प्रॉपर्टी या म्यूचुअल फंड, लंबे समय में कौन आपको बनाएगा ज्यादा अमीर? 4 पॉइंट्स में समझिए कहां मिलेगा बंपर रिटर्न

Real Estate vs Mutual Funds: लॉंग टर्म के लिए निवेश कैसे करें? जमीन खरीदे या फिर म्यूचुअल फंड में पैसे लगाए। भारत के निवेशकों के बीच लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए सालों से यह बहस चली आ रही है। वैसे दशकों तक हमारे देश में प्रॉपर्टी यानी जमीन या मकान खरीदना ही अमीर बनने और सुरक्षित भविष्य का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड्स एक बेहद जबरदस्त ऑप्शन के तौर पर उभरे हैं।

प्रॉपर्टी और म्यूचुअल फंड, दोनों ने ही निवेशकों को अमीर बनाया है। लेकिन जब बात लंबे समय के लिए निवेश की हो, तो आपके लिए कौन सा विकल्प सबसे बेहतर रहेगा? आइए समझते हैं दोनों का पूरा नफा-नुकसान।

1- रियल एस्टेट: क्यों आज भी प्रॉपर्टी पर फिदा हैं लोग?

रियल एस्टेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह एक ‘टैंजिबल एसेट’ है, यानी इसे आप देख सकते हैं, छू सकते हैं और खुद इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके अन्य बड़े फायदे इस प्रकार हैं:

किराए से रेगुलर इनकम: प्रॉपर्टी से आपको हर महीने रेंटल इनकम मिल सकती है, जो महंगाई के साथ बढ़ती जाती है।

बड़ी ग्रोथ की संभावना: अगर किसी इलाके में नया हाईवे, मेट्रो या कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आ रहा है, तो वहां की जमीन के दाम रातों-रात आसमान छू सकते हैं।

छिपी हुई लागत: प्रॉपर्टी खरीदते समय लोग अक्सर इसके अतिरिक्त खर्चों को भूल जाते हैं। स्टैंप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन चार्ज, सालाना प्रॉपर्टी टैक्स और मेंटेनेंस का खर्च आपके कुल मुनाफे को काफी कम कर देता है। इसके अलावा, अगर होम लोन लिया है, तो ब्याज का भारी बोझ भी जोड़ना पड़ता है।

2- लिक्विडिटी: सबसे बड़ा और मुख्य अंतर

रियल एस्टेट और म्यूचुअल फंड के बीच सबसे बड़ा फर्क पैसे की जरूरत पड़ने पर दिखता है। प्रॉपर्टी को तुरंत बेचना नामुमकिन होता है। एक सही खरीदार ढूंढने, डील पक्की करने और कागजी कार्रवाई पूरी करने में हफ्तों या महीनों का समय लग जाता है। मंदी के दौर में तो यह इंतजार और लंबा हो सकता है।

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म्यूचुअल फंड्स में लिक्विडिटी का कोई झंझट नहीं होता। आप जब चाहें अपने फंड्स को ऑनलाइन रिडीम कर सकते हैं और कुछ ही दिनों में पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है।

3- म्यूचुअल फंड्स क्यों बन रहे हैं आम लोगों की पहली पसंद?

म्यूचुअल फंड्स ने निवेश की पूरी प्रक्रिया को बहुत आसान और सुलभ बना दिया है। जहां प्रॉपर्टी खरीदने के लिए आपको एक साथ लाखों-करोड़ों रुपयों का इंतजाम करना पड़ता है या बड़ा लोन लेना पड़ता है, वहीं म्यूचुअल फंड में आप SIP के जरिए हर महीने महज ₹500 जैसी छोटी रकम से भी शुरुआत कर सकते हैं।

प्रॉपर्टी में निवेश करते समय आपका पूरा पैसा एक ही जगह ब्लॉक हो जाता है। इसके विपरीत, म्यूचुअल फंड आपका पैसा अलग-अलग कंपनियों और सेक्टर्स में लगाते हैं। इस डायवर्सिफिकेशन से रिस्क काफी कम हो जाता है।

4- वेल्थ क्रिएशन का ट्रैक रिकॉर्ड: कहां हुई ज्यादा कमाई?

इसका कोई एक तय जवाब नहीं है क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने क्या और कब खरीदा है।

रियल एस्टेट का गणित: एक बेहतरीन लोकेशन पर ली गई प्रॉपर्टी आपको रेंटल और कैपिटल एप्रिसिएशन यानी कीमत बढ़ना दोनों से तगड़ा रिटर्न दे सकती है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि भारी उम्मीदों के बावजूद किसी इलाके में प्रॉपर्टी के दाम सालों तक एक ही जगह थमे रहते हैं।

म्यूचुअल फंड का गणित: शेयर बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का असर म्यूचुअल फंड पर जरूर पड़ता है। लेकिन जो निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव की परवाह किए बिना अपनी एसआईपी जारी रखते हैं, उन्हें लंबे समय में कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज का जबरदस्त फायदा मिलता है, जो वेल्थ को कई गुना बढ़ा देता है।

आपके लिए क्या हो सकता है बेस्ट?

अक्सर लोग सोचते हैं कि रियल एस्टेट या म्यूचुअल फंड में से किसी एक को ही चुनना होगा। लेकिन असलियत में कई सफल निवेशक दोनों में पैसा लगाते हैं। प्रॉपर्टी जहां आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता और रेंटल इनकम देती है, वहीं म्यूचुअल फंड आपको लिक्विडिटी, डायवर्सिफिकेशन और तेजी से बढ़ने का मौका देते हैं।

निवेश करने से पहले यह न पूछें कि कौन सा एसेट क्लास बेहतर है, बल्कि यह देखें कि आपके वित्तीय लक्ष्य, आपकी जेब और आपकी जरूरत के हिसाब से आपके लिए कौन सा विकल्प सही बैठता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

29 जून पर रखें नजर, उजाला बनाने वाली Jyothy Labs और Nerolac समेत 4 कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड

सोमवार, 29 जून 4 कंपनियों के डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट है। इसी तारीख पर ये शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। ये 4 कंपनियां 11 रुपये प्रति शेयर तक का डिविडेंड बांटने वाली हैं। रिकॉर्ड डेट तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। आइए जानते हैं किस कंपनी ने कितना डिविडेंड देने का फैसला किया है..

Kalpataru Projects International

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 11 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस पर 15 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 13 अगस्त को या उससे पहले कर दिया जाएगा। डिविडेंड की घोषणा मई में की गई थी। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 9 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 1382 रुपये है।

Kansai Nerolac Paints

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस पर 9 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 14 जुलाई को या उसके बाद किया जाएगा। डिविडेंड की घोषणा मई में की गई थी। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 1.25 रुपये का अंतरिम और 2.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 212.30 रुपये है।

Jyothy Labs

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस पर 14 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 14 जुलाई को या उसके बाद किया जाएगा। डिविडेंड की घोषणा मई में की गई थी। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 200.60 रुपये है।

SRF पर क्यों आया मोतीलाल ओसवाल का दिल? खरीद की सलाह के साथ 23% तक उछाल की उम्मीद

Raymond Lifestyle

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस पर 14 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। डिविडेंड की घोषणा मई में की गई थी। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 795.95 रुपये है।

Raymond Lifestyle का पुराना नाम रेमंड कंज्यूमर केयर लिमिटेड था। रेमंड लाइफस्टाइल के पोर्टफोलियो में रेमंड, पार्क एवेन्यू, कलरप्लस, पार्क्स, और एथनिक्स बाय रेमंड जैसे ब्रांड शामिल हैं। रेमंड समूह ने लाइफस्टाइल और फैशन कारोबार को अलग करके रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड नामक एक अलग एंटिटी बनाई। यह सितंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई।

SRF पर क्यों आया मोतीलाल ओसवाल का दिल? खरीद की सलाह के साथ 23% तक उछाल की उम्मीद

केमिकल सेक्टर की कंपनी SRF Ltd के शेयरों में आगे लगभग 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को​​ मिल सकता है। ऐसी उम्मीद ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है और टारगेट प्राइस 3350 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 22.6 प्रतिशत ज्यादा है। शेयर बीएसई पर गुरुवार, 25 जून को 2731.90 रुपये पर बंद हुआ। शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार बंद हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि वित्त वर्ष 2026 में ग्लोबल माहौल में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता रही। मिडिल ईस्ट में भूराजनीतिक तनाव के कारण ट्रेड फ्लो और सप्लाई चेन में रुकावटें आईं। इन चुनौतियों का असर SRF के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सप्लाई चेन ऑपरेशंस और मुख्य मार्केट तक पहुंच पर पड़ा। मैक्रो-इकोनॉमिक मुश्किलों के बावजूद, कंपनी ने अनुशासित तरीके से काम करके, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और अपने सभी बिजनेस में लगातार स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट के जरिए इस माहौल का सफलतापूर्वक सामना किया।

मजबूत डिमांड, बेहतर रियलाइजेशन और हाई-कैपेसिटी यूटिलाइजेशन की वजह से फ्लोरोकेमिकल सेगमेंट ने FY26 में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस दी। SRF ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और इंटीग्रेशन को मजबूत करने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन रेफ्रिजरेंट्स, कैपेसिटी बढ़ाने और स्पेशलिटी पॉलिमर्स में निवेश जारी रखा। AC की बढ़ती डिमांड, PTFE के प्रोडक्शन में बढ़ोतरी, ज्यादा HFC कैपेसिटी और स्पेशलिटी पॉलीमर प्लांट के चालू होने से ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-28 के दौरान SRF का रेवेन्यू 14%, EBITDA 20% और एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 22% (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) CAGR से बढ़ेगा। इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर मोतीलाल ओसवाल ने 3,350 रुपये के टारगेट के साथ स्टॉक पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को दोहराई है।

Emcure Pharma: नमिता थापर की कंपनी से 12 साल बाद बेन कैपिटल का एग्जिट, ₹352 करोड़ में बेचा हिस्सा; खरीदार कौन

प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल ने 25 जून को NSE पर एक ब्लॉक डील में एमक्योर फार्मा में 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। खरीदार HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस, एक्सिस म्यूचुअल फंड और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर रहे। बेन कैपिटल ने 12 साल पहले पहली बार एमक्योर फार्मा में निवेश किया था। अब यह इस दवा कंपनी में बची हुई पूरी हिस्सेदारी बेचकर एग्जिट कर गई है।

बेन कैपिटल ने एमक्योर फार्मा के 19.4 लाख शेयर 352 करोड़ रुपये में बेचे। ब्लॉक डील के डेटा के मुताबिक, ये शेयर औसतन 1,817 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर बेचे गए। दूसरी ओर HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस ने 130 करोड़ रुपये में 7.1 लाख शेयर खरीदे। आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने 47.5 करोड़ रुपये में 2.6 लाख शेयर खरीदे।

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने भी 50 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। अन्य इंस्टीट्यूशनल खरीदारों में HSBC म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और BNP पारिबा शामिल थे, जिन्होंने 25-25 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

जुलाई 2024 में लिस्ट हुई थी Emcure Pharma

एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड का नाता शार्क टैंक इंडिया में जज के तौर पर दिख चुकीं नमिता थापर से है। वह इसमें होल टाइम डायरेक्टर हैं। नमिता के पिता सतीश रमनलाल मेहता कंपनी के फाउंडर, CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। एमक्योर फार्मा जुलाई 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,952.03 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी का मार्केट कैप 35600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1881.90 रुपये है।

एमक्योर फार्मा का शेयर एक साल में 40 प्रतिशत और 6 महीनों में 30 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है। 2 सप्ताह में 12 प्रतिशत चढ़ा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 77.87 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Stock Market Holiday: आज 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी, शेयरों में नहीं होगी ट्रेडिंग

कंपनी की वित्तीय सेहत

एमक्योर फार्मा का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,467.70 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 233.70 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,243.19 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 732.96 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Holiday: आज 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी, शेयरों में नहीं होगी ट्रेडिंग

आज शुक्रवार, 26 जून को शेयरों में ट्रेडिंग नहीं हो सकेगी क्योंकि शेयर बाजारों में छुट्टी है। कारण है- मुहर्रम। इस मौके पर BSE और NSE दोनों पर इक्विटी में ट्रेडिंग बंद रहने वाली है। दोनों स्टॉक एक्सचेंजों की हॉलिडे लिस्ट में यह छुट्टी मौजूद है। NSE में शुक्रवार को कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी। वहीं इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी है।

BSE पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 26 जून को BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे है। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहने वाला है।

बता दें कि घरेलू शेयर बाजार में हर शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है लेकिन इसके अलावा सार्वजनिक अवकाशों और कुछ दूसरे खास मौकों पर भी मार्केट बंद रहता है।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार रहेगा बंद

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

Anant Raj Share: नोमुरा ने इस डेटा सेंटर स्टॉक का घटाया टारगेट, अब क्या करें निवेशक?

Anant Raj Share: ब्रोकरेज हाउस Nomura ने रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस को 700 रुपये से घटाकर 650 रुपये कर दिया है। नया टारगेट 25 जून के क्लोजिंग भाव 521.35 के मुकाबले अब भी करीब 25% से संभावित तेजी का संकेत देता है।

आइए जानते हैं कि ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस में कटौती क्यों की है और अब निवेशकों को क्या करना चाहिए।

क्लाउड बिजनेस से कमाई में देरी

Nomura का कहना है कि अनंत राज की नई 1.5 मेगावॉट क्लाउड क्षमता से किराये की कमाई उम्मीद से देर से शुरू होगी। पहले यह आय FY26 के अंत तक आने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसके FY27 की दूसरी तिमाही से शुरू होने का अनुमान है। इसकी वजह यह है कि ग्राहकों की टेस्टिंग और हैंडओवर प्रक्रिया में अपेक्षा से ज्यादा समय लग रहा है।

रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट लॉन्च टले

ब्रोकरेज के मुताबिक, अनंत राज का Luxury Group Housing 2 (GH2) प्रोजेक्ट भी तय समय पर लॉन्च नहीं हो पाएगा। पहले इसे FY26 के अंत तक लॉन्च होने की उम्मीद थी। लेकिन अब इसके FY27 की दूसरी तिमाही में लॉन्च होने की संभावना है। कंपनी को लाइसेंस और अन्य मंजूरियां मिल चुकी हैं। RERA की मंजूरी पहली तिमाही के अंत तक मिलने की उम्मीद है।

क्षमता बढ़ाने का अनुमान घटाया

Nomura ने क्लाउड क्षमता बढ़ाने के अपने अनुमान को भी कम कर दिया है। अब ब्रोकरेज हर साल 3 मेगावॉट क्षमता बढ़ने का अनुमान लगा रहा है, जबकि पहले यह अनुमान 4 मेगावॉट का था।

इसके अलावा डेटा सेंटर कारोबार में क्लाउड से आने वाले रेवेन्यू का अनुमान भी घटाकर 10-11% कर दिया गया है। पहले यह 13-14% रहने का अनुमान था। कंपनी मैनेजमेंट 25% क्लाउड हिस्सेदारी का लक्ष्य बता चुका है। इन कारणों से Nomura ने FY27 और FY28 के लिए अपने EPS अनुमान क्रमशः 8% और 10% घटा दिए हैं।

मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23.6% बढ़कर 146.6 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेवेन्यू 19.6% बढ़कर 646.8 करोड़ रुपये हो गया।

EBITDA 17.6% बढ़कर 167.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 26.3% से घटकर 25.9% पर आ गया। पूरे FY26 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 21.92% बढ़कर 2,511.60 करोड़ रुपये रहा।

अब क्या करें अनंत राज के निवेशक?

निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात कंपनी के कारोबार की रफ्तार पर नजर रखना है। Nomura ने BUY रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन क्लाउड बिजनेस से कमाई में देरी और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लॉन्च टलने की वजह से टारगेट प्राइस घटाया है।

ऐसे में जिन निवेशकों के पास पहले से यह शेयर है, वे कंपनी की आने वाली तिमाहियों में प्रोजेक्ट्स की प्रगति और क्लाउड रेवेन्यू पर नजर रखें। वहीं, नए निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले अपने जोखिम लेने की क्षमता और निवेश के समय का आकलन जरूर कर लेना चाहिए।

Stock Market Holiday: लगातार तीन दिन शेयर बाजारों में नहीं होगा कारोबार, BSE और NSE में रहेगी छुट्टी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Jupiter Wagons Share: रेल कंपनी को मिले ₹264 करोड़ के ऑर्डर, शेयरों पर रहेगी नजर

Jupiter Wagons Share: रेल फ्रेट वैगन बनाने वाली कंपनी Jupiter Wagons Ltd को ₹264.32 करोड़ के दो बड़े ऑर्डर मिले हैं। इनमें एक ऑर्डर JSW (South) Rail Logistics से और दूसरा Central Warehousing Corporation (CWC) से मिला है। इन नए ऑर्डर्स से कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती मिलेगी और आने वाले महीनों में रेवेन्यू की बेहतर विजिबिलिटी रहेगी।

JSW से मिला ₹122.88 करोड़ का ऑर्डर

जुपिटर वैगंस ने बताया कि JSW (South) Rail Logistics के साथ ₹122.88 करोड़ का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) साइन किया गया है। इसके तहत कंपनी पांच BFNSM1 रेक और BVCM वैगन तैयार कर सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर सात महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी JSW को दो BFNV वैगन भी सप्लाई करेगी।

CWC ने दिया ₹141.44 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट

सरकारी कंपनी Central Warehousing Corporation (CWC) ने जुपिटर वैगंस को ₹141.44 करोड़ का ऑर्डर दिया है। इसके तहत कंपनी आठ BLSS रेक तैयार करेगी। इनमें 32 BLSS-A वैगन, 352 BLSS-B वैगन और आठ ब्रेक वैन शामिल होंगे। इस ऑर्डर को एक साल के भीतर पूरा करना है।

रेल लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ रही मांग

BLSS वैगन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंटेनर ट्रांसपोर्ट में होता है। ये बंदरगाहों, वेयरहाउस और औद्योगिक केंद्रों के बीच मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

जुपिटर वैगंस के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक लोहिया ने कहा कि ये ऑर्डर कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और समय पर डिलीवरी पर ग्राहकों के भरोसे को दिखाते हैं। उनका कहना है कि रेल लॉजिस्टिक्स और फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश से आगे भी ऐसे ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना है।

जुपिटर वैगंस के शेयरों का हाल

जुपिटर वैगंस  का शेयर गुरुवार को 1.68% गिरकर ₹263.10 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.20% टूटा है। वहीं, 1 साल में इसने 31% से ज्यादा का नेगेटिव रिटर्न दिया है। हालांकि, बीते 5 साल में इसने 395.95% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.77 हजार करोड़ रुपये है।

Stock Market Holiday: लगातार तीन दिन शेयर बाजारों में नहीं होगा कारोबार, BSE और NSE में रहेगी छुट्टी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Markets Closing: आखिर ऐसा क्या हुआ कि अंतिम 75 मिनट में सेंसेक्स 500 अंक गिर गया?

इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव रहा। ज्यादातर समय बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में शानदार तेजी दिखी। लेकिन, कारोबार के करीब एक-सवा घंटे में सूचकांकों ने अपनी काफी बढ़त गंवा दी। अंतिम कुछ मिनटों में प्रॉफिट बुकिंग ने बाजार पर दबाव बना दिया।

75 मिनट में सेंसेक्स ने गंवाएं 500 अंक

दो दिनों के कारोबार में 1700 अंक चढ़ने वाले सेंसेक्स ने अंतिम कुछ मिनटों में घुटने टेक दिए। 1:50 बजे सेंसेक्स 77,594 अंक पर था। 3:05 में यह गिरकर 77,095 अंक पर आ गया। यह सिर्फ 75 मिनट में 500 अंक की गिरावट है। इस गिरावट ने इनवेस्टर्स को चौंकाया। खासकर लॉन्ग पोजीशन वाले इनवेस्टर्स ज्यादा परेशान दिखे।

26 जून को बीएसई-एनएसई में छुट्टी

इक्विरियस वेल्थ के एमडी और डायरेक्टर अंकुर पुंज ने रायटर्स को बताया, “चूंकि शेयर बाजार 26 जून को बंद रहेंगे, इसलिए इनवेस्टर्स ने कारोबार के अंतिम पलों में अपने पोजीशन काटे।” 26 जून को शेयर बाजारों में मुहर्रम की छुट्टी है। इसलिए बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। 29 जून यानी सोमवार को बीएसई और एनएसई खुलेंगे।

मानसून में कम बारिश बाजार के लिए रिस्क

बजाज फिनसर्व एएमसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “मानसून में सामान्य से कम बारिश शेयर बाजार के लिए शॉर्ट टर्म रिस्क है। लेकिन, केंद्रीय बैंक ने फॉरेन करेंसी डिपॉजिट बढ़ाने के उपाय किए हैं। सरकार ने फॉरेन इनवेस्टर्स को बॉन्ड्स में निवेश पर टैक्स में छूट दी है। इससे मार्केट में इनफ्लो बढ़ना चाहिए।”

एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेजी

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर अंत तक तेजी बनाए रखने में सफल रहा। यह 4.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। क्रूड में नरमी का असर एविएशन कंपनियों के शेयरों पर दिखा। स्पाइसजेट के शेयरों में भी मजबूती दिखी। ऑटो और इससे संबंधित सेक्टर की कंपनियों में भी मजबूत दिखी।

ऑटो शेयरों ने भी दिखाई रफ्तार

Bajaj Auto, Maruti Suzuki, Tata Motors PV और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1-4 फीसदी चढ़कर बंद हुए। TVS Motor, Ashok Leyland और टाटा मोटर्स सीवी के शेयर तो 4-5 फीसदी तक उछल गए। Motherson Sumi Wiring का शेयर तो 9 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

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भारतीय बाजार का बुरा दौर हो रहा खत्म

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा है कि भारतीय बाजार के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। क्रूड में नरमी है। घरेलू डिमांड स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। इससे आगे कॉर्पोरेट अर्निंग्स बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान में लड़ाई खत्म होने से महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है। एआई कंपनियों में निवेश को लेकर उत्साह ठंडा पड़ रहा है। इससे बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना रह सकता है।

Stock Market Holiday: लगातार तीन दिन शेयर बाजारों में नहीं होगा कारोबार, BSE और NSE में रहेगी छुट्टी

Stock Market Holiday: आज इस हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन था। इस हफ्ते पांच की जगह शेयर बाजार में सिर्फ चार दिन ही कारोबार हुए। यह हफ्ता शेयर बाजारों में कारोबार के लिहाज से छोटा है। इसकी वजह यह है कि 26 जून को शेयर बाजारों में कारोबार नहीं होगा। मुहर्रम के उपलक्ष्य में बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। दोबारा बाजार 29 जून यानी सोमवार को खुलेंगे।

BSE-NSE में मुहर्रम की छुट्टी

बीएसई और एनएसई के हॉलिडे कैलेंडर में मुहर्रम की छुट्टी है। हालांकि, जुलाई में शेयर बाजारों में कोई छुट्टी नहीं होगी। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शेयर बाजारों में छुट्टी रहती है। बीएसई, एनएसई और एमसीएक्स बंद रहते हैं। लेकिन, इस बार 15 अगस्त शनिवार को पड़ रहा है। शनिवार को एक्सचेंजों में छुट्टी रहती है।

29 जून को दोबारा खुलेंगे बाजार

हर हफ्ते शेयर और कमोडिटी एक्सचोंजों में पांच दिन ही ट्रेडिंग होती है। शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। इस बार शुक्रवार को अवकाश है। इस वजह से बीएसई और एनएसई लगातार तीन दिनों तक बंद रहेंगे। जो इनवेस्टर्स शेयर खरीदना या बेचना चाहते हैं उन्हें 29 जून यानी सोमवार तक इंतजार करना होगा।

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी को भी रहेगी छुट्टी

मुहर्रम के बाद शेयर बाजार में अगली छुट्टी गणेश चतुर्थी को होगी। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। उस दिन बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। उसके बात महात्मा गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्तूबर को बाजार बंद रहेंगे। फिर 20 अक्तूबर को दशहरा की छुट्टी शेयर बाजारों में होगी।

एमसीएक्स में 26 जून को सुबह के सत्र में नहीं होगा कोराबार

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में भी मुहर्रम की छुट्टी होगी। यह छुट्टी 26 जून को सिर्फ सुबह के सत्र में होगी। इसका मतलब है कि सुबह के सत्र का कारोबार एमसीएक्स में 26 जून को नहीं होगा। लेकिन, 26 जून को शाम के सत्र का कारोबार होगा।

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देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंक और सरकारी ऑफिसेज में भी छुट्टी

देश के ज्यादातर हिस्सों में केंद्र सरकार के ऑफिसेज और बैंक भी 26 जून को बंद रहेंगे। हालांकि, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, इंफाल, ईटानगर, जयपुर, कोहिमा, शिमला, शिलंग और तिरुवंतपुरम में बैंक खुले रहेंगे। 27 जून को भी बैंक बंद रहेंगे। इसकी वजह यह है कि 27 जून को महीने का चौथा शनिवार है। हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी होती है। केंद्र सरकार के ऑफिसेज में भी हर हफ्ते शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है।

क्रूड ऑयल में तेज गिरावट से इन कंपनियों के शेयर बने रॉकेट, जारी रह सकती है तेजी

अमेरिका-ईरान की डील का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ा है। खासकर भारतीय बाजारों पर इसका ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि मध्यपूर्व में लड़ाई से ज्यादा गिरावट भी इंडिया के बाजार में ही आई थी। 25 जून को लगातार दूसरे शेयर बाजार में बड़ी तेजी दिखी। 1:20 बजे निफ्टी 0.70 फीसदी यानी 168 अंक गिरकर 24,189 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.71 फीसदी यानी 520 अंक के उछाल के साथ 77,503 पर चल रहा था। 26 जून को मुहर्रम के उपलक्ष्य में बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे।

जल्द नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं प्रमुख सूचकांक

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय बाजारों का सेंटीमेंट बदला है। अगर कोई बुरी खबर नहीं आती है तो बाजार जल्द नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। सेंटीमेंट में बदलाव की सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल में तेज गिरावट है। 25 जून को क्रूड अमेरिका-ईरान की लड़ाई से अपने पहले के लेवल पर आ गया। यह भारतीय शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव है। इसका असर उन सेक्टर पर दिख रहा है, जिनका संबंध क्रूड ऑयल से है। एविएशन, टायर, पेंट्स कंपनियां क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करती हैं।

क्रूड में तेज गिरावट से एविएशन कंपनियों को बड़ी राहत

एविएशन, पेट्स और टायर कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख रही है। खासकर एविएशन कंपनियों को क्रूड में तेज गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा होगा। इसकी वजह यह है कि एविएशन कंपनियों की कुल ऑपरेशनल कॉस्ट में क्रूड की बड़ी हिस्सेदारी है। मार्च में क्रूड में उछाल से इन कंपनियों को अपनी सेवाएं सीमित करने को मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा उन्होंने टिकट की कीमतें भी बढ़ाई थी। क्रूड में नरमी से इन कंपनियों को राहत मिली है।

बीते एक हफ्ते में 9 फसदी चढ़ा है इंटरग्लोब एविएशन

Interglobe Aviation के शेयरों में 25 जून को जबर्दस्त तेजी दिखी। बाजार खुलते ही शेयरों में अच्छी बिकवाली शुरू हो गई। 1:30 बजे यह शेयर 4.45 फीसदी चढ़कर 5,439 रुपये पर चल रहा था। बीते पांच दिनों में यह शेयर करीब 9 फीसदी उछला है। SpiceJet के शेयरों में भी अच्छी तेजी दिखी। यह 3.34 फीसदी चढ़कर 12.69 रुपये पर चल रहा था। ये दोनों एविएशन कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। एयर इंडिया और दूसरी कंपनियां अभी लिस्टेड नहीं हैं।

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टायर और पेंट कंपनियों के शेयरों में भी तेजी

टायर कंपनियों के शेयरों को भी 25 जून को पंख लग गए। Ceat का शेयर कारोबार शुरू होते ही चढ़ने लगा। हालांकि, दोपहर बाद इसमें मुनाफावसूली दिखी। इससे इसकी तेजी घटकर 1.08 फीसदी रह गई। MRF का शेयर 0.23 फीसदी तेजी के साथ 1,30,425 रुपये पर चल रहा था। Apollo Tyres का शेयर 3.18 फीसदी के उछाल के साथ 435 रुपये पर चल रहा था। बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1.62 फीसदी की तेजी थी। पेंट्स कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दिखी। बर्जर पेंट्स का शेयर 1.22 फीसदी के उछाल के साथ 536 रुपये पर चल रहा था। बीते पांच दिनों में यह शेयर 5 फीसदी से ज्यादा उछला है।