Azam Khan: सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत, दो पैन कार्ड मामले में मिली जमानत

Azam Khan: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे एवं पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड रखने के मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान को गुरुवार (29 अक्टूबर) को जमानत दे दी। कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत देने की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

जस्टिस समित गोपाल ने रामपुर की अदालत के निर्णय के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका पर यह आदेश पारित किया। हालांकि, जमानत देते समय अदालत ने इस मामले में सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। रामपुर की जिला अदालत ने इस मामले में आजम खान को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही जुर्माना लगाया था।

ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया और सजा सुनाई

15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज जस्टिस समित गोपाल की सिंगल पीठ ने आदेश सुनाया। यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के पास दो पैन कार्ड होने से जुड़ा है। ट्रायल कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। दोनों ने हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी। हाई कोर्ट ने अब जमानत अर्जियां मंजूर कर ली हैं। साथ ही सजा पर रोक लगा दी है। लेकिन दोषसिद्धि (conviction) पर रोक लगाने की मांग को स्वीकार नहीं किया है।

आजम खान की यूनिवर्सिटी के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बताया कि उसने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान द्वारा स्थापित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जब्त (अटैच) कर लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्यों के लिए मिले सरकारी फंड का इस्तेमाल इस निजी यूनिवर्सिटी के निर्माण में किया गया। रामपुर जिले में स्थित इस यूनिवर्सिटी की मौजूदा बाजार कीमत लगभग 1,170 करोड़ रुपये है।

FIR में आरोप लगाया गया है कि जेल में बंद 78 वर्षीय सपा नेता ने शहरी विकास मंत्री और उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रभारी मंत्री के रूप में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके ये कथित अनियमितताएं कीं। ED ने ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) के तहत एक अंतरिम आदेश जारी करके 59 इमारतों वाली इस संपत्ति को जब्त कर लिया है।

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ED ने एक बयान में कहा कि इन जमीनों और इमारतों का रजिस्ट्रेशन और निर्माण 499 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। लेकिन आज इनकी मार्केट कीमत 1,170 करोड़ रुपये है। जुलाई में रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने जौहर यूनिवर्सिटी कैंपस में 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने इसके खिलाफ अपील दायर की थी।

UP MLC Election Winner List: यूपी एमएलसी चुनाव की 11 सीटों में से 10 पर आ गया रिजल्ट, जानिए कौन-कहां से जीता, देखें- पूरी विनर लिस्ट

UP MLC Election Results Winner List: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की मतगणना के बीच अब तक 10 सीटों के परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित किए गए हैं जिनमें से छह सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तीन पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने जीत हासिल की है। वाराणसी से प्राप्त न्यूज के अनुसार, मतगणना के पांचवें दौर के अंत तक बुधवार रात करीब 11:30 बजे वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी 9,491 मतों से आगे है। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रतिष्ठित सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की।

आधिकारिक परिणामों के अनुसार, मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के दिनेश कुमार गोयल, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उमेश द्विवेदी, लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी कांति सिंह, वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल और आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह विजयी रहे।

इसके अलावा, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. मान सिंह यादव, मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के श्रीचंद शर्मा और बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने जीत हासिल की। भाजपा ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर भी अपना कब्जा बरकरार रखा जहां पार्टी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को 307 मतों के अंतर से हराया। त्रिपाठी को 14,887, जबकि यादव को 14,580 मत मिले।

परिणाम घोषित होने के बाद ध्रुव त्रिपाठी मतगणना केंद्र से विजय का संकेत दिखाते हुए बाहर निकले। हालांकि, राजीव यादव ने आरोप लगाया कि उनकी हार सुनिश्चित करने के लिए चुनाव में हेरफेर किया गया। उन्होंने करीब 1,000 मतों की चोरी का दावा करते हुए कहा कि वह परिणाम को चुनौती देने के लिए निर्वाचन आयोग और अदालत का रुख करेंगे।

यादव ने मतगणना प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चौथे दौर में गिने गए 1,612 मतों की न्यायिक जांच के बजाय फॉरेंसिक जांच कराने की मांग भी की। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जीत हासिल की। उन्होंने परिणाम घोषित होने से पहले ही अपनी जीत का दावा किया और प्रशासन पर आधिकारिक घोषणा में देरी करने का आरोप लगाया।

चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने वाराणसी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन परिणाम घोषित नहीं कर रहा है, जिससे संदेह पैदा होता है।

झांसी से सूचना विभाग द्वारा जारी परिणाम के मुताबिक, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27,663 मतों से पराजित किया। वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के आशुतोष सिन्हा और लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी की कांति सिंह मजबूत बढ़त बनाए हुए थे।

11 सीटों पर हुए थे मतदान

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 विधान परिषद सीट के लिए मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई थी। इससे पहले, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें पार्टी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल फटा हुआ कुर्ता पहने दिखाई दे रहे थे। उनके समर्थकों ने आरोप लगाया था कि अग्रवाल के साथ मारपीट की गई। उन्होंने निर्वाचन आयोग, उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपति से मामले का तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया था। साथ ही, प्रशासन से अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र तुरंत देने की मांग की।

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के दौरान मतों की संख्या में अंतर और प्रक्रिया को लेकर भी विवाद हुआ। मऊ के एक मतदान केंद्र की मतपेटी में दर्ज संख्या से 52 मत अधिक मिलने पर प्रत्याशियों ने आपत्ति जताई। इसके अलावा, एक प्रत्याशी की शिकायत के बाद अयोध्या के अपर आयुक्त अजय सैनी को मतगणना ड्यूटी से हटा दिया गया। हालांकि, प्रशासन ने कहा कि मतगणना नियमानुसार कराई जा रही है।

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निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार विजेताओं की लिस्ट

1. मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: दिनेश कुमार गोयल (बीजेपी)

2. आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह (बीजेपी)

3. इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: डॉ. मान सिंह यादव (समाजवादी पार्टी)

4. लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: उमेश द्विवेदी (बीजेपी)

5. वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: लाल बिहारी यादव (समाजवादी पार्टी)

6. आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: डॉ. आकाश अग्रवाल (समाजवादी पार्टी)

7. मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: श्रीचंद शर्मा (बीजेपी)

8. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: डॉ. हरि सिंह ढिल्लों (बीजेपी)

9. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: ध्रुव कुमार त्रिपाठी (बीजेपी)

10. लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: कांति सिंह (समाजवादी पार्टी)

11. वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: आशुतोष सिन्हा (समाजवादी पार्टी) आगे; अंतिम दौर की गिनती जारी है।