केसरिया और भगवा कपड़ों से समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी: मुख्यमंत्री योगी

CM Yogi Barabanki Speech

 

 

  • सीएम योगी ने मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये की 111 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
  • मुख्यमंत्री योगी ने कहा- धूम-धाम से निकलेगी कांवड़ यात्रा, प्रदेशभर में होंगे जन्माष्टमी के आयोजन
  • सीएम बोले –‘अब कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा’, विकास के लिए भी पैसों की कमी नहीं
  • देश की हर समस्या का समाधान उत्तर प्रदेश में, अब यूपी की काबिलियत पर कोई प्रश्न नहीं करता

 

लखनऊ, 26 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी कहती थी, कांवड़ यात्रा में शिव भक्त आएंगे तो दंगा हो जाएगा। सपा शंख व घंटा भी नहीं बजाने देती थी। समाजवादी पार्टी की केसरिया और भगवा कपड़ों से मानो जन्मजात दुश्मनी थी। हालांकि अब कोई कांवड़ यात्रा पर रोक नहीं लगा पाएगा, अब धूमधाम से कांवड़ यात्रा भी निकलेगी और शिवभक्त शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सपा ने जन्माष्टमी के आयोजनों पर भी रोक लगा दी थी, जिसे डबल इंजन सरकार ने फिर से शुरू कराया।

 

सीएम योगी मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के दौरान संबोधन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज हमारा प्रदेश उपद्रवग्रस्त नहीं, उत्सव प्रदेश बन गया है। अब कर्फ्यू न दंगा है, यूपी में सब चंगा है। 

 

उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है और उसके बाद सावन का महीना शुरू हो जाएगा। कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। पहले समाजवादी पार्टी कहती थी कि कांवड़ यात्रा नहीं होने देंगे, शिव भक्त जाएंगे तो दंगा हो जाएगा। वे शंख नहीं बजने देते थे, घंटा भी नहीं बजने देते थे। केसरिया व भगवा कपड़ों से मानो समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी थी। उन्होंने कहा, प्रदेश में डबल इंजन सरकार आते ही हमने तय किया कि धूम-धाम से कांवड़ यात्रा निकलेगी।

 

कांवड़ यात्रा पर नहीं लगने दी रोक

सीएम ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया कि कांवड़ यात्रा पर कोई रोक नहीं लगाएगा। हमारी डबल इंजन सरकार ने आते ही कहा कि हम सुविधा देंगे और अनुशासित तरीके से शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकालेंगे। कांवड़िए यात्रा कर जल लेकर आएंगे और शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। 

 

सपा ने जन्माष्टमी के आयोजन पर लगा दी थी रोक

सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को अब कोई रोक नहीं सकता। भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा, वृंदावन से लेकर मैनपुरी, इटावा समेत उत्तर प्रदेश के हर जिले में भव्यता के साथ आयोजन होते हैं। हर थाने, पुलिस लाइन, जेल में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन होता है, जिस पर पहले सपा ने रोक लगा दी थी।

 

उन्होंने कहा कि आज पर्यटन और संस्कृति विभाग के द्वारा मंदिरों के सुंदरीकरण के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले ये पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल के लिए चला जाता था। अब मंदिरों के सुंदरीकरण में वही पैसा खर्च हो रहा है। सपाई विकास की योजनाओं का पैसा अपने परिवार के विकास में लगा देते थे और गरीब देखता रहता था। छात्र की छात्रवृत्ति नहीं आती थी, नौजवान की नौकरी चली जाती थी, महिला स्वावलंबन के नाम पर सुरक्षा का संकट खड़ा कर देते थे।

 

मैनपुरी की पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान

सीएम ने कहा कि आज का मैनपुरी अपनी पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत की वजह से पहचाना जा रहा है। एक समय ऐसा भी था, जब मैनपुरी के नाम पर लोग घबराते थे। यहां के नौजवानों को होटल में कमरे नहीं मिलते थे। दूसरे शहरों में मैनपुरी के लोगों को किराए का मकान नहीं मिलता था। आज मयन ऋषि व च्यवन ऋषि की इस धरा को डबल इंजन की सरकार ने नई पहचान दी है। आज मैनपुरी का नौजवान, किसान, व्यापारी देश के किसी कोने में जाता है तो उसे सम्मान मिलता है। यह पहचान का संकट पूर्व की सरकारों ने पैदा किया था।

 

पहले जो गरीब नौजवान पैसा नहीं दे सकता था, उसकी नौकरी नहीं लगती थी। आज डबल इंजन की सरकार में नौकरी निकलती है तो मैनपुरी व इटावा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र प्राप्त करता है। बड़ी शान के साथ अपनी सेवाएं देता है, नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान भी करता है।

 

यूपी में विकास के लिए पैसों की कमी नहीं

सीएम ने कहा कि आज यूपी बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है, भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था में अपना स्थान बनाया है। अब यूपी में पैसे की कमी नहीं है, विकास के लिए जितना पैसा चाहिए दिया जाएगा। नौजवानों के लिए नौकरी और किसानों के लिए योजनाओं की भी कमी नहीं है।

 

सीएम ने कहा कि हमने योजनाओं का लाभ बिना जातिगत के भेदभाव के दिया है। फसल ऋण माफी के जरिए 86 लाख अन्नदाता किसानों को लाभ पहुंचाया गया, किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ। वह किसान दलित, वंचित, पिछड़ा समेत हर जाति के थे, जिन्हें लाभान्वित किया गया। एक जिला एक उत्पाद की योजना भी बिना भेदभाव के चलाई गई। मैनपुरी तारकशी कारीगरी को वैश्विक पहचान दिलाया गया। 

 

सपा के गुंडों ने बेटियों का जीना मुश्किल किया था

सीएम ने कहा कि पूर्व की सरकारों में बहुत सारे संभ्रांत परिवार अपनी बेटियों को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदारों के घर पढ़ने के लिए भेज देते थे। क्योंकि समाजवादी पार्टी के गुंडों ने बेटियों व उनके परिवार का जीना मुश्किल कर दिया था। व्यापारी यूपी में निवेश नहीं करना चाहता था, उसे पूंजी के साथ अपनी सुरक्षा का भी भय रहता था।

 

सपा सरकार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को मारी गोली

सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदन चौहान को उनके मैनपुरी स्थित पेट्रोल पंप में घुसकर गोली मारी गई थी। पूर्व सरकार में व्यापारी घर से निकलता था तो शाम को परिवार का मुंह देख पाने की प्रार्थना करता था। इसी को देखते हुए भाजपा सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉरलेंस अपनाया। इटावा हो या मैनपुरी यहां के संगठित अपराध की कमर तोड़ दी। प्रदेश को माफिया मुक्त किया गया। बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। अपराधियों को जेल या जहन्नुम भेज दिया गया और माफियों को मिट्टी में मिला दिया।

 

यह कार्य 2017 से पहले हो सकता था, लेकिन विकास, विरासत, उत्सवपूर्ण माहौल के लिए समय चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 12 बजे सोकर उठेगा, 2 बजे तैयार होगा, 5 बजे जिम जाएगा और 7 बजे अपनी महफिल में चला जाएगा, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। विकास का कोई विजन उस व्यक्ति के पास नहीं था, केवल लूट कर अपने परिवार का खजाना भरा गया। यही यूपी की दुर्गति का कारण था।

 

देश की हर समस्या का समाधान यूपी में

सीएम ने कहा कि सपा सरकार में नौकरी निकलते ही वसूली शुरू हो जाती थी। आज नियुक्ति पत्र बांटते वक्त पूछने पर मैनपुरी के युवाओं से भी पता चलता है कि उन्हें कहीं सिफारिश, वसूली या किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि 9 लाख से ज्यादा नौजवानों को सरकारी नौकरी मिली है। परंपरागत उद्यम जीवित हुआ तो सवा तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला। सुरक्षा का बेहतर माहौल बना तो 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव यूपी में प्राप्त हुआ। आज यूपी के प्रति व्यक्ति की आय बढ़ी है। अब यूपी पर कोई सवाल नहीं उठाता, बल्कि देश की हर समस्या का समाधान यूपी में ढूंढता है। सीएम ने कहा कि लोग फिर जाति, क्षेत्र के नाम पर बांटने आएंगे, लेकिन ये समाज और देश के दुश्मन हैं। कभी ऐसे लोगों के कारण विदेशी हमले होते थे, फिर से वैसी ही साजिश पैदा हो रही हैं। 

 

सपा को महापुरुष पसंद नहीं

सीएम ने कहा कि हम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एंप्लॉयमेंट जोन बना रहे हैं, समाजवादी पार्टी को इससे कोई लेना-देना नहीं था। हम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कर रहे हैं, समाजवादी पार्टी उनके नाम पर बने हुए संस्थानों का नाम मिटाती थी। डबल इंजन सरकार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कर रही है, समाजवादी पार्टी ने कन्नौज में बाबा साहब के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम ही हटा दिया था। इन्हें सामाजिक न्याय से जुड़े हुए पुरोधा और महापुरुष पसंद नहीं हैं। इनको केवल परिवार के नाम पर सबकुछ पसंद है। यूपी को विकसित उत्तर प्रदेश बनना है, तो मैनपुरी को विकसित बनना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मैनपुरी जिले को विकसित बनाने के लिए जरूरी है कि मैनपुरी व करहल क्षेत्र का हर विधानसभा क्षेत्र, हर विकासखंड विकसित बने और उसी की कार्ययोजना को आगे बढ़ा जा रहा है। 

 

किसानों को जरूर मिलेगी 10 घंटे बिजली

सीएम ने कहा कि अन्नदाता किसान को कम से कम 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। मैनपुरी के किसानों को ये जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि वह जुलाई के महीने में मैनपुरी इसलिए आए हैं, ताकि पानी, बरसात की स्थिति देख सकें। उन्होंने कहा कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर मैनपुरी जिले की सभी समस्याओं का समाधान निकालकर विकास कार्य को आगे बढ़ा रही है। मैनपुरी के लोगों को कहीं भी निराश और हताश नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विकसित यूपी के लिए मैनपुरी को भी तैयार होना है। 

 

सीएम योगी ने कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण से की। इसके बाद महिलाओं को फलों की टोकरी देकर गोदभराई की रस्म और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को गोद में लेकर दुलार किया व उपहार भेंट किए। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बेसिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर स्कूली बच्चों को स्कूल बैग व किट उपहार स्वरूप भेंट की। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए विकास से जुड़े विभिन्न मॉडलों को देखकर खुशी व्यक्त की। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को देखा। सीएम ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, मिशन शक्ति समेत अन्य स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

 

इस कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, विधायक रामनेरश अग्निहोत्री, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, जिला अध्यक्ष ममता राजपूत, जिला प्रभारी अनिल चौधरी, डीसीबी चेयरमैन नरेंद्र सिंह राठौर, मैनपुरी जिला पंचायत प्रशासक अर्चना भदौरिया, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष संगीता गुप्ता समेत अन्य भाजपा नेता व गणमान्य उपस्थित रहें।

CM योगी का बड़ा ऐलान, आक्रमणकारियों नहीं, भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर बनेंगे म्यूजियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपना शौर्य दिखाया था, सपा सरकार वहां मुगल म्यूजियम बना रही थी। हमने कहा, उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा किसी आक्रमणकारी के नाम पर म्यूजियम नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर म्यूजियम बनेगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर भव्य म्यूजियम के निर्माण का कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा। सीएम ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण नोड आगरा के अंदर विकसित करने जा रहे हैं। 

 

सीएम ने 53 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगरा में आगरा उत्तर, आगरा ग्रामीण और आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों के लिए 342 करोड़ रुपए से अधिक की 53 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का स्वागत 'जय श्री राम'  एवं 'भारत माता की जय' के नारों के साथ गदा भेंट कर किया गया। इस दौरान उन्होंने स्कूली छात्रों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत कर उन्हें चॉकलेट्स दी। साथ ही अन्य स्टॉल्स का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिशुओं को गोद में लेकर दुलारा, उन्हें तिलक लगाया और खिलौने भेंट किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे ब्रजभूमि में आगरा की इस पौराणिक और महाराजा सूरजमल की शौर्य एवं पराक्रम की इस धरा पर एक बार फिर से आने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस धरा को नमन करते हुए कहा कि जब तीन महीने पहले जब मैं आया था, तब 6,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का अवसर मुझे प्राप्त हुआ था। आज एक बार फिर से विधानसभाओं के कार्यक्रम की श्रृंखला में मुझे आगरा की इन तीन विधानसभाओं के साथ संवाद बनाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। 

 

आगरा ने 2022 और 2024 में बीजेपी को अपना आशीर्वाद दिया

 

सीएम ने आगरा की जनता जनार्दन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगरा ने 2022, 2024 में डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी को अपना आशीर्वाद दिया है। इसका परिणाम यह है कि आगरा ने जो सोचा, उससे पहले डबल इंजन सरकार उस योजना को लेकर आगरा के अंदर आ गई। आज आगरा स्मार्ट सिटी के साथ-साथ सेफ सिटी के एक नए मॉडल की तरफ आगे बढ़ रहा है। आगरा का यह मॉडल अभी तीन दिन पहले माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद तो और भी उसका उज्ज्वल पक्ष हम सबके सामने आया है। 468 औद्योगिक इकाइयों के एनओसी से जुड़े हुए कार्यक्रम टीटीजेड के नाते जो पेंडिंग पड़े हुए थे, उन सबको स्वीकृति मिल गई। यानी अब आगरा में उद्योग लगने से कोई रोकेगा नहीं, कोई रोक भी नहीं पाएगा।

 

आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आगरा में हम इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। अब आगरा एक बार ब्रजभूमि के औद्योगिक गतिविधियों का ही नहीं, टूरिज्म के भी एक नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। बेहतरीन कनेक्टिविटी हो गई है। आगरा के अंदर हर प्रकार की कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करने की दिशा में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य प्रारंभ किया, आज वह आप सबके सामने है। पेरू का इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर भारत के अंदर कहीं खुलना था, हम लोगों ने कहा कि आगरा में हम जमीन उपलब्ध करवाते हैं, और अब इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर ने यहां पर सफलतापूर्वक काम करना प्रारंभ कर दिया है। यहां के अन्नदाता किसानों को लाभ होगा, किसान के उत्पाद को वैल्यू एडिशन मिलेगा, और कई गुना दाम मिलने के बाद अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे उनके चेहरे पर खुशहाली आएगी। 

 

ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से टीटीजेडी के कारण लंबित पड़ी विकास परियोजनाओं को उच्चतम न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब आगरा को स्मार्ट, सेफ और फ्यूचर रेडी सिटी के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अब शहर में मल्टी लेवल पार्किंग, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे। आगरा के विकास के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों की समस्याएं उठाए जाने पर सरकार ने उनका समाधान निकाला है। किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिले, इसके लिए सर्किल रेट बढ़ाने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां नए मूल्य के अनुरूप भुगतान संभव नहीं होगा, वहां सरकार किसानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगी और किसी भी किसान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

 

10 नई टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी गई

 

सीएम ने कहा कि आगरा से आने वाले विकास प्रस्तावों को सरकार प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दे रही है। इसी क्रम में ग्रेटर आगरा परियोजना के तहत करीब 5,200 करोड़ रुपये की लागत से 10 नई टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा आगरा-ग्वालियर रोड पर 1,500 करोड़ रुपये की लागत से अटलपुरम टाउनशिप विकसित की जा रही है, जहां करीब 10 हजार परिवारों के लिए आवास और व्यावसायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। साथ ही ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत आगरा के लेदर उद्योग के बाद अब पेठा को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।

 

500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल के निर्माण की घोषणा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा प्रवास से जुड़ी ऐतिहासिक कोठी के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बटेश्वर धाम, कैलाश मंदिर, गुरु का ताल, गीत गोविंद वाटिका, अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर, फतेहपुर सीकरी और सौरीपुर जैन तीर्थ के विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगरा में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में 500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने स्वीकृति देने के साथ बजट भी जारी कर दिया है। 

 

आगरा में विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में पुल, फ्लाईओवर, सड़कों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, नए कॉलेज और विश्वविद्यालयों का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जो प्रदेश में सरकार चला रहे थे, वे सिर्फ अपने विकास में व्यस्त थे। जनता का पैसा सैफई सिंडीकेट की लूट-खसोट और डकैती का माध्यम बन गया था। 

 

सपा और कांग्रेस पर मुख्यमंत्री ने साधा निशाना

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और उससे पहले कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में नौजवानों की नौकरियों में भ्रष्टाचार, गरीबों की योजनाओं में अनियमितता और किसानों के हितों की उपेक्षा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन परिस्थितियों के कारण प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ, किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हुए तथा बेटियां और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके और बिना किसी भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 

यूपी में 9 सालों में 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं और समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। पिछले एक वर्ष में केंद्र सरकार ने 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों में नौ लाख युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा सहित प्रदेश के सभी जिलों के युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं। अन्यथा इससे पहले सैफई सिंडीकेट उसमें कुंडली मारकर बैठ जाता था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली करके उस पूरे कार्यक्रम को इतना विवादित कर देते थे कि पूरा का पूरा अभियान फेल हो जाता था। न्यायालय को स्टे करना पड़ता था। 

 

2017 से पहले के मुख्यमंत्री 12 बजे सोकर उठते थे

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। जो भी उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करेगा, उसके लिए केवल दो ही जगह हैं, जेल या जहन्नुम। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास के लिए न समय था, न सोच और न ही जनप्रतिनिधियों तथा जनता से संवाद की इच्छा। जहां पर मुख्यमंत्री 12 बजे सोकर उठता हो, 2 बजे तक तैयार होता हो, 5 बजे जिम चला जाता हो और 7 बजे के बाद अपनी मित्र मंडली के साथ मौज-मस्ती में लिप्त हो जाता हो, वहां का तो भगवान ही मालिक था। पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया सक्रिय थे, थाने और तहसीलें गुंडों के प्रभाव में थीं तथा प्रदेश अराजकता, दंगों और कर्फ्यू के माहौल से जूझ रहा था।

 

आज यूपी दंगा, कर्फ्यू और माफियाराज से मुक्त होकर विकास की नई पहचान बन चुका

 

मुख्यमंत्री ने कहा आज उत्तर प्रदेश दंगा, कर्फ्यू और माफियाराज से मुक्त होकर विकास और सुशासन में नई पहचान बना चुका है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और विकास की गति तेज हुई है। आगरा में सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं इसी विकास यात्रा का हिस्सा हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी आगरा को 6,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बुलेट ट्रेन की गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है और आगरा को स्मार्ट, सेफ एंड फ्यूचर रेडी सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के उत्साह की सराहना करते हुए आगरा ग्रामीण, आगरा उत्तरी और आगरा दक्षिण के नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

 

 

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, टैबलेट व चाबी वितरित किए

 

-राघव शर्मा, डॉली त्यागी और चेतना राणा (स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत टैबलेट)

 

-सुनीता (चमड़ा उत्पाद के लिए टूल किट)

 

-सचिन कुमार, राम प्रकाश पचौरी (कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत चाबी)

 

-उपासना (प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चाबी)

 

-योगेश कुमार, मलखान सिंह (आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड)

 

-अमित गर्ग (66 लाख रुपए का चेक)

 

-शोभित बंसल, राजकुमार भगत, चित्रा चौहान (10 लाख रुपए का चेक)

 

-पुष्पा, नंद किशोर जैन (50 हजार रुपए का चेक)

 

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर  मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रदेश की मंत्री बेबी रानी मौर्य,  मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, मंत्री धर्मवीर प्रजापति, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरनलाल लोधी, महापौर हेमलता दिवाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, सांसद नवीन जैन, सांसद राजकुमार चाहर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, धर्मपाल सिंह, डॉ. जी.एस. धर्मेश, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाहा, छोटेलाल वर्मा, रानी पक्षालिका सिंह, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, विधान परिषद सदस्य मानवेंद्र प्रताप सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि, यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ सारनाथ

Sarnath included in UNESCO World Heritage List

– यूपी की बौद्ध विरासत को मिली वैश्विक पहचान, बौद्ध स्थली सारनाथ बना चौथा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल

– 28 वर्षों के इंतजार के बाद सारनाथ को मिला यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा, बना देश का 45वां विश्व धरोहर स्थल

– आगरा से आगे बढ़ा उत्तर प्रदेश का यूनेस्को विरासत मानचित्र, वैश्विक पहचान में शामिल हुई बौद्ध धरोहर

– यूनेस्को की मान्यता गौरवपूर्ण उपलब्धि,उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट को मिलेगी नई वैश्विक गतिः जयवीर सिंह

Sarnath Uttar Pradesh News : लगभग 28 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान बुद्ध की प्रथम धर्मदेशना स्थली सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थान मिल गया है। योगी सरकार के प्रयास रंग लाए और अब सारनाथ भारत का 45वां और उत्तर प्रदेश का चौथा विश्व धरोहर स्थल बन गया है। दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में शनिवार को यह ऐतिहासिक घोषणा की गई। इस उपलब्धि के साथ बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में शामिल सारनाथ को वैश्विक विरासत के सर्वोच्च मंच पर नई पहचान मिली है। वहीं उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के मानचित्र पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
 

उल्लेखनीय है कि सारनाथ को 3 जुलाई 1998 को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट (संभावित सूची) में शामिल किया गया था। ऐसे में, लगभग 28 वर्षों बाद मिली यह मान्यता उत्तर प्रदेश के लिए भी विशेष महत्व रखती है। अब तक राज्य के तीनों विश्व धरोहर स्थल- ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी (आगरा क्षेत्र) तक सीमित थे। मगर, योगी सरकार के प्रयासों से सारनाथ भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है। इससे उत्तर प्रदेश की विश्व धरोहर पहचान अब पूर्वांचल तक विस्तृत हो गई है। इस कदम से राज्य की समृद्ध बौद्ध विरासत को वैश्विक मान्यता मिली है।

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चौखंडी और धामेक स्तूप

यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त इस विश्व धरोहर संपत्ति में चौखंडी स्तूप और सारनाथ के पुरातात्विक अवशेष शामिल हैं। ये दोनों स्थल एक-दूसरे से लगभग 626 मीटर की दूरी पर हैं। चौखंडी स्तूप भगवान बुद्ध और उनके पांच प्रथम शिष्यों के मिलन की स्मृति का प्रतीक है, जबकि पुरातात्विक परिसर में धामेक स्तूप, धर्मराजिका स्तूप, प्राचीन विहारों के अवशेष तथा अशोक स्तंभ जैसे महत्वपूर्ण स्मारक शामिल हैं। ये सभी मिलकर सारनाथ के विश्व के प्रमुख बौद्ध आस्था और ज्ञान केंद्र के रूप में हुए विकास की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाते हैं।

 

बौद्ध धर्म सारनाथ क्यों महत्वपूर्ण?

सारनाथ, वह पावन धरती है जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद मानवता को अपना प्रथम उपदेश देकर 'धर्मचक्र प्रवर्तन' का शुभारंभ किया था। योगी सरकार के प्रयास से अब यह विश्व धरोहर के रूप में विशिष्ट पहचान प्राप्त कर चुका है। बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में शामिल सारनाथ को प्राचीन बौद्ध ग्रंथों में 'ऋषिपत्तन' के नाम से वर्णित किया गया है।

यही वह ऐतिहासिक स्थल है जहां भगवान बुद्ध ने अपने पहले पांच शिष्यों को धर्म का उपदेश देकर करुणा, शांति और मध्यम मार्ग का संदेश समस्त मानवता तक पहुंचाया। आज यह गौरवशाली विरासत वैश्विक मंच पर और अधिक प्रतिष्ठित हो गई है। उल्लेखनीय है कि करीब 2600 वर्षों से सारनाथ बौद्ध आस्था और तीर्थ परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। यह स्थल आज भी बौद्ध मठ जीवन, प्राचीन स्थापत्य और समृद्ध कला विरासत का साक्षी है।

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28 वर्षों की प्रतीक्षा का प्रतिफल : जयवीर सिंह

योगी सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इसे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 'यह सम्मान प्रदेश की बहुआयामी सांस्कृतिक और सभ्यतागत धरोहर को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के सतत प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने आगे कहा, भगवान बुद्ध और रामायण की पावन भूमि उत्तर प्रदेश जैन, सूफी तथा अन्य आध्यात्मिक परंपराओं की भी समृद्ध विरासत समेटे हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने सभी आस्था और विरासत स्थलों के संरक्षण एवं विकास को समान प्राथमिकता दी है।
 

जयवीर सिंह ने ये भी कहा कि 28 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद सारनाथ को मिला यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और गति मिलेगी। साथ ही, प्रदेश का शांति, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक समावेशिता का संदेश दुनिया के अधिक व्यापक समुदाय तक पहुंचेगा।'

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'सारनाथ की पहचान स्मारकों से आगे'

सारनाथ के यूनेस्को नामांकन की तैयारी में अहम भूमिका निभाने वाली संरक्षण वास्तु विशेषज्ञ आभा नारायण लांबा ने कहा कि 'सारनाथ की पहचान केवल इसके स्मारकों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यही वह पावन स्थली है जहां भगवान बुद्ध ने प्रथम धर्मदेशना दी, बौद्ध संघ की स्थापना हुई और बौद्ध स्थापत्य की प्रारंभिक परंपराओं का विकास हुआ। उन्होंने कहा कि लगभग ढाई हजार वर्षों से यहां बौद्ध तीर्थ परंपरा जीवित है, जो समग्र सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत सारनाथ को विश्व धरोहर के रूप में विशिष्ट बनाती है।'

 

हमारे सतत प्रयासों का परिणाम : अमृत अभिजात

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि 'सारनाथ का यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल होना उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इसे योगी सरकार के पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम बताया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बौद्ध तीर्थाटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सारनाथ की हमेशा केंद्रीय भूमिका रही है। राज्य सरकार ने बौद्ध सर्किट को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार प्रमुखता से प्रस्तुत किया है। इसके लिए फैम ट्रिप (फैमिलियराइजेशन ट्रिप), ट्रैवल ट्रेड सहभागिता, बौद्ध उत्सवों के आयोजन तथा पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विशेष बल दिया गया।

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अमृत अभिजात ने आगे कहा कि अक्टूबर 2025 में लखनऊ को यूनेस्को की 'क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी' की मान्यता मिलना भी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रमाण है। अब सारनाथ को मिली विश्व धरोहर की मान्यता विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, उनके प्रवास अवधि को विस्तार तथा उन्हें उत्तर प्रदेश के व्यापक बौद्ध सर्किट से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

एसटीएफ और बागपत पुलिस की मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी ढेर

Criminal with Rs 50000 bounty killed in encounter with STF and Baghpat police

उत्तर प्रदेश एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ और बागपत पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान 50 हजार रुपए का इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी पुत्र नेत्रपाल सिंह, निवासी ग्राम भभीसा, थाना कांधला, जनपद शामली घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक मुठभेड़ स्थल से दो पिस्टल (.32 बोर), भारी मात्रा में खोखा एवं कारतूस तथा एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

 

पुलिस का दावा है कि विपुल उर्फ खूनी शातिर अपराधी था और कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय सदस्य एवं शार्प शूटर था। उसके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, रंगदारी समेत तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, दिल्ली और अन्य स्थानों के विभिन्न थानों में दर्ज थे।

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पुलिस के अनुसार वर्ष 2014 में उसने एलम क्षेत्र में चर्चित बदमाश भीम भभीसा की हत्या के मामले में भी भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वर्ष 2017 में सहारनपुर जनपद के मानपुर गांव में वाहन लूट के बाद पुलिस को सूचना देने के संदेह में तत्कालीन महिला प्रधान की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।

 

पुलिस के अनुसार 14 जुलाई 2014 को ग्राम भभीसा निवासी पवन की हत्या के मामले (थाना कांधला) में भी वह आरोपी था। यह मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। पुलिस का कहना है कि जमानत पर बाहर आने के बाद वह अदालत में पेश नहीं हो रहा था और उसके खिलाफ वारंट जारी थे।

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पुलिस के अनुसार हाल ही में उसने इसी मुकदमे के वादी अशोक पुत्र सुखबीर से मुकदमे में हुए खर्च की रकम मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में थाना कांधला में वर्ष 2026 में बीएनएस की धारा 308(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में शामली पुलिस द्वारा उस पर 50000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था।

 

पुलिस के मुताबिक विपुल उर्फ खूनी के विरुद्ध वर्ष 2005 से 2026 तक हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, गैंगस्टर, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 38 आपराधिक मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज थे। पुलिस का कहना है कि उसकी मृत्यु के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक कुख्यात अपराधी का अध्याय समाप्त हुआ है। मुठभेड़ के संबंध में पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

जालौन के पिछड़ेपन के जिम्मेदार अब घड़ियाली आंसू बहाकर युवाओं को गुमराह कर रहे

CM Yogi Adityanath Jalaun

CM Yogi Adityanath Jalaun: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बुंदेलखंड के पिछड़ेपन, सूखे और पलायन के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लोगों को यह याद रखना चाहिए कि आखिर वे कौन लोग थे, जिन्होंने जालौन और बुंदेलखंड के पिछड़ेपन का आधार तैयार किया। जिन लोगों के काले कारनामों के कारण जालौन दस्यु प्रभावित क्षेत्र घोषित हो गया था, उन्हें भी याद करने की जरूरत है। सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड को अभाव और सूखे के कारण पलायन के लिए मजबूर करने वाले भी वे ही लोग थे। आज वही लोग घड़ियाली आंसू बहाकर नौजवानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 

 

उन्होंने सवाल किया कि यमुना, बेतवा और पहूज जैसी पावन नदियों की त्रिवेणी वाले क्षेत्र को आखिर क्यों पिछड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और हर योजना में यह क्षेत्र पीछे क्यों दिखाई देता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में शनिवार को जालौन के उरई, माधौगढ़ व कालपी विधानसभा क्षेत्रों में 1275 करोड़ रुपए की 375 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उरई के स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किट/चेक/स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जालौन और पूरा बुंदेलखंड अपनी पुरानी पहचान से बाहर निकलकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। आज बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ से बड़े क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बीडा के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी कनेक्टिविटी का आधार जालौन बन रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और फोरलेन कनेक्टिविटी ने जालौन की तस्वीर बदलने का काम किया है। अब यह क्षेत्र बीहड़ और दस्यु प्रभावित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि विकास और नई संभावनाओं के क्षेत्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

कालपी का कागज बना ग्लोबल ब्रांड

सीएम योगी ने कहाकि जालौन के कालपी में तैयार होने वाला हस्तशिल्प कागज अब स्थानीय पहचान से निकलकर वैश्विक ब्रांड बन रहा है। कालपी के इस पारंपरिक कागज को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान और बाजार दोनों का विस्तार हुआ है। आज कालपी का कागज देश की सीमाओं को पार कर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देशों तक पहुंच रहा है। कालपी के कागज की खासियत इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़ी पहचान है। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है और इससे स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलने की उम्मीद बढ़ी है।

कोंच की रामलीला ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

सीएम योगी ने कहा कि इतिहास हमें इस बात का आगाह करता है। महर्षि वेदव्यास ने यहां जन्म लिया इस पावन धारा में और कहते हैं भगवान कृष्ण के पौत्र सांब ने प्राचीन सूर्य मंदिर का निर्माण भी यहीं पर करवाया था। याद करिए कोंच की रामलीला ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यानी रामलीला का इतिहास कैसे होना चाहिए। ऐसी उरई, माधवगढ़ और कालपी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी धरा पर आज 1275 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास के लिए मुझे आने का अवसर प्राप्त हुआ।

 

सीएम योगी ने आदिशक्ति मां भगवती जालौन माता और बैरागढ़ की शारदा माता के श्रीचरणों में नमन करते हुए महर्षि वेदव्यास की पावन जन्मभूमि और इसी जालौन की तपोभूमि को कोटि-कोटि नमन किया। जालौन और कालपी अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है। रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और नाना साहेब पेशवा की समर भूमि के रूप में जो धरती जानी जाती हो, कालपी का हैंडमेड कागज और यहां की विश्व विख्यात मटर इस जनपद को एक नई पहचान दिलाते हैं।

अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं

मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश का नौजवान देश-दुनिया में सीना चौड़ा कर चल रहा है और उसके सामने पहचान का संकट नहीं है। योगी ने कहा कि सपा शासन में बुंदेलखंड के संसाधनों का माफिया ने जमकर दोहन किया और विकास के नाम पर वसूली होती थी। बुंदेलखंड के विकास के लिए आने वाला पैसा सैफई में फिल्मी कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता था। आज यही धन फोरलेन कनेक्टिविटी, युवाओं के रोजगार और किसानों के हित में खर्च हो रहा है।

 

गरीबों को राशन, पेंशन, आयुष्मान भारत और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि अब बेटियां सुरक्षित माहौल में स्कूल जा रहीं हैं। किसी बेटी से छेड़छाड़ या व्यापारी का उत्पीड़न करने वाले अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं है। आज व्यापारी निर्भय होकर कारोबार और बेटियां स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

जालौन में सड़क-पेयजल परियोजनाओं को रफ्तार

सीएम योगी ने कहा कि जालौन जिले में सड़क, पेयजल और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। गोहन-माधौगढ़ से मध्य प्रदेश सीमा तक जिला मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बंगरा-जगम्मनपुर मार्ग पर रामपुरा, निनावली, नारोल, राठौर और अनपुरा होते हुए मध्य प्रदेश सीमा तक टू-लेन सड़क का निर्माण भी पूरा होने की जानकारी दी गई। 

 

एट-बंगरा-बीकेपुर तथा कालपी-मदारीपुर संपर्क मार्ग भी तैयार हो चुके हैं। हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की नगरपालिका परिषद उरई, कोटा-मस्तकिल ग्राम पेयजल परियोजना और सलाघाट वाटर सप्लाई ग्रामीण पेयजल योजना पर काम जारी है। सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था नीति का जिक्र करते हुए कहा कि संगठित अपराध में शामिल माफिया की 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। नकल माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही। परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

जालौन में आएंगे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी और चित्रकूट में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर का लाभ जालौन को भी मिलेगा। जालौन से होकर कनेक्टिविटी विकसित होने के साथ यहां 56 हजार एकड़ में फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की योजना है, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जालौन में डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत आधुनिक तकनीक के विकास के लिए डेटा सेंटर महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है। बुंदेलखंड के सभी सात जिलों को यूपी एग्रीज योजना में शामिल किया गया है। महिला शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बैलैनी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाओं की क्षमता की सराहना की।

CM Yogi Adityanath Jalaun

सीएम योगी ने लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, चेक वितरित किया 

  • गीता, रेनू, शकीला खातून और ममता (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13,14,30000 का चेक)
  • उमेदा (मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पत्र)
  • आस्था ( कन्या सुमंगला योजना के तहत चेक)
  • शैलेंद्र सिंह सेंगर (कृषि यंत्र)
  • शिवा त्रिपाठी (प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलार रूफ टॉप यंत्र, पत्र) 
  • विनय राजपूत (प्रधानमंत्री स्वनिध योजना के तहत पत्र)
  • रानी देवी (प्रधानमंत्री शहरीय आवास योजना के तहत पत्र)
  • समर सिंह (कुक्कुट योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण पत्र)
  • कुशाग्र गुप्ता (एआईएफ के तहत 4 करोड़ रुपए का चेक)
  • अंबदा रहमान (आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड)।

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर मंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी, विधायक गौरी शंकर वर्मा, विधायक मूलचंद निरंजन, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधान परिषद सदस्य बाबू लाल तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य बाबा बालक दास, कोऑपरेटिव बैंक के सभापति बृजभूषण सिंह मुन्नू, अपना दल के अध्यक्ष अनिल कोदारी, राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष रविंद्र श्रीवास्तव, नगर पालिका परिषद उरई की अध्यक्ष गिरिजा चौधरी, नगर पालिका परिषद कोंच के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, नगर पालिका परिषद जालौन के अध्यक्ष नेहा पुनीत आदि मौजूद रहे।

 

उच्च शिक्षा के 1.28 लाख शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मुख्यमंत्री योगी रविवार को आगरा में करेंगे योजना का शुभारंभ

– प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी, 1900 से अधिक उपचार पैकेज होंगे शामिल

– पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू, शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेंगी अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं

– सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस उपचार का लाभ

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 जुलाई को आगरा में उच्च शिक्षा विभाग की 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश के विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू का भी आदान-प्रदान होगा। 

 

योजना के लागू होने के बाद पात्र शिक्षकों और उनके परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण इलाज का आर्थिक भार शिक्षकों को स्वयं वहन करना पड़ता है। नई व्यवस्था से उन्हें समय पर बेहतर उपचार और आर्थिक सुरक्षा दोनों मिलेंगी। 

 

योगी सरकार का मानना है कि शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना शिक्षकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच देने के साथ आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करेगी। यह पहल शिक्षक कल्याण और उच्च शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। 

 

प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर

योजना के अंतर्गत पात्र प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा। कार्ड बनने के बाद पहले दिन से ही निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उपचार, दवाइयों और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च योजना के अंतर्गत वहन किया जाएगा। 

 

एमओयू से मिलेगा अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा कवच

कार्यक्रम के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के साथ होने वाले एमओयू के तहत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 1.50 करोड़ रुपए तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 3 करोड़ रुपए तक का हवाई दुर्घटना बीमा, 60 हजार रुपए तक का अस्पताल नकद लाभ तथा 12 लाख रुपए तक का टर्म लाइफ बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

1900 से अधिक उपचार पैकेज का मिलेगा लाभ

योजना के माध्यम से सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में 1900 से अधिक उपचार पैकेजों का लाभ मिलेगा। इनमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, जटिल सर्जरी सहित अनेक गंभीर बीमारियों का उपचार शामिल है। योजना का संचालन साचीज (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा और आयुष्मान भारत की निर्धारित उपचार दरें लागू होंगी।

आगरा में विकास की नई रफ्तार, मेट्रो और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स से उभर रहा इंडस्ट्रियल हब

बीते 9 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगरा जनपद ने विकास की नई इबारत लिखी है। ताजनगरी अब केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तेजी से एक आधुनिक और औद्योगिक शहर के रूप में विकसित हुई है।

 

योगी सरकार द्वारा इन 9 सालों में कई ऐतिहासिक परियोजनाएं धरातल पर उतारी गईं। इनमें शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बदलने वाला आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने वाली गंगाजल परियोजना सबसे प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त व्यवस्थित शहरी विस्तार के लिए 5,142 करोड़ रुपये की लागत वाली 'ग्रेटर आगरा' (10 हाई-टेक टाउनशिप) और 'अटलपुरम' जैसी महात्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं की शुरुआत की गई है।

 

बेहतर ग्लोबल कनेक्टिविटी के लिए आगरा सिविल एन्क्लेव (एयरपोर्ट) के नए टर्मिनल का निर्माण, छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम, ओडीओसी योजना से पेठा, गजक, आगरा का पराठा से आगरा के व्यंजनों और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत लेदर व हैंडीक्राफ्ट उद्योग को नई संजीवनी दी गई है। इसके साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज के आधुनिकीकरण और सीएम ग्रिड रोड जैसी सुविधाओं ने आगरा को पश्चिमी यूपी का एक प्रमुख आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर बना दिया है। 

हर सनातनी की सांस में बसते हैं प्रभु श्रीराम : CM योगी

Yogi Adityanath Ram Katha: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे हर कोई अपने नजदीक पाता है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता होती है। जीवन में सुगमता को जानने के लिए हमें ज्ञान और भक्ति का अनुगामी बनना पड़ेगा। यह ज्ञान और भक्ति हमें श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत जैसी पावन कथाओं के माध्यम से प्राप्त होती है। 

 

सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुवार से आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि जीवन में जहां भक्ति नहीं है, वहां अंधकार ही अंधकार है। भक्ति के बिना जीवन में अराजकता ही अराजकता और अज्ञानता ही अज्ञानता है। अंधकार, अराजकता और अज्ञानता से मुक्ति पाने का माध्यम भक्तिसम्मत ज्ञान ही है। 

हर सनातनी की सांस में बसते हैं राम

गोरक्षपीठाधीश्वर ने श्रीराम कथा की महत्ता को समझाते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जो हर भारतीय के अंतःकरण में पूरी श्रद्धा एवं पूरी भक्ति से जुड़ा है। हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे चाहे बालक हो या वृद्ध, अधेड़ हो या जवान, गृहस्थ हो या विरक्त, हर कोई अपने नजदीक पाता है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि देश के अंदर हम कहीं भी जाते हैं, चाहे कोई हिंदीभाषी हो अहिंदीभाषी, सबकी तरफ से अभिवादन का एक ही स्वर होता है- जय श्रीराम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में आपसी अभिवादन के लिए एक ही शब्द सुनाई देता है- राम राम जी। उन्होंने कहा कि जय श्रीराम या राम राम जी का यह संबोधन हमारे सनातन संस्कार का संबोधन है। इस संबोधन ने हमारे संस्कार को तो जोड़ा ही, जीवन की हर परिस्थिति में मर्यादा की लक्ष्मणरेखा भी खींची। 

 

सीएम योगी ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि अपने पावन धाम और तीर्थस्थलों से यह देश की हृदयस्थली के रूप में प्रतिष्ठित है। जीवन के किसी भी पक्ष में जब मर्यादा की बात होती है तो सभी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और अयोध्या की ओर देखते हैं। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए व्यक्ति अविनाशी काशी को देखता है। जीवन में भक्ति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए लोग मथुरा-वृंदावन को देखते हैं। समरसता क्या होनी चाहिए, इसके दर्शन प्रयागराज में होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहें जितना दुष्प्रचार कर ले, सनातन मूल्यों को जानने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है। 

 

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के उपरांत श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने कराया। यह कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक सुनाई जाएगी।  

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा

श्रीराम कथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे, शंख ध्वनि की गूंज तथा 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ व यजमानगण ने व्यासपीठ की पूजा की। 

 

इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, यजमान बैजनाथ जायसवाल, अमित जायसवाल, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

यूपी में 238 नए पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन और 714 चार्जर लगाने के प्रयास तेज

EV Charging Stations in UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और हरित परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव स्कीम और उत्तर प्रदेश की ईवी मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी पॉलिसी-2022 के तहत प्रदेश में 238 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम तेज किया जा रहा है। यह पहल राज्य में चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने और निवेश आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है। 

 

10 साल का मॉडल, 714 चार्जर होंगे स्थापित

प्रस्ताव के अनुसार, पहले चरण में 238 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जिन पर 714 चार्जर लगाए जाएंगे। इन स्टेशनों के संचालन के लिए 10 वर्ष का अनुबंध प्रस्तावित है। सरकारी भूमि पर स्थापित होने वाले इन चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग केवल ईवी चार्जिंग गतिविधियों के लिए होगा तथा संबंधित विभागों से ₹1 प्रति किलोवाट की दर से भूमि उपयोग शुल्क लिया जाएगा।

 

पीएम ई-ड्राइव के तहत मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

प्रस्ताव के अनुसार चार्जिंग स्टेशनों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। सरकारी कार्यालयों में स्थापित होने वाले स्टेशनों को अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवीएसई (चार्जिंग उपकरण) पर 100 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान है, जबकि रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन, पेट्रोल पंप, टोल प्लाजा तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी अलग-अलग स्तर पर सब्सिडी का प्रस्ताव है। योजना का उद्देश्य शहरों के साथ-साथ प्रमुख हाईवे पर भी चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है। 

 

योगी सरकार की ईवी नीति को मिलेगा नया बल

प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश ईवी मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी पॉलिसी-2022 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और विकास का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके साथ ही व्यापक चार्जिंग एवं बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क विकसित करना, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना तथा ईवी क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना भी प्रमुख उद्देश्य हैं। राज्य सरकार की नीति में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले सेवा प्रदाताओं के लिए पूंजीगत प्रोत्साहन और सरकारी भूमि उपलब्ध कराने जैसे प्रावधान पहले से मौजूद हैं।

 

इन शहरों में सबसे अधिक चार्जिंग स्टेशन 

प्रस्ताव के अनुसार सबसे अधिक चार्जिंग स्टेशन निम्न शहरों में प्रस्तावित हैं। गौतमबुद्ध नगर में 39, लखनऊ में 36, मेरठ में 35, गोरखपुर में 32, वाराणसी में 28, आगरा में 21, मथुरा में 14, प्रयागराज में 13, कानपुर नगर में 12, गाजियाबाद में 6, कानपुर देहात में 2 समेत कुल मिलाकर 238 स्थानों की पहचान की गई है। कई विभागों की जमीन होगी उपयोग में प्रस्ताव के अनुसार चार्जिंग स्टेशन नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, विद्युत वितरण कंपनियों, यूपीएसआरटीसी, जिला प्रशासन तथा अन्य सरकारी विभागों की उपलब्ध भूमि पर स्थापित किए जाएंगे। इसमें नोएडा, लखनऊ नगर निगम, वाराणसी नगर निगम, मेरठ नगर निगम, गोरखपुर नगर निगम सहित अनेक सरकारी संस्थाओं की भूमि शामिल है।

 

शहर के अंदर और हाईवे पर योगी सरकार का बराबर फोकस

प्रस्ताव में शहर के अंदर और हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। शहरों में लगभग 40–60 वर्गमीटर और हाईवे पर बड़े चार्जिंग हब के लिए 250–300 वर्गमीटर तक भूमि की आवश्यकता बताई गई है। हाईवे स्टेशनों पर बसों और ट्रकों के लिए उच्च क्षमता वाले डीसी फास्ट चार्जर लगाने का प्रस्ताव है।

 

मुख्य सचिव स्तर पर मॉनिटरिंग

हाल के दिनों में मुख्य सचिव स्तर पर विभिन्न विभागों से उपलब्ध सरकारी भूमि का ब्योरा मांगा गया है ताकि चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। इसका उद्देश्य राज्य में ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए मजबूत सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।

श्रीगोरखनाथ मंदिर में भव्य श्रीरामकथा गुरुवार से, सीएम योगी भी होंगे सम्मिलित

Shri Gorakhnath Temple Shri Ram Katha: गुरु पूर्णिमा सप्ताह के उपलक्ष्य में श्री गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार (23 जुलाई) से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रयागराज से पधारे कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज श्रद्धालुओं को कथामृत का रसपान कराएंगे। कथा शुभारंभ कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित होंगे। प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायंकाल 6 बजे तक होने वाली श्रीरामकथा का सजीव प्रसारण श्रीगोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब, फेसबुक और एक्स पर भी होगा। श्रीरामकथा का विश्राम गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर 29 जुलाई को होगा। 

 

यह जानकारी श्री गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने दी है। उन्होंने बताया कि सनातन परम्परा में गुरु-शिष्य का संबंध अद्वितीय शब्दों में परिभाषित करने से परे है। गुरु-शिष्य परम्परा की संवाहक श्रीगोरक्षपीठ की तरफ से इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 23 जुलाई, गुरुवार से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन श्रीगोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया जा रहा है। प्रयागराज से आए आचार्य श्री शांतनु जी महाराज कथा सुनाएंगे। 

 

योगी कमलनाथ ने बताया कि गुरुवार को श्रीरामकथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं कथा व्यास शांतनु जी महाराज के सानिध्य में साधु-संतों, मुख्य यजमान, अन्य यजमानगण एवं 151 वेदपाठी विद्यार्थी शंख ध्वनि तथा बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकालेंगे। यह शोभायात्रा दोपहर बाद 2:45 बजे श्रीगोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह से महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में स्थित कथा मंडप तक जाएगी। तत्पश्चात भव्य श्रीरामकथा का प्रारंभ होगा। 

 

योगी कमलनाथ ने सभी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि श्रीरामकथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायं 6 बजे तक होगी। इसका सीधा प्रसारण श्रीगोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी किया जाएगा। गोरक्षपीठाधीश्वर के सानिध्य में श्रीरामकथा का विश्राम व पूर्णाहुति 29 जुलाई को प्रातः 9 बजे से 11:30 बजे होगी। गुरु पूर्णिमा के दिन श्री गोरखनाथ मंदिर में विशिष्ट पूजन, आशीर्वचन, भजन व सहभोज का पारम्परिक आयोजन होगा। (फाइल फोटो)