
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने एक बयान को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘क्राइम’ हो सकता है, लेकिन ‘अपराध’ नहीं होता। मुख्यमंत्री के इस बयान पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मंच पर मौजूद IAS और IPS अधिकारियों से सवाल किया कि क्या उन्हें ऐसे मुख्यमंत्री के साथ काम करके सम्मानित महसूस होता है या अपमानित?
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दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच नदी जल प्रबंधन को लेकर हुए समझौते से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा, “यहां कोई अपराध नहीं है। अपराध की अवधारणा खत्म हो चुकी है। क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। यहां कोई अपराधी नहीं है।”
बिहार में “????????????????????” हो सकता है “अपराध” नहीं! मेरे प्यारे देशवासियों, ये बात ???? हत्याओं का आरोपी नमूना मोदी जी द्वारा चयनित मुख्यमंत्री कह रहा है। मंच पर बैठे ????????????/???????????? इनके साथ काम करने पर अपने आपको सम्मानित समझ रहे है या अपमानित? क्या श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस आदमी के हाथों बिहार को बर्बाद कराने की सुपारी ले रखी है?
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 3, 2026
तेजस्वी यादव ने X पर पोस्ट कर साधा निशाना
मुख्यमंत्री के इस बयान पर तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “बिहार में ‘क्राइम’ हो सकता है, लेकिन ‘अपराध’ नहीं! मेरे प्यारे देशवासियों, यह बात मोदी जी द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री कह रहे हैं, जिन पर सात हत्याओं के मामलों में आरोपी होने का आरोप है। मंच पर बैठे IAS और IPS अधिकारियों को क्या इनके साथ काम करके सम्मानित महसूस हो रहा है या अपमानित?” तेजस्वी यादव ने आगे सवाल उठाते हुए कहा, “क्या नरेंद्र मोदी जी ने इस व्यक्ति के जरिए बिहार को बर्बाद करने का ठेका ले रखा है?”
बिहार के विकास और औद्योगिक प्रगति पर भी बोले CM
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास और औद्योगिक प्रगति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि झारखंड के बिहार से अलग होने के बाद राज्य को अपने राजस्व का 87 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ा। उन्होंने बताया कि सरकार ने खनन गतिविधियों को दोबारा शुरू करने और आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर खनिजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने जनसंख्या और पानी को बिहार की दो सबसे बड़ी कमजोरियां बताया।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में हुए समझौते का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नदियों के जल का बेहतर प्रबंधन बिहार की कई चुनौतियों को दूर कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य अपने नदी संसाधनों का सही तरीके से प्रबंधन करने में सफल रहता है तो उसकी मुश्किलों का डर 100 फीसदी खत्म हो जाएगा।


