CSM Tech IPO Listing: फ्लैट लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट, ₹113 के शेयरों ने दिया बड़ा झटका

CSM Tech IPO Listing: खरीदारी के माहौल में भी गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर को आईटी सर्विसेज देने वाली सीएसएम टेक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.37 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹113 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹113.00 और NSE पर ₹113.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹107.35 (CSM Tech Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.48% घाटे में हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में आज अच्छी तेजी है।

CSM Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सीएसएम टेक का ₹146 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-29 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.02 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.54 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.63 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.82 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,29,01,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹22.63 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹56.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

CSM Tech के बारे में

सीएसएम टेक्नोलॉजीज उन कुछ आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स में शुमार हैं जिन्होंने सरकार और प्राइवेट क्वाइंट्स, दोनों के लिए यूनिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। यह माइनिंग, एग्रीकल्चर, ट्रेड एडुकेशन, हेल्थकेयर, टूरिज्म और पब्लिक सर्विसेज सेक्टर्स में सॉल्यूशंस ऑफर करती है। 27 साल से यह ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और डिजिटल इंफ्रा तैयार कर रही है और सरकारी एजेंसियों के लिए लॉन्ग-टर्म पार्टनर के तौर पर काम कर रही है। इसका कारोबार देश के बाहर भी फैला हुआ है। भारत, इथियोपिया, केन्या, रवांडा, गाम्बिया, गैबन, यूएसए और कनाडा समेत 12 देशों के बाजार में यह है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹15.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹12.55 करोड़ रह गया और अगले वित्त वर्ष 2025 में थोड़ा रिकवर होकर ₹14.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना औसतन 11% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹200.63 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹14.70 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹167.05 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹56.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹88.88 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त! लॉन्च रोकने का आदेश, मेटा से 3 दिन में मांगा जवाब : सूत्र

भारत में लोकप्रिय सोशल मैसेजिंग ऐप WhatsApp के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजा है। साथ ही साफ निर्देश दिया है कि जब तक इस मामले पर सरकार की सलाह-मशविरा प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए। सरकारी सूत्रों ने Moneycontrol को यह जानकारी दी है।

तीन दिन में मांगा जवाब

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने Meta से इस फीचर को लेकर तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। कंपनी को बताना होगा कि यह फीचर कैसे काम करेगा। साथ ही, इससे जुड़े सुरक्षा और अन्य पहलुओं को कैसे संभाला जाएगा।

WhatsApp का यूजरनेम फीचर क्या है?

WhatsApp यूजर्स नए फीचर के आने के बाद अपना एक यूनिक यूजरनेम बना सकेंगे। इसके जरिए लोग बिना मोबाइल नंबर साझा किए भी एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। WhatsApp ने पहले कहा था कि इस साल फीचर के बड़े रोलआउट से पहले यूजर्स को अपना यूनिक यूजरनेम रिजर्व करने का विकल्प मिलेगा। अभी WhatsApp पर सभी यूजर्स के लिए मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य रहता है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि Meta को साफ तौर पर कहा गया है कि जब तक सरकार की परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं किया जाएगा।

सरकार को किस बात की चिंता?

सरकार इस फीचर के असर की जांच कर रही है। खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि यूजरनेम के जरिए लोगों की पहचान की पुष्टि कैसे होगी और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा।

हाल की रिपोर्टों में भी कहा गया था कि सरकार इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इस फीचर का इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देने या दूसरे तरह के दुरुपयोग के लिए तो नहीं किया जा सकता।

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Aastha Spintex IPO: तीन दिनों में 3 गुना भरा आईपीओ, पैसे लगाने से पहले चेक करें पूरी डिटेल्स

Aastha Spintex IPO: आईपीओ खुलने के तीसरे और आखिरी दिन आस्था स्पिटेंक्स तीन गुने से अधिक भर गया। इसके ₹170 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों की स्थिति प्रीमियम दिख रही है। फिलहाल यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹6 यानी 4.41% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। इसके शेयरों की 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई एंट्री होगी।

सब्सक्रिप्शन डिटेल्स

QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स)- 1.04 गुना

NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स)- 5.41 गुना

रिटेल इंवेस्टर्स- 1.73 गुना

टोटल- 3.06 गुना

(सोर्स: बीएसई, 01 Jul 2026 | 01:18:00 PM )

Aastha Spintex IPO: खास बातें

आस्था स्पिेंटक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून को खुला था और आज 1 जुलाई तक के लिए मौका खुला। इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹125-₹126 फिक्स किया गया है और लॉट साइज 110 शेयरों का है यानी कि खुदरा निवेशकों को कम से कम ₹14,960 में बोली लगानी है। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इन नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

कंपनी के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

OYO IPO का 75% पैसा कर्ज चुकाने में होगा खर्च! ₹6650 करोड़ के इश्यू को लेकर ये है ओयो का प्लान

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HUDCO Shares: Q1 में दोगुना लोन अप्रूव, धमाकेदार बिजनेस अपडेट पर चमके शेयर

HUDCO Shares: हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) के शेयर जून 2026 तिमाही के कारोबारी अपडेट पर रॉकेट बन गए। लोन सैंक्शन के करीब दोगुना होने औ डिस्बर्समेंट्स में 28% के उछाल ने इसके शेयरों की चमक बढ़ा दी और यह 3% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे शेयरों की चमक कुछ फीकी पड़ी लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने भाव टूटने नहीं दिया और अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 1.85% की बढ़त के साथ ₹208.90 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.17% के उछाल के साथ ₹211.60 तक चढ़ गया था।

HUDCO के बिजनेस अपडेट की खास बातें

एक्सचेंज फाइलिंग में दिए गए हुडको के बिजनेस अपडेट के मुताबिक जून 2026 तिमाही में कंपनी का लोन सैंक्शन्ड सालाना आधार पर ₹33,904 करोड़ से उछलकर ₹65,485 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान लोन डिस्बर्समेंट्स भी ₹12,812 करोड़ से 28% बढ़कर ₹16,377 करोड़ पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने कुल ₹1.64 लाख करोड़ के लोन मंजूर किए और ₹51,194 करोड़ के लोन बांटे। कंपनी का फोकस अर्बन इंफ्रा फाइनेंसिंग पर तेजी से बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में इसकी कंपनी के कुल लोन बुक में करीब 74% हिस्सेदारी रही। पिछले वित्त वर्ष में कोई नया एनपीए नहीं जुड़ा, जबकि ₹403 करोड़ की रिकवरी हुई। साथ ही कंपनी की उधारी लागत भी सालाना आधार पर 7.44% से घटकर 6.56% रह गई।

हुडको ने किया मालामाल

करीब छह साल पहले कोरोना महामारी के समय हुडको के शेयर फर्श पर थे और 24 मार्च 2020 को यह महज ₹18.05 में मिल रहा था। इसके बाद शेयरों ने रफ्तार पकड़ी और 4 ही साल में यह 1860.94% उछलकर 15 जुलाई 2024 को ₹353.95 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई है। इस प्रकार महज चार साल में इसने निवेशकों का पैसा करीब 20 गुना बढ़ा दिया।

पिछले एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो इसने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 18 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹246.90 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 4 महीने में यह 35.62% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹158.95 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Waterways Leisure Tourism IPO Listing: ₹681 पर ₹808 का शेयर लिस्ट, क्रूज कंपनी में फ्लश निवेशकों का पैसा

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SME Listing: तीन लिस्टिंग, दो ने लगाया तगड़ा करंट, एक में प्रीमियम एंट्री के बाद और बढ़ा पैसा

SME Listing: मेनबोर्ड सेगमेंट में आज दो स्टॉक्स- अद्वित ज्वेल्स (Advit Jewels) और कॉर्डेला क्रूजेज (Cordella Cruises) की पैरेंट कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म (Waterways Leisure Tourism) की एंट्री हुई तो एसएमई सेगमेंट में भी जिवियल इंडस्ट्रीज (Jivial Industries), श्रीधर स्पिनर्स (Shreedhar Spinners) और रियासत लाइफस्टाइल (Riyaasat Lifestyle) के शेयर लिस्ट हुए। इनमें से दो ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया क्योंकि इन्होंने लिस्टिंग पर मुनाफा देने की बजाय 20% पूंजी ही घटा दी। श्रीधर स्पिनर्स ने जरूर ढाई फीसदी से अधिक का लिस्टिंग गेन दिया।

स्टॉकइश्यू प्राइस लिस्टिंग प्राइस लिस्टिंग गेन/लॉसमौजूदा भावप्रॉफिट/लॉस
Jivial Industries ₹196₹156.80(-)20.00%₹151.25 (-)22.83%
Shreedhar Spinners ₹53₹54.40 2.64% ₹57.10 7.74%
Riyaasat Lifestyle ₹106₹84.80 (-)20.00% ₹80.60(-)23.96%

Jivial Industries

एल्युमीनियम रेलिंग और फिक्स्चर बनाने वाली जिवियल इंडस्ट्रीज के ₹32 करोड़ के आईपीओ को फीकी रिस्पास मिला था और 0.93 गुना ही भरा था। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा तो 22% ही भर पाया जबकि एनआईआई (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) का हिस्सा 1.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपाओ के तहत ‌₹27 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं तो ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए भी ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2,72,400 शेयरों की बिक्री हुई है।

आईपीओ के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी पैसे शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹14.40 करोड़ मशीनरी खरीदने, ₹4.00 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के रिनोवेशन, और बाकी पैसे आईपीओ के खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 59% के सीएजीआर से बढ़कर ₹2.97 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 19% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹12.07 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने में कंपनी को ₹2.95 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹12.20 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹1.23 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹8.35 करोड़ पड़े थे।

Shreedhar Spinners

कॉटन के धागे बनाने वाली श्रीधर स्पिनर्स के ₹31 करोड़ के आईपीओ को अच्छा रिस्पांस मिला था और 6.70 गुना भरा था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB (एक्स-एंकर) का हिस्सा 2.51 गुना, एनआईआई का हिस्सा 14.58 गुना और खुदरा निवेशकों का 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 57.88 लाख नए शेयर ₹53 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹21.04 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹4.95 करोड़ मौजूदा मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए मशीनरी खरीदने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 35% के सीएजीआर से बढ़कर ₹6.17 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 7% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹146.55 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹115.90 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹14.11 करोड़ पड़े थे।

Riyaasat Lifestyle

एथनिक वियर कंपनी रियासत लाइफस्टाइल के ₹30 करोड़ के आईपाओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 1.32 गुना भरा था लेकिन खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.44 गुना और एनआईआई का हिस्सा 0.09 गुना ही भरा जबकि QIB (एक्स-एंकर) का ही हिस्सा 20.33 गुना भरा। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,48,800 शेयर ₹106 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹12.47 करोड़ चार नए शोरूम बनाने, ₹9.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 29% के सीएजीआर से बढ़कर ₹4.87 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 9% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹25.19 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 10 महीने में कंपनी को ₹4.29 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹28.13 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹38.97 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹9.50 करोड़ पड़े थे।

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Waterways Leisure Tourism IPO Listing: ₹808 का शेयर ₹681 पर लिस्ट, Cordella Cruises ने दिया शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Advit Jewels IPO Listing: 100% हाथ से गहने बनाने वाली यानी हर पीस मास्टरपीस बनाने वाली अद्वित ज्वेल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 212 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹187.00 और NSE पर ₹188.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 37% का लिस्टिंग गेन (Advit Jewels Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹190.00 (Advit Jewels Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 37.68% मुनाफे में हैं।

Advit Jewels IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अद्वित ज्वैल्स का ₹165 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 174.98 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 536.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 95.30 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,19,68,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹65.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और ₹65.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advit Jewels के बारे में

अद्वित ज्वेल्स जयपुर की एक ज्वेलरी कंपनी है जो “Rambhajo” ब्रांड नाम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) जैसे हाथ से बनी बेहतरीन ज्वेलरी बनाने में माहिर है। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है लेकिन खास ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के लिए बी2सी सर्विसेज भी देती है। चूंकि इसकी ज्वेलरी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, जिससे हर पीस एक मास्टरपीस होता है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी कुल कमाई का 81.63% हिस्सा बी2बी सेगमेंट से और 18.37% हिस्सा बी2सी सेगमेंट से आया। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 3डी प्रिंटर और कास्टिंग यूनिट जैसी आधुनिक मशीनों से लैस है। इससे सोना पिघलाने से लेकर पॉलिशिंग और क्वालिटी चेक तक की पूरी प्रक्रिया इन-हाउस यानी कंपनी के अंदर ही पूरी की जा सकती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 56% के CAGR से ₹25.37 करोड़ और रेवेन्यू 63% के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअरल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹124.94 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹25.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹123.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹64.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹51.64 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।