IB अधिकारी हत्या मामले में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने कहा- ‘शव को जानवर की तरह घसीटा गया’

Ankit Sharma Murder Case: दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयाल पुर इलाके में हुए दंगों के दौरान उनकी बेरहमी हत्या कर दी गई थी।

सजा सुनाते हुए अदालत ने अपराध की प्रकृति पर कड़ी टिप्पणी की और इसे “बेहद बर्बर” कृत्य बताया। अदालत ने कहा, “जिस तरह से यह अपराध किया गया, वह बेहद बर्बर था और इसे सिर्फ धर्म के आधार पर अंजाम दिया गया है।”

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने भी हत्या की भयानक प्रकृति पर जोर देते हुए कहा कि “अंकित शर्मा के शव को किसी जानवर की तरह घसीटा गया।” कोर्ट ने उनके साथ की गई बर्बरता को “घिनौना और विचलित करने वाला” बताया।

यह सजा AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य आरोपियों को अंकित शर्मा की हत्या में शामिल होने का दोषी ठहराए जाने के बाद सुनाई गई है। बता दें कि अंकित शर्मा का शव फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान एक नाले में मिला था।

ताहिर हुसैन ने खुद को बेगुनाह बताया

गौरतलब है कि 26 वर्षीय इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक बन गई थी। इस घटना को लेकर अभियोजन पक्ष का आरोप था कि शर्मा पर भीड़ ने हमला किया और उनकी हत्या कर दी, जबकि हुसैन ने पूरे ट्रायल के दौरान खुद को बेगुनाह बताया।

चार्जशीट के मुताबिक, 25 फरवरी को शाम करीब 5 बजे ताहिक हुसैन के घर के पास दो गुटों के बीच तनाव कम करने की कोशिश कर रहे शर्मा को कथित तौर पर भीड़ ने घेर लिया था।

प्रदीप भंडारी की प्रतिक्रिया

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) का संबंध 2020 के दिल्ली दंगों से था।

X पर एक पोस्ट में भंडारी ने लिखा, “IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के लिए ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा मिली है! AAP दंगाइयों की पार्टी है! 2020 के हिंदू-विरोधी दिल्ली दंगों के पीछे AAP का हाथ था!”

उनकी यह टिप्पणी दिल्ली कोर्ट द्वारा अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के कुछ ही समय बाद आई है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली दंगों से पार्टी को जोड़ने वाले सभी आरोपों से लगातार इनकार किया है।

कपिल मिश्रा ने फैसले का स्वागत किया

सजा सुनाए जाने के बाद, दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसे इस मामले में न्याय की शुरुआत बताया।

X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा मिलना न्याय की शुरुआत है। अंकित शर्मा जी की जिस बेरहमी से हत्या की गई, मौत के बाद भी चाकू मारे गए और शव को नाले में फेंक दिया गया – यह निश्चित रूप से ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ (rarest of rare) मामला है। उम्मीद है कि हाई कोर्ट में यह उम्रकैद की सजा मौत की सजा में बदल जाएगी।”

हम हाई कोर्ट में अपील करेंगे

सजा सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने कहा कि वह दिल्ली हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती देंगे। उन्होंने कोर्ट के बाहर पत्रकारों से कहा, “हम हाई कोर्ट में अपील करेंगे। हमें जरूर न्याय मिलेगा।”

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कौन थे IB के अफसर अंकित शर्मा जिनकी नाले में मिली थी गोद कर छलनी की गई लाश?

25 फरवरी 2020… दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रही थी। हर तरफ डर, अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल था। इसी बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में सिक्योरिटी असिस्टेंट 26 वर्षीय अंकित शर्मा अपने घर से बाहर निकले। लेकिन उस दिन उनका लौटना नसीब नहीं हुआ। कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया।बता दें कि, दिल्ली में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार 13 जुलाई को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार दिया है। इस मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे, जिनमें से छह आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. ताहिर हुसैन के साथ नाजिम, जावेद, कासिम और अनस को भी दोषी करार दिया गया है।

बेहरहमी से की गई थी हत्या

बता दें कि, अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में सिक्योरिटी असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे। 2017 में, ऑफिसर इंटेलिजेंस ब्यूरो में शामिल हुए थे। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध और समर्थन को लेकर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली सुलग रही थी। चांद बाग, खजूरी खास, और मुस्तफाबाद जैसे इलाके हिंसा की आग में झुलस रहे थे। इसी खौफ के बीच, आईबी में तैनात 26 साल के अंकित शर्मा 25 फरवरी की शाम को अपने दफ्तर से घर लौटे थे। घर के बाहर माहौल बेहद तनावपूर्ण था। वे चांद बाग पुलिया के पास पहुंचे थे, जहां उपद्रवियों का तांडव चल रहा था।

​शाम के वक्त अचानक चांद बाग पुलिया के पास स्थित एक मस्जिद और ताहिर हुसैन के घर के पास सक्रिय हिंसक भीड़ ने अंकित शर्मा को घेर लिया। अंकित शर्मा ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बेरहमी से घसीटते हुए ताहिर हुसैन के घर के पास ले जाया गया। वहां उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए गए और हत्या के बाद उनकी लाश को पास के ही खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया।

शरीर के 51 जगहों पर मिले चोटों के निशान

अंकित शर्मा के पिता रवींद्र कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आईबी में तैनात अंकित 25 फरवरी 2020 को अपने दफ्तर से घर वापस आए थे। इसके कुछ देर बाद वह दोबारा बाहर गए, लेकिन जब वह काफी वक्त तक वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था। पिता रवींद्र कुमार ने प्राथमिकी में सीधा आरोप लगाया था कि उनके बेटे अंकित की हत्या पूर्व पार्षद ताहीर हुसैन और उसके साथियों ने की है। अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अंकित शर्मा पर अत्यंत क्रूरता से हमला किया गया था। उनके शरीर पर 51 जगहों पर चोटों के निशान थे।