पेट्रोल-डीजल के दाम कब घटेंगे? केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया पूरा गणित

Petrol Diesel Price

Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट के बाद भी देश में पेट्रोल और डीजल के दाम क्यों नहीं घट रहे हैं? इस सवाल का जवाब खुद केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया है। उन्होंने साफ किया है कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल के कारण देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को 74 हजार 781 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने में थोड़ा वक्त लग रहा है।

कंपनियों ने उठाया भारी नुकसान

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत में तेल की कीमतों और सरकारी कंपनियों की मौजूदा स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट की। पुरी ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची थी।

इस दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, लेकिन घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए तेल कंपनियों ने कीमतों में आक्रामक बढ़ोतरी नहीं की। लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी (LPG) बेचने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को 30 जून तक की अवधि में कुल 74,781 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। ALSO READ: E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो क्या इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा? सरकार ने बताई सचाई, क्या बोलीं बीमा कंपनियां

क्रूड सस्ता होने पर भी क्यों नहीं घट रहे दाम?

आम जनता के मन में यह सवाल है कि जब पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें कम हुई हैं, तो भारत में ईंधन सस्ता क्यों नहीं हो रहा? इस पर तकनीकी कारण समझाते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अब निश्चित रूप से कम हुई हैं, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां अभी भी उस कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर रही हैं, जिसे पश्चिम एशिया संकट के चरम पर होने के दौरान महंगे दामों में खरीदा गया था। ALSO READ: पाकिस्तान समेत में कई देशों में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, भारत में क्यों नहीं मिली राहत? जानिए तेल कंपनियां दाम क्यों नहीं घटा रहीं?

 

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि रिफाइनरी कंपनियां ईंधन उत्पादन के लिए कच्चा तेल आमतौर पर कम-से-कम दो महीने पहले बुक या खरीदती हैं। ऐसे में वर्तमान में जिस कच्चे तेल से पेट्रोल-डीजल बनाया जा रहा है, वह मुख्य रूप से अप्रैल या मई की शुरुआत में खरीदा गया था, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर थीं।

आगे क्या होगा?

पेट्रोलियम मंत्री के इस बयान से साफ है कि जैसे ही महंगे कच्चे तेल का पुराना स्टॉक समाप्त होगा और कंपनियां कम कीमत पर खरीदे गए क्रूड का प्रसंस्करण शुरू करेंगी, वैसे ही उनका वित्तीय घाटा कम होने लगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी हफ्तों में वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 75-80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहता है और तेल कंपनियां अपने पिछले नुकसान की भरपाई कर लेती हैं, तो आगामी तिमाहियों में आम जनता को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत देखने को मिल सकती है।

यूपी में मानसिक मंदित संवासियों के भरण-पोषण के लिए अनुदान राशि 2000 से बढ़ाकर 3000

yogi adityanath in rampur

CM Yogi Decision for Divyangjan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों एवं हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण हेतु प्रति संवासी अनुदान राशि 2000 रुपए से बढ़ाकर 3000 रुपए प्रतिमाह किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। उन्हें पौष्टिक भोजन, समुचित स्वास्थ्य देखभाल और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। समय के साथ आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती लागत को देखते हुए संवासियों के भरण-पोषण की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाना आवश्यक है।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा

गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन से जुड़े प्रत्येक प्रयास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जनपद में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं तथा पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। श्रवण बाधित बच्चों का शीघ्र चिन्हांकन कर समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट तथा उपचार के बाद पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, भौतिक एवं शैक्षिक पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक सुविधाओं तथा शासकीय भवनों में बाधारहित वातावरण विकसित करने के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार शिक्षकों की समयबद्ध तैनाती की जाए। नियमित भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा तब तक ऐसी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

 

बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा दिव्यांग पेंशन योजना, कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना, शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना, निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना, कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम, बचपन डे-केयर सेंटर, विशेष विद्यालय, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा सहित अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

12,23,295 दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12,23,295 दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित हुए, जबकि 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को 43,689 विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसी अवधि में 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया तथा चालू वित्तीय वर्ष में 68 जनपदों से 335 बच्चों का चिन्हांकन किया जा चुका है।

 

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 तक जहां 10 जनपदों में बचपन डे-केयर सेंटर संचालित थे, वहीं वर्तमान में 25 जनपदों में इनका संचालन किया जा रहा है तथा 28 अन्य जनपदों में स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया प्रगति पर है। इसी प्रकार वर्ष 2017 तक 16 विशेष विद्यालय संचालित थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 28 हो गई है। इन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सहायक उपकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Used Car Study 2026: Hyundai Verna holds its value best among midsize sedans

Hyundai Verna resale value

Conducted in association with Spinny, India’s leading pre-owned car platform, the fourth edition of our Used Car Study analyses real-world resale values across a broad spectrum of vehicles sold in the Indian market to assess depreciation trends over a five-year ownership period. The study is based on actual transactional data shared by Spinny for vehicles sold between January 1 and August 31, 2025.

In this part of the resale value study series, we take a look at the midsize sedan segment:

Midsize sedan resale value 

*Average selling price (ASP) in Rs lakh

The Hyundai Verna petrol-manual displays the most stable depreciation curve among midsize sedans. Strong demand, modern styling and a well-rounded ownership experience appear to have positively influenced its used-market appeal. In contrast, five-year-old examples of the Honda City petrol-manual are currently trading at nearly half their original on-road prices. 

Between the two European rivals, the Volkswagen Virtus appears to retain value marginally better than the mechanically identical Skoda Slavia. Meanwhile, one-year-old and three-year-old examples of the now-discontinued Maruti Ciaz seem to hold its value relatively better than other midsize sedans of the same age.  

As per the study, the average selling price of a five-year-old midsize sedan retailed through Spinny was Rs 9.38 lakh. Comparable figures for three-year-old and one-year-old midsize sedans were Rs 11.25 lakh and Rs 12.95 lakh, respectively. Average depreciation over the same periods worked out to 43 percent, 34.8 percent and 24.8 percent, respectively.

Autocar-Spinny resale value study methodology 

The analysis covers the average selling prices (ASPs) of vehicles retailed through Spinny’s network across nine cities – Delhi-NCR, Bengaluru, Hyderabad, Pune, Chennai, Mumbai, Lucknow, Ahmedabad and Kolkata.

For the purposes of this study, depreciation has been defined as the percentage difference between a vehicle’s original on-road price in its year of manufacture and its resale value in 2025. In instances where a model was offered with multiple engine options using the same fuel type, the data has been consolidated and averaged. Variant-wise differences have similarly been averaged out.

Discontinued models and powertrain options have been excluded. Additionally, premium vehicles priced above Rs 30 lakh, electric vehicles and certain low-volume models have not been included due to limited transaction data and insufficient sample sizes.

Revolt’s electric motorcycle range explained: Where the RVX slots in

Revolt's electric motorcycle range explained: Where the RVX slots in

With the launch of the RVX, Revolt Motors has further expanded its electric motorcycle portfolio, strengthening its presence in India’s growing electric motorcycle market. The line-up now spans six models, catering to everyone from first-time EV buyers to those looking for a more performance-oriented electric motorcycle. While the RV1 and RV1+ are aimed at commuters, the BlazeX, RV400 BRZ, RV400 and the new RVX offer progressively higher levels of performance, equipment and styling. Here’s a closer look at where each model fits in the range.

RV1 and RV1+

Revolt RV1

The RV1 twins form the entry point into the Revolt range and are aimed squarely at urban riders. Priced at Rs 99,999, the RV1 gets a 2.2kWh removable battery, a 2.8kW mid-drive motor and a claimed 100km IDC range. The motorcycle adopts a straightforward commuter design with upright ergonomics, conventional cycle parts and minimal bodywork, keeping both costs and complexity in check.

For buyers covering longer daily distances, the Rs 1,04,990 RV1+ swaps in a larger 3.24kWh battery, increasing the claimed IDC range to 160km, while retaining the same motor and overall design. In essence, the RV1+ is less about additional performance and more about reducing charging frequency.

BlazeX and RV400 

Revolt RV BlazeX

The next step up is the RV BlazeX, priced at Rs 1,19,990. While it shares the 3.24kWh battery with the RV1+, it upgrades to a 4.1kW motor, claimed 150km IDC range and a higher 85kph top speed. Mechanically, it also benefits from upside-down front forks and fast-charging capability, while its styling is noticeably sportier than the commuter-focused RV1 twins.

The RV400 BRZ and RV400, priced at Rs 1,29,950 and Rs 1,39,950 respectively, continue with the same 3.24kWh battery and familiar naked streetfighter-inspired styling that has defined Revolt since the original RV400 debuted. The BRZ serves as the more accessible variant, while the standard RV400 continues as the range-topper in terms of price and equipment.

Revolt RV400

RVX

Rather than replacing the RV400, the new RVX introduces an altogether different proposition. Priced at an introductory Rs 1.30 lakh, it debuts a sharper and more aggressive design language, with similar LED headlight, angular body panels, muscular tank shrouds, unique graphics with ‘X’ motif, giving it a refreshed appearance than the rest of the range.

Revolt RVX

Under the bodywork sits a new 4kW mid-drive PMSM motor producing 5.3kW of peak power and 230Nm of torque at the wheel, making it the most powerful electric motorcycle Revolt has built. The motor is paired with a 3.24kWh removable NMC battery, which delivers a claimed 160km IDC range. Performance claims include a 0-40kph time of 3.9 seconds, while the new Boost mode unlocks a 90kph top speed. The battery also supports 0-80 percent charging in 80 minutes with the fast charger.

Where does the RVX fit?

Positioned alongside the RV400 BRZ at the upper end of Revolt’s line-up, the RVX expands the brand’s portfolio rather than replacing any existing model. It distinguishes itself with gold-finished USD forks, contrasting body accents and exclusive colour options, giving it a sportier appearance aimed at younger buyers. While the RV400 remains the most expensive motorcycle in the range, the RVX offers buyers an alternative with a different visual identity and positioning within Revolt’s electric motorcycle portfolio.

IMD Alert: प्रचंड गर्मी के मौसम में इस साल AC की मांग क्यों ठंडी पड़ी? हीटवेव से बचने के लिए लोग कर रहे हैं ये काम

Heatwave Alert in india: चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में गर्मी से जुड़े उत्पादों की मांग में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। मौसम में आए बदलाव और महंगाई के दबाव के कारण एयर कंडीशनर (AC) की बिक्री अपेक्षा से कमजोर रही है। वहीं, ठंडे ड्रिंक्स, आइसक्रीम, डेयरी उत्पाद और अन्य ताजगी देने वाले उत्पादों की मांग मजबूत बनी रही। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि जून में कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, आंधी और शाम के समय अपेक्षाकृत कम तापमान रहने से AC की जरूरत कम महसूस हुई।

वहीं, बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ता महंगे एसी खरीदने के बजाय एयर कूलर और पंखों जैसे अपेक्षाकृत सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह के कारोबार प्रमुख और ईवीपी (उपकरण कारोबार) कमल नंदी ने पीटीआई से कहा कि ठंडक प्रदान करने वाले उत्पादों की कैटेगरी में मांग का रुख मिला-जुला रहा। रेफ्रिजरेटर की मांग सामान्य और प्रीमियम दोनों वर्गों में मजबूत बनी हुई है, जबकि मानसून के आगमन के साथ वॉशिंग मशीन की मांग भी बढ़ रही है।

AC की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट

हालांकि, उन्होंने कहा कि जून में पूरे देश खासकर उत्तर भारत में एसी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट आई है। उनके अनुसार, उद्योग स्तर पर एसी की बिक्री घटी है। इसकी बड़ी वजह मौसम में बदलाव है। कई क्षेत्रों में आंधी-बारिश और रात के समय तापमान कम रहने से लोगों को एसी की जरूरत पहले जैसी नहीं रही। इसके अलावा महंगाई के चलते उपभोक्ता गैर-जरूरी खर्च टाल रहे हैं।

नंदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कई दौर की मूल्य वृद्धि के कारण एसी की कीमतें करीब 18 से 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से कई उपभोक्ता एसी की जगह एयर कूलर और पंखों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

गर्मी का मौसम उद्योग की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा

एक प्रमुख एसी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस बार गर्मी का मौसम उद्योग की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, विशेषकर जून का महीना कमजोर रहा। हालांकि, चालू वर्ष में अब तक उद्योग के कारोबार में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी और ऊंची कीमतें हैं।

इन कंपनियों की हुई बंपर कमाई

इसके उलट पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों ने गर्मियों के दौरान मजबूत मांग दर्ज की। कोका-कोला भारत और दक्षिण-पश्चिम एशिया के उपाध्यक्ष (ग्राहक विकास) अभिषेक गुप्ता ने कहा कि कंपनी को पूरे गर्मी के मौसम में अच्छी मांग मिल रही है। छोटे पैक, क्विक कॉमर्स और चलते-फिरते उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति से बिक्री को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि कंपनी अपने बॉटलिंग साझेदारों के साथ मिलकर ठंडे पेय की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कूलिंग ढांचे और वितरण नेटवर्क का विस्तार कर रही है। डेयरी क्षेत्र में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला। मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने कहा कि जून तिमाही में कंपनी के ताजा डेयरी उत्पादों और आइसक्रीम कारोबार की बिक्री मात्रा में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग

उन्होंने बताया कि आइसक्रीम, दही और डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग ने इस वृद्धि को गति दी। हैवमोर आइसक्रीम के मैनेजिंग डायरेक्टर देबब्रत मुखर्जी ने कहा कि कोन, स्टिक और सिंगल-सर्व कप जैसे त्वरित उपभोग वाले उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। फटाफट सामान पहुंचाने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और तत्काल उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति से इन उत्पादों की बिक्री को विशेष बल मिला है।

डीएस ग्रुप के कारोबार प्रमुख (मसाला) संदीप घोष ने कहा कि गर्मियों के दौरान रायता मसाला, छाछ मसाला, जलजीरा और काला नमक जैसे पारंपरिक उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यह रुझान दर्शाता है कि पारंपरिक भारतीय स्वाद और पेय आज भी ग्रामीण और शहरी, दोनों बाजारों में उपभोक्ताओं की पहली पसंद बने हुए हैं।

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घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

A visual providing information on measuring blood pressure

Blood Pressure Measurement: ब्लड प्रेशर/Blood Pressure हमारे हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। यह बताता है कि हृदय द्वारा पंप किए जाने वाले रक्त का दबाव धमनियों की दीवारों पर कितना पड़ रहा है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, असंतुलित खान-पान, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) और लो ब्लड प्रेशर (Hypotension) जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करना बेहद जरूरी माना जाता है।ALSO READ: Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

 

हालांकि, बहुत से लोग घर पर डिजिटल BP मशीन से रक्तचाप मापते समय कुछ सामान्य गलतियां कर बैठते हैं, जैसे तुरंत चलकर BP चेक करना, गलत आकार का कफ (Cuff) इस्तेमाल करना, बात करते हुए BP मापना या गलत मुद्रा में बैठना। इन कारणों से रीडिंग वास्तविक स्थिति से अलग आ सकती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी निर्णय प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय, सही मुद्रा और सही तकनीक अपनाकर ही ब्लड प्रेशर की सटीक रीडिंग प्राप्त की जा सकती है।

 

आइए यहां जानते हैं ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका क्या है?

 

1. जांच से पहले की तैयारी (30 मिनट पहले)

कैफीन और स्मोकिंग से बचें: बीपी नापने से आधा घंटा पहले चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या सिगरेट का सेवन न करें।

 

व्यायाम न करें: भारी काम या एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद रीडिंग न लें।

 

यूरिन पास कर लें: मूत्राशय (Bladder) भरा होने से भी ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ आ सकता है।

 

2. सही पोजीशन (बैठने का तरीका)

शांत बैठें: रीडिंग लेने से पहले कम से कम 5 मिनट तक आराम से शांत बैठें।

 

पीठ और पैर: किसी आरामदायक कुर्सी पर पीठ टिकाकर बैठें। आपके दोनों पैर जमीन पर सीधे फ्लैट होने चाहिए यानी क्रॉस करके न बैठें।

 

हाथ की पोजीशन: अपने हाथ को किसी मेज या सपोर्ट पर इस तरह रखें कि आपका कफ (Cuff) आपके दिल (Heart) के लेवल पर हो।ALSO READ: Cashew health effects: प्रतिदिन 5 काजू खाने से क्या होगा सेहत पर असर

 

3. कफ बांधने का सही तरीका

कफ को हमेशा सीधे त्वचा यानी नंगे हाथ पर बांधें, कपड़ों के ऊपर नहीं।

 

कफ न तो बहुत ढीला होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा टाइट अर्थात् इतना गैप हो कि दो उंगलियां अंदर जा सकें।

 

कफ की निचली कोहनी के जोड़ से लगभग 1 इंच ऊपर होनी चाहिए।

 

4. रीडिंग लेते समय

पूरी तरह शांत रहें: जब मशीन चल रही हो, तो न तो खुद बोलें और न ही दूसरों की बात का जवाब दें।

 

दो बार नापें: सटीक नतीजे के लिए 1-2 मिनट के गैप पर दो रीडिंग्स लें और उनका औसत (Average) निकालें।

 

एक जरूरी बात: अपने बीपी की रीडिंग्स को एक डायरी में तारीख और समय के साथ नोट करते रहें, ताकि आप अपने डॉक्टर को सही रिपोर्ट दिखा सकें।

 

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इंदौर में डिलीवरी बॉय ने जहर खाकर दी जान, क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया था, आजाद नगर में भी फांसी लगाई

इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय ने कथित तौर पर क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाने के तनाव में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। वहीं, आजाद नगर क्षेत्र में भी एक 21 साल के युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों की पुलिस जांच कर रही है।

चंदन नगर थाना पुलिस के अनुसार व्यास नगर निवासी लखन (25) पुत्र राजू कोटे ने बुधवार को अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर पत्नी ने बड़े भाई करण को सूचना दी, जिसके बाद परिजन उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। उपचार के दौरान गुरुवार तड़के करीब 3 बजे उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने बताया कि लखन पार्सल डिलीवरी के साथ-साथ रेपिडो चलाकर परिवार का खर्च चलाता था। पिछले कुछ समय से कामकाज ठीक नहीं चल रहा था। आर्थिक तंगी के चलते उसने क्रेडिट कार्ड से कर्ज लिया था, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। इसी वजह से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था।

साल भर पहले हुई थी शादी : लखन की करीब डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। परिवार में माता-पिता, पत्नी और एक बड़ा भाई है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसने कितना कर्ज लिया था, इसकी जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।

आजाद नगर में लगाई फांसी : वहीं, आजाद नगर थाना क्षेत्र के इदरीश नगर निवासी अनोज एड्रयू (21) ने बुधवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव कुछ परिचित एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि शव अस्पताल पहुंचाने वालों से अभी संपर्क नहीं हो सका है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।

Share Bazaar में लगातार दूसरे दिन बहार, Sensex 579 अंक उछला, Nifty भी 24000 के पार

Indian stock market saw gains for second consecutive day on Thursday

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को यानी आज लगातार दूसरे दिन तेजी रही। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के चलते तेल की कीमतों में नरमी आने से सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत उछलकर 77502.12 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 फीसदी चढ़कर 24175.70 पर पहुंच गया। सबसे ज्‍यादा बढ़त इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व के शेयरों में आई।

 

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को यानी आज लगातार दूसरे दिन तेजी रही। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के चलते तेल की कीमतों में नरमी आने से सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत उछलकर 77502.12 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 फीसदी चढ़कर 24175.70 पर पहुंच गया।

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सबसे ज्‍यादा बढ़त इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व के शेयरों में आई। सेक्टर के हिसाब से IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई। बुधवार को कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत खत्म होने की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतें और गिरीं, जिससे शेयर बाजार में बढ़त हुई।

इस बीच बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के 476.50 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 480 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति एक दिन में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई। हालांकि इस बीच भारतीय रुपया 15 पैसे गिरकर 95.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

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इससे पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में पिछले 2 दिनों से जारी गिरावट पर विराम लग गया। बीएसई का सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76922.64 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24005.85 अंक पर पहुंच गया।

India-Japan trade: AI से लेकर नेक्स्ट-जेन मोबिलिटी तक… भारत-जापान संबंधों का नया अध्याय, जानिए बड़ी बातें

India-Japan trade: भारत और जापान के रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची अपने पहले भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें अपनी ‘छोटी बहन’ बताया। दोनों नेताओं के बीच नई दिल्ली में 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री तकाइची का भव्य स्वागत किया गया। उन्हें औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इसके बाद नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और तकाइची के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।

भारत और जापान ने गुरुवार को कई अहम पहलों की घोषणा की। इसमें एक इकोनॉमिक पार्टनरशिप फ्रेमवर्क और मिलिट्री इक्विपमेंट को मिलकर डेवलप करने के लिए एक डिफेंस एग्रीमेंट शामिल है। इन पहलों की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापान की अपनी समकक्ष सनाए तकाइची के बीच समिट बातचीत के बाद की गई। मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए, जिसमें इकोनॉमिक सिक्योरिटी पर एक घोषणा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग पर एक जॉइंट स्टेटमेंट और एनर्जी सप्लाई चेन में सहयोग को मजबूत करने का एक एग्रीमेंट शामिल है।

कल्चरल वैल्यू से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी तक 

प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा, “भारत और जापान की इकोनॉमी एक-दूसरे की पूरक हैं। कल्चरल वैल्यू से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी तक, हम अपनी सोच और कामों में भी समानताएं शेयर करते हैं।” उन्होंने कहा, “हमारे रिश्ते की नींव अटूट आपसी भरोसे पर टिकी है।” PM मोदी ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए एक जॉइंट रोडमैप बनाया है।

सप्लाई चेन को और मजबूत और लचीला बनाएंगे

पीएम मोदी ने कहा, “इसके जरिए हम सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटीरियल जैसे स्ट्रेटेजिक सेक्टर में सप्लाई चेन को और मजबूत और लचीला बनाएंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जापान ने एनर्जी सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के ज़रिए, हम इंडिया में 1,000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र प्लांट लगाएंगे। इससे इंडियन गांवों में खुशहाली आएगी और गांव की रोजी-रोटी और मजबूत होगी।”

भारत-जापान में कई अहम करार

PM मोदी और तकाइची की मौजूदगी में इकोनॉमिक सिक्योरिटी, क्लीन एनर्जी, जरूरी टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के एरिया में कोऑपरेशन से जुड़े जरूरी मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) एक्सचेंज किए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इंडिया और जापान डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू होने की 75वीं एनिवर्सरी के मौके पर ऑर्गनाइज़ किए जाने वाले इवेंट्स की एक लिस्ट पर भी सहमत हुए।

पीएम मोदी ने इंडिया-जापान रिलेशन की मजबूती और इंपॉर्टेंस पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन पहले, G7 समिट में मैंने कहा था कि आज के ग्लोबल उथल-पुथल के माहौल में आपसी भरोसा हमारा सबसे बड़ा स्ट्रेटेजिक रिसोर्स है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे गर्व है कि इंडिया-जापान पार्टनरशिप इस टेस्ट में पूरी तरह खरी उतरी है।”

PM मोदी ने कहा कि जापान की सटीक टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमताओं का मेल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई तेजी और ताकत देगा। उन्होंने कहा, “डिफेंस सेक्टर में हमने भारत और जापान के बीच पहले जॉइंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर एक एग्रीमेंट साइन किया है।” जापानी प्रधानमंत्री तीन दिन के भारत दौरे पर हैं।

जापानी पीएम ने क्या कहा?

इस दौरान तकाइची ने कहा कि दोनों पक्ष इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन कोऑपरेशन के जरिए इकोनॉमिक डेवलपमेंट पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक मजबूत इकोनॉमी बनाने के लिए कमिटेड हूं और 17 स्ट्रेटेजिक सेक्टर में इन्वेस्टमेंट के जरिए जापान की सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को बढ़ाने का लक्ष्य रखती हूं।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘डेवलप्ड इंडिया’ लॉन्च किया, जो 2047 तक भारत को एक डेवलप्ड देश बनाने का एक नेशनल लक्ष्य है और वह भारत के डेवलपमेंट प्रोसेस को जोर-शोर से आगे बढ़ा रहे हैं।” जापानी प्रधानमंत्री ने कहा, “इस तरह हम भविष्य में इन्वेस्टमेंट के ज़रिए अपने देशों को मज़बूत और खुशहाल बनाने के लक्ष्य को शेयर करते हैं।”

हाल के सालों में भारत और जापान के रिश्ते मजबूत हुए हैं। 2014 में दोनों देशों को स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया। दोनों देश 2027 में डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू होने की 75वीं सालगिरह मनाएंगे। सिक्योरिटी, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, इकोनॉमिक सिक्योरिटी, साइंस और टेक्नोलॉजी, कल्चर और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई एरिया में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इस बाइलेटरल फ्रेमवर्क में अब 70 से ज्यादा डायलॉग मैकेनिज्म शामिल हैं।

स्ट्रेटेजिक एजेंडा को आगे बढ़ाने का मुख्य फोरम

प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल अगस्त में टोक्यो में हुए 15वें सालाना समिट के लिए जापान गए थे। सालाना समिट दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप के स्ट्रेटेजिक एजेंडा को आगे बढ़ाने का मुख्य फोरम है। PM मोदी ने जापानी PM के साथ विस्तृत बातचीत की।

इस बातचीत में दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते बढ़ाने, सेमीकंडक्टर्स के लिए एक मजबूत और लचीली सप्लाई चेन बनाने और जरूरी टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया गया। बातचीत के बाद, दोनों पक्षों के आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर एक जॉइंट डिक्लेरेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है।

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Lenovo Tab Plus Gen 2 भारत में लॉन्च, 12.1-इंच 2.5K डिस्प्ले, JBL के 9 स्पीकर्स और 10,200mAh बैटरी के साथ आया नया टैबलेट

Lenovo Tab Plus Gen 2

Lenovo ने भारतीय बाजार में अपना नया Lenovo Tab Plus Gen 2 टैबलेट लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने नई LOQ Gaming Monitor सीरीज भी पेश की है। नया टैबलेट एंटरटेनमेंट, मल्टीटास्किंग, पढ़ाई, ऑफिस वर्क और गेमिंग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। फिलहाल यह टैबलेट Celestial White कलर में उपलब्ध है। इसे Lenovo की आधिकारिक वेबसाइट, प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और देशभर के रिटेल स्टोर्स से खरीदा जा सकता है।

 

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इन नए प्रोडक्ट्स के साथ Lenovo ने भारत में प्रीमियम टैबलेट और गेमिंग एक्सेसरीज़ सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की कोशिश की है। इसमें 12.1-इंच का 2.5K डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 7400 प्रोसेसर, JBL के 9 स्पीकर्स और 10,200mAh की बड़ी बैटरी जैसे प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं।

 

Lenovo Tab Plus Gen 2 की भारत में कीमत

Lenovo Tab Plus Gen 2 को दो स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है।

 

  • 8GB RAM + 128GB स्टोरेज: ₹35,999
  • 8GB RAM + 256GB स्टोरेज: ₹38,999

 

12.1-इंच 2.5K डिस्प्ले और दमदार प्रोसेसर

Lenovo Tab Plus Gen 2 में 12.1-इंच का 2.5K IGZO LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 800 निट्स पीक ब्राइटनेस और 249ppi पिक्सल डेंसिटी के साथ आता है। बेहतर परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 7400 चिपसेट लगाया गया है, जिससे गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होता है।

JBL के 9 स्पीकर्स और Dolby Atmos का सपोर्ट

ऑडियो अनुभव को शानदार बनाने के लिए टैबलेट में JBL द्वारा ट्यून किया गया 9-स्पीकर सिस्टम दिया गया है, जो Dolby Atmos तकनीक के साथ आता है। कंपनी का दावा है कि यह किसी भी टैबलेट में बेहतरीन साउंड एक्सपीरियंस प्रदान करेगा।

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Android 16 और 2030 तक सिक्योरिटी अपडेट

यह टैबलेट Android 16 पर चलता है। Lenovo ने इसमें Android 18 तक दो बड़े OS अपडेट देने का वादा किया है। साथ ही, डिवाइस को 2030 तक सिक्योरिटी अपडेट भी मिलते रहेंगे।

 

2TB तक स्टोरेज बढ़ाने की सुविधा

 

टैबलेट में 8GB LPDDR5 RAM और 256GB तक इंटरनल स्टोरेज का विकल्प मिलता है। इसके अलावा microSD कार्ड की मदद से स्टोरेज को 2TB तक बढ़ाया जा सकता है।

360-डिग्री किकस्टैंड और ब्लूटूथ स्पीकर मोड

Lenovo Tab Plus Gen 2 में 360-डिग्री रोटेटिंग किकस्टैंड दिया गया है, जिससे इसे अलग-अलग एंगल पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें Bluetooth Speaker Mode भी मिलता है, जिससे टैबलेट को ब्लूटूथ स्पीकर की तरह उपयोग किया जा सकता है। चार्जिंग के दौरान स्टैंडबाय मोड में यह फोटो फ्रेम या डेस्क क्लॉक की तरह भी काम करता है।

 

13MP कैमरा और 10,200mAh बैटरी

फोटोग्राफी के लिए टैबलेट में 13MP का रियर कैमरा और 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो वीडियो कॉलिंग और सामान्य फोटोग्राफी के लिए उपयुक्त है। डिवाइस में 10,200mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह 15 घंटे तक YouTube वीडियो प्लेबैक दे सकता है।

कनेक्टिविटी फीचर्स

कनेक्टिविटी के लिए टैबलेट में Wi-Fi 6, Bluetooth 5.4, Wi-Fi Direct, Wi-Fi Display और IP52 डस्ट व स्प्लैश रेजिस्टेंस का सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा यूजर्स अलग से Lenovo Tab Pen Plus, वायरलेस कीबोर्ड, प्रोटेक्टिव स्लीव और 68W USB-C चार्जर भी खरीद सकते हैं।

 

Lenovo LOQ गेमिंग मॉनिटर सीरीज भी लॉन्च

Lenovo ने भारत में नई LOQ Gaming Monitor सीरीज भी पेश की है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹9,799 रखी गई है। फिलहाल इसमें LOQ 24-10, LOQ 27-10 और LOQ 27Q-10 मॉडल उपलब्ध हैं, जबकि 32-इंच मॉडल जल्द लॉन्च किया जाएगा।

 

सबसे प्रीमियम LOQ 27Q-10 में 27-इंच QHD IPS डिस्प्ले, 180Hz रिफ्रेश रेट और 0.5ms रिस्पॉन्स टाइम मिलता है। यह HDR10, AMD FreeSync और VESA Adaptive Sync को सपोर्ट करता है, जिससे गेमिंग स्मूद और बेहतर विजुअल क्वालिटी के साथ होती है। ये मॉनिटर PlayStation 5, Xbox और Nintendo Switch जैसे गेमिंग कंसोल के साथ भी पूरी तरह संगत हैं।