सपनों को मिले पंख, अमरोहा में CM योगी ने बांटी खुशियों की चाबी

CM Yogi Amroha visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अमरोहा दौरा जिले के विकास को एक नई रफ्तार देने के साथ-साथ आम जनमानस के जीवन में खुशियों का नया सवेरा लाया। शनिवार को श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ने 207 करोड़ रुपए रुपए से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के 10 लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। किसी को पक्के मकान की चाबी मिली तो किसी को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण का चेक और किसी को डिजिटल शिक्षा के लिए लैपटॉप मिला। इन सरकारी प्रयासों से युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का बड़ा अवसर मिला है।

महिलाओं को मिला अपना घर और स्वावलंबन का आधार

जनसभा में महिलाओं के आर्थिक व सामाजिक सशक्तीकरण की स्पष्ट झलक देखने को मिली। विकास खण्ड गजरौला के ग्राम कांकाठेर निवासी संगीता को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्मित पक्के आवास की चाबी सौंपकर उनका अपने घर का सपना पूरा किया गया। वहीं, स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ग्राम जब्दा की रहने वाली कंचन को सीएम युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत व्यापार के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का ऋण उपलब्ध कराते हुए ट्रैक्टर की चाबी दी गई। महिलाओं को संगठित कर मजबूत बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत जाजरू की बेबी को 144 महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए 1.5 लाख रुपए प्रति समूह की दर से कुल 2 करोड़ 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया।

युवा उद्यमी और स्वरोजगार की नई उड़ान

युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाला बनाने के मुख्यमंत्री के विजन के तहत कई युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। ग्राम बस्तापुर (अमरोहा) निवासी रिकू चिकारा को मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत दुग्ध व्यापार को गति देने के लिए 10 लाख रुपए का ऋण उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र वितरित किया गया। इसी योजना के अंतर्गत हसनपुर के ग्राम चौकनी निवासी दीपक कुमार को मधुमक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपए के ऋण का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत माकनपुर शुमाली के सत्यम गोला को प्रिंटिंग मशीन के व्यापार के लिए 10 लाख रुपए और नरैना कला के सचिन चौधरी को रेस्टोरेंट खोलने के लिए 5 लाख रुपए के ऋण का चेक मुख्यमंत्री के हाथों प्रदान किया गया।

कृषि, पशुपालन और डिजिटल शिक्षा से संवरता भविष्य

किसानों व छात्रों को आधुनिकता से जोड़ने के लिए भी विशेष लाभ दिए गए। ग्राम करनपुर माफी, हसनपुर के राजपाल सिंह को पशुपालन को बढ़ावा देने वाली मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना (23.62 लाख रुपए की कुल लागत) में 11.80 लाख रुपए का अनुदान उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं, प्रगतिशील किसान उत्पादक संगठन के डायरेक्टर प्रेम सिंह आर्य को आधुनिक कृषि तकनीक के तहत 'किसान ड्रोन' के लिए 4.75 लाख रुपए का अनुदान प्रमाण पत्र सौंपा गया। शिक्षा को डिजिटल रूप देने की मुहिम के तहत मौहल्ला गढी, धनौरा की मेधावी छात्रा जीविका अग्रवाल को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लैपटॉप प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह है जेल या जहन्नुम में : योगी

Yogi Bulandshahr visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय, दहशत और असुरक्षा का माहौल था। उस समय बुलंदशहर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दंगे होते थे और कर्फ्यू लगता था। उस दौर में बेटियां और व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे तथा कई परिवारों ने अपनी बेटियों की पढ़ाई तक बंद करा दी थी। पहले हर जिले में माफिया और हर थाने में वसूली का सिंडिकेट सक्रिय था। गरीबों को न्याय नहीं मिलता था, महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी और व्यापारियों को भय के माहौल में काम करना पड़ता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां सब चंगा है। सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दोहराया कि माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और ऐसा करके दिखाया गया। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल दो ही जगह हैं-जेल या जहन्नुम।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर व सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र में 574 करोड़ से अधिक की 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास किया। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लैपटॉप/चेक/ चाबी/थर्मल प्रिंटर/आयुष्मान कार्ड/छात्रवृत्ति/सब्सिडी/टूलकिट एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। इससे पहले प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान सीएम ने छोटे बच्चों को खिलौना देकर दुलार किया।

गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर भी पूरी तरह बदल चुका है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान जब वह बुलंदशहर आए थे, तब यहां भय और दहशत का माहौल था, लेकिन आज बुलंदशहर निर्भय होकर विकास की प्रक्रिया से मजबूती के साथ जुड़ चुका है। देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे बुलंदशहर से होकर गुजर रहा है, जिससे प्रयागराज तक की यात्रा करीब पांच घंटे में पूरी होगी। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति दे दी गई है। किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग को भी सरकार ने स्वीकार किया है।

बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट की दूरी वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ बुलंदशहर औद्योगीकरण के नए युग में प्रवेश करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो चुका है और यह केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की समृद्धि का आधार बनने जा रहा है। करीब 14 हजार एकड़ में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट एयरक्राफ्ट रिपेयर एंड मेंटिनेंस (एमआरओ) का बड़ा केंद्र बनने के साथ-साथ कार्गो संचालन तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए उत्कृष्ट एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट के बीच की दूरी इतनी कम हो जाएगी कि वह वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में जनप्रतिनिधियों ने बुलंदशहर के लिए रिंग रोड की मांग रखी थी। उसी समय प्रस्ताव को तत्काल आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया था और अब यह बताते हुए प्रसन्नता है कि रिंग रोड का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो चुका है।

बुलंदशहर की पहचान, जय जवान और जय किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुलंदशहर में विकास, सुरक्षा और समृद्धि एक साथ दिखाई देती है। खुर्जा की क्रॉकरी को वैश्विक पहचान मिली है, युवाओं को छात्रवृत्ति और रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वह श्रद्धेय रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर से आ रहे हैं और बुलंदशहर देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जनपदों में शामिल है। यहां लगभग हर गांव में पूर्व सैनिक या सैन्य अधिकारी मिल जाएंगे, इसलिए बुलंदशहर में 'जय जवान, जय किसान' का भाव साकार होता है।

मोबाइल निर्माण और उद्योग में यूपी नंबर वन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुलंदशहर में बाबू जी के नाम पर कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुका है। खुर्जा की क्रॉकरी और क्षेत्र के गन्ना किसानों की पहचान अब बेहतर कनेक्टिविटी के साथ देश-दुनिया तक पहुंचेगी। जेवर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ इंटरनेशनल फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और फिनटेक सिटी का भी विकास किया जा रहा है, जिसका सबसे अधिक लाभ बुलंदशहर को मिलेगा। उत्तर प्रदेश आज मोबाइल निर्माण में देश में पहले स्थान पर है। देश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं। प्रदेश चीनी मिलों के संचालन, गन्ना उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में भी देश में नंबर एक है।

बॉटम से टॉप पर पहुंचा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान टूटी सड़कों और अंधेरे से होती थी, जबकि अब यहां ग्लोबल स्टैंडर्ड के एक्सप्रेसवे और बेहतर आधारभूत ढांचा विकसित हुआ है। बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का समय कम नहीं करते, बल्कि विकास और समृद्धि की गति भी बढ़ाते हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से अर्थव्यवस्था तेज होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

 

बुलंदशहर के किसानों ने सरकार पर भरोसा करते हुए विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन दी। सरकार ने किसानों से किया गया वादा निभाते हुए उनका मुआवजा बढ़ाया है और बढ़ी हुई राशि उपलब्ध कराई जा रही है। बुलंदशहर की जनता ने लोकसभा की दोनों सीटों और सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को समर्थन दिया है। बुलंदशहर की जनता का हम पर बहुत बड़ा कर्ज है और हम विकास कार्यों के माध्यम से उसे ब्याज सहित चुकाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है यूपी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी नौकरियों में कोई सेंध नहीं लगाएगा। आज सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता से हो रही हैं और बुलंदशहर के युवा भी नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि अब किसी की सिफारिश या पैसे के आधार पर नियुक्ति नहीं होती और युवाओं के अधिकारों पर कोई डाका नहीं डाल सकता। प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से युवा अपना उद्यम स्थापित कर रहे हैं। वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के जरिए पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिल रही है।

 

प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है। प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर बन रहे हैं।

टीम वर्क और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है कि विकास हो रहा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास टीम वर्क और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विरासत और विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। वर्ष 2017 से पहले की सरकारों के पास जनता, किसानों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों के लिए समय और संवेदनशीलता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को राशन, आवास, स्वास्थ्य बीमा और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ पहले भी दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आज प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच रहा है।

बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया। वर्तमान सरकार बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है और उन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों और अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए लगातार काम किया है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

पिछली सरकारों ने किसानों और युवाओं का शोषण किया

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों के हितों की अनदेखी की। किसानों और युवाओं का शोषण किया गया, महिलाओं की सुरक्षा से समझौता हुआ और व्यापारियों व उद्यमियों को भय के माहौल में काम करना पड़ा। इन परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन अब प्रदेश उस स्थिति से बाहर निकल चुका है।

विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विरासत और विकास के समन्वय का उदाहरण बन चुका है। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है और इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनता के आशीर्वाद की आवश्यकता है। केवल बुलंदशहर सदर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों में ही लगभग पौने छह सौ करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है। इसके अलावा जिले और क्षेत्र में अनेक अन्य विकास परियोजनाएं पहले से संचालित हैं।

सरकार संवाद, समन्वय और समृद्धि के मॉडल पर कार्य कर रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संवाद, समन्वय और समृद्धि के मॉडल पर कार्य कर रही है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार सुरक्षा और सुशासन का ऐसा मॉडल देगी, जिसकी कोई तुलना नहीं होगी और जो रामराज्य की अवधारणा को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। बुलंदशहर की जनता ने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने हैं, जो क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं को लखनऊ और दिल्ली तक प्रभावी ढंग से पहुंचा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि क्षेत्र को लगातार नई विकास परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। सीएम ने बुलंदशहर सदर, सिकंदराबाद और जिले के सभी नागरिकों को विकास परियोजनाओं के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

लाभार्थियों को वितरित किए गए चेक/लैपटॉप/ स्वीकृत पत्र और चाबी 

  • पूजा शर्मा (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 4 लाख 25 हजार का चेक)
  • राजकुमार वर्मा (4 लाख का चेक)
  • महेंद्र प्रताप (टूल किट)
  • कविता शर्मा (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 33 करोड़ 60 हजार का चेक)
  • गीता रानी (विद्युत बिल संग्रहण के लिए थर्मल प्रिंटर)
  • ऋषि पाल (कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 24 लाख रुपए का अनुदान व चाबी)
  • अजय चौधरी (फार्म मशीनरी बैंक की चाबी) 
  • श्याम कुमार (5 लाख रुपए का आयुष्मान कार्ड)
  • मीनाक्षी (छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र)
  • तनुज शर्मा (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
  • डॉली (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
  • पूजा शर्मा (प्रधानमंत्री आवास योजना शहरीय के लिए स्वीकृत पत्र)
  • पूरन गुप्ता (प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिध योजना के अंतर्गत 50 हजार का चेक)
  • हेमलता (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए चाबी)
  • कपिल चौधरी (मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 4 लाख 80 हजार रुपए से अधिक का चेक)

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर, राज्य सभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, सांसद महेश शर्मा, सांसद डॉ. भोला सिंह, विधायक प्रदीप चौधरी, विधायक लक्ष्मी राज सिंह, विधायक देवेंद्र सिंह लोधी, विधायक मीनाक्षी सिंह, विधायक संजय शर्मा, विधायक सीपी सिंह, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी, विधान परिषद के सदस्य श्रीचंद्र शर्मा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष विकास चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया आदि मौजूद रहे।

बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, बम-बम बोलकर चलने वाले शिवभक्तों पर आपत्ति होती थी। सीएम ने अपना कुर्ता दिखाया और कहा कि इन्हें इस केसरिया रंग से चिढ़ होती थी। यह वही लोग हैं, जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाई थी। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुरादनगर व मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया। 

2017 के पहले शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से हो सकते हैं दंगे, इसे रोका जाए

सीएम ने 2017 में कांवड़ यात्रा की बैठक का जिक्र किया, कहा कि पुराने शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। यदि कुछ लोग यह यात्रा निकालते हैं तो उन्हें घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने से रोका जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा तो पता चला कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाएगी। मैंने कहा कि यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पण रखने वाले शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़ी जाति समेत हर तबके का व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में जाता है। हम उन्हें सुरक्षा व सुविधा देंगे, कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दंगा न होने की गारंटी मैंने ली, क्योंकि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता। वह मर्यादा में चलता है क्योंकि समरसता उसके जीवन का हिस्सा है। 

कांवड़ यात्रा की मर्यादा व अनुशासन को बनाए रखना है

सीएम ने कहा कि अब देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद तक की निकलती है। देश और विदेश से लोग इसे देखने आते हैं, क्योंकि यह भारत में ही संभव है। आस्था को न समझने वाले राम मंदिर, कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाते थे। अब कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। बहुत शीघ्र फिर से कांवड़ यात्रा आने वाली है। सभी कांवड़ संघों व शिवभक्तों से अपील की कि इस आयोजन की मर्यादा, अनुशासन को बनाए रखना है। किसी विरोधी को अवसर नहीं देना है। प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाएं, सरकार भव्य कांवड़ यात्रा निकालने का प्रबंध कराएगी। अब तो गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है। 

आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं सपाई व कांग्रेसी 

सीएम ने आस्था के सम्मान का जिक्र कर कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर, पुरा महादेव में आदियोगी की भव्य प्रतिमा-कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही नई अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी धाम आदि पवित्र तीर्थ स्थल फिर से जगमगा रहे हैं। सपा व कांग्रेस वाले आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं। 

10 साल पहले गाजियाबाद में होता था गैंगवार, अब सुशासन यहां की पहचान 

सीएम ने कहा कि गाजियाबाद अपनी खुद की पहचान रखने वाला, भगवान दुग्धेश्वर नाथ का पावन जनपद है। हस्तशिल्प के लिए जगविख्यात गाजियाबाद की स्थिति एक दशक पहले क्या थी। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, लेकिन इसका नाम लेने से लोग भयभीत होते थे। यहां आने का साहस नहीं करते थे। गंदगी पहचान थी और यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थीं। 10 वर्ष पहले यहां की अराजकता, गुंडागर्दी और गैंगवार को आपने देखा है परंतु अब गाजियाबाद सुशासन के मॉडल के तहत पहचान बना रहा है। अब गाजियाबाद पर फिल्में नहीं बनतीं, बल्कि यहां हरिनंदीपुरम कॉलोनी आती है। अब स्वच्छता रैंकिंग में भी गाजियाबाद का स्थान होता है। 

सीएम ने गाजियाबाद में किए विकास कार्यों को गिनाया

सीएम ने कहा कि जिस दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, आज मात्र कुछ मिनट में वह दूरी तय होती है। गाजियाबाद में बेहतरीन सड़कें हैं। नगर निगम ने साफ-सफाई की शानदार व्यवस्था की है। दिल्ली-मेरठ के बीच पहली रैपिड रेल चल रही है। यह प्रस्ताव मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले से चल रहा था, लेकिन सपा सरकार ने नकार दिया था कि हमें रैपिड रेल नहीं चाहिए। बतौर मुख्यमंत्री मैंने पूछा कि पिछली सरकारों ने क्या निर्णय किया है तो पता चला कि उन्होंने इस पर नकारात्मक रूप से लिखा है। मैंने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया तो अधिकारियों ने बताया कि इसमें 32 हजार करोड़ रुपये लगेगा और इसमें राज्य व केंद्र सरकार बराबर पैसा देगी। सब सशंकित थे, लेकिन मैंने कहा कि राज्य सरकार पैसा देगी। आज लगता है कि 2017 में निर्णय लेकर हमने अच्छा किया। मेरठ से दिल्ली की तीन घंटे की दूरी अब 40 मिनट में तय हो रही है। मोदीनगर व मुरादनगर की दूरी और भी कम हुई है। 

एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा गाजियाबाद

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 वर्ष में देश को सुशासन का मॉडल दिया है। जब कानून का राज होता है, तब सुशासन आता है। कानून के राज के लिए अपराध व अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति कारगर होती है। जहां सुरक्षा होगी, वहां सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा, वहां समृद्धि आएगी, जहां समृद्धि आएगी, वहां विकास, निवेश, रोजगार का सृजन होगा, जिससे नौजवानों के हाथों को काम मिलेगा। गाजियाबाद एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वाह कर रहा है। 

2017 के पहले शासन करने वालों के यहां देर रात तक सजती थी मंडली

सीएम ने कहा कि जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुना तो परिणाम सामने है। आज की नई योजनाएं यहां की गति को और बढ़ाएगी। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले शासन करने वाले लोग 12 बजे सोकर उठते थे। 2 बजे तैयार होते थे, खाने-पीने के बाद उनके जिम जाने का समय हो जाता था। वहां से आते ही उनकी मंडली देर रात तक सजी रहती थी। तब प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू लगता था। सरकार की नीति-नीयत न होने से निवेश और रोजगार नहीं आ पाता था। 

कांग्रेस सरकार में 85 पैसे पर पड़ती थी डकैती, हम उस पैसे को विकास में लगाते हैं 

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि 100 में से 15 पैसा ही नीचे पहुंचता था। सीएम ने कहा कि शेष 85 पैसा वही था, जिसे जनता ने टैक्स के रूप में दिया था। इससे छात्रवृत्ति, पेंशन, गरीबों का मकान, स्वास्थ्य बीमा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती थी। यह लोग यदि उस पैसे को जमीन पर उतारते तो हाईवे, मेट्रो, एयरपोर्ट बन सकता था, लेकिन धऱातल पर उतरने से पहले ही कांग्रेस व सपा के लोग इस 85 पैसे पर डकैती डालते थे, जिससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। 

एनसीआर बता रहा है कि कैसे होता है विकास

सीएम ने कहा कि एनसीआर बता रहा है कि विकास कैसे होता है। पहली रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही मेरठ से हरिद्वार के बीच जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद वालों को अब हिंडन में ही वायुसेवा प्राप्त है। ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरलवे का निर्माण हो चुका है। पीएम मोदी ने यूपी के पांचवें (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) का लोकार्पण किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी पहचान दिला रहा है। विकास की यह कड़ी भावी पीढ़ी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में नई पहचान बनने जा रही है। यहां से कुछ दूरी पर यमुना अथॉरिटी में फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी के निर्माण कर युवाओं के लिए रोजगार लेकर आ रहे हैं। 

 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, डॉ. मंजू शिवाच, धर्मेश सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल आदि मौजूद रहे। 

आदर्श राजनेता थे स्व. राजपाल त्यागी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जब जनता की सेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी जनता के दिल में स्थान बनाने वाले राजनेता थे। आदर्श राजनेता स्व. राजपाल त्यागी छह बार (दो बार निर्दल) विधायक रहे। वे दो बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व दो बार कैबिनेट मंत्री रहे। यह उनकी लोकप्रियता व जनता के मन में उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि माता-पिता की साधना और त्याग पुत्रों के कार्यों में झलकती है। तपस्या, साधना, लोककल्याण के प्रति समर्पण के भाव का परिणाम है कि अजीत पाल लगातार विधायक बनकर पिता के कार्यों को निरंतरता प्रदान कर रहे हैं। जनता का उत्साह उनके प्रेम और सेवा को प्रस्तुत कर रहा है। विधायक अजीत पाल त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया।

पीएम सूर्य घर योजना : CM योगी के नेतृत्व में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा UPPM

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

– सूर्य घर योजना में 6.74 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापित, गुजरात के बाद देश में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश

– योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित

– प्रदेश में तेजी से विकसित हुई सोलर इकोनॉमी, 85 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। प्रदेश में अब तक 6,74,393 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है। पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में गुजरात 7,49,839 स्थापनाओं के साथ पहले स्थान पर, जबकि उत्तर प्रदेश 6,74,393 स्थापनाओं के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र 6,73,717 स्थापनाओं के साथ तीसरे स्थान पर है।

   
उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और मिशन मोड में किए गए प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने से लेकर सोलर संयंत्रों की स्थापना, बैंक ऋण, डिस्कॉम निरीक्षण और सब्सिडी प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए हैं।

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2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता हुई विकसित

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में घरेलू रूफटॉप सोलर के तेजी से विस्तार के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2,283.8 मेगावाट यानी 2.28 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इससे प्रदेश के लाखों घर अपनी छतों पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर से उपभोक्ताओं की पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश के लाखों परिवारों को प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपए मूल्य की निःशुल्क सौर बिजली का लाभ प्राप्त हो रहा है।

यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश को केवल बिजली उपभोग करने वाली व्यवस्था से आगे बढ़ाकर विशेष आर्थिक दिशा में ले जा रहा है, जहां उपभोक्ता स्वयं अपने घर की छत पर बिजली का उत्पादन कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने में भी सक्षम हो रहे हैं।

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7,000 से अधिक कंपनियां, 85 हजार से अधिक रोजगार

पीएम सूर्य घर योजना के व्यापक विस्तार ने उत्तर प्रदेश में एक मजबूत सोलर इकोनॉमी इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में सोलर सेक्टर से जुड़ी 7,000 से अधिक कंपनियां एवं व्यावसायिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 85,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

   
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से लेकर सर्वे, डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, नेट मीटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सेल्स, मार्केटिंग तथा ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस तक एक व्यापक रोजगार श्रृंखला विकसित हुई है। इससे विशेष रूप से युवाओं, तकनीकी पेशेवरों, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियरों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली इकोसिस्टम को भी मिली नई गति

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर की तेजी से बढ़ती मांग ने प्रदेश के सोलर मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई चेन इकोसिस्टम को भी नई गति प्रदान की है। सोलर मॉड्यूल एवं संबंधित उपकरणों के क्षेत्र में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और असेंबली लाइंस विकसित हुई हैं। इसके साथ ही इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबल, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, मीटरिंग उपकरण, वेयरहाउसिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को भी नई मांग मिली है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं रही, बल्कि यह निवेश, औद्योगिक विकास, एमएसएमई विस्तार, स्थानीय उद्यमिता और ग्रीन जॉब्स को गति देने वाली एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है।

 

9,000 एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता में बचत

घरेलू रूफटॉप सोलर मॉडल की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू भाग की आवश्यकता नहीं होती। घरों और भवनों की उपलब्ध छतों का उपयोग स्वच्छ बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। प्रदेश में विकसित रूफटॉप सोलर क्षमता को यदि समान क्षमता वाले बड़े ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से स्थापित किया जाता, तो इसके लिए बड़े भू-भाग की आवश्यकता होती।

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रूफटॉप सोलर के विस्तार से अनुमानतः 9,000 एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता में बचत हुई है। इससे प्रदेश की बहुमूल्य भूमि को कृषि, आवास, औद्योगिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखने में मदद मिल रही है। 

 

हर साल लगभग 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी

प्रदेश में स्थापित लगभग 2,283.8 मेगावाट (2.28 गीगावाट) घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अनुमानित सौर ऊर्जा उत्पादन और भारतीय विद्युत ग्रिड के उत्सर्जन कारकों के आधार पर, इस स्थापित क्षमता से सालाना लगभग 3.8 अरब यूनिट (3.8 बिलियन kWh) स्वच्छ बिजली का उत्पादन संभव है।

इससे जीवाश्म ईंधन आधारित पारंपरिक बिजली उत्पादन को प्रतिस्थापित कर प्रतिवर्ष अनुमानतः 27 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड  उत्सर्जन से बचाव हो सकता है। पर्यावरणीय प्रभाव को सरल रूप में समझें तो, यदि एक परिपक्व पेड़ द्वारा औसतन लगभग 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड प्रति वर्ष अवशोषित करने का मानक लिया जाए, तो यह वार्षिक कार्बन बचत लगभग 12 करोड़ से अधिक परिपक्व पेड़ों द्वारा एक वर्ष में किए जाने वाले कार्बन अवशोषण के तुलनीय है।

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इस प्रकार पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और भारत के दीर्घकालिक नेट-जीरो लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

भूजल सप्ताह 2026 : सहजन के बीज और ज्वालामुखीय पत्थर से होगी पानी की बचत, यूपी में नई पहल

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए प्रदेश में 'भूजल सप्ताह-2026' के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को भूगर्भ जल विभाग द्वारा 'जल-संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जल संरक्षण के लिए घरेलू आरओ से फिल्टर के बाद खराब होने वाले पानी को बचाने पर जोर दिया गया।

इसमें सामने आया कि मोरिंगा सीड्स (सहजन के बीज) और स्कोरिया वॉल्केनिक रॉक (छिद्रयुक्त ज्वालामुखीय पत्थर) मददगार साबित हो सकता है। जल्द ही इस पर और शोध कर प्रोटोटाइप तैयार करने व उसकी टेस्टिंग, प्रक्रिया के तहत करने की सहमति भी बनी।

 

'भूजल सप्ताह-2026' के तहत 'जल-संवाद' कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने की। इस दौरान प्राकृतिक और कम लागत वाली जल शोधन तकनीकों पर भी चर्चा हुई। जहां सहजन के बीज और छिद्रयुक्त ज्वालामुखीय पत्थर के उपयोग से पानी शुद्ध करने की तकनीक प्रस्तुत की गई। इसके जरिए आरओ सिस्टम से खराब होने वाला लाखों लीटर पानी बचाया जा सकेगा। भूगर्भ जल विभाग ने इस विजन का स्वागत करते हुए आगे शोध व आगामी संभावनाओं में दिलचस्पी व्यक्त की। 

 

इस तरह उपयोगी हो सकता है मोरिंगा सीड्स, स्कोरिया वॉल्केनिक रॉक

स्कोरिया वॉल्केनिक रॉक (छिद्रयुक्त ज्वालामुखीय पत्थर) और मोरिंगा (सहजन के बीज) प्राकृतिक जल शोधन में उपयोगी माने जाते हैं। मोरिंगा के बीजों का पाउडर पानी में मौजूद गंदगी और सूक्ष्म कणों को एकत्र कर नीचे बैठने में मदद करता है, जबकि स्कोरिया रॉक अपनी छिद्रयुक्त संरचना के कारण फिल्टर की तरह अशुद्धियों को कम करने में सहायक हो सकती है। हालांकि इसे पूर्ण रूप से लागू करने के लिए अन्य शोध की आवश्यकता है।

 

विशेष प्रोत्साहन व पुरस्कार की जरूरत

'जल-संवाद' में विशेषज्ञों ने भूजल संकट की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। सामाजिक संगठनों ने सुझाव दिया कि जिन गांवों, शहरों और आवासीय सोसाइटियों में वर्षा जल संचयन, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग व अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण जैसे कार्य प्रभावी ढंग से किए जा रहे हैं, उन्हें विशेष प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जाए। इससे जल संरक्षण के प्रति सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और समाज में प्रेरणादायक उदाहरण स्थापित होंगे। साथ ही रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक के माध्यम से जल संरक्षण एवं भूजल भंडारण की मैपिंग पर शोध तथ्यों को मुहिम से जोड़ने की बात कही गई।

 

भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।

शामली और कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted the Samajwadi Party and the Congress

– मुख्यमंत्री ने शामली, थानाभवन व कैराना विधानसभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपए से अधिक की 89 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– 10 साल पहले आतंक व भय का प्रतीक था शामली, अब यहां गन्ने की मिठास और एक्सप्रेसवे की ‘त्रिवेणी’ है

– कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर दें

– 2017 के पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में 4 बजे से काम करने वाली सरकार

– 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 मिलें संचालित

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे। विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे। इनसे लगातार सतर्क रहना है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की।

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कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान

सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था। शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था। कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी। 

 

10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली

सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है। शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी। कोई सुरक्षित नहीं था। शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी। अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है।

 

एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है शामली

मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है। यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा।

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शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है। 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे। 

 

2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं 

सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था। 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं।

21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं। 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे। आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। अब गन्ना किसानों को 400 रुपए कुंतल दाम मिल रहा है। यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है। यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है।

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शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ 

सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता। हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया। हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया। शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है।

पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था। यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया। वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी। 

 

सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता

सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी। कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है। सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता। शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं।

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चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार

सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है। हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है। 

 

कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें 

सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं। राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है। अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए।

विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है। अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी। पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी।

 

सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की 

सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं। वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं। हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं।

जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा। इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे। शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा। आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। 

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प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स 

सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा। आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं। शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है।

 

पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार  

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे। वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे। उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी। यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है। यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है। चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है। 

 

इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

योगी सरकार की OBC छात्रावास योजना बनी वरदान, 102 हॉस्टल से हजारों पिछड़े वर्ग के छात्रों को मिल रहा शिक्षा का सहारा

Jevar Airport Farmers meet cm yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित छात्रावास निर्माण योजना प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 2013 छात्र-छात्राओं ने इन छात्रावासों में रहकर अपनी शिक्षा प्राप्त की। यह व्यवस्था उन हजारों परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनी है जिनके लिए बच्चों को बाहर रहकर पढ़ाना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।

 

कुल 102 में से छात्राओं के लिए 43 छात्रावास 

 

प्रदेश में वर्तमान समय में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए 102 छात्रावास संचालित हैं। इनमें 59 छात्रावास छात्रों तथा 43 छात्राओं के लिए हैं। इन छात्रावासों में लगभग 5400 छात्रों के रहने की क्षमता उपलब्ध है। छात्रावास निर्माण योजना का मुख्य उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी शिक्षा में बाधा न बने। इस योजना के तहत छात्रावासों का निर्माण राजकीय शिक्षण संस्थानों के परिसरों में कराया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासित एवं सुरक्षित वातावरण भी प्राप्त हो सके।

 

वर्षों पुराने छात्रावासों में कराया जा रहा मरम्मत का कार्य

 

योगी सरकार ने छात्रावासों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता और सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी है। छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 से छात्रावास अनुरक्षण योजना प्रारंभ की। इस निर्णय से वर्षों पुराने छात्रावासों के रखरखाव और मरम्मत का कार्य व्यवस्थित रूप से शुरू हुआ। अनुरक्षण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। 

 

8 छात्रावासों में मरम्मत का कार्य पूरा

 

इस समिति में निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य हैं, जो प्रत्येक प्रस्ताव का तकनीकी और वित्तीय परीक्षण कर आवश्यक स्वीकृति प्रदान करते हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुरक्षण के लिए 10 छात्रावासों का चयन किया गया था। इनमें से 8 छात्रावासों का मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी छात्रावासों में मरम्मत कार्य प्रगति पर है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित छात्रावासों का सर्वेक्षण कर 8 छात्रवासों को प्राथमिकता के आधार पर अनुरक्षण एवं मरम्मत के लिए चिन्हित किया गया है। 

 

निर्धन छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बनी योजना

 

इस तरह आवासीय सुविधाओं के माध्यम से हजारों छात्र-छात्राएं अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बन रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बन रही है। इसका उद्देश्य निर्धन छात्र-छात्राओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी शिक्षा में बाधा न बने। इसी सोच के अनुरूप छात्रावासों का निर्माण राजकीय शिक्षण संस्थानों के परिसरों में कराया जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो सके।

विश्व युवा कौशल दिवस पर योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि, 75 जिलों के 10283 युवाओं को मिला रोजगार

Yogi government's major achievement on World Youth Skills Day

– कौशल विकास मिशन की ओर से प्रदेशभर में 13 से 15 जुलाई तक आयोजित हुआ 3 दिवसीय रोजगार मेला, 830 कंपनियों ने की शिरकत

– दूसरे दिन 14 जुलाई को रिकॉर्ड 8,912 युवाओं को मिला रोजगार, प्रयागराज में सबसे ज्यादा 728 चयन

– योगी सरकार में बदली युवाओं की तस्वीर, हुनर से मिल रहा रोजगार और सम्मान

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम), डीडीयू जीकेवाई और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 15 जुलाई तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया।

 

इस महाअभियान में प्रदेश के सभी 75 जिलों के युवाओं को शामिल किया गया। देश-विदेश की कुल 830 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सेदारी की, जिसके माध्यम से कुल 10,283 योग्य अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए अंतिम चयन किया गया।

 

इस उपलब्धि पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। आज प्रदेश का युवा हुनर से रोजगार और स्वरोजगार पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प को नई गति दी गई है।

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मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर 12.50 लाख को रोजगार दिलाया गया है। टाटा समूह के साथ 7000 करोड़ का सीएसआर एमओयू, 225 आईटीआई का अपग्रेडेशन, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे फ्यूचरिस्टिक कोर्स और ब्लू डॉट सॉफ्टवेयर जैसी पहल से युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ा जा रहा है।

 

तीन चरणों में चला रोजगार का महाअभियान

पहला चरण (13 जुलाई) : अभियान के पहले दिन प्रदेश के 9 जिलों – सम्भल, गोंडा, सुल्तानपुर, मऊ, फर्रुखाबाद, औरैया, उन्नाव, चंदौली और देवरिया में रोजगार मेले आयोजित हुए। इसमें 107 प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया और कुल 1,071 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। पहले दिन देवरिया में जबरदस्त उत्साह देखा गया, जहाँ रिकॉर्ड 303 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

 

दूसरा चरण (14 जुलाई) : 14 जुलाई को व्यापक स्तर पर अभियान चला। प्रदेश के 63 जिलों में एक साथ मेले आयोजित हुए। इस एक दिन में 689 बड़ी कंपनियों ने शिरकत की और रिकॉर्ड 8,912 अभ्यर्थियों को नौकरी मिली। इस चरण में प्रयागराज पूरे प्रदेश में शीर्ष पर रहा, जहाँ अकेले 22 कंपनियों ने 1,185 युवाओं का चयन किया। इसके साथ ही वाराणसी में 674 और गोरखपुर में 317 युवाओं को रोजगार मिला।

 

तीसरा चरण (15 जुलाई) : विश्व युवा कौशल दिवस पर 15 जुलाई को अमेठी, पीलीभीत और इटावा समेत 3 जिलों में रोजगार मेला आयोजित हुआ। अंतिम दिन 34 कंपनियों की भागीदारी से कुल 300 युवाओं का चयन हुआ, जिसमें पीलीभीत के 138 युवा शामिल रहे।

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मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन पुलकित खरे ने कहा कि ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प के तहत 3 दिवसीय मेले में 10,283 युवाओं का चयन बड़ी उपलब्धि है। यूपी का युवा आज तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर है। हमारा लक्ष्य हर कुशल हाथ को सही मंच और सीधा रोजगार देना है।

आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बिजनौर के 16 अस्पतालों पर कार्रवाई, 6 पर निलंबन की तैयारी

yogi adityanath in rampur

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए साचीज लगातार सख्त निगरानी कर रही है। इसी के तहत बिजनौर के 20 अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान लापरवाही मिलने पर 16 चिकित्सालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
 

6 चिकित्सालयों को निलंबन नोटिस के साथ भुगतान पर रोक 

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि योजना से जुड़े सभी अस्पताल केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (एसटीजी) तथा गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं या नहीं। साचीज द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिजनौर के 20 विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों का बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार प्रक्रिया, दस्तावेजों, रिकॉर्ड, क्लेम प्रक्रिया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया। जांच में कई अस्पताल योजना के निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए नहीं पाए गए। कई स्थानों पर स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस के पालन में कमी तथा गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। 16 अस्पतालों में दिशा निर्देशों का पालन नहीं पाया गया। इनमें से 6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस के साथ भुगतान रोकने का आदेश दिया गया है जबकि 10 अस्पतालों को अनियमितताओं के लिए नोटिस जारी किया गया है। अब जुर्माने की गणना की जाएगी और 10 गुना जुर्माना लगाया जाएगा। इन अस्पतालों में एक ही परिवार के मरीजों को बार-बार भर्ती करने, बिना आवश्यकता के आईसीयू बुक करने आदि के कारण गड़बड़ी पाई गई। ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी करने के साथ जिला कार्यक्रम समन्वयक को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

 

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

सीईओ अर्चना वर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े प्रत्येक सूचीबद्ध चिकित्सालय के लिए योजना के सभी दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस तथा गुणवत्ता मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है। यदि कोई चिकित्सालय निर्धारित मानकों की अनदेखी करता है या लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एजेंसी ने यह भी दोहराया कि मरीजों के हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदेश के सभी सूचीबद्ध चिकित्सालयों में योजना के मानकों के अनुपालन की नियमित निगरानी आगे भी जारी रहेगी। समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाएंगे और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को पारदर्शी, मानक आधारित और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हों ताकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वस्थ और सशक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।

9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में बनाई मजबूत पहचान : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi stated that over past nine years Uttar Pradesh has established strong identity among country's leading economies

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून का राज स्थापित होने से निवेश और विकास को मिली नई रफ्तार 

– सपा सरकार पर सीएम का तीखा हमला, बोले- सरकारी खजाने की हुई लूट और विकास रहा अधूरा

– यूपी में तीसरी बार बनेगी एनडीए की सरकार, भाजपा के नेतृत्व में लगेगी हैट्रिक

– उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई, सवा तीन करोड़ लोगों को मिला रोजगार

– नौ सालों में दंगा, कर्फ्यू और माफिया संस्कृति से मुक्त हुआ उत्तर प्रदेश

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों के कार्यों, कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, कृषि, निवेश और बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने में सफल रही है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान, सुरक्षा और विकास के संकट से जूझ रहा था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में राज्य ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कहा कि यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट होगी। एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी। मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ में 'आज तक' न्यूज चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'पंचायत आज तक उत्तर प्रदेश' को संबोधित कर रहे थे। 
 

सीएम ने कहा कि 9 वर्षों की कार्यपद्धति और रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने है। जनता जनार्दन फैसला करने को तैयार है। 2003 से 2017 तक सपा और अन्य सरकारों की कार्यपद्धतियां भी सबके सामने है। हम लोगों ने पीएम मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में विकसित भारत को आगे बढ़ाने का काम किया।

डबल इंजन सरकार का लाभ हमने लिया है। इसमें यूपी सफल हुआ है। विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को केवल डबल इंजन की भाजपा की सरकार ही पूरा कर सकती है। गत वर्ष एक रिकॉर्ड टूटा था, इस बार एक नया टूटने वाला है। यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट करेगी। भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

 

सपा सरकार में लूटा गया सरकारी खजाना

सीएम ने कहा कि सपा का विकास का मॉडल होता तो यूपी कबका डूब गया होता। सैफई खानदान यूपी को तबाह कर रहा था, उसका नमूना जेपीएनआईसी बिल्डिंग है। सपा ने जेपीएनआईसी को बनाने के लिए 200 करोड़ का डीपीआर बनाया था, लेकिन 800 करोड़ रुपए खर्च हो जाने के बाद भी अधूरा है। आदि गंगा की मान्यता वाली गोमती के रिवर फ्रंट के नाम पर 166 करोड़ रुपए का डीपीआर किया था लेकिन 1400 करोड़ रुपए खर्च हो गए। साथ ही कार्य भी अधूरा है। सपा सरकार में केवल सरकारी खजाना लूटा जा रहा था।

 

सीएम ने कहा कि 2016 दिसंबर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया। इसके बाद 15,200 करोड़ की लागत तय की गई। सरकार बदलने के बाद मई 2017 में उसकी समीक्षा की तो जमीन ही न होने का पता चला। इसमें बड़ी बेइमानी का पता चला तो टेंडर को रद्द किया गया। दो वर्ष जमीन खरीदने में लगे। 2018 में हमारे पास 90 प्रतिशत जमीन आ गई। इसके बाद 15,200 करोड़ का टेंडर मात्र 11,800 करोड़ रुपए का हो गया। इसी बजट में सपा सरकार से बेहतर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया गया। 

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सीएम ने कहा कि यूपी की एक्साइस पॉलिसी में भी डैकती डाली जाती थी। पहले मात्र 12 हजार करोड़ रुपए की एक्साइस ड्यूटी आती थी। हमारी सरकार के लिए कठिन था, लेकिन पॉलिसी की बदल दी। आज पांच गुना ज्यादा 63,000 करोड़ रुपए एक्साइस ड्यूटी के रूप में सरकार को मिल रहे हैं।

 

विपक्ष ने राम मंदिर के विरोध में अधिवक्ता खड़े किए

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले जब यूपी में सुरक्षा नहीं थी तो त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था, उपद्रव शुरू हो जाता है। आज हर समुदाय का पर्व व त्योहार शांतिपूर्ण ढ़ंग से पूरा हो रहा है। जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई, वह आस्था की बात कर रहे हैं। साथ ही पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई। देश के उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल कर रहे थे कि भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर के विरोध में अपने अधिवक्ता खड़े किए। जिन लोगों ने देश के खजाने को लूटा और पहचान का संकट खड़ा किया, आज उनको अयोध्या की चोरी दिख रही है लेकिन अपनी डकैती नहीं दिखती। 

 

अयोध्या चढ़ावा मामले में की गई कार्रवाई, हिंदू आस्था पर प्रहार करना न्याय संगत नहीं

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की घटना निश्चित ही सभी रामभक्तों को आहत करती है। वह एक इंडिपेंडेंट ट्रस्ट है, जिसमें सरकार को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही ट्रस्ट ने कार्रवाई शुरू की, जो लोग चोरी करते हुए पकड़े गए उनकी व सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई। नैतिक आधार पर भी दो इस्तीफे हुए, लेकिन उसके नाम पर अयोध्या को, श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करना अथवा हिंदू आस्था पर प्रहार करना, ये न्याय संगत नहीं है।

यूपी में जब यह आस्था के केंद्र देश के लिए मॉडल बन रहे और यूपी पहचान में आगे बढ़ रहा हैं तो सपा को पीड़ा हो सकती है। आस्था के केंद्रों से अर्थव्यवस्था को गति मिली है। इससे फूल बेचने वाले, रिक्शा चलाने वाले, होटल व टैक्सी संचालकों की भी आर्थिक स्थिति सुधरी। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान एक नाविक ने 30 करोड़ रुपए की कमाई की थी, लेकिन ये उनको अच्छा नहीं लगाता है।

 

दोनों युवराजों को चांदी के चम्मच से खाने की आदत

सीएम ने कहा कि समृद्धि केवल दो खानदानों ने अपने नाम पर पेटेंट करा लिया है। ये एक गरीब की पीड़ा को नहीं समझ सकते। दोनों राजकुमारों ने जहां जन्म लिया है, वहां चांदी के चम्मच से खाने की आदत रही है। देर से सोकर उठने की आदत रही है। गर्मी, बरसात की पीड़ा कैसी होती है, इन्हें नहीं पता है। दोनों फीफा कप का आनंद लेने ऑस्ट्रेलिया और टूरिस्ट वीजा पर यूएस की यात्रा पर गए हैं। ये किसके पैसे से विदेश की यात्रा कर रहे हैं। यहां समाज को बांटने का काम करते है, लेकिन जनता सारी करतूतों को जानती है।

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मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम नहीं आई

सीएम ने कहा कि मुझे एक लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने से पहले एक सांसद के रूप में उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्र से देश की संसद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ था। विभिन्न मुद्दों के लिए जूझता था और संसद में उठाने का प्रयास करता था। कभी-कभी निराशा भी होती थी। लगता था कि बीमारी व भूख से मरना, माफिया के सामने लोगों का नतमस्तक होना, बिजली व सामान्य जनसुविधाओं के लिए लोगों को तरसना, युवाओं के सामने पहचान का संकट, किसानों की आत्महत्या उत्तर प्रदेश की नियति बन गई है। पीड़ा के साथ लगता था कि क्या इन समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है।

जब पार्टी ने मुझे शासन-सत्ता का संचालन करने का अवसर दिया और अब उसके सकारात्मक परिणाम को देखता हूं। ऐसा नहीं की मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम आई हो। मेरे साथ कोई भी व्यक्ति नहीं आया। गोरखपुर से पांच बार से सांसद रहा, वहां से भी एक व्यक्ति नहीं आया। जो टीम लखनऊ में मुझे मिली, उन्हीं के साथ काम करने का प्रयास किया। उसके परिणाम सबके सामने है। 

 

सीएम ने कहा कि यूपी को इन 9 वर्षों में पहचान के संकट से उबारा है। यूपी की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। महिला कर्मचारियों की उपस्थिति तीन गुना बढ़ी है। बीमारू राज्य की श्रेणी में रहने वाला उत्तर प्रदेश 9 वर्षों में देश के टॉप तीन अर्थव्य़वस्था के रूप में स्थापित हुआ है। ऐसे कौन से कारण थे, जो यूपी में नहीं हो सकते थे।

 

2014 के पहले भी थी एक डबल इंजन सरकार 

सीएम ने कहा कि 2014 के पहले भी एक प्रकार की डबल इंजन की सरकार थी। केंद्र में कांग्रेस व यूपीए की सरकार थी और यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। दोनों मिलकर काम कर रहे थे लेकिन जनता में विश्वास नहीं था। इन दोनों की स्थिति एक तरफ कुआं और खाई जैसी थी। आज ये लोग जो उपदेश देते हैं, वह 2014 से पहले अंगीकार किया होता तो हाशिए पर नहीं गए होते।

 

यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता था, उसे नौकरी नहीं मिलती थी। उसने आवेदन किया तो योग्यता के बाद भी वो चयनित नहीं होता था। क्योंकि नौकरी पर कुछ चंद जनपदों और लोगों का कब्जा था। 2017 के पहले सुरक्षा की स्थिति बदलहाल थी, बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। सत्ता के समानांतर माफियाओं की सरकारें चलती थीं। मीडिया, आम आदमी, व्यापारी, बेटी, उद्यमी कोई भी सुरक्षित नहीं था। व्यापारी और आम नागरिक भी घर से निकलता था तो ईश्वर से प्रार्थना करता था कि मुझे शाम को वापस परिवार का मुंह देखने का अवसर मिले।

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माफियाओं के साथ आज भी उन लोगों की सहानुभूति

सीएम ने कहा कि उद्यमी निवेश नहीं करना चाहता था। न सरकार की नीति थी और न नीयत थी। अराजकता चरम पर थी, माफिया के सामने सरकारें नाक रगड़ती हुई दिखाई देती थी। आज भी उनके भाषण सुनते होंगे, वे बोलते हैं कि सत्ता में आ गए तो जांच कराएंगे कि माफिया मारे क्यों जा रहे हैं। आज भी उन लोगों की सहानुभूति उन माफिया और उनके गुर्गों के प्रति है, जो जेल में है या जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं। उनकी सहानुभूति आज भी यूपी के नागरिकों के प्रति नहीं दिखती है।

 

23 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच ले जाएं

सीएम ने कहा कि 2003 से 2026 के 23 वर्षों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर जनता के बीच लेकर जाइए। पहले पांच साल मुलायम सिंह के, अगले पांच साल मायावती के व अगले पांच वर्ष अखिलेश के और पिछले 9 वर्षों के हमारे कार्यकाल के, जनता से उनकी संतुष्टि के बारे में पूछिए। आपको स्वर्गीय राजीव गांधी का वह वाक्य याद आज जाएगा जिसमें निराश होकर कहा था कि हम 100 रुपए भेजते है, लेकिन नीचे 15 रुपए ही पहुंचता है। आखिर 85 रुपए कौन खा जा रहा था।

ये किसी छात्र-छात्रा की छात्रवृत्ति, युवा की नौकरी, बुर्जुग-निराश्रित महिला की पेंशन, गरीब का अनाज, बहन-बेटी के लिए बनने वाले शौचालय का पैसा था। जिस 85 प्रतिशत पैसे पर पिछली सरकारें डकैती डालने का काम करती थीं। आज डीबीटी के माध्यम से 100 रुपए दिल्ली या लखनऊ से भेजने पर सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है। सभी तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंच रहा है। सीएम योगी ने कहा कि संकल्प और इच्छाशक्ति के दम पर देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य दंगा मुक्त, उपद्रव मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और अपनी परांपरागत पहचान से युक्त हो सकता है, यह यूपी ने पिछले 9 वर्षों में करके दिखाया है।

 

अब इंसेफेलाइटिस से मौतें नहीं होतीं

सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हर वर्ष इसी सीजन में इंसेफेलाइटिस से मौतें होती थीं। हर परिवार सशंकित रहता था कि पता नहीं कौन सा बच्चा इसकी चपेट में आ जाए। हर वर्ष 1200 से 1500 मौतें होती थीं। आज इंसेफेलाइटिस से होनी वाली मौतें शून्य पर पहुंच चुकी हैं। भूख से मौतें अलग से होते थीं, आज उन्हें 100 प्रतिशत सैचुरेट कर चुके हैं। उन्हें जमीन के पट्टे मिले, उनका आवास बना, आयुष्मान कार्ड, रसोई गैस के सिलेंडर और रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

 

परंपरागत उद्यम फिर जीवित हुए

सीएम ने कहा कि परंपरागत उद्यम फिर से जीवित हो चुके हैं, जिन्हों कभी यूपी को पहचान दिलाई थी। आजादी के तत्काल बाद 1950 में देश की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 14 प्रतिशत था, जो 2017 से पहले घटकर मात्र 7 प्रतिशत के आस-पास रह गया था। यूपी अवनति की ओर था। तब अन्नदाता को पानी, बीज, बिजली नहीं मिलती थी। किसान खेत में जाने से डरता था। वहीं पैदावार फसल का दाम किसानों को नहीं मिलता था, क्योंकि इसका फायदा बिचौलिए उठाते थे। कृषि यूपी का आधार है लेकिन सरकार के स्तर पर कोई प्रोत्साहन नहीं था।

मैन्युफैक्चरिंग पावर जब परंपरागत उद्यम के साथ जुड़ती है, तब अर्थव्यवस्था को तेज करती है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए हमारे पास एमएसएमई का बेहतरीन नेटर्वक था लेकिन पिछली सरकारों के इंस्पेक्टर राज ने उसे तबाह कर दिया था। लोग विभागीय उत्पीड़न के शिकार होते थे। उस समय उद्यमी, कारीगर बन गया और किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया था। ऐसे में यूपी की अर्थव्यवस्था को डूबना ही था।

 

कृषि विकास दर को 18 प्रतिशत तक पहुंचाया

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। अमेरिका-ईरान व रूस-यूक्रेन का युद्ध चल रहा है, उर्वरक की कमी स्वाभाविक रूप से हो जानी चाहिए थी, लेकिन यूपी में किसान को फर्टिलाइजर, बीज, कीटनाशक समय पर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के अंदर 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने 24 लाख हेक्टेयर जमीन को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में अप्रूव हुई सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को यूपी में डबल इंजन की सरकार ने पूरा कराया। उन्होंने बुंदेलखंड की अर्जुन सहायक परियोजना का भी जिक्र किया। बताया कि पहले महोबा के किसानों को प्रति बीघा 5 हजार रुपए मिलता था, आज उन्हीं अन्नदाता किसानों को 50 हजार रुपए मिल रहा है। उन्होंने बाणसागर परियोजना की सफलता की भी चर्चा की।

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बिचौलियों को हटाकर किसानों को दिलाया फायदा

सीएम ने कहा कि यूपी के किसानों को 10 घंटे बिजली खेती के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही बिजली उनके लिए मुफ्त है। प्रदेश में 16 लाख प्राइवेट ट्यूबवेल हैं, सबकी बिजली मुफ्त कर दी गई है। 2017 में 10 वर्ष का गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी था। गन्ना किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना का दाम किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम ने कहा कि आज 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। 105 चीनी मिलें ऐसी हैं, जहां से 4 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को हो रहा है।

शेष में प्रयास किया जा रहा है कि वह 15 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर दें। आज किसान की किसी भी उपज को बिचौलियों की जगह उन्हीं से सरकार द्वारा खरीदा जा रहा है। अगर बाजार में अच्छा दाम है तो किसान स्वतंत्र रूप से वहां बेच सकता है। अगर बाजार में उचित दाम नहीं मिल रहा है तो एमएसपी में लागत के डेढ़ गुना दाम पर सरकार किसान से खरीदेगी और फिर उसे अपने स्तर पर बाजार तक पहुंचाने का काम करेगी।

आज किसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना समेत हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खेती में जो विकास दर बढ़ी है, उस विकास दर के पीछे डबल इंजन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का परिणाम देखने को मिल रहा है।

 

सीएम ने कहा कि पहले एमएसएमई दम तोड़ चुका था, कारीगर पलायन कर चुके थे, अब वह फिर से प्रगति कर रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी संचालित कर रहा है। सरकार हर यूनिट को 5 लाख रुपए की सामाजिक बीमा का कवर भी उपलब्ध करा रही है। सवा तीन करोड़ रुपए इसके साथ रोजगार से जुड़ चुके हैं। 

 

सुशासन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए कानून का राज जरूरी

सीएम ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कानून का राज स्थापित कर दीजिए। सुरक्षा का बेहतरीन माहौल दे दीजिए। अपने आप सुशासन के लक्ष्य प्राप्त होते दिखाई देंगे। यूपी सरकार ने प्रभावी ढ़ग से इसे बढ़ाने का काम किया। आज यह सुनना अच्छा लगता है, जब कहा जाता है कि यूपी के मॉडल को सुरक्षा के मायने में अन्य राज्यों ने स्वीकार किया है। 

 

हर योजना में शीर्ष पर यूपी

सीएम ने कहा कि पहले दिल्ली में सरकारी योजनाओं को लागू करने में टॉप राज्यों की सूची देखता था। यूपी का कहीं पता नहीं होता था, वह बाटम 3 में दिखता था। तब सरकारों की मानसिकता भी ऐसी ही थी। पिछले 12 वर्षों में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में 100 से ज्यादा जनकल्याण की स्कीमें निकली हैं। आज हर एक स्कीम में यूपी का नाम टॉप में आता है। यूपी में योजना की सफलता का मतलब है कि वह देश के अंदर सफल हो गई। साथ ही दुनिया के लिए मॉडल बन गई। सीएम ने कहा कि आज गरीब को मकान, शौचालय मिला है। हर गरीब को सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, जिसके लिए दशकों से लालायित था। अब कोई शिकायत लेकर नहीं आता। 

 

ई-पॉस मशीन से आई पारदर्शिता

सीएम ने कहा कि पूर्वी जनपदों में 2017 से पहले भूख से मौत होती थी। इस सरकार ने ई-पॉश मशीनें लगाईं। आज के दिन 16 करोड़ लोगों को यूपी में मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ई-पॉस मशीन से 80 हजार उचित मूल्य की दुकानों को जोड़ा गया है। किसी गांव में उचित मूल्य की दुकान में थोड़ी भी घटतौली होने पर अलर्ट आ जाता है, जिसके बाद टीम फौरन छापा मारकर कार्रवाई करती है।

 

यूपी में बिजली खपत 35 हजार मेगावाट तक पहुंची

सीएम ने कहा कि यूपी के सभी 75 जनपदों में सामान्य रूप से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। 2017 के पहले पीक आवर में कुल बिजली आपूर्ति 15-16 हजार मेगावाट ही होती थी, आज आपूर्ति 33 से 35 हजार मेगावाट हो रही है। ये यूपी की नई स्थिति है।

 

यूपी में 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

सीएम ने कहा कि यूपी ने 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी बनाई गईं हैं, जिससे निवेश बढ़ा है। 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 15 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और 7.50 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी चल रही है। ये नया यूपी है, जिसके तहत 65 लाख युवाओं को नौकरी दी गई है।

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सीएम ने कहा कि देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अच्छी सड़कें यूपी में मिलेंगी। देश के एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत यूपी का योगदान है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट यूपी में हैं। 2017 से पहले यूपी में केवल दो एयरपोर्ट संचालित थे, आज 17 हैं। इनमें पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। जिसमें पीएम मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम भी शामिल है। इसके पास 14 हजार एकड़ जमीन है, देश में किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है। नए एयरक्राफ्ट आने पर सभी एयरपोर्ट से हवाई सुविधा और बढ़ेगी। प्रदेश सरकार पांच नए एयरपोर्ट पर भी काम कर रही है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि पहले कोई सोचता भी नहीं था कि आजमगढ़ में एयरपोर्ट होगा, लेकिन यह भी संभव हुआ। श्रावस्ती, अलीगढ़, मुरादाबाद, सोनभद्र में कोई एयरपोर्ट की कल्पना नहीं करता था, लेकिन वहां भी सपना पूरा किया गया। दिल्ली से मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेसवे भी बन चुका है और रैपिड रेल भी आ चुकी है। देश की पहली इनलैंड वाटरवे वाराणसी-हल्दिया के बीच संचालित हो रही है। साथ ही यूपी के अंदर सबसे ज्यादा सात सिटी में मेट्रो सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।