स्विट्जरलैंड वेकेशन पर गया भारत का ये कपल हुआ लापता! बेटी ने कराई शिकायत तो सामने आया 50 करोड़ वाला ये खेल

Hyderabad Couple Missing: स्विट्जरलैंड में छुट्टियां मनाने गए हैदराबाद के एक बिजनेसमैन और उनकी पत्नी करीब तीन हफ्तों बाद लापता हो गए। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। साथ ही इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर क्यों दंपति ने दर्जनों निवेशकों से लगभग 50 करोड़ रुपये जुटाए थे।

लापता दंपति की पहचान 51 वर्षीय पब्बा चंद्रशेखर और उनकी 42 वर्षीय पत्नी स्वप्ना के रूप में हुई है। उनकी बेटी श्रेया के मुताबिक, दोनों 22 जून को स्विट्जरलैंड घूमने गए थे। यात्रा की शुरुआत में वे परिवार के संपर्क में थे, लेकिन 8 जुलाई के बाद अचानक उनसे कोई बातचीत नहीं हो सकी। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल फोन या तो बंद थे या नेटवर्क कवरेज एरिया से बाहर थे।

माता-पिता से संपर्क टूटने पर बेटी पुलिस के पास पहुंची

जब कई दिनों तक माता-पिता की कोई खबर नहीं मिली, तो उस कपल की 23 साल की बेटी, जो एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल है, पुलिस के पास गई और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

फिलहाल, पुलिस अब दंपति का पता लगाने के लिए ट्रैवल प्लान, इमिग्रेशन की जानकारी और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। इसके अलावा, जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं किय क्या कपल सच में स्विट्जरलैंड गया था, जैसा कि दावा किया गया है।

50 करोड़ रुपये के निवेश के आरोपों की भी जांच

वहीं, जांच के दौरान यह मामला भी सामने आया है कि चंद्रशेखर और उनकी पत्नी ने पिछले कुछ वर्षों में 60 से ज्यादा लोगों से करीब 50 करोड़ रुपये जुटाए थे।

आरोपों है कि, यह पैसा अच्छे रिटर्न का वादा करके और अलग-अलग पर्सनल और बिजनेस जरूरतों का हवाला देकर इकट्ठा किया गया था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई मामला दर्ज नहीं किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल लापता लोगों का मामला अभी भी जांच के दायरे में है और कई संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या कपल अपनी मर्जी से गायब हुआ है, या फिर इस मामले का संबंधि किसी वित्तीय धोखाधडी से संबंधित है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि अगर किसी के पास दंपति की गतिविधियों या उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे सामने आएं।

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45000 की नौकरी छोड़ दिल्ली की स्नेहा ने सीखी स्पेनिश, एक लैंग्वेज ने ऐसी बदली जिंदगी कि अब बिना जॉब भी स्विट्जरलैंड में बिता रहीं लाइफ!

बहुत से लोग मानते हैं कि फाइनेंशियल सिक्योरिटी पाने का एकमात्र तरीका एक स्टेबल नौकरी है। लेकिन एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर का कहना है कि वह बिना किसी रेगुलर कॉर्पोरेट नौकरी के, दुनिया के सबसे महंगे देशों में से एक, स्विट्जरलैंड में छह महीने बिता पाईं।

एक इंस्टाग्राम वीडियो में, स्नेह गौर ने बताया कि कैसे उन्होंने फिक्स्ड सैलरी वाली नौकरी छोड़कर कमाई के अलग-अलग जरीये बनाए, जिससे उन्हें अपनी शर्तों पर जीने और काम करने की आजादी मिली। उनकी कहानी ने अब ऑनलाइन चर्चा छेड़ दी है।

गौर ने बताया कि उनके सफर की शुरुआत तब हुई जब वह एक कॉर्पोरेट नौकरी कर रही थीं और महीने के लगभग 45,000 रुपये कमा रही थीं। उस समय, उनका मानना ​​था कि सफलता का मतलब है डिग्री हासिल करना, अच्छी नौकरी पाना और प्रमोशन पाना।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता था कि सफलता का मतलब यही है – डिग्री लेना, सैलरी पाना, नौकरी करना और अगला प्रमोशन पाना।” लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि वह कुछ अलग करना चाहती थीं। अपनी मर्जी से रहने की जगह चुनने, घूमने-फिरने और उन चीजों पर काम करने की आजादी जो मुझे सच में पसंद थीं।” एक ही रास्ते पर चलने के बजाय, उन्होंने स्पैनिश सीखने का फैसला किया।

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गौर के मुताबिक, उस एक स्किल ने नए मौके खोले। इससे उन्हें स्पेन जाने, अलग-अलग देशों के लोगों से मिलने और इंटरनेशनल अनुभव पाने में मदद मिली। बाद में, उन्होंने उस जानकारी को एक बिजनेस में बदल दिया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने स्पैनिश सिखाना शुरू किया, और फिर स्पेन ट्रैवल गाइड, डिजिटल प्रोडक्ट्स, ऑनलाइन एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए मेंटरशिप प्रोग्राम और ब्रांड कोलैबोरेशन जैसे काम शुरू किए।

गौर ने बताया कि कमाई के कई जरिया होने का मतलब था कि अब उन्हें कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता था। उन्होंने कहा, “जब मैं स्विट्ज़रलैंड गई, तो मैं कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं थी क्योंकि मेरा लैपटॉप और मेरी रिमोट टीम ही काफी थी।”

स्नेहा ने बताया कि “कभी-कभी आपकी जिंदगी बदलने वाली चीज सिर्फ प्रमोशन नहीं, बल्कि कोई स्किल होती है।” अपनी पोस्ट के कैप्शन में गौर ने लिखा, “कोई नौकरी नहीं। कंपनी से कोई सैलरी नहीं। फिर भी हर सुबह स्विट्जरलैंड में आंख खुली। सच तो यह है कि स्पेन में रहते हुए ही मैंने कुछ ऐसा बनाया जिससे मुझे जहां चाहूं वहां रहने की आजादी मिली। न कोई ऑफिस, न कोई बॉस, न किसी की इजाजत की जरूरत। आजादी का यही वो रूप है जिसे पाने की कोशिश करना सही है।”

इस पोस्ट पर लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दी और कई यूजर्स उनकी यात्रा के बारे में और जानना चाहते थे। एक यूजर ने लिखा, “कृपया मुझे बताएं।” एक और ने पूछा, “एक सीधा सा सवाल है कि आप किस वीजा पर 6 महीने तक रहीं? स्पेन का सामान्य रेजिडेंट परमिट तो सिर्फ 3 महीने की इजाजत देता है, या फिर आपने स्पेन की नागरिकता ले ली थी?” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “इसके लिए कैसे अप्लाई करें?” वहीं कई अन्य लोगों ने हार्ट और फायर इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी।

एक्सपीरियंस बन जायेगा लाइफ टाइम, बेस्ट 8 इंटरनेशनल डेस्टिनेशन सोलो ट्रैवलर के लिए जो है सबसे सेफ और शानदार!

अकेले सफर करने का एक्सपीरियंस लाइफ के सबसे खास पलों में से एक हो सकता है, जहां आप अपनी पसंद से नई जगहों, संस्कृतियों और लोगों को पास से जान सकते हैं। 2026 में सोलो ट्रैवल का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। आइए जानते हैं अकेले घूमने वालों के लिए दुनिया की 8 सबसे शानदार जगहों के बारे में:

1. ऑस्ट्रेलिया — शहरों और नेचुरल ब्यूटी का शानदार ब्लेंड

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ऑस्ट्रेलिया सोलो ट्रैवलर्स के लिए एक ऐसा देश है जहां मॉडर्न शहरों के साथ नेचुरल डेस्टिनेशन का भी जा लिया जा सकता है। Sydney में सबसे पहले सिडनी ओपेरा हाउस, सिडनी हार्बर ब्रिज और बॉन्डी बीच घूमकर शहर की खूबसूरती का आनंद लें। इसके बाद Great Barrier Reef में स्नॉर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग के जरिए रंग-बिरंगी कोरल रीफ और समुद्री जीवों को करीब से देखें। समय हो तो ब्लू माउंटेंस नेशनल पार्क की हरियाली, ट्रैकिंग रूट और शानदार व्यू पॉइंट्स का भी आनंद लिया जा सकता है। पहली बार अकेले फॉरेन ट्रैवल करने वालों के लिए भी ऑस्ट्रेलिया सुविधाजनक और यादगार एक्सपीरियंस दे सकता है।

 

2. कनाडा — नेचर और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए शानदार

Exhilarating Winter Adventures Await in Beautiful Whistler, British Columbia | Condé Nast Traveler

कनाडा अपनी नेचुरल ब्यूटी, सेफ माहौल और खुले वातावरण के लिए जाना जाता है। सोलो ट्रैवल करने वाले लोग यहां खूबसूरत झीलों, जंगलों, पहाड़ों और मॉडर्न सिटी का एक्सपीरियंस ले सकते हैं। Vancouver में सबसे पहले स्टेनली पार्क, गैस्टाउन की ऐतिहासिक गलियां और ग्रैनविल आइलैंड मार्केट घूम सकते हैं। इसके बाद Toronto में सीएन टॉवर, डिस्टिलरी डिस्ट्रिक्ट, हार्बरफ्रंट और केंसिंग्टन मार्केट जैसी जगहों का मजा लें। ट्रिप में Banff National Park पहुंचकर लेक लुईस, मोरेन लेक, पहाड़ों के शानदार नजारे, ट्रेकिंग रूट और वन्यजीवों को करीब से देखने का यादगार एक्सपीरियंस ले सकते हैं। शांत वातावरण और दोस्ताना लोगों के कारण कनाडा पहली बार सोलो ट्रैवल करने वालों के लिए भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

 

 

3. आइसलैंड — नेचुरल अजूबों से भरी अनोखी जगह 

आइसलैंड में घूमने के लिए सबसे खूबसूरत जगहें - प्राकृतिक दर्शनीय स्थल 2024

आइसलैंड अपनी यूनिक नेचुरल ब्यूटी के कारण सोलो ट्रैवलर्स के बीच पॉपुलर है। यहां बर्फ से ढके पहाड़, झरने, ज्वालामुखी और नॉर्दर्न लाइट्स जैसे अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। Iceland की ट्रिप में सबसे पहले राजधानी Reykjavík की रंग-बिरंगी सड़कों और लोकल कैफे का आनंद लें। इसके बाद ब्लू लैगून में नेचुरल गर्म पानी का एक्सपीरियंस करें, फिर गोल्डन सर्कल रूट पर गुलफॉस वॉटरफॉल, थिंगवेलिर नेशनल पार्क और गीजर एरिया देखें। सोलो ट्रैवलर यहां रोड ट्रिप, नेचर फोटोग्राफी और शांत वातावरण का मजा ले सकते हैं। यह जगह उन लोगों के लिए अच्छी है जो भीड़ से दूर नेचुरल एक्सपीरियंस चाहते हैं।

 

 

 

4. न्यूजीलैंड — नेचर और रोमांच पसंद करने वालों के लिए

न्यूजीलैंड के शीर्ष पर्यटक आकर्षण जिन्हें आपको अवश्य देखना चाहिए

न्यूजीलैंड उन लोगों के लिए बेहतरीन जगह है जो नेचुरल ब्यूटी और एडवेंचर पसंद करते हैं। यहां ऊंचे पहाड़, शांत झीलें, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत लैंडस्केप देखने को मिलते हैं। Queenstown में सबसे पहले लेक वाकाटिपु के किनारे सैर करें, स्काईलाइन गोंडोला की सवारी करें और शहर के खूबसूरत कैफे व बाजारों का आनंद लें। इसके बाद रोड ट्रिप करते हुए Milford Sound पहुंचें, जहां ऊंचे पहाड़, झरने और फियोर्ड के बीच क्रूज़ की सैर यादगार एक्सपीरियंस देती है। रास्ते में होमर टनल, मिरर लेक्स और द चास्म जैसी नेचुरल जगहों पर रुककर न्यूजीलैंड की शानदार खूबसूरती को करीब से देखा जा सकता है। सोलो ट्रैवलर्स यहां ट्रेकिंग, रोड ट्रिप, एडवेंचर स्पोर्ट्स और फोटोग्राफी का मजा ले सकते हैं। शांत जगह खुद के साथ समय बिताने के लिए भी परफेक्ट है।

 

5. इटली — हिस्ट्री, आर्ट और टेस्टी खाने की दुनिया

12 Iconic Buildings in Italy You Must Visit | Ultimate Travel Guide | OneVasco Blog

इटली उन ट्रैवलर के लिए खास है जो इतिहास, संस्कृति और खाने के शौकीन हैं। यहां की पुरानी इमारते, आर्ट म्यूजियम और खूबसूरत शहर हर ट्रैवलर को अट्रैक्ट करते हैं। Rome में सबसे पहले कोलोसियम, रोमन फोरम और ट्रेवी फाउंटेन जैसी ऐतिहासिक जगहों की सैर करें। इसके बाद Florence में पियाज़ा डेला सिग्नोरिया, उफीजी गैलरी, पोंटे वेक्कियो पुल और पुराने बाजारों की खूबसूरती का मजा लें। सेंट मार्क स्क्वायर घूमें और संकरी नहरों व रंग-बिरंगी गलियों में घूमे, सोलो ट्रैवल करने वाले लोग पुराने शहरों की गलियों में घूम सकते हैं, लोकल फूड का आनंद ले सकते हैं और पॉपुलर आर्ट डेस्टिनेशन को देख सकते हैं। इटली की हर जगह अपनी एक अलग कहानी बताती है।

 

6. स्विट्जरलैंड — खूबसूरत पहाड़ों और शांत सफर का एक्सपीरियंस

स्विट्जरलैंड में झीलों, चोटियों और रेल के नज़ारों के लिए सबसे अच्छी जगहें

 

स्विट्जरलैंड सोलो ट्रैवल करने वालों के लिए एक सपनों जैसी जगह है। यहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत झीलें, हरे-भरे मैदान और छोटे-छोटे गांव एक अलग ही एक्सपीरियंस देते हैं। Zurich, Lucerne और Interlaken जैसी जगहें सोलो ट्रैवलर्स के बीच काफी पॉपुलर हैं। यहां ट्रेन से सफर करना आसान है और अकेले घूमने वाले लोग नेचर, एडवेंचर स्पोर्ट्स और शांत माहौल का आनंद ले सकते हैं। स्विट्जरलैंड खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो फोटोग्राफी, पहाड़ों और लग्जरी ट्रैवल का एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं।

7.  पुर्तगाल — खूबसूरत शहरों और शांत माहौल का एक्सपीरियंस

पुर्तगाल: यहां की इन ऑफबीट जगहों पर जाएं, यात्रा बन जाएगी यादगार

पुर्तगाल यूरोप में सोलो ट्रैवलर्स के लिए एक शानदार डेस्टिनेशन माना जाता है। यहां के खूबसूरत समुद्र तट, ऐतिहासिक इमारतें और दोस्ताना लोग ट्रिप को यादगार बना देते हैं। Lisbon और Porto अपनी खूबसूरत सड़कों, रंगीन इमारतों और पुराने बाजारों के लिए पॉपुलर हैं। लिस्बन की संकरी पत्थरों वाली गलियां, पीली ट्राम, लोकल कैफे और Time Out Market Lisboa जैसे बाजार यहां की रौनक बढ़ाते हैं। वहीं पोर्टो की नदी किनारे की सड़कें, ट्रेडिशनल दुकानें, स्ट्रीट फूड और पुराने इलाकों की खूबसूरती सोलो ट्रैवलर्स को खास एक्सपीरियंस देती है। अकेले घूमने वाले लोग यहां पैदल शहर एक्सप्लोर कर सकते हैं, लोकल कैफे में समय बिता सकते हैं और समुद्र किनारे खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकते हैं। यह जगह उन लोगों के लिए अच्छी है जो कम भीड़ और आरामदायक ट्रैवल पसंद करते हैं।

 

8. जापान — सेफ्टी और कल्चरल से भरपूर सोलो ट्रैवल डेस्टिनेशन 

जापान में खूबसूरत तस्वीरें खींचने के लिए 14 सर्वश्रेष्ठ स्थान

जापान अकेले घूमने वालों के लिए दुनिया की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां की सेफ्टी, साफ-सफाई और बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम सोलो ट्रैवल को आसान बनाते हैं। Tokyo में शिबुया क्रॉसिंग, सेंसो-जी मंदिर और टोक्यो स्काईट्री जैसी मशहूर जगहों पर घूम सकते हैं। Kyoto में फुशिमी इनारी मंदिर, किंकाकु-जी और अराशियामा बांस का जंगल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए पॉपुलर हैं। वहीं Osaka में दोतोनबोरी स्ट्रीट, ओसाका कैसल और कुरोमोन इचिबा मार्केट घूमकर लोकल स्ट्रीट फूड, शॉपिंग और शहर की रौनक का भरपूर आनंद लिया जा सकता है। सोलो ट्रैवल करने वाले लोग यहां मंदिरों की सैर, लोकल मार्केट में घूमना, जापानी खाना ट्राई करना और ऑनसेन (हॉट स्प्रिंग) का आनंद ले सकते हैं। जापान की खास बात यह है कि यहां सोलो डाइनिंग और अकेले रहने के लिए कई सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं।

 

2026 में सोलो ट्रैवल करते समय ध्यान रखने वाली बातें

Solo travel इमेज - Magnific पर मुफ्त डाउनलोड (पहले Freepik)।

सोलो ट्रैवल करते समय सेफ्टी और प्लानिंग सबसे जरूरी होती है। ट्रैवल से पहले वीजा, मौसम, रहने की जगह और लोकल रेगुलेशन की जानकारी जरूर लें। अपने जरूरी डॉक्यूमेंट की कॉपी रखें, बजट की सही प्लानिंग बनाएं और लोकल कल्चर का सम्मान करें। अच्छी तैयारी के साथ सोलो ट्रैवल जीवन का एक यादगार एक्सपीरियंस बन सकता है।

FIFA World Cup 2026: पुर्तगाल-अमेरिका के बाहर होते ही सस्ते हुए क्वार्टर फाइनल के टिकट! जानें अब कितनी है कीमत

FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 अब अपने रोमांचक दौर में पहुंच गया है। इस हफ्ते से फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले की शुरुआत होने जा रही हैं। वहीं टूर्नामेंट से पुर्तगाल और अमेरिका के बाहर होने के बाद बड़े नॉकआउट मैचों के टिकटों की मांग कम हो गई है। इसका असर टिकटों की कीमतों पर भी पड़ा है और कई मुकाबलों के टिकट पहले के मुकाबले काफी सस्ते हो गए हैं। टिकट बेचने वाले सेकेंडरी प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, स्पेन और बेल्जियम के बीच शुक्रवार को खेले जाने वाले फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की कीमत में भारी गिरावट आई है। मंगलवार दोपहर तक जहां एक टिकट करीब 2,950 डॉलर में मिल रहा था, वहीं बाद में इसकी कीमत घटकर लगभग 1,200 डॉलर रह गई।

पुर्तगाल की टीम हुए बाहर

टिकटों की कीमत में आई ये बड़ी कमी अमेरिका के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद देखने को मिली। राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर उसका सफर खत्म कर दिया। माना जा रहा है कि अगर मेजबान टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंच जाती, तो घरेलू प्रशंसकों की भारी मांग के कारण टिकटों के दाम काफी ज्यादा बने रहते। टिकटों के दाम घटने की एक बड़ी वजह पुर्तगाल का टूर्नामेंट से बाहर होना भी माना जा रहा है।

स्पेन ने राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर उसकी चुनौती खत्म कर दी। इस हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर भी समाप्त हो गया। पुर्तगाल के बाहर होने से टूर्नामेंट की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक नॉकआउट चरण से बाहर हो गई, जिससे टिकटों की मांग पर भी असर पड़ा।

अभी कितने में मिल रहा टिकट

कई लोगों को उम्मीद थी कि क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल और अमेरिका की भिड़ंत होगी। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की लोकप्रियता और अमेरिका के मेजबान होने की वजह से इस मुकाबले के टिकटों की मांग काफी ज्यादा रहने का अनुमान था। लेकिन दोनों टीमों के बाहर होने से ऐसा नहीं हो सका। फिलहाल क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में सबसे कम कीमत वाले टिकट फ्रांस और मोरक्को के बीच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम में होने वाले मैच के लिए उपलब्ध हैं। टिकट बिक्री प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, फ्रांस और मोरक्को के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की शुरुआती कीमत 989 डॉलर रखी गई है। यानी इस मैच के लिए दर्शक 989 डॉलर से टिकट खरीद सकते हैं।

क्वार्टर फाइनल में होगा इनका आमना सामना

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को फ्रांस का मुकाबला मोरक्को से होगा। वहीं दूसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन का सामना बेल्जियम से होगा। क्वार्टर फाइनल में रविवार को एरलिंग हालैंड की नॉर्वे का सामना हैरी केन की इंग्लैंड से होगा। इसके बाद मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की टीम स्विट्जरलैंड से भिड़ेगी। इन चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के विजेता अगले सप्ताह सेमीफाइनल में पहुंचेंगे। ये मैच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम, इंगलवुड के सोफी स्टेडियम, मियामी गार्डन्स के हार्ड रॉक स्टेडियम और कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में खेले जाएंगे।

72 साल बाद स्विट्जरलैंड ने रचा इतिहास, कोलंबिया को हराकर पहुंची क्वार्टरफाइनल में

स्विट्जरलैंड ने अतिरिक्त समय के बाद हुए रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को 4-3 से हराया। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड 1954 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। बीसी प्लेस में 120 मिनट के खेल के बाद भी स्विट्जरलैंड और कोलंबिया की टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं।

इसके बाद स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल हीरो बनकर उभरे, उन्होंने क्रिस्टियन हर्नांडेज की पेनल्टी बचाई और फिर रूबेन वर्गास ने शांति से विनिंग स्पॉट-किक मारकर 4-3 से शूटआउट में टीम की जीत पक्की की। इस नतीजे के बाद अब क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड का मुकाबला अर्जेंटीना से होगा, जो कैनसस सिटी में खेला जाएगा।

भले ही अंतिम स्कोर कुछ भी रहा हो, लेकिन कोलंबिया की टीम ने अधिक आक्रामक प्रदर्शन किया और बेहतर मौके बनाए, खासकर अतिरिक्त समय के दौरान। डिफेंडर जॉन लुकुमी गोल करने के सबसे करीब पहुंचे थे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। वहीं, 116वें मिनट में जॉन एरियास कैम्पाज को गोल करने का शानदार मौका मिला।

लेकिन गोलकीपर कोबेल के सामने होने के बावजूद उन्होंने शॉट बार के ऊपर मार दिया। कप्तान ग्रैनिट जाका और डिफेंडर मैनुअल अकांजी की अगुवाई में स्विट्जरलैंड ने मजबूती से बचाव किया, लेकिन उन्हें गोल करने के अच्छे मौके बनाने में संघर्ष करना पड़ा, जबकि कोलंबिया ने अधिक खतरनाक हमले किए।

आखिरकार मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा, जहां जुआन फर्नांडो क्विंटरो ने कोलंबिया की पहली किक को गोल में बदला और फिर जाका ने स्विट्जरलैंड के लिए गोल किया। कोलंबिया की उम्मीदों को तब बड़ा झटका लगा जब डेविंसन सांचेज़ की पेनल्टी क्रॉसबार से टकरा गई। इसके बाद जेकी अमदौनी और कैम्पाज ने सफल स्पॉट-किक मारकर शूटआउट को बराबरी पर ला दिया।

ऐसा लगा कि स्विट्जरलैंड मैच पर पकड़ बना लेगा, लेकिन अकांजी ने अपनी पेनल्टी बार के ऊपर मार दी, जिससे कोलंबिया को वापसी का मौका मिल गया। हालांकि, कोबेल ने दाईं ओर डाइव लगाकर हर्नांडेज़ का शॉट बचाकर निर्णायक पल बनाया। सेड्रिक इटेन ने स्विट्जरलैंड की अगली पेनल्टी को गोल में बदला और फिर लुइस डियाज़ ने शांत अंदाज़ में गोल करके कोलंबिया की उम्मीदें बनाए रखीं।

शूटआउट में स्कोर 3-3 से बराबर होने पर वर्गास आगे आए और शांति से नीचे के कोने में शॉट मारकर स्विट्जरलैंड को अंतिम आठ में पहुंचा दिया। इस जीत के साथ स्विट्ज़रलैंड ने अपने वर्ल्ड कप इतिहास में 72 साल में पहली बार क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। जहां उनका मुक़ाबला अर्जेंटीना से होगा।

2 गोल खाकर 10 मिनट में 3 गोल, अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ टाला उलटफेर

फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी की गत चैम्पियन अर्जेंटीना टीम ने मिस्र के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बाद हैरतअंगेज वापसी करते हुए 13 मिनट के अंतराल में तीन गोल दागकर 3-2 से जीत हासिल करते हुए फीफा विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया। अर्जेंटीना इस तरह क्वार्टर फाइनल में जाने वाली सातवीं टीम बन गई।

मिस्र 2-0 की बढ़त के साथ सबसे बड़ा उलटफेर करता दिखाई दे रहा था लेकिन क्रिश्चियन रोमेरो ने 79 वें मिनट में अर्जेंटीना का पहला गोल दागा। इस गोल से जोश में आये अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मिस्र पर हमले बोले और खेल के जादूगर मेसी ने 83 वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने हेडर से तीसरा और मैच विजयी गोल दाग दिया।अर्जेंटीना के प्रशंसक अंतिम सीटी बजते ही ख़ुशी से झूम उठे।

मुकाबले का पहला गोल मिस्र की तरफ से आया जब यासिर इब्राहिम ने 15वें मिनट में अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। 67वें मिनट में मुस्तफा जीको ने दूसरा गोल कर मिस्र को 2-0 से आगे ले जाने का काम किया। 78वें मिनट तक मिस्र 2-0 से आगे चल रहा था। वर्ल्ड कप जैसे दबाव भरे मैचों में गोल कर पाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन अर्जेंटीना की उम्मीद तब जगी जब 79वें मिनट में क्रिश्चियन रोमेरो ने गोल दागा।

उसके 4 मिनट बाद ही लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप में 21वां गोल आया। हालांकि मेसी इसी मुकाबले में पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए थे। उस वक्त माहौल ऐसा था कि पूरा मैदान सन्न रह गया था। खैर फुल-टाइम तक मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहा। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडेज ने अर्जेंटीना के लिए तीसरा और मैच का निर्णायक गोल किया।क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना कोलंबिया/स्विट्जरलैंड से होगा।

छत्तीसगढ़ की लोककला को दुनिया तक पहुंचाने वाली आवाज़ | Padma Vibhushan Teejan Bai | RIP Teejan Bai |

उनकी पहली कमाई सिर्फ़ एक बोरी चावल थी, लेकिन कला ऐसी कि आगे चलकर पूरी दुनिया को पंडवानी का दीवाना बना दिया!

पद्म विभूषण तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। लंबे समय से बीमारी से जूझने के बाद उन्होंने AIIMS, रायपुर में 70 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गाँव में जन्मी तीजन बाई ने महाभारत की कहानियां अपने नाना से सुनीं और वहीं से पंडवानी के प्रति उनका प्रेम शुरू हुआ।

महज़ 12 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई। लोगों के दवाब को नज़रअंदाज़ कर उन्होंने पंडवानी गाना नहीं छोड़ा, इसलिए उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया। फिर भी, कला उनके लिए सबसे ऊपर रही।

उन्होंने इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, तुर्की, मॉरीशस समेत कई देशों में भारतीय लोककला का परचम लहराया। आज उनकी आवाज़ भले ही खामोश हो गई हो, लेकिन जब-जब पंडवानी की बात होगी, तीजन बाई का नाम सबसे पहले लिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ की लोककला को दुनिया तक पहुंचाने वाली आवाज़ | Padma Vibhushan Teejan Bai | RIP Teejan Bai | Chhattisgarh

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यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव:गर्मी से 11 लाख करोड़ का नुकसान, अगले साल 34% आबादी पानी को तरसेगी

यूरोप में इस साल गर्मी का लोगों की जिंदगी व अर्थव्यवस्था, दोनों पर सीधा असर पड़ा। यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग हीटवेव दर्ज की गई। कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा और कई शहरों में अस्पतालों, बिजली ग्रिड, परिवहन और खेती पर दबाव बढ़ गया। अलग-अलग अनुमानों में इस गर्मी से 20 हजार से ज्यादा मौतों का दावा किया जा रहा है। भीषण गर्मी का यूरोप की जीडीपी पर भी असर हुआ है। एलियांज रिसर्च मॉडल के आधार पर की गई गणनाओं के अनुसार, गर्मी यूरोपीय अर्थव्यवस्था को ₹11 लाख करोड़ तक का झटका दे सकती हैं। वहीं, 2030 तक यूरोप को 61 लाख करोड़ रु. तक का आर्थिक नुकसान सहना पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह उत्पादकता में गिरावट, बिजली की मांग में उछाल, फसल नुकसान, पर्यटन पर असर और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता दबाव है। विशेषज्ञों के मुताबिक संकट यहीं नहीं रुकेगा। यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी का अनुमान है कि अगले साल तक यूरोप की करीब 34% आबादी जल संकट की चपेट में आ सकती है। दक्षिणी यूरोप में यह संकट और गहरा होगा, जहां गर्मियों में पानी की मांग और बढ़गी। भारत में 45 डिग्री झेल लेते हैं फिर यूरोप में 36 आफत क्यों? भारत में 45 डिग्री तापमान सूखी गर्मी में होता है, इसलिए पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है। यूरोप में 36° डिग्री गर्मी भी उमस के साथ आती है, तो पसीना सूख नहीं पाता और शरीर गर्म रहता है। इसे वेट-बल्ब खतरा कहते हैं। वेट-बल्ब तापमान लंबे समय तक रहे तो स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी जानलेवा हो सकता है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है और किडनी और लिवर फेल हो सकते हैं। उछाल… ब्रिटेन में एसी बिक्री 330%, फ्रांस में 1000% बढ़ी भीषण गर्मी ने एसी को लग्जरी से जरूरत बना दिया है। ब्रिटेन में एसी की बिक्री 330% तक तो फ्रांस में 1000% तक बढ़ी। तापमान बढ़ते ही कई बाजार में स्टॉक घटने लगा। पंखों व पोर्टेबल कूलर की मांग भी कई गुना तेजी से बढ़ी। 23 देशों में गर्मी के रिकॉर्ड टूटे, स्पेन में पारा 45 डिग्री पार हुआ यूरोप की हीटवेव ने तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कम से कम 23 देशों में जून की गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए। स्पेन में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा, जबकि फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स व ब्रिटेन में भी रिकॉर्ड गर्मी दर्ज हुई। भास्कर एनालिसिस भीषण हीटवेव के पीछे ओमेगा ब्लॉक; इसमें गर्म हवा फंसकर बढ़ा रही तबाही ओमेगा ब्लॉक क्या पैटर्न होता है? यह मौसम का ऐसा पैटर्न है, जिसमें हाई-प्रेशर सिस्टम दो लो-प्रेशर सिस्टम के बीच फंस जाता है। इसका आकार ग्रीक अक्षर ओमेगा जैसा दिखता है। इस पैटर्न से गर्मी क्यों बढ़ने लगती है? हाई-प्रेशर सिस्टम गर्म हवा को एक जगह रोक देता है। बादल कम बनते हैं, बारिश रुकती है और जमीन लगातार गर्म होती रहती है। इससे यह संकट होता है। यूरोप की हीटवेव इस पैटर्न से कैसे जुड़ी है? ओमेगा ब्लॉक ने उत्तरी अफ्रीका और भूमध्यसागर की गर्म हवा को यूरोप के ऊपर रोक दिया। इसलिए कई देशों में तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहा। इस पैटर्न से और क्या असर पैदा होता है? जहां हाई-प्रेशर रहता है, वहां गर्मी और सूखा बढ़ता है। लो-प्रेशर में भारी बारिश-बाढ़ का खतरा बढ़ता है। जलवायु बदलाव से खतरा क्यों बढ़ गया है? ओमेगा ब्लॉक पहले भी बनते थे, लेकिन अब धरती ज्यादा गर्म है। इसलिए ऐसे पैटर्न में फंसी हवा पहले से ज्यादा गर्म और जानलेवा होने लगी हैं। यूरोप दुनिया में सबसे तेजी से गर्म हो रहा है। इसलिए ओमेगा ब्लॉक यहां ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं। यूरोप के 20% घरों में ही एसी; इसलिए भी संकट ज्यादा यूरोप में हीटवेव इसलिए भी ज्यादा घातक साबित हो रही है, क्योंकि वहां सिर्फ 20% घरों में ही एसी है। अमेरिका में एसी 90% से भी ज्यादा घरों में है। यूरोप की ज्यादातर इमारतें ठंडे मौसम के हिसाब से बनी हैं। इसलिए तापमान ज्यादा होने पर घर, अस्पताल व नर्सिंग होम तक गर्म हो जाते हैं। बुजुर्गों, बच्चों व बीमार लोगों पर खतरा और बढ़ जाता है।

FIFA World Cup 2026: क्वार्टर फाइनल की 4 टीमें हुई तय, जानें बाकी मैचों का शेड्यूल और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्स

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और खिताब की जंग पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक हो गई है। टूर्नामेंट में अबतक कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत 48 टीमों के साथ हुई थी, लेकिन अब आधे से भी कम टीमें ट्रॉफी जीतने की दौड़ में बची हैं। नॉकआउट मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और क्वार्टर फाइनल की शुरुआत के साथ आखिरी आठ में जगह बनाने वाली चार टीमों के नाम भी तय हो चुके हैं।

क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का सफर एक जैसा नहीं रहा। कुछ टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आसानी से जीत हासिल की, जबकि कुछ को आखिरी समय तक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। लेकिन, मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने मुकाबला अपने नाम किया और अगले दौर में जगह पक्की कर ली।

अबतक कौन-कौन सी टीमें पहुंची क्वार्टर फाइनल में

मोरक्को

फ्रांस

नॉर्वे

इंग्लैंड

राउंड ऑफ 16 के बाकी मुकाबले

राउंड ऑफ 16 के बाकी मुकाबले भी बेहद रोमांचक होने वाले हैं। 6 जुलाई को दोपहर 2 बजे पुर्तगाल की भिड़ंत स्पेन से होगी, जबकि उसी दिन अमेरिका का सामना बेल्जियम से होगा। इसके बाद 7 जुलाई को स्विट्जरलैंड और कोलंबिया आमने-सामने होंगे। वहीं, एक और बड़े मुकाबले में अर्जेंटीना की टीम मिस्र के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इन मैचों के बाद क्वार्टर फाइनल की सभी टीमें तय हो जाएंगी।

किस दिन होगा किसका मुकाबला

क्वार्टर फाइनल का आगाज भारत में 10 जुलाई से होगा। पहले मुकाबले में फ्रांस और मोरक्को की टीमें आमने-सामने होंगी। ये मैच अमेरिका के बोस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों के बीच मुकाबले की शुरूआत सुबर 1:30 पर होगी। इसके बाद 11 जुलाई को दूसरा क्वार्टर फाइनल लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें पुर्तगाल और स्पेन के विजेता का मुकाबला अमेरिका और बेल्जियम के विजेता से होगा।

तीसरा क्वार्टर फाइनल 12 जुलाई को मियामी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां नॉर्वे और इंग्लैंड की टीमें भिड़ेंगी। ये मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 2 बजे से शुरू होगा। वहीं, चौथा और आखिरी क्वार्टर फाइनल 12 जुलाई को कैनसस सिटी स्टेडियम में होगा। इस मुकाबले में अर्जेंटीना और मिस्र के मैच के विजेता का सामना स्विट्जरलैंड और कोलंबिया के मैच के विजेता से होगा। यह मैच भारतीय समयानुसार सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा।

भारत में कहां पर देखें मुकाबला

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबलों का प्रसारण भारत में जी एंटरटेनमेंट के नए स्पोर्ट्स नेटवर्क Unite8 स्पोर्ट्स पर किया जाएगा। दर्शक मैचों का आनंद Unite8 स्पोर्ट्स 1 (हिंदी कमेंट्री), Unite8 स्पोर्ट्स 1 HD (हिंदी कमेंट्री), Unite8 स्पोर्ट्स 2 (इंग्लिश कमेंट्री), और Unite8 स्पोर्ट्स 2 HD (इंग्लिश कमेंट्री) पर मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। वहीं इनकी लाइव स्ट्रीमिंग जी5 ऐप और जी5 की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकेगी।

India Passport Ranking: भारत इस लिस्‍ट में 100 के बाहर, पिछले साल के मुकाबले गिरी रैंकिंग…देखें टॉप-10 की लिस्ट

India Passport Ranking:  ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत का पासपोर्ट पिछले साल की तुलना में एक स्थान नीचे खिसककर 125वें नंबर पर पहुंच गया है। वहीं, दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची में यूरोपीय देशों का दबदबा बना हुआ है। नई रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों को विदेश यात्रा के दौरान कई दूसरे देशों के नागरिकों की तुलना में ज्यादा नियमों और वीजा संबंधी पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। दुनिया के टॉप 10 सबसे मजबूत पासपोर्ट में से नौ यूरोपीय देशों के हैं।

दूसरी पासपोर्ट रैंकिंग की तरह यह इंडेक्स सिर्फ वीजा-फ्री यात्रा के आधार पर नहीं बनाया जाता। ‘ग्लोबल सिटिज़न सॉल्यूशंस’ का ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स पासपोर्ट का आकलन तीन बड़े पैमानों पर करता है। इनमें दुनिया में आसानी से यात्रा करने की सुविधा, निवेश के अवसर और जीवन की गुणवत्ता शामिल हैं। यह रैंकिंग विश्व बैंक और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम समेत कई संस्थाओं के 14 अलग-अलग मानकों के आधार पर तैयार की जाती है।

पिछले साल के मुकाबले गिरी रैंकिंग

साल 2026 की रैंकिंग में 197 देशों के बीच भारत को 125वां स्थान मिला। भारत से एक स्थान ऊपर नामीबिया 124वें नंबर पर है, जबकि अजरबैजान 126वें स्थान पर रहा। हालांकि रैंकिंग में एक पायदान की गिरावट आई है, फिर भी भारत का कुल स्कोर 45.1 पहुंच गया है, जो पिछले पांच वर्षों का सबसे बेहतर स्तर है। भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों को कई देशों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा की सुविधा मिलती है। लेकिन कई विकसित देशों की यात्रा के लिए आज भी लंबी वीजा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इससे यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा खर्च, अधिक दस्तावेज और लंबा इंतजार करना पड़ता है।

देखें टॉप-10 की लिस्ट

साल 2026 की ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में स्वीडन का पासपोर्ट दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट रहा। इसके बाद स्विट्जरलैंड, फिनलैंड और जर्मनी का स्थान रहा। नीदरलैंड और डेनमार्क संयुक्त रूप से पांचवें नंबर पर रहे। वहीं, आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे और सिंगापुर भी टॉप 10 में शामिल रहे। सिंगापुर इस सूची में जगह बनाने वाला एकमात्र गैर-यूरोपीय देश है।रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट रखने वाले लोग बिना पहले से वीजा लिए कई देशों की यात्रा कर सकते हैं। इससे विदेश जाना काफी आसान हो जाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत पासपोर्ट होने से लोगों को नौकरी के बेहतर अवसर मिलते हैं, निवेश करना आसान होता है और जरूरत पड़ने पर दूसरे देश में बसने में भी कम परेशानी होती है।