8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला गार्ड! वेनेजुएला भूकंप में चमत्कारी रेस्क्यू ने दुनिया को चौंकाया

venezuela rescue

Venezuela Earthquake : वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप के 8 दिन बाद 43 वर्षीय सुरक्षा गार्ड हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस को मलबे से जिंदा निकाला गया। 7 देशों की बचाव टीमों ने 100 घंटे से अधिक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद यह चमत्कार कर दिखाया। ALSO READ: बेल्जियम की 10 मंजिला इमारत में भीषण आग, 200 लोगों से भरी थी बिल्डिंग, कई लोगों की दर्दनाक मौत

 

फ्लोरेस को राहत और बचाव टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से जिंदा निकाला गया। बताया जा रहा है कि यह शख्‍स यह शख्स ला गुएरा में एक शॉपिंग मॉल की पार्किंग का हिस्सा ढहने से 29 फीट मलबे के नीचे दब गया था।

 

कड़ी मशक्कत के बाद बची फ्लोरेस की जान

7 देशों के अंतरराष्ट्रीय बचाव दलों ने लगातार 100 से अधिक घंटों तक काम किया। उन्होंने भारी बारिश, लगातार आ रहे भूकंप के झटकों और कमजोर हो चुकी इमारत के बीच रास्ता बनाते हुए फ्लोरेस तक पहुंचने के लिए एक सुरंग खोदी। फ्लोरेस को जब मलबे से रेस्क्यू कर एंबुलेंस में अस्पताल ले जाया गया तब उसकी हालत स्थिर थी और वह होश में था। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। ALSO READ: Europe heatwave : यूरोप में 43 डिग्री सेल्सियस और भारत में 43 डिग्री सेल्सियस एक जैसे क्यों नहीं लगते? जानिए गर्मी का असली विज्ञान

फ्लोरेस को सता रहा था इस बात का डर

मलबे के नीचे जिंदगी और मौत से जूझ रहे फ्लोरेस को डर था कि शायद वह बाहर न आ पाएं। उसने बचावकर्मियों से कहा कि उसकी पत्नी को उसके जिंदा होने की बात अभी न बताएं। उसे डर था कि अगर वह जिंदा बाहर नहीं आ पाया, तो पत्नी का दिल टूट जाएगा।

 

गौरतलब है कि 24 जून को वेनेजुएला में आए 2 विनाशकारी भूकंप में अब तक 2,295 लोगों की मौत हुई है जबकि 11 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई अंतरराष्‍ट्रीय एजेंसियां राहत-बचाव में जुटी हुई है। 

GIFT निफ्टी 150 अंक उछला,सेंसेक्स और निफ्टी के लिए मजबूत शुरुआत के मिल रहे संकेत, तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को सपोर्ट

GIFT Nifty Trend : शुक्रवार सुबह GIFT निफ्टी में 150 अंकों से ज्यादा की बढ़त हुई,जिससे भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के मज़बूत शुरुआत करने के संकेत मिल रहे है। इस बढ़त के पीछे कई वजहें हैं। निकट भविष्य में US में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों में कमी,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार से बाजार की सेंटीमेंट अच्छा हुआ है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर शेयरों में कमजोरी की वजह से ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर के कुछ हिस्सों पर दबाव बना हुआ है। इसका फायदा हमारे बाजारों को मिल सकता है।

फिलहाल GIFT निफ्टी 24,411 के आसापास ट्रेड कर रहा है, जो पिछले क्लोजिंग लेवल से 153 अंक या 0.63 प्रतिशत ऊपर है। इससे संकेत मिलता है कि गुरुवार के सेशन में अच्छी बढ़त के साथ बंद होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में और तेजी आ सकती है। 2 जुलाई को ज़्यादातर सेक्टर में व्यापक खरीदारी के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 579.48 पॉइंट या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 169.85 पॉइंट या 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ।

US में नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने से ब्याज दरों को लेकर चिंता कम हुई,लेकिन चिप शेयरों में गिरावट का असर दिखा। US में नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बाद वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। इन आंकड़ों से फेडरल रिज़र्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की चिंता कम हुई है। कल के कारोबार में डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.14 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई पर पहुंच गया और लगातार चौथे सेशन में बढ़त बनाए रखी। S&P 500 में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.80 प्रतिशत गिर गया क्योंकि सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट ने दूसरे सेक्टर की बढ़त को बेअसर कर दिया।

ऐपल के शेयर में 4.8 प्रतिशत की बढ़त हुई।  ऐसी खबरें हैं कि कंपनी पांच नए iPhone मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है। हालांकि,सेमीकंडक्टर शेयरों पर दबाव बना रहा और फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में 5.4 प्रतिशत गिर गया। Nvidia के शेयर में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि SanDisk के शेयर 14 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि US-ईरान बातचीत में लगातार हो रही प्रगति से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई है,जबकि US में उम्मीद से कमजोर जॉब्स डेटा ने फेडरल रिज़र्व द्वारा जल्द ही मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करने की उम्मीदों को कम कर दिया है। हालांकि,उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा कि बाजार सतर्क बने रह सकते हैं क्योंकि मैक्रो-इकोनॉमिक हालात में सुधार के बावजूद विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स सावधानी भरा रुख अपनाए हुए हैं।

 

 

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IMD Weather Forecast Update: यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव! इन 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

Aaj Ka Mausam 3 July: देश भर में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई के लिए अपना मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 2-3 दिनों में और मजबूत होने के आसार हैं। इस मजबूत सिस्टम और कई अन्य चक्रवातीय परिसंचरणों के कारण आज देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर भारत के कुछ मैदानी इलाकों और पहाड़ी राज्यों में अगले दो दिनों तक बारिश थोड़ी कम रहेगी लेकिन 5 जुलाई से एक बार फिर मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होगा। राहत की बात यह है कि देश के अधिकतम तापमान में 8 जुलाई तक कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।

इन 5 राज्यों में बेहद से बेहद बारिश की चेतावनी

आईएमडी के मॉर्निंग बुलेटिन के मुताबिक आज देश के पांच प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश का अलर्ट है:

  • गुजरात
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र (3 से 5 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश)
  • पश्चिम मध्य प्रदेश (3 और 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश)
  • ओडिशा (3 और 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना)

यहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के मध्य, पहाड़ी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

मध्य और पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पूरे मध्य भारत में आज मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 3 से 6 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल व माहे और तटीय कर्नाटक।

उत्तर प्रदेश और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज भारी बारिश का दौर जारी रहेगा:

उत्तर प्रदेश और बिहार: उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्से) और बिहार में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। यूपी और बिहार में 3-4 जुलाई को छिटपुट से मध्यम बारिश के बाद 5 से 7 जुलाई के बीच फिर से व्यापक बारिश का दौर आएगा।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आज भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में आज और कल (3-4 जुलाई) केवल छिटपुट बारिश होगी, लेकिन यहां 5 से 8 जुलाई के बीच भारी बारिश की वापसी होगी।

पश्चिम और पूर्वी भारत: मराठवाड़ा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड (4 से 8 जुलाई के बीच व्यापक बारिश)।

दक्षिण भारत: आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (इन राज्यों में 3-4 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है)।

आंधी-तूफान का अलर्ट: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में थंडरस्टॉर्म और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है:

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात राज्य, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में आज 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने (झोंके 60 किमी/घंटे तक) और बिजली चमकने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम व मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और तमिलनाडु में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

तेज सतही हवाएं: कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में आज तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

उमस भरा मौसम: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय के मैदानी इलाकों में 3 से 6 जुलाई के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है-

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तटों के साथ-साथ सोमालिया व ओमान तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में भी 3 से 5 जुलाई के दौरान मौसम बेहद खराब रहेगा। मछुआरों को 7 जुलाई तक इन क्षेत्रों में न जाने की हिदायत है।

बंगाल की खाड़ी: आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के तटों सहित मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसम तूफानी रहेगा। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच सकती है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक देश के वायुमंडल में इस समय कई शक्तिशाली प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सीमा आज 3 जुलाई को पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, नीमच, टोंक, भिवानी और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में इसके गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य पाकिस्तान से सटे उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई तक दो अलग-अलग चक्रवातीय हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर एरिया तक फैली मुख्य मानसूनी ट्रफ लाइन, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक फैली ऑफ-शोर ट्रफ और मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (जो वर्तमान में 66°E देशांतर के साथ सक्रिय है) मिलकर देश भर में इस भारी बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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चप्पल पर बार-बार हमला करता दिखा सांप, निकला इतना ज्यादा हरे रंग का जहर! वायरल वीडियो ने लोगों को किया हैरान

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है, जिसे देखकर कई यूजर्स हैरानी जताते नहीं थक रहे। महज 8 सेकंड की ये क्लिप तेजी से वायरल हो रही है और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर खूब शेयर की जा रही है। वीडियो में एक सांप बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आता है, जिसकी हरकतें लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। सबसे ज्यादा ध्यान उस पल ने खींचा, जब हमले के दौरान उसके मुंह से हरे रंग जैसा तरल निकलता दिखाई देता है। यही वजह है कि इंटरनेट पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे और सवाल सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि यह छोटा-सा वीडियो लोगों की जिज्ञासा और का कारण बन गया है।

पत्थरों के बीच फंसा था सांप, फिर हुआ अचानक हमला

वीडियो में सांप पत्थरों के बीच बैठा दिखाई देता है। तभी एक व्यक्ति उसके सामने चप्पल ले जाता है। खतरा महसूस होते ही सांप लगातार चप्पल पर वार करने लगता है। इसी दौरान उसके मुंह से बड़ी मात्रा में हरे रंग का तरल निकलता दिखाई देता है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए।

क्या सच में इतना जहर छोड़ सकता है सांप?

विशेषज्ञों के अनुसार, हर बार सांप के काटने पर समान मात्रा में जहर नहीं निकलता। ये उसकी प्रजाति, उम्र, आकार और उस समय महसूस हो रहे खतरे पर निर्भर करता है। कई बार सांप बिना जहर छोड़े भी काटते हैं, जिसे ड्राई बाइट कहा जाता है।

हरे रंग का तरल हमेशा जहर नहीं होता

वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला हरा तरल देखकर कई लोगों ने इसे सांप का जहर मान लिया। हालांकि, केवल वीडियो देखकर ये तय नहीं किया जा सकता कि वो वास्तव में जहर ही है। किसी भी वायरल क्लिप के आधार पर वैज्ञानिक निष्कर्ष निकालना सही नहीं माना जाता।

लोगों ने दिए मजेदार और हैरान करने वाले रिएक्शन

वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर कमेंट किए। किसी ने इसे बेहद डरावना बताया तो किसी ने मजाक करते हुए लिखा कि “इतना गुस्सा तो इंसानों में भी कम देखने को मिलता है।” कुछ लोगों ने वीडियो की सच्चाई पर भी सवाल उठाए।

सांप दिखे तो क्या करें?

  • सांप को छेड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें।
  • सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • तुरंत वन्यजीव या रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

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सच्ची मुहब्बत के नाम पर कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स

AI love scam

-ओंकार सिंह जनौटी

28 साल की सिंगापुरी युवती एला से दोस्ती करने के लिए दुनिया भर के हजारों पुरुष बेताब थे। एला ने इन सबको चूना लगाया। जानिए कैसे ऑनलाइन ठगी करते हैं म्यांमार के स्कैम सेंटर्स। ALSO READ: क्या भविष्य में बचा रहेगा इंडिया गठबंधन?

 

केरल का सफीर जिस कमरे में काम करता था, वहां यह निर्देश साफ लिखा था: “तुम्हारे पास हर शख्स को प्यार में फंसाने के लिए चार दिन हैं।”

 

कबूतरबाजों ने केरल के सफीर मोहम्मद को विदेश में नौकरी का झांसा देकर म्यामांर के एक स्कैम सेंटर के हवाले कर दिया। लोगों को ठगने वाले इस अड्डे में सफीर ने मार पीट से बचने के लिए अपनी नई ऑनलाइन पहचान बनाई, 28 साल की एक सिंगापुरी महिला की। सफीर का ऑनलाइन नाम था एला। हर दिन की शिफ्ट में सफीर 100 से ज्यादा लोगों से ऑनलाइन चैट करता था। इस दौरान सुपरवाइजर बिजली का झटका देने वाली छड़ी के साथ सफीर समेत बाकी कामगारों के सिर पर सवार रहता था।

 

स्कैमर्स का अंतराष्ट्रीय प्रेम जाल

एक ही महीने में सफीर ने 17 देशों के करीब 50,000 लोगों से संपर्क साध लिया। अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को मिले रिकॉर्ड्स से पता चला है कि सफीर के झांसे में आने वाले लोगों में कुर्दिस्तान का एक विधुर दर्जी, तुर्की का एक पेस्ट्री बेकर, किर्गिस्तान का एक भेड़ पालक किसान, रूस का इंजीनियर और इराक के सैनिक भी थे। इसी दौरान एला नाम से चैटिंग कर रहे सफीर ने जर्मनी के पेंटर, अर्जेंटीना के बंदरगाह अधिकारी, इंडोनेशिया के छात्र, पोलैंड के सिक्योरिटी गार्ड और जॉर्जिया के डेयरी किसान के साथ भी घर बसाने जैसी बातें कर दी।

 

सफीर ये सब अमेरिकी टेक कंपनियों के AI मॉडलों के सहारे कर रहा था। वह एक कमांड के जरिए अपनी बात को दर्जनों भाषाओं में ट्रांसलेट करता था और फिर हर देश के नागरिक के साथ उसी की भाषा में चैट करता था। AI टूल्स की मदद से हर विक्टिम का खास प्रोफाइल भी बनाया जा चुका था। ALSO READ: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का क्या हाल है?

 

एपी की जांच में क्या क्या पता चला

जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन फर्जीवाड़ा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सहारे संभावित शिकारों की पहचान करते हैं। इसके बाद वे दूसरे AI टूल्स का सहारा लेकर पीड़ितों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाते हैं। सैटेलाइट डिश की मदद से जालसाज इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी पार कर जाते हैं। एपी के मुताबिक, अमेरिकी टेक कंपनियां खुद भले ही कोई अपराध न कर रही हों, लेकिन जालसाज उनके टूल्स का दुरुपयोग कर रहे हैं।

 

अमेरिकी AI मॉडल्स, चैटजीपीटी और जेमेनाई का इस्तेमाल कर स्कैमर्स ने खास किस्म के सॉफ्टवेयर बनाए और फिर एक साथ कई भाषाओं में आसानी से काम किया। कॉन्जेंट कंम्युनिकेशन, AT&T, डिजिटल ओशन और ओरैकल जैसी सेवाओं का भी खूब इस्तेमाल किया गया।

 

हिंसा और सैन्य शासन से जूझ रहे म्यामांर के बॉर्डर का बड़ा हिस्सा खुली सीमा है। अमेरिकी खरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक, वहां सबसे बड़ी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है। आईपी एड्रेस और सैटेलाइट तस्वीरो की जांच से पता चला कि इनमें से कम से कम 13 स्टारलिंक का इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे थे।

 

बढ़ते दबाव के बीच कैसा है अमेरिकी टेक कंपनियों का रुख

एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिकी टेक कंपनियां चाहें तो इस धोखाधड़ी को रोक सकती हैं। लेकिन इसके लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है और कंपनियों को बिजनेस कम होने की आशंका भी रहती है। अपराधों की जांच से जुड़े अमेरिका के संघीय आयोग के मुताबिक, 2024 में अमेरिकियों को ऐसी जालसाजी से करीब 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

ओपन एआई और गूगल का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्कैमर्स उनके टूल्स का दुरुपयोग न कर पाएं। वहीं स्टारलिंक ने इस मामले में एपी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ओपन एआई के मुताबिक, यूजर्स के व्यहार को ट्रैक करके वे धोखाधड़ी का पता लगाने में सफल हो रही है। कंपनी के मुताबिक, 95 फीसदी सटीकता के साथ वह हर महीने एक लाख स्कैम अकाउंट बंद कर रही है।

 

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों का कहना है कि वे यह नहीं देख सकते कि उनके यूजर किस तरह का कंटेट शेयर कर रहे हैं। निजता संबंधी नियम कायदे और कानून उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। सभी इंटरनेट कंपनियों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर उन्होंने हमेशा कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग किया है।

 

बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दवाब के बीच अक्टूबर 2025 में म्यांमार की सैन्य सरकार ने कई स्कैम सेंटरों को ध्वस्त भी किया। सेना ने इस कार्रवाई के वीडियो भी रिलीज किए। लेकिन जनवरी 2026 में ध्वस्तीकरण वाली जगह से 30 किलोमीटर दूर फिर नए स्कैम सेंटर बनने लगे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अक्टूबर की कार्रवाई के बाद से म्यांमार में कम से कम 25 नई जगहों से ऐसी ऑनलाइन ठगी हो रही है। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों से भी इन दावों की पुष्टि हो रही है। और इन नए मामलों में भी एक चीज कॉमन है: स्टारलिंक का इंटरनेट। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

केरल से कैसे म्यांमार पहुंचे सफीर

दक्षिण भारत के केरल राज्य से ताल्लुक रखने वाले सफीर ने एक दिन इंटरनेट पर थाइलैंड में टूरिज्म से जुड़ी एक नौकरी देखी। दोनों ने उस पर क्लिक किया। फिर उन्हें नियमित रूप से निर्देश मिलने लगे। कुछ ही महीनों पर बाद दोनों बैंकॉक हवाई अड्डे पर उतरे। वहां उनके लिए एक काले रंग की कार खड़ी थी। दोनों कार में सवार हुए, गाड़ी रात भर चली। सफीर के मुताबिक अगली सुबह वे हथियारबंद लोगों से घिरे हुए थे।

 

दोनों दोस्तों को म्यामांर बॉर्डर के पास मोई नदी पार कराई गई और ताई चांग के स्कैम सेंटर में ठूंस दिया गया।

 

शुरुआत में जब दोनों से लोगों को ठगने से इनकार किया तो उन्हें पीट पीटकर बेहाल कर दिया गया। कुछ तस्वीरों में सफीर का चोट से लाल शरीर और सूजन से भरा चेहरा दिखाई दे रहा था। बाद में स्कैमिंग के दौरान भी मार पीट होती रहती थी। सफीर के मुताबिक, “जब वे मेरे कंप्यूटर के पास आते थे तो मेरे हाथ कांपने लगते थे, मुझे पसीना आने लगता था।”

 

डर के मारे दोनों दोस्त एक तंग गलियारे में साथ में सोया करते थे। 2025 में किसी तरह बाहरी दुनिया से संपर्क करके सफीर ने अपनी लोकेशन और आपबीती बताई। फिर हर एक के लिए पांच लाख भारतीय रुपये चुका कर सफीर और उनके दोस्त समेत 21 भारतीय इस चंगुल से निकल सके।

 

अमेरिकी जांचकर्ताओं के मुताबिक म्यांमार, कंबोडिया और नाइजीरिया में चल रहे ऐसे स्कैम सेंटरों में कम से कम 19 देशों के नागरिक काम कर चुके हैं।

Delhi Weather: दिल्ली में हीटवेव के बाद 5 दिन देरी से पहुंचा मानसून, IMD ने 5 जुलाई तक जारी किया बारिश का अलर्ट

Delhi Weather: कई दिनों की भीषण गर्मी, उमस और लू के बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच ही गया, जिससे लोगों को इस उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। बता दें कि इस बार मानसून अपने तय समय से 5 दिन देर से पहुंचा है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के पहुंचने के बाद गुरुवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे तापमान सामान्य से काफी कम रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।

दूसरी तरफ मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 जुलाई तक और मानसून बारिश की संभावना

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि मौसम प्रणाली में बदलाव के बाद दिल्ली में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।

पलावत ने कहा, “मानसून आमतौर पर मौसमी ट्रफ के साथ आगे बढ़ता है, जो अभी पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह मौसमी ट्रफ दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ बढ़ने की उम्मीद है, जिससे मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो सकती हैं।”

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 5 जुलाई तक ट्रफ के फिर से उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मानसून जैसी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

2021 के बाद पहली बार जुलाई में मॉनसून की शुरुआत

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में, मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले कुछ सालों में मानसून अलग-अलग तारीखों पर दिल्ली पहुंचा है। 2025 में यह 29 जून को, 2024 में 28 जून को, 2023 में 25 जून को और 2022 में 30 जून को पहुंचा था।

पिछले 125 सालों में दिल्ली में मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून, 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देर से आगमन 26 जुलाई, 1987 को हुआ था।

2020 में, मॉनसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था और एक दिन बाद पूरे देश में फैल गया था। 2021 में, यह दिल्ली पहुंचा और उसी दिन पूरे देश में फैल गया। 2022, 2023 और 2024 में, मॉनसून 2 जुलाई को पूरे देश में फैल गया, जबकि पिछले साल यह दिल्ली पहुंचा और 29 जून को पूरे भारत में फैल गया।

तापमान में भारी गिरावट

मानसून के आने से शहर भर में तापमान में काफी गिरावट आई। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। शहर में 21 जुलाई, 2021 के बाद से सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दर्ज किया गया; उस समय न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

अन्य मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। जैसे- पालम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड पर अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अयानगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में हल्की बारिश हुई

गुरुवार को सुबह के समय हल्की लेकिन व्यापक बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक सफदरजंग में 4.6mm बारिश हुई, जबकि पालम में 1.9mm और आयानगर में 5mm बारिश दर्ज की गई। लोदी रोड पर 4.1mm और रिज स्टेशन पर 3mm बारिश हुई। सुबह के बाद ज्यादातर मौसम केंद्रों पर कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई।

मानसून में देरी क्यों हुई?

देरी से आने की वजह बताते हुए पलावत ने कहा कि मानसून को बनाए रखने के लिए जरूरी नमी वाली हवाएं पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।

उन्होंने कहा, “बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं, जो मानसून की लगातार बारिश के लिए जरूरी हैं, पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।” दिल्ली में मानसून के देर से आने से पहले का मौसम (प्री-मानसून सीजन) सामान्य से ज्यादा गर्म रहा था।

IMD के डेटा के मुताबिक, मार्च-जून के दौरान औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा औसत तापमान है।

इसी दौरान औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2024 के बाद पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है। राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले, प्री-मानसून सीजन में लगातार गर्मी, उमस, कुछ समय के लिए तेज लू और कहीं-कहीं प्री-मानसून बारिश देखी गई।

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UN हेडक्वार्टर के बाहर शख्स ने खुद को आग लगाई:अस्पताल में मौत; तिब्बती झंडे के साथ पहुंचा था, पुलिस ने जांच शुरू की

अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर गुरुवार को एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने खुद को आग लगा ली। उसके हाथ में तिब्बती झंडा था। सूचना मिलने पर पुलिस और इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने बताया कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि व्यक्ति ने यह कदम क्यों उठाया। मामले की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, क्योंकि उसके परिजनों को पहले सूचना दी जानी है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बताया कि घटना के वक्त सभी आधिकारिक बैठकें खत्म हो चुकी थीं। इसलिए UN के नियमित कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। घटना का पूरा वीडियो…. 20 साल से अमेरिका में रह रहा था शख्स कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक की पहचान उसके एक दोस्त ने लोबगा रांगजेन के रूप में की है। बताया गया है कि वह करीब 20 साल से अमेरिका में रह रहा था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौके पर सामने आए वीडियो में व्यक्ति पारंपरिक बौद्ध भिक्षु जैसे वस्त्र पहने दिखाई देता है। उसने पहले फुटपाथ पर तिब्बती झंडा रखा और फिर खुद को आग लगा ली। आग लगने के बाद एक मिनट से भी कम समय में वह सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। मौके से ‘चाइना आउट ऑफ तिब्बत’ लिखे पर्चे भी बरामद किए गए। 2009 से अब तक 150 से ज्यादा तिब्बतियों ने आत्मदाह किया चीन के तिब्बत पर नियंत्रण के विरोध में 2009 से अब तक 150 से ज्यादा तिब्बती खुद को आग लगाकर जान दे चुके हैं। इनमें बौद्ध भिक्षु, साध्वियां, छात्र, किसान और आम लोग शामिल हैं। पहला चर्चित मामला फरवरी 2009 में सामने आया, जब युवा भिक्षु तपे ने खुद को आग लगा ली थी। इसके बाद 2012 और 2013 में ऐसी घटनाएं सबसे ज्यादा हुईं। तिब्बती संगठनों का कहना है कि लोग चीन के शासन का विरोध जताने, दलाई लामा की तिब्बत वापसी, धार्मिक और सांस्कृतिक आजादी, तिब्बती भाषा और पहचान बचाने की मांग को लेकर यह कदम उठाते हैं। कई लोगों ने खुद को आग लगाने से पहले ‘तिब्बत को आजाद करो’, ‘दलाई लामा को वापस आने दो’ और ‘चीन तिब्बत छोड़ो’ जैसे संदेश भी छोड़े। चीन का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे निर्वासित तिब्बती नेतृत्व लोगों को भड़काता है। वहीं, निर्वासित तिब्बती प्रशासन इस आरोप को खारिज करता है। उसका कहना है कि लोग चीन की नीतियों और लगातार बढ़ते दबाव से परेशान होकर अपनी जान दे रहे हैं। चीन ने 1951 में तिब्बत पर कब्जा किया था तिब्बत का मुद्दा दुनिया के सबसे पुराने राजनीतिक और क्षेत्रीय विवादों में से एक है। 1950 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) तिब्बत में दाखिल हुई। इसके बाद 1951 में ’17-पॉइंट एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर हुए और चीन ने तिब्बत पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। चीन इसे ‘शांतिपूर्ण मुक्ति’ कहता है। हालांकि, तिब्बती समुदाय और निर्वासित सरकार का कहना है कि यह समझौता दबाव में कराया गया था और चीन ने तिब्बत पर सैन्य कब्जा किया। चीन का कहना है कि तिब्बत 13वीं सदी के मध्य से उसका हिस्सा है। वहीं कई तिब्बती मानते हैं कि वे लंबे समय तक प्रभावी रूप से स्वतंत्र रहे और चीन उनकी सांस्कृतिक पहचान को खत्म करने के साथ-साथ संसाधनों से समृद्ध इस क्षेत्र का दोहन करना चाहता है।

Venus in magha nakshatra 2026: प्रेम और वैभव के कारक शुक्र करेंगे केतु के नक्षत्र में प्रवेश और इन राशियों की बढ़ाएंगे मुश्किल, जानें बचने के उपाय

Venus in magha nakshatra 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ ही एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में गोचर को भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष में 27 नक्षत्र माने गए हैं और इनके स्वामी सभी नौ ग्रह हैं। इन्ही में से एक है मघा नक्षत्र। इस नक्षत्र का स्वामी रहस्य और आकस्मिक घटनाओं का कारक ग्रह केतु है। केतु के मघा नक्षत्र में प्रेम, सौंदर्य और विलासिता के स्वामी शुक्र ग्रह 4 जुलाई को प्रवेश करने जा रहे हैं। ग्रहों के राशि परिवर्तन की तरह ही नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव भी सभी 12 राशियों पर पड़ता है। केतु के नक्षत्र में शुक्र का गोचर अहम ज्योतिषीय घटना मानी जा रही है। शुक्र के मघा नक्षत्र में गोचर से 5 राशियों पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है और इनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

5 राशियों की बढ़ेंगी परेशानियां 

मेष राशि : मेष राशि के लिए शुक्र गोचर प्रतिकूल प्रभावों वाला साबित हो सकता है। इस समय आपको धन संबंधी मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी में अड़चनें आ सकती हैं। भौतिक सुखों में कमी का अनुभव कर सकते हैं। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है।

कर्क राशि : कर्क राशि के लिए यह समय अशुभ प्रभावों वाला सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बैलेंस बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। अपनों के साथ रिश्तों में दरार आ सकती है।

मकर राशि : मकर राशि के लिए शुक्र नक्षत्र गोचर का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस समय आपको वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पार्टनर के साथ अनबन या गलतफहमी का शिकार हो सकते हैं। धन की स्थिति उतार-चढ़ाव वाली साबित हो सकती है।

धनु राशि : धनु राशि वालों के लिए शुक्र नक्षत्र गोचर थोड़ा कष्टदायक हो सकता है। इस समय आपके अनाप-शनाप खर्च हो सकते हैं, जिससे वित्तीय स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। परिवार में अशांति हो सकती है। भ्रामक या मन को परेशान करना वाला समाचार मिल सकता है।

कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए करियर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। भाग्य का साथ नहीं मिलने से कार्यों में बाधाएं बनी रह सकती हैं। धन का आवक कमजोर पड़ सकता है। बचत करना कठिन होगा, जिससे आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव बना रहेगा। यात्रा करने से बचें।

नक्षत्र गोचर के अशुभ प्रभाव कम करने के उपाय

  • शुक्र कृपा पाने के लिए शुक्रवार का व्रत करें और इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।
  • मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं।
  • शु्क्रवार के दिन सफेद वस्तुएं जैसे चीनी, दही, दूध, वस्त्र और मिठाई आदि का दान करें।
  • प्रतिदिन या शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के मंत्र ॐ शुं शुक्राय नमः का कम से कम 108 बार जाप करें।
  • कमजोर शुक्र को मजबूत करने के लिए गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए।

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Tata Sierra EV vs Curvv EV: Which EV is better at Rs 20 lakh?

Tata Sierra EV vs Curvv EV: Which EV is better at Rs 20 lakh?

The Tata Sierra EV is the most recent all-electric offering in the manufacturer’s lineup, which is positioned between the Curvv EV and Harrier EV. The new Sierra EV is priced from Rs 18.79 lakh to Rs 25.99 lakh, while the Curvv EV’s prices range from Rs 16.99 lakh to Rs 19.19 lakh. So, if you have a budget of around Rs 20 lakh, should you go for the top-spec Curvv EV Empowered X or the similarly priced one-above-base Sierra EV Pure S variant? Let’s find out.

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Dimensions

Sierra EV has larger dimensions and offers additional boot space

Tata Sierra EV vs Curvv EV : Dimensions and other specifications

 

Sierra EV 

Curvv EV

Difference

Length (mm)

4340

4310

+30

Width (mm)

1841

1810

+31

Height (mm)

1750

1637

+113

Wheelbase (mm)

2730

2560

+170

Ground clearance (mm)

205

186

+19

Boot space (litres)

622

500

+122

Frunk space (litres)

55

11.6

+43.4

Number of seats

5

5

Both Tata EVs are offered with 5 seats, but the Sierra EV is larger than the Curvv EV in all respects. While the differences in height and width won’t matter much in the real world, the Sierra EV’s 113mm-taller height and 170mm-longer wheelbase are expected to translate into better cabin space than the Curvv EV. The Sierra EV also offers 19mm higher ground clearance, a 122-litre larger boot, and 40+ litres of additional frunk space, making it more practical than the Curvv EV. 

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Powertrain

Sierra EV Pure S packs a larger battery and a more potent electric motor

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X : Powertrain

 

Sierra EV Pure S

Curvv EV Empowered X

Battery pack

63kWh

55kWh

eMotor configuration*

RWD

FWD

Power

209hp

165hp

Torque

315Nm

215Nm

Claimed range

665km

502km

*RWD = Rear wheel drive, FWD = Front wheel drive

The Sierra EV’s Pure S variant has a slightly larger battery pack, enabling a whopping 163km higher claimed range compared to the Curvv EV’s Empowered X variant. Respective variants of both Tata EVs are offered with a single-motor setup, but with different layouts. Notably, the top-spec Sierra EV is also available with a dual-motor AWD system with a larger 75kWh battery, but at a much higher price point. The Curvv EV, however, is only offered in a FWD configuration with a 55kWh battery across its lineup.

Along with a larger battery, the Sierra EV 63kWh version is also offered with a more powerful motor, producing 44hp and 100Nm more than the Curvv EV.

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Exterior

Both EV variants offer similar exterior features

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Exterior

 

Sierra EV Pure S

Curvv EV Empowered X

Headlights

Auto projector LED

Auto projector LED

Tail-lights

Connected LED

Connected LED

DRLs

Connected LED

Connected LED

Front fog lamps

LED, cornering function

LED, cornering function

Flush door handles

Yes

Yes

Wheels

18-inch alloy

18-inch alloys

Powered ORVMs

Yes

Yes

Roof rails

Yes

No

Sharkfin antenna

Yes

Yes

Colour

Monotone

Monotone

Except for the missing roof rails on the Curvv EV, the exterior features on both the Tata Sierra EV Pure S and Curvv EV Empowered S are the same. Both EVs get all-LED lighting, flush-type door handles, 18-inch alloys and a shark-fin antenna.

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Interior, features

A powered driver’s seat and a powered tailgate are not offered with the Sierra EV Pure S 

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Interior and features

 

Sierra EV Pure S

Curvv EV Empowered X

Driver’s display

10.25-inch

10.25-inch 

Infotainment screen

12.3-inch

12.3-inch

Passenger display

No

No

Android Auto, Apple CarPlay

Yes, wireless

Yes, wireless

Audio system

8-speaker

9-speaker JBL*

On-board navigation

Yes

Yes

Sunroof

Panoramic

Panoramic

Powered tailgate

No

Yes, with gesture support

Climate control

Automatic

Automatic

Rear AC vents

Yes

Yes

Air purifier

PM2.5 filter only

Yes

Seat upholstery

Fabric

Leatherette

Steering wheel adjustment

Tilt, telescopic

Tilt

Wireless phone charger

Yes

Yes

Driver seat adjustment

Manual

6-way powered

Co-driver’s seat adjustment

Manual

Manual

Front seat features

Ventilation

Rear window sunshade

Yes

Yes

Vehicle-to-load (V2L)

Yes

Yes

Vehicle-to-vehicle (V2V)

Yes

Yes

*Curvv EV’s sound system includes JBL-sourced 8 speakers and a subwoofer

The top-spec Curvv EV Empowered X gets a few additional features over the lower-spec Sierra EV Pure S, including a powered driver’s seat with ventilation function, a powered tailgate, a subwoofer and leatherette seat upholstery. The Curvv EV also gets a full-blown air purifier, while the Sierra EV’s one-over-base Pure S trim offers only a PM2.5 air filter.

Other features like the 10.25-inch and 12.3-inch screens, a panoramic sunroof, a wireless phone charger, V2L and V2V charging support and auto climate control with rear vents are common to both EVs.

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Driving tech

The Curvv EV offers adaptive cruise control over the Sierra EV’s Pure S variant

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Driving technology

 

Sierra EV Pure S

Curvv EV Empowered X

Drive modes

Eco, City, Sport

Eco, City, Sport

Paddle shifters for regen

Yes

Yes

Cruise control

Yes

Adaptive

Both EV variants are offered with the same drive modes and paddle shifters to control the battery regeneration level. The difference, however, is that the top-spec Curvv EV gets adaptive cruise control, while the Sierra EV Pure S gets standard cruise control.

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Safety features

Curvv EV gets an ADAS suite and a 360-degree camera over Sierra EV Pure S

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Safety features

 

Sierra EV Pure S

Curvv EV Empowered X

Airbags

6

6

ADAS

No

Level 2

Camera setup

Rear

360-degree

Parking sensors

Front and rear

Front and rear

Electronic parking brake

Yes

Yes

All-wheel disc brakes

Yes

Yes

TPMS

Yes

Yes

IRVM

Manually-adjustable

Auto-dimming

Rear wiper, washer

Yes

No

Hill start assist

Yes

Yes

Hill descent control

Yes

Yes

ESC

Yes

Yes

Traction control

Yes

Yes

Safety features such as 6 airbags, front and rear parking sensors, a tyre pressure monitoring system (TPMS) and disc brakes on all wheels are common to both EVs. The top-spec Curvv EV Empowered X, however, goes a step further and offers a 360-degree camera, an auto-dimming inside rearview mirror, and a Level-2 advanced driver assistance system (ADAS). 

Tata Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: Price, verdict

Sierra EV Pure S offers more claimed range but misses out on some premium features

Sierra EV Pure S vs Curvv EV Empowered X: ex-showroom price

Model variant

Price

Tata Sierra EV Pure S 63kWh

Rs 19.99 lakh

Tata Curvv EV Empowered X 55kWh

Rs 19.19 lakh

The lower-spec Tata Sierra EV is Rs 80,000 pricier than the top-spec Curvv EV Empowered X. However, at the higher price, the Sierra EV Pure S offers a larger battery pack with a higher claimed range. The Tata Sierra EV is also larger, which translates to better cabin space. Although it misses out on premium features like a powered driver’s seat, a powered tailgate, Level-2 ADAS and a 360-degree camera, it offers a decent feature suite. All of this makes the Sierra EV Pure S a better offering compared to the Curvv EV Empowered X. 

Prices are ex-showroom, India

Top News 3 July: अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तर भारत को गर्मी से राहत

top news 3 july

Top News 3 July : कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू। उत्तर भारत को गर्मी से राहत। हार्मुज पर ईरान की सख्त चेतावनी। वेनेजुएला में भूंकप के 8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला गार्ड। पुर्तगाल और स्पेन फीफा विश्व कप के अगले दौर में। 3 जुलाई की बड़ी खबरें :

 

अमरनाथ यात्रा शुरू

पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 

 

उत्तर भारत को गर्मी से राहत

जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति। उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे बंद रहा। बारिश से पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

 

हार्मुज पर ईरान की सख्त चेतावनी

ईरान के सैन्य कमान ने तेल टैंकरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि हार्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसके बताए रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा। अगर कोई जहाज इन नियमों को नहीं मानता है, तो उसे कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

 

8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला सुरक्षा गार्ड

नेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के 8 दिन बाद 43 वर्षीय सुरक्षा गार्ड हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस को मलबे से जिंदा निकाला गया। भूकंप में अब तक 2,295 लोगों की मौत, 11 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। 

 

पुर्तगाल और स्पेन अगले दौर में

पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो और गोंजालो रामोस ने पुर्तगाल के लिए दागे गोल। ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर स्पेन भी अगले दौर में पहुंचा। आज स्विट्‍जरलैंड का मुकाबला अल्जिरिया से होगा वहीं अंतिम 16 में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया की भिडंत इजिप्ट होगी।