Duleep Trophy में वैभव का गेंद से कमाल 4 गेंदों में झटके 2 विकेट (Video)

बिहार के वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टूर्नामेंट्स और इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन दिलीप ट्रॉफी में उन्होंने दिखाया कि वह गेंद से भी उतना ही कमाल कर सकते हैं। ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने आज दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

टी-20 विश्वकप में उलटफेर करने वाली इटली खेलेगी पहला एकदिवसीय मैच

अपनी फुटबॉल टीम के लिए मशहूर इटली अब क्रिकेट में धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। कुछ महीने पहले ही टी-20 विश्वकप में इटली के स्पिनरों ने हालात का पूरा फ़ायदा उठाकर नेपाल के खिलाफ बेन मैनेंटी ने 9 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि कृष्ण कलुगामागे ने 22 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद मोस्का भाइयों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से नेपाल को कोई मौका नहीं दिया। हां, टारगेट ज्यादा नहीं था लेकिन उन्होंने 12.4 ओवर में उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया।

अब यह खबर आ रही है कि आगामी एकदिवसीय विश्वकप क्वालिफायर में इटली आधिकारिक तौर पर अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलेगा।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

2 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका में हो सकता है एकदिवसीय विश्वकप का आगाज

महात्मा गांधी को सम्मानित करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में खेला जाने वाला आगामी एकदिवसीय विश्वकप 2 अक्टूबर को शुरु हो सकता है। इस टूर्नामेंट का फाइनल 21 नवंबर को खेला जाएगा। हालांकि मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों की पुष्टि होना बाकी है।गौरतलब है कि यह विश्वकप क्रिकेट में खेला गया सर्वाधिक मैचों का विश्वकप होने जा रहा है।

इन मैदानों पर खेला जाएगा टूर्नामेंट

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने एकदिवसीय विश्वकप के लिए लोगो की घोषणा कर दी बल्कि 57 कहां कहां खेले जाएंगे इसकी घोषणा भी कर दी है। कुल 3 देश दक्षिण अफ्रीका-जिम्बाब्वे और नामिबिया देशों के 12 स्टेडियम पर मुहर लगाई गई है जिनमे से 8 दक्षिण अफ्रीका के हैं, जिम्बाब्वे के 3 और नामिबिया का एक स्टेडियम है।

दक्षिण अफ्रीका के 8 स्टेडियम और शहर इस प्रकार है। कुगोम्पो सिटी में बफौलो पार्क, केपटाउन में न्यूलैंड मैदान, जोहन्सबर्ग में वॉन्डर्स स्टेडियम, टश्वाने का सेंचुरियन, गेब्रिया का सेंट जोर्ज पार्क, ब्लोमेफोटीन का मैंगाउंग ओवल, डरबन का किंग्समीड पार्क, पार्ल का बोलैंड पार्क चुनिंदा स्टेडियमों में है जिनमें मैच खेले जाने हैं।

वहीं जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब, बुलवायो के क्वीन्स स्पोर्ट्स क्लब और विक्टोरिया फॉल्स के मोसी ओआ टुनिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विश्वकप मैच खेले जाएंगे। नामिबिया का एकमात्र नामिबिया क्रिकेट ग्राउंड जो विंडहोक में स्थित है उसको चुना गया है।

इस फॉर्मेट से खेला जाएगा टूर्नामेंट

अगले साल दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में तकनीकी रूप से 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2019 और 2023 संस्करणों में10 टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन सबसे निचली रैंकिंग की क्वालीफ़ाई करने वाली टीमों के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत तीन टीमों वाली राउंड-रॉबिन ‘सुपर सीरीज़’ से होगी, जिसके बाद दो टीमें केवल दो मैच खेलकर ही बाहर हो जाएंगी।

जब आईसीसी ने पांच साल पहले 14 टीमों वाले विश्व कप की घोषणा की थी, तब प्रस्तावित प्रारूप में सात-सात टीमों के दो ग्रुप और उसके बाद ‘सुपर सिक्स’ चरण शामिल था। इसी योजना के अनुसार टीमों ने पूरे चक्र की तैयारी की, लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ़ 15 महीने पहले पता चला कि प्रारूप में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।
 

वेस्टइंडीज से फिर छूटी वनडे विश्वकप की सीधी एंट्री, खेलना पड़ेगा क्वालिफायर

दो बार के वनडे वर्ल्ड कप चैंपियन वेस्टइंडीज़ को 2027 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए एक बार फिर क्वालिफ़ाइंग टूर्नामेंट का रास्ता अपनाना होगा। 30 सितंबर 2026 को जारी आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष आठ स्थान पर रहने वाली टीमें सीधे 2027 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी। हालांकि, मेजबान देशों में शामिल दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे के लिए रैंकिंग ज़रूरी नहीं।

आयरलैंड के ख़िलाफ़ बेलफ़ास्ट में रोमांचक जीत दर्ज करने के बाद अफ़ग़ानिस्तान ने भी टॉप आठ में अपनी जगह पक्की कर ली है। उसके साथ मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड, बांग्लादेश, दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे भी 2027 वर्ल्ड कप में जगह बना चुके हैं।

वहीं, आईसीसी वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज़ के पास कटऑफ तारीख़ से पहले भारत के ख़िलाफ़ दो वनडे मैच खेलने हैं। लेकिन इन दोनों मैचों में जीत हासिल करने के बावजूद वेस्टइंडीज़ शीर्ष आठ में वापसी नहीं कर पाएगा।

इसका मतलब साफ़ है कि वेस्टइंडीज़ को एक बार फिर क्वालिफ़ायर टूर्नामेंट की कठिन राह से गुज़रना होगा। यह क्वालिफ़ायर अगले साल फ़रवरी में आयोजित किया जाना है और यहीं से वेस्टइंडीज़ के पास 2027 वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने का एक और मौक़ा होगा। वेस्टइंडीज़ के लिए यह स्थिति नई नहीं है।

2023 वनडे वर्ल्ड कप में भी वे सीधे क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए थे और उन्हें क्वालिफ़ायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेना पड़ा था। हालांकि, क्वालिफ़ायर के सुपर सिक्स चरण में वेस्टइंडीज़ पांचवें स्थान पर रहा और वर्ल्ड कप में जगह बनाने में नाकाम रहा। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार था जब वेस्टइंडीज़ वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं बना।

वर्ल्ड कप से बाहर होने का असर आगे भी देखने को मिला और इसी वजह से वेस्टइंडीज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी क्वालिफ़ाई नहीं कर सका। वह 2013 के बाद पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से बाहर रहा। 2027 वर्ल्ड कप के क्वालिफ़ायर में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 की वनडे रैंकिंग के आधार पर दो सबसे निचली रैंक वाली गैर-मेज़बान फ़ुल मेंबर टीमें, आयरलैंड और वेस्टइंडीज़ शामिल होंगी।

इसके अलावा क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 की शीर्ष चार टीमें और वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर प्लेऑफ़ की शीर्ष चार टीमें भी क्वालिफ़ायर में जगह बनाएंगी। क्वालिफ़ायर का विजेता सीधे वर्ल्ड कप के दूसरे दौर में प्रवेश करेगा। वहीं दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को सुपर सीरीज़ से गुज़रना होगा। इस त्रिकोणीय सीरीज़ की विजेता टीम दूसरे दौर में पहुंचेगी।वेस्टइंडीज़ के लिए 2027 वर्ल्ड कप का सफ़र एक बार फिर आसान नहीं होने वाला है। दो बार की विश्व चैंपियन टीम को पहले क्वालिफ़ायर की परीक्षा पास करनी होगी और तभी वह क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर वापसी कर सकेगी।

IPL 2027 में नहीं भाग लेंगे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, कोच ने दिए संकेत

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि अगले साल IPL 2027 में टीम के टेस्ट खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि शेड्यूल बहुत व्यस्त है और एशेज़ से पहले तेज़ गेंदबाजों का मैनेजमेंट खास तौर पर अहम है।

ऑस्ट्रेलिया गुरुवार को डार्विन और मैके में बांग्लादेश के खिलाफ़ मैच के साथ 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल गेम का सिलसिला शुरू करेगा। इस दौरान ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में छह वनडे, दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट, घर पर इंग्लैंड के खिलाफ़ आठ व्हाइट-बॉल गेम, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चार घरेलू टेस्ट, भारत का पांच-टेस्ट का दौरा, मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ़ 150वीं वर्षगांठ का एक घरेलू टेस्ट और फिर जून और जुलाई में इंग्लैंड का पांच-टेस्ट का दौरा शामिल है।

इस लिस्ट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जुड़ सकता है। इसके बाद अगस्त के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज़ होने की संभावना है, जिसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप होगा।

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा पहली पसंद के टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों में से पांच – पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड – आईपीएल लिस्ट में हैं, लेकिन रिटेंशन की समय-सीमा और इस साल के आखिर में होने वाली नीलामी के बाद यह बदल सकता है। वनडे विकेटकीपर और टेस्ट बैक-अप जोश इंग्लिस भी लखनऊ की मौजूदा टीम का हिस्सा हैं।

मैकडोनाल्ड ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट से कहा, “मुझे पता है कि लोग आईपीएल और उस समय का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में बात करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है। टी20 क्रिकेट के लिहाज़ से सबसे अच्छे कॉम्पिटिशन में अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके परफॉर्मेंस में भी फ़ायदा होता है। बस आपको इसमें बैलेंस बनाना होता है।”

उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव

भारत और ऑस्ट्रेलिया में आईपीएल के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव रहा है। पिछले सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद तब निराश हुए थे जब स्टार्क, हेज़लवुड और कमिंस टूर्नामेंट में देर से पहुंचे थे, क्योंकि वे सीए की देखरेख में चोट की समस्याओं से निपट रहे थे।

ऑस्ट्रेलिया में तब हैरानी हुई थी जब नेशनल सेलेक्टर्स ने इन तीनों और हेड को पाकिस्तान और बांग्लादेश के दो व्हाइट-बॉल टूर से बाहर रखने का फ़ैसला किया, जबकि उन्हें आईपीएल खेलने की इजाज़त दी गई थी, ताकि वे आराम कर सकें और आगे के मुश्किल शेड्यूल के लिए तैयारी कर सकें।

IPL 2027 के दौरान आराम करने की योजना

ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज़ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बिना खेले, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के लिए शेड्यूल में आठ हफ़्ते का ब्रेक मिलना उनकी फ़िटनेस और 30 के दशक के बीच तक लंबे समय तक सफलता के लिए बहुत ज़रूरी रहा है। 2027 में आईपीएल का समय – जो जून में डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले मार्च के बीच से मई के अंत तक चलने की संभावना है – एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जब ऑस्ट्रेलिया के पास अभी से 2027 के अंत तक कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं होगा। आईपीएल ने उन विदेशी खिलाड़ियों के लिए दो साल का बैन लगाया है जो ऑक्शन के दौरान साइन करते हैं और फिर बिना किसी चोट के बाद में हट जाते हैं।

मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइज़ी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय का अहम हिस्सा यह है कि हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों को अपने शरीर को रीसेट करने और सब कुछ ठीक करने का मौका दे रहे हैं, ताकि वे उन 20 या 21 मैचों में अपना बेस्ट दे सकें जिनकी हर कोई बात करता है।”

नामीबिया में T20I त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेंगें दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे

नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे टी-20 त्रिकोणीय सीरीज की मेजबानी करेगा और उसके बाद वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज खेलेगा। सभी मैच विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाएंगे।

टी-20 त्रिकोणीय 28 अगस्त को शुरू होगी, जिसका फ़ाइनल छह सितंबर को होगा और वनडे सीरीज नौ सितंबर से शुरू होगी। यह त्रिकोणीय सीरीज 2027 में होने वाले अफ्रीका कप की शुरुआत के लिए आधार तैयार करेगी। इस प्रतियोगिता का मक़सद ज़्यादा अफ्रीकी देशों को सबसे उच्च स्तर पर खेलने का मौका देना है।

त्रिकोणीय सीरीज से होने वाला सारा मुनाफ़ा अफ्रीका क्रिकेट एसोसिएशन को दान किया जाएगा ताकि पूरे महाद्वीप में खेल को बढ़ावा दिया जा सके। क्रिकेट नामीबिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोहान मुलर ने कहा, “हम इस सीरीज़ के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के कमिटमेंट के लिए बहुत आभारी हैं। यह अफ्रीकी महाद्वीप में क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत पार्टनरशिप और साझा सोच को दिखाता है।”

दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे 2027 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप के संयुक्त मेजबान हैं। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फोलेट्सी मोसेकी कहा, “हम इस व्हाइट-बॉल टूर का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं। यह न सिर्फ़ हमारे पड़ोसी देशों में खेल को मज़बूत करने के हमारे कमिटमेंट को दिखाता है, बल्कि अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले उत्साह भी बढ़ाता है, जिसकी मेजबानी ये तीनों देश मिलकर करेंगे।”

बारिश से रद्द हुआ मैच और आयरलैंड को अब खेलना पड़ेगा ODI WC Qualifiers

अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ पहला ODI बारिश की भेंट चढ़ने के चलते आयरलैंड को अब अफ़्रीका में 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में प्रवेश पाने के लिए क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट खेलना होगा। ब्रेडी में रद्द हुए मुक़़ाबले में टॉस भी नहीं हो पाया।

आयरलैंड इस समय पुरुष ODI रैंकिंग में 11वें स्थान पर है और उन्हें विश्व कप में सीधा प्रवेश पाने के लिए ज़िम्बाब्वे, वेस्टइंडीज़ और बांग्लादेश को पछाड़ना ज़रूरी था। हालांकि इसके लिए उन्हें 30 सितंबर की समयसीमा से पहले अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ 5-0 से क्लीन स्वीप करना था और उनके लिए यह भी ज़रूरी था कि वेस्टइंडीज़ भारत के ख़िलाफ़ दो ODI हारे।

आयरलैंड अब 10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा जिसका विजेता विश्व कप में सीधा प्रवेश पाएगा। दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें विश्व कप के पहले राउंड (सुपर सीरीज़) में खेलेंगी। इसमें शीर्ष पर रहने वाली टीम 12 टीम वाले मुख्य स्टेज में प्रवेश करेगी।

10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर में यह टीमें शामिल होंगी: 30 सितंबर 2026 तक ODI रैंकिंग में अंतिम दो स्थान पर रहने वाले पूर्ण सदस्य देश ( मेज़बान साउथ अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर), CWC लीग 2 से शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ से शीर्ष चार टीमें। इस प्लेऑफ़ में CWC लीग 2 की अंतिम चार टीमें चैलेंज लीग की चार टीमों के साथ खेलेंगी। इसका प्रारूप तय किया जाना अभी बाक़ी है लेकिन आठ टीमों वाले इस प्लेऑफ़ की शीर्ष चार टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर में प्रवेश पाएंगी।

चैलेंज लीग में 12 टीमें खेलेंगी जिन्हें छह-छह के दो पूल में बांटा जाएगा और इस चक्र में हर टीम तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेंगी। दोनों पूल में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ में प्रवेश करेंगी।

वनडे विश्वकप क्वालिफायर शुरु होंगे इस तारीख से, इस टीम की मुश्किल स्थिति

ODI World Cup Qualifiers 2027अगले साल 22 फ़रवरी से 23 मार्च के बीच खेले जाएंगे। एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट के मुताबिक ICC ने प्रतियोगिता की तारीख़ों पर मुहर लगा दी है लेकिन मैदानों पर अभी फ़ैसला नहीं लिया गया है।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

वेस्टइंडीज़ को फिर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलना पड़ सकता है

वेस्टइंडीज़ इस समय वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर है और सितंबर में भारत के ख़िलाफ़ होने वाले दो मैच ही उसे और खेलने हैं। इन मुक़ाबलों के नतीजों के साथ-साथ अफ़ग़ानिस्तान (8वें स्थान) और आयरलैंड (12वें स्थान) के बीच होने वाली आगामी सीरीज़ के परिणाम भी उसकी रैंकिंग पर असर डाल सकते हैं।

अगर आयरलैंड ने अफ़ग़ानिस्तान को 4-1 या 5-0 से हराकर सीरीज़ जीत ली, तो भारत के ख़िलाफ़ दो जीत वेस्टइंडीज़ को शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। लेकिन अगर अफ़ग़ानिस्तान सीरीज़ जीत जाता है, तो वेस्टइंडीज़ के लिए 2027 वनडे विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफ़ायर्स खेलना लगभग तय हो जाएगा।

इससे पहले भी वेस्टइंडीज़ 2023 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफ़ाई करने में भी नाकाम रहा था। जिसके बाद हरारे में खेले गए क्वालीफ़ायर्स टूर्नामेंट में उसे नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पहली बार वेस्टइंडीज़ विश्व कप से बाहर हो गया था।

दिलीप ट्रॉफी में भी शिरकत करेंगें वैभव सूर्यवंशी, खेलेंगे ईशान किशन की कप्तानी में

कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाज़ी से धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आने वाली दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यह उनकी तेज़ी से आगे बढ़ने की कहानी का एक और अहम पड़ाव है, क्योंकि हाल के महीनों में ही उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘Player of the series’ चुने गए।

ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

शमी के शामिल होने से टीम को बहुत अनुभव मिलेगा। 35 साल के यह तेज़ गेंदबाज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 14 में से 13 मैचों में भी खेले।

दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप कुमार घरामी (बंगाल), शाहबाज़ अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जायसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), ईशान किशन (कप्तान, झारखंड), कुमार कुशाग्र (झारखंड ), शिखर मोहन (झारखंड ), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान, बिहार), डेनिश दास (असम) और अभिजीत सरकार (त्रिपुरा)। स्टैंडबाय: आयुष लोहारूका (बिहार), श्रीदाम पॉल (त्रिपुरा), संबित एस बराल (ओडिशा), शरणदीप सिंह (झारखंड) और स्वास्तिक सामल (ओडिशा)।

15 दिन के अंदर भारत ने वापस पा ली T-20I अंतरराष्ट्रीय की पहली रैंक

भारत ने जिम्बाब्वे को लगातार 3 मैच हराकर ना केवल सीरीज जीत ली बल्कि इस महीने के शुरुआत में भारत को अपदस्थ कर पहली रैंक पाने वाली इंग्लैंड को फिर दूसरे रैंक पर भेज दिया। भारत ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ शुरुआती 3 टी 20 मैच जीतकर टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 की जगह फिर से हासिल कर ली है।

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में 0-4 की हार के साथ टी 20 में अपनी नंबर वन रैंकिंग गंवा दी थी, लेकिन ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ शुरुआती 3 मैचों में शानदार जीत ने उन्हें शीर्ष स्थान फिर से हासिल करने में मदद की है।इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पांचवा मैच भारत ने 11 जुलाई को खेला था और 26 जुलाई को अपनी पहली टी-20 रैंक वापस पा ली।

हालांकि भारत को यह रैंक बरकरार रखने के लिए लय बरकरार रखनी पड़ेगी क्योंकि भारत को अब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलनी है और पिछले 10 टी-20 मैचों में वह सिर्फ 3 ही जीती है।साथ ही इंग्लैंड और भारत के बराबर अंक 268 हैं। ऐसे में कुछ हार और कुछ जीत एक बार फिर टी-20 अंकतालिका में हेर फेर ला सकती है।

भारत ने इस सीरीज़ में अब तक दोनों मैच आसानी से जीते हैं। पहले टी20 मैच में, वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर भारत को सात विकेट से जीत दिलाई। दूसरे मैच में, ईशान किशन ने 44 गेंदों में 81 रन बनाए और तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए, जिससे भारत ने 90 रनों से जीत हासिल कर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

इसके अलावा अंतिम मैच भी भारत ने लगभग एकतरफा अंदाज में 35 रनों से जीत लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 5 विकेट खोकर 192 रन बनाए। इस स्कोर को 200 के करीब पहुंचाने का काम वैभव सूर्यवंशी ने किया जिन्होंने 48 गेंदो में 81 रनों की पारी खेली। हालांकि वह शतक चूक गए जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 157 रन ही बना सकी।