36 साल के हुए T20I विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार, क्या करेंगे वापसी?

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

T-20I डेब्यू की पहली गेंद पर ही मारा छक्का, जड़ा अर्धशतक

सूर्य कुमार ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पहली बार टीम ब्लू में खेले।

इंग्लैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने जैसे पारी की शुरुआत करी ऐसा लग रहा था कि वह भावनाओं में ना बह जाएं लेकिन जोफ्रा आर्चर की पहली गेंद पर छक्का मारने के बाद उन्होंने कोई भी गैर जिम्मेदार शॉट नहीं खेला।

उन्होंने अपने 50 रन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगाया और 28 गेंदो में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।यादव ने आउट होने से पहले 31 गेंदो में 57 रन बनाए जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि उनका आउट होना भी काफी विवादास्पद रहा।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

डेविड मिलर का वह करिश्माई कैच जिसने खत्म किया ICC खिताब का सूखा

T20I World Cup Final के आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।


T20I WC 2024 की जीत के बाद मिली कप्तानी

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर तरजीह देकर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को T20I टीम की कप्तान बनाने का फैसला किया। 2024 का श्रीलंका दौरा बतौर T20I टीम कप्तान उनकी पहली सीरीज रही।

Suryakumar Yadav

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

लगातार खराब बल्लेबाजी के कारण हुए से बाहर

कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं।

Women’s Asia Cup 2026: महिला एशिया कप में ट्रॉफी पर विवाद, नकवी के हाथों से कप लेने नहीं पहुंची टीम इंडिया

Women’s Asia Cup 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में महिला एशिया कप के फाइनल के बाद होने वाली ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल नहीं हुई। माना जा रहा है कि टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल की याद दिलाता है। तब भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी और वह ट्रॉफी लेकर दुबई स्थित ACC के ऑफिस चले गए थे, जहां वह अब भी रखी हुई है।

बता दें कि हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराया। जीत के बाद टीम ने हमेशा की तरह जश्न मनाया और ब्रॉडकास्टर को इंटरव्यू भी दिए। आमतौर पर इसके 15-20 मिनट बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार इसमें एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया।

इस दौरान BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मैदान के पास भारतीय टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने टीम के साथ ड्रेसिंग रूम में हुई निजी मेडल सेरेमनी में भी हिस्सा लिया।

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नकवी ट्रॉफी देने के इरादे से मैदान पर पहुंचे थे; ACC चीफ के तौर पर यह उनका फैसला था। उन्होंने सेरेमनी में भी हिस्सा लिया और रनर-अप रहने पर श्रीलंकाई कप्तान चमारी अथापथु को चेक सौंपा।

लेकिन भारतीय टीम, कोच और अधिकारी मंच के आस-पास कहीं नजर नहीं आए। पाकिस्तानी मीडिया का यह भी दावा है कि वह शायद महिला एशिया कप की ट्रॉफी एक बार फिर ACC ऑफिस ले जाएंगे।

मोहसिन नकवी के लिए फिर वही कहानी

आपको बता दें कि नकवी पिछले साल भारत-पाकिस्तान के पुरुषों के फाइनल मैच के दौरान भी उसी जगह मौजूद थे, जहां इसी तरह का विवाद हुआ था। टूर्नामेंट जीतने के बाद, भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था और टीम ने कहा था कि ट्रॉफी किसी दूसरे ICC या ACC अधिकारी के हाथों दिलाई जाए।

ऐसा इसलिए क्योंकि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण टूर्नामेंट के दौरान भारत ने जो रुख अपनाया था, यह उसी का हिस्सा था। टीम ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैचों से पहले और बाद में पारंपरिक रूप से हाथ मिलाने से पहले ही इनकार कर दिया था, और फिर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ टूर्नामेंट में मिली तीन जीतों में से पहली जीत भारतीय सेना को समर्पित की थी।

कहा जाता है कि BCCI के नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले को उनके उन पुराने बयानों से भी जोड़कर देखा गया, जो उन्होंने देश के केंद्रीय गृह मंत्री के तौर पर भारत को लेकर दिए थे। हालांकि, नकवी ने ट्रॉफी किसी दूसरे अधिकारी के हाथों देने से इनकार कर दिया। इसके चलते मैदान में काफी देर तक स्थिति साफ नहीं हो सकी। हालाँकि, नकवी ने किसी और अधिकारी को ट्रॉफ़ी सौंपने से इनकार कर दिया, जिससे वहाँ गतिरोध पैदा हो गया। आखिरकार, वे ट्रॉफी लेकर मैदान से चले गए और उसे एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के ऑफ़िस ले गए।

इसके बाद शुक्ला समेत भारतीय अधिकारियों ने ICC की बैठकों में यह मुद्दा उठाया, लेकिन नकवी अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि भारत को ट्रॉफी उनके ऑफ़िस से ही लेनी होगी, न कि किसी दूसरे अधिकारी को उसे सौंपने दिया जाएगा।

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Vaibhav Sooryavanshi: आज भारत में होगा वैभव सूर्यवंशी का T20 डेब्यू? टूटेंगे कई रिकॉर्ड

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की सीरीज का पहला टी20 मुकाबला आज यानि 13 सितंबर को खेला जाएगा। ये तीनों मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं। वहीं अगर इस सीरीज में वैभव सूर्यवंशी खेलने का मौका मिलता है, तो एक खास रिकॉर्ड बना लेंगे। आज वैभव अगर खेलते हैं तो वह भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले किसी फुल-मेंबर टीम के सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन सकते हैं। वैभव ने कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है और अब उनकी नजर एक और बड़ी उपलब्धि पर है।

वैभव का रिकॉर्ड

वैभव सूर्यवंशी अब पहली बार भारतीय मैदान पर टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने उतर सकते हैं। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना डेब्यू किया था। डेब्यू के साथ वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। टी20 इंटरनेशनल में अबतक वैभव सूर्यवंशी ने कुल 6 मैच खेले हैं। 6 मैचों की पारी में वैभव ने 32.16 की औसत के साथ 193 रन बनाए हैं। इससे पहले जिम्बावे दौरे पर वैभव ने शानदार पारी खेली थी।

संजू की जगह वैभव को मिलेगा मौका

इंग्लैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को संजू सैमसन की जगह टीम की प्लेइंग XI में शामिल किया गया था। वहीं फिर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज सैमसन की टीम में वापसी हुआ और वैभव को बाहर बैठना पड़ा था। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में भी उनकी जगह को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। फिर भी उम्मीद है कि तीन मैचों की सीरीज में वैभव को कम से कम एक मैच खेलने का मौका जरूर मिल सकता है।

भारत के लिए ओपनिंग जोड़ी चुनना मुश्किल

भारतीय टीम के लिए इस सीरीज में ओपनिंग जोड़ी चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पहले साथ में अच्छी बल्लेबाजी की है, इसलिए दोनों को फिर से ओपनिंग का मौका मिल सकता है। वहीं, युवा वैभव सूर्यवंशी भी टीम में हैं और अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित कर चुके हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने तीनों में से सही खिलाड़ियों को चुनने की चुनौती होगी। एशियन गेम्स से पहले यह देखना खास होगा कि कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर वैभव और सैमसन को किस तरह मौके देते हैं।

भारत में कम उम्र में इंटरनेशल डेब्यू करने वाले खिलाड़ी

भारत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने दिसंबर 1990 में पुणे में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच खेला था, तब उनकी उम्र 17 साल 253 दिन थी। वहीं, अफगानिस्तान के अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद नबी भी एक बड़ी उपलब्धि के करीब हैं। उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2500 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 52 रन चाहिए। दूसरी ओर, राशिद खान भी टी20 क्रिकेट में 200 विकेट पूरे करने से केवल 7 विकेट दूर हैं और ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बन सकते हैं।

Duleep Trophy Final में शांत रहा वैभव का बल्ला, दोनों पारी मिलाकर बनाए 52 रन

सफेद गेंद की क्रिकेट में कमाल दिखा चुके वैभव सूर्यवंशी का बल्ला लाल गेंद की क्रिकेट में खामोश रहा है। दलीप ट्रॉफी में इस्ट जोन के उपकप्तान और सलामी बल्लेबाज खिताबी मुकाबले की दूसरी पारी में 16 गेंदों में 8 रन बनाकर स्टंप आउट हो गए। उनका विकेट दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाज त्रिपुराना विजय ने लिया। पहली पारी में भी वह अपनी अच्छी शुरुआत को नहीं भुना पाए थे और 37 गेंदों में 5 चौके और एक छक्का मारकर 44 रनों पर आउट हो गए थे।

इस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन की दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में खेली 92 रनों की पारी में 7 चौके और छक्के लगाए थे। हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए 11 प्रथम श्रेणी मैचों की 17 पारियों 23.3 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।वहीं इस दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने 5 पारियों में 38 की औसत से 192 रन बनाए हैं।

इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

IND vs PAK: अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे PAK खिलाड़ी! बुरी तरह से हारने के बाद भी नहीं कर हो रही हेकड़ी

IND vs PAK: भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए विमेंस एशिया कप के मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा जीत दर्ज की है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी। पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी और बेहद कम स्कोर पर ही सिमट गई। वहीं इस मैच के दौरान पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना अपने एक एक्शन को लेकर चर्चा में हैं। पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने भारतीय बल्लेबाज शेफाली वर्मा को सेंडऑफ दिया, जो अब काफी विवादों में है।

शेफाली को किया ये इशारा

विमेंस एशिया कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान शेफाली ने फातिमा की गेंद पर चौका लगाया था, लेकिन अगली ही गेंदों में पाकिस्तान की कप्तान ने वापसी करते हुए उन्हें कैच एंड बोल्ड कर दिया। शेफाली वर्मा को 6 गेंदों पर 12 रन पर आउट होने के बाद फातिमा ने उनकी ओर इशारा करते हुए पवेलियन जाने का इशारा किया, जिसके बाद उनके इस अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। फैंस का कहना था कि पाकिस्तान पहले ही मुकाबले में काफी पीछे था, ऐसे में इस तरह का गुस्सा दिखाना ठीक नहीं था।

कैसा था भारत-पाकिस्तान का मुकाबला

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी और 18.1 ओवर में 55 रन पर ऑलआउट हो गई। यह महिला T20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान का सबसे कम स्कोर है। मुनीबा अली और शवाल जुल्फिकार को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज 10 रन तक नहीं पहुंच सकी। वकप्तान फातिमा सना भी खाता नहीं खोल पाईं और दीप्ति शर्मा की गेंद पर LBW आउट हो गईं।

भारत ने आसानी से हासिल किया लक्ष्य

शनिवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में भारतीय स्पिन गेंदबाजों ने पाकिस्तान की पारी को सस्ते में समेट दिया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने बिना ज्यादा समय गंवाए 8.4 ओवर में मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत के सामने जीत के लिए सिर्फ 56 रन का छोटा लक्ष्य था, लेकिन शुरुआत में टीम ने कुछ विकेट जल्दी गंवा दिए। पाकिस्तान की तेज गेंदबाज फातिमा सना ने दो ओवर में तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। लेकिन, इसके बाद हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने मोर्चा संभाला और टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया।

भारत ने टूर्नामेंट के शुरुआती दोनों ग्रुप मैच जीतकर पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली थी। पाकिस्तान के खिलाफ मिली इस जीत ने टीम का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया है। अब भारतीय महिला टीम की नजर अपने अगले मुकाबले पर है, जो गुरुवार को खेला जाएगा।

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Rahul Dravid ने वैभव सूर्यवंशी को दी बड़ी सलाह, बोले- जल्दबाजी न करें

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल में बेहरतरीन प्रदर्शन के बाद उनको भारत के टी20 टीम में शामिल किया गया। वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खेल को लेकर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि वैभव का घरेलू क्रिकेट में सफेद और लाल गेंद दोनों फॉर्मेट में खेलना अच्छी बात है। द्रविड़ ने कहा कि, इतनी कम उम्र में मिले इस मौके का सही इस्तेमाल करने के लिए वैभव को अपने करियर में बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे उसे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।

दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन वैभव

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब वह दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलेंगे और रेड-बॉल क्रिकेट में अपना हुनर दिखाएंगे। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों की 12 पारियों में 17.25 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों के कारण वह घरेलू क्रिकेट में लगातार नहीं खेल पाए थे।

वैभव को दी ये सलाह

क्रिकइन्फो से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि करियर में हमेशा संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यह अच्छी बात है कि वैभव को IPL के जरिए भारत में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। साथ ही, उसके पास भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने इस करियर को आगे बढ़ाने का भी पूरा समय है।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहे और आगे बढ़ता रहे। इसके लिए वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि आने वाले समय में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खेल सकें।”

ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए

राहुल द्रविड़ ने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के साथ वैभव सूर्यवंशी के साथ काम किया था। द्रविड़ का माना कि, रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने से वैभव का अनुभव और खेल बेहतर होगा। द्रविड़ ने कहा, “अच्छी बात यह है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उसे अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उसने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है। वह अभी सिर्फ 15 साल का है, इसलिए उसे समय देने और धैर्य रखने की जरूरत है। उसने शुरुआत में ही काफी सफलता हासिल की है, लेकिन करियर में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। ऐसे में लोगों को उसके साथ धैर्य रखना चाहिए।”

पूर्व तेज गेंदबाज बना कर्नाटक का कोच, दर्ज है यह शर्मनाक रिकॉर्ड

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ विनय कुमार को आगामी घरेलू सीज़न के लिए कर्नाटक का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। 42 वर्षीय विनय यह ज़िम्मेदारी येरे गौड़ से संभालेंगे, जबकि कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज़ दीपक चौगले फ़ील्डिंग कोच के रूप में उनके सपोर्ट स्टाफ़ का हिस्सा होंगे।

हाल ही में महाराजा T20 ट्रॉफ़ी में हुबली टाइगर्स की कमान संभालने के बाद, कर्नाटक के मुख्य कोच के रूप में विनय की यह पहली ज़िम्मेदारी होगी। उनके पास फ्रेंचाइजी T20 कोचिंग का भी उच्च स्तरीय अनुभव है, जहां वह UAE की ILT20 में 'MI एमिरेट्स' के बॉलिंग कोच रह चुके हैं। इसके अलावा 2021 में प्रथम श्रेणी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, विनय मुंबई इंडियंस में IPL टैलेंट स्काउट की भूमिका भी निभा चुके हैं।

विनय रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में 442 शिकारों के साथ तेज़ गेंदबाज़ों में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं और भारत के इस प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट में कुल मिलाकर पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में खेले 139 प्रथम श्रेणी मैचों में 22.44 की शानदार औसत से कुल 504 विकेट चटकाए। भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के बाद, विनय ने 2013 से 2015 के दौरान कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को लगातार दो बार ऐतिहासिक 'ट्रेबल' विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी, रणजी ट्रॉफ़ी और ईरानी कप जिताया था।

भारत के लिए एक टेस्ट और 31 वनडे खेलने के अलावा, विनय कोलकाता नाइट राइडर्स (2014) और मुंबई इंडियंस (2015 और 2017) की उन टीमों का भी हिस्सा थे जिन्होंने IPL ख़िताब जीता था। पिछले सीज़न की उपविजेता रही कर्नाटक की टीम 11 अक्टूबर को आंध्र के ख़िलाफ़ अपने 2026-27 रणजी ट्रॉफ़ी अभियान की शुरुआत करेगी।

विनय कुमार के नाम दर्ज है सबसे महंगी गेंदबाजी प्रदर्शन का अनचाहा रिकॉर्ड

विनय कुमार ने अपने राज्य की टीम का नेतृत्व करते हुए लगातार रणजी ट्राफी खिताब भी दिलाये हैं। 42 साल के इस खिलाड़ी ने भारत के लिये एक टेस्ट, 31 वनडे और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिसमें उन्होंने कुल 49 विकेट हासिल किये। विनय ने अपना आखिरी एकदिवसीय मैच साल 2013 में खेला था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में वह काफी महंगे साबित हुए थे और अपने 10 ओवर के स्पैल में में 100 से ज्यादा रन दे दिए थे।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विनय कुमार ने 139 मैचों में 504 विकेट झटके हैं जिसमें उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर आठ विकेट लेना है।उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में वनडे प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2011 में रहा जिसमें उन्होंने दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ 30 रन देकर चार विकेट चटकाये थे।


संदीप लामिछाने फिर बने नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान

लेग स्पिनर संदीप लामिछाने ने ACC पुरुष प्रीमियर कप से पहले बतौर ODI कप्तान रोहित पॉडेल की जगह ली है। 30 अगस्त से 12 सितंबर तक मलेशिया में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ नेपाल (CAN) ने 14 सदस्यीय दल की घोषणा की है।

यह नेपाल के कप्तान के तौर पर लामिछाने का दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वह 2022 में 14 ODI और 18 T20I में नेपाल की कप्तानी कर चुके हैं। नेपाल की कप्तानी में बदलाव ICC पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग 2 में नेपाल की लगातार चार हार के बाद किया गया है। आठ टीमों वाली इस प्रतिस्पर्धा में नेपाल की टीम सातवें स्थान पर रही।

चार साल पहले लामिछाने की कप्तानी में नेपाल ने 14 ODI में से मात्र तीन मुक़ाबले जीते थे। 2022 में लामिछाने के ख़िलाफ़ वारंट जारी होने के बाद उन्हें नेपाल ने निलंबित कर दिया था। 2023 में काठमांडु की ज़िला अदालत ने उन्हें रेप के मामले में दोषी पाया था, हालांकि 2024 में पाटन कोर्ट ने लामिछाने को सबूत के आभाव में रेप के आरोप से बरी कर दिया था।

निलंबन के समय लामिछाने सफ़ेद गेंद के दोनों प्रारूप में नेपाल के कप्तान थे। अब दीपेंद्र सिंह ऐरी T20I में नेपाल के कप्तान हैं।

लामिछाने नेपाल के गेंदबाज़ी आक्रमण के अहम सदस्य हैं, उन्होंने 77 मुक़ाबलों में 154 विकेट हासिल किए हैं। 2021 में पपुआ न्यू गिनी के ख़िलाफ़ 11 रन देकर छह विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। T20 सर्किट में भी उन्होंने अपनी लेग स्पिन से पहचान बनाई है। IPL, PSL, BBL, CPL और हाल ही में BBL में कुल मिलाकर उन्होंने 91 मुक़ाबले खेले हैं। लामिछाने फ़रवरी 2026 में नेपाल के T20 विश्व कप दल का भी हिस्सा थे, जिसमें नेपाल ने चार में से एक मैच जीता था।

ACC पुरुष प्रीमियर कप के लिए नेपाल का दल

संदीप लामिछाने (कप्तान), रोहित पॉडेल, आसिफ़ शेख़, अर्जुन कुमाल, देव खनाल, दीपेंद्र सिंह ऐरी, बारिस अहमद, इशान पांडे, गुलशन कुमार झा, शेर मल्ला, ललित नारायण राजबंशी, करण केसी, हेमंत धामी, संदीप जोरा

हैमस्ट्रिंग चोट के कारण The Hundred से बाहर हुई जेमिमाह रॉड्रिग्स

Jemima Rodrigues

भारतीय बल्लेबाज़ जेमिमाह रॉड्रिग्स हैमस्ट्रिंग चोट के कारण द हंड्रेड से बाहर हो गई हैं।सदर्न ब्रेव ने उन्हें लगभग 76 लाख रूपए में अपनी टीम में अनुबंधित किया था और वह इस सीज़न में टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रही हैं। जेमिमाह ने छह पारियों में 143 रन बनाए हैं, जिसकी बदौलत ब्रेव महिला प्रतियोगिता में 20 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर मौजूद ट्रेंट रॉकेट्स की बराबरी पर है। बेहतर नेट रन रेट के कारण रॉकेट्स पहले स्थान पर हैं। 25 वर्षीय जेमिमाह को इस दौरान दो बार प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार भी मिला।

उनका बाहर होना ब्रेव के लिए बड़ा झटका है। जेमिमाह इस टूर्नामेंट की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में से एक हैं। ब्रेव के पास सीधे फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए अभी दो मैच बाक़ी हैं। उन्हें अपने आख़िरी लीग मुकाबले मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और ट्रेंट रॉकेट्स के ख़िलाफ़ खेलने हैं।

यह भारत के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इस महीने के अंत में UAE में महिला एशिया कप शुरू होना है। जेमिमाह की हैमस्ट्रिंग चोट कितनी गंभीर है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। संभव है कि उनके चोट को बढ़ने से रोकने के लिए यह एहतियाती फ़ैसला लिया गया हो। भारत का अभियान 30 अगस्त को दुबई में थाईलैंड के ख़िलाफ़ मैच से शुरू होगा, जो अब 22 दिन दूर है।

ब्रेव ने जेमिमाह की जगह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर चार्ली नॉट को टीम में शामिल किया है। नॉट इससे पहले 2024 संस्करण में भी ब्रेव के लिए खेल चुकी हैं। इंग्लैंड में इस T20 सीज़न में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने द ब्लेज़ के लिए वाइटैलिटी ब्लास्ट विजेता अभियान में 404 रन बनाए और 27 विकेट लिए, जो टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा थे।

अगले महीने की इस तारीख को होगा भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला

एशियन क्रिकेट काउंसिल ने गुरुवार को घोषणा की कि 2026 महिला एशिया कप का मुख्य मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच पांच सितंबर को दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। टूर्नामेंट की शुरुआत 28 अगस्त को थाईलैंड और हांगकांग के बीच मैच से होगी। यह महिला एशिया कप का छठा संस्करण होगा जो टी-20 प्रारूप में खेला जाएगा।

आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है; ग्रुप ए में भारत और पाकिस्तान के साथ थाईलैंड, हांगकांग और चीन शामिल हैं, जबकि ग्रुप बी में श्रीलंका, बंगलादेश, यूएई और इंडोनेशिया हैं। टूर्नामेंट का पहला मैच थाईलैंड और हांगकांग के बीच खेला जाएगा।हर ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी और फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। सभी मैच दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में फ्लडलाइट्स की रोशनी में खेले जाएंगे।

टी-20 प्रारुप में भारत का पलड़ा पाकिस्तान पर हमेशा भारी रहा है। टीम ने कुल 16 मुकाबलों में से 13 मैचों में जीत हासिल की है। हाल में हुए टी-20 विश्वकप मैच में भी भारत ने पाकिस्तान को 60 रनों से बड़ी हार थमाई थी। इसका कारण है पॉवर हिटिंग और स्पिन गेंदबाज जिसका तोड़ सालों साल पाकिस्तान भारत के खिलाफ नहीं निकाल पाया है।पाकिस्तान ने अंतिम बार भारत को इस प्रारुप में साल 2016 के टी-20 विश्वकप में हराया था।