RVUNL Recruitment 2026: राजस्थान में जेई समेत विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, जानें पदों की संख्या और आवेदन शुरू होने की तारीख

RVUNL Recruitment 2026: राजस्थान सरकार के उपक्रम राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) ने राज्य की पांच बिजली कंपनियों में 2,005 खाली पदों पर भर्ती के लिए एक लघु अधिसूचना जारी की है। यह नोटिफिकेशन, विज्ञापन संख्या RVUN/Rectt.-2026-27/01 के तहत जारी किया गया है। इसमें जूनियर इंजीनियर-I, जूनियर अकाउंटेंट और जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

अधिसूचना के अनुसार, योग्यता की शर्तों, आवेदन कार्यक्रम, चयन प्रक्रिया और भर्ती के अन्य निर्देश सहित विस्तृत विज्ञापन जुलाई 2026 के दूसरे पखवाड़े में जारी किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया डिटेल्ड नोटिफिकेशन के प्रकाशित होने के बाद शुरू होगी और आवेदन सिर्फ हिस्सा लेने वाले विद्युत निगमों की ऑफिशियल वेबसाइटों के जरिए ही लिए जाएंगे।

पांच पावर कंपनियों में बांटे गए हैं पद

इस भर्ती प्रक्रिया में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUN), राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPN), जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVN), अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVN) और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JdVVN) शामिल हैं।

2,005 पदों में से, 869 जूनियर इंजीनियर पोस्ट के लिए, 371 जूनियर अकाउंटेंट के लिए और 765 जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II के लिए हैं। सबसे ज्यादा पद जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II पोस्ट के लिए घोषित किए गए हैं।

जूनियर इंजीनियर-I (इलेक्ट्रिकल) के लिए, 727 पद निर्धारित किए गए हैं। जूनियर इंजीनियर-I (मैकेनिकल) के लिए 110 पोस्ट हैं, जबकि जूनियर इंजीनियर-I (सिविल) के लिए 32 पोस्ट हैं। अलग-अलग श्रेणी के लिए पदवार आरक्षण नियमों के अनुसार लागू होगा।

शैक्षिक योग्यता

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 18 से 28 साल के उम्मीदवार आवेदन करने के योग्य हैं। जूनियर इंजीनियर के पद के लिए आवेदन के पास संबंधित इंजीनियरिंग विषय में तीन साल का डिप्लोमा होना चाहिए। जूनियर अकाउंटेंट कैंडिडेट के पास कॉमर्स या संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए, जबकि जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II के लिए एप्लिकेंट के पास तय कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी और टाइपिंग स्किल्स के साथ ग्रेजुएट होना चाहिए।

आवेदन शुल्क

अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवार के लिए आवेदन शुल्क 1,000 रुपये तय किया गया है। एससी, एसटी, बीसी, ईडब्लूएस, पीडब्लूबीडी और सहरिया श्रेणी के उम्मीदवार को 500 रुपये देने होंगे। फीस का भुगतान बीएचआईएम यूपीआई, नेट बैंकिंग और स्वीकृत डेबिट कार्ड पेमेंट मोड से किया जा सकता है।

चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, उसके बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण शामिल होगा। जूनियर इंजीनियर उम्मीदवार का आकलन 200 अंकों के टेस्ट के जरिए किया जाएगा। चयनित जूनियर इंजीनियर को पे लेवल 10 के तहत 33,800 रुपये मासिक वेतन मिलेगा, साथ में भत्ते भी मिलेंगे।

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PhonePe के यूजर्स के लिए बड़ी खबर, इनएक्टिव वॉलेट पर चुकानी पड़ेगी फीस

डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म फोनपे के यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। कंपनी ने अपनी वॉलेट पॉलिसी में बदलाव किया है। अगर कोई यूजर लंबे समय तक अपने वॉलेट का इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे इनएक्टिव मेंटेनेंस चार्ज चुकाना होगा। कंपनी ने इस बारे में एक ब्लॉग पोस्ट में बताया है।

हर तिमाही 100 रुपये की इनएक्टिव फीस

PhonePe की नई पॉलिसी में कहा गया है कि अगर कोई यूजर अपने वॉलेट के जरिए लगातार 365 दिन तक कोई फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन नहीं करता है तो उसके वॉलेट को इनएक्टिव कैटेगरी में डाल दिया जाएगा। इसके बाद उसे हर तिमाही 100 रुपये (जीएसटी सहित) इनएक्टिव मेंटेनेंस फीस चुकानी होगी।

बैंक अकाउंट के जरिए यूपीए ट्रांजेक्शन से काम नहीं चलेगा

कंपनी यह साफ कर दिया है कि सिर्फ फोनपे ऐप को ओपन करने या यूपीआई से लिंक्ड किसी बैंक अकाउंट से पेमेंट करने को वॉलेट एक्टिविटी नहीं मानी जाएगी। ब्लॉगपोस्ट में कहा गया है, “फोनपे अप्लिकेशन में लॉग-इन करने,यूपीआई ट्रांजेक्शन, ऑन-ऐप कैटेगरी पेमेंट/एप्लिकेशंस (रिचार्ज, बिल पेमेंट्स, क्रेडिट कार्ड्स, लोन, इंश्योरेंस) या किसी दूसरे नॉन-वॉलेट ट्रांजेक्शंस या वॉलेट के लिए केवायसी सब्मिशन को वॉलेट एक्टिविटी नहीं माना जाएगा।”

वॉलेट के जरिए करना होगा ट्रांजेक्शन 

फोनपे का कहना है कि वॉलेट एक्टिव बनाए रखने के लिए यूजर्स को सीधे अपने फोनपे वॉलेट के जरिए ट्रांजेक्शन करना होगा। कंपनी ने बताया है कि यूजर्स पर इनएक्टिविटी फीस लगाने से पहले उसे बताया जाएगा। फीस डिडक्ट करने से 15 दिन पहले उसे नोटिस भेजा जाएगा। हालांकि, नोटिस पीरियड में वॉलेट के जरिए पेमेंट कर यूजर्स इस फीस से बच सकते हैं। ऐसा करने के बाद वॉलेट को एक्टिव मार्क कर दिया जाएगा।

कंपनी ऐसे डिडक्ट करेगी इनएक्टिव फीस

वॉलेट में पर्याप्त फंड होने पर कंपनी इससे सीधे 100 रुपये का वॉलेट इनएक्टिविटी मेंटेनेंस फी डिडक्ट कर लेगी। अगर वॉलेट में 100 रुपये से कम का बैलेंस है तो सिर्फ मौजूद अमाउंट डिडक्ट होगा। निगेटिव बैलेंस क्रिएट बगैर बाकी को घटाकर जीरो कर दिया जाएगा। बड़ी संख्या में यूजर्स फोनपे वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं।

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इनएक्टिव फीस से बचने का उपाय 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूजर्स को इनएक्टिव फीस से बचने के लिए कम से कम एक ट्रांजेक्शन अपने फोनपे वॉलेट से करने का ध्यान रखना होगा। ऐसा एक साल में सिर्फ एक बार करना पर्याप्त होगा। पहले भी डिजिटल पेमेंट कंपनियां इस तरह का चार्ज लगा चुकी है। 2021 में मोबीक्विक ने इनएक्टिव यूजर्स के लिए वॉलेट मेंटेनेंस चार्ज की शुरुआत की थी।

Gold Price Today: सोना हुआ और सस्ता, मुंबई में ₹145850 पर आया 24 कैरेट; दिल्ली समेत दूसरे बड़े शहरों में ये है भाव

देश में सोने की कीमत और नीचे आई है। 20 जून की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 146000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 2,840 रुपये टूटकर 1,50,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुख्य रूप से डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा। डॉलर सूचकांक एक साल के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,148.45 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 146000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133840 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 133690 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 145850 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 148030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 145850 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 133690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली133840146000
मुंबई133690145850
अहमदाबाद133740145900
चेन्नई135690148030
कोलकाता133690145850
हैदराबाद133690145850
जयपुर133840146000
भोपाल133740145900
लखनऊ133840146000
चंडीगढ़133840146000

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की टिप्पणियों से संकेत मिला है कि अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है, तो वर्ष 2026 में ब्याज दरों में एक बार बढ़ोतरी हो सकती है। यह सोने जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर है। जून की मीटिंग में फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 3.5%-3.75% पर स्थिर रखा।

EPFO से यूपीआई-एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा इस महीने हो जाएगी शुरू, लेकिन टैक्स के नियम क्या होंगे?

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 20 जून को कीमत घटकर 249900 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.73 डॉलर प्रति औंस पर है।

EPFO से यूपीआई-एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा इस महीने हो जाएगी शुरू, लेकिन टैक्स के नियम क्या होंगे?

ईपीएफओ के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स इस महीने के आखिर तक यूपीआई और एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे। इससे पैसे निकालने के लिए मुश्किल प्रक्रिया से सब्सक्राइबर्स को छुटकारा मिल जाएगा। ईपीएफओ एक डेडिकेटेड ऐप लॉन्च करने जा रहा है। यह बैंक सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से लिंक्ड होगा। यह भीम और दूसरे यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेगा।

सब्सक्राइबर्स 75 फीसदी तक पैसे निकाल सकेंगे

ईपीएफओ की यह नई सुविधा शुरू हो जाने के बाद सब्सक्राइबर्स अपने पीएफ में जमा 75 फीसदी तक पैसे निकाल सेकेंगे। अभी ईपीएफओ बुक्स में करीब 30 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। लेकिन, एक्टिव कंट्रिब्यूशन वाले मेंबर्स की संख्या करीब 7.5 करोड़ है। ईपीएफओ करीब 26 लाख करोड़ रुपये के फंड का प्रबंधन करता है।

पैसे निकालने से पहले टैक्स के नियमों की समझ जरूरी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एटीएम और यूपीआई से पैसे निकालने की सुविधा से सब्सक्राइबर्स को काफी आसानी हो जाएगी। लेकिन, उन्हें टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना होगा। टैक्स के नियमों को समझे बगैर एटीएम या यूपीआई से ईपीएफ का पैसा निकालने पर सब्सक्राइबर को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

नौकरी 5 साल से कम तो विड्रॉल पर चुकाना होगा टैक्स 

टैक्स के नियम के मुताबिक, अगर किसी सब्सक्राइबर की नौकरी के लगातार 5 साल पूरे हो गए हैं तो पीएफ के पैसे निकालने पर उसे टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। दिक्कत उन लोगों को होती है, जो नौकरी के 5 साल पूरे होने के पहले पीएफ से पैसे निकालते हैं।

एंप्लॉयी के टैक्स-स्लैब के हिसाब से चुकाना होगा टैक्स

अगर कोई सब्सक्राइबर नौकरी 5 साल पूरे होने से पहले पैसे निकालता है तो पूरा अमाउंट इनकम माना जाता है। फिर इस पर एंप्लॉयी के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इसमें एंप्लॉयर का कंट्रिब्यूशन, एक्युमलेटेड इंटरेस्ट और एंप्लॉयी के हिस्से का कंट्रिब्यूशन होता है, जिस पर उसने सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन क्लेम किया होता है। इसका मतलब है कि पहले मिला टैक्स बेनेफिट रिवर्स हो जाता है।

ज्यादा इनकम तो चुकाना होगा विड्रॉल पर ज्यादा टैक्स

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 4 साल की नौकरी के बाद पीएफ से पैसे निकालता है। विड्रॉल के समय ईपीएफओ 10 फीसदी टीडीएस डिडक्ट करेगा। इसका मतलब है कि 50,000 रुपये डिडक्ट हो जाएंगे। यह तब होगा जब ईपीएफओ के पास एंप्लॉयी के पैन की डिटेल होगी। यह डिडक्शन फाइनल टैक्स नहीं है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि पैन की डिटेल ईपीएफओ के पास नहीं होने पर टीडीएस का रेट 34.60 फीसदी लागू होता है।

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टीडीएस का पैसा कुल टैक्स लायबिलिटी में एडजस्ट होगा

जब एंप्लॉयी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है तो 5 लाख रुपये का पूरा अमाउंट उसकी सालाना इनकम में जुड़ जाती है। अगर एंप्लॉयी 20 फीसदी टैक्स ब्रैकेच में आता है तो पीएफ से निकाले गए पैसे पर 1 लाख रुपये का टैक्स बनता है। चूंकि, 50,000 टीडीएस पहले काटा जा चुका है, जिससे आपको सिर्फ बाकी 50,000 रुपये टैक्स का पेमेंट करना होगा। अगर एंप्लॉयी 30 फीसदी टैक्स स्लैब में है तो कुल टैक्स 1.5 रुपये बनेगा। इसका मतलब है कि एंप्लॉयी को बाकी 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना होगा।

EPFO 3.0: अब UPI और ATM से भी निकाल सकेंगे PF का पैसा! जानें नया नियम, विड्रॉल लिमिट और पूरी डिटेल

EPFO 3.0 UPI and ATM Based PF Withdrawal: नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरफ से एक बहुत बड़ा अपडेट आ रहा है। सरकार जल्द ही EPFO 3.0 लॉन्च करने जा रही है, जो पीएफ सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी बना देगा।

इस नए अपग्रेड के बाद ईपीएफओ मेंबर्स जरूरत पड़ने पर सीधे UPI और ATM के जरिए भी अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पुष्टि की है कि इस नए सिस्टम की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसके रोलआउट की घोषणा की जाएगी।

अगर आप भी पीएफ खाताधारक हैं, तो आइए जानते हैं कि इस नए सिस्टम में क्या-क्या बदलने वाला है और आप कितना पैसा निकाल पाएंगे।

UPI और ATM से कब शुरू होगी पैसे निकालने की सुविधा?

EPFO ने इस नए आधुनिक सिस्टम की टेस्टिंग का काम पूरी तरह खत्म कर लिया है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी लॉन्चिंग की किसी सटीक तारीख या महीने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि इसे जल्द ही लाइव कर दिया जाएगा।

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

EPFO 3.0 लागू होने के बाद सब्सक्राइबर्स सीधे अपने आधार-लिंक्ड और सीडेड बैंक खातों के माध्यम से एटीएम या यूपीआई का उपयोग करके पीएफ राशि को तुरंत ट्रांसफर या विड्रॉ कर सकेंगे। इससे कागजी कार्रवाई और क्लेम सेटलमेंट में होने वाली देरी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

कितना पैसा निकाल सकेंगे मेंबर्स? जानें लिमिट

नए नियमों के तहत, जब यह सुविधा लाइव हो जाएगी, तब योग्य मेंबर्स अपने कुल ईपीएफ (EPF) बैलेंस का 50% से 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे। लंबी अवधि की बचत और रिटायरमेंट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुल कॉर्पस का कम से कम 25 फीसदी हिस्सा हमेशा खाते में लॉक रहेगा। इसे मेंबर्स नहीं निकाल पाएंगे, क्योंकि ईपीएफओ का मुख्य उद्देश्य भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़कर हुई ₹5 लाख

EPFO 3.0 के तहत सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दिया है। ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया गया है। इस बदलाव की वजह से जैसे ही नया सिस्टम पूरी तरह काम करना शुरू करेगा, पात्र क्लेम का सेटलमेंट महज कुछ ही दिनों के भीतर ऑटोमैटिक हो जाएगा।

EPFO 3.0 के तहत सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दिया है। ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया गया है

क्या-क्या अन्य बदलाव होंगे?

EPFO 3.0 का उद्देश्य केवल पैसे निकालने की सुविधा देना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को आसान बनाना है। इसके तहत ये प्रमुख डिजिटल बदलाव भी देखने को मिलेंगे:

  • उमंग ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा मिलेगी।
  • इंस्टेंट UAN एक्टिवेशन और पीएफ पासबुक तक तुरंत पहुंच आसान होगी।
  • आधार-लिंक्ड डिवाइसेज के माध्यम से प्रोफाइल में नाम, जन्मतिथि जैसी गलतियों को सुधारना बेहद सरल हो जाएगा।

कुल मिलाकर, EPFO 3.0 के आने से पीएफ खाताधारकों को रियल-टाइम डिजिटल एक्सेस मिलेगा, जिससे क्लेम में होने वाली गलतियां, धोखाधड़ी और देरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। हालांकि, एटीएम और यूपीआई सुविधा का लाभ उठाने के लिए मेंबर्स को सरकार की आधिकारिक लॉन्चिंग का थोड़ा इंतजार करना होगा।

विकास और विरासत: मोदी युग में नए भारत का नव-उदय

PM Narendra Modi

PM Narendra Modi

भारतीय राजनीति में 10 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक तिथि के रूप में दर्ज होगा। लगातार तीसरे कार्यकाल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए देश में सबसे लंबे समय तक चुने जाने वाले राष्ट्रप्रमुख बन जाएंगे। पीएम मोदी का यह कार्यकाल केवल एक संख्यात्मक उपलब्धि नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के उस अटूट विश्वास का प्रमाण है, जिसने भारत को प्रगति और वैश्विक नेतृत्व के शिखर पर पहुंचाया है। इस शासन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि नरेंद्र मोदी ने स्वयं को हमेशा 'प्रधान सेवक' के रूप में प्रस्तुत किया और स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम (33% महिला आरक्षण) तथा 'मन की बात' जैसे अभियानों के माध्यम से शासन को सीधे जन-भागीदारी से जोड़ दिया।

 

तकनीक से सामाजिक न्याय और अंत्योदय

आर्थिक और सामाजिक न्याय के मोर्चे पर, सरकार ने जनधन-आधार-मोबाइल यानी 'जैम ट्रिनिटी' की त्रिशक्ति से बिचौलियों और भ्रष्टाचार के पुराने तंत्र को समूल नष्ट कर दिया। डिजिटल तकनीक और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे जरूरतमंदों के खातों में पहुंच रहा है। इसके फलस्वरूप पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्रव्यूह से बाहर आए हैं।

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वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर हर नागरिक को सम्मानित जीवन देने के लिए सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं ने धरातल पर करोड़ों जीवन बदले हैं। मुख्य योजनाओं की पहुंच को हम इन सीधे आंकड़ों से समझ सकते हैं: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (80 करोड़ मुफ्त राशन लाभार्थी), आयुष्मान भारत योजना (55 करोड़ लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवच), प्रधानमंत्री आवास योजना (4 करोड़ से अधिक पक्के मकान), पीएम-किसान निधि (11 करोड़ किसानों को सालाना 6,000 की सीधी मदद), जल जीवन मिशन (14 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल से जल), उज्ज्वला योजना (10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन), पीएम सूर्य घर योजना (1 करोड़ घरों को मुफ्त सौर बिजली) और जनधन योजना (50 करोड़ से अधिक बैंक खाते) आदि हैं।

 

बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता

दूसरी ओर, बुनियादी ढांचे के निर्माण में वर्तमान भारत ने जो गति पकड़ी है, वह पूरी दुनिया के लिए शोध का विषय है। आज देश में प्रतिदिन लगभग 28 से 30 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हो रहा है; रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण के साथ 'वंदे भारत' जैसी स्वदेशी ट्रेनें दौड़ रही हैं और हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। यूपीआई (UPI) के माध्यम से आज भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान में सबसे आगे है।

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में पहले जहां केवल 7 एम्स (AIIMS) थे, वहीं अब 20 एम्स चालू हो चुके हैं। 'मेक इन इंडिया' की दूरदर्शी नीतियों के चलते भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश अब सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण के क्षेत्र में उतरकर वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर बन रहा है।

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विदेश नीति और वैश्विक नेतृत्व

वैश्विक मंच पर भारत की विदेश नीति 'राष्ट्र प्रथम' के महामंत्र पर आधारित है, जहां देश बिना किसी महाशक्ति के दबाव में आए स्वतंत्र निर्णय लेता है। रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व के संघर्षों और वैश्विक मंदी के बीच भी भारत ने पश्चिमी प्रतिबंधों की परवाह न करते हुए कच्चे तेल का आयात जारी रखा और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति बना रहा। जी-20 की सफल अध्यक्षता करके भारत 'ग्लोबल साउथ' की सशक्त आवाज और 'विश्वमित्र' के रूप में उभरा है। यही कारण है कि पीएम मोदी को अब तक 24 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिए जा चुके हैं। हाल ही में, मई 2026 में उन्हें मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान (ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट) उनके अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की श्रृंखला में 32वां सम्मान है।

 

एक ऐतिहासिक नेतृत्व की वास्तविक परीक्षा विपरीत परिस्थितियों में होती है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने रिकॉर्ड समय में दो प्रमुख टीकों- पूर्णतः स्वदेशी 'कोवैक्सीन' और भारत में निर्मित 'कोविशील्ड- का उत्पादन किया और 'वैक्सीन मैत्री' के तहत दुनिया के दर्जनों देशों को टीके भेजकर 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को चरितार्थ किया।

 

विकास भी, विरासत भी

यह नेतृत्व 'विकास भी, विरासत भी' के संतुलित मंत्र पर चलता है। एक तरफ इसरो (ISRO) ने चंद्रयान, सूर्ययान और गगनयान जैसे ऐतिहासिक अभियानों से अंतरिक्ष में अपना परचम लहराया, तो दूसरी तरफ अयोध्या में भव्य प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम व महाकाल लोक का पुनरुद्धार और योग-आयुर्वेद को वैश्विक मान्यता दिलाकर देश के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित किया गया है।

 

इसी तरह, रक्षा क्षेत्र भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है। 'मेक इन इंडिया' के तहत आईएनएस विक्रांत और तेजस जैसे हथियारों के निर्माण से जहां रक्षा आयात कम हुआ है, वहीं रक्षा निर्यात 21,000 करोड़ के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पार कर चुका है। सीडीएस (CDS) पद का गठन, अटल व सेला टनल का निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति ने देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाया है।

 

निष्कर्ष

अंततः, आज की यह ऐतिहासिक तिथि कोई ठहराव नहीं, बल्कि 'विकसित भारत @2047' के विराट संकल्प की ओर बढ़ने वाले एक अनंत रथ का नव-प्रस्थान है। आज का न्यू इंडिया एक हाथ में इसरो की आधुनिकतम तकनीक और दूसरे हाथ में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव थामे हुए वैश्विक मंच पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा है। आगामी पीढ़ियां मोदी युग को इतिहास के पन्नों में राष्ट्र के सांस्कृतिक अरुणोदय और वैश्विक महाशक्ति के रूप में उसके सिंहनाद के रूप में याद रखेंगी।

 

Digital Arrest से बचाएगा UPI ‘किल स्विच’, अब एक बटन दबाते ही फ्रीज होगा बैंक खाता, सरकार की बड़ी तैयारी

पिछले साल डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों के अकाउंट से करोड़ों रुपये उड़ गए। इसमें हैकर्स पुलिस, कस्टम, इनकम टैक्स आदि के अधिकारी बनकर बात करेंगे और लोगों डराकर पैसे की मांग करते हैं। आपके नंबर पर फर्जी वीडियो कॉल आता है, जिसमें पुलिस या फिर अधिकारी की वर्दी में स्कैमर होते हैं और आपसे पैसे की मांग करते हैं।

अब सरकार ने इस पर नकेल करने की तैयारी कर ली है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गृह मंत्रालय इसके लिए 'फ्रीज' या 'किल स्विच' लेकर आ रहा है। खबर के मुताबिक  यूपीआई और बैंकिंग ऐप्स में 'फ्रीज' बटन मिल सकता है, जो एक टैप में सारे अकाउंट को फ्रीज कर देगा। इससे विक्टिम के अकाउंट से कोई भी पेमेंट ट्रांसफर नहीं हो पाएगा।

 

डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए क्या करें?

  • जब तक सरकार यह नया फीचर लॉन्च नहीं करती, तब तक इन बातों का ध्यान रखें- 
  • डरे नहीं: कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, Police, RBI) कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे मांगती है।
  • कॉल काट दें : यदि कोई आपको डराता है, तो तुरंत कॉल काटें और अपने परिवार या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
  • 1930 पर कॉल करें: यदि धोखाधड़ी हो जाए, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

 

बटन कैसे करेगा काम

गृह मंत्रालय (MHA) की एक हाई-लेवल कमेटी इस पर काम कर रही है ताकि फ्रॉड का पैसा तुरंत 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) में न जा सके। बटन में पेमेंट रोकने के साथ-साथ फैमिली और बैंक से कॉन्टैक्ट करने का भी ऑप्शन होगा। इस बटन को दबाते ही बैंक को अलर्ट मिल जाएगा और रिस्की पेमेंट ट्रांसफर को रोकने में मदद मिलेगी। सरकार का मकसद इस बटन के जरिए एक अलर्ट सिस्टम डेवलपमेंट करने का है, जो लोगों के बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन को फ्रीज करने के साथ-साथ बैंक और फैमिली को भी अलर्ट करेगा। 

 

इस एक बटन पर टैप करते ही यूजर्स के सभी बैंक और यूपीआई पेमेंट एक साथ फ्रीज हो जाएंगे। इस बटन को ग्राहकों के यूपीआई या बैंकिंग ऐप्स में दिया जा सकता है। विक्टिम को जब लगेगा कि उसके साथ फ्रॉड हो रहा है तो वो इस बटन को ऑन करके अपने सभी पेमेंट्स को एक साथ फ्रीज कर सकता है। Edited by : Sudhir Sharma