भारत के पहाड़ी इलाकों में उगने वाले फलों की विदेशों में मांग बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार और अरुणाचल प्रदेश के जीरो से 1.5 मीट्रिक टन कीवी दुबई भेजी गई है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इन फलों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाजार तक पहुंचाया गया है। इस पहल के जरिए हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिश की गई है।
कुल्लू के अनार की खेप दुबई भेजने से वहां के किसानों को विदेशी बाजार में अपनी उपज बेचने का मौका मिला है। वहीं अरुणाचल प्रदेश की कीवी को दुबई के एक बड़े रिटेल स्टोर में रखी गई है। यहां कस्टमर इसे देख और चखकर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। दोनों निर्यात पहलों को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने फेसिलेट किया है। आपको बता दें कि APEDA वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करता है।
कुल्लू से दुबई भेजे गए 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी किस्म के अनार दुबई भेजे गए हैं। इस खेप में 2-2 किलोग्राम के कुल 650 बॉक्स शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की कंपनी अमामा एक्सपोर्ट्स ने इन अनारों का निर्यात किया है। इस खेप के लिए अनार सीधे स्थानीय किसानों और भुंतर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) से खरीदे गए। इस FPO से करीब 600 किसान जुड़े हुए हैं। कुल्लू जिला बागवानी प्रशासन ने अनार की खरीद और इससे जुड़ी व्यवस्था में सहयोग किया।
इस खेप को APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने औपचारिक रूप से रवाना किया। इस मौके पर APEDA के अधिकारी, बागवानी विभाग के प्रतिनिधि, निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन और किसान मौजूद थे।
किसानों को घरेलू बाजार के मुकाबले 50% ज्यादा कीमत मिली
इस निर्यात पहल का एक अहम पहलू किसानों को मिलने वाली कीमत है। PIB के मुताबिक इस खेप में शामिल किसानों को आमतौर पर घरेलू बाजार में मिलने वाली कीमत के मुकाबले करीब 50 फीसदी ज्यादा मूल्य मिला है। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार और कीमत मिलने की संभावना सामने आई है। इस पहल में स्थानीय किसानों, FPO और निर्यातक को एक साथ जोड़कर सीधे खरीद की व्यवस्था की गई। इससे किसानों को अपनी उपज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिला।
APEDA के मुताबिक FPO के जरिए किसानों की सामूहिक भागीदारी और सीधे खरीद से बाजार तक पहुंच मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इससे किसानों को निर्यात से जुड़े बाजारों में नए अवसर मिल सकते हैं और वे गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।
सिंदूरी अनार की क्या है खासियत?
हिमाचल प्रदेश में सिंदूरी के अलावा भागवा और कंधारी किस्म के अनार भी उगाए जाते हैं। सिंदूरी अनार की पहचान इसके आकर्षक लाल छिलके, रसदार दानों और मीठे-खट्टे स्वाद से होती है। इस किस्म का इस्तेमाल ताजे फल के रूप में खाने के लिए किया जाता है। इसके गुणों को देखते हुए इसे निर्यात बाजार के लिए भी उपयुक्त माना जा रहा है।
कुल्लू से दुबई भेजी गई यह खेप हिमाचल प्रदेश के कृषि निर्यात को सेब से आगे बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है। राज्य में सेब का कारोबार पहले से स्थापित है लेकिन अब अनार, पर्सिमन, गुठली वाले फल, जूस और खाने के लिए तैयार उत्पादों को भी विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
अरुणाचल प्रदेश से दुबई पहुंची 1.5 मिट्रिक टन कीवी
दूसरी खेप अरुणाचल प्रदेश के जीरो से दुबई भेजी गई है। इसमें 1.5 मीट्रिक टन कीवी शामिल है। यह एक ट्रायल एक्सपोर्ट यानी परीक्षण के तौर पर किया गया निर्यात है। यह खेप दुबई पहुंच चुकी है और वहां के लुलु हाइपरमार्केट, अल कुसैस में इसे डिस्प्ले किया गया है। इस पहल का उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश की कीवी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में संभावनाएं तलाशना और ग्राहकों की प्रतिक्रिया जानना है।
इस पहल को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) के तहत चलाया जा रहा है। इसके जरिए अरुणाचल प्रदेश की कीवी को Kiwi: USP of Arunachal Pradesh ब्रांडिंग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है। इस कार्यक्रम को अरुणाचल प्रदेश सरकार के व्यापार एवं वाणिज्य विभाग और बागवानी विभाग के सहयोग से लागू किया गया है।
अरुणाचल की कीवी की खासियत और प्रमुख किस्में
अरुणाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों की जलवायु और प्राकृतिक परिस्थितियां कीवी की खेती के लिए अनुकूल हैं। यहां उगने वाली कीवी की गुणवत्ता और स्वाद को इसकी खास पहचान माना जाता है। राज्य में कीवी की प्रमुख किस्मों में हयवर्ड, मोंटी, एलिसन और ब्रूनो शामिल हैं। इनमें हयवर्ड किस्म की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग बताई गई है।
दुबई के ग्राहक चखेंगे कीवी, फिर तय होगी आगे की रणनीति
अरुणाचल प्रदेश की कीवी को दुबई के रिटेल स्टोर तक पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे यह पहल सिर्फ खेप रवाना करने तक सीमित नहीं रही बल्कि अब विदेशी बाजार में ग्राहकों की प्रतिक्रिया जानने का चरण शुरू हो गया है। लुलु हाइपरमार्केट में ग्राहकों को कीवी चखने का मौका दिया जाएगा। उनके फीडबैक के आधार पर यह समझने की कोशिश होगी कि दुबई के उपभोक्ताओं को इस फल का स्वाद और गुणवत्ता कैसी लगती है और वहां इसकी कितनी मांग हो सकती है।
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