अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ISIS के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान में हमलों की योजना बनाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। मंत्रालय ने चेतावनी दी, “हम अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाली हर जगह को निशाना बनाएंगे।” मंत्रालय के मुताबिक, बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानान, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल की शाह सलीम घाटी में कार्रवाई की गई। अफगानिस्तान का दावा है कि इन हमलों में कई आतंकवादी मारे गए। यह भी कहा गया कि सरानान इलाके के एक स्कूल का इस्तेमाल ISIS के अड्डे के रूप में किया जा रहा था। अफगानिस्तान ने कहा कि यह कार्रवाई हाल में पाकिस्तान की ओर से सीमा पार किए गए हवाई हमलों के बाद की गई है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कई आम नागरिक मारे गए थे। भारत ने भी पहले पाकिस्तान के अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की आलोचना करते हुए उन्हें अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया था।
LPG Price Today @ 1 July: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के लिए महीने के पहले ही दिन राहत भरी खबर आई है। सरकार ने महीने की पहली तारीख से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹183.50 की बड़ी कटौती करने का फैसला किया है। इस ताजा कटौती के बाद देश के अलग-अलग शहरों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम काफी नीचे आ गए हैं।
हालांकि, घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले डोमेस्टिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी दरें स्थिर बनी हुई हैं।
दिल्ली, लखनऊ समेत अन्य बड़े शहरों में क्या हैं आज के रेट?
ताजा संशोधन के बाद देश के प्रमुख शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं:-
दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब घटकर ₹2,930 हो गई है, जो पहले ₹3,113.50 थी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिलेंडर का रेट ₹3,236 से घटकर अब ₹3,052.50 पर आ गया है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में इसकी कीमत ₹3,255.50 से कम होकर ₹3,081.50 हो गई है।
पटना: बिहार की राजधानी पटना में अब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के लिए ₹3,227 चुकाने होंगे।
साल 2026 में पहली बार घटे दाम, लगातार बढ़ रही थीं कीमतें
साल 2026 में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह पहली कटौती है। इससे पहले इस साल के शुरुआती महीनों में कीमतों में लगातार और भारी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। साल के शुरुआत में दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1,691.50 थी लेकिन इसके बाद के महीनों में दरें तेजी से बढ़ीं। अकेले मार्च के महीने में कीमतों को दो बार बढ़ाया गया।
पहले 1 मार्च को सिलेंडर ₹28 महंगा हुआ और फिर 7 मार्च को इसमें ₹114.50 की एक और बढ़ोतरी की गई। मई महीने में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में ₹993 की रिकॉर्ड तोड़ भारी बढ़ोतरी की गई, जिससे दिल्ली में इसका रेट बढ़कर ₹3,071.50 तक पहुंच गया था। इसके बाद 1 जून को भी कीमतों में ₹42 की एक और बढ़ोतरी लागू की गई थी।
पेट्रोल निर्यात पर बढ़ा टैक्स, घरेलू आपूर्ति मजबूत करने की कोशिश
एलपीजी की कीमतों में बदलाव के साथ ही केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को ₹1.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹4 प्रति लीटर कर दिया है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में आपूर्ति करने के बजाय सिर्फ अधिक मुनाफे की तलाश में विदेशों में पेट्रोल निर्यात करने से हतोत्साहित करना है। निर्यात शुल्क में किया गया यह ताजा संशोधन अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बदलती कीमतों के बीच घरेलू स्तर पर ईंधन की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखने के लिए किया गया है।
वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का असर
सरकार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के रुझानों और रिफाइनिंग मार्जिन के आधार पर समय-समय पर इस विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। यह पाक्षिक (हर 15 दिन में होने वाली) समीक्षा ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजारों में लगातार उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। इस वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर भारतीय रिफाइनरियों के ईंधन व्यापार और निर्यात अर्थशास्त्र पर पड़ रहा है।
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Petrol-Diesel Rates: भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में ₹3 प्रति लीटर की कटौती की है। नई दरें बुधवार (1 जुलाई) से कंपनी के देशभर में मौजूद 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। यह पिछले दो सालों में किसी भी तेल कंपनी द्वारा की गई पहली बड़ी खुदरा ईंधन की कीमतों में कटौती है। कंपनी ने यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद लिया है।
यह कीमत कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बाद हुई है। समुद्री रास्ते के खुलने से क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई फिर से शुरू हो गई। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हो गई है।
इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, देश भर में नायरा के 7,000 से ज़्यादा फ्यूल स्टेशनों पर नई कीमतें लागू हो गई हैं। राज्यों में लोकल टैक्स, जैसे वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) के आधार पर पंप पर असल कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।
क्यों सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल?
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और एक महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स के दोबारा खुलने से कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति सामान्य हुई है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। इसका लाभ Nayara Energy ने अपने ग्राहकों को दिया है।
हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां Indian Oil (IOC), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में IOC के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर ही मिल रहा है।
मार्च में बढ़ाए थे दाम
ईरान संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी आने पर Nayara Energy ने 26 मार्च को पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए थे। अब कंपनी ने वही बढ़ोतरी वापस ले ली है।
उपभोक्ताओं को कितना फायदा होगा?
यदि आप 50 लीटर पेट्रोल भरवाते हैं, तो लगभग ₹250 की बचत होगी।
यदि आप 50 लीटर डीजल भरवाते हैं, तो लगभग ₹150 की बचत होगी।
देशभर में आपूर्ति के लिए तैयार
सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी का रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद Nayara Energy की गुजरात के वाडिनार स्थित 20 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही है। यह कंपनी देशभर में ईंधन की मांग पूरी करने के लिए तैयार है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में उछाल आने के बाद फ्यूल की कीमतें बढ़ाने वाली पहली रिटेलर्स में नायरा शामिल थी। 26 मार्च को उसने पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
बाद में सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने भी कीमतें बढ़ाईं। मई के दूसरे हिस्से में कई बार कीमतों में बदलाव करते हुए उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कुल ₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी इंटरनेशनल क्रूड की ज़्यादा कीमतों और प्रोडक्ट की ज्यादा लागत को दिखाती है। बुधवार को नायरा द्वारा की गई कटौती असल में मार्च में की गई बढ़ोतरी को वापस लेती है।
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यह हाल के हफ़्तों में ग्लोबल ऑयल मार्केट के स्थिर होने के बाद भारतीय ग्राहकों तक कम फ्यूल कीमतें पहुंचने का पहला संकेत है। सूत्रों के मुताबिक, रिफाइनरी में मेंटेनेंस का काम पूरा होने के बाद नयारा मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश की खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है।
Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 19.50 प्वाइंट्स यानी 0.08% की मामूली गिरावट के साथ 23,985.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 30 जून को निफ्टी-बैंक निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 249.70 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 76,478.67 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.50 प्वाइंट्स यानी 0.34% की फिसलन के साथ 23,865.75 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।
Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर
KPIT Technologies
पिछले कुछ हफ्ते में रेवेन्यू में एकाएक गिरावट के चलते केपीआईटी टेक ने जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू के उम्मीद से कमजोर होने के आसार जताए हैं और सालाना आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 1% की गिरावट आ सकती है। कंपनी ने तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन में भी गिरावट की आशंका जताई है। हालांकि कंपनी को इस वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में प्रॉफिटेबल ग्रोथ का भरोसा है और मार्च 2027 तिमाही में तिमाही आधार पर अच्छी ग्रोथ दिख सकती है।
Cupid
जून 2026 तिमाही में क्यूपिड को ₹150 करोड़ से अधिक रेवेन्यू की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने इस वित्त वर्ष 2027 के रेवेन्यू आउटलुक में कम से कम 10% बढ़ा दिया है।
Hexagon Nutrition Q4 (Consolidated YoY)
मार्च 2026 तिमाही में हेग्जागन न्यूट्रिशन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 40.6% बढ़कर ₹10.9 करोड़ और रेवेन्यू 8% उछलकर ₹115 करोड़ पर पहुंच गया।
Kotak Mahindra Bank
कोटक महिंद्रा बैंक ने भारत में ड्यूश बैंक के रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस को खरीदने के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है। इस बिजनेस में लगभग ₹29,000 करोड़ के लोन, ₹16,000 करोड़ की डिपॉजिट्स और ₹10,500 करोड़ का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) शामिल हैं। इसमें 1,000 एंप्लॉयीज काम कर रहे हैं और इसके करीब 1.5 लाख ग्राहक हैं।
RailTel Corporation of India
रेलटेल को महानदी कोलफील्ड्स से 60 महीनों के लिए रेंटल बेसिस पर MPLS VPN नेटवर्क सेटअप करने के लिए ₹107.6 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है।
Tata Communications
जीनियस वोंग ने टाटा कॉम के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट ( कोर और नेक्स्ट-जेन कनेक्टिविटी सर्विसे) और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी इस्तीफा 31 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा। रूपेश चोकशी को 1 अगस्त से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल बिज़नेस हेड (नेटवर्क सर्विसेज) नियुक्त किया गया है, जबकि विवेक श्रीवास्तव को 17 अगस्त से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (क्लाउड और साइबरसिक्योरिटी सर्विसेज) नियुक्त किया गया है।
Rane (Madras)
हिंदुस्तान कम्पोजिट्स के फ्रिक्शन बिजनेस को राणे (मद्रास) खरीद रही है। दोनों के बीच गोइंग कंसर्न के तौर पर स्लम्प सेल के आधार पर ₹370 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर इस लेन-देन के लिए एक एग्रीमेंट हुआ है।
RHI Magnesita India
आरएचआई मैग्नेसाइटा इंडिया के बोर्ड ने पंकज मल्हान को 1 जुलाई, 2026 से कंपनी का एमडी और सीईओ बनाने का ऐलान किया है। बोर्ड ने यह भी ऐलान किया है कि कंपनी के चेयरमैन, एमडी और सीईओ प्रमोद सागर चेयरमैन बने रहेंगे।
SRF
एसआरएफ के शेयरहोल्डर्स ने सालाना आम बैठक में कार्तिक भरत राम को 1 जून, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक के अगले कार्यकाल के लिए जॉइंट एमडी के तौर पर फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दी।
बल्क और ब्लॉक डील्स
Genus Power Infrastructures
जीआईसी ग्रुप की सहयोगी कंपनी चिस्विक इन्वेस्टमेंट ने तीन ट्रांजैक्शन के जरिए जीनस पावर के कुल 3.35 करोड़ इक्विटी शेयर (11.03% हिस्सेदारी) बेचे। इनमें से 89.28 लाख शेयर ₹282.15 के भाव, 1.42 करोड़ शेयर ₹282.58 के भाव और 1.03 करोड़ शेयर ₹290 के भाव पर बिके। मार्च 2026 तक इसकी कंपनी में 15.11% हिस्सेदारी थी।
इनमें से बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी और आकाश माणिक भंसाली की कंपनी प्रॉफिटेक्स शेयर्स एंड सिक्योरिटीज ने लगभग ₹130 करोड़ में 44.82-44.82 लाख शेयर खरीदे, जो जीनस पावर में 1.47% हिस्सेदारी के बराबर हैं। जाने-माने निवेशक मधु केला की पत्नी माधुरी मधुसूदन केला ने ₹40 करोड़ में 13.79 लाख शेयर (0.45% हिस्सेदारी खरीदे। इन तीनों ने शेयर प्रति शेयर ₹290 के भाव पर खरीदारी की। इनके अलावा मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग ने प्रति शेयर ₹283.68 के औसत भाव पर ₹40.76 करोड़ में 14.37 लाख शेयर, इरेज ब्रोकिंग सर्विसेज ने ₹286.83 के भाव पर ₹91.48 करोड़ में 31.89 लाख शेयर, D3 स्टॉक विजन ने ₹281.66 के भाव पर ₹44.5 करोड़ में 15.8 लाख शेयर खरीदे।
Indo Tech Transformers
प्रमोटर शिर्डी साई इलेक्ट्रिकल्स ने इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स के प्रति शेयर ₹3,231.23 के भाव पर 68,048 शेयर और ₹3,215.39 के भाव पर 1.31 लाख शेयर बेचे। कुल मिलाकर 1.88% हिस्सेदारी के बराबर शेयरों ₹66.41 करोड़ में बिक्री हुई। सोमवार को भी प्रमोटर ने इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स में 1.88% हिस्सेदारी बेची थी।
Ivalue Infosolutions
360 वन पाइप फंड ने आईवैल्यू इन्फोसोल्यूशन्स के 19.23 लाख शेयर (3.52% हिस्सेदारी) ₹260 प्रति शेयर के भाव पर ₹50 करोड़ में खरीदे। इसके अलावा जाने-माने इन्वेस्टर आशीष कचोलिया की इन्वेस्टमेंट फर्म बंगाल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट ने प्रति शेयर ₹262.13 के भाव पर आईवैल्यू के 3 लाख शेयर ₹7.86 करोड़ में और खरीदे। वहीं साउथ और साउथ-ईस्ट एशिया पर फोकस करने वाली प्राइवेट इक्विटी फर्म क्रीडोर की सहयोगी कंपनी सुंडरा (मॉरिशस) ने मंगलवार को आईवैल्यू से एग्जिट किया। उसने अपने सभी 56.98 लाख शेयर (10.43% हिस्सेदारी) ₹260.2 के भाव पर ₹148.27 करोड़ में बेच दिए।
Krishna Defence and Allied Industries
प्रमोटर्स पल्लवी अश्विन शाह, अंकुर अश्विन शाह और प्रेयल अंकुर शाह ने कृष्णा डिफेंस के 7 लाख शेयर (4.68% हिस्सेदारी) ₹84.21 करोड़ में बेच दिए। वहीं 360 वन पाइप फंड ने 4.41 लाख शेयर (2.95% हिस्सेदारी) ₹1,203.47 के भाव पर ₹53.15 करोड़ में खरीदे हैं।
Filatex Fashions
प्रमोटर प्रभात सेठिया ने फिलाटेक्स फैशन्स के 7.2 करोड़ शेयर (0.86% हिस्सेदारी) 1.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹0.18 के भाव पर बेच दिए। 21 मई, 2026 तक कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 4.85% थी।
Shankara Building Products
प्रमोटर एंटिटी द बालीगंज फैमिली ट्रस्ट ने शंकर बिल्डिंग प्रोडक्ट्स में 4.13% हिस्सेदारी वाले अतिरिक्त 10.02 लाख शेयर ₹12.75 करोड़ रुपये में प्रति शेयर ₹127.25 के भाव पर खरीदे हैं।
Axiscades Technologies
प्रमोटर जुपिटर कैपिटल ने एक्सिसकेड्स टेक्नोलॉजीज के 10 लाख शेयर (2.35% हिस्सेदारी) ₹166.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,667.76 के भाव पर बेचे।
Prozone Realty
प्रमोटर एंटिटी एपैक्स ट्रस्ट ने प्रोजोन रियल्टी के 13.02 लाख शेयर (0.85% हिस्सेदारी) ₹5.8 करोड़ में प्रति शेयर ₹44.67 के भाव पर और खरीदा है।
Energy Infrastructure Trust
ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर ब्रुकफील्ड कॉर्पोरेशन की सब्सिडियरी रैपिड होल्डिंग्स 2 ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट की 3.97 करोड़ यूनिट ₹302.13 करोड़ में प्रति यूनिट ₹76.01 के भाव पर बेच दी। इनमें से नियो रियल एसेट यील्ड फंड 39.25 लाख यूनिट ₹29.83 करोड़ में, HDFC सिक्योरिटीज ने 1.31 करोड़ यूनिट ₹99.94 करोड़ में और अरवेस्टा फाइनेंशियल सर्विसेज ने 33 लाख यूनिट ₹25.08 करोड़ में प्रति यूनिट ₹76 के भाव पर खरीदे हैं।
लिस्टिंग
अद्वित ज्वेल्स और वाटरवेज लेजर टूरिज्म के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर आज एंट्री होगी। वहीं श्रीधर स्पिनर्स के शेयरों की एनएसई एसएमई तो जिविल इंडस्ट्रीज और रियासत लाइफस्टाइल की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।
एक्स-डेट
आज डीसीएम श्रीराम केमिकल्स और ग्रोवी इंडिया के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।
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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Asian Market Today: बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान में बढ़त सबसे ज़्यादा रही, जिसमें निक्केई 225 1.79% और टॉपिक्स 1.07% चढ़ा। दक्षिण कोरिया में, कोस्पी 2.29% गिरा जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 0.42% गिरा।
ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 ज़्यादातर फ्लैट रहा, जो 0.05% नीचे था। इस बीच, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 22,990 पर था, जो 22,881.02 के पिछले क्लोज की तुलना में मज़बूत शुरुआत दिखाता है।
गिफ्ट निफ्टी 23,994 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 16 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत दिखाता है।
वॉल स्ट्रीट
मंगलवार को वॉल स्ट्रीट का जून महीना मज़बूती के साथ खत्म हुआ, जिसमें S&P 500 और नैस्डैक ने 2020 के बाद अपनी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त दर्ज की, क्योंकि आर्थिक मज़बूती और कॉर्पोरेट कमाई को लेकर निवेशकों की उम्मीद मिडिल ईस्ट संघर्ष से जुड़ी चिंताओं से ज़्यादा थी। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने भी 2022 के बाद अपना सबसे मज़बूत तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया।
बड़े इंडेक्स भी दिन में ऊपर बंद हुए, जिसमें डॉव लगातार दूसरे सेशन में रिकॉxर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। S&P 500 सेक्टर में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स ने रैली को लीड किया, जबकि फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 3.9% बढ़ा।
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 136.46 पॉइंट्स या 0.26% बढ़कर 52,319.20 पर बंद हुआ। S&P 500 58.93 पॉइंट्स या 0.79% बढ़कर 7,499.36 पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 393.58 पॉइंट्स या 1.52% बढ़कर 26,213.72 पर बंद हुआ।
US-ईरान बातचीत
हाल ही में इन्वेस्टर सेंटिमेंट को इस बढ़ती उम्मीद से सपोर्ट मिला है कि ईरान विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिशें चल रही हैं, भले ही मिलिट्री टेंशन चल रही हो।
17 जून को, ईरान और U.S. ने चार महीने से चल रहे विवाद को खत्म करने के मकसद से एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर साइन किए। हालांकि, वीकेंड में फिर से हुई गोलीबारी ने इस समझौते पर शक पैदा कर दिया है। अनिश्चितता को और बढ़ाते हुए, रॉयटर्स ने एक कतरी अधिकारी के हवाले से कहा कि अभी दोहा में मौजूद US के सीनियर दूतों के ईरानी अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग करने की उम्मीद नहीं है।
जापानी येन में गिरावट
बुधवार को जापानी येन US डॉलर के मुकाबले 40 साल के नए निचले स्तर पर आ गया, जबकि मंगलवार रात को 30-स्टॉक इंडेक्स के पांच साल में पहली छमाही का सबसे अच्छा परफॉर्मेंस देने के बाद डॉव फ्यूचर्स में गिरावट आई।
LSEG डेटा के मुताबिक, येन कमजोर होकर 162.28 प्रति डॉलर पर आ गया, जिससे पिछले सेशन से हो रही गिरावट और बढ़ गई क्योंकि ट्रेडर्स जापानी अधिकारियों के किसी भी संभावित दखल पर नज़र रखे हुए थे।
आज सोने का रेट
नए इकोनॉमिक डेटा के बाद इन्वेस्टर्स ने US मॉनेटरी पॉलिसी के आउटलुक का अंदाज़ा लगाया, जिससे सोना $4,000 प्रति औंस के लेवल से ऊपर ट्रेड कर रहा था। फरवरी के आखिर में ईरान में लड़ाई शुरू होने के बाद से यह कीमती मेटल लगभग 24% गिर गया है, और 200-दिन के मूविंग एवरेज सहित ज़रूरी टेक्निकल सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया है, जिसे आमतौर पर लॉन्ग-टर्म मोमेंटम का गेज माना जाता है।
स्पॉट सोना $4,013.75 प्रति औंस पर लगभग बिना बदले रहा, जबकि चांदी 1.2% बढ़कर $58.98 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी।
कच्चे तेल की कीमतें
बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में तेज़ी आई, जब ऐसी खबरें आईं कि ईरान अमेरिकी दूतों के साथ बातचीत नहीं करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच चार महीने से चल रहे संघर्ष के बाद नाजुक अंतरिम सीज़फ़ायर को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 50 सेंट, या 0.69% बढ़कर $73.45 प्रति बैरल हो गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 63 सेंट, या 0.91% बढ़कर $70.13 प्रति बैरल हो गया।
डॉलर
मंगलवार को अमेरिकी डॉलर मज़बूत हुआ, जिससे जापानी येन 1986 के बाद अपने सबसे कमज़ोर लेवल पर पहुँच गया और इस बात की अटकलें तेज़ हो गईं कि जापानी अधिकारी सीधे बाज़ार में दखल देने वाले हैं।
सेशन के दौरान ग्रीनबैक 162.66 येन के हाई लेवल पर पहुंच गया और आखिरी बार 0.4% बढ़कर 162.59 येन पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज़ दर में एक और बढ़ोतरी की बढ़ती बाज़ार उम्मीदों से डॉलर को सपोर्ट मिला है। फेड के टारगेट से ऊपर लगातार महंगाई, लगातार आर्थिक मजबूती, और सेंट्रल बैंक के नए तिमाही अनुमान—जिसमें दिखाया गया कि 19 पॉलिसीमेकर्स में से नौ को साल के आखिर से पहले रेट में एक और बढ़ोतरी की उम्मीद है—ने करेंसी की मजबूती को और मजबूत किया है।
Share Market Live Update: वॉल स्ट्रीट की रात भर की रैली जारी रहने के बाद, ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों को देखते हुए, बुधवार को भारतीय स्टॉक मार्केट के सुस्त नोट पर खुलने की उम्मीद है। शुरुआती ट्रेड में एशियाई इक्विटी में मिला-जुला कारोबार हुआ, जबकि US मार्केट बढ़त के साथ बंद हुए, जो जियोपॉलिटिकल और मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं के बावजूद लगातार उम्मीद को दिखाता है।
मंगलवार को, घरेलू बेंचमार्क बिकवाली के दबाव के बीच नीचे बंद हुए, जिसमें निफ्टी 50 23,900 के निशान से नीचे फिसल गया। BSE सेंसेक्स 249.70 पॉइंट या 0.33% गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 80.50 पॉइंट या 0.34% गिरकर 23,865.75 पर बंद हुआ।
Railway Technician Vacancy 2026: सरकारी नौकरी करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए रेलवे में बंपर पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने टेक्नीशियन भर्ती 2026 का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत रेलवे में ग्रेड I और टेक्नीशियन ग्रेड III के 6565 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन कल जारी किया गया था और आज से आवेदन शुरू हो गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर 29 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। खास बात ये है कि इन पर आवेदन के लिए 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।
इस पद के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को अंतिम समय में किसी भी तरह की समस्या से बचने के लिए समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए और फॉर्म भरना चाहिए। आरआरबी की टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले, कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में एक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत ज्यादा खाली जगहों वाले प्रमुख रेलवे जोन में सेंट्रल रेलवे मुंबई, सदर्न रेलवे चेन्नई, नॉर्दर्न रेलवे नई दिल्ली और नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे शामिल हैं। देशभर के उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं क्योंकि नौकरी की जगह भारत के अलग-अलग रेलवे जोन में होगी।
आरआरबी टेक्नीशियन भर्ती 2026 में ये ले सकेंगे हिस्सा
आरआरबी टेक्नीशियन भर्ती 2026 के लिए उम्मीदवारों को 10वीं या SSLC पास होना जरूरी है। अभ्यर्थियों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित ट्रेड में आईटीआई सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। संबंधित ट्रेड में एक्ट अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट रखने वाले उम्मीदवार भी कई पदों के लिए योग्य हैं।
उम्र सीमा
टेक्नीशियन ग्रेड III पद के लिए उम्मीदवारों की उम्र 18 से 30 साल के बीच होनी चाहिए। जबकि टेक्नीशियन ग्रेड I (सिग्नल) पद के लिए उम्र सीमा 18 से 33 साल है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलती है।
कैसे करें आवेदन
- रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाएं।
- आरआरबी टेक्नीशियन भर्ती के लिए अप्लाई लिंक पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन पूरा करें और नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल ID और आधार जैसी जानकारी भरें।
- रजिस्ट्रेशन के दौरान मिले क्रेडेंशियल्स (लॉगिन डिटेल्स) से लॉग इन करें।
- अपनी पर्सनल जानकारी, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, कैटेगरी और अन्य ज़रूरी जानकारी भरें।
- जरूरी डॉक्यूमेंट्स को तय फॉर्मेट में अपलोड करें।
- ऑनलाइन मोड से एप्लीकेशन फीस का भुगतान करें।
- सभी जानकारी को दोबारा चेक करें और फॉर्म सबमिट करें।
- भविष्य के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें।

यहां की सबसे खास बात यह है कि अभी भी यह जगह बड़े पैमाने पर टूरिस्ट से अछूती है। आप यहां ट्रेकिंग, स्थानीय जनजातीय संस्कृति को जानने और शांत वातावरण का आनंद ले सकते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय घाटी का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है। 2 दिन ट्रिप के लिए दिल्ली से Dibrugarh या Guwahati के लिए फ्लाइट लें। वहां से Aalo तक सड़क मार्ग और फिर टैक्सी से मेचुका पहुंचा जा सकता है।




यहां आप समुद्र किनारे आराम कर सकते हैं, बीच ट्रेकिंग कर सकते हैं और लोकल कर्नाटक संस्कृति को करीब से महसूस कर सकते हैं। जो लोग भीड़भाड़ से दूर समुद्री छुट्टियां बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह शानदार ऑप्शन है। लगभग 6–8 घंटे (फ्लाइट + रोड) ट्रिप के लिए दिल्ली से Goa या Hubballi तक फ्लाइट लें। वहां से टैक्सी या ट्रेन द्वारा गोकर्ण पहुंचा जा सकता है।
मानसून के दौरान मांडू की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। बादलों से घिरे महल और हरियाली से ढके खंडहर इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं। इतिहास प्रेमियों के लिए यह किसी खजाने से कम नहीं है। इंदौर से लगभग 100 किमी दिल्ली से Indore तक फ्लाइट या ट्रेन लें। इंदौर से मांडू लगभग 2–3 घंटे की सड़क यात्रा पर है।

यहां आप ट्रेकिंग, बोटिंग और प्रकृति की गोद में समय बिता सकते हैं। शांत वातावरण और कम भीड़ इसे परिवारों और कपल्स के लिए आइडियल डेस्टिनेशन बनाती है। लगभग 5–7 घंटे (फ्लाइट + रोड) ट्रिप के लिए दिल्ली से Salem या Chennai के लिए फ्लाइट लें। सलेम से यरकौड लगभग 30 किमी दूर है और टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
क्यों हैं ये जगहें खास?
इन सभी जगहों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आपको भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन से ज्यादा शांति, स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का एक्सपीरियंस मिलता है। ये स्थान अभी भी बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया ट्रेंड्स से दूर हैं, इसलिए यहां का माहौल ज्यादा सुकून भरा महसूस होता है।
भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…

