगत और भरोसेमंद साबित हुआ है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने प्राइवेट बैंकों में घटाया निवेश, आईटी शेयरों को पोर्टफोलियो से किया बाहर

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन का भारत के प्राइवेट बैंकों पर भरोसा घटा है। उसने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो से निफ्टी आईटी इंडेक्स को हटा दिया है। उसने कहा है कि बाजार की रफ्तार बढ़ाने वाला कोई फैक्टर नहीं दिख रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, इनफ्लेशन और मानसून से जुड़े रिस्क बाजार के लिए बड़े चैलेंज दिख रहे हैं।

शेयरों से कमाई के लिहाज से स्थितियां चुनौतीपूर्ण

Bernstein ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई को लेकर टेंशन कम हुआ है। क्रूड ऑयल की कीमतें भी काफी नीचे आ गई हैं। लेकिन, शेयर बाजार से कमाई के लिहाज से स्थितियां मुश्किल दिख रही हैं। कई बड़े सेक्टर बड़ी चुनौतियां का सामना कर रहे हैं। मौके मार्केट में सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयरों में हैं।

निफ्टी के लिए 26000 को टारगेट को बनाए रखा

बर्नस्टीन ने 1 जुलाई को जारी रिपोर्ट में ये बातें बताई हैं। उसने कहा है, “इंडिया में मार्केट के रिटर्न का आउटलुक अब भी मुश्किल दिख रहा है।” हालांकि, इस साल के अंत तक निफ्टी के 26,000 के टारगेट में उसने बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से निफ्ली करीब 8-9 फीसदी चढ़ सकता है।

पोर्टफोलियो से इन शेयरों को किया बाहर

ब्रोकरेज फर्म ने अपने पोर्टफोलियो में हाल में हुए बदलाव के तहत ICICI Bank, IndusInd Bank और निफ्टी आईटी इंडेक्स के शेयरों को बाहर कर दिया है। हालांकि, उसने Axis Bank और Zydus Life के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि उसने फाइनेंशियल शेयरों में इस साल की शुरुआत में अपना निवेश घटाया था। इस सेक्टर को लेकर अब भी उसका एप्रोच सेलेक्टिव है।

प्राइवेट बैंकों में पहले जैसी ग्रोथ नहीं दिख रही

बड़े प्राइवेट बैंकों के बारे में बर्नस्टीन ने कहा है कि इनमें पहले की साइकिल जैसी ग्रोथ विजिबिलिटी और गवर्नेंस प्रीमियम नहीं दिख रहा। सरकारी बैंकों से प्रतियोगिता बढ़ रही है और शॉर्ट टर्म में रीरेटिंग की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। उसने कहा है कि उसने इस साल खराब प्रदर्शन की वजह से आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड को पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है।

डेटा सेंटर ईकोसिस्टम में दिख रहे मौके

शेयर बाजार के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद बर्नस्टीन के इंडिया पोर्टफोलियो ने इस साल 1.1 फीसदी रिटर्न दिया है। यह इस दौरान निफ्टी के 6.7 फीसदी के निगेटिव रिटर्न से बेहतर है। उसने कहा है कि बाजार की मौजूदा स्थितियों में सीमित मौके दिख रहे हैं। ये मौके डेटा सेंटर ईकोसिस्टम और इमर्जिंग मैन्युफैक्चरिंग थीम में दिख रहे हैं। ये मौके ज्यादातर स्मॉलकैप स्टॉक्स तक सीमित हैं, जिससे मार्केट के कुल रिटर्न पर इनका असर पड़ने की संभावना नहीं है।