Aamir Khan: आमिर खान ने गौरी स्प्राट को बताया ‘ब्लेसिंग’, होने वाली शादी को लेकर दी अपडेट

Aamir Khan: बॉलीवुड एक्टर आमिर खान 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी करने जा रहे हैं। ‘वैरायटी इंडिया’ को दिए एक इंटरव्यू में आमिर ने बताया कि वे और गौरी किसी बड़े जश्न के बजाय दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में एक सादे समारोह में शादी करेंगे। शादी के बारे में बात करते हुए आमिर ने कहा, “यह बहुत प्राइवेट होगी। यह घर पर होने वाली एक बहुत ही साधारण रजिस्टर्ड शादी होगी, जिसमें सिर्फ़ दोनों परिवार और बहुत करीबी दोस्त शामिल होंगे।”

उन्होंने इसे अपनी ज़िंदगी का बहुत खुशी भरा दौर बताया और गौरी को “आशीर्वाद” कहा। अपनी शादी को लेकर मची हलचल पर आमिर ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि इतनी हलचल क्यों है। लोगों को सेलेब्रिटीज़, खासकर क्रिकेटर्स और एक्टर्स की ज़िंदगी में बहुत दिलचस्पी होती है। लोगों को हमारे काम में दिलचस्पी होनी चाहिए, न कि हमारी पर्सनल ज़िंदगी में। मुझे नहीं पता कि मेरी शादी की जानकारी कैसे लीक हुई। आजकल, कोई भी चीज़ प्राइवेट नहीं रह गई है।”

आमिर खान और गौरी स्प्रैट की कहानी दो दशक से भी ज़्यादा पुरानी है। दोनों की मुलाक़ात लगभग 25 साल पहले हुई थी, लेकिन बाद में उनका संपर्क टूट गया। कई सालों बाद वे फिर से जुड़े और उनकी दोस्ती धीरे-धीरे एक रोमांटिक रिश्ते में बदल गई।

एक्टर ने मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के सेलिब्रेशन के दौरान अपने रिश्ते को सबके सामने माना, जहां उन्होंने पहली बार मीडिया से गौरी का परिचय कराया। तब से, यह कपल कुछ मौकों पर साथ में पब्लिक के सामने आया है, लेकिन ज़्यादातर अपनी पर्सनल लाइफ़ को लाइमलाइट से दूर ही रखा है।

‘नवभारत टाइम्स’ को दिए एक इंटरव्यू में गौरी के बारे में बात करते हुए आमिर ने कहा, “मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मैं गौरी से मिला और हमारा रिश्ता शुरू हुआ। वह बहुत अच्छी हैं, उनके साथ मुझे सुकून मिलता है। हालाँकि (एक्स-वाइव्स) किरण राव और रीना दत्ता के साथ भी मेरा रिश्ता बहुत गहरा था, लेकिन बात नहीं बन पाई। जब आपने पूछा, तो मुझे लगा कि मैं बहुत खुशनसीब हूँ कि गौरी मेरी ज़िंदगी में आईं। हम साथ में बहुत खुश हैं। मुझे लगता है अब जाकर मैं मुकम्मल हुआ हूँ।”

यह आमिर खान की तीसरी शादी होगी। इससे पहले उन्होंने 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी और 2002 में वे अलग हो गए थे; उनके दो बच्चे हैं – जुनैद खान और इरा खान। इसके बाद आमिर ने 2005 में फिल्ममेकर किरण राव से शादी की। इस जोड़े ने 2021 में अलग होने की घोषणा की और वे अब भी अपने बेटे, आज़ाद राव खान की मिलकर परवरिश कर रहे हैं। गौरी भी एक बेटे की माँ हैं जो उनके पिछले रिश्ते से है।

EPFO Pension Rules: मृत्यु, दिव्यांगता या अर्ली रिटायरमेंट पर EPS पेंशन का क्या होता है? समझिए सभी नियम

EPFO Pension Rules: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) 1995 को सिर्फ रिटायरमेंट पेंशन योजना समझना बड़ी भूल हो सकती है। यह सोशल सिक्योरिटी स्कीम भी है, जो कर्मचारी के साथ-साथ उसके परिवार को भी सुरक्षा देने का काम करती है। कर्मचारी की रिटायरमेंट, दिव्यांगता या मृत्यु जैसे हालात में EPS के नियम भी अलग-अलग लागू होते हैं।

रिटायरमेंट पर कब मिलती है पेंशन?

अगर कोई कर्मचारी कम से कम 10 साल तक EPS में योगदान करता है, तो वह 58 साल की उम्र के बाद मंथली पेंशन पाने का हकदार बन जाता है। हालांकि कर्मचारी चाहे तो 50 साल की उम्र के बाद अर्ली पेंशन भी ले सकता है। लेकिन ऐसी स्थिति में पेंशन की रकम कम हो जाती है, क्योंकि उसे तय उम्र से पहले निकाला जा रहा होता है।

दिव्यांगता की स्थिति में क्या होता है?

अगर कर्मचारी नौकरी के दौरान स्थायी और पूर्ण रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसे डिसेबिलिटी पेंशन मिल सकती है। इस मामले में सामान्य रिटायरमेंट पेंशन की तरह 10 साल की सेवा शर्त उसी तरह लागू नहीं होती। इसका मकसद ऐसे कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देना है, जिनकी कमाने की क्षमता खत्म हो गई हो।

कर्मचारी की मौत होने पर किसे मिलते हैं पैसे?

EPS की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह कर्मचारी की मृत्यु के बाद भी परिवार को सुरक्षा देता है। कर्मचारी की मौत होने पर पात्र परिवार के सदस्यों को फैमिली पेंशन मिल सकती है। इसमें विधवा या विधुर पेंशन, बच्चों की पेंशन और कुछ मामलों में अनाथ पेंशन भी शामिल है।

यही वजह है कि EPS को सिर्फ रिटायरमेंट पेंशन नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी योजना माना जाता है।

क्या नॉमिनी को हमेशा पेंशन मिलती है?

कई लोग मानते हैं कि EPF की तरह EPS में भी नॉमिनी को सीधे फायदा मिल जाएगा। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। EPS में पेंशन का अधिकार मुख्य रूप से योजना में तय पात्र परिवार के सदस्यों को मिलता है।

उदाहरण के लिए, अगर कोई अविवाहित कर्मचारी किसी बाहरी व्यक्ति को नॉमिनी बना देता है, तो सिर्फ नॉमिनी होने से उस व्यक्ति को पेंशन का अधिकार नहीं मिल जाता। पेंशन का फैसला EPS के नियमों के मुताबिक होता है।

किन गलतियों से हो सकती है परेशानी?

कई परिवारों को कर्मचारी की मौत के बाद पता चलता है कि रिकॉर्ड में गड़बड़ी है। नाम, जन्मतिथि, आधार, बैंक खाते या सर्विस रिकॉर्ड में अंतर होने से पेंशन क्लेम अटक सकता है। कई बार नौकरी बदलने के दौरान पुराने रिकॉर्ड सही तरीके से ट्रांसफर नहीं होते, जिससे सेवा अवधि का पूरा रिकॉर्ड नहीं दिखता।

इसी तरह Form 11 में गलतियां भी बाद में बड़ी समस्या बन सकती हैं। इसलिए कर्मचारियों को अपने EPF पासबुक, ट्रांसफर रिकॉर्ड, सर्विस हिस्ट्री और KYC जानकारी समय-समय पर जांचते रहना चाहिए।

EPS को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमियां

कई कर्मचारी मानते हैं कि हर EPF सदस्य अपने आप EPS सदस्य भी बन जाता है। वहीं, 1 सितंबर 2014 के बाद नियम बदल चुके हैं और सभी कर्मचारी EPS के लिए पात्र नहीं होते।

दूसरी बड़ी गलतफहमी यह है कि EPS को लोग बचत खाते की तरह समझते हैं। जबकि यह पेंशन योजना है। इसमें मिलने वाला फायदा सेवा अवधि और पात्रता पर निर्भर करता है, न कि खाते में दिख रही रकम पर।

रिटायरमेंट प्लानिंग में EPS की क्या भूमिका है?

EPS को रिटायरमेंट की पूरी व्यवस्था नहीं माना जाना चाहिए। यह केवल एक बुनियादी सामाजिक सुरक्षा देता है। कर्मचारियों को EPF, NPS, निजी निवेश और पर्याप्त जीवन बीमा के साथ अपनी रिटायरमेंट योजना बनानी चाहिए।

साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि नौकरी के दौरान उनके सभी पेंशन रिकॉर्ड सही और अपडेट रहें। इससे भविष्य में परिवार को पेंशन पाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

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क्या ऑनलाइन पर्सनल लोन के लिए वीडियो KYC जरूरी है?

पर्सनल लोन एक ऐसा फाइनेंशियल टूल है, जो मेडिकल बिल्स, एजुकेशन फीस या दूसरी जरूरी फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है. डिजिटल लेंडिंग के बढ़ने से ऑनलाइन पर्सनल लोन लेना अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो गया है. इस प्रोसेस का एक अहम स्टेप है KYC (Know Your Customer) वेरिफिकेशन, जिसके जरिए लेंडर्स आपकी आइडेंटिटी यानि कि आपकी पहचान वेरिफाई करते हैं. जब ये प्रोसेस डिजिटली होता है, तो इसे e-KYC कहते हैं.

प्रोसेस को और तेज व आसान बनाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अब लेंडर्स को वीडियो कॉल के जरिए e-KYC करने की इजाजत देता है, जिसे वीडियो KYC कहते हैं. इससे फिजिकल डॉक्युमेंट्स जमा करने की जरूरत खत्म हो जाती है, जिससे लोन अप्रूवल तेज और हैसल-फ्री हो जाता है.

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पर्सनल लोन वीडियो KYC क्या है?

जैसा कि नाम से पता चलता है, वीडियो KYC आपकी आइडेंटिटी वेरिफाई करने का वीडियो-बेस्ड तरीका है. ये एक नॉर्मल वीडियो कॉल की तरह ही है. आपके लैपटॉप, कंप्यूटर या स्मार्टफोन का फ्रंट-फेसिंग कैमरा यूज होता है ताकि लेंडिंग इंस्टीट्यूशन के ऑफिशियल्स आपकी आइडेंटिटी वेरिफाई कर सकें. इस दौरान ऑफिशियल्स आपकी इमेज कैप्चर कर सकते हैं.

इस प्रोसेस में आपको आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी डॉक्युमेंट्स दिखाने होते हैं. ऑफिशियल्स एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और KYC गाइडलाइंस के हिसाब से कुछ सवाल पूछ सकते हैं. साथ ही, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग ऑन रखना जरूरी है ताकि लेंडर को आपकी लोकेशन पता रहे.

क्या पर्सनल लोन के लिए वीडियो KYC जरूरी है?

वीडियो KYC की जरूरत हर लेंडर के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. कुछ लेंडर्स इसे पर्सनल लोन देने के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि कुछ के लिए ये ऑप्शनल हो सकता है. आप बैंक-वाइज पर्सनल लोन वीडियो KYC डिटेल्स चेक कर सकते हैं ताकि पता चल सके कि किसी खास बैंक से ऑनलाइन लोन लेने के लिए वीडियो KYC जरूरी है या नहीं.

वीडियो KYC के फायदे

वीडियो KYC के कुछ बड़े फायदे हैं:

फिजिकल डॉक्युमेंट्स की जरूरत नहीं: वीडियो KYC का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको कोई डॉक्यूमेंट फिजिकली जमा नहीं करना पड़ता. आप वीडियो कॉल में डॉक्युमेंट्स दिखाकर प्रोसेस पूरा कर सकते हैं.

फास्ट लोन अप्रूवल: वीडियो KYC से आइडेंटिटी वेरिफिकेशन मिनटों में हो जाता है, जिससे लोन सैंक्शन का टाइम कम हो जाता है.

लेकिन आपको कौन सा लोन चुनना चाहिए? मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप लेंडर्स के लोन चेक कर सकते हैं. आप 50 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं, जिसमें इंटरेस्ट रेट्स 9.99% सालाना से शुरू होते हैं. ये लोन सर्च करने का तेज और ऑनलाइन तरीका है और कोई चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती है.

बढ़ी हुई एक्सेसिबिलिटी और रिमोट बोर्डिंग: वीडियो KYC से कस्टमर्स अपने घर से ही पर्सनल लोन KYC प्रोसेस पूरा कर सकते हैं. ये स्ट्रेस-फ्री और कन्वीनियंट है और कस्टमर्स को लेंडर की लोकल ब्रांच में जाने की जरूरत नहीं पड़ती. ये खास तौर पर रिमोट और कम सर्विस वाले इलाकों में रहने वालों के लिए फायदेमंद है.

वीडियो KYC पूरा करने के स्टेप्स

वीडियो KYC पूरा करने के लिए आपको ये स्टेप्स फॉलो करने होंगे:

डिवाइस सेट करें: पहले तय करें कि आप वीडियो KYC के लिए कौन सा डिवाइस यूज करेंगे. आप डेस्कटॉप, लैपटॉप या स्मार्टफोन यूज कर सकते हैं. इसमें वेबकैम या फ्रंट-फेसिंग कैमरा और अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए. रूम में पर्याप्त लाइटिंग हो और कोई नॉइज न हो.

आधार-बेस्ड e-KYC पूरा करें: लेंडर आपको एक लिंक देगा, जिससे आपको आधार वेरिफिकेशन पूरा करना होगा. आपके आधार-रजिस्टर्ड नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे आपको एंटर करना होगा.

वीडियो KYC लिंक रिसीव करें: लेंडर आपको वीडियो कॉल जॉइन करने का लिंक भेजेगा. आपका अपॉइंटमेंट KYC ऑफिशियल्स की अवेलेबिलिटी के हिसाब से शेड्यूल होगा.

वीडियो कॉल जॉइन करें: शेड्यूल के हिसाब से टाइम पर वीडियो कॉल जॉइन करें. कैमरा और माइक्रोफोन ऑन करें ताकि प्रोसेस शुरू हो सके.

जरूरी डॉक्युमेंट्स दिखाएं: वीडियो कॉल में आपको आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे रिलेवेंट डॉक्युमेंट्स ऑफिसर को दिखाने होंगे. आपको एम्प्लॉयमेंट या इनकम प्रूफ भी दिखाना पड़ सकता है.

सवालों के जवाब दें: KYC ऑफिसर आपके लोन एप्लिकेशन और दिखाए गए डॉक्युमेंट्स के आधार पर कुछ सवाल पूछेगा. सभी सवालों के सही जवाब दें.

KYC प्रोसेस पूरा करें: KYC ऑफिशियल्स को आपकी KYC एप्लिकेशन चेक करने और अप्रूव या रिजेक्ट करने में आमतौर पर कुछ मिनट लगते हैं.

अगर वीडियो KYC सक्सेसफुल होती है, तो लेंडर आपकी लोन एप्लिकेशन का मूल्यांकन करेगा. लोन अप्रूव होने पर लोन अमाउंट आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

वीडियो KYC लोन एप्लिकेशन प्रोसेस में एक शानदार स्टेप है. ये KYC पूरा करने का बहुत कन्वीनियंट और सिक्योर तरीका है. इससे आपका काफी टाइम और मेहनत बचती है और ये फाइनेंशियल इनक्लूजन को भी बढ़ावा देता है. अगर आप पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो मनीकंट्रोल ऐप पर आप लेंडर्स से 50 लाख रुपए तक का लोन अप्लाई कर सकते हैं. आपको बस लोन सेक्शन में जाना है, अपने लिए सही लोन चुनना है, एप्लिकेशन फॉर्म भरना है और जरूरी डॉक्युमेंट्स अपलोड करने हैं. इंटरेस्ट रेट्स 9.99% सालाना से शुरू होते हैं.

Delhivery Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश रिपोर्ट, शेयर ने लगाई 5% की छलांग, 26% अपसाइड की और बढ़त संभव

Delhivery Share Price: लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी डेल्हीवरी ( DELHIVERY) के शेयर में आज शानदार तेजी देखने को मिली। शेयर करीब 5 फीसदी की उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना हुआ है। शेयर में आई तेजी की मुख्य वजह ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की बुलिश रिपोर्ट के बाद देखी गई है। दरअसल, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOSL) ने मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और कॉस्ट कंट्रोल का हवाला देते हुए स्टॉक में 26 फीसदी तक की बढ़त का अनुमान लगाया।

NSE पर स्टॉक दोपहर 2.33 बजे 5 फीसदी बढ़कर 484.30 रुपये प्रति शेयर के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। कंपनी के शेयर लगातार चार सेशन से बढ़ रहे हैं और इस दौरान 4 फीसदी से ज़्यादा ऊपर हैं।

MOSL ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 580 रुपये प्रति शेयर रखा है, जिसका मतलब है कि शुक्रवार के 461.10 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 26 प्रतिशत की बढ़त।

ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, डेल्हीवरी के एक्सप्रेस सेगमेंट ने FY26 की चौथी तिमाही में 73 प्रतिशत साल-दर-साल वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की, जिसमें ECOM एक्सप्रेस एक्विजिशन का योगदान भी शामिल है, जबकि वेस्ट एशिया संकट के कारण चुनौतीपूर्ण ऑपरेटिंग माहौल और त्योहारों वाली तीसरी तिमाही के बाद देखी जाने वाली सामान्य नरमी के बावजूद दिखी। ब्रोकरेज ने कहा कि ग्रोथ को अच्छी कंजम्प्शन-ड्रिवन डिमांड, कस्टमर्स द्वारा ज़्यादा आउटसोर्सिंग और बड़े ई-कॉमर्स प्लेयर्स से लगातार मोमेंटम का सपोर्ट मिला।

ब्रोकरेज ने आगे कहा कि मार्जिन मजबूत बने रहे, जिसमें मजबूत वॉल्यूम और कड़े कॉस्ट कंट्रोल उपायों से मदद मिली।

MOSL ने यह भी बताया कि कंपनी के PTL बिजनेस में स्ट्रक्चरल टर्नअराउंड हो रहा है, जिसमें सर्विस EBITDA मार्जिन FY24 की पहली तिमाही में नेगेटिव 8.5 प्रतिशत से बढ़कर FY26 की चौथी तिमाही में 13.4 प्रतिशत हो गया।

ब्रोकरेज के अनुसार सुधार ज़्यादा यील्ड वाले SME और रिटेल कस्टमर्स की ओर कस्टमर मिक्स में एक अच्छा बदलाव, कम प्रॉफिट वाले कॉन्ट्रैक्ट्स को रैशनलाइज़ करने और कस्टमर एक्विजिशन और प्राइसिंग डिसिप्लिन को मज़बूत करने के लिए सेल्स टीम के विस्तार से हुआ, जिससे यील्ड में बढ़ोतरी हुई।

Dr Reddy’s Laboratories Share: शेयर में आगे 32% का उछाल संभव, जानें आखिर किन कारणों से नोमुरा ने बढ़ाया टारगेट प्राइस

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Keir Starmer: ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने दिया इस्तीफा, लेबर पार्टी में मची उथल-पुथल के बीच लिया बड़ा फैसला

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। सोमवार 22 जून को कीर स्टारमर ने यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता के पद से इस्तीफे का ऐलान किया। जानकारी के मुताबिक, स्टारमर पर इस्तीफे का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था और उनकी अपनी लेबर पार्टी के कई सांसद और कैबिनेट मंत्री चाहते हैं कि वह पद छोड़ दें।

डाउनिंग स्ट्रीट से जारी आधिकारिक बयान में स्टारमर ने कहा कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी किंग को दे दी है। उन्होंने साफ किया कि अगले प्रधानमंत्री के चुने जाने तक वह पद पर बने रहेंगे। बता दें कि, हाल के वर्षों में ब्रिटेन में पीएम पद के छोटे-छोटे कार्यकाल का सिलसिला जारी है। अब स्टार्मर भी इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं।

बता दें कि, सिर्फ दो साल पहले स्टारमर ने लेबर पार्टी को 14 साल बाद सत्ता में वापसी दिलाई थी, लेकिन अब उनकी नेतृत्व क्षमता पर लगातार सवाल उठ रहे थें। हालांकि, शुक्रवार (19 जून ) को उन्होंने कहा था कि वह पार्टी को छोड़कर नहीं जाएंगे और सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।

ट्रंप ने कही थी ये बात

बता दें कि, इससे पहले ब्रिटेन में जारी राजनीति उठल-पुथल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस राजनीतिक संकट पर टिप्पणी की थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि स्टारमर जल्द ही प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि स्टारमर आव्रजन और ऊर्जा नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सफल नहीं रहे। ट्रंप के इस बयान ने ब्रिटेन की राजनीति में चल रही अटकलों को और हवा दे दी है।

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मछली खाने के शौकीन जरूर पढ़ें, गर्मी के मौसम में कौन-सी फिश पहुंचाती है सबसे ज्यादा फायदा

गर्मियों में खानपान को लेकर थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि इस मौसम में पाचन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। खासकर सी-फूड पसंद करने वाले लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि गर्मी के दिनों में किस तरह की मछली खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। दरअसल, मछली पोषण का बेहतरीन स्रोत मानी जाती है, लेकिन मौसम के अनुसार सही विकल्प चुनना भी उतना ही जरूरी है। कुछ मछलियां शरीर पर हल्का असर डालती हैं, जबकि कुछ को पचाने में ज्यादा समय लग सकता है।

ऐसे में विशेषज्ञों की राय जानना जरूरी हो जाता है। अगर आप भी गर्मियों में मछली खाने के शौकीन हैं, तो यह जानना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है कि कौन-सी मछली इस मौसम में आपकी सेहत और पाचन के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है

गर्मी के मौसम में छोटी मछली क्यों मानी जाती है बेहतर?

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मानसून और गर्मियों जैसे उमस भरे मौसम में छोटी मछलियां शरीर के लिए ज्यादा अनुकूल साबित हो सकती हैं। इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं।

पेट पर नहीं डालती ज्यादा बोझ

गर्मियों में पाचन तंत्र अपेक्षाकृत धीमा काम करता है। बड़ी मछलियों में प्रोटीन और फैट की मात्रा अधिक होती है, जिन्हें पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वहीं छोटी मछलियां अपेक्षाकृत हल्की होती हैं और आसानी से पच जाती हैं।

शरीर की गर्मी को रखती हैं संतुलित

विशेषज्ञों के मुताबिक बड़ी मछलियों को पचाने की प्रक्रिया में शरीर अधिक ऊर्जा खर्च करता है, जिससे अंदरूनी गर्मी बढ़ सकती है। इसके विपरीत छोटी मछलियां शरीर पर कम दबाव डालती हैं और मौसम के अनुरूप बेहतर विकल्प मानी जाती हैं।

ताजगी का फायदा, संक्रमण का खतरा कम

गर्मी के दिनों में खाने की चीजों के जल्दी खराब होने का खतरा रहता है। बड़ी मछलियां कई बार लंबे समय तक स्टोर की जाती हैं, जबकि छोटी मछलियां अक्सर ताजा पकड़ी और जल्दी बेची जाती हैं। यही वजह है कि इनके सेवन से फूड पॉइजनिंग का जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जाता है।

हड्डियों के लिए पोषण का पावरहाउस

कई छोटी मछलियां कांटों सहित खाई जाती हैं। इससे शरीर को कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन D जैसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

बड़ी मछली पसंद है तो इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप बड़ी मछली खाना पसंद करते हैं, तो ताजगी की जांच जरूर करें। मछली की आंखें साफ और गलफड़े लाल होने चाहिए। साथ ही बहुत बड़ी मछली की बजाय मध्यम आकार की ताजी मछली चुनना बेहतर माना जाता है।

स्वाद भी बरकरार, पाचन भी आसान

गर्मियों में मछली को डीप फ्राई करने के बजाय हल्की ग्रेवी या कम तेल में पकाकर खाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। टमाटर, धनिया और हल्के मसालों से बनी करी स्वाद बढ़ाने के साथ पाचन को भी आसान बनाती है।

सही चुनाव ही है सेहत की कुंजी

मछली चाहे छोटी हो या बड़ी, उसकी ताजगी और पकाने का तरीका सबसे ज्यादा मायने रखता है। हालांकि गर्मियों में हल्की, ताजी और आसानी से पचने वाली छोटी मछलियां सेहत के लिहाज से बेहतर विकल्प मानी जाती हैं।

Diljit Dosanjh: बार-बार खालिस्तानी समर्थक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को बना रहे निशाना, क्या है वजह?

Diljit Dosanjh: कैलिफ़ोर्निया के सैन फ़्रांसिस्को में चेज़ सेंटर में दिलजीत दोसांझ के हालिया कॉन्सर्ट में कुछ देर के लिए रुकावट आई, जब खालिस्तान समर्थक एक प्रदर्शनकारी ने सुरक्षा घेरा तोड़कर खालिस्तान का झंडा लिए मंच पर धावा बोल दिया। यह कॉन्सर्ट शहर में दिलजीत के ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ के तहत वीकेंड पर लगातार होने वाले शो के हिस्से के तौर पर आयोजित किया गया था।

कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें दिलजीत को स्टेज पर डांस करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, जैसे ही उन्होंने एक व्यक्ति को खालिस्तान का झंडा पकड़े और अपने पास डांस करते देखा, दिलजीत ने डांस करना बंद कर दिया और उससे दूर हट गए। वीडियो में सुरक्षाकर्मी उस व्यक्ति को पकड़कर बाहर ले जाते हुए भी दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रहे अन्य वीडियो में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को उस व्यक्ति को हिरासत में लेते हुए दिखाया गया है। खबरों के अनुसार, उस व्यक्ति को वेन्यू से बाहर निकाला गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

हाल के महीनों में दोसांझ के विदेशी कॉन्सर्ट में खालिस्तान-समर्थक कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह की बाधा डालने की यह पहली घटना नहीं है। अप्रैल में, कनाडा में इसी ‘ऑरा 2026’ टूर के दौरान, गायक के कॉन्सर्ट में तब बाधा डाली गई थी जब समर्थकों के एक समूह ने वेन्यू के अंदर खालिस्तान-समर्थक नारे लगाए और अलगाववादी झंडे लहराए। खबरों में कहा गया है कि सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें वेन्यू से बाहर निकाल दिया था।

कनाडा में प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके कॉन्सर्ट में कथित तौर पर बाधा डालने के बाद, दिलजीत ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ के ज़रिए इस घटना पर बात की। सिंगर ने पंजाबी में लिखा, “बाहर खड़े होकर विरोध करना — कोई भी कर सकता है। लेकिन अगर आप अंदर आकर मेरे फ़ैन्स को परेशान करने की कोशिश करते हैं, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अगर कोई बैनर या झंडा लाता है, तो आम तौर पर इसका मतलब होता है कि वे दिखाना चाहते हैं कि वे कहां से आए हैं और वे मेरा समर्थन करते हैं। लेकिन अगर आप उसी बैनर के साथ बाहर खड़े होकर मेरे फ़ैन्स को गाली देते हैं, और फिर अंदर आकर वही हरकत करने की कोशिश करते हैं, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “यह किसी बैनर या झंडे के बारे में नहीं है — असली मुद्दा इसके पीछे आपकी नीयत है। मैंने सिक्योरिटी से कहा कि जो कोई भी प्रोग्राम में बाधा डालने की कोशिश करे, उसे पकड़कर बाहर निकाल दिया जाए। मैंने कभी किसी बैनर के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा, इसलिए झूठी बातें न फैलाएं। मैं पिछले साल से इस मुद्दे से बच रहा था — लेकिन अब और नहीं। धन्यवाद। प्यार और शांति।”

अक्टूबर 2025 में, दिलजीत KBC 17 में शामिल हुए और होस्ट अमिताभ बच्चन के पैर छुए। बिग बी ने उन्हें ‘पंजाब दा पुत्तर’ (पंजाब का बेटा) कहा और बाढ़ के दौरान उनके राहत कार्यों की तारीफ़ की। खबरों के मुताबिक, एपिसोड के प्रसारण के बाद दिलजीत को ‘सिख्स फ़ॉर जस्टिस’ (SFJ) ग्रुप से धमकियां मिली थीं, जो खालिस्तान-समर्थक आंदोलन से जुड़ा है।

NDTV के अनुसार, SFJ नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून ने आरोप लगाया था कि अमिताभ के पैर छूकर दिलजीत ने “1984 के सिख नरसंहार के हर पीड़ित, हर विधवा और हर अनाथ का अपमान किया”। उन्होंने दावा किया कि 31 अक्टूबर 1984 को अमिताभ ने ‘खून का बदला खून’ के नारे के साथ भीड़ को खुलेआम उकसाया था। हालांकि, अमिताभ बच्चन ने उस समय इन आरोपों से इनकार किया था।

PSU Stocks: 7 कारोबारी दिनों में 48% चढ़ा इस सरकारी कंपनी का शेयर, इस कारण निवेशकों को मिला छप्परफाड़ रिटर्न

New India Assurance Shares: न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के शेयरों में आज लगातार सातवें दिन खरीदारी का शानदार रुझान दिखा। इन सात दिनों में यह 48% से अधिक उछलकर यह एक साल के नए हाई पर पहुंच गया। यह इसके शेयरों के लिए अब तक की सबसे लंबी रैली है। इससे पहले नवंबर 2024 में यह लगातार 12 कारोबारी दिनों तक ऊपर चढ़ा था और 21 नवंबर से 9 दिसंबर तक क्लोजिंग बेसिस पर 12 कारोबारी दिनों में यह 22% से अधिक ऊपर चढ़ा था। इसके शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 6.56% के उछाल के साथ ₹215.35 (New India Assurance Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 7.87% उछलकर ₹218.00 तक पहुंच गया था।

New India Assurance के शेयरों में NSE IPO ने भरी चाबी

न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों को एनएसई के आईपीओ से सपोर्ट मिला है। पिछले हफ्ते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आईपीओ का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। इस ड्राफ्ट से सामने आया कि एनएसई के आईपीओ के तहत जो शेयरहोल्डर् अपनी हिस्सेदारी हल्की कर रहे हैं, उनमें न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी का भी नाम है। ड्राफ्ट के मुताबिक न्यू इंडिया एश्योरेंस इस आईपीओ के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1.05 करोड़ शेयर बेचने वाली है। चूंकि सरकारी इंश्योरेंस कंपनी के लिए एनएसई में होल्डिंग प्रति शेयर महज ₹0.32 के भाव के हिसाब से है तो शेयर बेचने पर इसे तगड़ा फायदा होने वाला है।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से न्यू इंडिया एश्योरेंस में सरकार की हिस्सेदारी 85% है तो पब्लिक शेयरहोल्डर्स में एलआईसी की हिस्सेदारी 8.67% और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC) की 1.31% होल्डिंग है। साथ ही ₹2 लाख तक के निवेश वाले 1.5 लाख छोटे खुदरा निवेशकों की कंपनी में 1.8% हिस्सेदारी है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले वित्त वर्ष 2026 के आखिरी कारोबारी दिन 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹116.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 3 ही महीने में यह 86.49% उछलकर आज 22 जून 2026 को ₹218.00 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। वैसे बता दें कि सरकारी बीमा कंपनी ने साल 2018 में 1:1 के रेश्यो में बोनस इश्यू जारी किया था और यह बोनस से एडजस्टेड आईपीओ प्राइस ₹400 के नीचे बना हुआ है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

UP TET City Slip 2026: यूपी टीईटी परीक्षा के लिए सिटी स्लिप जारी, आधिकारिक वेबसाइट से कर सकते हैं डाउनलोड

UP TET City Slip 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के लिए पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवारों के लिए यह जरूरी अपडेट है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) यूपीटीईटी 2026 के लिए ‘एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप’ आज जारी करने वाला है। परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे।

बता दें कि परीक्षा शहर पर्ची से परीक्षार्थियों को यह पता चलता है कि उन्हें परीक्षा देने के लिए किस शहर में जाना होगा। समय रहते यह जानकारी मिल जाने से परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए जरूरी यात्रा की तैयारी और ठहरने का प्रबंध करने में आसानी होती है। मगर, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि परीक्षा शहर पर्ची एडमिट कार्ड नहीं होती है। एडमिट कार्ड बाद में परीक्षा से दो-चार दिन पहले जारी किया जाता है। एडमिट कार्ड में परीक्षार्थी का नाम और परीक्षा से संबंधित जरूरी जानकारी होती है। इसके बिना उन्हें परीक्षा केंद्र में दाखिल होने की इजाजत नहीं होती है। वहीं, सिटी स्लिप में सिर्फ यह बताया जाता है कि परीक्षा देने उन्हें किस शहर में जाना होगा।

2 से 4 जुलाई के बीच दो शिफ्टों में होगी परीक्षा

आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई से 4 जुलाई 2026 के बीच किया जाएगा। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में दो अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित होगी। पहली शिफ्ट प्राथमिक स्तर के शिक्षकों (कों पेपर 1) के लिए होगी और दूसरी शिफ्ट उच्च प्राथमिक स्तर (पेपर 2) के लिए आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा को पास करने वाले अभ्यर्थियों को राज्य सरकार द्वारा शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माना जाता है।

ऐसे डाउनलोड करें अपनी एग्जाम सिटी स्लिप

  • सबसे पहले उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दिख रहे “UPTET 2026 Exam City Slip / Intimation Link” पर क्लिक करें।
  • अब आपके सामने एक नया लॉगिन पेज खुलेगा, जहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करनी होगी।
  • इसके बाद स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरकर ‘सबमिट’ या ‘खोजें’ बटन पर क्लिक करें।
  • आपकी UPTET एग्जाम सिटी स्लिप स्क्रीन पर आ जाएगी।
  • इसे डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए इसका एक प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

यूपीटीईटी 2026 क्या होगा परीक्षा का पैटर्न

यूपीटीईटी का पेपर ऑफलाइन यानी ओएमआर (OMR) शीट पर लिया जाएगा। इस परीक्षा में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होती है, जो कि उम्मीदवारों के लिए एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। पेपर में बाल विकास, भाषा (हिंदी और अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत), गणित और पर्यावरण अध्ययन से जुड़े 150 सवाल पूछे जाएंगे। हर सवाल एक नंबर का होगा और इसे हल करने के लिए आपको पूरे ढाई घंटे (150 मिनट) का समय मिलेगा।

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