Oben Rorr Evo Deliveries Begin

Oben Rorr Evo Deliveries BEgin at Bengaluru Event

Oben Electric has commenced deliveries of the newly launched Rorr Evo. The first batch of customers in Bengaluru received their motorcycles through the company’s ‘First to Rorr’ delivery event. 

  1. The Rorr Evo received over 25,000 bookings.
  2. The company has an annual production capacity of 1 lakh units.

Deliveries will be rolled out across the country over the coming weeks through Oben’s network of 150 showrooms. Oben says the Rorr Evo crossed 25,000 bookings within 15 days of its launch in May 2026. To meet demand, the company is ramping up production at its facility, which it says has an annual capacity of 1 lakh motorcycles. Its retail and service network now spans over 90 cities across 18 states, including dedicated Oben Care service centres.

Priced at Rs 1.25 lakh (ex-showroom), the Rorr Evo is powered by a 9kW motor paired with a 3.4kWh LFP battery pack. It features SmartIQ, Oben’s AI-powered ride optimisation technology that claims to improve range by up to 15 percent. Other highlights include a projector LED headlamp and a chain-drive setup, which the company says improves efficiency by 10 percent. The IDC range is rated at 180km, while the real-world range is claimed to be around 150km.

Claimed performance figures include a 110kph top speed, and a 0-40kph sprint in 3 seconds. The battery can be fast charged from 0-80 percent in 90 minutes, and Oben offers an 8-year battery warranty. Features include a 5-inch TFT display, OTA updates, turn-by-turn navigation, geo-fencing, remote immobilisation and fall detection with emergency SOS via the company’s ARGUS connected platform.

Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

A photo illustrating essential Vastu rules for happiness, prosperity, and a positive atmosphere at home

Home Vastu Rule: भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र को जीवन और स्थान की ऊर्जा को संतुलित करने का विज्ञान माना गया है। माना जाता है कि यदि घर या कार्यस्थल वास्तु नियमों के अनुसार बनाया और व्यवस्थित किया जाए, तो वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सफलता बनी रहती है। वहीं, गलत दिशा या असंतुलित ऊर्जा से घर में तनाव, आर्थिक समस्याएं और मानसिक अशांति उत्पन्न हो सकती है।ALSO READ: Vastu Tips for Plantation: सही दिशा में लगाया गया पौधा बदल सकता है आपकी किस्मत

 

इसलिए वास्तु नियमों का पालन घर के वातावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां जानिए वास्तु शास्त्र के महत्वपूर्ण नियम, घर का सही माहौल बनाने के उपाय और सुख-समृद्धि बढ़ाने के सरल वास्तु टिप्स, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं।

 

यहां वास्तु के ऐसे 10 अचूक नियम दिए गए हैं, जो आपके घर का माहौल पूरी तरह बदल सकते हैं:

 

1. ईशान कोण को रखें खाली

घर का उत्तर-पूर्वी कोना ईश्वर का स्थान माना जाता है। इस कोने को हमेशा बिल्कुल साफ, हल्का और खुला रखें। यहां कभी भी भारी अलमारी, कबाड़ या जूता-चप्पल का रैक न रखें। इस दिशा में मंदिर बनाना सबसे उत्तम होता है।

 

2. पूजा घर के नियम

घर में सुख-शांति के लिए पूजा घर का सही होना बहुत जरूरी है। मंदिर में कभी भी एक ही देवी-देवता की आमने-सामने दो तस्वीरें न रखें। मृत परिजनों की तस्वीरें पूजा घर में रखने की बजाय घर की दक्षिण दिशा में लगाएं।

 

3. मुख्य द्वारपर मांगलिक चिन्ह

घर का मुख्य द्वार खुशियों और लक्ष्मी के प्रवेश का रास्ता है। इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें। मुख्य द्वार पर सिंदूर से स्वास्तिक, ॐ या शुभ-लाभ का चिन्ह बनाएं। इसके अलावा, प्रवेश द्वार पर बंदनवार (तोरण) लगाना भी बेहद शुभ माना जाता है।

 

4. रसोई घर की सही दिशा

रसोई घर में अग्नि का वास होता है, जो सेहत और समृद्धि से जुड़ा है। वास्तु के अनुसार, रसोई हमेशा अग्नि कोण (South-East) में होनी चाहिए। खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ध्यान रखें कि सिंक (पानी) और चूल्हा (आग) कभी भी एक सीध में या बिल्कुल पास-पास न हों।ALSO READ: Vastu Tips: घर से वास्तु दोष मिटाने के 3 आसान उपाय, सुख-समृद्धि से भर जाएगा जीवन

 

5. तिजोरी और धन रखने का स्थान

यदि आप चाहते हैं कि घर में धन टिके और बरकत हो, तो अलमारी या तिजोरी को घर के दक्षिण या पश्चिम कोने में इस तरह रखें कि उसका मुख खुलते समय उत्तर दिशा की ओर हो। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है।

 

6. दर्पण लगाने की सही जगह

गलत दिशा में लगा शीशा घर में नकारात्मकता और बीमारियां बढ़ा सकता है। दर्पण को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं। ध्यान रखें कि बेडरूम में शीशा इस तरह न लगा हो जिसमें सोते समय आपका शरीर दिखाई दे, इससे स्वास्थ्य खराब होता है।

 

7. शाम के समय कपूर का धुआं और रोशनी

शाम के वक्त (सूर्यास्त के समय) घर के सभी कमरों की लाइटें कुछ देर के लिए जरूर जलाएं, विशेषकर मुख्य द्वार और पूजा घर में। इस समय घर में कपूर या लोबान का धुआं करने से दिनभर की एकत्रित हुई नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और लक्ष्मी का आगमन होता है।

 

8. सोते समय सिर की दिशा

अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते, लेकिन गलत दिशा में सोने से मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या होती है। सोते समय आपका सिर हमेशा दक्षिण  या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा की तरफ सिर करके कभी न सोएं।

 

9. बाथरूम के दरवाजे रखें बंद

बाथरूम और टॉयलेट में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। इसलिए इस्तेमाल के बाद हमेशा बाथरूम का दरवाजा बंद रखें। बाथरूम के अंदर एक कांच की कटोरी में सेंधा नमक भरकर रखने से वहां की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।

 

10. बंद घड़ियां और टूटी चीजें हटाना

वास्तु में बंद घड़ी को दुर्भाग्य का सूचक माना जाता है। यदि घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है या खराब है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या हटा दें। इसी तरह टूटे हुए बर्तन, चटका हुआ कांच और बंद पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान घर में आर्थिक तंगी लाते हैं।

 

विशेष टिप: घर में पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक (खड़ा नमक) मिलाना शुरू करें। यह एक छोटा सा बदलाव घर के कलह-कलेश को शांत कर खुशहाली का माहौल बनाता है।ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स

8th Pay Commission: पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! न्यूनतम पेंशन 67% और उम्र के साथ 100% हाइक की मांग, देखें पूरी लिस्ट

8th Pay Commission Pension Revision Demands: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ देश के करीब 65 लाख रिटायर्ड पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। आयोग इस समय विभिन्न राज्यों का दौरा करके कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और हितधारकों से मुलाकात कर सुझाव जुटा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग के कार्यक्षेत्र में 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर होने वाले पेंशनर्स की पेंशन की समीक्षा करना भी शामिल है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने पेंशन को लेकर कई बड़ी और क्रांतिकारी मांगें रखी हैं। आइए समझते हैं कि पेंशनर्स के लिए क्या-क्या मुख्य मांगें की गई हैं और इन्हें कब तक लागू किया जा सकता है।

प्रमुख कर्मचारी संगठनों की क्या हैं मांगें?

नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) जैसे बड़े संगठनों ने आयोग को अपनी विस्तृत मांगें सौंपी हैं:

NC-JCM: संशोधित वेतन के साथ पेंशन का स्ट्रक्चरल अलाइनमेंट किया जाए।

महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में सुधार और इसे DA से जोड़ा जाए।

AIDEF: नए रिवाइज्ड पे-स्ट्रक्चर के आधार पर सभी पेंशनर्स के लिए एक समान पेंशन लागू की जाए।

पेंशन रिवीजन से जुड़ी 5 सबसे बड़ी मांगें

हितधारकों और कर्मचारी यूनियनों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें नीचे दी गई हैं:

  1. न्यूनतम पेंशन में बंपर बढ़ोतरी: पेंशनर्स के लिए न्यूनतम पेंशन को आखिरी बार मिले वेतन या आखिरी 10 महीनों के औसत वेतन का 67% किया जाए।
  2. फिटमेंट फैक्टर और डीआर में सुधार: पेंशन कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर को संशोधित किया जाए और डियरनेस रिलीफ (DR) के ढांचे की समीक्षा करके इसे पेंशन लाभों में जोड़ा जाए।
  3. फैमिली पेंशन और ग्रेच्युटी: फैमिली पेंशन के दायरे को बढ़ाया जाए, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी हो और पेंशन कम्यूटेशन यानी पेंशन की एकमुश्त रकम के नियमों में सुधार किया जाए।
  4. पेंशन स्कीम चुनने की आजादी: रिटायर्ड कर्मचारियों को उनकी सुविधा के अनुसार पुरानी पेंशन योजना (OPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाए।
  5. उम्र बढ़ने के साथ बढ़ेगी पेंशन: जैसे-जैसे पेंशनभोगी की उम्र बढ़े, उसकी पेंशन में भी आनुपातिक बढ़ोतरी की जाए। 90 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए इसे आखिरी वेतन का 100% करने का प्रस्ताव है।

उम्र के हिसाब से कितनी पेंशन बढ़ाने की है मांग?

संगठनों ने बढ़ती उम्र के साथ पेंशनर्स की चिकित्सा और अन्य जरूरतों को देखते हुए इस प्रकार पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है:

उम्र के हिसाब से कितनी पेंशन बढ़ाने की है मांग?

आयोग का अगला शेड्यूल और देशव्यापी बैठकें

8वें वेतन आयोग ने अप्रैल, मई और जून में कई राज्यों का दौरा किया है। जुलाई में भी बैठकों का दौर जारी है:

भुवनेश्वर (ओडिशा): 6 और 7 जुलाई को आयोग यहां हितधारकों के साथ अहम चर्चा कर रहा है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 15 जून को ही बंद हो चुके थे।

कोलकाता (पश्चिम बंगाल): इसके बाद आयोग 9 और 10 जुलाई को कोलकाता का दौरा करेगा।

मुंबई दौरा: आयोग ने मुंबई में सेंट्रल रेलवे जोन के तहत विभिन्न रेलवे विभागों का दौरा करने की इच्छा भी जताई है, ताकि कर्मचारियों की कामकाजी परिस्थितियों को करीब से समझा जा सके।

कब तक लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?

आमतौर पर वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में गठन के बाद से करीब 18 महीने का समय लगता है, जो मध्य-2027 (फरवरी या अप्रैल 2027) के आसपास पूरा होगा।

रिपोर्ट सौंपने के बाद, पिछले ट्रेंड्स बताते हैं कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने और इसे पूरी तरह लागू होने में 2 से 3 साल का समय लग जाता है। इसका मतलब है कि 2027 में घोषित होने वाली वेतन और पेंशन बढ़ोतरी साल 2029 या 2030 तक पूरी तरह से जमीन पर लागू हो पाएगी।

इस राखी पर चमकें अलग अंदाज़ में, इन 10 मॉडर्न-ट्रेडिशनल सूट डिज़ाइन के साथ!

रक्षाबंधन का त्योहार खुशियों, ट्रेडिशनल आउटफिट और खूबसूरत तैयारियों का खास अवसर होता है। इस दिन हर कोई अपने लुक को खास और अट्रैक्टिव बनाना चाहता है। अगर आप इस मौके पर सूट पहनने की सोच रही हैं, तो ऐसे डिज़ाइन चुनें जो आपको स्टाइलिश होने के साथ-साथ ट्रेडिशनल और एलिगेंट लुक भी दें। अनारकली से लेकर शरारा, गरारा और स्ट्रेट-कट सूट तक, कई ऐसे ऑप्शन हैं जो आपके फेस्टिव स्टाइल में चार चांद लगा सकते हैं। आइए जानते हैं रक्षाबंधन के इस खास दिन के लिए सूट की 10 खूबसूरत और ट्रेंडी वैरायटी।

1. अनारकली सूट

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रक्षाबंधन पर रॉयल और ट्रेडिशनल लुक के लिए अनारकली सूट हमेशा बेहतरीन ऑप्शन होता है। ज़री, गोटा-पट्टी या सीक्विन वर्क वाला अनारकली सूट फेस्टिव वाइब्स को और खास बना देता है। इसे झुमकों, जूतियों और हल्के मेकअप के साथ स्टाइल करें।2. शरारा सूट

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अगर आप ट्रेंडी और स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, तो शॉर्ट कुर्ती के साथ शरारा सूट पहनें। मिरर वर्क या एम्ब्रॉयडरी वाला शरारा सूट हल्के दुपट्टे और स्टेटमेंट ईयररिंग्स के साथ बेहद अट्रेक्टिव लगता है।

3. गरारा सूट

Sharara and Gharara Designs: हर फंक्शन के लिए परफेक्ट हैं ये 20 फैशनेबल शरारा और ग़रारा स्टाइल्स | Best Sharara and Gharara Designs

ट्रेडिशनल फैशन कभी आउट ऑफ ट्रेंड नहीं होता। चिकनकारी, गोटा या ज़री वर्क वाला गरारा सूट रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर बेहद खूबसूरत और शाही लुक देता है।

4. स्ट्रेट-कट सूट

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सिंपल लेकिन एलिगेंट लुक के लिए स्ट्रेट-कट सूट एक शानदार विकल्प है। सिल्क, चिनॉन या कॉटन फैब्रिक में बना सूट कॉन्ट्रास्ट दुपट्टे और मिनिमल ज्वेलरी के साथ बहुत अट्रेक्टिव दिखाई देता है।

5. पेप्लम कुर्ती विद पलाज़ो

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मॉडर्न और फ्यूज़न लुक पसंद करने वाली महिलाओं के लिए पेप्लम कुर्ती के साथ पलाज़ो का कॉम्बिनेशन परफेक्ट है। यह स्टाइल आरामदायक होने के साथ-साथ फेस्टिव लुक में भी चार चांद लगा देता है।

6. चिकनकारी सूट

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दिन के समय होने वाले रक्षाबंधन समारोह के लिए चिकनकारी सूट सबसे बेहतरीन ऑप्शन में से एक है। पेस्टल रंगों के साथ सिल्वर ज्वेलरी और सॉफ्ट मेकअप इस लुक को और भी एलिगेंट बना देते हैं।

7. बांधनी प्रिंट सूट

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रंग-बिरंगा और ट्रेडिशनल लुक पाने के लिए बांधनी प्रिंट वाला सूट चुनें। गोटा बॉर्डर वाले दुपट्टे और रंगीन चूड़ियों के साथ यह स्टाइल त्योहार की रौनक को बढ़ा देता है।

8. ए-लाइन योक डिज़ाइन सूट

हैवी एम्ब्रॉयडर्ड योक और सिंपल फ्लेयर वाला ए-लाइन सूट हर उम्र की महिलाओं पर खूब जंचता है। यह स्टाइल आरामदायक होने के साथ-साथ बेहद ग्रेसफुल भी लगता है।

9. अंगरखा स्टाइल सूट

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यूनिक और ट्रेडिशनल लुक के लिए अंगरखा स्टाइल सूट एक शानदार चॉइस है। क्रॉस-ओवर डिज़ाइन, टसल्स और गोटा लेस की डिटेलिंग इसे त्योहार के लिए खास बनाती है।

10. जैकेट स्टाइल सूट

Anarkali Dress With Jacket / Anarkali Kurti With Long Shrug / Anarkali With Long Jacket Ideas

अगर आप इंडो-वेस्टर्न लुक चाहती हैं, तो प्लेन सूट के ऊपर एम्ब्रॉयडर्ड जैकेट पहनें। यह स्टाइल आपको सबसे अलग और फैशनेबल लुक देने के साथ रक्षाबंधन के मौके पर बेहद स्टाइलिश भी दिखाता है।

भारत को मिलने जा रही पहली हाइड्रोजन ट्रेन कैसी है? जानें इसकी खासियत समेत सबकुछ

India First Hydrogen Train: भारत के रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां देश अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन के साथ हरित परिवहन की दिशा में एक नया कदम बढ़ाएगा। इस अत्याधुनिक ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने 17 जुलाई करेंगे, जिसकी तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। यह ट्रेन जींद–सोनीपत रेल ट्रैक पर संचालित होगी, जिसे पर्यावरण के लिए बहुत अनुकुल माना जा रहा है। इसके साथ ही, अमृत भारत योजना के तहत बने जींद स्टेशन का भी उद्घाटन संभव है।

क्या है खासियत?

हाइड्रोजन से चलने वाली इस ट्रेन की खासियत यह है कि इससे प्रदूषण नहीं होता, और यह ट्रेन सिर्फ पानी और गर्मी छोड़ेगी। इसके अलावा, इस ट्रेन में कुल 10 कोच और 1200-किलोवाट का इंजन है। जानकारी के अनुसार, शुरुआत में यह ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।

किस-किस देश में चल रही यह ट्रेन?

भारत इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा। अभी सिर्फ जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका के पास यह टेक्नोलॉजी है।

रविवार को हुई समीक्षा बैठक

रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में देर शाम हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उपायुक्त डॉ. विशाली शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार, सभी एसडीएम, नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से जुड़ी विभागवार जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई और समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए।

“यह पूरे जिले के लिए गौरव का विषय” 

डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने अधिकारियों से कहा कि, “17 जुलाई को प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएं और तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दें। प्रत्येक अधिकारी यह सोचकर कार्य करे कि उसका विभाग इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी सर्वोत्तम भूमिका निभाए।

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कमजोर दिल वालों के लिए नहीं था Mexico-England मैच: मैक्सिको का दबदबा, इंग्लैंड का जज्बा: 10 खिलाड़ियों से खेलकर भी जीता ब्लॉकबस्टर मुकाबला

England Vs Mexico

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अगर अब तक किसी मुकाबले ने दर्शकों की धड़कनें सबसे ज्यादा बढ़ाई हैं, तो वह इंग्लैंड और मेजबान मैक्सिको के बीच खेला गया राउंड ऑफ 16 का मुकाबला रहा। यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं बल्कि रोमांच, संघर्ष, विवाद और साहस की ऐसी कहानी थी, जिसमें हर कुछ मिनट बाद मैच का रंग बदलता नजर आया। दो पेनल्टी, एक रेड कार्ड, पांच गोल और अंतिम सीटी तक बना सस्पेंस, इस मुकाबले में वह सब कुछ देखने को मिला जिसकी उम्मीद विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले से की जाती है। आखिरकार इंग्लैंड ने 10 खिलाड़ियों के साथ लंबा समय खेलने के बावजूद 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया।

 

मुकाबले की शुरुआत खराब मौसम के कारण करीब एक घंटे की देरी से हुई, लेकिन जैसे ही खेल शुरू हुआ, दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज दिखाया। शुरुआती आधे घंटे तक मैक्सिको ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाया। हालांकि असली धमाका 36वें मिनट में हुआ, जब बुकायो साका के शानदार मूव के बाद जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

 

मैक्सिको इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि सिर्फ 98 सेकंड बाद 38वें मिनट में हैरी केन के शानदार पास पर बेलिंघम ने अपना दूसरा गोल दाग दिया। दो मिनट के भीतर दो गोल ने पूरे स्टेडियम को सन्न कर दिया और इंग्लैंड 2-0 से आगे निकल गया।

 

हालांकि मेजबान टीम ने हार नहीं मानी। 42वें मिनट में फ्री-किक के बाद जूलियन क्विनोनेस ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल ने मैच में फिर जान डाल दी और हाफ टाइम तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ दिखाई दिया।

 

दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए मुश्किलों से भरी रही। डिफेंडर जारेल क्वांसाह ने जीसस गालार्डो पर खतरनाक टैकल किया। VAR समीक्षा के बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद इंग्लैंड को लगभग पूरा दूसरा हाफ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। रेड कार्ड के फैसले के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

England Vs Mexico

 

संख्यात्मक कमी के बावजूद इंग्लैंड ने हार नहीं मानी। 60वें मिनट में उसे पेनल्टी मिली और कप्तान हैरी केन ने कोई गलती नहीं करते हुए गेंद को गोल में भेज दिया। इंग्लैंड ने फिर दो गोल की बढ़त हासिल कर ली और स्कोर 3-1 हो गया।

 

लेकिन मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ था। 69वें मिनट में इंग्लैंड के बॉक्स में फाउल के बाद मैक्सिको को भी पेनल्टी मिली। अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 3-2 कर दिया। इसके बाद पूरे स्टेडियम में रोमांच चरम पर पहुंच गया।

 

आखिरी 20 मिनट और फिर 11 मिनट के अतिरिक्त समय में मैक्सिको ने लगातार हमले किए। गेंद पर उसका नियंत्रण भी ज्यादा रहा और उसने इंग्लैंड के गोल पर कई खतरनाक मौके बनाए। लेकिन गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार बचाव किए, जबकि डेक्लान राइस और जूड बेलिंघम ने डिफेंस में भी अहम भूमिका निभाई। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने हर हमले के सामने दीवार बनकर खड़े रहते हुए आखिर तक बढ़त बचाए रखी।

 

यह मुकाबला सिर्फ स्कोरलाइन के लिए नहीं, बल्कि इंग्लैंड के जज्बे के लिए भी याद रखा जाएगा। एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद टीम ने संयम नहीं खोया और विश्व कप के सबसे कठिन नॉकआउट मुकाबलों में से एक जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। वहीं मैक्सिको ने पूरे मैच में दबाव तो बनाया, लेकिन मिले अवसरों को गोल में बदलने में वह इंग्लैंड जितना प्रभावी साबित नहीं हो सका। यही दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर बन गया।

Adon Agro IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, ₹70 के शेयरों ने बरसाया ताबड़तोड़ पैसा, खुदरा निवेशकों को नहीं पसंद था आईपीओ!

Adon Agro IPO Listing: ड्राई फ्रूट्स बेचने वाली एडॉन एग्रो के शेयरों की आज बीएसई एसएमई पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹70 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹78.25 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11.79% का लिस्टिंग गेन (Adon Agro Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹82.16 (Adon Agro Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 17.37% मुनाफे में हैं।

Adon Agro IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडॉन एग्रो कमोडिटीज का ₹44 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह इश्यू 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 22.47 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.41 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 62.90 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adon Agro Commodities के बारे में

एडॉन एग्रो कमोडिटीज मुख्य रूप से ड्राई फ्रूट्स, नट्स, सीड्स और बेरीज की सोर्सिंग, इंपोर्ट, प्रोसेसिंग, पैकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, किशमिश, सूखी खजूर, खुबानी, अंजीर और अलग-अलग तरह के ड्राई फ्रूट मिक्स शामिल हैं, जो कई ग्रेड, रूप और पैक साइज में मिलते हैं। इन्हें कंपनी बिना प्रोसेस किए थोक में और प्रोसेस करके पैक करके, दोनों तरीके से बेचती है। कंपनी इसे अपने रिटेल ब्रांड हंगर नट्स (Hunger Nuts) ब्रांड के तहत 250 ग्राम से लेकर 30 किग्रा तक के पैक साइज में बेचती है। यह ड्राई फ्रूट हैम्पर्स और कस्टमाइज्ड मिक्स के जरिए कॉरपोरेट और फेस्टिव गिफ्टिंग का काम भी करती है। यह घरेलू मार्केट के साथ-साथ यूएई, अफगानिस्तान, यूएसए, चिली और श्रीलंका से कच्चा माल मंगाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹9 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1.79 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹7.22 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 114% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹103.04 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो 10 महीने में कंपनी को ₹21.55 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹287.33 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹10.19 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹30.45 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex IPO Listing: मुनाफा नहीं बुन पाया ₹136 का शेयर, रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा कंपनी का प्रॉफिट

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹136 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹130.00 और NSE पर ₹130.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 4.41% पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹133.00 (Aastha Spintex Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.21% घाटे में हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन के बारे में 10 रोचक तथ्य

A photograph of Dr. Syama Prasad Mookerjee, a renowned educationist and the founder of the Bharatiya Jana Sangh

Dr Syama Prasad Mukherjee History: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आधुनिक भारत के उन प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और राजनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक प्रख्यात शिक्षाविद, विधिवेत्ता, सांसद और दूरदर्शी राजनीतिक नेता थे। कम आयु में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने से लेकर स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य करने तक, उनका सार्वजनिक जीवन अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियों से भरा रहा। 

 

वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने भारतीय राजनीति को एक नई वैचारिक दिशा देने का प्रयास किया, जिसका प्रभाव आगे के दशकों में भी दिखाई दिया। आज भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके राष्ट्रसेवा के संकल्प, शिक्षा के प्रति समर्पण, प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक योगदान के लिए याद किया जाता है। 

 

1. सबसे कम उम्र के कुलपति

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मेधावी छात्र थे। उन्होंने केवल 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता (कोलकाता) विश्वविद्यालय के कुलपति का पद संभाला था। वह इस पद पर बैठने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे।

 

2. स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री

जब 1947 में भारत आजाद हुआ, तो प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। वे देश के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री (Minister for Industry and Supply) बने। सन् 1943 से 1946 तक वे अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष भी रहे थे।

 

3. नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा

जब नेहरू सरकार ने 1950 में पाकिस्तान के साथ 'नेहरू-लियाकत समझौते' पर हस्ताक्षर किए, तो डॉ. मुखर्जी इसके सख्त खिलाफ थे। पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

 

4. भारतीय जनसंघ की स्थापना

मंत्रिमंडल से हटने के बाद, उन्होंने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ (BJS) की स्थापना की। यही संगठन आगे चलकर 1980 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रूप में पुनर्गठित हुआ।

 

5. एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे

वे जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 के घोर विरोधी थे। उन्होंने कश्मीर में अलग झंडे, अलग संविधान और वहां जाने के लिए परमिट (Permit) की व्यवस्था का कड़ा विरोध किया और 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' का यह प्रसिद्ध नारा दिया।

 

6. बिना परमिट कश्मीर में प्रवेश और गिरफ्तारी

उस समय भारत के नागरिकों को भी कश्मीर जाने के लिए परमिट की जरूरत होती थी। डॉ. मुखर्जी ने इस कानून को चुनौती देने के लिए मई 1953 में बिना परमिट के कश्मीर में प्रवेश किया, जिसके बाद उन्हें वहां की सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

 

7. बैरिस्टर की उपाधि और राजनीति में प्रवेश

उन्होंने इंग्लैंड (लंदन) के 'द ऑनरेबल सोसाइटी ऑफ लिंक्न्स इन' से कानून की पढ़ाई की और 1927 में बैरिस्टर बने। भारत लौटने के बाद वे राजनीति में सक्रिय हुए।

 

8. बंगाल विभाजन में अहम भूमिका

जब 1947 में भारत का विभाजन हो रहा था, तब उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ा संघर्ष किया कि मुस्लिम लीग पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल न कर पाए। उन्हीं के प्रयासों के कारण हिंदू बहुल पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा।

 

9. 'महाबोधि सोसाइटी' के अध्यक्ष

वे केवल राजनीति तक सीमित नहीं थे। वे बौद्ध धर्म और संस्कृति के प्रति गहरा सम्मान रखते थे। वे महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी रहे और उन्होंने सांची में बौद्ध अवशेषों को सुरक्षित रखने और एशियाई देशों में इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

 

10. रहस्यमयी परिस्थितियों में निधन

23 जून 1953 को कश्मीर में नजरबंदी के दौरान ही अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु आज भी एक रहस्य बनी हुई है, क्योंकि उनकी मां और कई बड़े नेताओं ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसे तत्कालीन सरकार ने स्वीकार नहीं किया था। उन्हें 'महान देशभक्त और शहीद' के रूप में याद किया जाता है।

 

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7 विकेट से इंग्लैंड को हराकर 7वीं बार T-20I विश्व चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलिया

AUSvsENG ऑस्ट्रेलिया ने अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए चिर-प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को रविवार को एकतरफा अंदाज में सात विकेट से हराकर सातवीं बार महिला टी 20 चैम्पियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।इंग्लैंड ने नैटली सिवर-ब्रंट (नाबाद 58) के शानदार अर्धशतक और उनकी फ़्रेया केंप (नाबाद 44) के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 गेंदों में 80 रन की अविजित साझेदारी की बदौलत चार विकेट पर 150 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने बेथ मूनी (64) के बेहतरीन अर्धशतक से 17.1 ओवर में तीन विकेट पर 153 रन बनाकर खिताब अपने नाम किया। इंग्लैंड ने पांच वाइड रन दिए और ऑस्ट्रेलिया चैम्पियन बन गया। ऑस्ट्रेलिया इससे पहले 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 में चैम्पियन रहा था।

बेथ मूनी ने फ़ीबी लिचफ़ील्ड (48) के साथ दूसरे विकेट के लिए 100 रन की मैच विजयी साझेदारी की। बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रन की अपनी पारी में 10 चौके लगाए। इस हार के साथ इंग्लैंड का 2009 के बाद दूसरी बार यह खिताब जीतने का सपना टूट गया।इससे पहले इंग्लैंड ने 150 रन बना लिए थे, लेकिन ये ऑस्ट्रेलिया को रोकने के लिए काफी नहीं थे।

ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत में दो विकेट मिले और उन्होंने दबाव भी बनाए रखा। कप्तान नैटली सिवर-ब्रंट ने संभलकर खेलने का फैसला किया। कैपसी ने उनका अच्छा साथ दिया और जब उन्होंने तेज़ी से रन बनाना शुरू किया, तो मोलिनक्स ने उन्हें आउट कर दिया।

गार्थ ने शानदार स्लोअर बॉल डालकर नाइट को जल्दी आउट कर दिया। फ्रेया केम्प क्रीज़ पर आईं और इंग्लैंड को जिस तेज़ी की ज़रूरत थी, वह उन्होंने दी। 80 रन की नाबाद साझेदारी में उन्होंने आक्रामक भूमिका निभाई। सिवर ब्रंट ने कोशिश की लेकिन अंत में तेज़ी से रन नहीं बना सकीं।

एक छोर संभाले रखते हुए उन्होंने अपना 20वां टी 20 अर्धशतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम फील्डिंग में उतनी सटीक नहीं रही; उन्होंने कुछ रन-आउट के मौके गंवाए और कुछ रन भी आसानी से दे दिए। गार्थ और हैमिल्टन ने कसी हुई गेंदबाजी की।