अमेरिका से लेकर ओमान तक इन 4 टीमों ने किया विश्वकप क्वालिफयर के लिए क्वालिफाय

 

संयुक्त राज्य अमेरिका, स्कॉटलैंड नीदरलैंड्स और ओमान ने अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामिबिया में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिए खेले जाने वाले क्वालिफायर के लिए अंतिम 4 में क्वालिफाय कर लिया है। अभी कुल 6 टीमें क्वालिफायर टूर्नामेंट के लिए पक्की हुई है। वेस्टइँडीज और आयरलैंड बेहतर रैंकिंग के कारण क्वालिफायर टूर्नामेंट के लिए पहले से क्वालिफाय हुई हैं।

अगले विश्वकप की मेजबान को ओमान ने बेहतर रन रेट के अंतर से पछाड़ दिया जबिक ओमान ने अपने पिछले 9 मैचों में से सिर्फ 7 में जीत अर्जित की है। हालांकि नामिबिया को एक और मौका मिलेगा जब नेपाल में दिसंबर में क्वालिफायर प्ले ऑफ खेले जाएंगे। नेपाल भी अंतिम 4 में जगह बनाने में नाकाम रही और क्वालिफायर में सीधे प्रवेश पाने से चूक गई। हालांकि उसके पास प्लेऑफ में घरेलू दर्शकों के बीच प्ले ऑफ में बेहतर प्रदर्शन कर क्वालिफायर में क्वालिफाय करने का मौका मिलेगा।

नेपाल और नामिबिया के अलावा प्लेऑफ में कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, जर्सी, कुवैत, इटली और युगांडा भी होगी। इन सभी टीमों में से सिर्फ शीर्ष 4 टीमें ही क्वालिफायर के लिए क्वालिफाय करेंगी।

क्वालिफायर टूर्नामेंट फरवरी और मार्च में  दक्षिण अफ्रीका और नामिबिया में खेला जाएगा। इस ग्रुप का विजेता सीधे विश्वकप के ग्रुप ए में प्रवेश कर जाएगा जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे हैं। वहीं अन्य तीन टीमों को एक त्रिकोणीय सुपर सीरीज खेलनी पड़ेगी और इस त्रिकोणीय सुपर सीरीज के विजेता को ग्रुप बी में प्रवेश मिलेगा।

ग्रुप बी में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, मेजबान दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, बांग्लादेश पहले से ही मौजूद हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि  क्वालिफायर में से सिर्फ 2 टीमें ही विश्वकप में भाग ले पाएंगी।

Mahadev Betting App Case : सौरभ चंद्राकर के बाद दुबई में रवि उप्पल गिरफ्तार, ED ने भारत लाने की शुरू की कोशिश

महादेव बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिलने की खबर है। ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह घटनाक्रम सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ दिन बाद हुआ है। रवि उप्पल की गिरफ्तारी से कथित अवैध सट्टेबाजी के कारोबार और उससे जुड़े हजारों करोड़ रुपये के मनी ट्रेल की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई के अधिकारियों ने भारतीय जांच एजेंसियों को वांछित रवि उप्पल को गिरफ्तार किया है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों की ओर से अभी तक भारत को इस संबंध में आधिकारिक सूचना नहीं दिए जाने की बात कही गई है। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) रवि उप्पल को भारत लाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

गौरतलब है कि सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ ही दिन बाद रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। जांच एजेंसियां दोनों को महादेव बेटिंग ऐप के कथित सट्टेबाजी नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों के रूप में देख रही हैं। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया।

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कौन है रवि उप्पल, दुबई में क्यों हुई गिरफ्तारी?

 

रवि उप्पल महादेव बेटिंग ऐप के सह-संस्थापकों में से एक है। वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने कथित सट्टेबाजी कारोबार के संचालन में अहम भूमिका निभाई थी।

 

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रवि उप्पल पर करोड़ों रुपये के हवाला नेटवर्क का संचालन करने का आरोप लगाया है। एजेंसी का यह भी दावा है कि उसके छत्तीसगढ़ के नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ संपर्क थे।

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हवाला के जरिए भारत में पैसा भेजने का आरोप

 

जांच एजेंसियां रवि उप्पल से पूछताछ करना चाहती हैं। आरोप है कि उसने अवैध हवाला चैनलों के जरिए बड़ी मात्रा में रकम भारत पहुंचाने में मदद की थी। एजेंसियां इस कथित नेटवर्क के आर्थिक लेनदेन, हवाला कनेक्शन और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। रवि उप्पल को भारत लाने के लिए ED और CBI की कोशिशें अब इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं।

होर्मुज से भारतीय जहाजों को गुजरने देगा ईरान:8 महीने से बंद था रास्ता, इसी रूट से 40% कच्चा तेल मंगाता है भारत

ईरान ने भारत समेत चार देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दे दी है। अब भारत, चीन, इराक और कतर के जहाज इस समुद्री रास्ते से बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकेंगे। ईरानी की न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। करीब 8 महीने से इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित थी। भारत के लिए यह फैसला काफी अहम है, क्योंकि उसके कुल कच्चे तेल आयात का करीब 40% हिस्सा इसी रास्ते से आता है। भारत को दवाओं की सप्लाई के लिए मिली छूट रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को यह छूट इसलिए दी गई है ताकि ईरान में दवाओं की सप्लाई जारी रह सके। वहीं, चीन को छूट देने के पीछे ईरान की उम्मीद है कि मुश्किल वक्त में बीजिंग उसका साथ देगा। हालांकि, भारतीय और चीनी जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए पैसे देने होंगे। वहीं, कतर के जहाज बिना कोई शुल्क दिए इस रास्ते से गुजर सकेंगे। इराक को किस वजह से छूट दी गई है, यह साफ नहीं किया गया है। भारत के लिए क्यों अहम होर्मुज स्ट्रेट होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। इसके एक तरफ ईरान और दूसरी तरफ ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है। अनुमान के मुताबिक, भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 40% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता है। इस रास्ते से सऊदी अरब, इराक, कुवैत और UAE जैसे देशों से तेल की सप्लाई होती है। अगर इस रास्ते पर आवाजाही रुकती है तो भारत के लिए तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और भारत के आयात खर्च पर दबाव पड़ने का खतरा रहता है। ईरान का दावा- बारूदी सुरंगों से 4 तेल टैंकर तबाह ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में प्रतिबंधित रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे चार तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराकर तबाह हो गए। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के बयान के मुताबिक, चारों टैंकरों में आग लगी हुई थी। इसके अलावा दो अन्य जहाजों को भी कब्जे में लेने का दावा किया गया है। ईरान ने अमेरिका दोबारा जंग की चेतावनी दी ईरान ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि अगर युद्ध दोबारा शुरू हुआ तो वह मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि उनका देश ‘ट्रिगर पर उंगली रखकर युद्ध के लिए तैयार है। ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को उसकी पुरानी मांगें माननी होंगी। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि उनकी सरकार बातचीत के जरिए संकट का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘अगर दोबारा युद्ध शुरू होता है तो इससे किसी को फायदा नहीं होगा।’ ———————– ये खबर भी पढ़ें… होर्मुज में भारतीय जहाज पर हमला, एक की मौत:14 भारतीय सवार थे, 13 को बचाया गया; पिछले महीने 30 जहाजों पर हमले हुए होर्मुज स्ट्रेट में 2 नवंबर को एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ। इसमें गुजरात के एक नाविक की मौत हो गई। जहाज पर सवार बाकी 13 भारतीयों को ओमान के कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। मृतक की पहचान गांधार नाहीम अजीज के रूप में हुई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

कुल्लू के सिंदूरी अनार और अरुणाचल की कीवी का दुबई में जलवा! भारत ने भेजी 2.8 मीट्रिक टन फलों की खेप

भारत के पहाड़ी इलाकों में उगने वाले फलों की विदेशों में मांग बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार और अरुणाचल प्रदेश के जीरो से 1.5 मीट्रिक टन कीवी दुबई भेजी गई है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इन फलों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाजार तक पहुंचाया गया है। इस पहल के जरिए हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिश की गई है।

कुल्लू के अनार की खेप दुबई भेजने से वहां के किसानों को विदेशी बाजार में अपनी उपज बेचने का मौका मिला है। वहीं अरुणाचल प्रदेश की कीवी को दुबई के एक बड़े रिटेल स्टोर में रखी गई है। यहां कस्टमर इसे देख और चखकर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। दोनों निर्यात पहलों को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने फेसिलेट किया है। आपको बता दें कि APEDA वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करता है।

कुल्लू से दुबई भेजे गए 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी किस्म के अनार दुबई भेजे गए हैं। इस खेप में 2-2 किलोग्राम के कुल 650 बॉक्स शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की कंपनी अमामा एक्सपोर्ट्स ने इन अनारों का निर्यात किया है। इस खेप के लिए अनार सीधे स्थानीय किसानों और भुंतर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) से खरीदे गए। इस FPO से करीब 600 किसान जुड़े हुए हैं। कुल्लू जिला बागवानी प्रशासन ने अनार की खरीद और इससे जुड़ी व्यवस्था में सहयोग किया।

इस खेप को APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने औपचारिक रूप से रवाना किया। इस मौके पर APEDA के अधिकारी, बागवानी विभाग के प्रतिनिधि, निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन और किसान मौजूद थे।

किसानों को घरेलू बाजार के मुकाबले 50% ज्यादा कीमत मिली

इस निर्यात पहल का एक अहम पहलू किसानों को मिलने वाली कीमत है। PIB के मुताबिक इस खेप में शामिल किसानों को आमतौर पर घरेलू बाजार में मिलने वाली कीमत के मुकाबले करीब 50 फीसदी ज्यादा मूल्य मिला है। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार और कीमत मिलने की संभावना सामने आई है। इस पहल में स्थानीय किसानों, FPO और निर्यातक को एक साथ जोड़कर सीधे खरीद की व्यवस्था की गई। इससे किसानों को अपनी उपज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिला।

APEDA के मुताबिक FPO के जरिए किसानों की सामूहिक भागीदारी और सीधे खरीद से बाजार तक पहुंच मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इससे किसानों को निर्यात से जुड़े बाजारों में नए अवसर मिल सकते हैं और वे गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।

सिंदूरी अनार की क्या है खासियत?

हिमाचल प्रदेश में सिंदूरी के अलावा भागवा और कंधारी किस्म के अनार भी उगाए जाते हैं। सिंदूरी अनार की पहचान इसके आकर्षक लाल छिलके, रसदार दानों और मीठे-खट्टे स्वाद से होती है। इस किस्म का इस्तेमाल ताजे फल के रूप में खाने के लिए किया जाता है। इसके गुणों को देखते हुए इसे निर्यात बाजार के लिए भी उपयुक्त माना जा रहा है।

कुल्लू से दुबई भेजी गई यह खेप हिमाचल प्रदेश के कृषि निर्यात को सेब से आगे बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है। राज्य में सेब का कारोबार पहले से स्थापित है लेकिन अब अनार, पर्सिमन, गुठली वाले फल, जूस और खाने के लिए तैयार उत्पादों को भी विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।

अरुणाचल प्रदेश से दुबई पहुंची 1.5 मिट्रिक टन कीवी

दूसरी खेप अरुणाचल प्रदेश के जीरो से दुबई भेजी गई है। इसमें 1.5 मीट्रिक टन कीवी शामिल है। यह एक ट्रायल एक्सपोर्ट यानी परीक्षण के तौर पर किया गया निर्यात है। यह खेप दुबई पहुंच चुकी है और वहां के लुलु हाइपरमार्केट, अल कुसैस में इसे डिस्प्ले किया गया है। इस पहल का उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश की कीवी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में संभावनाएं तलाशना और ग्राहकों की प्रतिक्रिया जानना है।

इस पहल को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) के तहत चलाया जा रहा है। इसके जरिए अरुणाचल प्रदेश की कीवी को Kiwi: USP of Arunachal Pradesh ब्रांडिंग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है। इस कार्यक्रम को अरुणाचल प्रदेश सरकार के व्यापार एवं वाणिज्य विभाग और बागवानी विभाग के सहयोग से लागू किया गया है।

अरुणाचल की कीवी की खासियत और प्रमुख किस्में

अरुणाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों की जलवायु और प्राकृतिक परिस्थितियां कीवी की खेती के लिए अनुकूल हैं। यहां उगने वाली कीवी की गुणवत्ता और स्वाद को इसकी खास पहचान माना जाता है। राज्य में कीवी की प्रमुख किस्मों में हयवर्ड, मोंटी, एलिसन और ब्रूनो शामिल हैं। इनमें हयवर्ड किस्म की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग बताई गई है।

दुबई के ग्राहक चखेंगे कीवी, फिर तय होगी आगे की रणनीति

अरुणाचल प्रदेश की कीवी को दुबई के रिटेल स्टोर तक पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे यह पहल सिर्फ खेप रवाना करने तक सीमित नहीं रही बल्कि अब विदेशी बाजार में ग्राहकों की प्रतिक्रिया जानने का चरण शुरू हो गया है। लुलु हाइपरमार्केट में ग्राहकों को कीवी चखने का मौका दिया जाएगा। उनके फीडबैक के आधार पर यह समझने की कोशिश होगी कि दुबई के उपभोक्ताओं को इस फल का स्वाद और गुणवत्ता कैसी लगती है और वहां इसकी कितनी मांग हो सकती है।

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