Market Outlook : हरे निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 7 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : गुरुवार 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24600 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। आज के ट्रेंडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर और निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। आज लगभग 2023 शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं,2058 शेयरों में गिरावट देखने को मिल। जबकि 200 शेयर सपाट बंद हुए।

निफ्टी में बढ़त वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,एटरनल और टाइटन कंपनी शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉर्प,टाटा स्टील,TCS,JSW स्टील और बजाज ऑटो शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2.2% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस रहा,जिसमें 0.8% की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसमें 1.3% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल भी गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें 1% की कमी आई। जबकि निफ्टी IT में 0.9% की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई। यह ब्रॉडर मार्केट में मिले-जुले रुझानों को दिखाता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की नरमी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए शुरू हुए कूटनीतिक प्रयासों से बाजार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। आरबीआई के स्थिर पॉलिसी रुख और ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव नजरिए से भी बाजार को सपोर्ट मिला। इसके चलते हैवीवेट,बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सेलेक्टिव बाइंग देखने को मिली। क्रूड की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को लग रहा है कि आगे आने वाली तिमाहियों में इंडिया इंक का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मूड में इस बदलाव के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है। O2C-आधारित कारोबार के लंबे समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब इसमें ‘बार्गेन बाइंग'(कम कीमत पर खरीदारी)देखने को मिल रही है। बाजार एनर्जी,टेलीकॉम,रिटेल और दूसरे सेक्टरो में इसकी लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फिर से फोकस कर रहे हैं। आज ऑटो,मेटल,IT,रियल्टी और सीमेंट जैसे कई सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग हुई, लेकिन स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी के कारण ब्रॉडर मार्केट मज़बूत बना रहा।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी रही। हैवीवेट शेयरों में आई खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त जारी रही। अहम सेक्टरों में सेलेक्टिव वाइंग से बाजार में जोश देखने को मिला। निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड (bullish trend) अभी भी बरकरार है। निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 24,300 के पास एक बड़ा सपोर्ट है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए 24,750–24,850 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर इंडेक्स इस दीवार के ऊपर जा कर टिकने में कामयाब रहता है तो नई खरीदारी आ सकती है और ऊंचे लेवल के लिए रास्ता खुल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि सेंसेक्स में पूरे सेशन खरीदारी देखने को मिली और यह दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद हुआ। इससे मार्केट का पॉजिटिव स्ट्रक्चर और मजबूत हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 78,600–78,400 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 79,200–79,500 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर का ब्रेकआउट नई तेजी के लिए रास्ता साफ कर सकता है।

रियांक अरोड़ा का कहना है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने हुए हैं और उनका टेक्निकल सेटअप भी पॉज़िटिव है। मौजूदा ट्रेंड पॉज़िटिव है और किसी भी छोटी-मोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी अपनी चाहिए। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट का भी ध्यान रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि आज निफ्टी पूरे दिन एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। मार्केट की दिशा को लेकर ट्रेडर्स कंफ्यूज रहे। ऊपरी स्तरों पर निफ्टी को बार-बार पिछले दिन के क्लोजिंग लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। ऊपरी लेवल पर खरीदारी का जोश कम होता नजर आया।

पूरे सेशन के दौरान नीचे की तरफ 24,600 का लेवल एक अहम सपोर्ट बना रहा। जब तक निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहेगा तब तक इसमें 24,800 की ओर बढ़ने की संभावना बरकरार रहेगी। अगर यह मजबूती से 24,800 के ऊपर निकलता है तो एक नई रैली शुरू हो सकती है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 24750-24780 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी 24780 के ऊपर बना रहता है तो यह 24900 और उसके बाद 25050 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24500-24480 का जोन इसके लिए पहले सपोर्ट का काम करेगा।

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बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज एक सीमित दायरे में घूमता रहा। 362 अंकों की छोटी रेंज में घूमते रहने के बाद यह 0.56% की बढ़त के साथ 58000 के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो यह बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर काफी हद तक न्यूट्रल हैं और संकेत दे रहे हैं कि नियर टर्म में साइडवेज कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो 58500-58600 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58600 के ऊपर एक मज़बूत चाल से नई तेजी आ सकती है,जिससे शॉर्ट टर्म में 59100 और उसके बाद 59600 तक की रैली का रास्ता खुल सकता है। वहीं, नीचे की तरफ 57600-57500 के आस-पास मौजूद 290 डे EMA जोन इंडेक्स के लिए मज़बूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 5 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market outlook :मंगलवार, 4 अगस्त के उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 24,650 से नीचे गिरकर बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 पर और निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। लगभग 2030 शेयर बढ़े,2037 शेयर गिरे और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट ग्रासिम इंडस्ट्रीज,HDFC लाइफ,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज ऑटो और रिलायंस इंडस्ट्रीज में हुई। जबकि बढ़त वाले शेयरों में हिंडाल्को,ट्रेंट,अपोलो हॉस्पिटल्स,जियो फाइनेंशियल और इटरनल शामिल रहे।

मेटल और मीडिया को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी,ऑयल एंड गैस,रियल्टी,इंफ्रा,प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और FMCG इंडेक्स 0.5-2 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत गिरा,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत बढ़ा।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट में रिसर्च हेड संतोष मीणा का कहना है कि नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के पहले दिन,निफ्टी आखिरी मिनटों में लगभग 200 अंक उछल गया। बड़े इंस्टीट्यूशनल बॉय ऑर्डर्स थिन ऑक्शन विंडो के दौरान ज्यादा लिक्विड NSE पर फोकस करते हुए नजर आए जिससे कई हैवीवेट कंपनियों को बड़ा फायदा हुआ। BSE पर इंस्टीट्यूशनल कैश-मार्केट एक्टिविटी बहुत कम होने के बावजूद,सेंसेक्स अपने 3:15 बजे के लेवल के बहुत करीब रहा। जिससे यह अंतर पैदा हुआ। यह नए सिस्टम के तहत पूरी तरह से डिमांड-सप्लाई का असंतुलन था, न की कोई टेक्निकल गड़बड़ी।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड,विनोद नायर का कहना है कि मंगलवार की वीकली एक्सपायरी और F&O क्लोजिंग प्राइस तय करने के नए सिस्टम के लागू होने से मार्केट ट्रेंड्स में गड़बड़ी आई है। निफ्टी स्टॉक्स और इंडेक्स की दोपहर 3:30 बजे और 3:40 बजे की क्लोजिंग प्राइस के बीच बड़ा अंतर,साथ ही सेंसेक्स से इनका अंतर,यह बताता है कि नया सिस्टम जैसा सोचा गया था वैसा काम नहीं कर रहा है,जिससे प्राइस में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। इससे 15 मिनट के ब्लाइंड डेरिवेटिव्स विंडो क्लोजिंग सेशन से पहले,खासकर रिटेल इन्वेस्टर्स के बीच,पोजीशन्स का फोर्स्ड स्क्वेयर-ऑफ शुरू हो गया है।

ये नए सिस्टम की शुरुआती दिक्कतें लग रही हैं और एक्सचेंज और मार्केट रेगुलेटर को इन कमियों को दूर करने की जरूरत है। अभी,इसका असर स्टॉक्स और मेन इंडेक्स में ट्रेडिंग के F&O सेगमेंट तक ही सीमित है। खास बात यह है कि ये फंडामेंटल स्ट्रक्चरल परेशानियां नहीं हैं और इन पर कंट्रोल कर लेने की उम्मीद है।

आर्थिक और फाइनेंशियल आउटलुक मजबूत बना हुआ है और इससे लंबे समय के निवेशकों की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। उम्मीद है कि जैसे ही एक्सचेंज अपने नॉर्मल ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर पर लौटेंगे,मौजूदा उतार-चढ़ाव थम जाएगा।

मार्केट का फोकस होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की घटनाओं पर बना हुआ है। इस इलाके में शांति लौटने और स्टेबिलिटी आने से क्रूड ऑयल की कीमतों को कम करने और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी लाने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा ग्लोबल अनिश्चितताओं और महंगाई की चिंताओं के बीच RBI की पॉलिसी मीटिंग पर सबकी नजरें लगी हुई हैं। इन्वेस्टर्स इन चुनौतियों से निपटने के लिए RBI से पॉलिसी उपायों की उम्मीद कर रहे हैं,साथ ही बैंकिंग सिस्टम के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट की भी उम्मीद है। इससे मार्केट का भरोसा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे मार्केट की दिशा काफी हद तक RBI की पॉलिसी कमेंट्री और तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे,24750-24780 जोन निफ्टी के लिए एक बड़ी रुकावट बना रहेगा। 24780 से ऊपर का ब्रेकआउट इसके लिए 24900 की ओर और ऊपर जाने का रास्ता बना सकता है,जिसके बाद 25050 का लेवल भी देखने को मिल सकता है। नीचे की तरफ, निफ्टी के लिए 24460-24430 जोन से तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज गैप-डाउन के साथ खुला और पूरे ट्रेडिंग सेशन में दबाव में रहा। इसमें धीरे-धीरे गिरावट आई। हालांकि,CAS सेटलमेंट प्राइस में तेज रिकवरी (जो 3:15 PM क्लोजिंग लेवल से 400 अंक से ज्यादा ऊपर थी। ने नुकसान को काफी कम करने में मदद की। इंडेक्स आखिरकार 0.58% नीचे 57907 पर सेटल हुआ। डेली चार्ट पर,बैंक निफ्टी ने एक छोटी कैंडल बनाई,जिसकी निचली शैडो लंबी थी। यह निचले लेवल पर खरीदारी बढ़ने का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से,इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो एक पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी साइडवेज़ रुझान का संकेत दे रहे हैं,जो शॉर्ट टर्म में मजबूत डायरेक्शनल मूव की कमी का संकेत देते हैं।

आगे 58200-58300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम करेगा। 58300 से ऊपर मूव करने पर 58800 की तरफ एक नया अपस्विंग हो सकता है,जिसके बाद शॉर्ट टर्म में 59200 का टारगेट भी देखने को मिल सकता है।

वहीं, नीचे की तरफ,57400-57300 का जोन एक अहम सपोर्ट बैंड के तौर पर काम करेगा। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट से ऊपर रहता है,तब तक बड़ा पॉजिटिव स्ट्रक्चर बना रहने की उम्मीद है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 3 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए है। फाइनेंशियल,ऑटो और कुछ दिग्गज शेयरों में तेजी की वजह से निफ्टी 24,350 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 2444 शेयरों में बढ़त हुई,1607 शेयरों में गिरावट आई और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,जियो फाइनेंशियल,M&M और अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। जबकि TCS,एटरनल,मैक्स हेल्थकेयर, इंफोसिस और विप्रो सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रही। निफ्टी मीडिया सबसे अधिक बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो (1.6%),निफ्टी ऑयल एंड गैस (1%),निफ्टी एनर्जी (1%),निफ्टी फार्मा (0.7%),निफ्टी इंफ्रा (0.7%)और निफ्टी PSU बैंक (0.5%) रहे। दूसरी ओर,निफ्टी IT में 1.5% की गिरावट आई,जिससे यह सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर बन गया,जबकि निफ्टी FMCG में 1% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में 0.4% की बढ़त हुई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि आज भी बाजार में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। हाई बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच निवेशक सतर्क नजर आए रहे। बाजार की यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियों के नतीजों के दौर कैसा रहता है। हालांकि,अभी तक अनुमान से बेहतक नतीजे आ रहे हैं। इसके साथ साथ ही ग्लोबल रिस्क फैक्टर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मज़बूत ग्लोबल सेंटीमेंट के कारण बाजार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजे और पश्चिम एशिया एशिया की स्थितियां अहम भूमिका निभाएंगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड, टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24450-24500 जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24650 और उसके बाद 24800 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 जोन में है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि आज निफ्टी दिन भर ज्यादातर हरे निशान में ही रहा। इसने ऑवरली टाइमफ़्रेम पर अहम मूविंग एवरेज से ऊपर अपनी मजबूती बनाए रखी,जिससे शॉर्ट टर्म के लिए पॉज़िटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है। हालांकि,मोमेंटम की कमी दिख रही है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के कारण ट्रेडर्स सतर्क हैं।

इसके बावजूद,कुल मिलाकर ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स डेली चार्ट पर 50 EMA से ऊपर बना हुआ है। नीचे की तरफ़,शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,500 पर दिख रहा है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में लगातार तीसरे सेशन में भी तेजी कायम रही और यह 66 अंक ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर अपर और लोअर शैडो (shadow)वाली एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बनी। टेक्निकल नज़रिए से मार्केट की यह चाल ऊपरी स्तरों पर ‘हाई वेव’ या ‘डोजि’जैसे कैंडल पैटर्न के बनने का संकेत देती है,जो रेजिस्टेंस वाले स्तरों पर मार्केट में थोड़ी अस्थिरता (volatility) का संकेत है।

निफ्टी अभी 24350-24400 के अहम रेजिस्टेंस जोन (8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप,17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-डे EMA) के आसपास है। इसलिए,किसी बड़े ब्रेकआउट से पहले रेजिस्टेंस के आसपास कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

निफ्टी का मेन ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर यह 24400 के ऊपर टिकता है,तो जल्द ही इसमें 24600-24700 के स्तर देखने को मिल सकते है। वहीं, नीचे की तरफ सपोर्ट 24200 पर है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में इसमें गिरावट जारी रही,जिससे यह 56,769 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,निचले स्तरों से अच्छी-खासी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते इंडेक्स अपने ज्यादातर नुकसान की भरपाई करने में कामयाब रहा। आखिर में यह 0.10% की गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ।

पिछले चार ट्रेडिंग सेशन के दौरान बैंक निफ्टी 57,330–56,672 की रेंज में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स सीमित दायरे में बना हुआ है। बैंक निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के बीच ऊपर-नीचे हो रहा है,जो किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड का अभाव दिखाता है। RSI भी सपाट हो गया है,जिससे पता चलता है कि तेजी या मंदी का कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है। वहीं,ADX भी सपाट बना हुआ है,जो कमजोर ट्रेंड और कम उतार-चढ़ाव (volatility) का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो इसमें में 58000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58400 तक की बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 के जोन में है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 9 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण 8 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,900 के नीचे आ गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,677.12 अंक या 2.15 प्रतिशत गिरकर 76,503.60 पर और निफ्टी 516.65 अंक या 2.12 प्रतिशत गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1023 शेयरों में बढ़त हुई, 3070 शेयरों में गिरावट आई और 159 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और HUL शामिल रहे।, जबकि बढ़त वाले शेयरों में ONGC, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और बजाज ऑटो शामिल रहे। सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी कमजोर रहा, सभी अहम इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि वोलैटिलिटी इंडिया VIX में लगभग 25 प्रतिशत की तेजी आई।

निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी FMCG (-2.5 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (-2.33 प्रतिशत) में गिरावट देखी गई। निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2.2 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-2.2 प्रतिशत) और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर (-2 प्रतिशत) में भी बिकवाली का दबाव दिखा। हालांकि, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई। छोटे-मझोले शेयरों पर भी दबाव रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और इसके चलते ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़कर 76 डॉलर तक पहुंचने से मार्केट एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में आ गया है। यह स्थिति कब तक बनी रहेगी और इसके क्या नतीजे होंगे, यह अभी अनिश्चित है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफ़ायर खत्म होने के बयान के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आई। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद तेहरान को और कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस बयान के बाद डेली चार्ट पर, निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और इसमें 30 मार्च, 2026 के बाद की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की। ADX इंडिकेटर में, DI- ने DI+ को पार कर लिया है, जिससे पता चलता है कि बेचने वालों ने खरीदने वालों पर अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, RSI में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो मंदी के रुझान के बढ़ने का संकेत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप सीज़फायर खत्म होने के बयान के बाद इन्वेस्टर्स ने जोखिम से दूर रहने की नजरिया अपना लिया, जिससे निफ्टी इंडेक्स 500 अंक से ज्यादा गिर गया। ऊपर की ओर कंसोलिडेशन के बाद इंडेक्स में गिरावट आई, जिससे हालिया उत्साह कम हो गया। हालांकि, इसे 23,070 से 24,348 तक की पिछली रैली के 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,800 के आसपास है) के पास सपोर्ट मिला।

आगे यह देखना अहम होगा कि क्या निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को बनाए रख पाता है या नहीं। अगर यह 23,800 के नीचे टूटता है, तो जारी करेक्शन का दौर और लंबा खिंच सकता है। वहीं, अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है, तो निकट भविष्य में अच्छी रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज सेशन में घरेलू शेयर बाजार का मूड साफ तौर पर नेगेटिव हो गया, जिससे हालिया बढ़त खत्म हो गई। इसकी वजह वेस्ट एशिया में फिर से तनाव बढ़ना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आना रहा। महंगाई की चिंताएं भी फिर से बढ़ गईं हैं। इससे भारत और अमेरिका, दोनों जगह बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज़्यादा रहा और इंडिया VIX में जबरदस्त उछाल आया। हर सेक्टर में गिरावट देखने को मिली। यह मैक्रो-इकोनॉमिक कारणों से रिस्क लेने से बचने के ट्रेंड का संकेत है। साथ ही, पहली तिमाही के कमजोर अनुमानों के कारण नतीजों से पहले की घबराहट ने भी बाजार की गिरावट में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, आने वाले नतीजे शायद अकेले दम बाजार में बड़ी उठापटक न कर पाएं, लेकिन निवेशक मैनेजमेंट की कमेंट्री और आगे के अनुमानों पर बारीकी से नजर रखेंगे। वे यह समझने की कोशिश करेंगे कि क्या दूसरी तिमाही में भी कमजोर नतीजे जारी रहेंगे। अगर ऐसा होता है तो FY27 में घरेलू नतीजों और बाजार के प्रदर्शन में सुधार में देरी हो सकती है।

आगे चलकर बाजार की दिशा तय करने में फेड की जुलाई पॉलिसी मीटिंग के नतीजों, अमेरिका के मौजूदा आपसी टैरिफ समझौते की समय-सीमा खत्म होने के असर और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के स्तर की अहम भूमिका होगी।

 

 

Bank Nifty View : ट्रंप के बयान ने मचाई अफरातफरी, बैंक निफ्टी 2% से ज्यादा टूटा, जानिए इंडेक्स पर क्या है मार्केट दिग्गजों की राय

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 3 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 2 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,150 के ऊपर रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर और निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ। लगभग 2436 शेयरों में बढ़त हुई, 1663 शेयरों में गिरावट आई और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में इन्फोसिस,टीसीएस,टेक महिंद्रा,एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,एलएंडटी,नेस्ले,एक्सिस बैंक और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो,आईटी इंडेक्स में लगभग 5% की तेजी आई,जिससे इसका लगातार 4 दिनों का गिरावट का सिलसिला टूट गया। ऑटो,रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर,कैपिटल गुड्स,पावर,टेलीकॉम और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.4-0.7% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के आस-पास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें गिरीं,जबकि फेड चेयर के नरम रुख वाले बयानों से महंगाई कम होने और ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों के अनुकूल माहौल की उम्मीदें मजबूत हुईं।

भारत-जापान समिट को लेकर बनी उम्मीदों से भी बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों को व्यापार,रक्षा,सेमीकंडक्टर,AI सहयोग,प्रस्तावित रुपया-येन सेटलमेंट फ्रेमवर्क और दोनों देशों के बीच बढ़ते कैपिटल फ्लो पर समझौतों की उम्मीद है।

सेक्टर के हिसाब से IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इस सेक्टर को शॉर्ट कवरिंग का सपोर्ट मिला। यह भी माना जा रहा है कि भारतीय IT कंपनियां एंटरप्राइज AI को अपनाने में अहम भूमिका निभाती रहेंगी। इसके चलते इस सेक्टर में तेजीआई। आगे चलकर,बाजार की दिशा तय करने में US नॉन-फार्म पेरोल डेटा,भारत-जापान समिट से जुड़ी खबरों और Q1FY27 के आने वाले नतीजों की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि निफ्टी ने हाल के कंसोलिडेशन से बाहर निकलकर बढ़त दिखाई है,जो मार्केट के बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिल रही है। मोमेंटम ऑसिलेटर RSI भी अपनी गिरती ट्रेंडलाइन से ऊपर निकल गया है,जो मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

आने वाले समय में ट्रेंड के पॉजिटिव रहने की उम्मीद है और इंडेक्स के 24,300–24,500 के लेवल तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ,24,000 पर तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक, वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी एक तय दायरे में बना हुआ है और साथ ही इसमें तेजी का रुख भी दिख रहा है। सपोर्ट लेवल का धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ना इसकी मजबूती को दिखाता है,हालांकि अपट्रेंड के अगले चरण की पुष्टि के लिए 58,600 के स्तर से ऊपर मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स में एक सीमित दायरे में ही कारोबार होने की संभावना है।

RSI पॉजिटिव जोन में सपाट हो गया है,जो तेजी का रुख बनाए रखते हुए मोमेंटम में ठहराव का संकेत देता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 57,500 और 57,200 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,600 पर दिख रहा है। गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफ़िट बुकिंग की रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।

 

 

HCCB IPO : अब आपके पोर्टफोलियो में कोका-कोला का शेयर भी हो सकता है शामिल, IPO लाने की तैयारी में HCCB

 

 

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Stock Market News: जून तिमाही में रिटेल निवेशकों ने इक्विटी में की जोरदार खरीदारी, बाजार में लगाए 35,328 करोड़ रुपये

Stock Market News: कई महीनों तक किनारा बनाए रहने के बाद,रिटेल निवेशक भारतीय इक्विटी मार्केट में वापस लौट रहे हैं। जून तिमाही में इनकी खरीदारी में तेजी देखने को मिली है। यह लंबे समय तक सावधानी बरतने के बाद निवेशकों की सोच में आए बदलाव का संकेत है। NSE के डेटा के मुताबिक रिटेल निवेशकों ने जून में 14,088 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह इनकी तरफ से मई में 3,018 करोड़ रुपये और अप्रैल में 18,222 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए। पूरी जून तिमाही की बात करें तो उनकी कुल खरीदारी 35,328 करोड़ रुपये रही। यह दिसंबर 2024 की तिमाही के बाद उनकी सबसे बड़ी तिमाही खरीदारी है। दिसंबर तिमाह में उन्होंने लगभग 56,126 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

जून तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद रिटेल निवेशकों की तरफ से जमकर खरीदारी हुई।

2025 की शुरुआत से ही रिटेल निवेशक बाजार से दूरी बनाए हुए थे। उन्होंने 2025 में 25,615 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। जबकि 2026 के शुरुआती तीन महीनों में उन्होंने सिर्फ 2,750 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड,सौरभ जैन ने कहा कि यह खरीदारी सट्टेबाजी के लिए गिरावट पर की गई खरीदारी नहीं है,बल्कि यह साइड में पड़ी पूंजी का रणनीतिक और मैक्रो-आधारित निवेश है। ब्रॉडर मार्केट के हालात भी इस नजरिए का सपोर्ट करते हैं।

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अप्रैल-जून तिमाही के दौरान,सेंसेक्स और निफ्टी में 6.3 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो पिछले चार तिमाहियों में उनकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। इस दौरान मेन इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 16.7 प्रतिशत बढ़ा,जो जून 2024 के बाद की इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त रही।

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 24.5% की बढ़त हुई,जो जून 2020 के बाद से इसका सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा। BSE 250 माइक्रोकैप इंडेक्स भी 30% उछला,जो मार्च 2025 में इंडेक्स के शुरू होने के बाद से इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। जून तिमाही के दौरान BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 15% बढ़ा।

जैन ने आगे कहा कि फरवरी के आखिर में शुरू हुई मिडिल-ईस्ट जंग और उसके चलते तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के डर से निवेशकों का भरोसा शुरू में कमजोर हुआ था,लेकिन जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते ने एक बड़ी राहत का काम किया। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमत चार महीने के निचले स्तर $72 पर आ गई और एनर्जी शॉक प्रीमियम का असर भी कम हुआ।

बाजार को मिला पॉलिसी सपोर्ट

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया और केंद्र सरकार के 5 जून के बड़े पॉलिसी पैकेज से इस जियोपॉलिटिकल तनाव के असर को कम करने में काफी मदद मिली। इस पैकेज में FPI बॉन्ड निवेश पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स और विदहोल्डिंग टैक्स को हटाना,’फुल्ली एक्सेसिबल रूट’का विस्तार करना और लॉन्ग-टर्म FCNR फिक्स्ड डिपॉजिट व NRI इक्विटी निवेश के लिए बेहतर इंसेंटिव देना शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि इस पॉलिसी सपोर्ट ने FII की निकासी को रोका,रुपये को स्थिर किया और मैक्रो रिस्क को कम किया। इससे रिटेल निवेशकों को यह भरोसा मिला कि वे मार्केट में गिरावट(करेक्शन)का इस्तेमाल एंट्री के अच्छे मौकों के तौर पर कर सकते हैं और अपने कैश रिजर्व को व्यवस्थित तरीके से इक्विटी में फिर से लगा सकते हैं।

FIIs रहे नेट सेलर

बाजार जानकारों का कहना है कि इस तिमाही के ज्यादातर हिस्से में FIIs नेट सेलर बने रहे। उनकी बिकवाली मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर रहे। इसमें US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं और ग्लोबल स्तर पर रिस्क-ऑफ का माहौल शामिल है। यह भारत के घरेलू मार्केट के फंडामेंटल्स में किसी खराबी के बजाय ग्लोबल एसेट एलोकेशन में बदलाव को दिखाता है।

विदेशी निवेशकों की निकासी को घरेलू निवेशकों ने किया बेअसर

घरेलू निवेशकों से मिले जबरदस्त सपोर्ट के चलते विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बावजूद,भारतीय बाजार मजबूत बने रहे। म्यूचुअल फंड SIP के जरिए लगातार निवेश,घरेलू संस्थागत निवेशकों की जोरदार खरीदारी और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने FII की बिकवाली से बनी सप्लाई को संभाल लिया। इससे बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई और बाजार का ओवरऑल तेजी वाला ढांचा कायम रहा।

Market Outlook: जुलाई में शेयर बाजार में आएगी तेजी? पिछले 25 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में आई मजबूत रिकवरी

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि भले ही बेंचमार्क इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कई लार्ज-कैप और अच्छे मिड-कैप शेयरों ने अपने लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल (जैसे 100 डे और 200 डे मूविंग एवरेज) को बनाए रखा। हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में मजबूत रिकवरी आई, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक शेयर जमा (accumulate) कर रहे हैं,न कि बड़े पैमाने पर बेच रहे हैं। यह एक ऐसा प्राइस पैटर्न है जिसे आम तौर पर टेक्निकल नज़रिए से अच्छा माना जाता है।

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Market Outlook : जुलाई सीरीज का शानदार आगाज, सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Market Outlook: मिले-जुले ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच, बुधवार, 1 जुलाई को घरेलू शेयर बाज़ार में अच्छी खरीदारी देखी गई। इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स 444 पॉइंट्स या 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 140 पॉइंट्स या 0.59% बढ़कर 24,005.85 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी ऊपर गए; निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.34% बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.36% चढ़ा।

BSE-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹474 लाख करोड़ से बढ़कर ₹476 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया, जिससे निवेशक एक ही सेशन में ₹2 लाख करोड़ से थोड़ा ज़्यादा अमीर हो गए।

निफ्टी पर इटरनल, अडानी एंटरप्राइजेज, नेस्ले इंडिया, HUL, एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स में से थे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, TCS, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील लूजर्स थे।

सेक्टोरल फ्रंट पर, रियल्टी इंडेक्स 3.5% ऊपर, FMCG और मीडिया इंडेक्स में 2-2%, ऑटो और PSU बैंक इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर, IT इंडेक्स 2% गिरा, जबकि मेटल इंडेक्स 1% और फार्मा इंडेक्स 0.5% नीचे गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाज़ार 2026 के दूसरे हाफ़ में उम्मीद के साथ आए क्योंकि कई मुश्किलें कम होने लगीं, जिसमें US-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होना और तेल की कीमतें पॉज़िटिव सेंटिमेंट के मुख्य कारण बनकर उभरीं।” नायर ने बताया कि रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई, जिसमें लार्ज कैप्स ने अच्छे वैल्यूएशन और दो साल के आउटफ्लो के बाद FPI सेंटिमेंट में कुछ बदलाव की उम्मीद के कारण बेहतर परफॉर्म किया।

2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल 

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी रेंज-बाउंड रहा क्योंकि इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन में, यह 24,000 मार्क के आस-पास रहा है, जो डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखाता है।

साइडवेज़ मूवमेंट के बावजूद, शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है, इंडेक्स पूरे सेशन में मज़बूती दिखा रहा है। हालांकि, मोमेंटम अभी भी धीमा है।

आगे, जब तक निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक बुलिश बायस बना रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन स्थिर ऊपर की ओर बढ़ती रह सकती है, जिसमें शॉर्ट टर्म में 24,200 और उससे ऊपर जाने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने आज, बेंचमार्क इंडेक्स में पुलबैक रैली देखी गई। निफ्टी 140 पॉइंट्स ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 444 पॉइंट्स ऊपर था। सेक्टर्स में, रियलिटी इंडेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई, जिसमें 3.44 परसेंट की रैली हुई, जबकि IT इंडेक्स सबसे ज़्यादा 2 परसेंट गिरा।

टेक्निकली, डेली चार्ट्स पर, मार्केट ने एक छोटा बुलिश कैंडल बनाया है, और इंट्राडे चार्ट्स पर, यह एक रिवर्सल फॉर्मेशन बनाए हुए है। डे ट्रेडर्स के लिए, 23900/76500 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा। इसके ऊपर, बुलिश मोमेंटम जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, मार्केट 24150-24250/77500-77800 तक जा सकता है। दूसरी तरफ, 23900/76500 से नीचे, सेलिंग प्रेशर बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे, यह 23800/76200 और 20-दिन के SMA (सिंपल मूविंग एवरेज), या 23750/76000 को फिर से टेस्ट कर सकता है।

अभी मार्केट का टेक्सचर नॉन-डायरेक्शनल है, इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी होगी।

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Market Outlook : बाजार में बढ़त का सिलसिला थमा, जानिए 30 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला 29 जून को टूट गया और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के नीचे रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 372.10 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर और निफ्टी 109.75 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। लगभग 1681 शेयरों में बढ़त हुई,2471 शेयरों में गिरावट आई और 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,M&M,मारुति सुजुकी,अदाणी एंटरप्राइजेज और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,कोल इंडिया,डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज,एटरनल और ट्रेंट शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। जबकि PSU बैंक,मीडिया,IT और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर,मेटल,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे आया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि US-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के टिके रहने को लेकर निवेशकों के सतर्क नजरिए के कारण अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास प्रॉफिट बुकिंग जारी रही। फिलहाल बाजार में निकट भविष्य के लिए कोई साफ दिशा नहीं दिख रही है। सप्लाई की कमी,लगातार बने महंगाई क दबाव और कमजोर मॉनसून की संभावनाओं के बीच Q1FY27 अर्निंग्स सीजन को लेकर उम्मीदें कमजोर बनी हुई हैं। इन सभी का असर मार्जिन पर पड़ने की आशंका है। बाजार में हर तरफ बिकवाली रही। हालांकि,फ़ार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि इनकी मांग में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता और इनकी अर्निंग का अनुमान लगाना आसान होता है।

निवेशक US के आने वाले’नॉन-फ़ार्म पेरोल’डेटा को लेकर भी सतर्क हैं। यह डेटा फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर असर डाल सकता है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की मौजूदा उम्मीदों को या तो मज़बूत कर सकता है या उनमें कमी ला सकता है। घरेलू बाजार से FII की निकासी में कमी और AI-आधारित ग्लोबल मार्केट के जोश का ठंडा होना,आगे चलकर बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की और पूरे समय दबाव में रहा,क्योंकि इंडेक्स ऑवर्ली चार्ट पर 50EMA के नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर रहा और RSI में’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा,जो बताता है कि निकट भविष्य में सेंटीमेंट कमजोर रह सकता है।

मंगलवार को NSE की मंथली एक्सपायरी के कारण एकआध दिन उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है। हालांकि,जब तक इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। जब तक निफ्टी 23,800 के नीचे नहीं जाता,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। ऊपरी स्तर पर 24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करते रहने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निफ्टी 110 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 372 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो फार्मा,हेल्थकेयर और मेटल इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई,जबकि ऑटो इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल तौर पर सुस्त शुरुआत के बाद बाजार में पूरे दिन ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव देखा गया। डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’भी बनी,जो मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने का संकेत देती है।

अब निफ्टी में 24,000 का लेवल डे ट्रेडर्स के लिए एक अहम रेफरेंस प्वाइंट होगा। इस लेवल के नीचे,निफ्टी 50-दिन के SMA(सिंपल मूविंग एवरेज)या 23,800–23,750 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है। दूसरी ओर,24,000 के ऊपर जाने पर तेजी 24,150–24,200 तक जारी रह सकती है। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड किसी खास दिशा में नहीं है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

 

Trading Strategy: बाजार में रीबैलेंसिंग की बिकवाली की वजह से भी बना थोड़ा दबाव,आज और कल की चाल को ना समझें बड़ा ट्रेंड

 

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Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 25 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने दिन के दौरान हुई ज्यादातर बढ़त गंवा दी और मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,050 के आसपास रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 109.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,056.00 पर सेयल हुआ। लगभग 1544 शेयरों में बढ़त हुई,2488 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,M&M,मैक्स हेल्थकेयर,मारुति सुजुकी और टाटा कंज्यूमर शामिल रहे। जबकि ONGC,पावर ग्रिड कॉर्प,हिंडाल्को और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक महिंद्रा में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले रहे। FMCG में 0.7%,रियल्टी में 0.3% और ऑटो इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई। जबकि IT,एनर्जी,मीडिया,मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.5-1% नीचे रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि दिन के शुरुआती कारोबार में हुई बढ़त के बाद प्रॉफिट बुकिंग की वजह से घरेलू बाजार बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से रुपये को सहारा मिला और कुछ राहत भी मिली,लेकिन यह बढ़त की रफ़्तार बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसकी वजह रही मेटल की कीमतों में नरमी,सप्लाई चेन की दिक्कतों में कमी और महीने के दौरान रिटेल डिमांड में सुधार।

कुल मिलाकर बाजार का मूड पॉजिटिव रहा। हालांकि,FII की लगातार बिकवाली से तेजी सीमित हो सकती है। आने वाले समय में,Q1 के नतीजों को लेकर कमजोर उम्मीदों और मॉनसून की असमान स्थिति का असर बाजार के मूड पर पड़ सकता है,इसलिए इन पर नजर रखनी होगी।

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, HNI ​एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का ट्रेडिंग सेशन थोड़ा पॉजिटिव रहा। दिन भर उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने के बावजूद बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बने रहना लगातार खरीदारी की रुचि को दिखाता है। मार्केट में नए ट्रिगर्स आने से पहले निवेशक सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।

निफ्टी 30 अंक यानी 0.12%) बढ़कर 24,050 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स 24,000 के अहम लेवल के ऊपर बना हुआ है,जो बताता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,000–23,950 के आसपास है और इसके बाद 23,850 के आसपास मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,100–24,150 और उसके बाद 24,250 पर दिख रहा है। लगातार इन लेवल के ऊपर बने रहने से और बढ़त का रास्ता खुल सकता है।

BSE सेंसेक्स 105 अंक यानी 0.14% बढ़कर 77,100 पर बंद हुआ। इंडेक्स सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा लेकिन पॉजिटिव जोनन में बंद होने में कामयाब रहा,जो निचले लेवल पर लगातार खरीदारी का सपोर्ट दिखाता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,900–76,700 के आसपास है। जबकि रेजिस्टेंस 77,300–77,500 के पास दिख रहा है। इस जोन के ऊपर ब्रेकआउट से बुलिश मोमेंटम और मजबूत हो सकता है।

कुल मिलाकर मार्केट पॉजिटिव रुख के साथ कंसोलिडेट होता रहा,जिससे पता चलता है कि सेशन के दौरान सीमित बढ़त के बावजूद खरीदारों का दबदबा बना हुआ है। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बने हुए हैं,तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहेगा। ट्रेडर्स अच्छे रिस्क मैनेजमेंट के साथ गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं, क्योंकि मुख्य ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आना ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की कहानी में एक बड़ा बदलाव है। यह बदलाव मांग में कमी के कारण नहीं,बल्कि जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने की वजह से आया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। इससे सप्लाई में आई वह रुकावट दूर हो रही है।

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रूड आयातक देश भारत के लिए यह निश्चित रूप से अच्छी खबर है। तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की गिरावट से भारत का सालाना आयात बिल लगभग 12 से 15 अरब डॉलर कम हो जाता है। इससे करंट अकाउंट पर दबाव कम होता है और भारतीय रिजर्व बैंक को विकास को बढ़ावा देने के लिए उधार की लागत (ब्याज दरों) को अनुकूल बनाए रखने की अधिक गुंजाइश मिलती है।

घरेलू बाजारों ने इस पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है। 25 जून को सेंसेक्स 77,000 के स्तर को पार कर गया और निफ्टी 24,100 के आसपास मज़बूत बना रहा। इसमें ऑटो,एविएशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के शेयरों ने बढ़त में अहम भूमिका निभाई। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए निकट भविष्य का आउटलुक अच्छा दिख रहा है,बशर्ते क्रूड की कीमतें 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में स्थिर रहें और मॉनसून उम्मीद के मुताबिक अच्छा रहे।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिज़नेस हेड,अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में लंबी छुट्टी से पहले,निवेशकों ने कारोबारी सत्र के अंतिम हिस्से में मुनाफावसूली की,जिससे बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि मुहर्रम के कारण शुक्रवार को बाजार बंद रहेंगे,इसलिए निवेशकों ने अपनी इक्विटी होल्डिंग कम कर दी। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमी पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं,ऐसे में निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च अमोल अठावले ने कहा कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। काफी उतार-चढ़ाव के बाद,निफ्टी 0.18 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में 297 अंकों की बढ़त हुई। सेक्टरों की बात करें तो फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट हुई और यह 4.40 प्रतिशत नीचे आया। हफ्ते के दौरान,तेज गिरावट के बाद मार्केट को 50 डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के पास सपोर्ट मिला और इसमें तेजी से सुधार हुआ। हालांकि,एक बार फिर इसे 24,200/77,800 के रेजिस्टेंस जोन के पास प्रॉफिट बुकिंग का सामना करना पड़ा।

टेक्निकल तौर पर मार्केट ने एक रेंज-बाउंड पैटर्न बनाया है। नीचे की तरफ,इसे 50 डे SMA या 23,800/76,200 के पास सपोर्ट मिला है,जबकि 24,200-24,250/77,800-78,000 के रेजिस्टेंस लेवल के पास लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए, 24,000/77,000 एक इमीडिएट सपोर्ट जोनन का काम करेगा। इस लेवल के ऊपर,मार्केट 24,200/77,800 को फिर से टेस्ट कर सकता है। 24,200/77,800 के लेवल को सफलतापूर्वक पार करने पर मार्केट 24,400-24,500/78,400-78,700 की ओर बढ़ सकता है।

दूसरी ओर 24,000/77,000 के नीचे जाने पर मार्केट 23,800/76,200 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और इंडेक्स 23,650/75,700 तक जा सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,सपोर्ट जोन 57,800 और 57,500 पर हैं। इन लेवल के ऊपर,तेजी 58,700-59,000 की ओर जारी रह सकती है। इसके उलट, 57,500 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजोर हो सकता है।

 

Auto Stocks : 4% तक भागे ऑटो शेयर, क्रूड की नरमी ने दिया बूस्टर डोज, मारुति और ऊनो मिंडा ने किया लीड

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Experts View : बाजार में तेजी का मोमेंटम अभी भी बरकरार, कल डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग रहेगी सबसे अच्छी रणनीति

Experts View : आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी और सेंसेक्स 90 और 291 अंक ऊपर बंद हुए। बाजार में इस सकारात्मक माहौल की मुख्य वजह भू-राजनीतिक तनावों में कमी आना रही। एक और अच्छी बात कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही। ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रही,जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिली।

कंपनी स्पेसिफिक खबरों के चलते कई शेयरों में एक्शन देखने को मिला। वोल्टास ने बताया कि उसके एयर-कंडीशनर की बिक्री वित्त वर्ष 2027 में रिकॉर्ड समय में दस लाख यूनिट के पार पहुंच गई,जो ग्राहकों की मज़बूत मांग को दर्शाता है। वहीं, एसबीआई (SBI) के चेयरमैन ने कहा कि बैंक फंडिंग के स्रोतों में विविधता लाने और भविष्य में लोन ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए अपने होम लोन पोर्टफोलियो के एक हिस्से को सिक्युरिटाइज़ करने पर विचार कर रहा है।

एनएमडीसी (NMDC) से 2,977 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने के बाद आरवीएनएल (RVNL) के शेयरों में तेजी आई,जिससे उसकी प्रोजेक्ट पाइपलाइन मज़बूत हुई। विदेशी मुद्रा फंड आकर्षित करने के लिए बड़े FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाने के बाद बंधन बैंक भी चर्चा में रहा।

कुल मिलाकर,बाज़ार को तेल की कम कीमतों और बेहतर होते वैश्विक माहौल का फायदा मिला। हालांकि,मॉनसून में देरी,अमेरिका-ईरान बातचीत में अनिश्चितता और कमजोर ग्लोबल आईटी खर्च के रुझान जैसे जोखिमों के कारण हम सतर्क बने हुए हैं।

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार करते दिखे। निफ्टी 90 अंक ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 291 अंकों की बढ़त देखने को मिली। सेक्टर की बात करें तो डिफेंस,मीडिया और फार्मा इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि कुछ चुनिंदा कंज्यूमर और FMCG शेयरों में इंट्राडे प्रॉफिट बुकिंग देखी गई।

टेक्निकल तौर पर,एक बार फिर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को 24,150/77,300 के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे आ गया। इंट्राडे चार्ट पर मार्केट ने’डबल टॉप’पैटर्न बनाया है और डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडल बनी है,जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता का संकेत है।

डे ट्रेडर्स के लिए,24,150/77,300 और 24,200/77,500 तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेंगे,जबकि 24,000/76,800 एक अहम सपोर्ट एरिया होगा। ऊपर की तरफ,24,200/77,500 के पार जाने पर मार्केट 24,325-24,350/77,800-78,000 तक जा सकता है। दूसरी ओर 24,000/76,800 के नीचे जाने पर हम 23,900-23,850/76,500-76,400 तक तेज इंट्राडे करेक्शन देख सकते हैं। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड साफ नहीं है। इसलिए डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी आज के पूरे सेशन के दौरान ज्यादातर एक दायरे में ही रहा,लेकिन इसमें तेजी का रुख बना रहा क्योंकि यह अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। RSI अभी भी बुलिश क्रॉसओवर में है,जो बताता है कि तेजी का मोमेंटम अभी भी बरकरार है।

आगे भी ट्रेंड के पॉज़िटिव रहने की उम्मीद है,हालांकि ऊपर की ओर बढ़ने की रफ़्तार धीमी रह सकती है। ऊपरी स्तर पर,24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। अगर यह मजबूती से इस लेवल के ऊपर जाता है,तो 24,500 की ओर रैली शुरू हो सकती है। निचले स्तर पर,24,000 पर सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है। कल के वीकली एक्सपायरी सेशन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है,हालांकि कुल ट्रेडिंग रेंज छोटी रह सकती है।

SBI सिक्योरिटीज के हेड, टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्चसुदीप शाह ने कहा कि सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी एक अपसाइड गैप के साथ खुला और उसके बाद 95 अंकों की सीमित रेंज में ट्रेड किया,जो 1 जनवरी 2026 के बाद से इसकी सबसे कम इंट्राडे रेंज थी। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स दोनों की ओर से कोई मजबूत कमिटमेंट नहीं दिखा। सेशन के दौरान,इंडेक्स कुछ समय के लिए अपने 100-दिन के EMA के ऊपर गया,लेकिन ऊंचे लेवल पर टिक नहीं पाया और इसमें कुछ करेक्शन देखा गया। आखिरकार यह 0.37% की मामूली बढ़त के साथ 24100 के लेवल के पास बंद हुआ।

डेली चार्ट पर,निफ्टी ने एक’डोजि कैंडल’बनाई,जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाती है। इंडेक्स अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर ट्रेड कर रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स साइडवेज ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं,जो शॉर्ट-टर्म कंसोलिडेशन के दौर का संकेत है।

इंडेक्स में शामिल शेयरों में सिप्ला और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे,जबकि एशियन पेंट्स और टाइटन में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर ज्यादातर इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी मीडिया,निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा बढ़त रही।

ब्रॉडर मार्केट भी पॉजिटिव नोट पर बंद हुआ,जिसमें निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने बेहतर प्रदर्शन किया और 0.60% की बढ़त हासिल की। ​​मार्केट की ब्रेथ मजबूत रही क्योंकि एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो में बढ़त वाले शेयरों का पलड़ा भारी रहा और निफ्टी 500 यूनिवर्स के 326 शेयर पॉजिटिव टेरिटरी में बंद हुए। यह बाजार में व्यापक भागीदारी का संकेत है।

आगे 24200–24230 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24230 के ऊपर बना रहता है,तो 24400 के लेवल की ओर तेज अपसाइड रैली शुरू हो सकती है। नीचे की तरफ,23970–23950 की रेंज से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

बैंक निफ्टी का नजरिया

सुदीप शाह ने कहा कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स,बैंक निफ्टी पिछले कुछ हफ्तों से फ्रंटलाइन इंडेक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। सोमवार को यह 57935 के लेवल पर बंद हुआ,जिसमें 0.43% की बढ़त दर्ज की गई। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो इसकी मजबूती को दिखाता है। साथ ही,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर लगातार तेजी के संकेत दे रहे हैं।

मौजूदा चार्ट स्ट्रक्चर को देखते हुए,हमें उम्मीद है कि इंडेक्स ऊपर की ओर बढ़ता रहेगा और जल्द ही 58500 के लेवल को छुएगा और उसके बाद 59100 के लेवल तक जा सकता है। नीचे की तरफ,57500–57400 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।