वर्ल्ड अपडेट्स:हिजबुल का डिप्टी चीफ बोला- कश्मीर के हर कब्रिस्तान में पाकिस्तानी आतंकियों की कब्र

रऊफ डार, श्रीनगर। पाकिस्तान के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी चीफ शमशीर खान ने पहली बार खुलकर माना है कि कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकी मारे गए और वहीं दफन हैं। PoK के मुजफ्फराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान शमशीर ने कहा, “कश्मीर का कोई कब्रिस्तान ऐसा नहीं है, जहां पाकिस्तान से आए आतंकियों की कब्र न हो।” शमशीर का यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान हमेशा यह कहता रहा है कि उसका जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन हिजबुल के सीनियर कमांडर के इस बयान को पाकिस्तान से आए आतंकियों की मौजूदगी की खुला कबूलनामा माना जा रहा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को ट्रेनिंग, हथियार और घुसपैठ में मदद देता है। पाकिस्तान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बहामास में फ्लेमिंगो एयर का छोटा विमान क्रैश, सभी यात्रियों 10 की मौत बहामास के नॉर्थ एंड्रोस इलाके में शुक्रवार को फ्लेमिंगो एयर का एक छोटा यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 10 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एक यात्री को जिंदा निकाला गया था, लेकिन बाद में उसने भी दम तोड़ दिया। शुरुआती जांच के मुताबिक, सेसना 402C विमान ने राजधानी नासाउ से उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ देर बाद पायलट ने तकनीकी दिक्कत की जानकारी दी, जिसके बाद विमान जंगल वाले इलाके में गिर गया। हादसे के बाद बहामास सरकार ने एहतियात के तौर पर फ्लेमिंगो एयर की सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इसी दिन एयरलाइन के एक अन्य विमान में भी तकनीकी खराबी आने के बाद उसे वापस नासाउ लौटना पड़ा था। लैंडिंग के बाद उसमें आग लग गई, हालांकि उस विमान के सभी यात्री सुरक्षित बच गए। सरकार और विमान दुर्घटना जांच एजेंसी हादसे के कारणों की जांच कर रही है। फ्लेमिंगो एयर ने भी जांच में पूरा सहयोग देने और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।

Top News 11 July: ट्रंप बोले- मेरी हत्या हुई तो ईरान पर बम गिरा देना, पीएम मोदी ने FTA को बताया मील का पत्थर

top news 11 july

Top News 11 July : अमेरिका राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश, अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना। पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड से एफटीए को मील का पत्थर बताया। आज नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि। दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट कटने पर नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने किया हंगामा। स्पेन फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचा। 11 जुलाई की बड़ी खबरें… 

 

मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना : ट्रंप

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैं काफी समय से उनके निशाने पर हूं। अगर मेरे साथ कुछ होता है तो मैंने ऐसे हमले के निर्देश दिए हैं जैसा ईरान ने पहले कभी देखा नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना।

 

न्यूजीलैंड से FTA मील का पत्थर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को दोनों देशों के संबंधों में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कम समय में समझौते को अंतिम रूप देने के लिए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा लेकर आई है।

 

नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि को शामिल करेंगे। महेंद्रगिरि में उन्नत स्टील्थ विशेषताएं, रडार से बचने की क्षमता और उच्च स्तर का ऑटोमेशन शामिल है। यह युद्धपोत आधुनिक स्वदेशी हथियारों, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों से लैस है। 

 

दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने किया हंगामा

दतिया में राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया। वे इस बात का विरोध कर रहे थे कि BJP ने उन्हें आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिया। इस घटना में लोगों के घायल होने की खबर है। कल रात उनके हज़ारों समर्थकों ने NH-44 को जाम कर दिया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफ़िक पूरी तरह ठप हो गया। ALSO READ: दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से समर्थक नाराज, NH-44 पर जाम लगाया, कई पार्षदों ने दिया इस्तीफा

 

स्पेन फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में

फाबियन रूइज और मिकेल मेरिनो के गोलों की मदद से स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। बेल्जियम की ओर से चार्ल्स डी केटेलारे ने एकमात्र गोल दागा। सेमीफाइनल में स्पेन का मुकाबला फ्रांस से होगा।

WHO की डरावनी रिपोर्ट : दुनिया की 92% आबादी पर कैंसर का खतरा, जानें पुरुषों-महिलाओं में कौन सा कैंसर है सबसे आम

क्या आप और आपका परिवार कैंसर की ज़द में हैं? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की लेटेस्ट रिपोर्ट कहती है कि दुनिया की 92% आबादी सीधे या परोक्ष रूप से कैंसर से प्रभावित होने वाली है। यानी या तो आप खुद, या आपके परिवार का कोई बेहद करीबी सदस्य इस जानलेवा बीमारी का शिकार बनेगा। जानिए डब्ल्यूएचओ ने इस वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल पर क्या चेताया है।”

'डाउन टू अर्थ' की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कैंसर को लेकर अब तक की सबसे भयानक चेतावनी जारी की है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कैंसर अब सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक तेज़ी से बढ़ता हुआ सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक संकट बन चुका है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया की लगभग 92 प्रतिशत आबादी अपने जीवनकाल में किसी न किसी रूप में कैंसर के प्रभाव में आएगी।

1. हर 5 में से 1 व्यक्ति को कैंसर : क्या कहते हैं आंकड़े?

आंकड़े बेहद डरावने हैं। दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कैंसर की चपेट में आ रहा है।

WHO Cancer Report 2026

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2. पुरुषों और महिलाओं में सबसे आम कैंसर कौन से हैं?

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जेंडर के आधार पर कौन से कैंसर सबसे ज्यादा पैर पसार रहे हैं:

WHO Cancer Report 2026

नोट: बड़ी आंत और मलाशय का कैंसर (Colorectal Cancer) पुरुषों और महिलाओं दोनों में तीसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर बन चुका है। इसके अलावा, बच्चों में भी यह बोझ बढ़ रहा है, जहां हर साल 19 वर्ष तक के लगभग 4 लाख बच्चे और किशोर इसका शिकार हो रहे हैं।

3. मासूमों पर दोहरी मार : लाखों बच्चे हो रहे अनाथ

कैंसर सिर्फ जान नहीं लेता, बल्कि हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देता है।

WHO Cancer Report 2026

  • वर्ष 2020 के आंकड़ों के अनुसार, माता या पिता की कैंसर से मृत्यु के कारण दुनिया भर में लगभग 24.5 लाख बच्चे अनाथ हो गए।
  • स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical Cancer) के कारण सबसे ज्यादा माताओं की मौत हुई।
  • चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे अनाथ होने वाले बच्चों के 40% मामले अकेले भारत, चीन, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, इथियोपिया और पाकिस्तान से आते हैं।

4. जेब पर वार : परिवारों को कंगाल बना रहा है इलाज

कैंसर का मानसिक और आर्थिक असर किसी भी परिवार को तोड़कर रख देता है। डब्ल्यूएचओ के सर्वेक्षण में सामने आया कि: 

  • 45% से अधिक लोगों को इलाज के कारण भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।
  • महंगे इलाज, दवाओं के खर्च और अस्पताल के चक्करों के कारण लाखों परिवार गरीबी रेखा के नीचे चले जाते हैं।
  • आधे से अधिक मरीजों और उनके तीमारदारों (Caregivers) ने गंभीर मानसिक तनाव, डिप्रेशन और सामाजिक अलगाव की बात स्वीकार की।

5. अमीर और गरीब देशों के बीच 'इलाज की खाई'

रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक बात इलाज में मौजूद असमानता को लेकर कही गई है। दुनिया की 47% आबादी के पास आज भी कैंसर की बुनियादी जांच सुविधाएं नहीं हैं

यदि आप किसी अमीर देश में पैदा हुए हैं, तो आपके बचने की संभावना बहुत ज्यादा है, जबकि गरीब देशों में यह किस्मत के भरोसे है:

WHO Cancer Report 2026

2050 का भविष्य: 133% तक बढ़ सकते हैं मामले

डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक दुनिया में हर साल कैंसर के नए मामलों की संख्या 66.7% बढ़कर 3.5 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इसका सबसे बुरा असर निम्न और मध्यम आय वाले देशों (जिसमें भारत भी शामिल है) पर पड़ेगा, जहां मामलों में 133% की वृद्धि देखी जा सकती है। इसके पीछे बढ़ती आबादी, बदलती जीवनशैली और प्रदूषण जैसे कारक जिम्मेदार हैं।

आगे की राह क्या है?

बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है! डब्ल्यूएचओ का स्पष्ट कहना है कि कैंसर से लड़ाई केवल महंगी दवाओं या रोबोटिक सर्जरी से नहीं जीती जा सकती। सरकार को हर नागरिक तक सस्ती और समय पर जांच (Early Detection) की सुविधा पहुंचानी होगी।

व्यक्तिगत स्तर पर सलाह : कैंसर के 40% मामलों को सिर्फ सही खान-पान, एक्सरसाइज, तंबाकू-सिगरेट से दूरी और समय पर स्क्रीनिंग (जैसे 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के लिए पैप स्मीयर और मैमोग्राफी) के ज़रिए रोका जा सकता है।

गुरुग्राम में देर रात पुलिस एनकाउंटर, रंगदारी वसूलने पहुंचे दीपक नांगल गैंग के 4 शूटर ढेर

gurugram encounter : 4 shooters of deepak nangal gang shot dead

गुरुग्राम के सुशांत लोक 2 में गुरुवार रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में गैंगस्टर दीपक नांगल गैंग के 4 बदमाश ढेर हो गए। गोलीबारी में 3 पुलिसकर्मी और 1 बदमाश घायल। बदमाश रंगदारी मांगने के लिए सुशांत लोक पहुंचे थे।

 

पुलिस ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीमों को पुलिस कंट्रोल रूप से एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी में कुछ हथियार बंद अपराधियों के होने बारे में सूचना मिली। क्राइम ब्रांच की टीमें जब सुशांत लोक एरिया में पहुंची तो अपराधियों ने एक व्यवसायी के घर पर फायरिंग कर दी गई। इस व्यवसायी को विदेश में बैठे एक इनामी गैंगस्टर से फिरौती के लिए लगातार संदेश आ रहे थे।

 

पुलिस ने अपराधियों को आत्म समर्पण करने की चेतावनी दी लेकिन उनके द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षा और अपराधियों को पकड़ने के उद्देश्य से जवाबी फायरिंग की गई। दोनों ओर से करीब 20 से 25 राउंड गोलियां चली। गोलीबारी में सभी 5 शूटर को गोली लगी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां 4 बदमाशों को मृत घोषित कर दिया गया। 

 

मुठभेड़ की सूचना पाकर गुरुग्राम के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (क्राइम), डीसीपी (ईस्ट) भी मौके पर पहुंच गए। एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।

‘आज रात होगा जोरदार हमला…’, ईरान से सीजफायर टूटने के बाद ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

ईरान और अमेरिका के ताजा हमलों ने माहौल को एक बार फिर गरमा दिया है। पीस प्लान को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जोरदार वार और पलटवार के बाद अब अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। नाटो के शिखर सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने तुर्की पहुंचे ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्‍म हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि अमेरिका आज रात ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

ईरान से सीजफायर टूटने के बाद ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरान के हमलों ने संघर्ष रोकने के लिए हुए अस्थायी समझौते का उल्लंघन किया है। इसी वजह से अब हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की हालिया कार्रवाई से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन कराना नहीं है, लेकिन वह किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के जहाजों पर किए गए हमले अस्थायी संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करना होगा, नहीं तो अमेरिका खुद कार्रवाई करेगा।

इससे पहले ट्रंप ने उस समझौते से अलग होने का ऐलान किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच लड़ाई कुछ समय के लिए रुकी थी और आगे बातचीत की उम्मीद बनी हुई थी। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है और संघर्ष दोबारा शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।

होर्मुज पर संकट के बादल 

होर्मुज , दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और मौजूदा संघर्ष का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। यह तनाव फरवरी के आखिर में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बाद और बढ़ गया था। ईरान का कहना है कि वह इस समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। उसका दावा है कि यहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाएगा। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि तय रास्ते से हटने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जा सकती है। हाल के दिनों में ईरानी सेना ने कम से कम तीन जहाजों पर हमला किया। इसके जवाब में मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की।

Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

Stock Market Crash: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बुधवार को दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट (why market is down today) ला दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। महज 40 मिनट में सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया। वहीं, बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX 27% उछल गया।

दोपहर 1:40 बजे सेंसेक्स 77,603.90 पर कारोबार कर रहा था। अगले 40 मिनट में यह करीब 1,076 अंक लुढ़ककर 76,527.81 पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। करीब 3,095 शेयर गिरे, जबकि सिर्फ 1,000 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

ट्रंप ने ईरान सीजफायर पर क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह ईरान के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने ईरानी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुए, तो वह उनका इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत जारी रखेंगे। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उससे कोई नतीजा निकलेगा।

तनाव अचानक क्यों बढ़ गया?

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। साथ ही अमेरिका ने वह छूट भी खत्म कर दी है, जिसके तहत ईरान वैश्विक बाजार में तेल बेच रहा था।

इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है।

इसके बाद बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजने लगे। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हमलों का जवाब दे रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बाजार गिरने के अन्य 6 बड़े वजह

कच्चे तेल में तेज उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 6% उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल बाजार के लिए चिंता की बात है।

FII निवेश पर अनिश्चितता: Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, हाल में FII की खरीदारी से बाजार मजबूत हो रहा था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव ने इस सकारात्मक माहौल पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं।

FII खरीदारी बनी हुई है: पिछले तीन कारोबारी सत्र में FIIs ने करीब 1,991 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि रकम बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टेक्निकल संकेत अभी कमजोर: SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,120-24,140 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो अगला सपोर्ट 23,970-23,990 के बीच होगा। वहीं 24,370-24,390 के ऊपर निकलने पर तेजी फिर लौट सकती है।

ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली: फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इससे बाजार की गिरावट और बढ़ गई।

बड़े शेयरों में भारी कमजोरी: मारुति सुजुकी में 3% से ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा IndiGo, Hindustan Unilever, UltraTech Cement और Bharat Electronics जैसे हैवीवेट शेयर भी दबाव में रहे।

India VIX में तेज उछाल: बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX इंट्राडे कारोबार में 23% से ज्यादा उछलकर 14.33 पर पहुंच गया। VIX में तेज बढ़त आमतौर पर आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

बाजार में गिरावट पर एक्सपर्ट की राय

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव ने भारतीय शेयर बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से महंगाई की चिंता फिर बढ़ गई है। इसका असर भारत और अमेरिका दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड पर भी देखने को मिला।

उनके मुताबिक, India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि निवेशकों के बीच डर बढ़ गया है। यही वजह रही कि लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही पहली तिमाही (Q1) के कमजोर नतीजों की आशंका ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

तीन फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल

विनोद नायर का कहना है कि सिर्फ कंपनियों के नतीजे ही बाजार की दिशा तय नहीं करेंगे। निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री और भविष्य ग्रोथके आउटलुक पर भी रहेगी। इससे पता चलेगा कि कमाई में कमजोरी दूसरी तिमाही (Q2) तक बनी रहती है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल तीन बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई की मौद्रिक नीति। दूसरा, अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ ट्रूस की अवधि खत्म होने का असर। और तीसरा, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या कम होता है, क्योंकि यही आगे बाजार की दिशा तय करेगा।

ट्रंप ने खत्म किया सीजफायर! अब तेल, सोना और चांदी पर क्या होगा असर; जानिए एक्सपर्ट्स से

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लारेंस-गोल्डी गैंग पर FBI का पहली बार बड़ा एक्शन:अमेरिका-कनाडा समेत कई देशों में 50 जगह रेड, 24 अरेस्ट, ड्रग-आर्म्स बरामद

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पहली बार गैंगस्टर लॉरेंस, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया पर बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में संयुक्त एक्शन के दौरान भारत से जुड़े गैंगस्टर्स के 24 साथियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 37 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ को खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का आरोपी बनाया गया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची थी। दावा है कि आरोपियों में रोहित गोदारा और अन्य सहयोगियों के नाम भी शामिल है। आरोप पत्र में बताया गया कि लॉरेंस भारत में जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को चलाता है और उसके सहयोगी भारत अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में टारगेट किलिंग और ड्रग तस्करी को अंजाम देते हैं। यूएस फेडरल सरकार के अधिकारियों ने कहा कि वो जल्द ही भारतीय सरकार से लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और एक्टिव पुलिस चीफ पुंदरप्रीत सिंह के औपचारिक प्रत्यर्पण की मांग करेंगे। इसके अलावा एफबीआई ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। FBI ने और क्या खुलासे किए…. 50 जगह रेड, ड्रग्स-हथियार सीज अमेरिकी फेडरल अथॉरिटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अहम खुलासे किए। बताया कि वे इंडिया बेस्ड ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप के खिलाफ कई सालों से इंटरकॉन्टिनेंटल जांच कर रहे थे। इसके तहत उन्होंने कम से कम 2 दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां यूएस, कनाडा और यूरोप में हुई हैं। आरोपियों के खिलाफ कम से कम 50 सर्च वारंट लागू किए गए थे, जिसके बाद हजार किलो नारकोटिक्स ड्रग्स और दर्जनों हथियार सीज किए गए हैं। गैंगस्टर लॉरेंस जेल से चला रहा गैंग यूएस फेडरल सरकार और लॉस एंजेल्स के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी जनरल के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पूरे इंडियन बेस्ड क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन नेटवर्क को इंडिया की जेल में बैठा गैंगस्टर लॉरेंस हेड कर रहा है। नॉर्थ अमेरिका में इसके ऑपरेशन गोल्डी बराड़ लीड कर रहा था और यूरोप में सारा काम रोहित गोदारा द्वारा संभाला जा रहा था। माना जाता है कि इन तीनों गैंग लीडरों के बीच अब फूट पड़ गई है और ये एक-दूसरे के विरोधी बन चुके हैं, लेकिन यूएस अथॉरिटीज का कहना है कि ये तीनों अब तक मिलकर काम करते आए हैं।

चीन का नया ‘मिसाइल मैसेज’:परमाणु पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल दागी, हिंद-प्रशांत में बढ़ा तनाव, भारत के लिए क्या मायने

चीन ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का प्रशांत महासागर में परीक्षण कर अपनी रणनीतिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ प्रशांत क्षेत्र का मामला नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता का संकेत है, जिसका सीधा असर भारत की सुरक्षा रणनीति पर भी पड़ सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षण में संभवतः चीन की नई पीढ़ी की JL-3 पनडुब्बी आधारित बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है और इसकी मारक क्षमता इतनी है कि चीन के समुद्री क्षेत्र से भी हजारों किलोमीटर दूर लक्ष्य साधे जा सकते हैं। चीन इसे नियमित सैन्य अभ्यास बता रहा है, लेकिन क्षेत्रीय देशों का कहना है कि इससे हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। भारत के लिए चिंता भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता चीन की बढ़ती समुद्री मौजूदगी है। बीते कुछ वर्षों में चीनी नौसेना की पनडुब्बियां हिंद महासागर में कई बार देखी गई हैं। जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और श्रीलंका के हम्बनटोटा पोर्ट पर चीन की सक्रियता पहले से नई दिल्ली के लिए रणनीतिक चुनौती है। यदि चीन अधिक आधुनिक और कम शोर वाली परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करता है, तो हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी सैन्य पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं। हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी लगातार बढ़ रही अब तक चीन का फोकस दक्षिण चीन सागर और ताइवान तक माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी परमाणु पनडुब्बियां हिंद महासागर में भी नियमित रूप से देखी गई हैं। चीन का जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक पहुंच और श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह पर प्रभाव भारत के लिए पहले से रणनीतिक चुनौती हैं। यदि चीन की नई पनडुब्बियां स्टेल्थ और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस हो जाती हैं, तो वे हिंद महासागर से भी भारत के अधिकांश हिस्सों को निशाना बना सकती हैं। भारत के परमाणु प्रतिरोधक संतुलन पर असर भारत की परमाणु नीति क्रेडिबल मिनिमम डेटेरेंस और नो फर्स्ट यूज पर आधारित है। चीन यदि समुद्र आधारित परमाणु क्षमता तेजी से बढ़ाता है तो भारत को भी अधिक परमाणु पनडुब्बियां, लंबी दूरी की K-4 और K-5 मिसाइलें और समुद्री निगरानी नेटवर्क तेजी से मजबूत करना होगा। दो मोर्चों पर चुनौती भारत पहले से उत्तरी सीमा पर चीन और पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान का सामना कर रहा है। यदि चीन समुद्री मोर्चे पर भी अपनी क्षमता बढ़ाता है तो भारत को भूमि, वायु और समुद्र—तीनों मोर्चों पर सैन्य संसाधन बढ़ाने पड़ सकते हैं। अंडमान-निकोबार की रणनीतिक अहमियत बढ़ेगी भारत का अंडमान एवं निकोबार कमांड मलक्का स्ट्रेट की निगरानी करता है। चीन की पनडुब्बी गतिविधियां बढ़ने पर भारत को समुद्री निगरानी बढ़ाने के अलावा पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), ड्रोन एवं P-8I निगरानी विमान की क्षमताओं को और मजबूत करना पड़ेगा। QUAD और इंडो-पैसिफिक साझेदारी मजबूत होगी चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच QUAD सहयोग और मजबूत हो सकता है। समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों की आवृत्ति बढ़ सकती है। चीन लगातार क्यों बढ़ा रहा है सैन्य ताकत? विशेषज्ञों के अनुसार चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है, अमेरिका को प्रशांत क्षेत्र में चुनौती देना चाहता है, अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर रहा है और हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही चीन भविष्य में समुद्र आधारित परमाणु शक्ति के जरिए वैश्विक रणनीतिक संतुलन बदलना चाहता है। भारत क्या कर रहा है? भारत पहले से अपनी समुद्री शक्ति बढ़ाने पर काम कर रहा है। इस दिशा में भारत जो कदम उठा रहा है उनमें INS अरिहंत और अरिघात जैसी परमाणु पनडुब्बियों का विकास, K-15 और K-4 बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, P-8I समुद्री निगरानी विमान, अंडमान-निकोबार कमांड का विस्तार और QUAD के तहत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास (मालाबार) शामिल हैं।

चीन का नया ‘मिसाइल मैसेज’:परमाणु पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल दागी, हिंद-प्रशांत में बढ़ा तनाव, भारत के लिए क्या मायने

चीन ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का प्रशांत महासागर में परीक्षण कर अपनी रणनीतिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ प्रशांत क्षेत्र का मामला नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता का संकेत है, जिसका सीधा असर भारत की सुरक्षा रणनीति पर भी पड़ सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षण में संभवतः चीन की नई पीढ़ी की JL-3 पनडुब्बी आधारित बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है और इसकी मारक क्षमता इतनी है कि चीन के समुद्री क्षेत्र से भी हजारों किलोमीटर दूर लक्ष्य साधे जा सकते हैं। चीन इसे नियमित सैन्य अभ्यास बता रहा है, लेकिन क्षेत्रीय देशों का कहना है कि इससे हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। भारत के लिए चिंता भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता चीन की बढ़ती समुद्री मौजूदगी है। बीते कुछ वर्षों में चीनी नौसेना की पनडुब्बियां हिंद महासागर में कई बार देखी गई हैं। जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और श्रीलंका के हम्बनटोटा पोर्ट पर चीन की सक्रियता पहले से नई दिल्ली के लिए रणनीतिक चुनौती है। यदि चीन अधिक आधुनिक और कम शोर वाली परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करता है, तो हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी सैन्य पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं। हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी लगातार बढ़ रही अब तक चीन का फोकस दक्षिण चीन सागर और ताइवान तक माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी परमाणु पनडुब्बियां हिंद महासागर में भी नियमित रूप से देखी गई हैं। चीन का जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक पहुंच और श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह पर प्रभाव भारत के लिए पहले से रणनीतिक चुनौती हैं। यदि चीन की नई पनडुब्बियां स्टेल्थ और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस हो जाती हैं, तो वे हिंद महासागर से भी भारत के अधिकांश हिस्सों को निशाना बना सकती हैं। भारत के परमाणु प्रतिरोधक संतुलन पर असर भारत की परमाणु नीति क्रेडिबल मिनिमम डेटेरेंस और नो फर्स्ट यूज पर आधारित है। चीन यदि समुद्र आधारित परमाणु क्षमता तेजी से बढ़ाता है तो भारत को भी अधिक परमाणु पनडुब्बियां, लंबी दूरी की K-4 और K-5 मिसाइलें और समुद्री निगरानी नेटवर्क तेजी से मजबूत करना होगा। दो मोर्चों पर चुनौती भारत पहले से उत्तरी सीमा पर चीन और पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान का सामना कर रहा है। यदि चीन समुद्री मोर्चे पर भी अपनी क्षमता बढ़ाता है तो भारत को भूमि, वायु और समुद्र—तीनों मोर्चों पर सैन्य संसाधन बढ़ाने पड़ सकते हैं। अंडमान-निकोबार की रणनीतिक अहमियत बढ़ेगी भारत का अंडमान एवं निकोबार कमांड मलक्का स्ट्रेट की निगरानी करता है। चीन की पनडुब्बी गतिविधियां बढ़ने पर भारत को समुद्री निगरानी बढ़ाने के अलावा पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), ड्रोन एवं P-8I निगरानी विमान की क्षमताओं को और मजबूत करना पड़ेगा। QUAD और इंडो-पैसिफिक साझेदारी मजबूत होगी चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच QUAD सहयोग और मजबूत हो सकता है। समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों की आवृत्ति बढ़ सकती है। चीन लगातार क्यों बढ़ा रहा है सैन्य ताकत? विशेषज्ञों के अनुसार चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है, अमेरिका को प्रशांत क्षेत्र में चुनौती देना चाहता है, अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर रहा है और हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही चीन भविष्य में समुद्र आधारित परमाणु शक्ति के जरिए वैश्विक रणनीतिक संतुलन बदलना चाहता है। भारत क्या कर रहा है? भारत पहले से अपनी समुद्री शक्ति बढ़ाने पर काम कर रहा है। इस दिशा में भारत जो कदम उठा रहा है उनमें INS अरिहंत और अरिघात जैसी परमाणु पनडुब्बियों का विकास, K-15 और K-4 बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, P-8I समुद्री निगरानी विमान, अंडमान-निकोबार कमांड का विस्तार और QUAD के तहत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास (मालाबार) शामिल हैं।

Gurugram: शादी के 3 महीने बाद पत्नी का कत्ल! प्रेमिका के साथ मिलकर पति ने खेला खूनी खेल

दिल्ली-NCR से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। गुरुग्राम में एक 25 वर्षीय युवक पर अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में उसकी तीन साल पुरानी प्रेमिका ने भी उसका साथ दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, मानेसर निवासी अंकित ने झज्जर की रहने वाली अपनी 38 वर्षीय प्रेमिका रजनी देवी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस का आरोप है कि दोनों अपने रिश्ते में किसी तरह की रुकावट नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया।ॉ

फरवरी में हुई थी शादी

यह मामला 22 मई को सामने आया, जब मृतका की मां ने मानेसर थाना में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी की शादी इसी साल फरवरी में अंकित से हुई थी। मृतका की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी 21 मई को अचानक लापता हो गई थी। परिवार ने उसकी काफी तलाश की और ससुराल पक्ष से भी जानकारी ली, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शक होने पर उन्होंने अपने दामाद और उसके परिवार के खिलाफ मानेसर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

प्रेमिका से साथ मिलकर रचि साजिश

रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 22 मई को मानेसर स्थित एक कमरे से महिला का शव बरामद किया। शुरुआती जांच में पता चला कि महिला की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी और मामले में संबंधित धाराएं भी जोड़ दीं।जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अंकित और उसकी प्रेमिका रजनी देवी को गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, अंकित मानेसर में तंबाकू की दुकान चलाता था, जबकि रजनी उसी इलाके के एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि दोनों पिछले तीन साल से प्रेम संबंध में थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या की साजिश रजनी के किराए के कमरे में बनाई गई थी। आरोप है कि वारदात वाले दिन अंकित अपनी पत्नी को वहां लेकर गया, जहां उसने रजनी के साथ मिलकर उसे गोली मार दी। रिपोर्ट के अनुसार, हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार वारदात से करीब दो महीने पहले उत्तर प्रदेश से खरीदा गया था। पुलिस को शक है कि इस हथियार को पहले से ही हत्या की योजना के तहत खरीदा गया था।

गिरफ्तार हुए आरोपी 

पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद अंकित और रजनी देवी पहले हरिद्वार भाग गए और वहां से नेपाल चले गए। 30 जून को भारत लौटने पर क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों को मानेसर से गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और मामले से जुड़े अन्य सबूत जुटाने की कोशिश भी जारी है।