NEET UG 2026 refund: नीट यूजी फीस रिफंड के लिए अब तक सिर्फ 52% ने किया अप्लाई, एनटीए ने आखिरी बार बैंक डिटेल देने की डेट बढ़ाकर 31 जुलाई की

NEET UG 2026 refund: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपनी बैंक डिटेल्स जमा या अपडेट करने की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50% से ज्यादा योग्य उम्मीदवार पिछली डेडलाइन तक अपनी बैंकिंग डिटेल्स जमा नहीं कर पाए थे। समय बढ़ाने से उम्मीदवारों को फीस वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा करने का दूसरा मौका मिलता है।

52% उम्मीदवारों ने बैंक डिटेल्स दी हैं

एनटीए ने बताया कि 14 जुलाई, 2026 तक, सिर्फ 11,46,401 उम्मीदवारों ने अपनी बैंक डिटेल्स जमा की हैं। एजेंसी ने उन लोगों के लिए रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू कर दी है जिन्होंने अपनी बैंक खाते की जानकारी सफलतापूर्वक अपडेट कर ली है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे जल्द से जल्द अपनी डिटेल्स जमा करने का आग्रह किया गया है।

नीट यूजी 2026 रिफंड की डेडलाइन बढ़ाई गई

एनटीए ने अब बैंक खाते की जानकारी अपडेट या जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 रात 11:50 बजे तक बढ़ा दी है। पिछली डेडलाइन 14 जुलाई थी। यह एक्सटेंशन इसलिए दिया गया है ताकि सभी पात्र उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा फीस का रिफंड मिल जाए। जो परीक्षार्थी रिवाइज्ड डेडलाइन से पहले अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स अपडेट नहीं करते हैं, उन्हें रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।

कैंडिडेट्स को रिफंड क्यों मिल रहा है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट यूजी 2026 पहले 3 मई, 2026 को आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक होने के दावों के कारण, इसे रद्द कर दिया गया और 21 जून, 2026 को एक बार फिर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया गया। परीक्षा रद्द होने की सूचना के साथ ही एनटीए और सरकारी ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुल्क वापस करने का फैसला किया, जिसके तहत यह प्रक्रिया की का जा रही है। रिफंड पाने के लिए 03 मई 2026 को हुई पहली परीक्षा में शामिल सभी परीक्षार्थियों को एनटीए नीट के आधिकारिक पोर्टल पर अपने बैंक संबंधी जानकारी को अपडेट या सुधार करना होगा। परीक्षा के बाद सभी उम्मीदवारों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए एनटीए ने परीक्षा शुल्क वापसरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। रिफंड सीधे कैंडिडेट्स द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जा रहा है।

ICSI CSEET Result 2026: बेटियां बनी आईसीएसआई सीएसईईटी के रिजल्ट में टॉपर, जानें कैसे देख सकते हैं अपना रिजल्ट

ICSI CSEET Result 2026: बेटियां बनी आईसीएसआई सीएसईईटी के रिजल्ट में टॉपर, जानें कैसे देख सकते हैं अपना रिजल्ट

ICSI CSEET Result 2026: इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया ने कंपनी सेक्रेटरी एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट (CSEET) जून 2026 सत्र का रिजल्ट आज 15 जुलाई 2026 को जारी कर दिया है। जून सत्र की परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवार आईसीएसआई की आधिकारिक वेबसाइट icsi.edu पर आवेदन संख्या और जन्मतिथि की मदद से अपना रिजल्ट कम मार्क्स स्टेटमेंट देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इस साल के नतीजों में पहले 3 पायदान पर देश की होनहार बेटियों ने कब्जा जमाया है। गुनगुन ने आल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल, जबकि सृष्टि दूसरे और छवि कमल मित्तल तीसरी पायदान पर रहीं। आईसीएसआई सीएसईईटी जून 2026 का आयोजन 1 जून से 4 जून 2026 के बीच किया गया था।

पास होने के लिए जरूरी हैं 40% अंक

आईसीएसआई ने सीएसईईटी जून 2026 परीक्षा पास करने के लिए पहले से तय मानदंड लागू रखे हैं। उम्मीदवार को हर विषय में कम से कम 40% अंक लाना अनिवार्य है। साथ ही सभी विषयों में कुल 50% या उससे अधिक अंक प्राप्त करना भी जरूरी होगा। दोनों शर्तें पूरी होने पर ही उम्मीदवार को परीक्षा में सफल माना जाएगा।

रिजल्ट की हार्ड कॉपी नहीं भेजी जाएगी

आईसीएसआई ने साफ किया है कि किसी भी उम्मीदवार को रिजल्ट या मार्क्स स्टेटमेंट की प्रिंटेड कॉपी डाक से नहीं भेजी जाएगी। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे ऑनलाइन उपलब्ध रिजल्ट डाउनलोड करके उसकी प्रिंट कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें। आगे की प्रवेश प्रक्रिया में इसी दस्तावेज की जरूरत पड़ेगी।

ऐसे चेक करें सीएसईईटी जून 2026 का रिजल्ट

  • सबसे पहले आईसीएसआई की आधिकारिक वेबसाइट icsi.edu पर जाएं।
  • वेबसाइट पर CSEET June 2026 Result लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना एप्‍लिकेशन नंबर, डेट ऑफ बर्थ और स्क्रीन पर दिख रहा सिक्‍योरिटी कोड दर्ज करें।
  • जानकारी सबमिट करते ही स्क्रीन पर रिजल्‍ट कम मार्क्‍स स्‍टेटमेंट दिखाई देगा।
  • उम्मीदवार इसे डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।

उम्मीदवार कल से करें सर्टिफाइड कॉपी देखने के लिए आवेदन

जो उम्मीदवार अपनी उत्तर पुस्तिका देखना चाहते हैं या उसकी प्रमाणित कॉपी (Certified Copy) प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें 16 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 के बीच ये मौका दिया गया है। उम्मीदवार रिजल्ट जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपने SMASH Portal Login के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आंसर बुक के निरीक्षण (Inspection) के लिए 450 रुपये प्रति विषय शुल्क देना होगा जबकि प्रमाणित कॉपी लेने के लिए 500 रुपये प्रति विषय शुल्क निर्धारित किया गया है। आईसीएसआई ने स्पष्ट किया है कि जमा की गई फीस किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी।

अंकों के सत्यापन का भी मिलेगा मौका

यदि किसी उम्मीदवार को अपने प्राप्त अंकों पर संदेह है तो वह अंक सत्यापन (Verification of Marks) के लिए भी आवेदन कर सकता है। इसके लिए रिजल्ट घोषित होने के 21 दिनों के भीतर SMASH पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा। मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए 250 रुपये प्रति विषय शुल्क देना होगा। यह शुल्क भी नॉन-रिफंडेबल रहेगा।

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CBSE’s 3-language policy: अंतरिम राहत से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सर्वोच्च अदालत ने पूछा, क्या अंग्रेजी को भारतीय भाषा मान लिया गया है?

CBSE’s 3-language policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों में 6ठी कक्षा से 3 भाषा नीति लागू करने का फैसला किया है। बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की गई है। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यह दोबारा देखने लायक है कि क्या इंग्लिश को देसी भाषा माना जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि यह हिंदी और दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के संवैधानिक मकसद को आगे बढ़ाने वाला कदम लगता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत तीन-भाषा पॉलिसी को लागू करने को चुनौती देने वाली पिटीशन के एक बैच पर सुनवाई कर रही थी।

सर्वोच्च न्यायालय ने नहीं दी अंतरिम राहत

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि डिटेल में सुनवाई के बिना ऐसी राहत पर विचार नहीं किया जा सकता। अब इस मामले की सुनवाई 22 जुलाई को होगी। साथ ही कोर्ट ने केंद्र और सीबीएसई को अपने जवाब फाइल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने अपनी टिप्पणि में कहा कि देसी भाषाओं के नाम और क्या इंग्लिश को उनमें से एक माना जा सकता है? इस सवाल पर फिर से सोचने की जरूरत हो सकती है।

पिटीशनर्स ने प्रैक्टिकल चुनौतियों को उठाया

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों ने तर्क दिया कि छात्रों को 22 भाषाओं में से चुनाव करने की सुविधा के बावजूद तीन-भाषा पॉलिसी को लागू करने से गंभीर प्रैक्टिकल चुनौतियां आएंगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों को इतनी सारी भाषाओं के लिए काबिल टीचर नियुक्त करने और जरूरी आधारभूत संरचना तैयार करने में मुश्किल होगी। उन्होंने यह भी बताया कि एनसीईआरटी ने 1 जुलाई तक सभी 22 भाषाओं के लिए शिक्षा सामग्री अपलोड करने का वादा किया था, लेकिन अभी सिर्फ तीन भाषाओं के लिए टेक्स्टबुक्स उपलब्ध हैं। पिटीशनर्स ने तर्क दिया कि यह निर्देश तब दिया है जब सीबीएसई ने मौजूदा शैक्षिक सत्र से कक्षा 9 के लिए तीन-भाषा फॉर्मूला जरूरी करने वाला अपना पिछला सर्कुलर वापस ले लिया है।

केंद्र ने दिया नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का हवाला

केंद्र और सीबीएसई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि सरकार और शिक्षा बोर्ड 10 दिनों के अंदर अपने विस्तृत जवाब दाखिल करेंगे। योजना का बचाव करते हुए, केंद्र ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 भारतीय मूल्यों पर आधारित एक शिक्षा व्यवस्था की कल्पना करती है। इसका मकसद देश को एक बराबर और जीवंत नॉलेज सोसाइटी में बदलना है।

CBSE 2nd Board Exam Result Class 10: इस हफ्ते जारी होगा 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट? जानें नतीजों में क्यों हो रही है देरी

Production-spec Honda V3R revealed in Australian design filing

Production-spec Honda V3R revealed in Australian design filing

Honda‘s upcoming V3-powered naked motorcycle has taken another step towards production after design drawings filed with IP Australia were made public. The application, submitted on March 26, claims priority from an earlier Japanese design filing dated October 2, 2025, which has not yet been published. As a result, the Australian filing offers the first public look at what appears to be the production-spec version of Honda’s V3R prototype.

  1. Australian design filing reveals production-ready styling
  2. Powered by a 900cc V3 engine with an electrically driven compressor
  3. Recent patents hint at the technology being deployed across multiple motorcycle segments

Honda V3R design patented: What to expect?

The design closely mirrors the V3R prototype unveiled at EICMA 2025, retaining its muscular streetfighter proportions, sharp bodywork, compact tail section, single-sided swingarm and prominent radiator shrouds. Unlike many concept motorcycles that undergo significant visual changes before reaching production, the registered design suggests Honda intends to carry over much of the prototype’s styling to the final production model.

At the heart of the motorcycle is Honda’s new 900cc, 75-degree V3 engine paired with what the company says is the world’s first electrically driven compressor for a motorcycle. Unlike a conventional mechanically driven supercharger, the electric compressor operates independently of engine speed, enabling boost to be delivered across the rev range without relying on crankshaft drive or exhaust gases. Honda says the system delivers the performance of a larger-capacity naturally aspirated engine while retaining the compact dimensions and efficiency of a middleweight powertrain.

The latest design filing also follows a series of recent patent applications that indicate Honda’s ambitions extend beyond a single V3-powered naked bike. The patents depict the electrically driven compressor being evaluated across multiple engine configurations and motorcycle platforms, including touring, naked and supersport models. While patent filings do not necessarily translate into production models, they suggest Honda is developing the e-compressor as a modular technology that could eventually be deployed across a wider range of motorcycles. If that proves to be the case, the V3R could serve as the launch model for an entirely new family of Honda motorcycles built around the company’s latest powertrain technology.

The V3R will also mark Honda’s return to forced induction for the first time in more than four decades. The company last offered forced-induction motorcycles in the form of the CX500 Turbo and CX650 Turbo in the early 1980s, both of which used exhaust-driven turbochargers. Honda’s new approach replaces the turbocharger with an electrically driven compressor, allowing boost to be controlled independently of engine speed while improving packaging and reducing lag.

Honda has yet to announce a production timeline or reveal full technical specifications beyond those showcased with the prototype. However, the publication of production-style design drawings, combined with the growing body of patent activity surrounding the V3 platform, suggests the company is steadily progressing towards production. If launched, the V3R is likely to become the first model in what could eventually evolve into a broader family of Honda motorcycles powered by its new electrically assisted forced-induction technology.

Image credits: Motorcycle.com

CBSE 2nd Board Exam Result Class 10: इस हफ्ते जारी होगा 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट? जानें नतीजों में क्यों हो रही है देरी

CBSE 2nd Board Exam Result Class 10: सीबीएसई बोर्ड से 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा दे चुके 6.68 लाख छात्रों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। 15 से 21 मई के बीच हुई दूसरी बोर्ड परीक्षा के बाद से अब 52 दिनों से ऊपर हो चुके हैं और अब तक रिजल्ट का कहीं नामो-निशान नहीं है। छात्र बड़ी बेचैनी से रिजल्ट की राह देख रहे हैं। बोर्ड की ओर से भी रिजल्ट जारी होने की तारीख पर कोई अपडेट नहीं है। हालांकि मीडिया में आ रही खबरों में अब सीबीएसई बोर्ड 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट आज जारी होने के कयास लगाए जा रहे हैं।

बोर्ड से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 10वीं कक्षा के सेकंड एग्जाम के लिए कुल 6,68,854 छात्रों ने पंजीकरण किया था। इसमें से 5,25,655 कैंडिडेट अपने स्कोर सुधारने के लिए शामिल हुए, जबकि 85,285 छात्रों ने कंपार्टमेंट कैटेगरी में रजिस्टर किया। छात्रों के स्टैटिस्टिक्स और सीबीएसई 10वीं कक्षा के दूसरे बोर्ड एग्जाम में उनके प्रदर्शन की पूरी जानकारी रिजल्ट के साथ आने की उम्मीद है।

रिजल्ट में देरी की वजह

सीबीएसई बोर्ड ने 17 फरवरी से 11 मार्च, 2026 के बीच 10वीं कक्षा के मुख्य बोर्ड एग्जाम कराए थे। सीबीएसई 10वीं की पहली परीक्षा के रिजल्ट 15 अप्रैल, 2026 को घोषित किए गए थे। परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा स्कोर सुधारने का दूसरा मौका देने के लिए, बोर्ड ने मई 2026 में दूसरा सीबीएसई 10वीं एग्जाम कराया था। एग्जाम 15 से 21 मई, 2026 तक हुए थे। सीबीएसई 10वीं के दूसरे बोर्ड एग्जाम खत्म हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, अब तक बोर्ड रिजल्ट जारी न होना चिंता खड़ी करता है।

बोर्ड ने 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट में इतनी देर होने का कोई ऑफिशियल कारण नहीं बताया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह देरी दो-एग्जाम पॉलिसी के शुरुआती साल की वजह से हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ने बेस्ट-ऑफ-टू स्कोर को इवैल्यूएट करने, इकट्ठा करने और कैलकुलेट करने के लिए एक नया एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस शुरू किया है। यह ध्यान रखना चाहिए कि क्लास 10 के छात्रों के फाइनल रिजल्ट की घोषणा करते समय दोनों में से सबसे अच्छे स्कोर को ध्यान में रखा जाएगा।

दूसरी बोर्ड परीक्षा में कौन शामिल हो सकता था?

इम्प्रूवमेंट श्रेणी में : जो छात्र पहला एग्जाम पास कर चुके हैं, वे अपने स्कोर सुधारने के लिए साइंस, मैथेमेटिक्स, सोशल साइंस और लैंग्वेज जैसे तीन मुख्य विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।

कम्पार्टमेंट कैटेगरी में : जो स्टूडेंट्स पहले एग्जाम में कम्पार्टमेंट में थे, वे उसी कैटेगरी में दूसरा एग्जाम दे सकते हैं।

अन्य मामलों में : कोई स्टूडेंट इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट दोनों प्रोविजन में आ सकता है और सीबीएसई की गाइडलाइंस के अनुसार, उसे दोनों ऑप्शन इस्तेमाल करने की इजाजत दी जा सकती है।

एक रिप्लेसमेंट सब्जेक्ट ऑप्शन भी है। जो स्टूडेंट्स पहले ही पास हो चुके हैं, लेकिन किसी खास सब्जेक्ट को बदलना या सुधारना चाहते हैं, वे उस मकसद के लिए दूसरे एग्जाम में बैठ सकते हैं।

CAT 2026 Notification: जल्द जारी किया जाएगा कैट 2026 का नोटिफिकेशन, यहां जानें आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न

CSEET June 2026 Result: आईसीएसआई 15 जुलाई तक सीएसईईटी का रिजल्ट करेगा घोषित, जानें नतीजा जारी होने का समय और स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करेंगे

CSEET June 2026 Result: कंपनी सेक्रेटरी एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट (CSEET) में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार बेसब्री से अपने नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इनके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) ने राहत देने वाली खबर दी है। आईसीएसआई 15 जुलाई, 2026 को दोपहर 2:00 बजे सीएसईईटी जून 2026 का रिजल्ट घोषित करेगा। यह परीक्षा 1 जून से 4 जून, 2026 के बीच आयोजित की गई थी। इसमें शामिल उम्मीदवार आईसीएसआई की आधिकारिक वेबसाइट icsi.edu पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे।

कैंडिडेट को अपने स्कोरकार्ड चेक करने के लिए लॉगइन डिटेल्स तैयार रखनी चाहिए, ताकि उन्हें आखिरी समय में किसी भी तरह की देरी न हो। कैंडिडेट को सीएसईईटी स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने रजिस्ट्रेशन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करना होगा। परीक्षार्थियों को उनके विषयों के हिसाब से अंक और ई-रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट जारी किया जाएगा। ध्यान रखें, आईसीएसआई फिजिकल मार्कशीट जारी नहीं करेगा। इसलिए ऑनलाइन रिजल्ट डॉक्यूमेंट को भविष्य में एडमिशन और वेरिफिकेशन के लिए सुरक्षित रखना चाहिए। प्रवेश परीक्षा में सफल उम्मीदवार सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए प्रवेश प्रक्रिया के अगल चरण में हिस्सा ले सकते हैं।

सीएसईईटी जून 2026 रिजल्ट कैसे चेक करें?

  • आईसीएसआई की ऑफिशियल वेबसाइट icsi.edu पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘CSEET रिजल्ट जून 2026’ लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालें।
  • अपना रिजल्ट देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • सीएसईईटी स्कोरकार्ड पीडीएफ को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

सीएसईईटी जून 2026 क्वालिफाइंग मार्क्स

परीक्षा में सफलता दर्ज करने के लिए परीक्षार्थियों को आईसीएसआई द्वारा तय न्यूनतम योग्यता मानदंड को पूरा करना होगा। सीएसईईटी जून 2026 रिजल्ट में PASS स्टेटस पाने के लिए कैंडिडेट्स को हर पेपर में कम से कम 40% अंक और कुल मिलाकर कम से कम 50% मार्क्स लाने होंगे। इन दोनों शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को ही परीक्षा में सफल घोषित किया जाएगा।

सीएसईईटी रिजल्ट के बाद क्या?

सीएसईईटी जून 2026 परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने वाले उम्मीदवार सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए पंजीकरण कराने के योग्य माने जाएंगे। यह कंपनी सेक्रेटरी कोर्स का अगला चरण है।

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MotoGP 2026: Marc Marquez dominates German GP at Sachsenring

Marquez celebrating German GP win with a trophy

The king of the ring strikes again. Marc Marquez claimed a tenth MotoGP victory at the Sachsenring, equalling Giacomo Agostini’s all-time record for wins at a single venue, and moves to just 18 points behind championship leader Jorge Martin heading into the summer break. The weekend swung the title picture decisively open, aided significantly by costly crashes from two of his closest challengers.

  • Marquez claims record-equalling 10th MotoGP win at the Sachsenring
  • Trackhouse Aprilia celebrate a second consecutive double podium with Ogura and Fernandez
  • Bezzecchi, who underwent surgery following an Assen injury, is targeting a return at Silverstone

Marquez controls from the start

Following a commanding victory in Saturday’s sprint race, Marquez started from pole position on race day and took the holeshot to lead into Turn 1, with younger brother Alex Marquez slotting into second ahead of the two Trackhouse Aprilias of Ogura and Fernandez. Di Giannantonio, who came into the German GP third in the championship and had podium-contention pace, crashed out just a few laps in at Turn 10 – putting an end to a weekend that could have made him a serious title contender. On Lap 9, Alex Marquez crashed out as well, losing the front at Turn 13 while riding in a comfortable second place. It was a costly weekend for Ducati in the constructors’ championship – they currently sit 19 points behind Aprilia, who are on 330 points.

Ogura challenges Marquez

With Alex Marquez gone, Fernandez moved up into second with Ogura close on his heels. Acosta was fourth with Martin and Bagnaia behind him, creating a close five-way battle for the remaining points. Past the halfway mark, Marquez had built a decent gap over Fernandez and continued to edge further away. Ogura, who is having an exceptional season, began to pick up the pace in the latter stages and applied pressure on his teammate Fernandez. With five laps remaining he made the decisive move into second, and began eating into Marquez’s advantage – but it was too little, too late. By the flag, Marquez was just under two seconds clear – a commanding performance from a rider who clearly knows this circuit better than anyone on the grid.

Behind the leading duo, Fernandez held on for third to give Trackhouse their second consecutive double podium. Acosta crossed the line in fourth. The battle for fifth went all the way to the last corner, with Martin holding off Bagnaia to cross the line just 0.123 seconds ahead – a crucial result for the championship leader, who heads into the summer break 14 points clear of Ogura. 

Championship standings

The perfect German GP weekend meant a 37-point swing for Marquez. Just four race weekends ago at Mugello, the gap to the leader seemed an insurmountable 102 points – that’s now been cut to just 18 behind Martin heading into Silverstone. Ogura sits second in the standings, 14 points back. The championship is wide open with the second half of the season still to come. Bezzecchi, who led the championship after the opening rounds before a difficult run of weekends including penalties and a surgery following an Assen injury, now sits in 4th and is targeting a return at Silverstone – which should make things interesting once again.

German GP results

Position

Rider

Team

1

Marc Marquez

Ducati

2

Ai Ogura

Trackhouse Aprilia

3

Raul Fernandez

Trackhouse Aprilia

4

Pedro Acosta

KTM

5

Jorge Martin

Aprilia

6

Francesco Bagnaia

Ducati

7

Fabio Quartararo

Yamaha

8

Luca Marini

Honda

9

Enea Bastianini

Tech3 KTM

10

Brad Binder

KTM

11

Diogo Moreira

LCR Honda

12

Jack Miller

Pramac Yamaha

13

Franco Morbidelli

VR46 Ducati

14

Alex Rins

Yamaha

15

Toprak Razgatlioglu

Pramac Yamaha

NC

Cal Crutchlow

LCR Honda

NC

Maverick Viñales

Tech3 KTM

NC

Joan Mir

Honda

NC

Alex Marquez

Gresini Ducati

NC

Fabio Di Giannantonio

VR46 Ducati

Volkswagen Group to cut model line-up by up to 50 percent by 2030

VW

The Volkswagen Group plans to reduce its global model line-up by up to 50 percent by 2030 as part of a wider restructuring of its business. The Group will also cut the number of variant options offered across its portfolio by up to 75 percent and reduce production capacity, as it looks to lower costs and simplify its operations. Volkswagen has not named the models that will be discontinued.

  1. Future line-up to focus on the ‘most attractive market segments’
  2. Annual production capacity to fall to around 9 million vehicles, from 10 million
  3. Platforms and electronic architectures will also be consolidated

Volkswagen Group to halve model line-up by 2030

The product changes form part of 12 initiatives that the Volkswagen Group plans to implement by 2030. The company said it will gradually “streamline” its model line-up by up to 50 percent, concentrating its portfolio on “the most attractive market segments”.

Volkswagen is also targeting a 75 percent reduction in what it calls “offering complexity”, which includes the number of equipment options available across its models. The company said this will allow it to focus investment and development resources on products that deliver the “greatest added value for customers and the highest value contribution” to the Group.

The Group has not confirmed which models will be affected by the reduction. Its portfolio spans Volkswagen, Skoda, Seat, Cupra, Audi, Porsche, Bentley and Lamborghini, among other brands.

“We are making the Volkswagen Group faster, more resilient and more competitive, through less complexity, focused technologies, and an even stronger alignment of products, development and production with regional markets,” said Volkswagen Group CEO Oliver Blume.

VW Group to reduce platforms, production capacity

Volkswagen also plans to reduce the number of platforms and electronic architectures used across the Group, with the aim of increasing the use of common technologies across its brands. The company will focus on technologies with what it describes as “high scaling potential”.

Annual production capacity will be reduced to around 9 million vehicles. Before the Covid-19 pandemic, the Group had established capacity to produce around 12 million vehicles annually and has already reduced this by about 2 million units. Volkswagen said further reductions are planned in Europe and China.

The restructuring comes as Volkswagen faces increased competition from Chinese carmakers, regulatory pressures, tariffs and geopolitical tensions. These factors have contributed to the Group’s profits falling by around half since 2021.

Up to 100,000 Volkswagen Group job cuts reported

The restructuring could also result in further workforce and factory reductions. Around 50,000 job cuts had already been outlined under earlier restructuring measures. Reports suggest Volkswagen could increase its planned workforce reduction to a total of 100,000 jobs and close four plants in Germany. However, the Group has not confirmed further job cuts or factory closures. 

The plants reportedly under consideration for closure are Hanover, Emden, Zwickau and Audi’s Neckarsulm facility. It remains unclear whether the sites would be closed or whether Volkswagen could seek buyers for them.

International Physics Olympiad: इंटरनेशनल फिकक्स ओलंपियाड में बजा भारत का डंका, 8 साल बाद झटके 5 गोल्ड मेडल

International Physics Olympiad: भारत के नौनिहालों ने पूरी दुनिया में एक बार फिर नाम रोशन किया है। इस बार मंच 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड का था, जहां अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन से भारत के 5 छात्रों ने स्वर्ण पदक झटके। खास बात यह है कि भारत को यह उपलबधि 2018 के बाद मिली है। इस ओलंपियाड प्रतियोगिता में भारत के इन छात्रों ने अपनी बुद्धिमानी का लोहा मनवाया है। इन छात्रों ने अपने जबरदस्त प्रदर्शन से न सिर्फ गोल्ड मेडल झटका, बल्कि अपने देश को मेडल टैली में सबसे ऊपर पहुंचा दिया।

यह एक वैश्विक प्रतियोगिता थी जिसमें 85 देशों के 381 छात्रों ने हिस्सा लिया। यह प्रतियोगिता कोलंबिया में 5 से 12 जुलाई 2026 के बीच आयोजित की गई थी। भारत ने इस बार चीन, रूस, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे दिग्गज देशों के साथ शीर्ष स्थान पर भी कब्जा जमाया है। फिजिक्स ओलंपियाड के मंच पर डंका बजाने का यह भारत के इतिहास में दूसरा मौका है। इससे पहले साल 2018 में भारत ने यह कमाल किया था, जब पूरी टीम के सभी पांचों सदस्य एक साथ गोल्ड मेडल लेकर स्वदेश लौटे थे।

देश के 5 ‘गोल्डन बॉयज’

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का तिरंगा लहराने वाले पांचों छात्र भारत के अलग-अलग शहरों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें मुंबई के श्रेष्ठ सुरैया, पुणे के कनिष्ठ जैन, इंदौर के ऋद्धेश अनंत बेंदले, दिल्ली के ऋषित गर्ग और अहमदाबाद के स्वरित जोशी शामिल हैं। इन छात्रों ने दुनियाभर से आए 85 देशों के 381 दिग्गज छात्रों के बीच अपनी जगह बनाई। प्रतियोगिता में कुल 51 गोल्ड, 80 सिल्वर और 97 ब्रॉन्ज मेडल बांटे गए थे।

5 घंटे की मैराथन प्रतियोगिता

भारतीय छात्रों को जीत के ताज तक पहुंचने के लिए 5 घंटे का लंबा थ्योरी एग्जाम देना पड़ा। इसमें फिजिक्स के बेहद पेचीदा सवाल पूछे गए थे। इसमें पैरामैग्नेटिक कूलिंग की थर्मोडायनामिक्स, चाय के कप के अंदर रोशनी के रिफ्लेक्शन से बनने वाले पैटर्न (कॉस्टिक्स और कस्प्स), ओजोन का फोटोआयोनाइजेशन और इलेक्ट्रॉन-पॉजिट्रॉन जोड़ों के मूवमेंट जैसे मुश्किल विषय शामिल थे। सिर्फ थ्योरी ही नहीं, भारतीय दल ने प्रैक्टिकल के मोर्चे पर भी तगड़ा स्कोर हासिल किया। 5 घंटे तक चले मैराथन प्रैक्टिकल (एक्सपेरिमेंटल) एग्जाम में भी भारतीय टीम ने अपना पूरा दम दिखाया।

काम आई होमी भाभा सेंटर की ट्रेनिंग

इस जीत के पीछे छात्रों की मेहनत के साथ-साथ उनके मेंटर्स का भी बड़ा हाथ रहा. भारतीय दल की अगुवाई मुंबई के होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBSCE) के अन्वेष मजूमदार और सेंट जेवियर्स कॉलेज की लीना जोशी कर रही थीं। वहीं कोलकाता के IISER से आनंद दासगुप्ता और रत्नागिरी के गोगटे-जोगलेकर कॉलेज की निशा केलकर साइंटिफिक ऑब्जर्वर के रूप में टीम के साथ थे। इन सभी ने मुंबई के होमी भाभा सेंटर में कई दिनों तक बेहद कठिन और स्पेशल ट्रेनिंग ली थी, जिसका नतीजा पूरी दुनिया के सामने है।

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Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

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