Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Gold-silver Price : 360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज,विरल शाह का कहना है कि अगर US बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा स्तरों से 10% तक की तेजी आ सकती है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर US का रुख कीमती धातुओं को सपोर्ट करता रहेगा।

कमजोर डॉलर,US में कमजोर जॉब आंकड़ों और US ट्रेजरी विभाग की बॉन्ड-खरीद की घोषणा की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में पहले ही जबरदस्त तेजी आ चुकी है। हालांकि,विरल शाह को लगता है कि सोने में 4,700–4,800 डॉलर और चांदी में 70–72 डॉलर के आस-पास कुछ टेक्निकल सेलिंग देखने को मिल सकती है। उन्हें उम्मीद है कि जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व का बयान निकट भविष्य में के लिए एक अहम ट्रिगर साबित होगा।

डॉलर में कमजोरी से कमोडिटी को मिलेगा सपोर्ट

उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर और कमजोर होता है तो कमोडिटीज को और फायदा मिल सकता है। डॉलर इंडेक्स के लिए 100-101 के आस-पास रेजिस्टेंस दिख रहा है। उनका मानना ​​है कि डॉलर इंडेक्स के 97 की तरफ जाने से सोने,चांदी और बेस मेटल्स को सपोर्ट मिल सकता है।

कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत

प्रेशियस मेटल के अलावा,विरल शाह कॉपर और जिंक को लेकर भी पॉज़िटिव हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर्स और ग्लोबल इलेक्ट्रिफिकेशन की वजह से कॉपर में लगभग एक साल से स्ट्रक्चरल बुल ट्रेंड बना हुआ है। उन्हें कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत दिख रहे हैं। हालांकि उनका मानना ​​है कि कॉपर में अब तक की जोरदार बढ़त के बाद आगे और बढ़त का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।

जिंक और कॉपर को सप्लाई में तंगी से मिल रहा फायदा

जिंक पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि सप्लाई से जुड़ी चिंताओं,खासकर चीन में बाढ़ के कारण कम उत्पादन होने से जिंक को सपोर्ट मिल रहा है। इसके चलते लंदन मेटल एक्सचेंज पर इन्वेंट्री कम हो रही है और सप्लाई तंग है,जबकि इसकी मांग मज़बूत बनी हुई है। शाह को उम्मीद है कि जब तक सप्लाई मांग के बराबर नहीं हो जाती,तब तक कॉपर और जिंक दोनों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट मुमकिन

कच्चे तेल पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई बेहतर होती है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है,तो क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट आ सकती है। हालांकि,उन्हें नहीं लगता कि यह लंबे समय तक बनी रहने वाली गिरावट होगी,क्योंकि तमाम देशों को आखिरकार अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को फिर से भरना ही होगा।

 

 

Gold Price : जेफरीज ने कहा भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी, गोल्ड पर लगाया बड़ा दांव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sugar Import: चीनी के भाव कब कम होंगे? ब्राजील से आने वाली है खेप, सरकार जमाखोरी पर भी सख्त

Sugar Import: भारत में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच थोड़ी राहत की खबर आई है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के अध्यक्ष प्रकाश नाइकनवरे ने कहा है कि 15 अक्टूबर से पहले ब्राजील से कुछ चीनी की खेप भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच सकती है। हालांकि उन्होंने माना कि अभी यह बताना मुश्किल है कि तब तक कितनी मात्रा में चीनी आएगी।

फिलहाल ब्राजील ही सबसे बड़ा विकल्प

नाइकनवरे के मुताबिक, इस समय चीनी आयात के लिए ब्राजील ही सबसे व्यावहारिक विकल्प है। थाईलैंड आमतौर पर भारत को चीनी सप्लाई करता है। लेकिन, इस बार वो खुद उत्पादन की कमी से जूझ रहा है।

नाइकनवरे ने बताया कि ब्राजील से भारत तक जहाज आने में 40 से 45 दिन लगते हैं। इसके बाद बंदरगाह से मिलों तक चीनी पहुंचाने में भी कुछ समय लगता है। इसलिए 15 अक्टूबर तक कितनी चीनी पहुंचेगी, इसका सटीक अनुमान लगाना अभी संभव नहीं है।

सरकार समय सीमा में ढील दे सकती है

केंद्र सरकार ने पहले 31 अक्टूबर तक आयातित चीनी के पहुंचने की शर्त रखी थी। लेकिन नाइकनवरे का मानना है कि सरकार इसे सख्ती से लागू नहीं करेगी। अगर कुछ खेप रास्ते में होगी, तो उसके बाद भी उसे मंजूरी मिल सकती है।

किन राज्यों को पहले मिलेगी चीनी?

सबसे पहले बंदरगाह वाले राज्यों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक
  • तमिलनाडु
  • गुजरात
  • आंध्र प्रदेश

उत्तर भारत के राज्यों तक भी यही चीनी बाद में सड़क और रेल के जरिए पहुंचाई जाएगी।

सरकार ने क्यों दी आयात की मंजूरी?

20 अगस्त को सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। पिछले एक महीने में चीनी की कीमतें 24% बढ़कर 56-60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। इसी वजह से यह फैसला लिया गया।

उत्पादन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं?

NFCSF ने 2025-26 सीजन के लिए 279 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान बरकरार रखा है। इसमें एथेनॉल के लिए भेजी जाने वाली 24 लाख टन चीनी शामिल नहीं है।

फेडरेशन का अनुमान है कि 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले सीजन में शुरुआती स्टॉक 35 लाख टन रहेगा। देश की औसत मासिक खपत करीब 22 लाख टन है। नवंबर तक नई पेराई शुरू होने से सप्लाई और बढ़ने की उम्मीद है। नाइकनवरे ने कहा कि फिलहाल घबराहट जैसी कोई स्थिति नहीं दिख रही।

सरकार की सख्ती के बाद कीमतें घटीं

यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने हाल ही में चीनी उद्योग पर कीमतें बढ़ाने और स्टॉक जमा करने का आरोप लगाया था। इसके बाद सरकार ने कई कदम उठाए।

  • मिलों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन
  • व्यापारियों पर 200 टन की स्टॉक सीमा
  • बड़े खरीदारों के लिए अलग सीमा
  • राज्यों में गोदामों की जांच
  • फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती

नाइकनवरे ने बताया कि शनिवार को खुले टेंडरों में एक्स-मिल चीनी के दाम करीब ₹5 प्रति किलो गिर गए। उनका मानना है कि अगले हफ्ते भी कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

दुनिया में चीनी सस्ती क्यों हुई?

दिलचस्प बात यह रही कि भारत के आयात के ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्ची चीनी महंगी होने के बजाय सस्ती हो गई। कीमत पहले 18 सेंट प्रति पाउंड तक गई, लेकिन बाद में गिरकर करीब 17.50 सेंट प्रति पाउंड रह गई।

नाइकनवरे का कहना है कि वैश्विक सप्लाई फिलहाल आरामदायक स्थिति में है। इसी वजह से भारत के 10 लाख टन आयात का अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर बड़ा असर नहीं पड़ा।

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Gold Price Today: अमेरिका के एक ऐलान से रॉकेट बना सोना! $4500 के पार पहुंची कीमतें, जानिए क्या अब और बढ़ेगा भाव

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने की कीमतों (Gold Prices) में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। जून की शुरुआत के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4500 डॉलर प्रति औंस के पार बना हुआ है। COMEX गोल्ड 19 अगस्त को $4,571.80 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि गुरुवार को इसमें मामूली 0.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह $4,542.90 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।

घरेलू बाजार की बात करें तो शुक्रवार (14:58 IST) को घरेलू MCX पर सोने की हाजिर कीमत करीब 156571 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रही। वहीं 5 अक्टूबर के कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ 158729 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार (19 अगस्त) को पीएम फिक्सिंग (PM Fixing) में LBMA स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,460.70 प्रति औंस दर्ज की गई थी।

अमेरिकी खजाने के एक फैसले से क्यों आई तेजी?

सोने की कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे यूएस ट्रेजरी का एक बड़ा फैसला है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की बायबैक बढ़ाने के कदम ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया और अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर दिया। इससे सोने की कीमतों को पुश मिल गया।

अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम से 10-वर्षीय और 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड गिरकर क्रमशः 4.64 प्रतिशत और 5.18 प्रतिशत पर आ गई। इसके अलावा शुरुआती कारोबार में डॉलर में 0.76 फीसदी की गिरावट आई, जिससे सोने जैसे डॉलर डॉमिनेटेड असेट्स की डिमांड को मजबूत समर्थन मिला। बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के मुताबिक जैसे ही यील्ड गिरी और डॉलर कमजोर हुआ बिना ब्याज वाले एसेट यानी सोने के लिए माहौल अच्छा हो गया। बाजार ने इसे दीर्घकालिक ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी को रोकने और बॉन्ड मार्केट के लंबे सिरे पर लिक्विडिटी में सुधार के प्रयास के रूप में देखा। इसके बाद यील्ड गिरी और डॉलर कमजोर हुआ, जिसने सोने के लिए एक बहुत ही अनुकूल स्थिति बनाई।

सिर्फ ट्रेजरी का फैसला नहीं, ये फैक्टर भी दे रहे सहारा

हालांकि, सोने में आई इस तेजी के पीछे सिर्फ अमेरिकी ट्रेजरी का ऐलान ही एकमात्र कारण नहीं है। वीटी मार्केट्स के मार्केट एनालिस्ट रुचित ठाकुर के मुताबिक, ट्रेजरी का ऐलान एक दिन की तेजी को एक्सप्लेन तो करता है, लेकिन सिर्फ यही एक फैक्टर नहीं है। रुचित ठाकुर के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी रुख और मौद्रिक नीति को लेकर जताई जा रही उम्मीदें, लगातार बनी हुई जियोपॉलिटिरल अनिश्चितताएं और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार की जा रही मांग जैसे फैक्टर भी इसे सपोर्ट कर रहे हैं।

क्या निवेशकों को इस भाव पर खरीदना चाहिए सोना?

सोने के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद नए और पुराने निवेशकों के लिए विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। वीटी मार्केट्स के रुचित ठाकुर का सुझाव है कि ऊंचे स्तरों पर तेजी का पीछा करना निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। जो लोग पहले से सोने में निवेश कर चुके हैं, वो अपनी होल्डिंग को बनाए रखने पर विचार कर सकते हैं।

नए निवेशकों को एक बार में बड़ा दांव लगाने या तेज उछाल के तुरंत बाद अग्रेसिव इन्वेस्टमेंट करने की बजाय कीमतों में गिरावट आने पर धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

आगे क्या ट्रैक करें?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की आगे की चाल तय करने के लिए निवेशकों को आने वाले दिनों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स, फेडरल रिजर्व के संकेतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीक नजर रखनी होगी।

 

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Gold Silver Price Outlook: सोने से भी ज्यादा रिटर्न देने वाली है चांदी? जानिए एक्सपर्ट जोनाथन बैरट की क्या है राय

Gold Silver Price Outlook : कीमती धातुओं के बाजार में इंवेस्टमेंट को लेकर प्लान कर रहे निवेशकों के लिए एक जरूरी आउटलुक सामने आया है। कमोडिटी बाजार के एक्सपर्ट और ईटीओ मार्केट्स के CIO जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले समय में चांदी का प्रदर्शन सोने से भी बेहतर रह सकता है। बैरट का अनुमान है कि चांदी आने वाले समय में 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकती है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक जोनाथन बैरट ने सोने और तांबे को लेकर भी एक बेहद मजबूत और सकारात्मक आउटलुक पेश किया है। उनका मानना है कि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन टेक्नोलॉजी के तेजी से होते विस्तार के दम पर कमोडिटी बाजार में तेजी का नया दौर देखने को मिल सकता है।

100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है चांदी: एक्सपर्ट

जोनाथन बैरट का साफ कहना है कि चांदी कीमती धातुओं में सबसे बेहतर रिटर्न देने वाला मेटल साबित हो सकती है। उन्होंने सीएनबीसी टीवी 18 से बात करते हुए कहा कि,’मुझे लगता है कि चांदी ही निवेश के लिए सही जगह है।’उनके मुताबिक चांदी सबसे पहले 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को टारगेट करेगी। अगर अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी से जुड़ी पॉलिसी का सपोर्ट मिला तो चांदी की कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।

बैरट ने बताया कि चीन द्वारा सिल्वर ओर के आयात में साल-दर-साल आधार पर 62% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सौर पैनल जैसी ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ रहा है और इस विस्तार के चलते चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बनी रहेगी।

सोना भी छू सकता है 5000 डॉलर प्रति औंस का स्तर

सोने पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए बैरट ने कहा कि वे गोल्ड को लेकर भी काफी बुलिश हैं। उनका अनुमान है कि अगर मौजूदा नीतियां जारी रहती हैं तो सोना प्रति औंस 5000 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर सकता है। सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे उन्होंने कई मैक्रो-इकोनॉमिक वजहें गिनाई हैं। उनके मुताबिक डॉलर इंडेक्स अभी 101 के आसपास है जिसके गिरकर 90 से 95 के स्तर तक आने की संभावना है। डॉलर में इस गिरावट से कीमती धातुओं को सीधा सहारा मिलेगा।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व से अलग अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और लिक्विडिटी बनाए रखने के उपायों का इस्तेमाल कर रही है। सीधे ब्याज दरों में बदलाव किए बिना लिक्विडिटी बढ़ाने की यह नीति डॉलर पर दबाव बनाए रखेगी, जो सोने-चांदी के लिए फायदेमंद है।

उनके मुताबिक अमेरिका पर लगातार बढ़ रहा कर्ज निवेशकों को सुरक्षित ठिकाने की ओर रुख करने पर मजबूर कर रहा है। निवेशक सोने और चांदी को वैल्यू के बेहतर एसेट के रूप में देखना जारी रखेंगे।

ETF की वापसी और शेयर बाजार से बुलियन में लौटेगा पैसा

जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले दिनों में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की ओर से कीमती धातुओं में फिर से खरीदारी देखने को मिलेगी। जैसे-जैसे निवेशकों को अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी नीतियों के जारी रहने का एहसास होगा इक्विटी बाजार से कुछ पूंजी वापस सोने और चांदी में शिफ्ट हो सकती है। इसके साथ ही अलग अलग देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही खरीदारी भी सोने-चांदी की कीमतों को सहारा देगी।

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तांबे पर भी बुलिश: स्ट्रक्चरल बुल मार्केट में बेस मेटल

सिर्फ कीमती धातुएं ही नहीं बल्कि बेस मेटल्स में जोनाथन बैरट तांबे पर भी पूरी तरह सकारात्मक हैं। वे कॉपर को एक स्ट्रक्चरल बुल मार्केट के रूप में देखते हैं। इसे चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन इकोनॉमी की ओर दुनिया के बदलाव से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। हाल के दिनों में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कॉपर की कीमतों में आई कुछ रुकावट या कंसोलिडेशन पर उन्होंने कहा कि यह हेल्दी पॉज है। माइंस से जुड़ी आपूर्ति की समस्याओं और स्ट्रक्चरल डेफिसिट यानी सप्लाई की कमी की वजह से कॉपर का लॉन्ग-टर्म तेजी का रुझान पूरी तरह से बरकरार है।

 

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Gold Silver price: भारत में सोना ₹1.53 लाख पर, चांदी 1.5% से ज्यादा लुढ़की, क्या आगे भी जारी रहेगा दबाव

Gold Silver price: घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। कमज़ोर स्पॉट डिमांड और मार्केट में शामिल लोगों की बिकवाली का असर घरेलू कीमतों पर पड़ा। यह गिरावट तब आई जब ग्लोबल स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में मिला-जुला ट्रेंड देखा गया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने के फ्यूचर्स में ₹636 या 0.41% की गिरावट आई और यह ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। इस कॉन्ट्रैक्ट में 837 लॉट का बिज़नेस टर्नओवर दर्ज किया गया।सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी के फ्यूचर्स में ₹4,023 या 1.73% की गिरावट आई और यह ₹2.28 लाख प्रति किलोग्राम हो गया, जिसमें 2,577 लॉट का बिज़नेस टर्नओवर हुआ।

दरअसल, घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट की वजह कमज़ोर स्पॉट डिमांड थी, जबकि चांदी की कीमतें तब दबाव में आईं जब मार्केट में शामिल लोगों ने अपनी पोजीशन कम कर दीं।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट को इंटरनेशनल स्पॉट कीमतों से अलग भी देखा जाना चाहिए, क्योंकि डॉलर, US बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों की उम्मीदों और लोकल करेंसी में बदलाव के कारण दिन के दौरान इनमें अलग-अलग उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में सोने के फ्यूचर्स 0.10% बढ़कर लगभग $4,338.74 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी 0.99% बढ़कर $62.74 प्रति औंस हो गई।

आगे क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, US ट्रेजरी यील्ड में कमी के कारण पिछले सेशन की गिरावट के बाद सोने में कुछ रिकवरी देखी गई। हालांकि, US फेडरल रिजर्व की मीटिंग के मिनट्स जारी होने से पहले निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि इससे ब्याज दरों की भविष्य की दिशा के बारे में संकेत मिल सकते हैं।

कीमतों में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि सोने में ग्राहकों की दिलचस्पी में भारी कमी आई है। जब कीमतें ज़्यादा होती हैं, तो मांग छोटी खरीदारी की ओर भी बढ़ सकती है।

इंडियन एसोसिएशन फॉर गोल्ड एक्सीलेंस एंड स्टैंडर्ड्स (IAGES) के CEO कौशलेंद्र सिन्हा ने कहा कि ग्राहकों में सोने के प्रति अब भी काफी लगाव है, हालांकि कीमतें ज़्यादा होने के कारण खरीदार तेज़ी से हल्के वज़न और ट्रेंडी ज्वेलरी चुन रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ परिवार नया सोना खरीदने के बजाय अपनी मौजूदा ज्वेलरी को एक्सचेंज करने या उसे नया डिज़ाइन करवाने का विकल्प चुन रहे हैं। इससे ग्राहकों को अपनी मौजूदा होल्डिंग्स की वैल्यू का फ़ायदा उठाने में मदद मिलती है और उन्हें नया सोना कम खरीदना पड़ता है। त्योहारों और शादी-ब्याह का मौसम आने वाला है, ऐसे में घरेलू सोने के बाज़ार के लिए मांग एक अहम कारक हो सकती है। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों की दिशा ग्लोबल ब्याज दरों के अनुमान, US ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और रुपये की चाल पर भी निर्भर करेगी।

ग्राहकों के लिए, MCX फ्यूचर्स की कीमतें और रिटेल में गहनों की आखिरी कीमत एक जैसी नहीं होती हैं। सोने की रिटेल कीमतों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर का मार्जिन जैसी चीजें भी शामिल होती हैं। इसी तरह, चांदी के दाम अलग-अलग शहरों में और फिजिकल व फ्यूचर्स मार्केट के बीच अलग-अलग हो सकते हैं।

Silver price Today: ₹3000 सस्ती हुई चांदी, जानें मुंबई, दिल्ली, चेन्नई सहित 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

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Silver Gold Price Today : MCX पर सोना 0.50% नीचे, चांदी 1.75% टूटी, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : MCX पर सोना 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया है। MCX पर चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे फिसल गई है। वहीं, ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर और WTI क्रूड का भाव 85 डॉलर के ऊपर कायम है। इस बीच डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के नीचे कायम है। बुधवार,19 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट की वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और US-Iran बातचीत के रुकने के बीच US Fed द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती आशंका है। हालांकि,डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने सोने की कीमतों में गिरावट को रोक सीमित रखा है।

सोने-चांदी की चाल पर नजर डालें तो एमसीएक्स पर सोना 1 हफ्ते में 1 फीसदी और चांदी 1 हफ्ते में 3 फीसदी गिरी है। वहीं, 1 महीने में सोना 10 फीसदी और चांदी 5 फीसदी टूटी है। 3 महीने में सोना 3 फीसदी और चांदी 15 फीसदी गिरी है। 6 महीने में सोना 1 फीसदी और चांदी 6 फीसदी गिरा है। इस साल अब तक सोने में 14 फीसदी की तेजी आई है, वहीं, चांदी 3 फीसदी गिरी है।

फिलहाल 11.45 बजे के आसपास MCX पर अक्तूबर का गोल्ड वायदा 713.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की गिरावट के साथ 153,500 रुपए पर नजर आ रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 4,066 रुपए यानी 1.76 फीसदी की कमजोरी के साथ 228,330 रुपए पर दिख रहा है।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का मानना ​​है कि कच्चे तेल की कीमतों,डॉलर इंडेक्स और जियोपॉलिटिकल तनाव में उतार-चढ़ाव के बीच सोने और चांदी की कीमतें वोलेटाइल बनी रहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि MCX पर सोने के लिए 1,53,100 रुपए और 1,52,200 रुपए पर सपोर्ट है। वहीं, 1,55,000 और 1,56,100 रुपए पर इसके लिए रेजिस्टेंस है। जबकि चांदी के लिए सपोर्ट 2,30,000 और 2,26,600 रुपए पर और रेजिस्टेंस 2,23,500 रुपए और 2,37,700 रुपए पर है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 4.20 रुपए यानी 0.31 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 1,364.35 रुपए के आसपास दिख रहा था। वहीं,क्रूड का सितंबर वायदा 38 रुपए यानी 0.47 फीसदी की तेजी के साथ 8,126 रुपए के करीब दिख रहा था। नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 2.10 रुपए यानी 0.79 फीसदी की तेजी के साथ 266.90 रुपए पर और ELECDMBL अगस्त वायदा 30 रुपए यानी 0.68 फीसदी की कमजोरी लेकर 4,380 के आसपास ट्रेड कर रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Kedia Advisory के अजय केडिया। इनको आज गोल्ड और सिल्वर में बिकवाली करके कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स गोल्ड में इनकी 155000 रुपए के आसपास,156000 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 153000 रुपए के टारेगट के लिए बिकवाली की सलाह है। वहीं,एमसीएक्स सिल्वर में भी इनकी 234000 रुपए के आसपास,236000 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 230000 रुपए के टारेगट के लिए बिकवाली की सलाह है।

 

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Gold Silver Price Today: गिर गए सोने-चांदी के दाम, आखिर क्या है कारण, अब आगे क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Gold Silver Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में दबाव देखने को मिल रहा है। दरअसल, निवेशकों ने US ट्रेजरी यील्ड, तेल की कीमतों और ब्याज दरों के आउटलुक पर विचार किया, जिसके चलते सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा गिरावट आई। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, COMEX सोना $4,406 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 0.33% की गिरावट थी, जबकि COMEX चांदी $63.145 प्रति औंस पर थी, जिसमें 1.39% की गिरावट थी।

ये बदलाव पिछले सेशन में दोनों कीमती धातुओं में गिरावट के बाद आए हैं। मंगलवार (18 अगस्त) को सोने में लगभग 2% की गिरावट आई थी, जबकि चांदी में भी तेज़ गिरावट देखी गई थी।

सोना और चांदी क्यों गिर रहे हैं?

US ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव इसका मुख्य कारण है। ज़्यादा यील्ड आम तौर पर सोने पर दबाव डालती है क्योंकि इस धातु पर कोई ब्याज नहीं मिलता, जिससे यील्ड देने वाली संपत्तियां ज़्यादा आकर्षक हो जाती हैं। US यील्ड अपने हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आई हैं, लेकिन ग्लोबल बॉन्ड बिकवाली के कारण प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लंबे समय के लिए उधार लेने की लागत कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने के बाद भी वे ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

बाजार US फेडरल रिज़र्व की जुलाई की बैठक के मिनट्स (कार्यवृत्त) का भी इंतज़ार कर रहा है। निवेशक सेंट्रल बैंक की ब्याज दर की दिशा के बारे में संकेत तलाशेंगे, खासकर इसलिए क्योंकि हालिया US डेटा में कमज़ोर रोज़गार और रिटेल खर्च के साथ-साथ कम महंगाई दर दिखाई दी है।

चांदी पर क्यों है ज़्यादा दबाव?

हालिया कारोबार में सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा तेज़ गिरावट आई है। सोने के विपरीत, चांदी की औद्योगिक मांग का एक बड़ा हिस्सा होता है, जिसका मतलब है कि इसकी कीमतें ग्लोबल आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी उम्मीदों पर भी प्रतिक्रिया दे सकती हैं। यह हालिया कमज़ोरी कीमती धातुओं में व्यापक गिरावट के बाद आई है।

घरेलू बाज़ार में क्या हो रहा है?

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, भारत में मंगलवार (18 अगस्त) को सोने की कीमतें ₹2,000 बढ़कर 99.9% शुद्धता वाले सोने के लिए ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम हो गईं। वहीं चांदी की कीमत भी ₹730 बढ़कर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम हो गई। घरेलू कीमतें ग्लोबल स्पॉट कीमतों में गिरावट के अनुरूप थीं, साथ ही रुपया, आयात लागत और स्थानीय मांग ने भी भारतीय बुलियन दरों को प्रभावित किया।

क्रूड प्राइस बढ़ा रही अनिश्चितता

US-ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और सेंट्रल बैंकों के लिए ब्याज दरों को लेकर स्थिति और मुश्किल हो सकती है। अगर निवेशकों को लगता है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी, तो इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।

वहीं, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट) के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है। इससे बुलियन मार्केट दो विपरीत ताकतों के बीच फंसा हुआ है — एक तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग और दूसरी तरफ ऊंची यील्ड/ब्याज दरों को लेकर चिंता।

अब निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?

सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव की तत्काल वजह US फेड की बैठक के मिनट्स (बैठक का ब्योरा) हो सकते हैं। अगर इससे कोई संकेत मिलता है कि पॉलिसी बनाने वाले महंगाई को लेकर चिंतित हैं और ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में नहीं हैं, तो बुलियन पर दबाव बना रह सकता है।

दूसरी ओर, अगर आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं या फेड की तरफ से ब्याज दरें कम रखने का संकेत (डोविश सिग्नल) मिलता है, तो ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी को सहारा मिल सकता है।

फिलहाल, US ट्रेजरी यील्ड, डॉलर, कच्चे तेल की कीमतें, जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और फेड के संकेत ही वे मुख्य कारक हैं जिन पर कीमती धातुओं की कीमतों में अगले बदलाव के लिए नज़र रखनी होगी।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today : MCX पर सोने-चांदी में तेजी, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : सोमवार, 17 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के कम होने से सोने-चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। हांलांकि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में गतिरेध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पूरी तरह से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण महंगाई का डर बना हुआ है, जिससे सोने की कीमतों में होने वाली बढ़त सीमित रही है।

11.40 बजे के आसपास एमसीएक्स पर गोल्ड का अक्टूबर वायदा 685 रुपए यानी 0.44 फीसदी की बढ़त के साथ 155,191 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, सिल्वर का सितंबर वायदा 2,692 रुपए यानी 1.14 फीसदी की तेजी के साथ 238,616 रुपए पर कारोबार कर रहा था।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि आज के सेशन में सोने के लिए $4,400 और $4,364 पर सपोर्ट है, जबकि $4,470 और $4,500 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी के लिए $63.40 और $62.60 पर सपोर्ट है, जबकि $65.80 और $67 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

उन्होंने आगे कहा कि MCX गोल्ड के लिए 1,53,650 -1,52,800 रुपए पर सपोर्ट और 1,55,500-1,56,100 रुपए पर रेजिस्टेंस है। जबकि सिल्वर के लिए 2,34,000 -2,31,600 रुपए पर सपोर्ट और 2,38,000- 2,41,000 पर रेजिस्टेंस है।

1,53,000 और 1,52,500 के आस-पास गिरावट पर सोने में खरीदारी की सलाह होगी। जिसमें 1,51,800 रुपए से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 1,55,500 और 1,56,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है। साथ ही, 2,33,300 और 2,32,000 रुपए के आस-पास चांदी में खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए 2,29,800 से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 2,38,000 और 2,40,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 17.80 रुपए यानी 1.30 फीसदी की बढ़त के साथ 1,396.30 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, क्रूड ऑयल का सितंबर वायदा 36.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,771 रुपए पर दिख रहा था। वहीं, नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 9.30 रुपए यानी 3.53 फीसदी की गिरावट के साथ 254.50 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, ELECDMBL का अगस्त वायदा 18.00 रुपए यानी 0.39 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,581 रुपए पर दिख रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं कुंवरजी ग्रुप के रवि दियोरा। इनको आज जिंक और नैचुरल गैस में कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स जिंक अगस्त वायदा में इनकी 398.5 रुपए के आसपास, 396.0 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 403 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, एमसीएक्स नैचुरल गैस वायदा में इनकी 264 रुपए के आसपास, 268 रुपए के स्टॉप लॉस के के साथ 256 रुपए के टारेगट के लिए खरीदने की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sugar Price : इस साल फेस्टिवल सीजन में फीका हो सकता है चीनी का स्वाद, 15% तक बढ़े शुगर के दाम

Sugar Price : फेस्टिवल सीजन में चीनी का स्वाद फीका पड़ सकता है। पिछले एक महीने में कुछ राज्यों में चीनी के दाम 15% तक बढ़े हैं। इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए चीनी मिलों ने शुगर क्रशिंग पहले शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले एक महीने के अंदर चीनी के दाम औसतन 8 फीसदी तक बढ़ गए हैं। ऐसे में चीनी का उत्पादन बढ़ा कर इसके बढ़ते दाम को थामने के लिए चीनी मिलों ने इस साल शुगर क्रशिंग पहले शुरू करने का फैसला किया है।

इस साल फेस्टिवल सीजन में चीनी का स्वाद फीका हो सकता है। दरअसल,इस साल अनुमान के मुताबिक चीनी का उत्पादन नहीं हुआ है। इस साल चीनी का उत्पादन 293 लाख टन रहने का अनुमान था लेकिन ये 280 लाख टन ही रहा,जो अनुमान के मुकाबले करीब 5% कम है। पिछले साल का करीब 50 लाख टन स्टॉक उपलब्ध है लेकिन देश में कुल चीनी की खपत 280 लाख टन होती है। इस साल करीब 8 लाख टन चीनी निर्यात हुई है। पिछले महीने चीनी के होलसेल दाम में 400 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए कंपनियों ने इस साल चीनी का उत्पादन 10-15 दिन पहले शुरू करने का फैसला किया है।

अगर सरकार के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली में 1 महीने पहले चीनी का दाम 45 रुपए प्रति किलो था जो अब बढ़कर 49 रुपए प्रति किलो हो गया है। वहीं,पश्चिम बंगाल में 1 महीने पहले इसका दाम 49 रुपए प्रति किलो था जो अब 55 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। चेन्नई में 1 महीने पहले चीनी का दाम 46 रुपए प्रति किलो था जो अब बढ़कर 53 रुपए प्रति किलो हो गया है। मुंबई में 1 महीने पहले चीनी का दाम 46 रुपए प्रति किलो था जो अब बढ़कर 52 रुपए प्रति किलो हो गया है। इसी तरह रांची में 1 महीने पहले चीनी का दाम 47 रुपए प्रति किलो था जो अब बढ़कर 51 रुपए प्रति किलो हो गया है। पिछले एक महीने में चीनी के दाम औसतन 8 फीसदी तक बढ़े हैं। कुछ राज्यों में तो चीनी के दाम में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।

चीनी की कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने स्टॉक लिमिट लगाई है। साथ ही चीनी मिलों के स्टॉक की भी जांच की है। लेकिन एल नीनो और अगले साल चीनी का उत्पादन कम होने की आशंका से दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

चीनी कंपनियों मार्जिन में आएगा सुधार

चीनी की कीमतों में बढ़त से उपभोक्ता भले ही परेशान हों लेकिन इससे चीनी मिल कंपनियों को फायदा होगा। चीनी के दाम बढ़ने से बलरामपुर चीनी,द्वारिकेश शुगर,श्री रेणुका शुगर और डालमिया भारत शुगर जैसी कंपनियों के मुनाफे में बढ़ोतरी की उम्मीद है। ऊंचे दाम से उनके मार्जिन सुधर सकते हैं। साथ ही यह सरकार के महत्वाकांक्षी इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के लिए भी झटका साबित हो सकता है। ऊंची कीमतों की वजह से मिलें इथेनॉल बनाने के बजाय चीनी बेचना ज्यादा फायदेमंद समझ सकती हैं, जिससे देश में इथेनॉल का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

 

 

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Silver Gold Price Today : MCX पर गोल्ड और सिल्वर में 1% तक की गिरावट, जानिए कमोडिटी मार्केट में आज कहां होगी कमाई

Silver Gold Price Today : मंगलवार, 28 जुलाई को MCX पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में 1% तक की गिरावट देखने को मिली है। कमजोर ग्लोबल संकेत की वजह से ये गिरावट आई है। 29 जुलाई को US फेडरल रिजर्व के मॉनेटरी पॉलिसी फैसले से पहले डॉलर इंडेक्स 101.5 के आसपास बना हुआ है। ग्लोबल बाजार में US फेड के फैसले से पहले प्रेशियस मेटल्स में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

10.50 बजे के आसपास एमसीएक्स पर भी गोल्ड का अगस्त वायदा 1,144 रुपए यानी 0.80 फीसदी की कमजोरी के साथ 141,913 रुपए पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 3,892 रुपए यानी 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ 217,297 रुपए पर नजर आ रहा था।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें कम हुईं। US और ईरान के बीच जवाबी हमलों के रुकने से जियोपॉलिटिकल तनाव कम हुआ और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग घट गई है। इसका असर सोने के भाव पर देखने को मिला है।

29 जुलाई को आने वाले US फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले पर भी बाजार की नजर है। उम्मीद है कि US का सेंट्रल बैंक बेंचमार्क दरों को 3.50%-3.75% की रेंज में ही बनाए रखेगा।

एक्सपर्ट की राय

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने के लिए 4,034 और 4,000 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 4,110 और 4,140 डॉलर प्रति औंस पर रेजिस्टेंस है। आज के सेशन में चांदी के लिए 57.20 और 56.60 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 59.40 और 60 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं MCX पर सोने के लिए ₹1,42,200 और ₹1,41,400 पर सपोर्ट है और ₹1,44,000 और ₹1,45,150 पर रेजिस्टेंस है। जबकि चांदी के लिए ₹2,19,100 और ₹2,17,000 पर सपोर्ट है और ₹2,24,000 और ₹2,26,600 पर रेजिस्टेंस है।

मनोज कुमार जैन की सलाह है कि ₹1,43,650 के टारगेट के लिए ₹1,42,000 के आसपास गिरावट पर सोना खरीदें, स्टॉप लॉस ₹1,41,000 के नीचे रखें और ₹2,24,400 के टारगेट के लिए ₹2,19,000 के आसपास गिरावट पर चांदी खरीदें, स्टॉप लॉस ₹2,16,600 के नीचे रखें ।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का जुलाई वायदा 7.75 रुपए यानी 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 1,316.55 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं,क्रूड ऑयल का अगस्त वायदा 117 रुपए यानी 1.47 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,840 रुपए पर दिख रहा था। वहीं,नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 3.50 रुपए यानी 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ 265 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं,ELECDMBL का अगस्त वायदा 16 रुपए यानी 0.35 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,545 रुपए पर दिख रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Prithvi Finmart के मनोज कुमार जैन। इनको आज गोल्ड मिनी और सिल्वर मिनी में कमाई के मौके दिख रहे हैं। इनकी एमसीएक्स गोल्ड मिनी सितंबर फ्यूचर्स में 143100 रुपए के आसपास,142550 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 144200 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,एमसीएक्स सिल्वर मिनी अगस्त वायदा में भी इनकी 221500 रुपए के आसपास,219100 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 226000 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।