लोअर बर्थ से व्हीलचेयर बुकिंग तक, बुजुर्गों को मिलेगा सब कुछ, बस अपनाएं IRCTC टिकट बुकिंग के ये स्मार्ट टिप्स!

अगर आप या आपके घर के कोई वरिष्ठ नागरिक 2026 में ट्रेन से सफर करने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो टिकट बुकिंग के समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही जानकारी भरने, समय पर टिकट बुक करने और अवेलेबल फैसिलिटीज का सही यूज करने से जर्नी ज्यादा आरामदायक और बिना किसी परेशानी के हो सकती है।

 

सीनियर सिटीजन से जुड़े रूल और एलिजिबिलिटी पहले चेक कर लें

क्या भारत में वरिष्ठ नागरिकों/सेवानिवृत्त लोगों को क्रेडिट कार्ड पर विचार करना चाहिए?

टिकट बुक करने से पहले भारतीय रेलवे के मौजूदा नियमों और सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) के लिए अवेलेबल फैसिलिटीज की इनफार्मेशन जरूर लें। समय-समय पर रेलवे की पॉलिसी में बदलाव हो सकता है, इसलिए ट्रेवलिंग से पहले ताजा नियम देखना बेहतर रहता है।

 

 

केवल IRCTC की ऑफिशल वेबसाइट या Rail Connect ऐप से बुकिंग करें

This may contain: a woman sitting in front of a laptop computer holding two boarding cards and an airline ticket

हमेशा टिकट बुक करने के लिए IRCTC की ऑफिशल वेबसाइट या Rail Connect ऐप का ही इस्तेमाल करें। इससे आपकी बुकिंग सिक्योर रहती है और किसी तरह की धोखाधड़ी या गलत जानकारी की संभावना कम हो जाती है।

 

 

उम्र और आइडेंटिटी से जुड़ी डिटेल सही भरें

Story pin image

बुकिंग करते समय नाम, उम्र, लिंग और गवर्मेंट आइडेंटिटी प्रूफ (आधार, वोटर ID, पासपोर्ट आदि) की जानकारी बिल्कुल सही दर्ज करें। सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) के लिए उम्र की सही डिटेल देना खास तौर पर जरूरी है, क्योंकि जर्नी के दौरान इसकी चेकिंग की जा सकती है।

 

 

बुकिंग के समय लोअर बर्थ का ऑप्शन जरूर चुनें

Budget 2026: Government May Reintroduce Railway Concessions For Senior Citizens - Outlook Money

अगर सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) को नीचे वाली सीट की जरूरत है, तो टिकट बुक करते समय लोअर बर्थ का ऑप्शन जरूर चुनें। सीट अलोकेशन अवेलेबिलिटी के बेस पर होता है, लेकिन सही ऑप्शन चुनने से लोअर बर्थ मिलने की संभावना बढ़ जाती है और सफर ज्यादा सुविधाजनक रहता है।

 

 

सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) को प्रायोरिटी

This may contain: the man and woman are walking with their luggage

भारतीय रेलवे सीनियर सिटीजन को प्रिऑरिटीज के बेस पर लोअर बर्थ एलोकेट करती है। कई ट्रेनों में इसके लिए अलग लोअर बर्थ कोटा भी रखा गया होता है, जिससे चढ़ने-उतरने में आसानी हो सके।

जर्नी के दौरान गवर्मेंट फोटो ID साथ रखें

Tatkal ticket को लेकर बदले गए नियम, 1 जुलाई से बिना आधार ऑथन्टिकेशन नहीं होगी बुकिंग

जिस गवर्मेंट फोटो ID का इस्तेमाल टिकट बुकिंग के समय किया गया है, उसे जर्नी के दौरान अपने साथ जरूर रखें। टिकट एग्जामिनर जरूरत पड़ने पर आइडेंटिटी और उम्र का प्रूफ मांग सकते हैं, इसलिए वैलिड आइडेंटिटी साथ होना जरूरी है।

 

एडवांस में टिकट बुक कराएं

This contains: A person uses a smartphone to fill out an economy vehicle booking form while standing at a tram stop. This mobile search serves as an insider method for securing the cheapest car rental in Melbourne.

 

सीनियर सिटीजन के लिए समय रहते टिकट बुक करना सबसे अच्छा ऑप्शन है। जल्दी बुकिंग करने से पसंदीदा ट्रेन, सुविधाजनक सीट और लोअर बर्थ मिलने की संभावना बढ़ जाती है। त्योहारों, छुट्टियों और पीक सीजन में यह और भी जरुरी हो जाता है।

 

New IRCTC Website: आज लाइव हो रही है आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट, 5 गुना तेजी से बुक होंगे तत्काल टिकट! मिलेंगे ये स्मार्ट फीचर्स

New IRCTC Website: भारतीय रेलवे के जरिए सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) आज यानी 15 जुलाई को अपनी नए सिरे से डिजाइन की गई टिकट बुकिंग वेबसाइट को लाइव करने जा रहा है। इस नए और अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म से यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग को बेहद तेज, आसान और सुलभ एक्सपीरियंस वाला होने का दावा किया जा रहा है।

भारतीय रेलवे डिजिटल सेवाओं को आधुनिक बनाने के प्रयासों के तहत यह बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है। दरअसल पीक आवर्स (खास तौर पर तत्काल बुकिंग के समय) के दौरान वेबसाइट के धीमे होने और टिकट बुकिंग फेल होने को लेकर यात्री लगातार शिकायतें कर रहे थे। दावा किया जा रहा है कि नई वेबसाइट इन सभी समस्याओं को काफी हद तक दूर कर देगी। आइए जानते हैं कि नई वेबसाइट में क्या बदलाव किए गए हैं और यात्रियों को कौन से नए स्मार्ट फीचर्स मिलेंगे।

5 गुना तेज बुकिंग और भारी-भरकम ट्रैफिक संभालने की क्षमता

नई वेबसाइट का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सुधार इसकी ट्रैफिक संभालने की क्षमता में किया गया है। रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक नया प्लेटफॉर्म अब हर मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। यह मौजूदा सिस्टम की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है। अभी का सिस्टम प्रति मिनट सिर्फ 32000 बुकिंग ही संभाल पाता था।

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के बैकएंड को भी मजबूत किया गया है। अब यह प्रति मिनट 40 लाख से अधिक पूछताछ को सपोर्ट कर सकता है। पुराना सिस्टम सिर्फ 4 लाख पूछताछ ही संभाल पाता था। टिकट बुकिंग और दूसरी कैपिसिटी में हुई इस बढ़ोतरी के बाद पीक आवर्स में वेबसाइट के धीमे होने, पेमेंट फेल होने और बुकिंग एरर जैसी समस्याओं में भारी कमी आएगी।

यात्रियों के लिए नए और बेहद स्मार्ट फीचर्स

प्रदर्शन में सुधार के अलावा आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। अब यात्री टिकट बुकिंग के दौरान अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे। पहले यात्रियों को पूरी तरह से ऑटोमैटिक सीट आवंटन पर निर्भर रहना पड़ता था। इसमें एक फेयर कैलेंडर फीचर जोड़ा गया है। इसकी मदद से यात्री टिकट बुक करने से पहले अलग-अलग तारीखों के किरायों की तुलना कर सकेंगे। यह उन यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद होगा जिनके सफर की तारीखें फ्लेक्सिबल हैं और जो कम किराये में सफर करना चाहते हैं।

बुकिंग इंटरफेस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि अब स्लीपर, एसी 3 टियर और एसी 2 टियर जैसी कई श्रेणियों की सीट उपलब्धता को एक ही स्क्रीन पर देखा जा सकेगा। इसके लिए यात्रियों को बार-बार अलग-अलग टैब बदलने की जरूरत नहीं होगी।

आसान पहुंच और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस

नई वेबसाइट कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगी। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों के लिए अपनी भाषा में टिकट बुक करना आसान हो जाएगा। छात्रों, दिव्यांगजनों और मरीजों के लिए दी जाने वाली कंसेशन बुकिंग सेवाओं को अब एक ही यूनीफाइड सिस्टम में जोड़ दिया गया है।

वेबसाइट के इंटरफेस को काफी सुव्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाया गया है। अब टिकट बुक करते समय यात्रियों को गैर-जरूरी पॉप-अप विज्ञापनों, बैनरों और बार-बार आने वाले कैप्चा वेरिफिकेशन से परेशान नहीं होना पड़ेगा। इससे बुकिंग की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी।

रेलवे के बड़े डिजिटल कायाकल्प का हिस्सा

आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट का लॉन्च होना भारतीय रेलवे में चल रहे एक बड़े डिजिटल बदलाव का हिस्सा है। यात्री सेवाओं में सुधार के साथ-साथ रेलवे ने हाल ही में बुनियादी ढांचे, माल ढुलाई संचालन और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने से जुड़े कई बड़े सुधारों का भी ऐलान किया है।

ये भी पढ़ें- धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम पर मारपीट और फायरिंग का आरोप, बागेश्वर बाबा बोले- ‘उससे कोई संबंध नहीं’

Indian Railways New Rules: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के सिस्टम में किया बड़ा बदलाव, रिफंड का नियम बदला, नया स्लैब जानिए

Railway Ticket Cancel Rule: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने और अपनी व्यवस्था को अधिक कुशल बनाने के लिए टिकट कैंसिलेशन, रिफंड और बोर्डिंग नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव रेलवे द्वारा शुरू किए गए 52 हफ्तों में 52 सुधार कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इसके तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, टिकट कैंसिलेशन, यात्री बोर्डिंग और माल परिवहन को कवर करने वाले पांच नए सुधारों की घोषणा की गई है। सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन बड़े सुधारों की जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि टिकट कैंसिल कराने पर अब आपको कितना रिफंड मिलेगा और रेलवे के अन्य नए नियम क्या हैं।

टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नए नियम: जानें नया स्लैब

रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों को पूरी तरह से बदल दिया है। अब ट्रेन छूटने के समय के आधार पर रिफंड के लिए निम्नलिखित स्लैब तय किए गए हैं-

ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक पहले: Dij कोई यात्री ट्रेन छूटने से 72 घंटे से अधिक समय पहले अपना टिकट कैंसिल करता है तो उसे सिर्फ प्रति यात्री एक फ्लैट न्यूनतम कैंसिलेशन शुल्क देना होगा।

72 घंटे से 24 घंटे के बीच: अगर टिकट को ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे और 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है तो टिकट किराए का 25% हिस्सा कैंसिलेशन शुल्क के रूप में काटा जाएगा।

24 घंटे से 8 घंटे के बीच: ट्रेन छूटने से 24 घंटे और 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को सिर्फ 50% किराया ही रिफंड के रूप में वापस मिलेगा (यानी 50% चार्ज कटेगा)।

8 घंटे से कम समय बचे होने पर: अगर ट्रेन प्रस्थान करने में 8 घंटे से कम का समय बचा है और तब टिकट कैंसिल किया जाता है तो यात्री को कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।

देश के किसी भी काउंटर से कैंसिल होगा टिकट

यात्रियों की सुविझा के लिए रेलवे ने नियम बनाया है कि अब काउंटर टिकटों को देश के किसी भी रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर कैंसिल कराया जा सकेगा। पहले यह सुविधा सिर्फ उसी स्टेशन पर उपलब्ध थी जहां से टिकट बुक किया गया था।

चार्ट बनने का झंझट खत्म, 30 मिनट पहले तक बदलें बोर्डिंग स्टेशन

अब यात्री ट्रेन के प्रस्थान करने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इससे पहले का नियम यह था कि बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव केवल रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने से पहले तक ही किया जा सकता था।

रेलवे ठेकेदारों के लिए नियम हुए सख्त

इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ठेकेदारों की पात्रता के नियमों को कड़ा कर दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल प्रासंगिक अनुभव वाले ठेकेदार ही प्रमुख रेलवे कार्यों को अपने हाथ में लें। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों के पास अब अतीत में कम से कम 20% समान कार्य पूरा करने का अनुभव होना अनिवार्य है।

निविदा प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बिड सिक्योरिटी को परियोजना मूल्य का 2% तय किया गया है। इसके अलावा ₹10 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के लिए निविदा में भाग लेने की अनुमति देने से पहले ठेकेदारों की बोली लगाने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

माल परिवहन में सुधार: नमक के लिए विशेष कंटेनर

रेलवे ने माल परिवहन को और बेहतर बनाने के लिए भी सुधारों की घोषणा की है। ऑटोमोबाइल के परिवहन के लिए सिंगल-स्टैक और डबल-स्टैक वैगनों की शुरुआत की जा रही है। नमक के परिवहन के लिए मंत्रालय नए स्टेनलेस स्टील कंटेनर पेश कर रहा है जिन्हें ऊपर से लोड और साइड से अनलोड किया जा सकता है। इस नई प्रणाली से जंग, पानी के रिसाव और रखरखाव के नुकसान को कम करने की उम्मीद है। इससे नमक को सीधे उत्पादन स्थलों पर लोड कर विभिन्न परिवहन माध्यमों से अधिक कुशलता से भेजा जा सकेगा।

यह भी पढ़ें: 12 घंटे के सफर सिर्फ दो घंटे में होगा पूरा! इन रूट पर 3 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का ऐलान

Viral Post: ‘पहले हां कहा, फिर कर दिया मना’ सीट बदलने से इनकार करने वाले यात्री का पोस्ट वायरल

ट्रेन में सीट बदलने को लेकर एक पैसेंजर की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब वायरल हो रही है। पैसेंजर ने बताया कि दो युवतियों ने उनसे सीट बदलने का अनुरोध किया था और वह इसके लिए तैयार भी हो गया था। लेकिन बातचीत के दौरान उनके व्यवहार से उसे असहज महसूस हुआ, जिसके बाद उसने अपना फैसला बदल दिया। इस घटना को शेयर करते हुए पैसेंजर ने पूछा कि क्या दूसरे लोगों ने भी ट्रेनों में अक्सर होने वाले “एडजस्ट कर लीजिए” वाले दबाव का सामना किया है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

सीट बदलने को लेकर पोस्ट वायरल

Reddit पोस्ट में व्यक्ति ने बताया, “लड़की ने मुझसे सीट बदलने के लिए कहा, लेकिन उसका व्यवहार ठीक नहीं था” टाइटल से शेयर किए गए। पैसेंजर ने बताया कि, वह ट्रेन के 3E कोच में मिडिल बर्थ पर सफर कर रहा था। तभी दो महिलाएं उसके पास आईं और सीट बदलने का अनुरोध किया। उनमें से एक की उसी कंपार्टमेंट में ऊपरी बर्थ थी, जबकि दूसरी महिला की सीट उसी कोच में किसी दूसरे स्थान पर थी। पैसेंजर ने बताया, “मैंने शुरुआत में सीट बदलने के लिए हां कर दी थी।”

सीट देने से कर दिया मना

उन्होंने कहा कि, “मैंने अपनी सीट पर पहले ही बिस्तर लगा लिया था, इसलिए उसे बस उस सीट पर बिस्तर लगाना चाहिए। ठीक है, है ना?” उनकी सिर्फ एक शर्त थी कि उन्होंने अपनी सीट पर पहले से ही बिस्तर लगा रखा है, इसलिए दूसरी सीट पर भी बिस्तर वही लगा दें। उसके मुताबिक, इस पर महिला ने जवाब दिया, “ये भी मैं ही करूं? इतना तो खुद कर लो।” पैसेंजर का कहना है कि इसी जवाब के बाद उसने अपना फैसला बदलने का मन बना लिया। पैसेंजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे नहीं पता उस समय मुझे क्या हुआ, लेकिन मैं नाराज हो गया और मैंने साफ कह दिया, ‘आप किसी और से पूछ लीजिए, मैं किसी भी हालत में सीट नहीं बदलूंगा।'”

लोगों ने कहा सीट बदलने को

उसके मुताबिक, महिला वहां से चली गई, लेकिन कुछ देर बाद लौटकर बोली, “ठीक है, मैं बिस्तर लगा दूंगी।” वहीं, तब तक पैसेंजर अपना फैसला बदल चुका था और उसने सीट बदलने से इनकार कर दिया। पैसेंजर के मुताबिक, मामला तब और बढ़ गया जब दूसरे यात्रियों ने भी उससे सीट बदलने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने कहा, “अरे, जाने दीजिए, सबको कहीं न कहीं जाना है। थोड़ा एडजस्ट करके चलना चाहिए।” इस पर उसने पास बैठे एक पैसेंजर से पूछा, “अगर ऐसा है, तो क्या आप अपनी सीट बदलने के लिए तैयार हैं?” जवाब में उस पैसेंजर ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ सफर कर रहा है, इसलिए ऐसा नहीं कर सकता।

फैसले पर कोई पछतावा नहीं

पोस्ट में आगे पैसेंजर ने लिखा कि उसने भी बाकी सभी की तरह पूरा किराया देकर टिकट लिया है और उसका मानना है कि सीट बदलने की बात विनम्रता से रखी जानी चाहिए, यह मानकर नहीं कि सामने वाला हर हाल में मान जाएगा। उसने लिखा, “मुझ पर रौब मत दिखाइए और फिर यह उम्मीद मत रखिए कि मैं आपकी हर बात मान लूंगा।” उसने यह भी कहा कि कुछ देर के लिए आसपास बैठे लोगों की नजरों से उसे अपराधबोध जरूर हुआ, लेकिन बाद में उसे अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं हुआ।

यूजर ने किया कमेंट

सोशल मीडिया पर यह पोस्ट सामने आने के बाद कई लोगों ने अपनी राय दी। बड़ी संख्या में यूजर्स ने पैसेंजर के फैसले का समर्थन किया। वहीं, कई अन्य लोगों ने भी ट्रेन यात्रा के दौरान सीट बदलने के लिए दबाव बनाए जाने से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की। एक यूजर ने लिखा, “ओपी, बदतमीज लोगों के लिए कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। अगर उनका व्यवहार अच्छा होता, तो शायद उन्हें सीट मिल जाती। यह पूरी तरह उनकी अपनी गलती है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “लोग अक्सर किसी की विनम्रता को उसकी कमजोरी समझ लेते हैं। तुमने बिल्कुल सही किया। जब सामने वाले ने देखा कि तुमने पहले से बिस्तर लगा रखा है, तब उसे सम्मान से बात करनी चाहिए थी। यह सामान्य शिष्टाचार है।” एक और यूजर ने रिएक्शन देते हुए कहा, “तुम्हारा जवाब बिल्कुल सही था। ऐसे लोगों को सीधे और साफ जवाब मिलना ही चाहिए।”

शाही सफर करें सिर्फ ₹1 लाख में, जानिए रेलवे के VIP सलून कोच की बुकिंग का पूरा प्रोसेस

रेलवे के सलून कोच का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों में इसे लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई। इस वीडियो ने कई पैसेंजर के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर सलून कोच क्या होता है और क्या आम लोग भी इसमें सफर कर सकते हैं। दरअसल, रेलवे का यह खास कोच लग्जरी सुविधाओं के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं सलून कोच की बुकिंग, खर्च और इसमें मिलने वाली सुविधाओं के बारे में:

क्या होता है रेलवे का सलून कोच

Golden chariot luxury train to operate two itineraries this month, ETTravelWorld

रेलवे सलून कोच एक खास और लग्जरी कोच होता है, जिसमें पैसेंजर को आरामदायक सफर के लिए कई सुविधाएं मिलती हैं। इसमें दो बेडरूम, एक हॉल, किचन और बाथरूम जैसी सुविधाएं होती हैं। शुरुआत में इन कोचों का इस्तेमाल ब्रिटिश काल से ही सीनियर रेलवे ऑफिसर की ट्रैवल के लिए किया जाता था। रेलवे अधिकारी दूर-दराज के इलाकों में इंस्पेक्शन, इंवेस्टिगेशन या इमरजेंसी में इन सलून कोचों का यूज करते हैं। देशभर के अलग-अलग रेलवे जोन में कुल 336 सलून कोच हैं, जिनमें से कई एयर कंडीशन्ड भी हैं।

राष्ट्रपति से भी जुड़ी है सलून कोच की हिस्ट्री

This may contain: the inside of a train car with couches, tables and windows on each side

रेलवे सलून कोच का इस्तेमाल देश के बड़े नेताओं और राष्ट्रपतियों की ट्रैवल के लिए भी किया गया है। साल 1956 से राष्ट्रपति के लिए सलून कोच की सुविधा शुरू हुई थी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. एस. राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन और अन्य राष्ट्रपतियों ने इससे ट्रैवल की थी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने साल 2006 में इस कोच से आखिरी जर्नी की थी। बाद में पुराने होने के कारण इसे कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, लेकिन 2018 में इसे फिर से शुरू किया गया और आम पैसेंजर के लिए भी बुकिंग की फैसिलिटी उपलब्ध कराई गई।

आम पैसेंजर ऐसे करें सलून कोच की बुकिंग

Golden Chariot History, Introduction of Golden Chariot

अब आम पैसेंजर भी रेलवे के सलून कोच में सफर कर सकते हैं। इसके लिए IRCTC की वेबसाइट के जरिए बुकिंग करनी होती है। यात्री को IRCTC FTR (Full Tariff Rate) पोर्टल पर जाकर ट्रेन और रूट की जानकारी देनी होती है। अगर चुने गए रूट पर सलून कोच अवेलेबल है, तो इसे बुक किया जा सकता है। इस कोच में लगभग 8 लोग आराम से ट्रैवल कर सकते हैं और सफर के दौरान एक अटेंडेंट भी साथ रहता है।

सलून कोच बुक करने का खर्च

This may contain: the inside of a train car with lots of wood and glass on the windows,

सलून कोच की बुकिंग के लिए पैसेंजर को एक तय राशि जमा करनी होती है। इसके अलावा ज्यादा दिनों के लिए अलग से शुल्क देना पड़ता है। अगर पैसेंजर को खाना बनाने के लिए कुक की जरूरत हो तो इसकी फैसिलिटी भी दी जा सकती है। आमतौर पर रूट और ट्रैवल टाइम के हिसाब से इसका खर्च करीब 2 से 3 लाख रुपये तक जा सकता है। बुकिंग के लिए पहले से प्लानिंग बनाना जरूरी होता है, क्योंकि इसे लगभग 6 महीने पहले तक बुक किया जा सकता है।

सलून कोच बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Railways' make in India: A look at 24 coach train features - BusinessToday

सलून कोच की सुविधा लेने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। यह फैसिलिटी कम से कम 500 किलोमीटर की जर्नी के लिए अवेलेबल होती है। बुकिंग के समय सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होता है और रूट पर कोच की अवेलेबिलिटी भी जरूरी है। यह सामान्य ट्रेन टिकट की तरह नहीं होता, बल्कि एक प्रीमियम और प्राइवेट ट्रैवल एक्सपीरियंस देता है, जिसमें पैसेंजर को ट्रेन के अंदर घर जैसी फैसिलिटी मिलती हैं।

टिकट बुकिंग का झंझट खत्म! जानें IRCTC के नए स्मार्ट फीचर के बारे में

रेलवे से ट्रैवल करने वाले करोड़ों पैसेंजर के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही IRCTC की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च होने वाला है, जिससे ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। आइए जानते हैं नई वेबसाइट में कौन-कौन से नए फीचर्स जोड़े गए हैं और इससे पैसेंजर को क्या-क्या फायदे मिलेंगे:

15 जुलाई तक लॉन्च हो सकती है नई वेबसाइट

IRCTC shares jump 2% as Indian Railways to hike passenger fares from July 1 - The Economic Times

IRCTC की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन और अपग्रेडेड पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) का रिव्यू पूरा हो चुका है। रेलवे इसे 15 जुलाई 2026 तक आम लोगों के लिए लाइव कर सकता है। वेबसाइट को बेहतर बनाने में CRIS, IRCTC और MNIT जयपुर के स्टूडेंट्स ने मिलकर टेक्निकल सुधार किए हैं। इससे पैसेंजर को पहले से बेहतर और स्मूथ ऑनलाइन टिकट बुकिंग का एक्सपीरियंस मिलेगा।

एक स्क्रीन पर दिखेंगी सभी सीटों की जानकारी

Free Upgrade From Sleeper Class To 2AC: New Indian Railways Scheme | Check Details | Auto News - News18

नई वेबसाइट में सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि अब स्लीपर, 3AC, 2AC और दूसरी सभी क्लासेज की अवेलेबल सीटें एक ही स्क्रीन पर दिखाई देंगी। अलग-अलग कैटेगरी देखने के लिए बार-बार क्लिक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे पैसेंजर को सीटों की अवेलेबिलिटी एक नजर में समझ आ जाएगी और समय की बचत होगी।

कैप्चा और पॉप-अप से मिलेगी राहत

160km की रफ्तार से चलेगी रैपिड ट्रेन, अब 3 घंटे नहीं सिर्फ 60 मिनट का होगा पटना से मुजफ्फरपुर का सफर!

टिकट बुकिंग के दौरान आने वाले उलझाऊ कैप्चा, फ्लैशिंग ग्राफिक्स और अनचाहे पॉप-अप को हटाया जा रहा है। इससे वेबसाइट ज्यादा साफ, तेज और उपयोग में आसान बनेगी। खासकर तत्काल टिकट बुक करने वाले पैसेंजर को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।

तेज होगी टिकट बुकिंग प्रोसेस

ऑनलाइन क्लास प्लेटफॉर्म: 2026 में अपने कोर्स लॉन्च करें और उनका विस्तार करें

रेलवे ने टिकट बुकिंग के स्टेप्स कम कर दिए हैं, जिससे फास्ट चेकआउट की सुविधा मिलेगी। पैसेंजर की नाम, उम्र जैसी जानकारी पहले से सेव रहेगी, जिससे बार-बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। इससे तत्काल और सामान्य टिकट पहले से ज्यादा तेजी से बुक किए जा सकेंगे।

40 साल पुराना PRS सिस्टम होगा अपग्रेड

Indian Railways: रेलवे अगस्त से रिजर्वेशन सिस्टम बदल देगा

रेलवे अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को भी अपग्रेड कर रहा है। IRCTC के अधिकारियों के अनुसार, नया सिस्टम टिकट बुकिंग को पहले से ज्यादा तेज, आसान और भरोसेमंद बनाएगा। इससे वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक होने पर भी बेहतर परफॉरमेंस और कम टेक्निक दिक्कतें देखने को मिलेंगी।

Namo Bharat Rapid Rail: क्या अब हर 3 मिनट पर मिलने जा रही है ‘नमो भारत’ रैपिड रेल? NCRTC ने बताया यात्रियों के लिए क्या है मेगा प्लान

Namo Bharat Rapid Rail: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दौड़ने वाली नमो भारत रैपिड रेल के यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर आई है। नमो भारत नेटवर्क पर यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने भविष्य के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। पीटीआई को दिए एक खास इंटरव्यू में NCRTC के MD शलभ गोयल ने बताया कि अभी नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना करीब 1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं।

गोयल ने बताया कि इस समय ट्रेनें करीब 10 मिनट के गैप में चल रही हैं। लेकिन यात्रियों की डिमांड और जरूरत के हिसाब से इस फ्रीक्वेंसी को घटाकर सिर्फ 3 मिनट किया जा सकता है। कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक क्षमता बढ़ाने की पूरी गुंजाइश है।

जरूरत पड़ने पर हर 3 मिनट में मिलेगी नमो भारत ट्रेन

शलभ गोयल ने बताया कि NCRTC लगातार पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों की मांग का आकलन करता है और जरूरत के हिसाब से परिचालन में बदलाव करता है। उन्होंने बताया कि अभी ये ट्रेनें करीब 10 मिनट के अंतराल पर मिलती हैं। ये मौजूदा यात्रियों की संख्या के लिहाज से काफी आरामदायक है। उन्होंने आगे कहा कि जरूरत के हिसाब से इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाकर 3 मिनट करने की पूरी फ्लेक्सिबिलिटी मौजूद है। यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सराय काले खां और मेरठ साउथ के बीच पीक आवर्स के दौरान 18 एक्स्ट्रॉ ट्रिप्स शुरू की हैं.

अब तक 3.5 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, रोजाना 1 लाख का आंकड़ा

एमडी ने बताया कि इस नेटवर्क पर राइडरशिप में लगातार इजाफा हो रहा है। अभी हर दिन करीब 1 लाख यात्री इस नेटवर्क पर यात्रा कर रहे हैं। इस कॉरिडोर से अब तक 3.5 करोड़ यात्री सफर कर चुके हैं। नमो भारत की 100 प्रतिशत ट्रेनसेट गुजरात के सावली में बनाई गई है। इस लिहाज से ये पूरी तरह मेक इन इंडिया हैं।

सराय काले खां में ट्रेवलेटर से 30% बढ़े यात्री

NCRTC का मुख्य फोकस नमो भारत स्टेशनों को सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों जैसे भारतीय रेलवे, मेट्रो सिस्टम, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं के साथ इंटिग्रेट करने पर रहा है। मई 2026 में सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले ट्रेवलेटर से लैस फुट ओवर ब्रिज के चालू होने से यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है।

न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद नमो भारत स्टेशनों को फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से सीधे मेट्रो स्टेशनों के साथ जोड़ा गया है। आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, दिल्ली मेट्रो और सिटी बस सेवाओं के साथ बेहतरीन इंटरचेंज की सुविधा देता है।

इन प्रयासों से इन ट्रांजिट सुविधाओं के आसपास पहले से मौजूद भीड़भाड़ और जाम की समस्या का एक सुरक्षित और लंबे समय का समाधान तो मिला ही है, व्यस्त सड़कों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही भी कम हुई है। ऐसे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी वाले स्टेशनों का कॉरिडोर की कुल राइडरशिप में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान है।

दुनिया की पहली सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमाल

NCRTC ने इस कॉरिडोर में कई नई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की हैं। इसमें वैश्विक स्तर पर पहली बार LTE रेडियो सिग्नलिंग टेक्नोलॉजी पर ETCS लेवल 2 हाइब्रिड लेवल 3 का इस्तेमाल किया गया है। ये भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल और बेस्ट-इन-क्लास स्टैंडर्ड पर आधारित है। इस अनुभव के दम पर अब NCRTC देश-विदेश में कहीं भी ऐसे अन्य प्रोजेक्ट्स में योगदान देने के लिए पूरी तरह मजबूत स्थिति में है।

ये भी पढ़ें- Navi Mumbai रियल एस्टेट हॉटस्पॉट 2026: क्यों मुंबई को छोड़ नवी मुंबई में घर खरीद रहे हैं लोग? जानिए बड़े कारण

Indian Railways Digital Ticket Rules: डिजिटल टिकट लेकर ट्रेन में सफर करने वाले रेलवे का ये 4 नियम जान लें वरना लगेगा जुर्माना

Indian Railway Ticket Rule: अगर आप भी अक्सर रेलवे काउंटर की लंबी लाइनों से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन से डिजिटल अनरिजर्व्ड (सामान्य/अनारक्षित) टिकट बुक करके सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रेलवे ने डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकटों को लेकर नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। रेलवे ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि टिकट चेकिंग के दौरान केवल रजिस्टर्ड मोबाइल फोन पर रेल वन (Rail One) ऐप के भीतर मौजूद मूल डिजिटल टिकट ही मान्य माना जाएगा। अगर आप टीटीई को टिकट का स्क्रीनशॉट, वॉट्सऐप कॉपी या पीडीएफ दिखाते हैं तो उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा और रेलवे नियमों के तहत आपके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। आइए जानते हैं रेलवे द्वारा जारी किए गए इन नियमों की पूरी डिटेल और वह घटना जिसके बाद रेलवे को यह स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा।

स्क्रीनशॉट दिखाने पर महिला यात्री से वसूला गया जुर्माना: जानें पूरा मामला

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह स्पष्टीकरण कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस में घटी एक घटना के बाद आया है। इस ट्रेन में कोरबा से रायपुर की यात्रा कर रही एक महिला यात्री को टिकट चेकिंग के दौरान वॉट्सऐप स्क्रीनशॉट दिखाना भारी पड़ गया और उन पर जुर्माना ठोक दिया गया।

मामले में क्या गड़बड़ी पाई गई?

महिला यात्री ने टीटीई को बताया कि उसके भाई ने अपने मोबाइल के रेल वन ऐप से यह टिकट बुक किया था और उसे वॉट्सऐप पर इसका स्क्रीनशॉट फॉरवर्ड कर दिया था। रेलवे अधिकारियों ने जब जांच की तो पाया कि वह टिकट शाम 4:45 बजे जनरेट किया गया था जबकि ट्रेन कोरबा स्टेशन से दोपहर 4:10 बजे ही रवाना हो चुकी थी। वह टिकट यात्रा कर रही महिला यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी उपलब्ध नहीं था। इन सभी खामियों के चलते टीटीई ने स्क्रीनशॉट को अमान्य करार दिया और रेलवे नियमों के मुताबिक पेनल्टी वसूल की।

डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट के 4 बेहद जरूरी नियम

डिजिटल टिकटों के दुरुपयोग को रोकने और यात्रा के दौरान सही वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने यहां नीचे दिए गए नियम दोहराए हैं:

  • ऐप के अंदर ही दिखाना होगा ओरिजिनल टिकट: यात्रियों को चेकिंग के दौरान रेल वन ऐप खोलकर उसके भीतर ही ओरिजिनल टिकट दिखाना होगा। इसके अलावा स्क्रीनशॉट, तस्वीरें, पीडीएफ कॉपियां या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (जैसे वॉट्सऐप) पर फॉरवर्ड किए गए टिकट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
  • उसी फोन और नंबर पर होना चाहिए टिकट: डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट सिर्फ तभी वैध माना जाएगा जब वह उसी मोबाइल फोन और उसी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मौजूद हो जिसका इस्तेमाल टिकट बुक करने के लिए किया गया था।
  • ट्रेन खुलने से पहले बुकिंग जरूरी: रेलवे ने याद दिलाया है कि डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट हमेशा ट्रेन के बोर्डिंग स्टेशन से रवाना होने से पहले ही बुक हो जाना चाहिए। अगर ट्रेन स्टेशन छोड़ चुकी है और उसके बाद टिकट जनरेट किया जाता है तो रेल वन ऐप में दिखने के बावजूद उसे अवैध माना जाएगा।
  • फोन चार्ज रखना यात्री की जिम्मेदारी: यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पूरी यात्रा के दौरान उस मोबाइल फोन को अपने पास रखें जिससे बुकिंग की गई है। साथ ही फोन को पर्याप्त रूप से चार्ज रखें ताकि टिकट चेकिंग के समय कोई असुविधा न हो। यात्रा से पहले अपनी जर्नी डिटेल्स को भी अच्छी तरह वेरिफाई कर लें।

क्या यह नियम रिजर्व्ड (आरक्षित) टिकटों पर भी लागू है?

रायपुर डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (DCM) अवधेश कुमार त्रिवेदी ने इस पर स्थिति साफ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के लिए सिर्फ रजिस्टर्ड डिवाइस पर उपलब्ध ओरिजिनल डिजिटल टिकट ही मान्य है। हालांकि ये नियम सिर्फ रेल वन ऐप के माध्यम से बुक किए गए डिजिटल अनरिजर्व्ड (अनारक्षित) टिकटों पर ही लागू होते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस नियम का असर रिजर्व्ड टिकटों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि रिजर्व्ड टिकटों के मामले में यात्रियों की पहचान का वेरिफिकेशन पहले से ही सरकार द्वारा जारी आईडी प्रूफ (पहचान पत्र) दस्तावेजों के माध्यम से किया जाता है।

ट्रेन में शादीशुदा जोड़े के लिए हनीमून कूप डेकोरेट करने वाले मामले में भयंकर बवाल, TTE निपटे और हुए ये सारे एक्शन

शादी के बाद की पहली यात्रा को यादगार बनाने के लिए एक कपल ने ट्रेन के First AC Coupe को खास अंदाज में सजवाया। फूलों, गुब्बारों और गुलाब की पंखुड़ियों से सजा यह कोच देखने में बेहद खूबसूरत लग रहा था और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।लेकिन यह रोमांटिक सरप्राइज जल्द ही विवाद में बदल गया, क्योंकि सजावट रेलवे की अनुमति के बिना कराई गई थी। वीडियो सामने आने के बाद भारतीय रेलवे ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

रेलवे ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की है और डेकोरेटर के खिलाफ भी कदम उठाए हैं। इस घटना ने ट्रेन में निजी आयोजनों और सुरक्षा नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

वायरल वीडियो में दिखा था खूबसूरत डेकोरेशन

मामला ट्रेन नंबर 11002 नंदिग्राम एक्सप्रेस का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक First AC Coupe को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया हुआ देखा गया। कोच में लाल और सफेद गुब्बारे, फूलों की माला, हार्ट शेप डेकोरेशन और गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी हुई थीं।

बताया गया कि यह सजावट एक नवविवाहित जोड़े के लिए कराई गई थी, ताकि उनकी ट्रेन यात्रा को यादगार बनाया जा सके।

रेलवे ने बताया- बिना अनुमति हुई थी सजावट

भारतीय रेलवे ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि कपल ने ऑनलाइन एक डेकोरेशन कंपनी से संपर्क कर निजी तौर पर First AC Coupe सजवाया था। हालांकि, सजावट करने वाली टीम कोच में बिना आधिकारिक अनुमति के दाखिल हुई थी।

रेलवे के अनुसार, यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है क्योंकि बाहरी लोगों का बिना अनुमति ट्रेन के अंदर प्रवेश करना गंभीर मामला माना जाता है।

जिम्मेदार कर्मचारी पर हुई कार्रवाई

रेलवे ने इस मामले में ड्यूटी पर तैनात चीफ टिकट इंस्पेक्टर गिरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा घटना की पूरी जांच के लिए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई और इस मामले में और कौन जिम्मेदार है।

डेकोरेटर के खिलाफ दर्ज हुआ केस

रेलवे ने सजावट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की है। डेकोरेटर पर रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप हैं कि उसने बिना अनुमति ट्रेन में प्रवेश किया, बिना वैध टिकट यात्रा की और रेलवे संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश किया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी निजी कंपनी सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज न करे।

कैसे हुई थी पूरी घटना?

डेकोरेशन कंपनी के अनुसार, यह Coupe जलना से यात्रा करने वाले एक नवविवाहित जोड़े के लिए तैयार किया गया था। टीम कार से छत्रपति संभाजीनगर से पहुंची और कपल के ट्रेन में बैठने से पहले कोच को सजाया गया।

वायरल वीडियो में Coupe के दरवाजे पर गुलाबी पर्दे, छत पर गुब्बारे, खिड़कियों पर फूलों की सजावट और सीट व फर्श पर गुलाब की पंखुड़ियां दिखाई दे रही थीं।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे शादी के बाद की यादगार शुरुआत बताते हुए पसंद किया, जबकि कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या ट्रेन के अंदर इस तरह की सजावट की अनुमति है।

कुछ लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई और कहा कि गुब्बारे व सजावटी सामान आग जैसी आपात स्थिति में परेशानी पैदा कर सकते हैं। वहीं कुछ यूजर्स ने मजाक में इसे “Honeymoon on Wheels” भी कहा।

Pune Flood Viral Video: पुणे में मेहनत की कमाई से खरीदी कार को बाढ़ में डूबने से बचाने के लिए जान पर खेल गया ये शख्स! गाड़ी से अंत तक चिपका रहा

ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच को बना दिया ‘हनीमून सुइट’! वीडियो वायरल होते ही रेलवे ने लिया बड़ा एक्शन

इंडियन रेलवे (Indian Railways) के कोच का एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। वीडियो में एक यात्री ने ट्रेन के फर्स्ट एसी (First AC) कोच को किसी फाइव स्टार होटल के हनीमून सुइट (Honeymoon Suite) की तरह सजाया हुआ दिखता है।वहीं अब ट्रेन के 1AC कोच के एक केबिन को सजाने का मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर सुहागरात के कमरे की तरह सजे केबिन का वीडियो वायरल होने के बाद अब रेलवे प्रशासन ने संबंधित TC (टिकट चेकर) को सस्पेंड कर दिया है।

रेलवे ने लिया बड़ा एक्शन

रेल मंत्रालय ने बताया कि 6 जुलाई 2026 को ट्रेन नंबर 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कपल ने अपने फर्स्ट एसी कूपे को सजाने के लिए निजी तौर पर एक ऑनलाइन डेकोरेटर को बुलाया था। मंत्रालय के अनुसार, डेकोरेटर का ट्रेन के कोच में प्रवेश अधिकृत नहीं था। इसे सुरक्षा और नियमों के लिहाज से गंभीर लापरवाही माना गया है। इस मामले में संबंधित टिकट चेकर (TTE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियों में एक यात्री ने ट्रेन के फर्स्ट एसी (First AC) कोच को किसी फाइव स्टार होटल के हनीमून सुइट (Honeymoon Suite) की तरह सजा हुआ दिखता है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि क्या ट्रेन में ऐसा करने की अनुमति है?

वायरल हो रहा वीडियो

वीडियो की शुरुआत स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन से होती है। इसके बाद कैमरा कोच के अंदर आगे बढ़ता है और एक खास फर्स्ट एसी कूपे तक पहुंचता है। कूपे के दरवाजे को पिंक कलर के मोतियों वाले पर्दे और दिल के आकार की सजावट से खूबसूरती से सजाया गया है, जो लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेता है। कूपे के अंदर का नजारा किसी नॉर्मल ट्रेन के डिब्बे जैसा नहीं दिखता। पूरी जगह को खास अंदाज में सजाया गया है। छत पर रेड और सफेद रंग के गुब्बारे लगाए गए हैं, फर्श पर गुलाब की पंखुड़ियां बिखेरी गई हैं और दीवारों व खिड़कियों को गुलाब, गेंदा और रजनीगंधा के ताजे फूलों से सजाया गया है।