12 घंटे के सफर सिर्फ दो घंटे में होगा पूरा! इन रूट पर 3 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का ऐलान

हैदराबाद को जल्द ही हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन की बड़ी सौगात मिल सकती है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 11 जुलाई को घोषणा की कि शहर को तीन नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए चुना गया है। इन परियोजनाओं के जरिए हैदराबाद को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ा जाएगा। रेल मंत्री ने यह जानकारी हैदराबाद में आईटी उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित तीन बुलेट ट्रेन रूट पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु होंगे।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये तीनों कॉरिडोर पूरे क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इससे हैदराबाद भारत के तेजी से बढ़ रहे हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा।

  • हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन: अगर यह परियोजना पूरी होती है, तो हैदराबाद से बेंगलुरु का सफर काफी छोटा हो जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस रूट पर यात्रा का समय घटकर करीब 2 घंटे 10 मिनट रह सकता है। अभी ट्रेन से यह दूरी तय करने में लगभग 12 से 15 घंटे लगते हैं।
  • हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन: रिपोर्टों के अनुसार, हैदराबाद से चेन्नई तक का बुलेट ट्रेन कॉरिडोर अमरावती होकर गुजरेगा। इसकी लंबाई करीब 760 किलोमीटर हो सकती है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब 12 घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाने की उम्मीद है।
  • पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन: इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद पुणे और हैदराबाद के बीच सफर काफी तेज हो जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रा का समय घटकर करीब 2 घंटे 8 मिनट रह सकता है। फिलहाल ट्रेन से यह दूरी तय करने में 10 घंटे से ज्यादा समय लगता है।

बुलेट ट्रेन की रफ्तार कितनी होगी?

रिपोर्टों के अनुसार, इन बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। वहीं, ट्रेनों की संचालन गति (ऑपरेटिंग स्पीड) करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। हालांकि, बीच में स्टेशनों पर रुकने और ट्रैक के मोड़ों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की औसत रफ्तार 200 से 250 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है।

तेलंगाना के लिए 5,400 करोड़ रुपये का रेल बजट

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना के लिए 5,400 करोड़ रुपये का रेल बजट तय किया है। यह राशि राज्य में रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने की योजना का हिस्सा है। इसके तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं की तैयारी जैसे काम किए जाएंगे।

हैदराबाद के कई रेलवे स्टेशन होंगे आधुनिक

रेल मंत्री ने बताया कि हैदराबाद के नामपल्ली, काजीपेट जंक्शन और मलकपेट रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) का काम पहले से जारी है। इसके अलावा सिकंदराबाद, बेगमपेट और हाईटेक सिटी रेलवे स्टेशन भी केंद्र सरकार के स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यक्रम में शामिल हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पहले मुंबई-अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हैदराबाद के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से पहले मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर ट्रेनें चलना शुरू होंगी। योजना के अनुसार, इस परियोजना का पहला चरण 15 अगस्त 2027 से शुरू किया जाएगा। शुरुआत सूरत से बिलिमोरा के बीच होगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना करीब 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।

आगे क्या होगा?

हैदराबाद के तीनों बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उन सात नए हाई-स्पीड रेल रूट में शामिल हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। इनमें मुंबई-पुणे, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे रूट भी शामिल हैं। अब इन परियोजनाओं पर आगे बढ़ने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी), जमीन का अधिग्रहण और फंड की व्यवस्था जैसे जरूरी काम किए जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य की समय-सीमा तय की जाएगी।

लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 टीम में होगी सूर्यकुमार यादव की वापसी? बीसीसीआई ने रखी ये शर्त

टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव को बड़ा झटका लगा। विश्व कप खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने टी20 टीम की कप्तानी उनसे लेकर श्रेयस अय्यर को सौंप दी। वहीं अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 में अब तक एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई है। भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार गई। वहीं अब सीरीज हारने के बाद सूर्यकुमार के भारतीय टीम में वापसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से छह हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया।

सूर्या को होगी वापसी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा, “सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। फिलहाल वह टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और रन बनाते हैं, तो उनकी वापसी पर जरूर विचार किया जाएगा।”

करना होगा बेहतरीन प्रदर्शन

अगर सूर्यकुमार यादव को भारतीय टीम में दोबारा जगह बनानी है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीतने के लिए उन्हें बल्ले से लगातार रन बनाने होंगे। मजबूत प्रदर्शन ही उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। पिछला साल सूर्यकुमार यादव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह लगातार 19 पारियों तक अर्धशतक नहीं बना सके। वहीं इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने पांच मैचों में तीन अर्धशतक जड़े। इसके बाद टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उन्होंने दमदार अंदाज में अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए।

सूर्या का प्रदर्शन

इसके बाद टी20 विश्व कप के बाकी आठ मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वह कुल 158 रन ही बना सके। फाइनल मैच में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 पारियों में 270 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा, लेकिन लगातार बड़े स्कोर नहीं बना पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम से बाहर कर दिया।

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जानिए भारत की सबसे तेज स्पीड वाली ट्रेनों के बारे में, क्या वंदे भारत शामिल है इसमें?

वंदे भारत एक्सप्रेस को अक्सर भारत की सबसे मॉडर्न और तेज ट्रेनों में गिना जाता है, लेकिन क्या यह सच में देश की सबसे तेज ट्रेन है? ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत तैयार की गई यह भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है, जो मॉडर्न टेक्निक, तेज रफ्तार और शानदार सुविधाओं के लिए जानी जाती है। इसकी मैक्सिमम स्पीड 160 किमी/घंटा तक है और यह बिना अलग इंजन के इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) सिस्टम पर चलती है। आइए जानते हैं वंदे भारत, नमो भारत, राजधानी, शताब्दी और नई वंदे भारत स्लीपर में से कौन-सी ट्रेन स्पीड, टेक्नोलॉजी और आराम के मामले में सबसे आगे है:

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस: ​​

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2026 में शुरू की गई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर बनी भारत की पहली ओवरनाइट (रात भर चलने वाली) ट्रेन है। कोटा-नागदा रूट पर ट्रायल रन के दौरान इसने 180 किमी/घंटा की स्पीड हासिल की, जबकि रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर लॉन्ग डिस्टेंस के टेस्ट भी किए। हालांकि, रेगुलर कमर्शियल ऑपरेशन में यह ट्रेन मंजूर की गई ऑपरेशनल स्पीड पर चलेगी।

राजधानी एक्सप्रेस:

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​​1969 में शुरू हुई राजधानी एक्सप्रेस भारत की पहली पूरी तरह से एयर-कंडीशंड प्रीमियम ट्रेन सर्विस थी। 130 किमी/घंटा की टॉप स्पीड के साथ, यह नई दिल्ली को देश भर की कई स्टेट की राजधानियों और बड़े शहरों से जोड़ती है। दशकों से, राजधानी भारत में लॉन्ग डिस्टेंस की प्रीमियम रेल ट्रैवल के लिए एक बेंचमार्क रही है।

अमृत भारत एक्सप्रेस:

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​​2023 में शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस एक नॉन-AC पुश-पुल ट्रेन है जिसे किफायती लॉन्ग डिस्टेंस के ट्रैवल के लिए डिजाइन किया गया है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनी यह ट्रेन 130 किमी/घंटा तक की स्पीड से चल सकती है। दोनों सिरों पर लोकोमोटिव होने के कारण, ट्रेन की स्पीड तेजी से बढ़ती और कम होती है। इसका ऑब्जेक्टिव छोटे कस्बों और शहरों को तेज और कम्फर्टेबल ट्रैवल ऑप्शन देना है, जहां राजधानी या शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनें नहीं जाती हैं।

गतिमान एक्सप्रेस:

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अप्रैल 2016 में शुरू की गई गतिमान एक्सप्रेस भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन सेवा थी। हजरत निजामुद्दीन और आगरा कैंट के बीच चलने वाली यह ट्रेन मैक्सिमम 160 किमी/घंटा की स्पीड से चलती है। इस ट्रेन को 5,500 HP वाले WAP-5 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव से चलाया जाता है और इसमें एग्जीक्यूटिव चेयर कार और AC चेयर कार कोच होते हैं। सभी कोच बायो-टॉयलेट से लैस हैं, जो इसे इंडियन रेलवे की प्रीमियम डे की ट्रैवल सर्विस में से एक बनाता है।

शताब्दी एक्सप्रेस: ​​

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1988 में शुरू हुई शताब्दी एक्सप्रेस भारत की सबसे पॉपुलर प्रीमियम दिन की ट्रेनों में से एक है। इसे उसी दिन वापसी की जर्नी के लिए डिजाइन किया गया है और यह मैक्सिमम 130 किमी/घंटा की गति से चलती है। इस ट्रेन में केवल AC चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार कोच होते हैं, इसमें स्लीपर डिब्बे नहीं होते, जिससे यह कम से मीडियम डिस्टेंस की जर्नी के लिए आइडियल बन जाती है।

नमो भारत RRTS:

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दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) पर चलने वाली नमो भारत ट्रेनें तेज स्पीड वाली रीजनल ट्रैवल के लिए डिज़ाइन की गई हैं। हालांकि ये 160 किमी/घंटा की ऑपरेशनल स्पीड से चलती हैं, लेकिन इन ट्रेनों की डिज़ाइन स्पीड 180 किमी/घंटा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) डेवलप्ड यह सिस्टम ट्रेडिशनल रेलवे लाइनों और रोड ट्रैफिक से अलग, खास तौर पर इसके लिए बनाए गए ट्रैक पर चलता है, जिससे ट्रैवल तेज और ज़्यादा भरोसेमंद होती है।

वंदे भारत से लेकर अमृत भारत तक, इंडियन रेलवे तेजी से मॉडर्न हो रहा है और तेज ट्रेनें, बेहतर टेक्नोलॉजी और पैसेंजर के लिए ज्यादा आराम जैसी सुविधाएं ला रहा है। ये अगली जनरेशन की सर्विस ट्रैवल का समय कम कर रही हैं, सेफ्टी बढ़ा रही हैं और देश भर के ज्यादा शहरों और कस्बों तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचा रही हैं।

Gold Price Today: कच्चे तेल के उबाल में फिसला गोल्ड, चांदी हुई सस्ती, चेक करें लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार सैन्य हमलों ने पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। जियो-पॉलिटकल टेंशन में उछाल पर कच्चा तेल उबला तो इसने गोल्ड पर दबाव डाला और आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक फीकी पड़ी। एक दिन की स्थिरता के बाद राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन गोल्ड सस्ता हुआ है। इन दो दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹1430 और 22 कैरट वाला ₹1310 सस्ता हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम का 24 कैरट और 22 कैरट वाला गोल्ड फिलहाल ₹10 सस्ता हुआ है।

चांदी की बात करें तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन के साथ-साथ इंडस्ट्रीज की तरफ से डिमांड में सुस्ती ने इस पर भी दबाव डाला है और इसकी चमक फीकी की है। लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। आज एक किलो चांदी ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
मुंबई₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
कोलकाता₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
चेन्नई₹1,43,990₹1,31,990₹1,10,190
बेंगलुरू₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
हैदराबाद₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
लखनऊ₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
पटना₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220
जयपुर₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
अहमदाबाद₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220

दो दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। दो दिनों की स्थिरता से पहले एक किलो चांदी 11 जून को ₹5 हजार सस्ती हुई थी तो 10 जून को ₹5 हजाप महंगी और ₹9 जुलाई को ₹10 हजार सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,39,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

झरनों की आवाज और हरियाली, जहां हर बूंद के साथ बढ़ जाती है खूबसूरती, ऐसी है भारत की ये बेस्ट जगह!

मानसून का मौसम नेचर लवर और घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए सबसे खास माना जाता है। पहाड़, जंगल और नदियां हरियाली से भर जाते हैं, जबकि झरने अपने पूरे वेग और खूबसूरती के साथ बहने लगते हैं। बारिश के बाद इन वॉटरफॉल्स का नज़ारा बहुत मनमोहक होता है। अगर आप भी इस मानसून यादगार नेचर ट्रिप की प्लानिंग बना रहे हैं, तो भारत के इन खूबसूरत झरनों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें:

ओडिशा का बरेहीपानी फॉल्स

Majestic Barehipani Waterfall – Odisha's Tourist Gem

सिमलीपाल नेशनल पार्क में बरेहीपानी फॉल्स भारत के सबसे ऊंचे झरनों में से एक है। यह करीब 1,309 फीट की ऊंचाई से दो चरणों में गिरता है। मानसून में इसका तेज बहाव और चारों ओर फैले घने जंगल इसे बेहद अट्रैक्टिव बना देते हैं। वाइल्डलाइफ और नेचुरल ब्यूटी के कारण यह नेचर लवर की पसंदीदा जगह है।

महाराष्ट्र का कुने फॉल्स

7 Best Waterfalls near Pune Perfect for Summer Holidays

लोनावला के पास कुने फॉल्स तीन टियर में गिरने वाला बेहद खूबसूरत झरना है। मानसून में यहां चारों ओर हरियाली और बादलों का नज़ारा देखने लायक होता है। यह मुंबई और पुणे से वीकेंड ट्रिप के लिए पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। बारिश के मौसम में इसकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है।

कर्नाटक का शिवनसमुद्र फॉल्स

Shivanasamudra Falls, Karnataka - N Travel Advisor

कावेरी नदी से बनने वाला शिवनसमुद्र फॉल्स गगनचुक्की और भराचुक्की नाम के दो हिस्सों में बंटा हुआ है। बारिश के मौसम में दोनों झरनों का तेज फ्लो बेहद शानदार दिखाई देता है। आसपास की हरियाली और चट्टानों का दृश्य इसकी खूबसूरती बढ़ा देता है। यह दक्षिण भारत के सबसे फेमस झरनों में गिना जाता है।

छत्तीसगढ़ का चित्रकोट फॉल्स

Shivanasamudra Images – Browse 202 Stock Photos, Vectors, and Video | Adobe Stock

चित्रकोट फॉल्स को इसकी चौड़ाई के कारण ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है। यह इंद्रावती नदी पर है और मानसून में इसका विशाल रूप देखने लायक होता है। बारिश के दौरान पानी का बहाव कई गुना बढ़ जाता है। नेचुरल ब्यूटी और इंद्रधनुष जैसा व्यू इसे खास बनाता है।

हिमाचल प्रदेश का भागसू वॉटरफॉल

The Most Beautiful Places In Himachal Pradesh To Visit In 2024

मैक्लोडगंज के पास भागसू वॉटरफॉल मानसून में सबसे खूबसूरत दिखाई देता है। देवदार के जंगल, ठंडी हवाएं और पहाड़ों का नज़ारा यहां की खूबसूरती बढ़ा देते हैं। ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए भी यह पसंदीदा जगह है। बारिश के मौसम में यहां का शांत माहौल सुकून का एहसास कराता है।

उत्तराखंड का केम्प्टी फॉल्स

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मसूरी के पास स्थित केम्प्टी फॉल्स उत्तराखंड के सबसे पॉपुलर झरनों में से एक है। मानसून में इसका वाटर फ्लो काफी बढ़ जाता है, जिससे इसका व्यू और भी मनमोहक हो जाता है। यहां टूरिस्ट झरने के पास नेचुरल माहौल का आनंद लेते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए यह बेहतरीन जगह है।

मानसून ट्रिप पर निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

Banswara: राजस्थान का ये 'सीक्रेट' झरना मानसून में चुरा लेता है पर्यटकों का दिल

जर्नी शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें और भारी बारिश की चेतावनी होने पर ट्रिप टाल दें। फिसलन वाली जगहों पर ज्यादा सावधानी बरतें। झरनों के पास बने सुरक्षा बैरियर पार करने की कोशिश न करें, क्योंकि वाटर फ्लो खतरनाक हो सकता है। अपने साथ रेनकोट, वाटरप्रूफ जूते, जरूरी दवाइयां और मोबाइल को सेफ रखने के लिए वाटरप्रूफ बैग जरूर रखें।

Vietnam Boat Tragedy: वियतनाम से लौटे 15 भारतीयों के शव, मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विशेष विमान

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास 11 जुलाई को हुई दर्दनाक बोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव लेकर एक विशेष विमान सोमवार को मुंबई पहुंच गया। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि विशेष विमान मृतकों के शव लेकर सुरक्षित मुंबई पहुंच चुका है। दूतावास ने यह भी कहा कि हनोई में भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि सभी शव जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुंचाए जा सकें।

वियतनाम से लौटे 15 भारतीयों के शव

भारतीय दूतावास ने शोक जताते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में उसकी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। भारतीय मिशन ने बताया कि मृतकों के गृह राज्यों की सरकारें उनके परिवारों के साथ मिलकर मुंबई हवाई अड्डे से शवों को उनके-अपने शहरों और गांवों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी। इस हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के रहने वाले थे।

मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विशेष विमान

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस कठिन समय में वियतनाम के लोगों की ओर से मिली संवेदनाओं और प्रार्थनाओं के लिए वह आभारी है। दूतावास ने कहा कि लोगों का सहयोग, प्रार्थनाएं और समर्थन इस दुख की घड़ी में परिवारों और अधिकारियों के लिए बड़ी ताकत बना। इसके साथ ही भारतीय मिशन ने वियतनाम के सभी संबंधित सरकारी अधिकारियों और एजेंसियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने राहत और अन्य जरूरी कार्यों में हर संभव मदद की।

11 जुलाई को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास होन मे रुट न्गोई इलाके में एक दर्दनाक नाव हादसा हुआ। यहां 32 भारतीय पर्यटकों और चार स्थानीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट अचानक पलट गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि बाकी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। बचाए गए 16 भारतीय पर्यटकों में से कुछ स्वदेश लौट चुके हैं। वहीं, एक घायल भारतीय का अभी भी वियतनाम के फु क्वोक में इलाज चल रहा है।

हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि घायल भारतीय नागरिक का रविवार शाम सफलतापूर्वक एक जरूरी चिकित्सीय उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हो ची मिन्ह सिटी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूतावास ने यह भी बताया कि घायल के परिवार के सदस्य भी हो ची मिन्ह सिटी पहुंच चुके हैं।

नाव हादसे में घायल एक भारतीय की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, 49 वर्षीय इस व्यक्ति के फेफड़ों को पानी में डूबने की वजह से गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा उन्हें गहरा सदमा लगा है, शरीर पर कई चोटें हैं और मस्तिष्क में भी रक्तस्राव (ब्रेन ब्लीडिंग) हुआ है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। फु क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और यह अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, खूबसूरत कोरल रीफ और आइलैंड टूर के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

लावा कंपनी ने किया मुआवजे का ऐलान

घरेलू मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल ने इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। गौरतलब है कि शनिवार को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने से लावा इंटरनेशनल के 14 सहयोगियों और एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।

सफर में इश्क और नजारे दोनों चाहिए हो तो वंदे भारत के ये 5 रूट मत छोड़ना!

अगर आप अपने पार्टनर के साथ यादगार और सुकूनभरा सफर करना चाहते हैं, तो वंदे भारत ट्रेन बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है। आरामदायक सीटें, बड़ी खिड़कियों से दिखते खूबसूरत नज़ारे और तेज़ सफर इस ट्रिप को खास बना देते हैं। यहां सफर की हर घड़ी साथ बिताने और खुलकर बातें करने का मौका मिलता है। आइए जानते हैं वंदे भारत की ऐसी शानदार जर्नी के बारे में, जो हर कपल को एक बार जरूर करनी चाहिए:

दिल्ली से जयपुर – शाही अंदाज में बिताएं यादगार पल

Planning A Weekend Trip? These 4 Vande Bharat Routes Lead To India's Holiest Towns

जयपुर का सफर कपल्स के लिए रोमांस, इतिहास और संस्कृति का शानदार मेल है। आरामदायक ट्रेन जर्नी के बाद आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस और रंग-बिरंगे बाजार घूमने का अलग ही आनंद मिलता है। राजस्थानी खानपान और शाही विरासत इस ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना देती है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (20978) दिल्ली कैंटोनमेंट स्टेशन से रवाना होती है।

बेंगलुरु से मैसूरु – छोटी लेकिन यादगार ट्रिप 

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अगर आप कम समय में शानदार ट्रिप करना चाहते हैं, तो बेंगलुरु से मैसूरु का वंदे भारत रूट एक बेहतरीन ऑप्शन है। मैसूर पहुंचकर भव्य मैसूर पैलेस, खूबसूरत गार्डन और लोकल मार्केट की सैर करें। साथ ही मशहूर मैसूर पाक का स्वाद आपकी ट्रिप को और भी खास बना देगा। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (20607/20608) KSR बेंगलुरु स्टेशन से रवाना होती है।

मुंबई से अहमदाबाद – वीकेंड ट्रिप के लिए परफेक्ट

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कम समय में शानदार ट्रिप का प्लान बना रहे कपल्स के लिए मुंबई से अहमदाबाद का वंदे भारत रूट शानदार है। रास्ते में बदलते नेचुरल सीन का आनंद लेते हुए एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताया जा सकता है। अहमदाबाद पहुंचकर साबरमती रिवरफ्रंट, लोकल मार्केट और टेस्टी गुजराती डिशेस का मजा लें। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (20901) मुंबई सेंट्रल से रवाना होती है।

दिल्ली से कटरा – पहाड़ों के बीच रोमांटिक सफर

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अगर आप अपने पार्टनर के साथ पहाड़ों की खूबसूरती और सुकूनभरा समय बिताना चाहते हैं, तो दिल्ली से कटरा का वंदे भारत रूट बेहतरीन ऑप्शन है। सफर के दौरान हरी-भरी वादियां और पहाड़ों के मनमोहक नज़ारे इस जर्नी को यादगार बना देते हैं। कटरा पहुंचकर माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ शांत पहाड़ी माहौल का आनंद लिया जा सकता है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (22439) नई दिल्ली से रवाना होती है और पैसेंजर को तेज़ व आरामदायक सफर का एक्सपीरियंस कराती है।

दिल्ली से वाराणसी – आस्था और रोमांस का संगम

This may contain: two people are looking at their cell phones while waiting for the train to pass them

दिल्ली से वाराणसी का सफर कपल्स के लिए आध्यात्मिकता और खूबसूरत यादों से भरा एक्सपीरियंस बन सकता है। ट्रेन में आरामदायक यात्रा के बाद गंगा घाट पर सूर्योदय, बोट राइड और शाम की भव्य गंगा आरती इस ट्रिप को खास बना देती है। यहां इतिहास, संस्कृति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिलता है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस (22416) नई दिल्ली से चलती है।

चलती ट्रेन में पूजा का वायरल वीडियो: रेलवे ने बताया पूरा सच, 3 लाख में बुक था लग्जरी सैलून कोच; जानिए क्या हैं नियम

worship in train

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन दिनों चलती ट्रेन में पूजा का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुजारी ट्रेन के अंदर भगवान की मूर्ति के सामने अभिषेक और पूजा करते नजर आ रहे हैं। इसे देखकर कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या ट्रेन में इस तरह पूजा करना नियमों के खिलाफ है और क्या इससे यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ा? ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

 

रेलवे ने इस पर जानकारी देते हुए कहा कि कोच को नियमों के तहत बुक किया गया था। इससे किसी यात्री की सुरक्षा या ट्रेन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे पुजारी उसी बुक किए गए सैलून कार में पूजा कर रहे थे। इससे किसी अन्य यात्री या ट्रेन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।

 

3 लाख में बुक किया था सैलून

नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, यह सैलून कार 8 जुलाई 2026 को IRCTC के जरिए कमर्शियल बुकिंग के तहत रिजर्व किया गया था। इसके लिए पार्टी ने 3,08,580 रुपए एडवांस जमा किए थे। यह सैलून कोच 10 जुलाई को नई दिल्ली (NDLS) से मुंबई (BDTS) जाने वाली ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस में एक तरफ की यात्रा के लिए जोड़ा गया था। ALSO READ: 'स्पर्मागेडन' का सच : क्या सच में खत्म हो रही है पुरुषों की प्रजनन क्षमता? जानिए वैज्ञानिकों का हैरान करने वाला दावा

 

गौरतलब है कि सैलून कोच रेलवे का लग्जरी डिब्बा होता है, जिसे आम लोग भी बुक कर सकते हैं। इसमें बेडरूम, बाथरूम, किचन और बैठने की सुविधाएं मिलती हैं। शादी, पारिवारिक यात्रा, धार्मिक कार्यक्रम, ग्रुप टूर या किसी खास मौके के लिए लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। किराया यात्रा की दूरी और अवधि के अनुसार तय होता है। अगर आप छोटे ग्रुप के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो पूरा कोच करने की बजाय सैलून कार भी बुक करा सकते हैं। आम तौर पर 3 रात और 4 दिन की यात्रा के लिए इसकी लागत करीब 1.7 लाख से 2 लाख रुपए के बीच हो सकती है।

 

इससे पहले चलती ट्रेन के सैलून कोच में सुहागरात की सजावट का वीडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए रेलवे ने एक टीटीई को सस्पेंड कर दिया था।

London Trip: प्रधानमंत्री से पब्लिक तक मेट्रो, सिटी बस में सफर करते हैं

London Trip

London Trip 3: लंदन की यातायात व्यवस्था पर नजर डालते हैं। वहां मेट्रो और सिटी बसों की बात करते हैं। मेट्रो को वहां अंडरग्राउंड व ट्यूब कहते हैं। लंदन शहर की आबादी 91 लाख है तो उपनगरों को मिलाकर डेढ़ करोड़ लोग रहते हैं। वहां यातायात का प्रमुख साधन लोक परिवहन ही है। याने मेट्रो व सिटी बस। 543 मेट्रो में रोजाना 32 लाख लोग यात्रा करते हैं। इनमें कुल 4 हजार डिब्बे लगे होते हैं। ये शुक्रवार, शनिवार को 24 घंटे चलती हैं, जबकि अन्य दिनों में सुबह 5 से रात 12 बजे तक। दूसरी तरफ करीब 9 हजार डबल डेकर सिटी बस में 50 लाख लोग सफर करते हैं।

यहां की मेट्रो दुनिया की पहली सेवा है, जो 1863 में प्रारंभ हुई थी, जब और कहीं सोचा भी नहीं जा रहा होगा। 272 स्टेशन के साथ 402 किमी लंबे मार्ग पर यह यात्रा होती है। इसे मुंबई के साथ देखें तो यहां आबादी शहर की 2 करोड़ है और उपनगर सहित 2.35 करोड़ है। 2342 लोकल ट्रेन चलती हैं, जिनमें रोजाना 75 लाख लोग यात्रा करते हैं। वहीं 2600 सिटी बसों में 25 लाख लोग सफर करते हैं। ALSO READ: Trip To London : लंदन में न सड़क पर धरने-प्रदर्शन, न चक्का जाम

 

चूंकि इन दिनों इंदौर में मेट्रो का काम चल रहा है और आंशिक रूप से शुरू भी हुई है तो इस पर बात करते हैं। इंदौर की आबादी करीब 35 लाख है। मेट्रो को पूरी तरह से शुरू होने में न्यूनतम 5 वर्ष तो लगेंगे ही। तब तक लोक परिवहन के तौर पर सिटी बस,ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, नगर सेवा पर निर्भरता है। इंदौर में 35 लाख की आबादी पर 16.33 लाख दो पहिया व 3.38 लाख चार पहिया वाहन पंजीकृत हैं। इनमें कुछ आसपास के इलाकों के भी होंगे। यहां 5.88 लाख आवास हैं। इसका मतलब प्रत्येक दूसरे घर में कार है और प्रत्येक घर में औसत तीन दो पहिया वाहन है। जबकि लंदन की 90 लाख आबादी 37 लाख घरों में रहती है। यहां 80 प्रतिशत लोग मेट्रो व सिटी बस में सफर करते हैं। ALSO READ: Trip To London: पाउंड को रुपए में गिनेंगे तो चाय भी नहीं पी सकेंगे

 

वहां 26.3 लाख कारें व 1.30 लाख दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं। वहां अत्यधिक धनी व्यक्ति ही कार में आना-जाना करता है, क्योंकि शहर में पार्किंग बहुत मंहगी है। सेंट्रल लंदन में दिन भर के लिए 15 से 50 पाउंड (एक पाउंड 130 रुपए का है) तक चार्ज हैं, भले ही एक घंटे में वापस चले जाएं। मोहल्लों में भी बाहरी व्यक्ति को सड़क के दोनों ओर कार पार्क करने की अनुमति तो मिलती है, लेकिन उसके भी चार्ज हैं, जो 4.90 से 7.20 पाउंड (529 से 760 रुपए) तक है। रहवासी के लिए मासिक शुल्क है। याने वहां फ्री फोकट में कुछ नहीं है। मेट्रो में एक रूट के 6 पाउंड लगते हैं, लेकिन 16 पाउंड में दिन भर किसी भी रूट पर आ-जा सकते हैं।

 

इंदौर में लोक परिवहन की दयनीय स्थिति किसी से छुपी नहीं है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि हम लोक परिवहन का उपयोग करना भी नहीं चाहते। हमें ठेठ दुकान व घर तक अपने ही वाहन से जाना है। मेट्रो को तो अभी गिनें ही नहीं। तब लोक परिवहन में केवल 350 सिटी बसें हैं। 20 हजार ऑटो रिक्शा व 8 हजार ई-रिक्शा हैं। 20 लाख पंजीकृत कार-दोपहिया में से यदि 5 लाख भी इंदौर की सड़क पर चलते होंगे तो कल्पना कर लीजिए कि शहर में यातायात का किस कदर सत्यानाश होता रहेगा। वैसे, लोक परिवहन का उपयोग एक आदत होती है, जो हमारी अभी तो नहीं है। हम स्वयं के वाहन से ही आना-जाना अपनी शान समझते हैं, जबकि लंदन या यूरोप में प्रधानमंत्री, मंत्री, मेयर, अधिकारी, करोड़पति, सेलिब्रिटी भी मेट्रो में सफर कर लेते हैं। (क्रमश:)। लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।  

सेव पुरी के लिए 20 मिनट तक बीच सड़क खड़ी रही BEST बस, ड्राइवर की लापरवाही का VIDEO वायरल

मुंबई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सार्वजनिक परिवहन में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। BEST बस ड्राइवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर बस को व्यस्त सड़क के बीच रोककर सेव पुरी खरीदने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि बस कुछ देर तक सड़क पर खड़ी रही, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई और कई वाहन जाम में फंस गए। घटना के बाद यात्रियों और वाहन चालकों में नाराजगी देखने को मिली।

वीडियो में ड्राइवर कुछ लोगों से बहस करता भी नजर आ रहा है, जिसके बाद मामला और तूल पकड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद BEST प्रशासन ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुलुंड की MG Road पर हुआ मामला

बताया जा रहा है कि यह घटना मुंबई के मुलुंड इलाके की MG Road पर हुई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए वीडियो में BEST बस सड़क के बीचों-बीच खड़ी दिखाई दे रही है। वीडियो में बस कंडक्टर ड्राइवर को एक सफेद रंग का पैकेट देते हुए नजर आ रहा है, जबकि ड्राइवर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति से बहस करता दिख रहा है।

जाम में फंसी गाड़ियां, लोगों ने जताई नाराजगी

बस के लंबे समय तक रुके रहने से सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। कई वाहन, जिनमें दूसरी बसें भी शामिल थीं, पीछे फंस गए। जब कुछ लोगों ने ड्राइवर से बस रोकने की वजह पूछी और सड़क बाधित होने पर सवाल उठाए, तो आरोप है कि ड्राइवर ने जवाब देने के बजाय उनसे बहस की और कथित रूप से गुस्से में आ गया।

VIDEO वायरल होते ही BEST प्रशासन हरकत में आया

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद BEST प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, BEST अधिकारियों ने ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच की जिम्मेदारी मुलुंड डिपो मैनेजर को दी गई है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।

सोशल मीडिया पर ड्राइवर के व्यवहार की आलोचना

वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ड्राइवर के रवैये पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारियों को ज्यादा जिम्मेदारी और अनुशासन दिखाना चाहिए।

एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह की लापरवाही से आम लोगों को परेशानी होती है। वहीं कुछ अन्य लोगों ने BEST से ड्राइवर के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

लोगों ने उठाए जिम्मेदारी और नियमों पर सवाल

कई यूजर्स ने कहा कि एक छोटी निजी जरूरत के लिए पूरी सड़क व्यवस्था को प्रभावित करना सही नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर सार्वजनिक बस सेवा के कर्मचारी ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो यात्रियों में भरोसा कैसे बना रहेगा।

एक पैकेट सेव पुरी ने खड़ा कर दिया विवाद

यह मामला अब सिर्फ ट्रैफिक जाम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक सेवा में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। BEST प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर आगे की जांच और फैसले पर है।

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