LIVE: CJP संसद मार्च पर अड़ी, दिल्ली में धारा 163 लागू

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Latest News Today Live Updates in Hindi : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी संसद मार्च पर अड़ी। दिल्ली में धारा 163 लागू। पल पल की जानकारी…

जम्मू-कश्मीर: कल रात से हो रही लगातार बारिश की वजह से रियासी ज़िले में चिनाब नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और नदी का पानी कई निचले इलाकों में बहने लगा है।कांग्रेस के लोकसभा सांसद विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी लेने के लिए संसद में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) के दफ्तर में सुबह 10.30 बजे मिलेंगे।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, 'भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 सालों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा किया है। देश भर से लोग आ रहे हैं। जब मैं अमेरिका में था, तो लोग मुझसे कहते थे कि कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा। आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों सड़कों को देखिए; वे पूरी तरह से भरी हुई हैं… संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता।'

-संसद के मानसून सत्र और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

-पुलिस हाई अलर्ट पर है। 5000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है।

-संसद, इंडिया गेट और VVIP इलाकों के आस-पास के संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

-दिल्ली पुलिस ने इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्टा होने पर रोक।

Top News 20 July: संसद का मानसून सत्र, CJP का संसद मार्च, स्पेन बना फीफा वर्ल्ड चैंपियन

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Top News 20 July : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च आज, दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति। ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों से रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक में ईरान को भी शामिल करने की मांग की है। स्पेन ने 16 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप जीता। इंग्लैंड ने तीसरे वनडे में भारत और 27 रनों से हराया। 20 जुलाई की बड़ी खबरें : 

 

आज से संसद का मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। चढ़ावा चोरी, नीट परीक्षा आदि मामलों पर संसद में हंगामा हो सकता है। राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला 'वंदे मातरम बिल' समेत पांच नए विधेयक भी इस सत्र में पेश होने जा रहे हैं। DMK ने परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर सरकार को समर्थन देने के संकेत दिए।

 

CJP का संसद मार्च

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारी आज संसद मार्च करेंगे। दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है। राष्‍ट्रीय राजधानी में धारा 163 लागू। लिहाजा, जंतर-मंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है।  

 

रूस पर शिकंजे वाले बिल में ईरान भी!

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों से रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक में ईरान को भी शामिल करने की मांग की है। यह विधेयक रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले शीर्ष देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने का प्रावधान करता है। इनमें भारत भी शामिल है।

 

स्पेन ने 16 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप जीता

स्पेन ने अर्जेंटीना के 1-0  से हराकर दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। स्पेन ने इससे पहले 2010 में फीफा विश्‍व कप जीता था। फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने किए। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट अपने नाम किया। ALSO READ: स्पेन ने अर्जेंटीना का सपना तोड़ा, 1-0 से जीतकर दूसरी बार बना FIFA वर्ल्ड कप चैंपियन; फेरन टोरेस ने किया विजयी गोल

 

27 रनों से जीता इंग्लैंड

इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान पर भारत के खिलाफ 27 रनों से जीत पाकर 3 मैचों की सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 3 विकेट खोकर 387 रन बनाए। इसके जवाब में भारत की टीम रोहित शर्मा के शतक के बावजूद 360 रन ही बना सकी। ALSO READ: स्पेन ने अर्जेंटीना का सपना तोड़ा, 1-0 से जीतकर दूसरी बार बना FIFA वर्ल्ड कप चैंपियन; फेरन टोरेस ने किया विजयी गोल

Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, भूख हड़ताल के दौरान डिहाइड्रेशन के संकेत, डॉक्ट्रों ने दी चेतावनी

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जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत खराब होने लगी है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि वांगचुक में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचने के लिए उन्हें तुरंत तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी की जरूरत है।

 

हालांकि, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक और उनके परिवार ने अभी तक यह उपचार लेने की सहमति नहीं दी है। अस्पताल ने शनिवार रात जारी बयान में कहा कि वांगचुक फिलहाल होश में हैं और उनकी हीमोडायनामिक स्थिति स्थिर है। उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर सामान्य सीमा में हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास के प्रभाव को देखते हुए डॉक्टरों ने चिंता जताई है।

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लंबे उपवास से स्वास्थ्य पर पड़ा असर: अस्पताल

सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के कारण वांगचुक में डिहाइड्रेशन के स्पष्ट चिकित्सकीय संकेत मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) या नसों के जरिए फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी देना जरूरी है। दिल्ली स्थित AIIMS के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की और इलाज कर रहे डॉक्टरों की राय से सहमति जताई कि उन्हें तुरंत रिहाइड्रेशन थेरेपी की आवश्यकता है।

 

अस्पताल ने बताया कि AIIMS के डॉक्टर भी अब मेडिकल टीम में शामिल हो गए हैं और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मिलकर वांगचुक की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

 

वांगचुक ने इलाज लेने से किया इनकार

 

अस्पताल के मुताबिक, इलाज कर रही टीम और AIIMS विशेषज्ञ की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक ने:

नसों के जरिए दिए जाने वाले फ्लूइड (IV Fluids) ORS दवाइयां लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल ने बताया कि उनके परिवार ने भी अभी तक जरूरी इलाज के लिए सहमति नहीं दी है।

 

डॉक्टरों ने दी गंभीर खतरे की चेतावनी

 

हालांकि फिलहाल वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत (Vital Parameters) सामान्य हैं, लेकिन डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहने से स्वास्थ्य तेजी से खराब हो सकता है। अस्पताल ने कहा कि वांगचुक को लगातार निगरानी में रखा गया है और डॉक्टर उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें और उनके परिवार को इलाज के लिए समझाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

NEET विवाद को लेकर 28 जून से जारी है भूख हड़ताल

 

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। वह 28 जून से अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इससे जुड़े छात्र मौत के मामलों को लेकर CJP के नेतृत्व वाले आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन कार्यकर्ता भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल हैं।

Sonam Wangchuk: अब कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत? सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने दी यह जानकारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस 21वें दिन वहां से हटाकर अस्पताल ले गई है। दिल्ली पुलिस ने साफ कहा कि हाई कोर्ट के आदेश और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें जरूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, वांगचुक की नाड़ी, ब्लड प्रेशर और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है। लेकिन लंबे समय तक उपवास करने के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ा है। डॉक्टरों का कहना है कि हालत बिगड़ने और किसी गंभीर परेशानी से बचाने के लिए तुरंत इलाज की जरूरत है।

अस्पताल के मुताबिक, दिल्ली एम्स के एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की है। उन्होंने इलाज कर रही टीम की राय से सहमति जताई है कि उन्हें नसों के जरिए तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) और इलेक्ट्रोलाइट देना चिकित्सकीय रूप से जरूरी है। एम्स के डॉक्टर भी अब इलाज करने वाली टीम में शामिल हो गए हैं और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखेंगे।

अस्पताल के हेल्थ बुलेटिन की अहम बातें

  • सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
  • उनकी ब्लड प्रेशर और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है।
  • लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण मिले हैं।
  • डॉक्टरों का कहना है कि हालत बिगड़ने और किसी गंभीर समस्या से बचाने के लिए तुरंत इलाज जरूरी है।
  • एम्स के एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की और इलाज कर रही टीम की राय से सहमति जताई।
  • एम्स का एक डॉक्टर अब इलाज करने वाली टीम का हिस्सा है और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक को मुंह से तरल पदार्थ (ओरल फ्लूइड) या नस के जरिए तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) और इलेक्ट्रोलाइट देने की सलाह दी है। अस्पताल के अनुसार, कई बार समझाने के बावजूद वांगचुक ने आईवी फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल का कहना है कि वांगचुक के परिवार ने भी अभी तक डॉक्टरों की ओर से सुझाए गए इलाज के लिए सहमति नहीं दी है। फिलहाल वांगचुक की लगातार मेडिकल निगरानी की जा रही है। डॉक्टर उन्हें और उनके परिवार को समझाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे इलाज के लिए सहमत हो जाएं और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

निजी डॉक्टर ने उठाए सवाल

इससे पहले दिन में सोनम वांगचुक के निजी डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने भी अस्पताल की कुछ मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। डॉ. दिघे का कहना है कि शुक्रवार दोपहर जब वांगचुक का ब्लड सैंपल लिया गया था, तब उनके शरीर में पोटेशियम का स्तर सामान्य था। उन्होंने कहा कि वह इसकी पुष्टि के लिए एक स्वतंत्र लैब में दोबारा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल ने परिवार को मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई।

पत्नी ने भी मेडिकल रिपोर्ट पर जताई आपत्ति

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए और स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि परिवार की यह मांग नहीं मानी गई कि वांगचुक की जांच किसी दूसरी लैब में कराई जाए और उनके खून के नमूने स्वतंत्र जांच के लिए परिवार को दिए जाएं। आंग्मो ने यह भी दावा किया कि परिवार ने वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देने की मांग की थी, ताकि उन्हें अपनी पसंद के किसी दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया जा सके।

वांगचुक की हालत बेहद नाजुक! सोनम ने अस्पताल में दवा और ड्रिप लेने से किया इनकार

Sonam Wangchuk Health Update

Sonam Wangchuk Health Update: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद वांगचुक ने डॉक्टरों के इलाज को पूरी तरह ठुकरा दिया है। गंभीर डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) और चयापचय संबंधी समस्याओं के बावजूद उन्होंने नसों के माध्यम से दिए जाने वाले तरल पदार्थ (IV Fluids) और किसी भी तरह की दवा लेने से साफ इनकार कर दिया है। इस बीच, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता से छात्रों के इस आंदोलन में कूदने का बड़ा आह्वान किया है।

सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की बढ़ी चिंता

अस्पताल प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सोनम वांगचुक को इस वक्त सख्त चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। 21 दिनों की भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर के कई महत्वपूर्ण पैरामीटर्स बिगड़ चुके हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस बीच, डॉक्टरों ने वांगचुक के परिवार और उनके सहयोगियों को गंभीर चेतावनी दी है कि यदि बिना किसी देरी के तुरंत इलाज शुरू नहीं करने दिया गया तो स्थिति हाथ से बाहर निकल सकती है और अंगों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। ALSO READ: जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी गई, सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे CJP प्रमुख

 

अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि वांगचुक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक छात्रों के भविष्य और नीट परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती, उनका यह सत्याग्रह अस्पताल के भीतर भी जारी रहेगा। दूसरी ओर, सीजेपी नेता अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद अनशन स्थल पर बवाल खड़ा हो गया। 

अब चुप रहने का वक्त नहीं

वांगचुक को नाटकीय ढंग से धरना स्थल से उठाए जाने और उनकी बिगड़ती सेहत की खबर मिलते ही सियासत पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को देश की जनता और छात्रों से एक भावुक और आक्रामक अपील की।

 

केजरीवाल ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली (NEET) में आमूलचूल सुधार की मांग को लेकर हमारे देश के देशभक्त और छात्र जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूखे बैठे हैं। सोनम वांगचुक की स्थिति गंभीर है। यह समय घरों में बैठने का नहीं है। मैं देश के हर नागरिक, हर माता-पिता और युवाओं से अपील करता हूं कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शामिल हों और तानाशाही के खिलाफ इन प्रदर्शनकारियों का हाथ मजबूत करें। ALSO READ: सोनम वांगचुक सफदरगंज अस्पताल में भर्ती, क्या कहती है उनकी मेडिकल रिपोर्ट?

20 जुलाई का संसद मार्च

सोनम वांगचुक को भले ही पुलिस ने शारीरिक रूप से जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल भेज दिया हो, लेकिन आंदोलनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों ने ऐलान किया है कि वांगचुक की अनुपस्थिति में विरोध प्रदर्शन और तेज होगा। पार्टी ने आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित 'संसद मार्च' को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। दिल्ली पुलिस ने भी इस मार्च को देखते हुए नई दिल्ली और संसद भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। वांगचुक की ओर से भी कहा गया है कि वे भी 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होंगे। 

 

‘नीला मेरा रंग है…’ जंतर-मंतर पर स्याही फेंके जाने के बाद अभिजीत दिपके का रिएक्शन वायरल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, एक महिला ने कथित तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर नीली स्याही फेंक दी, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि स्याही फेंके जाने के बाद लोग अभिजीत दीपके के आसपास जमा हो गए और वहां काफी हंगामा हुआ।

हालांकि, इस घटना के पीछे की वजह की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति को काबू में लाने से पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति बन गई थी। अधिकारियों ने अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है और इस बारे में और जानकारी का इंतजार है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ यूजर्स ने स्याही फेंकने की घटना पर सवाल उठाए और कहा कि किसी भी विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से जताना चाहिए। वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने अभिजीत दीपके की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बना दिया है।

एक यूजर ने व्यंग्यपूर्वक लिखा, “क्या ये एक ही दिन मेरे सारे काम करेगा?”

एक अन्य यूजर ने महिला के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा, “स्याही फेंकने का क्या मतलब है? क्या इस महिला को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सही है और इसमें कोई कमी, असमानता या कठोरता नहीं है?” एक अन्य ने आगे कहा, “अगर वह इस आंदोलन से सहमत नहीं है तो वह विरोध स्थल पर क्यों थी? वैसे वह है कौन?

बाद में दिपके ने X पर एक छोटी सी पोस्ट में इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “नीला मेरा रंग है… जय भीम!”—इस टिप्पणी पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं।

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, दिपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर 20 दिन की भूख हड़ताल पूरी करने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे थे, जो कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

बता दें कि स्याही फेंकने की घटना से कुछ समय पहले ही अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।

दीपके ने X पर पोस्ट कर लिखा था, “मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं।”

इस पर भी इंटरनेट पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने उनसे पूछा, “पक्का? ब्रेड पकौड़े की कसम?”

कई यूजर्स ने उनकी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि दिपके सोनम वांगचुक के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “अभिजीत दिपके, आप पर शर्म आती है कि आप सोनम वांगचुक सर के नाम, उनके दर्द और संघर्ष का बेशर्मी से इस्तेमाल सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने और इस भूख हड़ताल के नाटक के जरिए ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहे हैं। सोनम सर वास्तविक चिकित्सा देखभाल और सम्मान के हकदार हैं, न कि उन्हें राजनीतिक हथियार बनाया जाना चाहिए। हम NEET, CBSE और छात्र आत्महत्याओं के मामले में वास्तविक न्याय के लिए सोनम वांगचुक के साथ मजबूती से खड़े हैं – आपके निजी लाभ के लिए नहीं।”

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‘भूत बनकर आऊंगा…’, सोनम वांगचुक के एक बयान से ऐसा क्या हुआ कि आधी रात पुलिस को लेना पड़ा बड़ा एक्शन?

Sonam Wangchuk Hospitalization: दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीती रात एक बड़ा एक्शन देखने को मिला। पिछले 20 दिनों से जारी आंदोलन के बीच शनिवार तड़के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट कर दिया। इसके बाद माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान में उन्होंने 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर एक ऐसी बात कही थी, जो आज जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई के बाद लोगों के जेहन में दोबारा तैरने लगी है। आइए आपको बताते हैं कि सोनम वांगचुक ने पिछले दिनों क्या कहा था, आज की घटना से उसका क्या कनेक्शन है और क्या उनके इस बयान से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।

’20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, वरना भूत बनकर आऊंगा…’

भूख हड़ताल के दौरान अपने समर्थकों और देश की जनता को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने अपनी शारीरिक स्थिति और आंदोलन के भविष्य को लेकर बड़ी बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘मैं बाहर से भले ही कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। मुझे उम्मीद है आप लोग भी अंदर-बाहर दोनों तरफ से बहुत मजबूत होंगे। हमें यह मजबूती 20 जुलाई तक चाहिए, जब बहुत शांतिपूर्ण तरीके से संसद मार्च निकालेंगे। हम एक साथ चलेंगे और देश के मंदिर में अपनी प्रार्थना सुनाएंगे। आप सब चलेंगे हमारे साथ? वादा करते हैं ना? मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा। अगर नहीं आए और 20 जुलाई का प्रदर्शन सफल नहीं रहा तो मैं ‘भूत’ बनके आऊंगा।’

क्या वांगचुक के इस ‘संकल्प’ से डर गया प्रशासन?

सोनम वांगचुक का यह बयान केवल एक भावनात्मक अपील नहीं थी, बल्कि यह उनके अटूट संकल्प को दिखा रहा था। आज जब 21वें दिन पुलिस ने उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया, तो समर्थकों का कहना है कि प्रशासन कहीं न कहीं वांगचुक के इसी इरादे और 20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ की तैयारी से घबरा गया था।

आंदोलन को बिखेरने की कोशिश?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने वांगचुक को इसलिए हटाया ताकि 20 जुलाई को होने वाले बड़े प्रदर्शन की धार को कमजोर किया जा सके।

वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस और डॉक्टरों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और वांगचुक की जान बचाने के लिए की गई है, क्योंकि 21 दिनों के अनशन के कारण उनके शरीर में पानी की बेहद कमी हो चुकी थी।

अस्पताल में शिफ्टिंग के बाद और मजबूत हुआ समर्थकों का इरादा

सोनम वांगचुक ने अपने बयान में जिस ‘मजबूती’ का जिक्र किया था, वह आज जंतर-मंतर पर साफ देखने को मिली। वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद भी आंदोलन थमा नहीं है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने खुद शनिवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया है।

कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि अगर वांगचुक अस्पताल में भी रहते हैं, तो भी 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च हर हाल में निकाला जाएगा और देश के लोकतंत्र के मंदिर संसद तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी।

VIDEO: जबरन घसीटते हुए ले गई पुलिस… आ गया पूरा वीडियो, वांगचुक की पत्नी ने पुलिस को दी ये चेतावनी

Sonam Wangchuk Wife Gitanjali J Angmo: दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बाद यह मामला अब और गरमा गया है। वांगचुक के अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई पर उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। वहीं CJP के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, दिल्ली पुलिस वांगचुक को जबरन घसीटते हुए अपने साथ ले गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाने का पूरा वीडियो शेयर किया है।

‘पुलिस ने जबरन घसीटा’… कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप

NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, वांगचुक को ले जाए जाने के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि पुलिस वांगचुक को जबरन घसीटते हुए अपने साथ ले गई है।

‘बिना सहमति कुछ भी दिया, तो सीधे ठहराऊंगी जिम्मेदार’

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराए जाने के कुछ ही घंटों बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो अस्पताल पहुंचीं और एक्स पर लिखा, ‘मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूं, जहां सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है। मेरी, उनके परिवार की और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हमारे डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें मुंह से या नस के जरिए कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए।’

गीतांजलि ने इससे पहले मीडिया से बातचीत में यह भी साफ कर दिया था कि अगर सोनम वांगचुक की सेहत के साथ कोई भी ऊंच-नीच होती है, तो इसके लिए वे सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासन को जवाबदेह मानेंगी।

डॉक्टरों ने बताया कैसी है वांगचुक की हालत?

सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने सोनम वांगचुक के हेल्थ बुलेटिन को लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सोनम वांगचुक फिलहाल होश में हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। लेकिन लगातार 21 दिनों तक भूखे रहने के कारण उनके शरीर में पानी की भारी कमी हो गई है, जिससे वे बेहद कमजोर हो चुके हैं।

अस्पताल का कहना है कि उनके शरीर के सभी मानकों को दोबारा सामान्य स्तर पर लाने के लिए उन्हें लगातार डॉक्टरों की निगरानी, मॉनिटरिंग और इलाज की सख्त जरूरत है।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने लिया एक्शन

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद उठाया है। दो दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक की गिरती सेहत से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि ‘देश के किसी भी नागरिक का जीवन बेहद कीमती होता है।’ कोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया था कि वांगचुक की रोजाना क्लिनिकल जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर जरूरी मेडिकल हस्तक्षेप भी किया जाए। इसी आदेश के आधार पर शनिवार तड़के पुलिस जंतर-मंतर पहुंची थी।

वांगचुक के बाद अब अभिजीत दिपके बैठेंगे अनशन पर

सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद भी आंदोलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ऐलान कर दिया है कि सोनम सर को अस्पताल भेजने से यह आंदोलन नहीं रुकेगा। अब वे खुद शनिवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। दिपके ने साफ किया कि मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई को संसद की तरफ निकाला जाने वाला उनका विरोध मार्च अपने तय शेड्यूल के हिसाब से ही होगा।

चारों तरफ पर्दे, सादे कपड़ों में पुलिस और आधी रात का एक्शन… सोनम वांगचुक की मिडनाइट शिफ्टिंग की पूरी इनसाइड स्टोरी

Sonam Wangchuk Shifted to Hospital: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से जारी पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल शनिवार तड़के एक नाटकीय मोड़ पर खत्म हुई। पुलिस ने बेहद सीक्रेट अभियान से वांगचुक को धरना स्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया।

यह केवल एक सामान्य मेडिकल शिफ्टिंग नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी प्रशासनिक रणनीति और कानूनी मजबूरी थी। आइए जानते हैं जंतर-मंतर पर रात के सन्नाटे में हुए इस पूरे एक्शन की ‘इनसाइड स्टोरी’ कि आखिर कैसे और क्यों ऐसा किया गया।

आधी रात का सन्नाटा और सादे कपड़ों में पुलिस की घेराबंदी

इस पूरे ऑपरेशन की टाइमिंग और तरीका बेहद चौंकाने वाला था। पुलिस नहीं चाहती थी कि दिन के उजाले में कार्रवाई करने से समर्थकों की भारी भीड़ जुट जाए या जंतर-मंतर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े। इसलिए तड़के का समय चुना गया।

धरना स्थल पर अचानक पहुंचे पुलिस बल के कई जवान सादे कपड़ों में थे ताकि प्रदर्शनकारियों को तुरंत भनक न लगे कि कोई बड़ा एक्शन होने जा रहा है। उन्होंने आते ही वांगचुक के चारों तरफ एक अभेद्य सुरक्षा घेरा बना दिया।

ऑपरेशन ‘पर्दा’: कैमरे और लाइव स्ट्रीमिंग रोकने की कवायद

इंसाइड स्टोरी का सबसे दिलचस्प हिस्सा था सोनम वांगचुक को ले जाने का तरीका। वांगचुक को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर ले जाने से पहले उनके चारों तरफ बड़े-बड़े पर्दे तान दिए गए।

सोशल मीडिया के इस दौर में पुलिस किसी भी ऐसे वीडियो या लाइव स्ट्रीमिंग को रोकना चाहती थी, जिससे यह संदेश जाए कि वांगचुक के साथ जबरदस्ती की जा रही है। पर्दे के पीछे ही उन्हें सुरक्षित रूप से गाड़ी तक ले जाया गया, जिससे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता कुछ समझ पाते, तब तक गाड़ी निकल चुकी थी।

नए पुलिस कमिश्नर की ताजपोशी और 24 घंटे में एक्शन

इस कार्रवाई के पीछे प्रशासनिक गलियारों में हो रही हलचल भी एक बड़ा कारण थी। जंतर-मंतर पर 20 दिनों से अनशन चल रहा था, लेकिन यह सख्त एक्शन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर बनाए जाने के ठीक एक दिन बाद हुआ। उन्होंने सतीश गोलचा की जगह ली है। नए नेतृत्व के आते ही पेंडिंग पड़े इस संवेदनशील मामले को तुरंत निपटाने का फैसला लिया गया।

दिल्ली हाईकोर्ट का ‘सुरक्षा कवच’ और मेडिकल मजबूरी

पुलिस के इस कदम के पीछे दिल्ली हाईकोर्ट का वह सख्त आदेश था, जिसने पुलिस को कानूनी रूप से मजबूत आधार दिया। दो दिन पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने साफ कहा था कि ‘किसी भी नागरिक का जीवन कीमती है’। कोर्ट ने प्रशासन को वांगचुक की रोजाना क्लिनिकल जांच करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत मेडिकल दखल देने का आदेश दिया था।

20 दिनों के उपवास के कारण वांगचुक के शरीर में पानी की गंभीर कमी हो चुकी थी और वे बेहद कमजोर हो चुके थे। डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश का हवाला देकर यह कदम उठाया ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए प्रशासन को जिम्मेदार न ठहराया जा सके।

अस्पताल के अंदर का माहौल और पत्नी की चेतावनी

सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने के बाद भी यह मामला शांत नहीं हुआ है। डॉक्टरों ने वांगचुक को स्थिर लेकिन बेहद कमजोर बताया है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अस्पताल प्रशासन को दो टूक कह दिया है कि उनकी लिखित सहमति के बिना वांगचुक को कोई भी ड्रिप, दवा या जबरन खाना न दिया जाए। उन्होंने किसी भी ऊंच-नीच के लिए सीधे प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।

प्रशासन की अगली चुनौती: 20 जुलाई का ‘संसद मार्च’

पुलिस ने वांगचुक को तो अस्पताल पहुंचा दिया और जंतर-मंतर को भी खाली करा लिया है, लेकिन आंदोलनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने खुद भूख हड़ताल शुरू कर दी है और ऐलान किया है कि मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई को होने वाला ‘संसद मार्च’ किसी भी कीमत पर रुकने वाला नहीं है। अब दिल्ली पुलिस के सामने 20 जुलाई को संसद के घेराव को रोकने की सबसे बड़ी चुनौती होगी।

Skyroot Vikram-1: भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ऐतिहासिक उड़ान को तैयार, जानें कब और कहां से देखें इसकी लॉन्चिंग

Skyroot Vikram-1 Update: भारत के अंतरिक्ष इतिहास में आज 18 जुलाई का दिन एक स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। देश की निजी स्पेस एजेंसी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले पूर्ण विकसित और स्वदेशी ऑर्बिटल-क्लास (कक्षीय श्रेणी) रॉकेट विक्रम-1 को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस ऐतिहासिक मिशन को मिशन आगमन नाम दिया गया है। ये वैश्विक लॉन्चिंग कारोबार में भारत के प्राइवेट सेक्टर की धमाकेदार एंट्री का प्रतीक बनने जा रहा है। यह पहली बार होगा जब पूरी तरह से किसी निजी कंपनी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया ऑर्बिटल-श्रेणी का रॉकेट भारतीय धरती से अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेगा।

आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी और आप इसे घर बैठे लाइव कैसे देख सकते हैं।

कब और कहां से होगी लॉन्चिंग?

विक्रम-1 रॉकेट की यह पहली टेस्ट फ्लाइट आज यानी शनिवार को सुबह 11:30 बजे उड़ान भरेगी। यह 7 मंजिला ऊंचा रॉकेट आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR) के ऐतिहासिक ‘प्रथम लॉन्च पैड’ से गरजना भरते हुए अंतरिक्ष की ओर रवाना होगा।

घर बैठे कहां और कैसे देखें लाइव लॉन्चिंग?

यदि आप भारत के इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनना चाहते हैं, तो स्काईरूट एयरोस्पेस इस पूरे इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग करने जा रहा है। कंपनी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर जानकारी दी है कि भारत के इस पहले प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च को आज YouTube पर लाइव देखा जा सकता है। आप नीचे दिए गए आधिकारिक लिंक पर जाकर अपना रिमाइंडर सेट कर सकते हैं और सीधे लाइव लॉन्चिंग देख सकते हैं-

स्काईरूट विक्रम-1 लॉन्च लाइव यूट्यूब लिंक (https://www।youtube।com/live/-lLd1cI7v0U)

अंतरिक्ष जाएगा पीएम मोदी का हाथ से लिखा संदेश

इस मिशन की सबसे खास और अनोखी बात यह है कि ‘विक्रम-1’ अपने साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बेहद खास संदेश लेकर अंतरिक्ष जा रहा है। स्काईरूट एयरोस्पेस के मुताबिक, इस टेस्ट फ्लाइट के विशेष पेलोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने हाथों से लिखा गया एक पोस्टकार्ड शामिल है। इस पोस्टकार्ड पर वंदे मातरम लिखा हुआ है जिस पर पीएम मोदी के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। इस हस्तलिखित पोस्टकार्ड पर 26 जून 2026 की तारीख दर्ज है।

कितना शक्तिशाली है ‘विक्रम-1’ और क्या है इसकी खासियत?

इस रॉकेट का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले महान वैज्ञानिक डॉ विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। नवंबर 2022 में स्काईरूट द्वारा लॉन्च किए गए विक्रम-एस सबऑर्बिटल रॉकेट की सफलता के बाद यह कंपनी का अगला सबसे बड़ा मील का पत्थर है। विक्रम-एस केवल सबऑर्बिटल फ्लाइट पर गया था (जो कुछ समय के लिए अंतरिक्ष में जाकर वापस आ गया था) लेकिन विक्रम-1 एक ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है। इसका मतलब है कि यह सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की एक निश्चित और स्थिर कक्षा में स्थापित करने में सक्षम है।

इस मिशन के तहत रॉकेट का लक्ष्य 60° झुकाव पर 450 किलोमीटर की लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) तक पहुंचना है। यह रॉकेट 350 किलोग्राम तक के छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की निचली कक्षा (LEO) में ले जाने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। 7 मंजिला ऊंचे इस बहु-चरणीय रॉकेट का निर्माण पूरी तरह से कार्बन-मिश्रित संरचना से किया गया है। इसे ताकत देने के लिए कंपनी का खुद का प्रोपल्शन सिस्टम लगा है जिसमें 3D-प्रिंटेड इंजन और हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल रॉकेट बूस्टर शामिल हैं।

इस टेस्ट फ्लाइट का मुख्य उद्देश्य क्या है?

स्काईरूट एयरोस्पेस के अनुसार, 18 जुलाई की यह उड़ान मुख्य रूप से एक टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन (तकनीकी प्रदर्शन) फ्लाइट है। इसका मुख्य मकसद यह जांचना है कि स्काईरूट की बनाई गई तकनीक और उसके ऑनबोर्ड सिस्टम असल उड़ान की परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करते हैं। इस मिशन के दौरान जो भी डेटा मिलेगा, उसका इस्तेमाल कंपनी अपनी तकनीक को गहराई से सीखने, उसमें सुधार करने, भविष्य के वर्शन्स को और बेहतर बनाने और नियमित लॉन्च ऑपरेशन्स स्थापित करने की अपनी योजनाओं को सहारा देने के लिए करेगी।

इस ऐतिहासिक मिशन में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कंपनियों जैसे ग्रेहा स्पेस, डीक्यूब्ड और कॉस्मोसर्व के कई तकनीकी प्रदर्शन पेलोड भी शामिल हैं, जो देश के स्पेस इकोसिस्टम में प्राइवेट प्लेयर्स की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं।

20 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ी तबीयत, दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती