Kriti Sanon: लगातार सुपरहिट फिल्में दे रहीं कृति सेनन, एक्ट्रेस की सफलता के पीछे ये 5 बड़ी वजहें

Kriti Sanon: ‘कॉकटेल 2’ के सिर्फ़ दो दिनों में दुनिया भर में ₹50 करोड़ से ज़्यादा की कमाई करने के साथ, कृति सेनन ने अपने शानदार करियर में एक और कामयाबी जोड़ ली है। ज़बरदस्त एक्टिंग से लेकर लगातार सफल प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने तक, इस एक्ट्रेस ने धीरे-धीरे ऐसा करियर बनाया है जो उन्हें अपनी पीढ़ी के सबसे असरदार स्टार्स में से एक बनाता है। यहाँ पाँच वजहें बताई गई हैं कि क्यों कृति सेनन का सुपरस्टार दौर आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है।

1. लगातार कामयाबी का शानदार सिलसिला

आज बहुत कम एक्टर्स ऐसी निरंतरता का दावा कर सकते हैं जैसी कृति ने पिछले कुछ सालों में दिखाई है। ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ से शुरू करके, ‘क्रू’, ‘दो पत्ती’, ‘तेरे इश्क में’ और अब ‘कॉकटेल 2’ तक, वह एक के बाद एक सफल प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। यह सिलसिला न सिर्फ़ दर्शकों का भरोसा दिखाता है, बल्कि बॉक्स-ऑफ़िस पर उनकी बढ़ती साख को भी दर्शाता है।

2. अलग-अलग तरह की फ़िल्मों और किरदारों में विविधता

कृति की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है हर प्रोजेक्ट के साथ खुद को नए सिरे से ढालने की उनकी काबिलियत। भविष्य के दौर की प्यारी ‘सिफ़्रा’ का किरदार निभाने से लेकर ‘दो पत्ती’ और ‘तेरे इश्क में’ में इमोशनल गहराई वाली एक्टिंग करने और अब ‘कॉकटेल 2’ में ‘एली’ के तौर पर लोगों का दिल जीतने तक, उन्होंने लगातार अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं और यह पक्का किया है कि हर रोल दर्शकों पर गहरी छाप छोड़े।

3. ज़बरदस्त कलाकार और कमर्शियल सफलता की ताकत

कृति की हालिया फ़िल्में साबित करती हैं कि वह न सिर्फ़ तारीफ़ पाने वाली एक्टिंग कर रही हैं, बल्कि फ़िल्म की कमर्शियल सफलता में भी अहम योगदान दे रही हैं। उनके प्रोजेक्ट्स को दर्शकों ने पसंद किया है, जिससे वह ऐसी एक्ट्रेस के तौर पर स्थापित हुई हैं जो क्रिटिक्स की तारीफ़ और बॉक्स-ऑफ़िस सफलता के बीच संतुलन बना सकती हैं।

4. ऐसे किरदार जो दर्शकों के दिलों में बस जाते हैं

कृति की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे एक अहम वजह उनके किरदारों का असर है। चाहे वह ‘सिफ़्रा’ हो, ‘क्रू’ में उनका रोल हो, ‘तेरे इश्क में’ में ‘मुक्ति’ हो या ‘कॉकटेल 2’ में ‘एली’ हो, दर्शक उन किरदारों से गहराई से जुड़ते हैं जिन्हें वह पर्दे पर जीवंत करती हैं। सोशल मीडिया पर ‘एली’ के लिए मिली ज़बरदस्त तारीफ़ इसी जुड़ाव का ताज़ा उदाहरण है। 5. ‘कॉकटेल 2’ एक नया माइलस्टोन है

सिर्फ़ दो दिनों में दुनिया भर में ₹50 करोड़ से ज़्यादा की कमाई करके, ‘कॉकटेल 2’ ने इंडस्ट्री के सबसे भरोसेमंद स्टार्स में से एक के तौर पर कृति की जगह को और मज़बूत किया है। फ़िल्म की ज़बरदस्त शुरुआत और ‘एली’ के किरदार को मिल रहे बेपनाह प्यार से पता चलता है कि हर नई फ़िल्म के साथ उनकी एक्टिंग और स्टार पावर दोनों ही लगातार बढ़ रहे हैं।

सफल फ़िल्मों और यादगार परफ़ॉर्मेंस से लेकर दर्शकों के बढ़ते प्यार और बॉक्स-ऑफ़िस पर ज़बरदस्त रफ़्तार तक, कृति सेनन का सफ़र एक सच्चे सुपरस्टार के बनने की कहानी बयां करता है। हर नए प्रोजेक्ट के साथ वह कामयाबी का नया पैमाना तय कर रही हैं और अगर उनके हालिया दौर को देखें, तो यह तो बस एक और भी बड़े चैप्टर की शुरुआत है।

Women’s T20 World Cup: एक और हार भारतीय टीम पर पड़ सकती है भारी, जानें सेमीफाइनल में पहुंचने का पूरा समीकरण

आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ए मुकाबले में साउथ अफ्रीका महिला ने भारत को 6 विकेट से हराया। इस हार के बाद टीम की आगे की राह थोड़ी कठिन हो गई है। वहीं भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए आगे के सभी मुकाबले जीतने जरुरी है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 158 रन बनाए थे, लेकिन साउथ अफ्रीका ने इस टारगेट को 19.1 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम की जीत में मारिजैन कैप ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई और उन्होंने 45 गेंदों में नाबाद 81 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।

भारत को जीतने होंगे सभी मैच

साउथ अफ्रीका से मिली हार के बावजूद भारतीय महिला टीम अभी ग्रुप-ए की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर बनी हुई है। वहीं इस मुकाबले में हार ने सेमीफाइनल की दौड़ को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब भारत को अंतिम-4 में जगह बनाने के लिए अपने बाकी ग्रुप मैचों में जीत हासिल करनी होगी। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष 2 टीमें ही सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

बांग्लादेश-ऑस्ट्रेलिया होगा सामना

भारतीय महिला टीम अब टूर्नामेंट के अपने अगले मुकाबलों पर पूरी तरह फोकस कर रही है। टीम का चौथा ग्रुप मैच 25 जून को बांग्लादेश के खिलाफ खेला जाएगा, जहां जीत हासिल करना उसके लिए बेहद जरूरी होगा। इसके बाद 28 जून को भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम से होगा। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को इन दोनों मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

अगर 1 मैच हार गई तो भारत की राह मुश्किल

भारतीय महिला टीम के लिए अब हर मुकाबला बेहद अहम हो गया है। अगर टीम अपने बचे हुए 2 मैचों में से 1 भी हार जाती है और दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका तथा ऑस्ट्रेलिया अपनी सभी शेष मुकाबलों में जीत दर्ज कर लेते हैं, तो भारत के लिए सेमीफाइनल में पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में अंतिम-4 में जगह बनाने की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए भारत को अपने बाकी दोनों मैच जीतने होंगे और साथ ही अन्य टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।

प्वाइंट्स टेबल में किस नंबर पर भारत

ग्रुप-ए की प्वाइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया फिलहाल 3 मैचों में 6 अंक और +4.391 के बेहतर नेट रन रेट के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। भारत 4 अंक और +2.511 नेट रन रेट के साथ दूसरे नंबर पर है, जबकि साउथ अफ्रीका के भी 4 अंक हैं, लेकिन उसका नेट रन रेट -0.546 होने के कारण वह तीसरे स्थान पर है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले दोनों मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। अगर भारत को इन मैचों में से किसी एक में भी हार मिलती है और दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी मैच जीत लेता है, तो भारतीय टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लग सकता है।

CUET UG final answer key 2026: एनटीए ने सीयूईटी यूजी की फाइनल आंसर की से हटाए 7 सवाल, रिजल्ट की गुड न्यूज जल्द मिलने की उम्मीद बढ़ी

CUET UG final answer key 2026: राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) स्नातक (UG) की परीक्षा देने वाले देश के लाखों उम्मीदवारों की फाइनल आंसर की जारी कर दी है। आज सीयूईटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी हुई फाइनल आंसर की में से एनटीए ने 7 सवालों को हटा दिया है। फाइनल आंसर की जारी होने के बाद अब सीयूईटी यूजी 2026 रिजल्ट भी जल्द घोषित होने की उम्मीद बढ़ गई है। यह परीक्षा देश के प्रमुख यूनिवर्सिटी और संस्थान में चलने वाले स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।

एनटीए ने आज 22 जून को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फाइनल आंसर की जारी की। विशेषज्ञों ने यह आंसर की प्रोविजनल आंसर की पर उठाई गई चुनौतियों को रिव्यू करने के बाद जारी की है। इससे पहले, 9 जून को परीक्षार्थियों की दर्ज प्रतिक्रिया और क्वेश्चन पेपर्स के साथ अस्थायी आंसर की उपलब्ध कराई थी। उम्मीदवारों को इस में 11 जून तक चुनौती देने का समय दिया था।

एनटीए ने समीक्षा के बाद 7 सवाल हटाए

परीक्षार्थियों द्वारा सबमिट किए गए चैलेंज की समीक्षा के बाद, एनटीए ने सीयूईटी यूजी 2026 परीक्षा से सात सवाल हटा दिए हैं। यह फैसला विषय विशेषज्ञ द्वारा अस्थायी आंसर की के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों का आकलन करने के बाद लिया गया। एजेंसी ने यह भी साफ किया है कि कैंडिडेट्स को उन सवालों के लिए मार्क्स नहीं मिलेंगे जिन्हें उन्होंने हल नहीं किया है। तय मार्किंग स्कीम के अनुसार रिवाइज्ड फाइनल आंसर की के आधार पर उम्मीदवारों के स्कोर तय किए जाएंगे।

अभ्यर्थियों के ऑब्जेक्शन के विस्तृत मूल्यांकन के बाद, एनटीए ने कुछ रिस्पॉन्स को संशोधित किया और फाइनल आंसर की पब्लिश की। एजेंसी ने कहा है कि यह वर्जन फाइनल है, और आगे कोई चैलेंज एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा। घोषित होने के बाद उम्मीदवार अपने स्कोरकार्ड ऑनलाइन देख पाएंगे और 2026-27 शैक्षिक सत्र के लिए स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उनका इस्तेमाल कर पाएंगे।

ऐसे देख सकेंगे अपना रिजल्ट

रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना एप्लिकेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ या पासवर्ड दर्ज करना होगा लॉगिन करने के बाद छात्र अपना रिजल्ट और सब्जेक्ट वाइज मार्क्स देख सकेंगे।

स्कोरकार्ड में होगी ये जानकारियों

रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद छात्रों को अपने स्कोरकार्ड में दर्ज सभी डिटेल ध्यान से जांचनी चाहिए। नाम, रोल नंबर, सब्जेक्ट वाइज मार्क्स, प्रतिशत (Percentile) और अन्य जरूरी जानकारियों का मिलान करना जरूरी है। अगर किसी प्रकार की कोई गलती दिखाई देती है तो तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

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India vs England: इंग्लैंड सीरीज से शुरू होगा वर्ल्ड कप मिशन, BCCI ने शुरू की बड़ी तैयारी

भारत ने 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम का लक्ष्य 16 साल बाद फिर से वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी ट्रॉफी अपने नाम करना है। पिछले साल 2023 में वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत हासिल कर फाइनल तक का सफर तय किया था। टीम आखिरी फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। पिछले वनडे विश्व कप के फाइनल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। टीम की कप्तानी अब रोहित शर्मा के बजाय शुभमन गिल के हाथों में है और नए दौर की शुरुआत हो चुकी है।

अब टीम मैनेजमैंट और खिलाड़ी का ध्यान 2027 में होने वाले वर्ल्ड कप जीतने पर है। बोर्ड के मुताबिक, टीम को मजबूत बनाने और बड़े टूर्नामेंट की तैयारी कराने के लिए लंबी अवधि की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि भारत आगामी विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

सैकिया ने क्या कहा

IANS के मुताबिक BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया, “बीसीसीआई 2027 ODI वर्ल्ड कप के लिए एक साफ रास्ता प्लान कर रहा है। अभी से लेकर अक्टूबर 2027 में टूर्नामेंट शुरू होने तक हमारे पास काफी वनडे क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। हमने इंग्लैंड में 14 से 19 जुलाई तक होने वाले तीन ODI मैचों के लिए टीम की घोषणा कर दी है।” इंग्लैंड दौरे पर 14 से 19 जुलाई के बीच खेले जाने वाले तीन वनडे मैचों के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी किया जा चुका है। इससे खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारियों को मजबूत करने का मौका मिलेगा।

सभी आपस में बिठा रहे तालमेल

अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में खेल चुके यशस्वी जायसवाल, हर्ष दुबे और प्रिंस यादव इस बार टीम में अपनी जगह बनाने में सफल नहीं हो सके। सेलेक्टर्स के इस फैसले ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “सेलेक्टर्स, सपोर्ट स्टाफ और मुख्य कोच आपस में लगातार तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सिलेक्टर्स सपोर्ट स्टाफ और हेड कोच के साथ हैं।”

अफगानिस्तान को किया 3-0 से क्लीन स्वीप

भारतीय टीम ने वनडे क्रिकेट के नए दौर की शुरुआत कर दी है और अब उसका पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों पर है। इसी दिशा में इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज को काफी अहम माना जा रहा है। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने हाल में अफगानिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

क्रू़ड ऑयल की कीमतें 60 डॉलर से नीचे जा सकती हैं, डिमांड के मुकाबले ज्यादा सप्लाई का असर कीमतों पर पड़ेगा

क्रूड ऑयल की कीमतें गिरकर 60 डॉलर से नीचे जा सकती हैं। इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। क्रिस्टल एनर्जी में ग्लोबल एडवाइजर क्रिस्टॉफ रुएल ने यह अनुमान जताया है। उनका कहना है कि क्रूड की ग्लोबल सप्लाई डिमांड के मुकाबले रोजाना 10 लाख बैरल ज्यादा है। इस साल फरवरी के आखिर में मध्यपूर्व में तनाव बढ़ने पर क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। अमेरिका-ईरान में डील होने से अब कीमतें नीचे आ रही हैं।

एनर्जी ट्रेड फ्लो सामान्य होने से बढ़ेगी सप्लाई

क्रिस्टॉफ रुएल ने कहा कि अमेरिका-ईरान में डील और एनर्जी ट्रेड फ्लो के सामान्य होने से सप्लाई बढ़ेगी। उधर, क्रूड की सुस्त डिमांड ग्रोथ का असर मीडियम टर्म में इसकी कीमतों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि अमेरिका-ईरान में समझौता हो गया है। हालांकि, कुछ शर्तों को लेकर अब भी बातचीत जारी है। लेकिन, एक हफ्ते पहले के मुकाबले हालात बेहतर लगते हैं।”

ऑयल मार्केट ने नई स्थितियों से बैठाया है तालमेल

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में टेंशन की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद मार्केट के बदली हुई स्थितियों के साथ जल्द तालमेल बैठाया। तेल उत्पादक देशों ने सप्लाई के लिए पाइपलाइन का ज्यादा इस्तेमाल किया और इसके दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल किया। रिफाइनरियों ने भी सप्लाई बनाए रखने के लिए ऑपरेशन में बदलाव किए। इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में मजबूती देखने को मिली।

बीते पांच दशकों में काफी बदली है ऑयल इंडस्ट्री

हालिया संकट पर ऑयल मार्केट की प्रतिक्रिया से यह पता चला कि बीते पांच दशकों में यह इंडस्ट्री कितनी बदल चुकी है। ग्लोबल इकोनॉमी को अब उत्पादन के लिए कम ऑयल की जरूरत है। इससे पहले की क्राइसिस के मुकाबले सप्लाई को लेकर कम झटका लगा। दुनियाभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का बढ़ता इस्तेमाल ऑयल की कम खपत वाली गाड़ियों के आने का असर भी ऑयल की डिमांड पर पड़ा है।

चीन के स्ट्रेटेजिक रिजर्व बनाने से कीमतों को मिलेगा सपोर्ट

ऑयल मार्केट्स के लिए चीन काफी अहम है। कीमतों में गिरावट आने पर चीन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व बना रहा है। इससे डिमांड को कुछ सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, ऑयल का बढ़ता उत्पादन, स्ट्रॉन्ग एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और सुस्त कंजम्प्शन ग्रोथ से मीडियम टर्म में क्रूड की कीमतों का आउटलुक कमजोर दिखता है। क्रूड की कीमतों में भारत जैसे देश के लिए अच्छी खबर है। भारत अपनी जरूरत का 90 फीसदी ऑयल इंपोर्ट से पूरी करता है।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टर में खरीदारी के दम पर निफ्टी 24,100 के लेवल के आसपास पहुंच गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ। लगभग 2500 शेयरों में बढ़त हुई, 1688 शेयरों में गिरावट आई और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज,टेक महिंद्रा,रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा शामिल थे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,नेस्ले इंडिया,ट्रेंट और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया,IT, मेटल,फार्मा,ऑटो और एनर्जी इंडेक्स में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो रैली में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। ब्रॉडर मार्केट भी मज़बूत रहा,जिसमें निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि बाजार में आज एक सीमित दायरे में कारोबार हुआ,लेकिन इसका रुख पॉजिटिव रहा। निवेशक US-ईरान बातचीत की प्रगति को लेकर अच्छी उम्मीद लगाए रहे । कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक रहा,जिसे यूटिलिटी,बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन का सहारा मिला। यह मजबूती मुख्य रूप से चुनिंदा सेक्टरों और स्टॉक में आई खरीदारी की वजह से आई। हालांकि,मॉनसून की धीमी रफ्तार की चिंताएं महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं,जिससे कंज्यूमर सेंटीमेंट और खेती से जुड़े सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है।

इससे निकट भविष्य में बाजार की तेजी धीमी पड़ सकती है। लेकिन बाजार का बड़ा ट्रेंड अच्छा बना हुआ है। मजबूत कमाई और लगातार मिल रहे पॉलिसी सपोर्ट के चलते बाजार के लिए मध्यम अवधि का ट्रेंड अच्छा बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि RSI अभी भी बुलिश क्रॉसओवर में है,जो दिखाता है कि पॉजिटिव मोमेंटम बना हुआ है। ऊपरी स्तर पर,24,200 का लेवल एक इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस लेवल के ऊपर की मजबूत चाल 24,500 की ओर रैली शुरू कर सकती है। निचले स्तर पर,सपोर्ट 24,000 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि सोमवार के सेशन में बैंक निफ्टी डेली चार्ट पर एक छोटी ‘डोजि कैंडलस्टिक'(Doji candlestick)के साथ बंद हुआ। यह हालिया रिकवरी के बाद ऊपर की ओर कंसोलिडेशन (upward consolidation) का संकेत है। इंडेक्स पॉजिटिव रुख के साथ एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है,जिससे पता चलता है कि खरीदारी की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है।

आवरली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने 20-SMA और 50-SMA के ऊपर बना हुआ है,जो ट्रेंड में मजबूती दिखाता है। इसलिए,जब तक इंडेक्स 57,500 और 57,000 के सपोर्ट लेवल के ऊपर रहता है,तब तक गिरावट पर खरीदारीसकी रणनीति फायदेमंद रहेगी। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 58,500–59,000 के जोन में है।

 

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

 

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ITR Filing 2026: क्या इस साल भी बढ़ेगी ITR फाइल करने की डेडलाइन? ये 5 फैक्टर करेंगे तय

ITR Filing 2026: ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख पिछले साल दो बार बढ़ाई गई थी। इसकी वजह टैक्स नियमों में बदलाव और ई-फाइलिंग पोर्टल से जुड़ी कुछ तकनीकी चुनौतियां थीं। इसके चलते कई टैक्सपेयर उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल भी डेडलाइन बढ़ सकती है। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए इसकी संभावना काफी कम नजर आती है।

सबसे बड़ी वजह यह है कि इस बार फाइलिंग से जुड़ी ज्यादातर सुविधाएं और यूटिलिटीज समय पर उपलब्ध हैं। ई-फाइलिंग सिस्टम भी फिलहाल ठीक तरीके से काम कर रहा है। रिटर्न फाइल करने की रफ्तार भी अच्छी बनी हुई है।

किन 5 फैक्टर से डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद कम?

1. कई टैक्सपेयर को पहले ही राहत मिल चुकी है

कई नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर, फर्म पार्टनर्स और कुछ प्रोफेशनल्स के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख पहले ही बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी गई है। ऐसे में सभी के लिए एक और व्यापक राहत की जरूरत कम हो जाती है।

2. ITR फॉर्म समय पर जारी हुए

ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 की यूटिलिटीज पहले से उपलब्ध हैं। ये फॉर्म ज्यादातर टैक्सपेयर इस्तेमाल करते हैं। इसलिए सिर्फ कुछ फॉर्म्स में देरी की वजह से डेडलाइन बढ़ने की संभावना कम है।

3. तकनीकी दिक्कतें कम रहीं

पिछले साल पोर्टल से जुड़ी समस्याएं डेडलाइन बढ़ाने की एक बड़ी वजह थीं। इस बार फाइलिंग सीजन काफी अच्छा रहा है। अब तक कोई बड़ी तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है।

4. टैक्स नियमों में ज्यादा बदलाव नहीं

पिछले कुछ वर्षों में इंडेक्सेशन नियमों, STCG और LTCG टैक्स जैसे कई बड़े बदलाव हुए थे। इस बार टैक्स सिस्टम भी काफी स्थिर है। इसलिए टैक्सपेयर और विभाग दोनों बेहतर तरीके से तैयार हैं।

5. फाइलिंग की रफ्तार मजबूत

21 जून 2026 तक 56 लाख से ज्यादा ITR दाखिल हो चुकी थीं। इनमें से 53 लाख से ज्यादा रिटर्न वेरिफाई भी हो चुकी हैं। यह दिखाता है कि फाइलिंग प्रक्रिया सामान्य तरीके से आगे बढ़ रही है।

अगर अब तक ITR नहीं भरा, तो क्या करें?

  • Form 16, ब्याज प्रमाणपत्र, कैपिटल गेन स्टेटमेंट और आय से जुड़े अन्य दस्तावेज पहले से जुटा लें।
  • रिटर्न में दी गई जानकारी AIS और Form 26AS से मेल खानी चाहिए। इससे गलती और नोटिस का जोखिम कम होता है।
  • रिटर्न भरने से पहले दोनों टैक्स रिजीम में अपनी टैक्स देनदारी की तुलना जरूर कर लें।
  • आखिरी समय का इंतजार करने पर पोर्टल पर दबाव बढ़ सकता है और गलतियों की संभावना भी रहती है।
  • सिर्फ ITR भरना काफी नहीं है। रिटर्न को ई-वेरिफाई करना भी जरूरी है। इसके बिना रिटर्न वैध नहीं मानी जाती।

कुल मिलाकर डेडलाइन बढ़ने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए टैक्सपेयर को मौजूदा समयसीमा को ही ध्यान में रखकर अपनी ITR फाइल करनी चाहिए।

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Lucknow Coaching Center Fire: अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, जान बचाने के लिए नीचे कूदे बच्चे

Lucknow Coaching Center Fire: लखनऊ के अलीगंज इलाके से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। आग और धुएं से बचने के लिए कई छात्रों ने सेंटर से कूदना से शुरू कर दिया, जिस वजह कई बच्चे घायल हो गए। कुछ की हालत तो गंभीर बताई जा रही है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं।

खबर अपडेट की जा रही है।

Gold Silver price: नई खरीदारी से चमकी चांदी, MCX पर सोने की कीमतों में गिरावट बरकरार

Gold Silver price: सोमवार (22 जून) को घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड की कीमतों पर दबाव बना रहा, जबकि सिल्वर में उतार-चढ़ाव रहा। क्योंकि इन्वेस्टर्स US मॉनेटरी पॉलिसी के संकेतों, डॉलर की मज़बूती और वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट पर नज़र रखे हुए थे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, गोल्ड अगस्त फ्यूचर्स 1.41% की गिरावट के साथ ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेड हुआ, जबकि सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स 0.92% बढ़कर ₹2.35 लाख प्रति kg हो गया, जो मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नई खरीदारी के बीच था।

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा कि MCX गोल्ड 21-दिन और 55-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा और एक अहम राइजिंग ट्रेंडलाइन सपोर्ट से भी नीचे फिसल गया, जो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में कमज़ोरी का संकेत है।

उन्होंने कहा, “हाल ही में ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के ज़रूरी सपोर्ट लेवल से नीचे गिरने से टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमज़ोर हो गया है। तुरंत सपोर्ट ₹1,46 लाख प्रति 10 ग्राम के पास है, और इस लेवल से नीचे जाने पर गिरावट ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम तक बढ़ सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि ज़्यादा ट्रेजरी यील्ड और ज़्यादा इंटरेस्ट रेट की उम्मीदों ने सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स की अपील कम कर दी है।

इस बीच, ईरान के स्विट्जरलैंड में यूनाइटेड स्टेट्स के साथ शांति वार्ता में प्रोग्रेस की रिपोर्ट के बाद बुलियन की कीमतों में हल्की रिकवरी की कोशिश हुई। हालांकि, U.S. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की नई चेतावनियों और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जारी तनाव ने मार्केट सेंटिमेंट को सतर्क रखा।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च की कमोडिटी एनालिस्ट कावेरी मोरे ने कहा कि सोमवार (22 जून) के ट्रेड के दौरान उतार-चढ़ाव के बावजूद MCX सिल्वर पर मंदी का दबाव बना रहा। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, इंडस्ट्री के लोगों ने कहा कि कीमती धातुओं में कस्टमर्स की दिलचस्पी बनी हुई है, खासकर ज्वेलरी सेगमेंट में।

डिशीएस डिज़ाइनर ज्वेलरी की फाउंडर, दिशी सोमानी ने कहा कि भारत में सोना और चांदी, इन्वेस्टमेंट एसेट और कल्चरल खरीदारी, दोनों के तौर पर अहमियत रखते हैं। सोमानी ने कहा, “कस्टमर्स अपनी खरीदने की ताकत को लेकर जागरूक हो रहे हैं और खरीदारी करने से पहले कीमतों के ट्रेंड पर करीब से नज़र रख रहे हैं। ज्वेलरी को अब कई लोग सेंटिमेंट और इन्वेस्टमेंट का मिक्स मानते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि चांदी अपनी सस्ती कीमत की वजह से युवा खरीदारों के बीच पॉपुलर होती रही, जबकि बुलियन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अच्छी क्वालिटी की ज्वेलरी की डिमांड स्थिर रही।

Silver Price Today: MCX पर चांदी ₹4,500 उछलकर 2.37 लाख के पार पहुंची, डॉलर इंडेक्स में दबाव से मिला सपोर्ट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

Trading Strategy : गैप-अप के बाद बाजार में रफ्तार कायम है। निफ्टी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर 24100 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा है। निफ्टी 100 DMA पार करने के कगार पर है। वहीं बैंक निफ्टी में भी मजबूती है। मिडकैप और स्मॉल कैप में भी अच्छी रौनक देखने को मिल रही है। IT और फार्मा शेयरों में अच्छी खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। फार्मा में सिप्ला 4% से ज्यादा उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही MANKIND और डॉक्टर रेड्डीज 2% से ज्यादा चढ़े हैं। वहीं तेल-गैस,ऑटो और रियल्टी में भी रफ्तार देखने को मिल रही है। हालांकि FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयर हल्के कमजोर दिख रहे हैं।

निफ्टी पर सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,रिलायंस इंडस्ट्रीज़,टेक महिंद्रा और इंफोसिस शामिल हैं। जबकि एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,श्रीराम फाइनेंस,पावर ग्रिड कॉर्प और नेस्ले इंडिया में गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर कारोबार कर रहे हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल में 0.2-0.5% की गिरावट है। जबकि ऑटो,IT,फार्मा,ऑयल एंड गैस और मीडिया में 0.5-1% की है।

बाजार: अच्छा दिन

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज भी बढ़िया दिन है। खास तौर से उनके लिए, जिन्होंने शुक्रवार की गिरावट में खरीदारी की। शुक्रवार के निचले स्तर से निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी रजिस्टेंस जोन में हैं। रिलायंस और IT ने मिलकर आज निफ्टी को सपोर्ट किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप में फिर बढ़िया तेजी आई है। वेदांता से अलग हुए शेयरों में अपर सर्किट लगे हैं। FMCG शेयरों में आज थोड़ी गिरावट है।

Market Insight : अगले 4-5 सेशन में निफ्टी में 24500 का टारगेट मुमकिन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदाणी पैक के शेयरों पर रहे नजर

बाजार : अब क्या?

यह बाजार शानदार है,इसमें मौके तलाशें। बढ़िया बात ये कि बाजार आपको रिवॉर्ड कर रहा है। लॉजिक बेस्ड ट्रेड्स और निवेश में रिवॉर्ड हैं। शुक्रवार को IT लॉन्ग करने वालों को बड़ा रिवॉर्ड मिला। आज डेल्हीवरी में पूरी रैली स्क्रीन पर हुई है। अगर आप high पर भी ले रहे हैं तब भी फंस नहीं रहे हैं। गुरुवार की रैली में लेने वालों का भी आज भाव आया होगा। FIIs की बिकवाली अब काफी काम हो चुकी है। कच्चे तेल का भाव जब तक 80 डॉलर के पास है,डर नहीं है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन 24,150-24,200 पर और सपोर्ट जोन 24,050-24,100 है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस 58,000-58,200 पर और सपोर्ट 57,300-57,500 पर है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी और बैंक निफ्टी की कॉल लेकर जाएं। निफ्टी और बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते का हाई निकाल सकते हैं। एक्सपायरी का मोमेंटम बुल्स के साथ है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।