Who is Manasvi Vashishtha: दिल्ली पुलिस के निलंबित असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनस्वी वशिष्ठ इन दिनों अपने प्रदर्शन को लेकर चर्चा में हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव, और दादरा एवं नगर हवेली पुलिस सेवा (दैनिप्स) के 2019 बैच के अधिकारी वशिष्ठ के निलंबन का 2 नवंबर को आदेश जारी किया। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर उनके और 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों के विरोध प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद हुई।
शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद दो पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिनमें मनस्वी वशिष्ठ भी शामिल थे। हालांकि, मनस्वी वशिष्ठ की पहचान सिर्फ इस विवाद तक सीमित नहीं है। IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले वशिष्ठ ने SSB (Sashastra Seema Bal) में नौकरी देने के बाद दिल्ली पुलिस में अपनी जगह बनाई। वह पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के रूप में भी तैनात रह चुके हैं।
कौन हैं ACP मनस्वी वशिष्ठ?
मनस्वी वशिष्ठ मूल रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म और पालन-पोषण जयपुर में ही हुआ। उनका परिवार डॉक्टरों से जुड़ा है। लेकिन उन्होंने इंजीनियरिंग के सेक्टर में पढ़ाई करने के बाद पुलिस सर्विस को अपना करियर बनाया। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, वशिष्ठ पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्होंने 2025 में अपने इस्तीफे तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के 2019 बैच के अधिकारी वशिष्ठ, सशस्त्र सीमा बल (SSB) और दिल्ली पुलिस सुरक्षा इकाई (Security Unit) में भी काम कर चुके हैं।
SSB में चार साल तक दी सेवा
जयपुर में जन्मे और पले-बढ़े वशिष्ठ ने 2009 से 2013 तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। वे 2016 में SSB में शामिल हुए। यहां 2016 से 2020 तक चार साल तक इस बल के साथ काम किया। इस दौरान, उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर और बिहार जैसे प्रमुख राज्यों में रही। बाद में वह 2019-20 बैच के तहत DANIPS में शामिल हुए। अपनी शुरुआती ट्रेनिंग पूरी करने और दिल्ली में काम करने के बाद 2022 में उनका तबादला अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कर दिया गया।
2005 से दिल्ली में हैं तैनात
मनस्वी वशिष्ठ अपने कार्यकाल के दौरान दिगलीपुर और हैवलॉक में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के रूप में काम किया। फिर दिसंबर 2024 में वे वापस दिल्ली लौट आए। राष्ट्रीय राजधानी में वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस के अंतर्गत कई पदों पर काम किया। दिसंबर 2025 में उन्हें गांधी नगर में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) के पद पर तैनात किया गया, जहां उन्होंने लगभग तीन महीने तक काम किया।
इसके बाद वह दिल्ली पुलिस सुरक्षा इकाई (Security Unit) से जुड़ गए। फिर वह AI शिखर सम्मेलन (AI Summit) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने वाले अधिकारियों में शामिल रहे। मार्च 2026 में उन्हें फिर से गांधी नगर में ACP के पद पर तैनात किया गया। वशिष्ठ विवाहित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र क्रमशः तीन साल और छह महीने है।
आखिर क्यों हुआ मनस्वी वशिष्ठ का निलंबन?
दरअसल, यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस थाने में हुई एक घटना से शुरू हुआ, जहां कथित तौर पर हाथापाई के दौरान वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद पुलिस थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ, जिसके चलते जिला अदालत के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हालांकि, इसे बाद में वापस ले लिया गया।
दिल्ली पुलिस ने 28 अक्टूबर को गांधी नगर में उप मंडलीय पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात वशिष्ठ का तबादला महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष पुलिस इकाई में कर दिया। उस समय शाहदरा पुलिस थाने के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला सुरक्षा इकाई में कर दिया गया।
वकीलों ने बंसल पर हुए हमले और उसके बाद पुलिस थाने में हुई झड़प के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद यह तबादला हुआ। इसके बाद, वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी। सोमवार को उस वक्त एक और विवाद खड़ा हो गया, जब वशिष्ठ और दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने इन तबादलों के विरोध में पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों के बारे में कुछ विवादित टिप्पणियां भी की गई थीं। इसके बाद गृह मंत्रालय ने वशिष्ठ को निलंबित कर दिया है।

