Apple Foldable iPhone : इस साल आ सकता है Apple का पहला फोल्डेबल iPhone, 12GB RAM और 5800mAh बैटरी समेत मिल सकते हैं ये फीचर्स

Apple का पहला फोल्डेबल iPhone इस साल लॉन्च हो सकता है। कंपनी के इस बहुप्रतीक्षित फोल्डेबल फोन को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही हैं। अब लग्जरी स्मार्टफोन निर्माता Caviar की ओर से सामने आई नई जानकारी ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि, Apple ने अभी तक फोल्डेबल iPhone के फीचर्स या लॉन्च को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है।

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Caviar ने कथित प्रीमियम फोल्डेबल iPhone से जुड़ी कुछ जानकारियां साझा की हैं। इनमें बड़ी बैटरी, दमदार प्रोसेसर और एडवांस कैमरा सिस्टम जैसे फीचर्स शामिल हैं। अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो Apple का फोल्डेबल iPhone डिजाइन और फीचर्स के मामले में फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में नया मानक स्थापित कर सकता है।

 

iPhone Fold में मिल सकता है A20 Pro चिप

 

Caviar के मुताबिक, Apple के फोल्डेबल iPhone में कंपनी की अगली पीढ़ी का A20 Pro चिपसेट दिया जा सकता है। इसके साथ फोन में 12GB RAM मिलने की बात कही गई है।

 

अगर ऐसा होता है तो यह iPhone को हाई-एंड टैबलेट के करीब ले जा सकता है। ज्यादा RAM और पावरफुल प्रोसेसर की मदद से फोन में मल्टीटास्किंग और दूसरे हैवी टास्क बेहतर तरीके से किए जा सकेंगे। हालांकि, Apple ने अभी तक A20 Pro चिप या फोल्डेबल iPhone प्रोजेक्ट को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

 

48MP के डुअल कैमरे मिलने की उम्मीद

 

कैमरा सेटअप की बात करें तो Caviar के अनुसार, फोल्डेबल iPhone के रियर पैनल पर दो 48MP कैमरे दिए जा सकते हैं। ये कैमरे स्पेशियल फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट कर सकते हैं।

 

वहीं, फोन के फ्रंट कैमरे को डिस्प्ले के नीचे दिया जा सकता है। इसकी क्षमता 24MP बताई गई है। अंडर-डिस्प्ले कैमरा इस्तेमाल होने की स्थिति में फोल्डेबल स्क्रीन पर न तो नॉच होगा और न ही पंच-होल।

 

अगर Apple वास्तव में इस तरह का डिजाइन पेश करता है तो यह कंपनी के मौजूदा Face ID और फ्रंट कैमरा सिस्टम में बड़ा बदलाव होगा।

 

5800mAh की बड़ी बैटरी

 

Caviar का दावा है कि Apple के फोल्डेबल iPhone में 5,800mAh की बैटरी दी जा सकती है। अगर यह जानकारी सही होती है तो यह अब तक किसी iPhone में दी गई सबसे बड़ी बैटरी में से एक होगी।

 

फोल्डेबल डिस्प्ले, हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर और मल्टीटास्किंग जैसे फीचर्स को देखते हुए बड़ी बैटरी की जरूरत भी होगी। Apple पतले और कॉम्पैक्ट डिजाइन के अंदर इतनी बड़ी बैटरी कैसे फिट करता है, यह देखने वाली बात होगी।

 

अभी सिर्फ अफवाहों तक सीमित है iPhone Fold

 

हालांकि, इन सभी जानकारियों को फिलहाल अफवाह और लीक के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Caviar एक लग्जरी और कस्टम स्मार्टफोन निर्माता है और उसके द्वारा साझा की गई जानकारी Apple की आधिकारिक जानकारी नहीं है।

 

Apple ने अभी तक न तो फोल्डेबल iPhone के अस्तित्व की आधिकारिक पुष्टि की है और न ही इसके स्पेसिफिकेशंस या लॉन्च डेट का खुलासा किया है। ऐसे में 12GB RAM, 5800mAh बैटरी, 48MP कैमरा और A20 Pro चिप जैसी जानकारियों की पुष्टि के लिए Apple की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

 

फिर भी, अगर Apple 2026 में अपना पहला फोल्डेबल iPhone लॉन्च करता है तो यह कंपनी के लिए एक बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च होगा। फोल्डेबल स्मार्टफोन सेगमेंट में Apple के प्रवेश का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है और नया iPhone इस बाजार में प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा सकता है। (प्रतीकात्मक फोटो)

Bank Holidays: इस हफ्ते 2 दिन बंद रहेंगे बैंक! ब्रांच जाने से पहले चेक कर लें RBI की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays This Week: अगर इस हफ्ते आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो घर से निकलने से पहले आरबीआई (RBI) की हॉलिडे लिस्ट जरूर चेक कर लें। इस हफ्ते सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB देश के अलग-अलग हिस्सों में 2 दिन तक बंद रहने वाले हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, इस सप्ताह स्वतंत्रता दिवस और क्षेत्रीय त्योहारों के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।

इस हफ्ते कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

इस हफ्ते देश के अलग-अलग राज्यों में बैंक 4 से 5 दिन ही खुले रहेंगे:

13 अगस्त (गुरुवार)– देशभक्त दिवस (Patriots’ Day): 1891 के एंग्लो-मणिपुर युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मणिपुर राज्य में 13 अगस्त को सभी बैंक बंद रहेंगे।

15 अगस्त (शनिवार)– स्वतंत्रता दिवस व पारसी नववर्ष: 15 अगस्त को देश का राष्ट्रीय पर्व ‘स्वतंत्रता दिवस’ है। राष्ट्रीय अवकाश होने के कारण इस दिन पूरे भारत में सरकारी व प्राइवेट बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। इसी दिन पारसी नववर्ष (शहंशाही) भी मनाया जाएगा।

16 अगस्त को रविवार होने के कारण देशभर के बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

अगस्त महीने में आगे कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

15 अगस्त के अलावा, इस महीने में आगे भी कई त्योहारों और वीकेंड्स के कारण बैंकों में छुट्टियां रहने वाली हैं:

19 अगस्त (बुधवार): महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की जयंती पर केवल त्रिपुरा में बैंक बंद रहेंगे।

25 अगस्त (मंगलवार): मिलाद-उन-नबी, पहला ओणम और मिलाद-इ-शरीफ के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अगस्त (बुधवार): ईद-ए-मिलाद, बारहवफात और तिरुवोनम के अवसर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, एमपी, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और केरल में बैंक बंद रहेंगे।

28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, केरल और हिमाचल प्रदेश में बैंकों में अवकाश रहेगा।

आगामी वीकेंड हॉलिडे

  • 16 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)
  • 22 अगस्त: चौथा शनिवार
  • 23 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)
  • 30 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)

छुट्टियों में भी चालू रहेंगी ये ऑनलाइन सेवाएं

बैंकों में छुट्टी होने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का फायदा मिलता रहेगा। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई (UPI) सेवाएं और एटीएम (ATM) 24×7 चालू रहेंगे। आप Google Pay, PhonePe, Paytm या नेट बैंकिंग के जरिए बिना किसी रुकावट के पैसों का लेनदेन कर सकते हैं। ब्रांच से जुड़े काम चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट या कैश जमा/निकासी जैसी सेवाओं के लिए आपको बैंक खुलने का इंतजार करना होगा।

UPI : क्या यूपीआई से पेमेंट करना अब महंगा हो जाएगा? जानें अपने हर सवाल का जवाब

यूपीआई पेमेंट से जुड़ी कई खबरें आपने देखी होगी। इसकी वजह इससे जुड़े नियमों में कुछ बदलाव है। इन खबरों को देख पेमेंट के लिए रोजाना यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले कुछ लोग चिंतित हैं। उन्हें लगता है कि यूपीआई से पेमेंट करना अब महंगा हो जाएगा। क्या सच में ऐसा होने जा रहा है? आइए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए पेमेंट की सुविधा पूरी तरह से फ्री रहेगी। पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने 7 अगस्त को यह साफ कर दिया था। उसने कहा था कि यूपीआई कंज्यूमर्स के लिए फ्री बना बना रहेगा। साथ ही छोटे दुकानदारों को भी यूपीआई से से पेमेंट लेने पर कोई फीस नहीं चुकानी होगी।

अब सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले यूपीआई पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe के सीईओ समीर निगम ने भी यह बात साफ कर दी है। उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया ऐप X पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि यूपीआई पेमेंट्स कंज्यूमर्स के लिए फ्री बना रहेगा। दरअसल, लोकसभा में नया टैक्स अमेंडमेंट बिल पारित होने के बाद इस बारे में कनफ्यूजन बढ़ा है।

कुछ खास यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का प्रस्ताव है। इससे कंज्यूमर्स के बीच कनफ्यूजन बढ़ा है। कई कंज्यूमर्स को लगता है कि उब यूपीआई से पेमेंट करने पर उन्हें फीस चुकानी होगी। हालांकि, पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है। उसने कहा है कि अगर कहीं मर्चेंट सर्विस चार्ज लगता है तो यह मर्चेंट्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच का अरेंजमेंट है। इसका मतलब यह नहीं है कि कंज्यूमर्स को डिजिटल पेमेंट के लिए कोई चार्ज देना होगा।

PCI ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई चार्ज लगने वाला होगा तो उसका पेमेंट कमर्शियल अरेंजमेंट के तहत मर्चेंट को करना होगा। यह चार्ज कंज्यूमर्स यानी यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले आम आदमी से नहीं लिया जाएगा। दरअसल, टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 के तहत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के कुछ खास तरीकों पर एमडीआर लगाने का अधिकार सरकार को मिल गया है।

इस बिल के तहत 2,000 रुपये के कुछ खास बिजनेस-डायरेक्टेड यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर 0.25 से 0.4 फीसदी चार्ज लगाने का प्रस्ताव है। लेकिन, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होने वाला पेमेंट इस लेवी के दायरे में नहीं आएगा। इसका मतलब है कि प्रस्तावित फ्रेमवर्क कुछ ट्रांजेक्शंस के लिए मर्चेंट या बिजनेसेज के लिए है।

मर्चें डिस्काउंट रेट (MDR) एक तरह की फीस है, जो डिजिटल पेमेंट से जुड़ी है। आम तौर पर यह फीस मर्चेंट उन कंपनियों को चुकाता है जो ट्रांजेक्शन की प्रोसेसिंग में शामिल होती हैं। जहां तक यूपीआई की बात है तो अभी तक ज्यादातर ट्रांजेक्शंस बगैर एमडीआर के होते रहे हैं। इसका मतलब है कि इनमें मर्चेंट्स को कोई फीस नहीं चुकानी पड़ी है। इस ईकोसिस्टम पर आने वाले खर्च का बोझ बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और दूसरे पार्टिसिपेंट्स उठाते आ रहे हैं।

15 अगस्त 2026: स्कूल या कॉलेज में भाषण देना है? चुनें ये 5 दमदार टॉपिक्स

The image shows a school student delivering a speech from a podium, with the Tricolour in the background and the Red Fort, India Gate, and Qutub Minar visible on the other side.

15 अगस्त आने वाला है। इस बार भारत अपना 80वां स्वतं‍त्रता दिवस मनाने जा रहा है। स्कूल और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो गई है। यदि आप भी अपने स्कूल या कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं तो यहाँ 15 अगस्त को स्कूल या कॉलेज में भाषण देने के लिए 5 प्रासंगिक और प्रभावशाली टॉपिक्स दिए गए हैं।

 

1. “विकसित भारत @2047: हमारी सोच, हमारी ज़िम्मेदारी”

विषय: 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा।

प्रमुख बातें: स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के भारत को साकार करने में आज की युवा पीढ़ी का योगदान, शिक्षा, तकनीक और स्वच्छता में हमारी व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी।

किसके लिए उपयुक्त: कॉलेज छात्र या सीनियर स्कूल छात्र।

 

2.”आज़ादी का वास्तविक अर्थ: अधिकार या कर्तव्य?”

विषय: सिर्फ़ मौलिक अधिकार माँगना ही आज़ादी नहीं है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों का पालन करना भी स्वतंत्रता को बनाए रखने का आधार है।

प्रमुख बातें: यातायात नियमों का पालन, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनना।

किसके लिए उपयुक्त: स्कूल और कॉलेज दोनों के विद्यार्थियों के लिए।

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3.”डिजिटल क्रांति से आत्मनिर्भर भारत: युवाओं की भूमिका”

विषय: आधुनिक दौर में भारत का तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त होना।

प्रमुख बातें: यूपीआई (UPI), लोकल फ़ॉर वोकल, स्टार्ट-अप कल्चर और साइंस/तकनीक के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान।

किसके लिए उपयुक्त: कॉलेज या टेक-ओरिएंटेड छात्रों के लिए।

 

4.”गुमनाम नायकों को नमन: स्वतंत्रता संग्राम के अनदेखे पन्ने”

विषय: भगत सिंह, गांधीजी या नेहरू जी के अलावा उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया।

प्रमुख बातें: जनजातीय नायक (जैसे बिरसा मुंडा), महिला क्रांतिकारी और स्थानीय वीरों के योगदान को याद करना।

किसके लिए उपयुक्त: स्कूल के छात्रों (मिडिल और हाई स्कूल) के लिए।

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5.”विविधता में एकता: भारत की सबसे बड़ी ताक़त”

विषय: विभिन्न भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों के बावजूद देश का एक सूत्र में बँधे रहना।

प्रमुख बातें: समाज में भाईचारा, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाला पारंपरिक और सदाबहार विषय।

किसके लिए उपयुक्त: किसी भी वर्ग/कक्षा के छात्रों के लिए।

 

भाषण की शुरुआत और अंत के लिए सुझाव:

शुरुआत: किसी देशभक्ति शायरी या जोशीले नारे से करें (जैसे: “कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है…”)।

अंत: हमेशा भविष्य के सकारात्मक दृष्टिकोण और “जय हिंद, जय भारत!” के नारे के साथ करें।

भारत में अब मुफ्त UPI नहीं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन

MDR charge on UPI payment

मंगलवार को संसद में देश के भुगतान कानूनों में प्रस्तावित संशोधन पेश किए जाने के साथ ही भारत अपने लोकप्रिय यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से किए गए लेन-देन पर मर्चेंट शुल्क को फिर से लागू करने के एक कदम और करीब पहुंच गया है। ALSO READ: UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क में से एक यूपीआई ने जुलाई में 29.9 ट्रिलियन रुपये ($313.5 बिलियन) मूल्य के 23.6 बिलियन लेन-देन संसाधित किए। वॉलमार्ट का फोनपे और अल्फाबेट का गूगल पे यूपीआई के माध्यम से होने वाले भुगतान में अपना दबदबा बनाए हुए हैं।

उद्योग जगत के अधिकारियों ने लंबे समय से यह तर्क दिया है कि डिजिटल भुगतान में वृद्धि को बनाए रखना कठिन हो गया है क्योंकि भुगतान कंपनियों को यूपीआई लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं मिलता है, जिससे इस पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) में निवेश करने की उनकी क्षमता सीमित हो जाती है।

 

उद्योग और नियामक स्रोतों के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए भारत के भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन से डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुरू करने की अनुमति मिलेगी। सूत्रों ने कहा कि यह बदलाव एमडीआर वसूलने का एक कानूनी आधार तैयार करता है, लेकिन शुल्क के स्तर या वे कहाँ लागू होंगे, इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

 

एमडीआर वह शुल्क है जो व्यापारियों द्वारा डिजिटल लेन-देन को संसाधित करने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को दिया जाता है। हालांकि भारत में क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर लगभग 1.5% और डेबिट कार्ड पर 0.9% तक का एमडीआर लगता है, लेकिन वर्तमान में व्यापारियों के लिए यूपीआई लेन-देन मुफ़्त है।

 

दो दृष्टिकोणों पर विचार किया जा रहा है

नीति निर्माता दो व्यापक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं: एक निश्चित सीमा (थ्रेसहोल्ड) से ऊपर के लेन-देन पर एमडीआर लगाना या व्यापारी के वार्षिक टर्नओवर के आधार पर शुल्क वसूलना। एक प्रस्ताव में केवल बड़े व्यापारियों पर शुल्क लागू करने की बात कही गई है, जबकि उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों के लिए यूपीआई भुगतान मुफ़्त रहेगा।

 

सरकार 1.5 करोड़ रुपये (15 मिलियन रुपये) से अधिक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये ($20.97) से अधिक के लेन-देन पर 0.3% से 0.5% का एमडीआर लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। मंगलवार को जेफरीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन व्यापारी भुगतान मात्रा (वॉल्यूम) का केवल 4% हिस्सा हैं, लेकिन कुल लेन-देन मूल्य (वैल्यू) का लगभग 67% हिस्सा हैं।

UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

MDR Charges on UPI payment

सरकार ने संसद में ऐसा बिल पेश किया है जिससे 2000 रुपए से ऊपर के UPI बिजनेस ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक MDR चार्ज लगाने का रास्ता खुल सकता है। यह चार्ज व्यक्ति से व्यक्ति के ट्रांसफर पर यह लागू नहीं होगा। प्रस्तावित चार्ज केवल दुकानदारों और व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों की जेब से पैसे नहीं कटेंगे। ALSO READ: योगी सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा तोहफा, 2,023 रुपए करोड़ का प्रावधान, 5 मंडलों में खुलेंगे आयुष मेडिकल कॉलेज

 

निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर एमडीआर लगाने के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

 

क्या है MDR? 

एमडीआर वह फीस है जो मर्चेंट यानी दुकानदार डिजिटल पेमेंट की सुविधा के लिए बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक एमडीआर फ्रेमवर्क को रेगुलेट करता है। जनवरी 2020 से सरकार ने डिजिटल पेमेंट को तेजी से अपनाने के लिए यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो एमडीआर जरूरी कर दिया है। ALSO READ: Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

 

बड़े व्यापारियों के लिए मुफ्त नहीं रहेगा UPI

यूपीआई भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जहां हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में सिस्टम को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए सरकार और रेगुलेटर्स नए विकल्प तलाश रहे हैं। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई पेमेंट मुफ्त नहीं रहेगा।

 

95 फीसदी लेनदेन पर नहीं लगेगा MDR?

दावा किया जा रहा है कि 2000 की सीमा कुल यूपीआई लेनदेन का सिर्फ 5 फीसदी कवर करेगी, लेकिन इन लेनदेन का मूल्य कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का 65 फीसदी है। रोजमर्रा की खरीदारी जैसे दूध, सब्जी, किराना या ऑटो-टैक्सी के भुगतान पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जुलाई में 23.7 अरब यूपीआई लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपए रही। कहा जा रहा है कि अगर लागू भी हुआ तो 95 फीसदी लेनदेन पर एमडीआर नहीं लगेगा। इसके अलावा, सभी बिजनेस इस फीस को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे, जो बहुत छोटी राशि होगी।

‘UPI नहीं अब केवल कैश चलेगा’, लड़की ने शेयर की पूरी कहानी; लोग क्या बोले?

UPI को लेकर एक लड़की ने अपनी बात रखी है। उसने बताया कि कैसे यूपीआई के इस्तेमाल करो बंद करके उसे अपने बजट को संभालने में मदद मिली है। अब वह ज्यादातर समय कैश से ही पेमेंट करने की कोशिश करती है।

आप आसानी से सेट कर सकते हैं ऑटोपे और रेकरिंग यूपीआई मैनडेट, यहां जानिए पूरा प्रोसेस

ज्यादातर सब्सक्रिप्शंस के लिए हर महीने पेमेंट करना जरूरी होता है। कई यूटिलिटी सर्विसेज का भी पेमेंट हर महीने करना पड़ता है। मोबाइल बिल, इलेक्ट्रिसिटी बिल, ओटीसी सब्सक्रिप्शंस, इंश्योरेंस प्रीमियम, क्रेडिट कार्ड पेमेंट इसके उदाहरण हैं। आज की व्यस्तता भरी जिंदगी में किसी के लिए सभी सब्सक्रिप्शन का पेमेंट और उसकी ड्यू डेट याद रखना मुमकिन नहीं है। समय पर बिल का पेमेंट नहीं होने पर सर्विसेज बंद हो सकती हैं, जिससे आपको दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

हर महीने तय तारीख को बैंक अकाउंट से पैसा अपने आप कट जाएगा

इस समस्या का आसान समाधान ऑटोपे और रेकरिंग यूपीआई मैनडेट है। रेकरिंग पेमेंट के लिए यूपीआई मैनडेट सेट करना मुश्किल नहीं है। इससे सर्विस बंद होने या लेट पेमेंट पर पेनाल्टी लगने का खतरा नहीं रह जाएगा। हर बिल का पेमेंट तय तारीख को अपने आप आपके बैंक अकाउंट से हो जाएगा। ज्यादातर पेमेंट ऐप पर यह सुविधा उपलब्ध है। अगर यूजर के स्मार्टफोन में पेमेंट ऐप नहीं है तो इसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।

ऑटोपे मैनडेट सेट करने के लिए किसी डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं

खास बात यह है कि ऑटोपे सेट करने के लिए किसी तरह के डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है। यूजर को प्री-नोटिफिकेशन भी आता है। यह पेमेंट की तय तारीख से कम से कम 24 घंटे पहले आता है। इससे यूजर को पता चल जाता है कि उसके बैंक अकाउंट से बिल का पेमेंट होने वाला है। आजकल ज्यादा ओटीटी प्लेटफॉर्म सब्सक्रिप्शन लेते ही ऑटोपे पर जोर देते हैं।

ज्यादातर यूपीआई पेमेंट में होती हे ऑटोपे सेट करने की सुविधा

आप अपने स्मार्टफोन पर यूपीआई पेमेंट ऐप के जिरए ऑटोपे सेट कर सकते हैं। मान लीजिए आप गूगल पे ऐप का इस्तेमाल करते है। आपको स्क्रीन के दाहिने में सबसे ऊपर लगे अपने प्रोफाइल पिक्कचर पर टैप करना होगा। उसके बाद आपको ऑटोपे बटन पर क्लिक करना होगा। यहां आप अलग-अलग सर्विसेज के लिए मैनडेट सलेक्ट कर सकते हैं। आपको पेंडिंग सेक्शन में जाकर एक्सेप्ट बटन पर क्लिक करना होगा। आखिर में आपको यूपीआई पिन डालना होगा। इसके बाद आपका ऑटोपे सेट हो जाएगा।

यूपीआई पेमेंट ऐप में ऑटोपे मैनडेट सेट करने के हैं कई फायदे

फोनपे सहित दूसरे यूपीआई पेमेंट ऐप पर भी इसी तरीके से ऑटोपे सेट किया जा सकता है। एक बार सेट हो जाने पर किसी बिल या सर्विस का पेमेंट आपके बैंक अकाउंट से तय तारीख को अपने आप हो जाएगा। पहले सिर्फ बैंक के जरिए ऑटोपे की सुविधा मिलती थी। लेकिन, अब यूपीआई के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध हो गई है। यूपीआई पेमेंट ऐप ज्यादातर लोग इस्तेमाल करते हैं। इससे ऑटोपे सेट करना और भी आसान हो गया है।

‘₹79 कब कट गए, पता भी नहीं चलता’; UPI AutoPay का चौंकाने वाला खेल जानते हैं?

डिजिटल भुगतान की दुनिया में फ्री ट्रायल और ऑटोपे मैंडेट का एक चौंकाने वाला खेल सामने आया है। मुंबई के एक शख्स ने जब अपनी मां को यूपीआई इस्तेमाल करना सिखाया तो उन्हें पता चला कि बिना उनकी जानकारी के कई ऑटोपे मैंडेट एक्टिव हो चुके थे, और इसके एवज में पैसे लिए जा रहे थे।