अग्निपथ योजना वापस नहीं हुई, खुला अग्निवीरों की स्थायी भर्ती का रास्ता! जानिए 4+2 साल का नया फॉर्मूला और शर्तें

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए नियमित सैनिक बनने का रास्ता खुल गया है। केंद्र सरकार ने चार साल की शुरुआती सेवा के बाद अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने और इसके बाद उन्हें नियमित कैडर में शामिल करने का फैसला किया है। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक अब सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। अग्निवीर की नियमित सेवा में शामिल होने की इच्छा होनी चाहिए, वह शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए और उसका अनुशासन भी संतोषजनक होना जरूरी है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा अधिकारियों ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सरकार ने अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया है। योजना में सिर्फ दो साल का एक अतिरिक्त सेवा-काल जोड़ा गया है। इसके तहत पहले चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से 25 फीसदी को पहले की तरह नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा जबकि बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को अगले दो साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक दूसरे सेवा-काल के बाद बाकी अग्निवीरों को शामिल करने के लिए कोई तय संख्या सीमा नहीं होगी।

क्या है अग्निवीरों के लिए 4+2 साल का नया फॉर्मूला?

अग्निपथ योजना के तहत अब तक युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता था। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद कुल अग्निवीरों में से सिर्फ 25 फीसदी को ही नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था। बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को चार साल बाद सेना से बाहर होना पड़ता था। अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए दो साल का अतिरिक्त सेवा-काल जोड़ दिया है। इसका मतलब है कि अग्निवीरों को पहले चार साल की सेवा के बाद अगले दो साल तक सेना में सेवा जारी रखने का अवसर मिलेगा। इस तरह सेवा की अवधि का नया फॉर्मूला 4+2 साल का हो गया है।

रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, पहले चार साल पूरे होने पर 25 फीसदी अग्निवीर नियमित कैडर में शामिल होंगे। इसके बाद बाकी 75 फीसदी अग्निवीर दो साल का अतिरिक्त सेवा-काल पूरा करेंगे। दूसरे सेवा-काल के बाद उन्हें भी नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस दूसरे चरण में नियमित कैडर में शामिल किए जाने वाले अग्निवीरों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी।

किन शर्तों पर मिलेगी अग्निवीरों को स्थायी भर्ती?

रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छह साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर सभी अग्निवीरों के लिए होगा लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं। पहली शर्त यह है कि अग्निवीर नियमित सेवा में बने रहने के इच्छुक हों। दूसरी शर्त के मुताबिक उन्हें शारीरिक रूप से फिट होना होगा। इसके अलावा उनका अनुशासित होना भी जरूरी होगा। यानी सिर्फ छह साल की सेवा पूरी कर लेना ही नियमित कैडर में शामिल होने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। अधिकारियों के मुताबिक, इच्छा, शारीरिक फिटनेस और अनुशासन इसके प्रमुख आधार होंगे।

अग्निवीरों की वरिष्ठता पर क्या होगा असर?

सरकार के इस फैसले में अग्निवीरों की वरिष्ठता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। रक्षा अधिकारियों ने कहा है कि नियमित सैनिक बनने पर अग्निवीरों की वरिष्ठता सुरक्षित रखी जाएगी। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी के मुताबिक जो अग्निवीर दूसरे सेवा-काल के बाद नियमित सैनिक बनेंगे, उन्हें अपने ही बैच के उन साथियों के तुरंत बाद रखा जाएगा जो चार साल की शुरुआती सेवा के बाद नियमित कैडर में शामिल हो गए थे। इसका मतलब है कि दूसरे सेवा-काल के बाद नियमित सैनिक बनने वाले अग्निवीरों को बाद में भर्ती हुए किसी बैच के सैनिकों से कनिष्ठ नहीं माना जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस व्यवस्था के जरिए उनकी वरिष्ठता का संरक्षण किया जाएगा।

18300 अग्निवीरों के सेना से बाहर होने से पहले हुआ फैसला

सरकार ने अग्निपथ योजना में बदलाव का ऐलान ऐसे समय किया है जब करीब 18300 अग्निवीरों का चार साल का सेवा-काल पूरा होने वाला था। ये अग्निवीर तीनों सेनाओं से अपना शुरुआती चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद बाहर होने वाले थे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को योजना में किए गए बदलावों की घोषणा की थी। यह घोषणा उन अग्निवीरों के सेवा-काल की समाप्ति से तीन सप्ताह से कुछ अधिक समय पहले हुई, जो अब तक की व्यवस्था के तहत चार साल पूरे करने के बाद सेना से बाहर होने वाले थे। इस बदलाव का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

CDS ने बताया अग्निवीरों के लिए नया रास्ता

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को सरकार के फैसले को सभी अग्निवीरों के लिए एक रास्ता खोलने वाला कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि इससे लगभग सभी अग्निवीरों के रक्षा बलों में शामिल होने का रास्ता सुनिश्चित होगा। उन्होंने इसे भारतीय रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया था। रक्षा अधिकारियों ने भी गुरुवार को स्पष्ट किया कि योजना में बदलाव का उद्देश्य अग्निवीरों को शुरुआती चार साल के बाद दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर देना है जिसके बाद नियमित कैडर में शामिल होने का रास्ता उपलब्ध होगा।

जून 2022 में शुरू हुई थी अग्निपथ योजना

केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ भर्ती योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य तीनों सेनाओं की औसत आयु प्रोफाइल को कम करना था। इस योजना के तहत साढ़े 17 साल से 21 साल की उम्र के युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती करने का प्रावधान किया गया था। शुरुआती व्यवस्था के मुताबिक चार साल की सेवा पूरी होने के बाद कुल अग्निवीरों में से अधिकतम 25 फीसदी को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था। इन चयनित अग्निवीरों को 15 साल तक नियमित सेवा में रहने का अवसर मिलना था जबकि बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को चार साल बाद सेवा से बाहर होना था। इसी प्रावधान को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने पूछा था कि चार साल की सेवा पूरी होने के बाद उन 75 फीसदी अग्निवीरों का क्या होगा जिन्हें नियमित सेना में जगह नहीं मिलेगी।

युवाओं के विरोध और चुनावों के बीच बदला गया नियम

अग्निपथ योजना में बदलाव का ऐलान ऐसे समय हुआ है जब इस योजना को लेकर युवाओं के विरोध और बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से सरकार पर हमले होते रहे हैं। इसके साथ ही पंजाब और उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव भी होने हैं। फिलहाल अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए तीन लाख से अधिक सैनिक सेना में सेवा दे रहे हैं। नए बदलाव के बाद इन अग्निवीरों के लिए भी नियमित सैनिक बनने का अवसर उपलब्ध होगा, बशर्ते वे निर्धारित शर्तों को पूरा करें।

अग्निवीर की नौकरी अब छह साल की होगी

नई दिल्ली। अग्निवीर सैनिकों के पहले बैच के रिटायर होने से ठीक पहले उनकी नौकरी दो साल बढ़ाने का फैसला किया गया है। अब अग्निवीर चार की बजाय छह साल तक सेना में नौकरी कर सकेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अग्निवीर सैनिकों को दो साल का सेवा विस्तार दिया जा रहा है।

इस सेवा विस्तार का फायदा उन 75 फीसदी अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्हें चार साल बाद सेवा छोड़नी पड़ती थी। अभी हर बैच के 25 फीसदी अग्निवीरों को चार साल बाद मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाता है। बाकी 75 फीसदी को सेवा से बाहर होना पड़ता है। नए नियम में 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित करने का पुराना नियम जारी रहेगा। बाकी 75 फीसदी को उनकी सहमति से दो साल और नौकरी करने का मौका मिलेगा। इस दौरान उन्हें बढ़ी हुई सैलरी और भत्ते भी मिलेंगे। छह साल बाद भी सेना में नौकरी करने के इच्छुक अग्निवीरों को चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

फिलहाल तीनों सेनाओं में करीब 3.18 लाख अग्निवीर सेवा दे रहे हैं। इस साल 31 दिसंबर तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। पहले बैच में 24,400 अग्निवीरों की भर्ती हुई थी। उनमें से 75 फीसदी 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले थे। नई व्यवस्था के तहत अब इन्हें दो साल का अतिरिक्त समय मिलेगा। यह सेवा विस्तार अग्निवीरों की सहमति से होगा। पिछले महीने एयरफोर्स ने अपने पहले अग्निवीर बैच के 2,850 में से 712 को नियमित सेवा में बनाए रखने का फैसला किया था।

Top News 5 November: ईरान युद्ध की वजह से हारे ट्रंप, अग्निपथ योजना में बदलाव और मेटा पर FIR

Top News 5 November: ईरान युद्ध की वजह से हारे ट्रंप, अग्निपथ योजना में बदलाव और मेटा पर FIR

top news 5 november

Top News 5 November : ट्रंप ने माना, ईरान युद्ध की वजह से हारे चुनाव। मोदी सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव किया। दिल्ली पुलिस ने मेटा के खिलाफ FIR दर्ज की। अयोध्या में 5 दिवसीय दीपोत्सव आज से। महादेव बेटिंग ऐप मामले में रवि उप्पल की गिरफ्‍तारी। 5 नवंबर की बड़ी खबरें :

 

ईरान युद्ध की वजह से हारे चुनाव: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को मध्यावधि चुनाव में मिली हार की वजह बताई है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी संकेत दिया है कि तेहरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई जारी रहेगी। ALSO READ: क्या लेमडक बने डोनाल्ड ट्रंप? ईरान युद्ध और वैश्विक नीतियों पर पड़ेगा यह बड़ा असर, आ सकता है महाभियोग

 

अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी दी है। इसके तहत अब चार साल की सेवा पूरी करने वाले उन 75 फीसदी अग्निवीरों को भी दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। अग्निपथ योजना के तहत पहले से निर्धारित 25 फीसदी अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। ALSO READ: Agniveer : अग्निवीरों के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 75% को मिलेगी 2 साल की अतिरिक्त सेवा, फिर सेना में स्थायी भर्ती का मौका

 

मेटा के खिलाफ एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने मेटा इंडिया के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री मिलने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की है। एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने एक्स पर अपनी पोस्ट में यह जानकारी दी।

 

अयोध्या में दीपोत्सव आज से

अयोध्या में आज से 5 दिवसीय दीपोत्सव का आगाज होगा। अयोध्या नगरी दीपों के साथ रामकथा, लोक संस्कृति, संगीत, नृत्य और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम की साक्षी बनेगी।  पांच देशों की रामलीला मंडलियां प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन करेंगी।

 

सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल भी गिरफ्तार

महादेव बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया। रवि उप्पल की गिरफ्तारी से अवैध सट्टेबाजी के कारोबार और उससे जुड़े हजारों करोड़ रुपये के मनी ट्रेल की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। ALSO READ: Mahadev Betting App Case : सौरभ चंद्राकर के बाद दुबई में रवि उप्पल गिरफ्तार, ED ने भारत लाने की शुरू की कोशिश

Mahadev Betting App Case : सौरभ चंद्राकर के बाद दुबई में रवि उप्पल गिरफ्तार, ED ने भारत लाने की शुरू की कोशिश

महादेव बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिलने की खबर है। ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह घटनाक्रम सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ दिन बाद हुआ है। रवि उप्पल की गिरफ्तारी से कथित अवैध सट्टेबाजी के कारोबार और उससे जुड़े हजारों करोड़ रुपये के मनी ट्रेल की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ALSO READ: देश के नंबर-1 CM बने योगी आदित्यनाथ, 897 अंकों के साथ ‘बेस्ट सीएम सर्वे 2026’ में किया टॉप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई के अधिकारियों ने भारतीय जांच एजेंसियों को वांछित रवि उप्पल को गिरफ्तार किया है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों की ओर से अभी तक भारत को इस संबंध में आधिकारिक सूचना नहीं दिए जाने की बात कही गई है। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) रवि उप्पल को भारत लाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

गौरतलब है कि सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ ही दिन बाद रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। जांच एजेंसियां दोनों को महादेव बेटिंग ऐप के कथित सट्टेबाजी नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों के रूप में देख रही हैं। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया।

ALSO READ: Agniveer : अग्निवीरों के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 75% को मिलेगी 2 साल की अतिरिक्त सेवा, फिर सेना में स्थायी भर्ती का मौका

कौन है रवि उप्पल, दुबई में क्यों हुई गिरफ्तारी?

 

रवि उप्पल महादेव बेटिंग ऐप के सह-संस्थापकों में से एक है। वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने कथित सट्टेबाजी कारोबार के संचालन में अहम भूमिका निभाई थी।

 

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रवि उप्पल पर करोड़ों रुपये के हवाला नेटवर्क का संचालन करने का आरोप लगाया है। एजेंसी का यह भी दावा है कि उसके छत्तीसगढ़ के नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ संपर्क थे।

ALSO READ: बाबा बागेश्वर का बतंगड़: क्या यूपी में बिगड़ेगा भाजपा का सोशल इंजीनियरिंग समीकरण?

हवाला के जरिए भारत में पैसा भेजने का आरोप

 

जांच एजेंसियां रवि उप्पल से पूछताछ करना चाहती हैं। आरोप है कि उसने अवैध हवाला चैनलों के जरिए बड़ी मात्रा में रकम भारत पहुंचाने में मदद की थी। एजेंसियां इस कथित नेटवर्क के आर्थिक लेनदेन, हवाला कनेक्शन और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। रवि उप्पल को भारत लाने के लिए ED और CBI की कोशिशें अब इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं।

सरकार ने अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार देने की घोषणा की

सरकार ने बुधवार को ‘अग्निवीरों’ को दो साल का सेवा विस्तार देने की घोषणा की। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब करीब 18,000 अग्निवीरों को कुछ सप्ताह बाद सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होना था। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने कहा कि सभी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपनी सेवा जारी रखने का अवसर दिया जाएगा।

Also Read : उपग्रहों का शोर दूरबीनों और जीपीएस के कामकाज को कर रहा बाधित

सीडीएस ने कहा कि यह अवसर उनके प्रदर्शन और उसके आकलन पर निर्भर करेगा। ‘अग्निपथ’ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती चार साल के कार्यकाल के लिए की गई थी। इसमें प्रावधान था कि इनमें से केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित सेवा में बरकरार रखा जाएगा।

Pic Credit : UNI

अग्निवीरों को सरकार ने दी बहुत बड़ी गुड न्यूज! 4 साल बाद नहीं होंगे बाहर, 2 साल का एक्सटेंशन और परमानेंट होने का मौका

Agnipath Scheme Big Update: अग्निपथ योजना को लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एस राजा सुब्रमणि ने एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक ऐलान किया है। भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीरों के समायोजन और सेवा अवधि को लेकर एक नया और बेहतर रास्ता तैयार किया गया है।

सीडीएस सुब्रमणि के अनुसार, अब अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के बाद 2 साल का अतिरिक्त सेवा काल मिलेगा, जिसके बाद सभी योग्य और इच्छुक अग्निवीरों को भारतीय सेना में स्थायी रूप से शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।

अग्निवीरों के लिए नया री-एंगेजमेंट मॉडल: क्या हैं बड़े बदलाव?

सीडीएस जनरल एस राजा सुब्रमणि ने नए मॉडल की मुख्य बातों का ब्योरा साझा किया:

25% स्थायी समायोजन का मूल नियम: शुरुआती नियम के मुताबिक, 4 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों में से 25% को मेरिट के आधार पर सीधे सेना में रेगुलर कैडर में शामिल किया जाएगा।

75% अग्निवीरों को 2 साल का एक्सटेंशन: बाकी बचे 75% अग्निवीरों को बाहर होने के बजाय 2 साल का दूसरा एंगेजमेंट पीरियड दिया जाएगा।

6 साल बाद सभी को मौका: 4 साल (पहला कार्यकाल) + 2 साल (दूसरा कार्यकाल) यानी कुल 6 साल की सेवा पूरी होने के बाद, चयन मापदंडों और व्यक्तिगत इच्छा के आधार पर सभी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में स्थायी रूप से समाहित होने का अवसर मिलेगा।

बढ़ा हुआ वेतन और भत्ते: दूसरे एंगेजमेंट पीरियड (5वें और 6ठे साल) के दौरान अग्निवीरों को पहले से अधिक सैलरी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

महिलाओं के लिए खुले रक्षा सेनाओं के कई नए रास्ते

सीडीएस सुब्रमणि ने यह भी स्पष्ट किया कि रक्षा बलों की कई नई शाखाओं को महिलाओं के लिए खोल दिया गया है। अग्निवीर योजना के तहत महिला अग्निवीरों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और उन्हें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के विभिन्न कोर में अपनी सेवाएं देने के समान अवसर मिल रहे हैं।

क्यों अहम है यह नया फैसला?

अग्निपथ योजना को लेकर शुरुआती दौर में 4 साल के कार्यकाल और उसके बाद 75% युवाओं के बाहर होने को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं। सेना के इस नए फैसले से:

  • अग्निवीरों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा।
  • युवाओं को सेना में 6 साल का लंबा अनुभव मिलेगा, साथ ही ज्यादा सैलरी और भत्ते भी मिलेंगे।
  • सेना को 6 साल के कड़े प्रशिक्षण और अनुभव से गुजरे हुए परिपक्व और शारीरिक रूप से फिट जवान मिलेंगे।

अग्निवीरों के लिए बड़ी गुड न्यूज जल्द! 2 साल और बढ़ सकती है सर्विस, सरकार जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

Agnipath Scheme Tenure Extension: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए एक गुड न्यूज सामने आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार अग्निवीरों के सेवा काल को 2 साल और बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस प्रस्तावित बदलाव पर अंतिम फैसला 21 नवंबर तक लिया जा सकता है।

यह प्रस्ताव 2022 में भर्ती हुए अग्निवीरों के पहले बैच के 4 साल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले आया है। भारतीय नौसेना में अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर को अपना कार्यकाल पूरा कर रहा है, जिसके बाद भारतीय वायुसेना 21 दिसंबर और थल सेना 31 दिसंबर को अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा करेगी।

4 से बढ़कर हो सकता है 6 साल हो सकती है सर्विस

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना से जुड़ी ये प्रमुख जानकारियां सामने आई हैं:

4 के बजाय 6 साल का कार्यकाल: सरकार अग्निवीरों की सेवा अवधि को 4 साल से बढ़ाकर 6 साल करने की तैयारी में है। वैसे तीनों सेनाओं में से कितने अग्निवीरों को यह एक्सटेंशन मिलेगा, इसका अंतिम आंकड़ा जल्द तय होगा।

स्वैच्छिक विकल्प: 25% स्थायी कैडर में चुने जाने के अलावा, जो एक्स्ट्रा एक्सटेंशन का ऑफर दिया जाएगा, वह पूरी तरह अग्निवीर की इच्छा पर निर्भर करेगा। अगर वे चाहें तो सेवा जारी रख सकते हैं या 4 साल बाद ₹11.71 लाख के कर-मुक्त ‘सेवा निधि’ पैकेज के साथ सेवा से मुक्त हो सकते हैं।

सशस्त्र बलों में बन सकती हैं 3 श्रेणियां: अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो सेना में तीन तरह के सैनिक होंगे- पहला शुरुआती 4 साल वाले अग्निवीर, दूसरा एक्सटेंशन पाने वाले अग्निवीर, और तीसरा रेगुलर कैडर में शामिल होने वाले स्थायी सैनिक।

दिवाली के आसपास हो सकता है ऐलान: सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका आधिकारिक ऐलान दिवाली के आसपास ‘बड़ी खुशखबरी’ के रूप में किया जा सकता है।

15 साल की एक्स्ट्रा सर्विस का मौका: जो 25% अग्निवीर स्थायी कैडर में चुने जाएंगे, उन्हें न्यूनतम 15 साल की अतिरिक्त पेंशन योग्य सेवा का अवसर मिलेगा।

अग्निवीरों के लिए अब तक क्या-क्या प्रावधान हैं?

2022 में पहले बैच के तहत लगभग 24,000 अग्निवीर शामिल हुए थे, जिसमें अकेले थल सेना में 19,000 अग्निवीर शामिल थे। 4 साल की सेवा के दौरान अग्निवीर के वेतन से कटी राशि और सरकार द्वारा दिए गए बराबर योगदान (कुल ₹5.02 लाख प्रत्येक) पर ब्याज मिलाकर कुल ₹11.71 लाख की सेवा निधि मिलती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले CAPF और असम राइफल्स में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण की घोषणा की थी, जिसे जुलाई 2026 में बढ़ाकर 50% रिक्तियों तक कर दिया गया है।