पुर्तगाल से खेलने के लिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से लिया संन्यास इस ऑलराउंडर ने

ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के लिए खेलने वाले क्रिकेटर पुर्तगाल जैसी असोसिएट देश के लिए खेलेने के लिए भला क्यों ही दिलचस्पी दिखाएगा। लेकिन ऐसा हुआ है। बिग बैश लीग (BBL) और ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाले मोइसेस हेनरिक्स ने घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर स्थानीय फैंस को चौंका दिया है। वह अपने जन्मस्थान पुर्तगाल के लिए ना केवल एसोसिएट क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे बल्कि अहर्ता प्राप्त करने के बाद टी-20 विश्वकप क्वालिफायर का भी हिस्सा रहेंगे।

मोइसेस हेनरिक्स ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जो कभी भी किसी विश्व खिताब का हिस्सा नहीं रहे क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में कभी कभार ही मौके मिले। 39 साल के हेनरिक्स ने मार्च 2025 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन पिछले समर में न्यू साउथ वेल्स के लिए ए लिस्ट क्रिकेट खेला और जनवरी में सिक्सर्स को BBL फाइनल तक पहुंचाया। उन्हें सिक्सर्स के साथ नया अनुबंध नहीं मिला और BBL की दूसरी टीमों की दिलचस्पी के बावजूद उन्होंने एक ही क्लब के लिए खेलने वाले खिलाड़ीके तौर पर अपना करियर खत्म करने का फैसला किया।

संन्यास की घोषणा करते हुए हेनरिक्स ने कहा, “मैं बहुत किस्मत वाला रहा हूं कि पिछले 22 सालों से एक प्रोफेशनल एथलीट के तौर पर क्रिकेट मेरा काम रहा है। मुझे दूसरी बीबीएल टीमों से भी ऑफर मिले थे, लेकिन कहीं और जाना मुझे सही नहीं लगा।जिन लोगों के साथ मुझे खेलने और काम करने का मौका मिला, मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। अगर वे रिश्ते और उनके लिए मेरा गहरा लगाव न होता, तो मुझे यकीन है कि मैं इस दिन तक बहुत पहले ही पहुंच गया होता। मुझे लगता है कि अब मेरे करियर को खत्म करने और अपनी ज़िंदगी के अगले पड़ाव की ओर देखने का समय आ गया है।”

ऐसा रहा करियर

उन्होंने BBL के सभी 15 सीजन में 154 मैच खेले है, जिसमें उनके पहले और आखिरी सीज़न का फ़ाइनल भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में सभी फ़ॉर्मेट में हेनरिक्स के 420 घरेलू मैचों से ज़्यादा किसी ने नहीं खेले हैं; इसमें NSW के लिए 110 प्रथम श्रेणी मैच और 112 A List मैच शामिल हैं। उन्होंने NSW के लिए 38 टी-20 मैच और 2012-13 में चैंपियंस लीग जीतने वाली सिक्सर्स टीम के लिए छह मैच भी खेले। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। उनके नाम 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 T-20I मैच दर्ज हैं।

एकदिवसीय और T-20I विश्वकप का बदला फॉर्मेट, इस टेबल से समझिए

कुछ दिन पहले मीडिया में छपी खबरों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद एकदिवसीय विश्वकप के लिए सुपर 6 प्रणाली का क्रियान्वन करने वाला था जो कि साल 2003 की प्रणाली से मेल खाती थी। लेकिन अब ने ना केवल एकदिवसीय विश्वकप में सुपर 6 की जगह सुपर 7 चरण बल्कि टी-20 विश्वकप में सुपर 8 की जगह सुपर 10 चरण प्रणाली अपनाई है। इसे फैंस आसानी से इन दो टेबल से समझ सकते हैं।

एकदिवसीय विश्वकप 2027

टूर्नामेंट के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीम पहले सुपर सीरीज दौर खेलेंगी। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम दूसरे चरण में पहुंचेगी जहां छह टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा।प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीम और दोनों ग्रुप में अगली सबसे बेहतर टीम Super-7 चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी (पहले यहां Super-6 चरण होना था)। सुपर-7 चरण की चार सर्वश्रेष्ठ टीम सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

इस टूर्नामेंट में 10 टीम सीधे क्वालीफाई करेंगी। तीन मेजबान देशों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पूर्ण सदस्य देश होने के कारण अपने आप क्वालीफाई करेंगे। तीसरा मेजबान देश नामीबिया एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाएगा।वनडे रैंकिंग की शीर्ष आठ टीमें बाकी 10 स्थानों को पूरा करेंगी। बची हुई चार टीम का फैसला वैश्विक क्वालीफायर के जरिए होगा।

T20I विश्व कप 2028

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण के बाद अब सुपर-8 की जगह सुपर-10 चरण होगा।टूर्नामेंट में चार-चार टीम के पांच ग्रुप बनाए जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीम सुपर-10 में पहुंचेंगी।

पिछले चरण में सुपर-8 के प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती थीं। नए प्रारूप में अब प्रत्येक ग्रुप की केवल शीर्ष टीम ही सीधे अंतिम चार में पहुंचेगी। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम विपरीत ग्रुप की तीसरे स्थान वाली टीम के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी जिससे प्रतियोगिता में एक नया रोमांच जुड़ जाएगा।

वहीं 2026 टी20 विश्व कप में खेलने वाली लेकिन स्वतः क्वालीफाई नहीं कर पाने वाली बाकी टीम सीधे वैश्विक क्वालीफायर में पहुंचेंगी।वैश्विक क्वालीफायर के अन्य आठ स्थानों के लिए क्षेत्रीय क्वालीफिकेशन होगा। इनमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीम जबकि अमेरिका और पूर्वी एशिया प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम क्वालीफाई करेगी।वैश्विक क्वालीफायर में प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वश्रेष्ठ टीम 2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

ODI और T20 World Cup का फॉर्मेट पूरी तरह बदल गया, ICC ने किया बड़ा ऐलान! जानिए क्या है सुपर 7 और सुपर 10 का गणित

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अपने सबसे बड़े और प्रमुख टूर्नामेंट्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में यह फैसला लिया गया कि साल 2027 में होने वाले वनडे (ODI) वर्ल्ड कप और 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए जाएंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नए बदलाव के तहत 2027 वनडे वर्ल्ड कप में ‘सुपर 7’ स्टेज को शामिल किया गया है। इसी तरह 2028 में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे चरण में ‘सुपर 8’ की जगह अब ‘सुपर 10’ स्टेज को आजमाने का फैसला किया गया है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप: 3 चरणों का खेल और ‘सुपर 7’ का नया नियम

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहले की योजना के मुताबिक 14 टीमें हिस्सा लेंगी (जो पिछले संस्करण की 10 टीमों से अधिक है)। लेकिन आईसीसी ने प्रतियोगिता को अधिक रोमांचक बनाने के लिए नॉकआउट और फाइनल्स से पहले इसे तीन चरणों में बांट दिया है।

समझिए वनडे वर्ल्ड कप का नया गणित

चरण 1 (सुपर सीरीज राउंड): वर्ल्ड कप के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीमों के बीच एक सुपर सीरीज राउंड खेला जाएगा। इस राउंड में जो टीम टॉप पर रहेगी वह दूसरे चरण (राउंड टू) में आगे बढ़ेगी।

चरण 2 (ग्रुप राउंड): दूसरे चरण में कुल 6 टीमों को दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा।

चरण 3 (सुपर 7 स्टेज): पहले तय किए गए सुपर 6 की जगह पर अब सुपर 7 स्टेज को जोड़ा गया है। दोनों ग्रुपों में से टॉप-3 पर रहने वाली टीमें और इसके साथ ही दोनों ग्रुपों को मिलाकर अगले सर्वोच्च स्थान पर रहने वाली एक और टीम इस सुपर 7 स्टेज में पहुंचेगी।

सेमीफाइनल: इस सुपर 7 स्टेज में प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 4 स्थानों पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए प्रोग्रेस करेंगी।

कैसे होगा टीमों का क्वालिफिकेशन?

इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलेगा। तीन सह-मेजबानों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पूर्ण सदस्य होने के नाते सीधे प्रवेश मिलेगा। तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधा प्रवेश नहीं मिला है। वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमें मिलकर टॉप-10 का हिस्सा बनेंगी। इसके बाद बची हुई 4 टीमों का फैसला एक ग्लोबल क्वालीफायर के जरिए होगा।

2028 टी20 वर्ल्ड कप: सुपर 8 की जगह अब दिखेगा सुपर 10 का रोमांच

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी ने ग्रुप स्टेज के बाद सुपर 8 की जगह सुपर 10 आजमाने का फैसला किया है। आईसीसी ने बताया कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में उभरती हुई टीमों के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित होकर दूसरे चरण में टीमों की संख्या 8 से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया है।

समझिए टी20 वर्ल्ड कप का नया समीकरण

नया ग्रुप फॉर्मेट: शुरुआत में 4-4 टीमों के 5 ग्रुप बनाए जाएंगे। हर ग्रुप से टॉप-2 में रहने वाली टीमें सुपर 10 चरण में प्रवेश करेंगी।

सेमीफाइनल का नया रास्ता: पिछले संस्करण में जहां सुपर 8 के दोनों ग्रुपों से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाती थीं, वहीं अब सिर्फ अपने-अपने ग्रुप में टेबल टॉप करने वाली टीम ही सीधे अंतिम चार (सेमीफाइनल) में जगह बनाएगी।

एलिमिनेटर राउंड का रोमांच: जो टीमें अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहेंगी वे दूसरे ग्रुप की तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी। इससे टूर्नामेंट में नया रोमांच आएगा।

टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्या हैं क्वालिफिकेशन नियम?

बांग्लादेश की जगह अंतिम समय में शामिल होने और 2026 के टूर्नामेंट में विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर स्कॉटलैंड को सीधे ‘यूरोप रीजनल फाइनल’ में प्रवेश दिया जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली वो टीमें जो ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर सकीं वे सीधे ग्लोबल क्वालीफायर में आगे बढ़ेंगी। ग्लोबल क्वालीफायर के बाकी 8 स्थान क्षेत्रीय क्वालिफिकेशन के जरिए भरे जाएंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से 2-2 टीमें और अमेरिका व पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्रों से 1-1 टीम क्वालीफाई करेगी। ग्लोबल क्वालीफायर में हर क्षेत्र से सर्वोच्च स्थान पाने वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली टीमें मिलकर 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि आईसीसी डेवलपमेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटियों (CEC) की सिफारिश के बाद इस नए मार्की टूर्नामेंट ढांचे को बोर्ड द्वारा एंडोर्स कर दिया गया है। हालांकि नवंबर में होने वाली बैठकों में आईसीसी की फाइनेंस एंड कमर्शियल अफेयर्स कमेटी द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद ही बोर्ड इस पर अपनी अंतिम मंजूरी देगा।

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वनडे में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ T-20I टीम उतारी, किए सिर्फ 2 बदलाव

ENGvsIND इंग्लैंड ने 4 टी-20 में भारत के खिलाफ जीत अर्जित करने वाली टीम को ही भारत के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जाने वाले पहले एकदिवसीय मैच में उतार दिया है। टीम ने सिर्फ 2 बदलाव किए है। सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट की जगह बेन डकेट को टीम में शामिल किया गया है।

38 वर्षीय जॉस बटलर जिन्होंने अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक लगाया था वह टीम का हिस्सा है और कीपिंग भी करेंगे।आज वह अपना 200वां एकदिवसीय मुकाबला खेलेंगे। टीम ने जो दूसरा बदलाव किया है वह टॉम बैनटन को बाहर कर टेस्ट क्रिकेट के सफल बल्लेबाज जो रूट हैं। जो रुट मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान कर सकते हैं।

इन दो बदलावों को छोड़कर पूरी टीम वैसी ही है जैसी पिछले दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय में थी। टीम ने अभी तक किसी भी मुख्य तेज गेंदबाज (जोफ्रा आर्चर) या फिर मुख्य स्पिनर (आदिल रशीद) को आराम देने के बारे में नहीं सोचा है। अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शनिवार को खेला गया था और टीम को मंगलवार तक 2 दिन का आराम मिल गया है।

इसके इतर भारत की टीम में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। श्रेयस अय्यर की जगह कप्तान शुभमन गिल होंगे। शीर्ष से लेकर मध्यक्रम बदला दिखेगा और मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव के दिखने की संभावना है।

Playing XI  इस प्रकार हैं:

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम कुरेन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, आदिल राशिद।

IPL से बैन है हैरी ब्रूक, कल 35 गेंदों में बनाए नाबाद 79 रन (Video Highlights)

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में हैरी ब्रूक को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। वह दो साल  2025 और 2026 में इस कारण  इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा नहीं थे। अगले साल अगर वह खुद को इंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के लिए पंजीकृत करते हैं तो महंगे दामों में जाएंगे क्योंकि ब्रिस्टल में उन्होंने एक मुश्किल पिच पर विस्फोटक पारी खेली है।

ब्रूक ने अपने इंग्लैंड करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आईपीएल 2025 से बाहर होने का विकल्प चुना, जबकि 2024 में अपनी दादी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2025 सत्र से आखिरी समय में हटने के बाद दो सत्र के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।ब्रूक ने दूसरे सत्र के लिए खुद का इस लीग के लिए अनुपलब्ध करार देते हुए अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स और उनके समर्थकों से “बिना शर्त” माफी मांगी थी।

इसके बाद वह सफेद गेंद के कप्तान बने और जल्द ही लाल गेंद के कप्तान भी बनने वाले हैं क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज हैं।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के आईपीएल से जुड़े नियमों के अनुसार अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बाद अनफिट नहीं होने की स्थिति में इस टूर्नामेंट में नहीं खेलता है तो उस पर आईपीएल में खेलने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

हालांकि जब वह कल भारत के खिलाफ खेलने उतरे तो अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर जोस बटलर (08) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने विकेटकीपर इशान किशन को कैच थमाया।ब्रूक और सॉल्ट ने हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने आते ही अर्शदीप पर छक्के से खाता खोला।

ब्रूक ने आठवें ओवर में वाशिंगटन सुंदर को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में तीन चौकों और एक छक्के से 19 रन बटोरे और फिर अगले ओवर में अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे अक्षर पटेल की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ सिर्फ 21 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।

भारत के 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने ब्रूक (नाबाद 79 रन, 35 गेंद, आठ चौके, चार छक्के) और सलामी बल्लेबाज सॉल्ट ( नाबाद 59 रन, 42 गेंद, नौ चौके, एक छक्का) के बीच दूसरे विकेट की 146 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

भारतीय बेसबॉल का चेहरा बने सूर्याकुमार यादव, नजर आएंगे इस टूर्नामेंट में

टी-20 विश्व विजेता कप्तान सूर्याकुमार यादव अब भारतीय बेसबॉल का चेहरा बन गए हैं। टी-20 विश्वकप जीतने के बाद खराब फॉर्म के कारण उन्हें अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। हालांकि अब करियर के अंतिम पड़ाव पर खड़े सूर्या भाऊ ने दूसरे खेलों को प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी उठाई है।वह एमएलबी इंडिया यानि कि भारतीय बेसबॉल टीम के ब्रांड एंबेसेडर बन गए हैं और उनको अमेरिका में होने वाले एमएलबी ऑल स्टार वीक में देखा जा सकेगा। यह टूर्नामेंट 12 से 14 जुलाई को फिलेडिया में होगा।

सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।सूर्याकुमार यादव बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे।

 

हालांकि, कप्तानी में सफलता के बावजूद उनकी बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही। कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।

35 वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

IND vs ENG: प्लेइंग 11 से निकाले जाने के बाद नाराज सैमसन को मनाते दिखे गौतम गंभीर? वीडियो हो रहा वायरल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। पहले बैटिंग करने आई भारतयी टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाई। वहीं इ्ंग्लैंड की टीम अभी बैटिंग कर रही है। इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए डेब्यू किया है। वैभव को संजू सैमसन की जगह टीम में शामिल किया गया है। वहीं इसी बीच टीम से बाहर किए जाने के बाद संजू सैमसन और हेड कोच गौतम गंभीर के बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गौतम ने संजू से की बातचीत

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन के बाद संजू सैमसन को टीम से बाहर बैठना पड़ा। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम से खेलने का मौका मिला। इसी बीच हेड कोच गौतम गंभीर और संजू सैमसन मैदान पर बातचीत करते नजर आए। जब टीम मैनेजमेंट ने वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला किया, तभी मैदान पर हेड कोच गौतम गंभीर और संजू सैमसन आपस में बातचीत करते नजर आए। कैमरे में कैद हुई इस बातचीत को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, क्योंकि सैमसन इस मुकाबले में अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे।

बड़ी पारी नहीं खेल पाए वैभव

इस बातचीत की कोई ऑडियो सुनाई नहीं दिया, इसलिए ये कहना संभव नहीं है कि दोनों के बीच क्या बात हुई। लेकिन उस समय की स्थिति को देखते हुए यह दृश्य काफी चर्चा में रहा। संजू सैमसन सिर्फ खराब फॉर्म की वजह से बाहर किए गए एक आम खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि वह लंबे समय से टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेल रहे युवा वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्होंने तेज शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन 10 गेंदों पर 14 रन बनाकर आउट हो गए और यादगार डेब्यू का मौका हाथ से निकल गया।

गंभीर ने हमेशा किया सपोर्ट

संजू सैमसन लंबे समय से टीम प्रबंधन के भरोसेमंद खिलाड़ियों में रहे हैं। जब उनके चयन को लेकर सवाल उठ रहे थे, तब भी हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने उनका साथ नहीं छोड़ा। टी20 विश्व कप के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी शानदार नाबाद 97 रन की पारी के बाद गंभीर ने खुलकर उनकी तारीफ की थी और कहा था कि सैमसन बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनका मानना था कि टीम ने उन पर जो भरोसा दिखाया, सैमसन ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से उसे सही साबित किया। नए खिलाड़ी को मौका मिलने के बाद भी गौतम गंभीर का संजू सैमसन से बात करना चर्चा का विषय बन गया। इसने दिखाया कि टीम में बदलाव के बावजूद खिलाड़ियों का सम्मान बना रहता है।