नेपाल की काठमांडू जिला अदालत ने फर्जी भूटानी शरणार्थी घोटाले में दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों समेत 16 लोगों को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री टोप बहादुर रायमाझी को चार साल और पूर्व गृह मंत्री बालकृष्ण खांड को दो साल की जेल की सजा सुनाई। दोनों पर नेपाली नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भूटानी शरणार्थी बताकर अमेरिका में पुनर्वास दिलाने की साजिश रचने का आरोप था। रायमाझी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि खांड जमानत पर बाहर हैं। दोनों पहले अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर चुके हैं। उनके वकीलों ने कहा है कि फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी। अदालत ने गृह मंत्रालय के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और एक पूर्व भूटानी शरणार्थी नेता समेत 14 अन्य लोगों को भी दोषी ठहराते हुए चार साल तक की सजा सुनाई है। यह घोटाला 2023 में सामने आया था। नेपाल में 1990 के दशक की शुरुआत से नेपाली मूल के करीब 1.20 लाख लोग भूटान से विस्थापित होकर पहुंचे थे। बाद में पुनर्वास कार्यक्रम के तहत लगभग 1.13 लाख शरणार्थियों को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में बसाया गया।
अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन में ही बनेंगी फ्रांस की क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। बुल्गारिया यूक्रेन समर्थक गठबंधन से अलग: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया। मस्क के खिलाफ आपराधिक जांच की सिफारिश: चुनाव में वोटरों को लाखों डॉलर के चेक देने का मामला
अमेरिका के विस्कॉन्सिन इलेक्शंस कमीशन ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने 2025 के राज्य सुप्रीम कोर्ट चुनाव से पहले मतदाताओं को 10 लाख डॉलर के चेक देकर चुनावी रिश्वत संबंधी कानून का उल्लंघन किया हो सकता है। आयोग ने मामले को ब्राउन काउंटी के जिला अटॉर्नी के पास आपराधिक जांच के लिए भेज दिया है। अभियोजन पक्ष को अब 40 दिनों के भीतर तय करना होगा कि मस्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं। आयोग ने पिछले सप्ताह मिली दो शिकायतों को 5-1 के बहुमत से आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रस्ताव में कहा गया कि मस्क ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मतदान करने वाले लोगों को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की, जिससे मतदाताओं को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा सके। 2025 के विस्कॉन्सिन सुप्रीम कोर्ट चुनाव में मस्क ने रिपब्लिकन समर्थित उम्मीदवार ब्रैड शिमेल के समर्थन में कम से कम 2 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। हालांकि शिमेल को डेमोक्रेट समर्थित सुसान क्रॉफर्ड से 10 प्रतिशत अंकों के अंतर से हार मिली। यह चुनाव 10 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च के साथ अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा न्यायिक चुनाव माना गया। मस्क के खिलाफ पहले से एक अलग दीवानी मुकदमा भी लंबित है, जिसमें उन पर वोट खरीदने, अवैध लॉटरी चलाने और चुनावी कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने रिपब्लिकन सीनेटर का ट्रम्प को समर्थन
अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के लिए नया विधेयक पेश किया है। प्रस्ताव में अवैध प्रवासियों को “आक्रमणकारी” बताते हुए उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: नागरिकता देने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की गई है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्त आव्रजन नीति को कानूनी आधार देने की दिशा में नया प्रयास मानी जा रही है। राष्ट्रपति पद पर लौटने के बाद ट्रम्प ने कार्यकारी आदेश जारी कर अवैध या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों की स्वत: नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, जून के अंत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक करार दिया था। जिम बैंक्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिकी संप्रभुता पर अभूतपूर्व हमला है और देश की सुरक्षा के लिए अवैध प्रवासियों द्वारा आव्रजन व्यवस्था के कथित दुरुपयोग को रोकना जरूरी है। इस मुद्दे पर अन्य रिपब्लिकन सांसद भी सक्रिय हैं। टेनेसी के प्रतिनिधि एंडी ओगल्स जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए अलग विधेयक पेश कर चुके हैं। वहीं, साउथ कैरोलिना के सीनेटर टिम स्कॉट ने “बर्थ टूरिज्म” पर रोक लगाने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि विदेशी नागरिक केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका न आ सकें।
पंजाब के तरनतारन की युवती की इंग्लैंड में हत्या कर दी गई। उसके पेट-छाती में 5 बार चाकू से वार किए गए। युवती करीब दो साल पहले स्टूडेंट वीजा पर हायर एजुकेशन के लिए गई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे वर्क परमिट मिल गया था और वह वहीं रहकर नौकरी कर रही थी। युवती की हत्या के बाद आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो चाकू लेकर जाता हुआ दिख रहा है। वीडियो घर के गेट के कैमरे में कैद हुआ। युवती के पेरेंट्स ने बेटी का भविष्य संवारने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी, ताकि वो उसे इंग्लैंड भेज सकें। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी बेटी विदेश में बेहतर पढ़ाई करके अच्छी नौकरी हासिल करेगी। इस घटना से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है। उधर, ब्रिटिश पुलिस ने आरोपी की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए ही युवती के घर पहुंचा था। पढ़िए क्या है पूरा मामला… जमीन बेचकर बेटी को पढ़ने भेजा था इंग्लैंड युवती की पहचान किरनदीप कौर (24) के रूप में हुई। करीब दो साल पहले स्टूडेंट वीजा पर हायर एजुकेशन के लिए इंग्लैंड गई थीं। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें वर्क परमिट मिल गया था और वह नौकरी कर रही थीं। पिता सुखदेव सिंह ने बताया कि बेटी का भविष्य संवारने के लिए परिवार ने अपनी जमीन तक बेच दी थी। कमरे में सोते समय धारदार हथियार से हमला परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह किरनदीप अपने कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात हमलावर कमरे में घुस गया और मारपीट करने लगा। इसके बाद उसने जेब से चाकू निकाला और ताबड़तोड़ 5 वार कर दिए। गंभीर जख्मों के कारण किरनदीप की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वो चाकू लेकर घर से निकल रहा है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम को भेजा घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में हत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद परिवार गहरे सदमे में है और गांव में भी शोक का माहौल है। पार्थिव शरीर भारत लाने की लगाई गुहार पिता सुखदेव सिंह और माता बलजीत कौर ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि उनकी बेटी का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए, ताकि उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके। परिवार ने इस संबंध में प्रशासन से भी मदद की मांग की है। भाई बोला- दूसरे व्यक्ति को मारकर बहन के घर घुसा था हमलावर किरनदीप कौर के भाई गुरविंदर सिंह ने बताया कि सोमवार को एक ब्रिटिश युवक पहले किसी दूसरे व्यक्ति से झगड़ा कर उस पर चाकू से हमला कर भाग गया था। बाद में वह किरनदीप के घर छिपने को घुस गया। वहां उसने किरनदीप को देखते ही हमला कर दिया। उसने पेट और सीने में वार किए। ब्रिटेन पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार किया इंग्लैंड पुलिस के अनुसार, आरोपी डेनियल सीन जेम्स (44) को किरणदीप कौर की हत्या और धारदार हथियार रखने के केस में गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारा लंदन के अक्सब्रिज रोड स्थित किरणदीप के घर में घुसा था और उससे पहले 20 वर्षीय युवक को भी घायल कर चुका था। आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
————- पंजाबी युवक की इंग्लैंड में किरच मारकर हत्या:तरनतारन से 4 साल पहले नौकरी के लिए गया था, 3 बहनों का इकलौता भाई तरनतारन के खेमकरण से इंग्लैंड गए एक पंजाबी युवक की इंग्लैंड में हत्या कर दी गई। साउथॉल शहर में एक युवक ने पीछे से किरच से वार कर दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। युवक 4 साल पहले ही नौकरी के सिलसिले में पंजाब से इंग्लैंड आया था। पूरी खबर पढ़ें…
US-Iran War News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान और खाड़ी क्षेत्र को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान को छोड़कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी देशों के लिए खुला रहेगा। जबकि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर पूरी नाकाबंदी लागू की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। जबकि 10 अन्य घायल हो गए। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह ईरान दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान ‘ए अल बहियाह’ और ‘एमटी मोम्बासा’ नाम के दो पोत पर हुए हमलों को लेकर बेहद चिंतित है।
टैरिफ वाले बयान से पीछे हटे
डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की अपनी योजना से एक दिन बाद ही पीछे हटते हुए कहा कि इसके बजाय पश्चिम एशियाई देश अमेरिका के साथ निवेश और व्यापार समझौते करेंगे।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा. “पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ अत्यंत सकारात्मक बातचीत के आधार पर मैंने 20 प्रतिशत अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क को उन व्यापार और निवेश समझौतों से बदलने का फैसला किया है। उन्हें विभिन्न खाड़ी देश अमेरिका में करेंगे।”
राष्ट्रपति ने कहा कि ये निवेश बहुत बड़े पैमाने पर होंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये उन नई प्रतिबद्धताओं से अलग होंगे या नहीं, जिनकी घोषणा ट्रंप ने पिछले साल पश्चिम एशिया यात्रा के बाद की थी।
ईरान का हिंसक दौर अब खत्म होगा?
ट्रंप ने दुनिया को भरोसा दिलाते हुए संकल्प लिया है कि अमेरिका, ईरान को कभी भी परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने दावा किया है कि इन कड़े कदमों के बाद अब क्षेत्र में ईरान का हिंसक और आक्रामक दौर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
होर्मुज में हमले में एक भारतीय की मौत
भारत ने कमर्शियल पोत ‘एमटी अल बहिया’ और ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। उन पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। भारत ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी अपील दोहराई।
संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए। ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष में पश्चिम एशिया में 14 भारतीयों की मौत हो चुकी है।
विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय मिशन हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। साथ ही प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दिलाने के लिए खाड़ी देश के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
25 फरवरी 2020… दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रही थी। हर तरफ डर, अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल था। इसी बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में सिक्योरिटी असिस्टेंट 26 वर्षीय अंकित शर्मा अपने घर से बाहर निकले। लेकिन उस दिन उनका लौटना नसीब नहीं हुआ। कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया।बता दें कि, दिल्ली में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार 13 जुलाई को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार दिया है। इस मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे, जिनमें से छह आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. ताहिर हुसैन के साथ नाजिम, जावेद, कासिम और अनस को भी दोषी करार दिया गया है।
बेहरहमी से की गई थी हत्या
बता दें कि, अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में सिक्योरिटी असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे। 2017 में, ऑफिसर इंटेलिजेंस ब्यूरो में शामिल हुए थे। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध और समर्थन को लेकर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली सुलग रही थी। चांद बाग, खजूरी खास, और मुस्तफाबाद जैसे इलाके हिंसा की आग में झुलस रहे थे। इसी खौफ के बीच, आईबी में तैनात 26 साल के अंकित शर्मा 25 फरवरी की शाम को अपने दफ्तर से घर लौटे थे। घर के बाहर माहौल बेहद तनावपूर्ण था। वे चांद बाग पुलिया के पास पहुंचे थे, जहां उपद्रवियों का तांडव चल रहा था।
शाम के वक्त अचानक चांद बाग पुलिया के पास स्थित एक मस्जिद और ताहिर हुसैन के घर के पास सक्रिय हिंसक भीड़ ने अंकित शर्मा को घेर लिया। अंकित शर्मा ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बेरहमी से घसीटते हुए ताहिर हुसैन के घर के पास ले जाया गया। वहां उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए गए और हत्या के बाद उनकी लाश को पास के ही खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया।
शरीर के 51 जगहों पर मिले चोटों के निशान
अंकित शर्मा के पिता रवींद्र कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आईबी में तैनात अंकित 25 फरवरी 2020 को अपने दफ्तर से घर वापस आए थे। इसके कुछ देर बाद वह दोबारा बाहर गए, लेकिन जब वह काफी वक्त तक वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था। पिता रवींद्र कुमार ने प्राथमिकी में सीधा आरोप लगाया था कि उनके बेटे अंकित की हत्या पूर्व पार्षद ताहीर हुसैन और उसके साथियों ने की है। अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अंकित शर्मा पर अत्यंत क्रूरता से हमला किया गया था। उनके शरीर पर 51 जगहों पर चोटों के निशान थे।

भारतीय कुश्ती के दिग्गज और अजेय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर संग्राम सिंह ने 19 जुलाई को कुआलालंपुर, मलेशिया में पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ होने वाली अपनी बहुप्रतीक्षित 'एशिया चैंपियन खिताब' की भिड़ंत से पहले पूरा आत्मविश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय तिरंगा लहराने के एकमात्र उद्देश्य के साथ रिंग (केज) में उतर रहे हैं।
इस मुकाबले से जुड़ी आधिकारिक प्री-फाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के 'द ललित' होटल में आयोजित की गई। इस दौरान संग्राम सिंह, पीएमएमए (PMMA) मलेशिया के अध्यक्ष इस्माइल मरज़ुकी बिन, पीएमएमए के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला, आयोजन समिति के सदस्य, संग्राम की कोचिंग टीम के प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी मौजूद रहे।
भारत बनाम पाकिस्तान के इस मुकाबले ने कॉम्बैट स्पोर्ट्स (युद्धक खेलों) के प्रशंसकों के बीच पहले से ही भारी उत्साह पैदा कर दिया है, और इस मैच के विजेता को 'एशिया चैंपियन' का ताज पहनाया जाएगा।
संग्राम सिंह का अब तक का सफर
दो बार के राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) हेवीवेट कुश्ती चैंपियन और भारत के सबसे सम्मानित पेशेवर पहलवानों में से एक, संग्राम सिंह ने पेशेवर एमएमए (MMA) में कदम रखने के बाद से इतिहास रचा है।
धमाकेदार शुरुआत: उन्होंने जॉर्जिया में पाकिस्तान के अली रज़ा नासिर को मात्र 90 सेकंड में हराकर अपने सफर की शानदार शुरुआत की थी।
अजेय रिकॉर्ड: इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड में ट्यूनीशिया के हाकिम ट्रैबेल्सी और अर्जेंटीना में फ्रांस के फ्लोरियन कौडियर पर जीत दर्ज की। वर्तमान में उनका पेशेवर एमएमए रिकॉर्ड 3-0 का है और वे अजेय हैं।
ऐतिहासिक जीत: अर्जेंटीना में मिली उनकी जीत ने उन्हें अर्जेंटीना की धरती पर पेशेवर एमएमए मुकाबला जीतने वाला पहला भारतीय बना दिया।
रिंग से इतर, संग्राम सिंह युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत 'फिट इंडिया आइकन' के रूप में काम करते हैं। उन्हें आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 'स्वच्छ भारत और विकसित भारत' अभियानों के लिए ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया गया था। उनके इस अंतरराष्ट्रीय एमएमए अभियान को वैश्विक स्तर पर फिटनेस, स्वस्थ जीवन शैली और भारतीय एथलीटों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत फिट इंडिया, युवा मामले और खेल मंत्रालय का भी समर्थन प्राप्त है।
संग्राम सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा:
“जब भी मैं केज (रिंग) में कदम रखता हूँ, तो मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि 145 करोड़ भारतीयों के लिए लड़ता हूँ। भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, चाहे खेल कोई भी हो, और मैं इस मुकाबले से जुड़ी भावनाओं को पूरी तरह समझता हूँ। मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रति पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ ट्रेनिंग की है, लेकिन एक बार जब केज बंद हो जाएगा, तो मेरा एकमात्र मिशन यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत का झंडा सबसे ऊपर लहराए। मेरा मानना है कि फिटनेस, समर्पण और मानसिक ताकत किसी भी एथलीट के सबसे बड़े हथियार होते हैं।”

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव (IPS) ने कहा:
“संग्राम सिंह उन मूल्यों के प्रतीक हैं जिन्हें भारतीय खेल बढ़ावा देना चाहते हैं—अनुशासन, लचीलापन, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता। एक कुशल पहलवान से एक अजेय पेशेवर एमएमए एथलीट बनने का उनका सफर इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि कड़ी मेहनत से क्या हासिल किया जा सकता है। हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि भारतीय खिलाड़ी वैश्विक मंच पर नए खेलों में अपनी पहचान बना रहे हैं। हम संग्राम को शुभकामनाएं देते हैं क्योंकि वे इस महत्वपूर्ण चैंपियनशिप में देश की उम्मीदें लेकर जा रहे हैं। उनका यह सफर अनगिनत युवा भारतीयों को फिटनेस और खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।”
उम्र के बंधन को तोड़ते हुए संग्राम ने आगे कहा:
“लोग 40 साल की उम्र के बाद एमएमए शुरू करने के मेरे फैसले पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन मैं यह साबित करना चाहता था कि जुनून की कोई उम्र नहीं होती। मेरा उद्देश्य सिर्फ खिताब जीतना नहीं है, बल्कि युवा भारतीयों को जीवन जीने के तरीके के रूप में फिटनेस, अनुशासन और खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। मैं भारत सरकार, फिट इंडिया, युवा मामले और खेल मंत्रालय और उन सभी को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मेरे इस सफर का समर्थन किया है।”
उनके कोच भूपेश कुमार ने भारतीय फाइटर पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा:
“संग्राम ने अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले दो वर्षों में उनकी कुश्ती की पृष्ठभूमि, उनके स्ट्राइकिंग (प्रहार) करने के तरीके, कंडीशनिंग और मानसिक क्रूरता में जबरदस्त सुधार हुआ है। हम आबिद अली का सम्मान करते हैं, लेकिन संग्राम भारत के लिए एक और यादगार प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
खेल के जरिए एकता का संदेश
PMMA मलेशिया के अध्यक्ष, इस्माइल मरज़ुकी बिन ने एशियाई कॉम्बैट स्पोर्ट्स के बढ़ते कद की सराहना की:
“एशिया चैंपियन खिताब एशिया में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के भविष्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत और पाकिस्तान में खेल को लेकर एक अलग ही जुनून है, और यह मुकाबला इस क्षेत्र से उभरती हुई बेहतरीन प्रतिभाओं को प्रदर्शित करेगा। हमें इस स्तर के एथलीटों को एक मंच पर लाने में गर्व और बेहद खुशी हो रही है।”
PMMA के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला ने कहा कि यह आयोजन खेल के माध्यम से एकता का प्रतीक है:”कॉम्बैट स्पोर्ट्स में सम्मान, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा के जरिए देशों को एकजुट करने की अनूठी क्षमता होती है। हमें विश्वास है कि यह चैंपियनशिप एशिया की प्रमुख एमएमए प्रतियोगिताओं में से एक बनेगी, और हम संग्राम सिंह और आबिद अली जैसे विशिष्ट एथलीटों की भागीदारी की सराहना करते हैं।”
आयोजकों के अनुसार, एशिया चैंपियन खिताब की यह भिड़ंत हाल के वर्षों में भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे बड़े कॉम्बैट स्पोर्ट्स मुकाबलों में से एक होने की उम्मीद है। यह एशियाई फाइटर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी।
यूरोप और दक्षिण अमेरिका में जीत का परचम लहरा चुके अजेय संग्राम सिंह अब पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ 'एशिया चैंपियन खिताब' के लिए भिड़ेंगे और अपने करियर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे।
दक्षिण चीन सागर पर 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले की 10वीं वर्षगांठ पर जापान समेत 14 देशों द्वारा चीन के समुद्री दावों को खारिज किए जाने के बाद बीजिंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने रविवार को बीजिंग स्थित जापानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि दक्षिण चीन सागर पर उसकी संप्रभुता कभी नहीं बदली है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फिलीपींस, कनाडा, जर्मनी, इटली, न्यूजीलैंड समेत कुल 14 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर 12 जुलाई 2016 को द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायाधिकरण (PCA) के फैसले को अंतिम और कानूनी रूप से बाध्यकारी बताया। बयान में कहा गया कि चीन के ‘नाइन-डैश लाइन’ दावों का संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत कोई कानूनी आधार नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय ने जापान पर क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप और दक्षिण चीन सागर में शांति व स्थिरता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि जापान इस विवाद का पक्षकार नहीं है और उसे इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि चीन द्वारा 2016 के फैसले को अस्वीकार करना विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन के विपरीत है। चीन ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए जापान पर ऐतिहासिक विस्तारवाद की मानसिकता का भी आरोप लगाया। इस बीच, 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ ने भी 2016 के फैसले को शांतिपूर्ण विवाद समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया। चीन ने यूरोपीय संघ की टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। चीन लगातार 2016 के मध्यस्थता फैसले को “अवैध, अमान्य और गैर-बाध्यकारी” बताता रहा है। उसका कहना है कि न्यायाधिकरण को इस मामले में अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं था और दक्षिण चीन सागर पर उसके ऐतिहासिक अधिकार बरकरार हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जेलेंस्की ने एक साल बाद प्रधानमंत्री स्विरीदेंको को हटाया, पूरी सरकार ने दिया इस्तीफा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको को महज एक साल के कार्यकाल के बाद बदलने का फैसला किया है। उनकी घोषणा के बाद यूक्रेन के कानून के तहत पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया। जेलेंस्की ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नया प्रधानमंत्री कौन होगा या स्विरीदेंको की नई भूमिका क्या होगी। यूलिया स्विरीदेंको को अमेरिका में यूक्रेन का अगला राजदूत बनाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के शीर्ष नेतृत्व में भी बदलाव किए जाएंगे। यूक्रेन के कानून के अनुसार, प्रधानमंत्री का इस्तीफा संसद की मंजूरी के बाद प्रभावी होता है। इसके साथ ही पूरी सरकार स्वतः भंग हो जाती है और नए मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया शुरू होती है। यूक्रेनी सांसदों के अनुसार, नए प्रधानमंत्री की दौड़ में पूर्व प्रधानमंत्री एवं मौजूदा ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मीहाल, रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव और सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्टोगाज़ के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। पेरिस के सिनेगॉग के बाहर ‘मिलिट्री-ग्रेड’ हथियार मिलने से हड़कंप: 300 लोगों को निकाला
फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक सिनेगॉग के पास संदिग्ध वाहन से असॉल्ट राइफल और पिस्तौल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पुलिस ने एहतियातन करीब 300 लोगों को आसपास के इलाके से सुरक्षित निकाला और राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी अभियोजन कार्यालय (PNAT) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम एक चोरी का वाहन संदिग्ध अवस्था में मिला। तलाशी के दौरान उसमें से एक असॉल्ट राइफल और एक पिस्तौल बरामद हुई। बम निरोधक दस्ते की जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिला। गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने बरामद असॉल्ट राइफल को “मिलिट्री-ग्रेड” हथियार बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। सिनेमा, रेस्तरां और अन्य इमारतों से लगभग 300 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है और हमले के संभावित उद्देश्य की जांच जारी है। गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से फ्रांस में यहूदी विरोधी घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। गृह मंत्री के अनुसार, इस वर्ष यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली तीन साजिशों को पहले ही विफल किया जा चुका है। पिछले वर्ष देश में 1,320 यहूदी विरोधी घटनाएं दर्ज हुई थीं। स्पेन के जंगलों में लगी भीषण आग: झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई
स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में लगी भीषण जंगल की आग में झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह आग गुरुवार को अल्मेरिया प्रांत के लॉस गालार्डोस इलाके में भड़की थी। अब तक 7,000 हेक्टेयर (करीब 17,300 एकड़) से अधिक क्षेत्र जल चुका है। अधिकारियों के मुताबिक यह स्पेन के इतिहास की सबसे घातक जंगल की आग की घटनाओं में से एक है। स्पेन की फोरेंसिक एजेंसी (CID) ने बताया कि दो और लोगों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। एजेंसी फ्रांस, ब्रिटेन और बेल्जियम के अधिकारियों के साथ मिलकर लापता लोगों की पहचान और डीएनए मिलान की प्रक्रिया चला रही है। बेल्जियम सरकार का कहना है कि मृतकों में उसके तीन नागरिक भी हो सकते हैं।
रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। यह 2024 के मुकाबले 8 गुना ज्यादा है। ये देश इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेड या बचत के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन, हथियारों के पुर्जे, सैन्य तकनीक व तेल के भुगतान में कर रहे हैं। रूस ने अपनी क्रिप्टो करेंसी तैयरा की रूस ने रूबल से जुड़ा ए75 टोकन तैयार किया। इसमें रूस में रूबल देकर विदेश में क्रिप्टो से बदला जा सकता है। मई तक इसमें 11.4 लाख करोड़ के लेनदेन हो चुके हैं। नेटवर्क में 41 हजार से ज्यादा खाते व 2.5 लाख ट्रांसफर दर्ज हुए। ईरान ने घरेलू एक्सचेंजों को तेल बिक्री और विदेशी भुगतान की वैकल्पिक पाइपलाइन बना लिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रिप्टो से तेल का पैसा लेते हैं और उसे डिजिटल वॉलेट में दूसरे देशों में भेजते हैं। विशेषज्ञ क्रिप्टो को रूस-ईरान के लिए प्रतिबंधों के समानांतर चलने वाली स्थायी वित्तीय व्यवस्था बता रहे हैं। कोरिया: क्रिप्टो चोरी से ₹20 हजार करोड़ जुटा हथियार खरीदे उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो चोरी को कमाई और हथियार कार्यक्रम का जरिया बना लिया है। 2025 में उसके हैकरों ने 20 हजार करोड़ चुराए। सबसे बड़ी वारदात 21 फरवरी को हुई, जब लाजारस समूह ने बायबिट से 14,310 करोड़ उड़ाए। एफबीआई ने इसे ‘ट्रेडरेटर’ नेटवर्क से जोड़ा। 2016 से उ. कोरिया 263 घटनाओं में 6.75 अरब डॉलर की क्रिप्टो चुरा चुका है। इसे वह मिसाइल व सैन्य उपकरण खरीदने में लगा रहा है। ईरान: सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज का सुप्रीम लीडर के घराने से संबंध ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज नोबाइटेक्स। देश के करीब 70% डिजिटल मुद्रा लेनदेन संभालता है और इसके 1.1 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। चीनी नेटवर्क रोज ₹4,200 करोड़ रुपए सफेद कर रहे चीन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क अब ‘लॉन्ड्रिंग-एज-ए-सर्विस’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। चेनालिसिस के मुताबिक, चीनी नेटवर्क ₹4,200 करोड़ रोजाना ब्लैक मनी को व्हाइट में बदल रहे हैं। 2025 में इन्होंने ₹1.54 लाख करोड़ को व्हाइट में बदला। ये नेटवर्क प्रतिबंधित देशों के भुगतान और आतंकी फंडिंग की रकम को एक साथ प्रोसेस करते हैं। क्रिप्टो कंपनियों में फर्जी नौकरी; ₹26,700 करोड़ जुटाए फर्जी पहचान, एआई से बने दस्तावेज और डीपफेक इंटरव्यू के जरिए चीन, उत्तर कोरिया व ईरान जैसे देशों के ऑपरेटिव्स ने 40 देशों की क्रिप्टो व तकनीकी कंपनियों में रिमोट नौकरियां हासिल कीं। इस नेटवर्क ने दो वर्षों में ₹26,700 करोड़ जुटाए। कई मामलों में स्थानीय मददगारों ने ‘फर्म’ चलाए, ताकि कर्मचारी उसी देश में काम करता दिखाई दे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिप्टो मार्केट वैल्यू एक महीने में ₹100 लाख करोड़ घटी:30% कम होकर ₹261 लाख करोड़ पर आई; बिटकॉइन ₹1.10 करोड़ से ₹76 लाख पहुंचा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अक्टूबर में ये 4.28 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब घटकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है। रुपए में वैल्यू करीब 379 लाख करोड़ से करीब 100 लाख करोड़ घटकर 261 लाख करोड़ हो गई है। यानी, करीब एक महीने में वैल्यू में 30% से ज्यादा की गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ें…
रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। यह 2024 के मुकाबले 8 गुना ज्यादा है। ये देश इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेड या बचत के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन, हथियारों के पुर्जे, सैन्य तकनीक व तेल के भुगतान में कर रहे हैं। रूस ने अपनी क्रिप्टो करेंसी तैयरा की रूस ने रूबल से जुड़ा ए75 टोकन तैयार किया। इसमें रूस में रूबल देकर विदेश में क्रिप्टो से बदला जा सकता है। मई तक इसमें 11.4 लाख करोड़ के लेनदेन हो चुके हैं। नेटवर्क में 41 हजार से ज्यादा खाते व 2.5 लाख ट्रांसफर दर्ज हुए। ईरान ने घरेलू एक्सचेंजों को तेल बिक्री और विदेशी भुगतान की वैकल्पिक पाइपलाइन बना लिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रिप्टो से तेल का पैसा लेते हैं और उसे डिजिटल वॉलेट में दूसरे देशों में भेजते हैं। विशेषज्ञ क्रिप्टो को रूस-ईरान के लिए प्रतिबंधों के समानांतर चलने वाली स्थायी वित्तीय व्यवस्था बता रहे हैं। कोरिया: क्रिप्टो चोरी से ₹20 हजार करोड़ जुटा हथियार खरीदे उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो चोरी को कमाई और हथियार कार्यक्रम का जरिया बना लिया है। 2025 में उसके हैकरों ने 20 हजार करोड़ चुराए। सबसे बड़ी वारदात 21 फरवरी को हुई, जब लाजारस समूह ने बायबिट से 14,310 करोड़ उड़ाए। एफबीआई ने इसे ‘ट्रेडरेटर’ नेटवर्क से जोड़ा। 2016 से उ. कोरिया 263 घटनाओं में 6.75 अरब डॉलर की क्रिप्टो चुरा चुका है। इसे वह मिसाइल व सैन्य उपकरण खरीदने में लगा रहा है। ईरान: सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज का सुप्रीम लीडर के घराने से संबंध ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज नोबाइटेक्स। देश के करीब 70% डिजिटल मुद्रा लेनदेन संभालता है और इसके 1.1 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। चीनी नेटवर्क रोज ₹4,200 करोड़ रुपए सफेद कर रहे चीन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क अब ‘लॉन्ड्रिंग-एज-ए-सर्विस’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। चेनालिसिस के मुताबिक, चीनी नेटवर्क ₹4,200 करोड़ रोजाना ब्लैक मनी को व्हाइट में बदल रहे हैं। 2025 में इन्होंने ₹1.54 लाख करोड़ को व्हाइट में बदला। ये नेटवर्क प्रतिबंधित देशों के भुगतान और आतंकी फंडिंग की रकम को एक साथ प्रोसेस करते हैं। क्रिप्टो कंपनियों में फर्जी नौकरी; ₹26,700 करोड़ जुटाए फर्जी पहचान, एआई से बने दस्तावेज और डीपफेक इंटरव्यू के जरिए चीन, उत्तर कोरिया व ईरान जैसे देशों के ऑपरेटिव्स ने 40 देशों की क्रिप्टो व तकनीकी कंपनियों में रिमोट नौकरियां हासिल कीं। इस नेटवर्क ने दो वर्षों में ₹26,700 करोड़ जुटाए। कई मामलों में स्थानीय मददगारों ने ‘फर्म’ चलाए, ताकि कर्मचारी उसी देश में काम करता दिखाई दे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिप्टो मार्केट वैल्यू एक महीने में ₹100 लाख करोड़ घटी:30% कम होकर ₹261 लाख करोड़ पर आई; बिटकॉइन ₹1.10 करोड़ से ₹76 लाख पहुंचा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अक्टूबर में ये 4.28 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब घटकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है। रुपए में वैल्यू करीब 379 लाख करोड़ से करीब 100 लाख करोड़ घटकर 261 लाख करोड़ हो गई है। यानी, करीब एक महीने में वैल्यू में 30% से ज्यादा की गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ें…
Lawrence Bishnoi Extradition: कनाडा के खालिस्तानी अलगाववादी एवं आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों में शामिल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) ने कंफर्म किया है कि वह भारत से उसके प्रत्यर्पण यानी एक्सट्रैडिशन की मांग करेगा। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने कंफर्म किया है कि वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भारत से एक्सट्रैडिशन की कोशिश करना चाहता है।
कुछ दिन पहले ही एक फेडरल चार्जशीट में उस पर कनाडा के खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट में कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के US अटॉर्नी ऑफिस में पब्लिक अफेयर्स ऑफिसर सियारन मैकएवॉय के हवाले से कहा गया है कि बिश्नोई को अमेरिका लाने की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि इसमें समय लगने की उम्मीद है।
मैकएवॉय ने एक ईमेल में कहा, “बिश्नोई खुद भारत में जेल में बंद है। हम उसे अमेरिका में एक्सट्रैडिशन करने की कोशिश करना चाहते हैं। (एक्सट्रैडिशन एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है और इसे पूरा होने में अक्सर सालों लग जाते हैं)।” बिश्नोई 2015 से भारत में जेल में बंद है। अभी वहगुजरात की एक जेल में बंद है। इस सप्ताह की शुरुआत में लॉस एंजिल्स में खुले एक फेडरल चार्जशीट में नामजद मुख्य आरोपियों में से एक था।
चार्जशीट के मुताबिक, बिश्नोई ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था, जो एक कनाडाई नागरिक था। उसकी 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मैकएवॉय ने साफ किया कि बिश्नोई गैंग के सदस्यों को अभी तक US कोर्ट के सामने पेश नहीं किया गया है क्योंकि वे अभी उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं।
बिश्नोई और उसके करीबी साथी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के अलावा चार्जशीट में जग्गू भगवानपुरिया और कनाडा में रहने वाले रविंदर सिंह ढांडा का भी नाम कथित गैंग लीडर के तौर पर है। मैकएवॉय ने कहा कि ढांडा गैंग के सदस्यों का ट्रायल लॉस एंजिल्स की एक कोर्ट में 31 अगस्त को तय किया गया है। जबकि भगवानपुरिया गैंग के सदस्यों से जुड़ी कार्यवाही 1 सितंबर को लिस्ट की गई है।
आरोपित किए जाने के बाद फिर सुर्खियों में लारेंस बिश्नोई
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करने का कथित तौर पर आदेश देने के मामले में अमेरिका द्वारा आरोपित किया गया लॉरेंस बिश्नोई लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहा है। गुजरात में उच्च सुरक्षा वाली जेल में शिफ्ट होने से पहले 33 वर्षीय बिश्नोई को मकोका के तहत एक मामले के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी लाए जाने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था।
साल 2023 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दायर एक आरोप पत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आरोप लगाया कि बिश्नोई के गिरोह के कई राज्यों में लगभग 700 गुर्गे हैं। उन्होंने विदेशों में भी संबंध बनाए रखे हैं।
कौन है लारेंस बिश्नोई?
पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की ग्रेजुएट डिग्री हासिल करने वाला बिश्नोई हत्या के प्रयास, हमले, लूट और रंगदारी के कई मामलों का सामना कर रहा है। वह विश्वविद्यालय परिसर की राजनीति के माध्यम से अपराध की दुनिया में आया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि बाद में उसने अपने गिरोह का विस्तार सुपारी लेकर हत्या करने, हथियारों की तस्करी, ड्रग्स की तस्करी और रंगदारी वसूलने में किया। उसने एन्क्रिप्टेड और इंटरनेट-आधारित संचार के माध्यम से जेल से सहयोगियों को निर्देशित करना जारी रखा।
अमेरिका ने बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी, सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर कनाडा में निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया है, जिससे दिल्ली से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोह पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित हो गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि बिश्नोई जेल में बंद रहने के बावजूद सक्रिय है।
निज्जर हत्याकांड में भी आया नाम
अमेरिकी शहर लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत में मंगलवार को पेश आरोपपत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई ने निज्जर (45) की हत्या की साजिश रची थी। अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का उल्लेख ‘एच एस एन’ के रूप में किया गया है।
‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत इन आरोपों की घोषणा की गई। यह अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की समन्वित कार्रवाई है, जिसके तहत भारत स्थित तीन संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। अभियोग में बराड़ का भी नाम है, जो अब भी फरार है।
रऊफ डार, श्रीनगर। पाकिस्तान के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी चीफ शमशीर खान ने पहली बार खुलकर माना है कि कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकी मारे गए और वहीं दफन हैं। PoK के मुजफ्फराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान शमशीर ने कहा, “कश्मीर का कोई कब्रिस्तान ऐसा नहीं है, जहां पाकिस्तान से आए आतंकियों की कब्र न हो।” शमशीर का यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान हमेशा यह कहता रहा है कि उसका जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन हिजबुल के सीनियर कमांडर के इस बयान को पाकिस्तान से आए आतंकियों की मौजूदगी की खुला कबूलनामा माना जा रहा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को ट्रेनिंग, हथियार और घुसपैठ में मदद देता है। पाकिस्तान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।

