वनडे विश्वकप क्वालिफायर शुरु होंगे इस तारीख से, इस टीम की मुश्किल स्थिति

ODI World Cup Qualifiers 2027अगले साल 22 फ़रवरी से 23 मार्च के बीच खेले जाएंगे। एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट के मुताबिक ICC ने प्रतियोगिता की तारीख़ों पर मुहर लगा दी है लेकिन मैदानों पर अभी फ़ैसला नहीं लिया गया है।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

वेस्टइंडीज़ को फिर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलना पड़ सकता है

वेस्टइंडीज़ इस समय वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर है और सितंबर में भारत के ख़िलाफ़ होने वाले दो मैच ही उसे और खेलने हैं। इन मुक़ाबलों के नतीजों के साथ-साथ अफ़ग़ानिस्तान (8वें स्थान) और आयरलैंड (12वें स्थान) के बीच होने वाली आगामी सीरीज़ के परिणाम भी उसकी रैंकिंग पर असर डाल सकते हैं।

अगर आयरलैंड ने अफ़ग़ानिस्तान को 4-1 या 5-0 से हराकर सीरीज़ जीत ली, तो भारत के ख़िलाफ़ दो जीत वेस्टइंडीज़ को शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। लेकिन अगर अफ़ग़ानिस्तान सीरीज़ जीत जाता है, तो वेस्टइंडीज़ के लिए 2027 वनडे विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफ़ायर्स खेलना लगभग तय हो जाएगा।

इससे पहले भी वेस्टइंडीज़ 2023 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफ़ाई करने में भी नाकाम रहा था। जिसके बाद हरारे में खेले गए क्वालीफ़ायर्स टूर्नामेंट में उसे नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पहली बार वेस्टइंडीज़ विश्व कप से बाहर हो गया था।

दिलीप ट्रॉफी में भी शिरकत करेंगें वैभव सूर्यवंशी, खेलेंगे ईशान किशन की कप्तानी में

कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाज़ी से धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आने वाली दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यह उनकी तेज़ी से आगे बढ़ने की कहानी का एक और अहम पड़ाव है, क्योंकि हाल के महीनों में ही उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘Player of the series’ चुने गए।

ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

शमी के शामिल होने से टीम को बहुत अनुभव मिलेगा। 35 साल के यह तेज़ गेंदबाज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 14 में से 13 मैचों में भी खेले।

दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप कुमार घरामी (बंगाल), शाहबाज़ अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जायसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), ईशान किशन (कप्तान, झारखंड), कुमार कुशाग्र (झारखंड ), शिखर मोहन (झारखंड ), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान, बिहार), डेनिश दास (असम) और अभिजीत सरकार (त्रिपुरा)। स्टैंडबाय: आयुष लोहारूका (बिहार), श्रीदाम पॉल (त्रिपुरा), संबित एस बराल (ओडिशा), शरणदीप सिंह (झारखंड) और स्वास्तिक सामल (ओडिशा)।

15 दिन के अंदर भारत ने वापस पा ली T-20I अंतरराष्ट्रीय की पहली रैंक

भारत ने जिम्बाब्वे को लगातार 3 मैच हराकर ना केवल सीरीज जीत ली बल्कि इस महीने के शुरुआत में भारत को अपदस्थ कर पहली रैंक पाने वाली इंग्लैंड को फिर दूसरे रैंक पर भेज दिया। भारत ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ शुरुआती 3 टी 20 मैच जीतकर टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 की जगह फिर से हासिल कर ली है।

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में 0-4 की हार के साथ टी 20 में अपनी नंबर वन रैंकिंग गंवा दी थी, लेकिन ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ शुरुआती 3 मैचों में शानदार जीत ने उन्हें शीर्ष स्थान फिर से हासिल करने में मदद की है।इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पांचवा मैच भारत ने 11 जुलाई को खेला था और 26 जुलाई को अपनी पहली टी-20 रैंक वापस पा ली।

हालांकि भारत को यह रैंक बरकरार रखने के लिए लय बरकरार रखनी पड़ेगी क्योंकि भारत को अब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलनी है और पिछले 10 टी-20 मैचों में वह सिर्फ 3 ही जीती है।साथ ही इंग्लैंड और भारत के बराबर अंक 268 हैं। ऐसे में कुछ हार और कुछ जीत एक बार फिर टी-20 अंकतालिका में हेर फेर ला सकती है।

भारत ने इस सीरीज़ में अब तक दोनों मैच आसानी से जीते हैं। पहले टी20 मैच में, वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर भारत को सात विकेट से जीत दिलाई। दूसरे मैच में, ईशान किशन ने 44 गेंदों में 81 रन बनाए और तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए, जिससे भारत ने 90 रनों से जीत हासिल कर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

इसके अलावा अंतिम मैच भी भारत ने लगभग एकतरफा अंदाज में 35 रनों से जीत लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 5 विकेट खोकर 192 रन बनाए। इस स्कोर को 200 के करीब पहुंचाने का काम वैभव सूर्यवंशी ने किया जिन्होंने 48 गेंदो में 81 रनों की पारी खेली। हालांकि वह शतक चूक गए जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 157 रन ही बना सकी।

IND vs ZIM: जिम्बाब्वे पर जीत दर्ज कर भारत ने इंग्लैंड टीम से छीना ताज, ICC टी20 रैंकिंग में टीम इंडिया फिर बनी नंबर-1

भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भारत ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली सीरीज जीत ली है। वहीं इस जीत के साथ भारत की टी20 टीम एक बार फिर आईसीसी टी20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में नंबर-1 बन गई है। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 0-4 से हारने के कारण भारतीय टीम पहले स्थान से फिसलकर दूसरे नंबर पर पहुंच गई थी। वहीं भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए सिर्फ दो हफ्तों के भीतर फिर से दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन गई है।

भारत और इंग्लैंड दोनों के 268 रेटिंग पॉइंट्स हैं। लेकिन डेसिमल के आधार पर की गई कैलकुलेशन में भारत इंग्लैंड से आगे है, इसलिए टीम इंडिया आईसीसी टी20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में पहले स्थान पर है।

कैसा रहा मुकाबला

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने शानदार 81 रन की पारी खेली। वहीं उपकप्तान तिलक वर्मा ने तेज बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों की दमदार पारियों की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे के सामने बड़ा टारगेट रखा।

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तोड़ा किशन का रिकॉर्ड

ईशान किशन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 81 रन की शानदार पारी खेलकर साल 2026 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने कुल रन 783 तक पहुंचा दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20I रन बनाने के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले विराट ने साल 2022 में 20 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 781 रन बनाए थे, जबकि ईशान ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। ईशान किशन अब एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल सूर्यकुमार यादव (1,164 रन) और अभिषेक शर्मा (859 रन) हैं।

ईशान किशन बना सकते हैं रिकॉर्ड

साल 2026 में ईशान किशन भारत के नियमित विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और 370 रन बना चुके हैं। अगर वह जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 67 रन और बना लेते हैं, तो भारत के लिए एक कैलेंडर वर्ष में नियमित विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा टी20I रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। यह रिकॉर्ड फिलहाल संजू सैमसन के नाम है, जिन्होंने 2024 में 12 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 436 रन बनाए थे।

IND vs ZIM: दूसरे मुकाबले में तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, रोहित-विराट के खास क्लब में बनाई जगह

IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले को टीम इंडिया ने 90 रन से जीता है। इस जीत के साथ भारतीय टीम 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में 60 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं इस पारी के साथ तिलक ने बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। टी20 उपकप्तान तिलक वर्मा ने विदेशी सरजमीं पर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 1,000 रन पूरे किए। इसके साथ ही तिलक ये मुकाम हासिल करने वाले भारत के सिर्फ आठवें बल्लेबाज बन गए। इस पारी के साथ तिलक विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ एक खास लिस्ट में शामिल हो गए

पूरे किए अपने एक हजार रन

तिलक वर्मा ने साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में उन्हें विदेशी सरजमीं पर अपने 1,000 टी20I रन पूरे करने के लिए सिर्फ 4 रन की जरूरत थी। उन्होंने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय पारी के 11वें ओवर में कप्तान सिकंदर रजा की गेंद पर चौका लगाकर यह खास उपलब्धि हासिल कर ली।

प्लेयरमैचरन
रोहित शर्मा1012699
विराट कोहली792611
सूर्यकुमार यादव621742
सुरेश रैना561187
हार्दिक पंड्या731076
तिलक वर्मा37*1056*
शिखर धवन401053

रोहित-विराट की क्लब में हुए शामिल

विदेशी सरजमीं पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा हैं। उन्होंने 101 मैचों में 2,699 रन बनाए हैं। इस सूची में विराट कोहली 79 मैचों में 2,611 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल, सुरेश रैना, हार्दिक पांड्या और शिखर धवन भी विदेश में टी20I में 1,000 से अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं। अब तिलक वर्मा ने भी इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली है।

पहली जीत पाने में 8 मैच लग गए कप्तान श्रेयस अय्यर को, दिया यह बयान

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए कप्तानी एक दिवास्वप्न की जगह एक दुस्वपन की तरह आई। यरोप के दौरे पर वह पहले ऐसे भारतीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान बने जिसे पहले 7 मैचों के बाद भी जीत का स्वाद नहीं मिला। लेकिन अफ्रीका महाद्वीप जाते साथ ही उनका स्वागत जीत के साथ हुआ। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी 20 में गुरूवार को जीत हासिल करने के बाद कहा कि पहली जीत हासिल कर अच्छा लगा।

अय्यर ने मैच के बाद कहा, ”हमारे खिलाड़ियों ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया था। रणनीति को बहुत अच्छे ढंग से अमली जामा पहनाया। और बतौर कप्तान मुझे पहली जीत मिली। विकेट में बाउंस थी, मयंक ने हमें बेहतरीन शुरुआत दिलाई और विपक्षी बल्लेबाज़ों को अधिक रूम नहीं दिया। जैसा कि मैंने कहा कि निर्भीक युवा बल्लेबाज़ (वैभव सूर्यवंशी) ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी की। वह पहले भी यहां खेल चुके हैं और अंडर-19 विश्व कप फ़ाइनल में भी उन्होंने 175 रनों की पारी खेली थी।

भारत ने 8 ओवर रहते जिम्बाब्वे के खिलाफ जीता पहला T20I मैच

मयंक यादव और प्रिंस यादव (दो-दो विकेट) की शानदार गेंदबाजी के बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (50) के तूफानी अर्धतक की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे को पहले टी 20 में गुरूवार को सात विकेट से हराकर श्रेयस अय्यर को उनकी कप्तानी में पहली जीत का स्वाद दे दिया।

भारत ने जिम्बाब्वे को सात विकेट पर 125 रन पर रोकने के बाद 13.2 ओवर में तीन विकेट पर 126 रन बनाकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। श्रेयस अय्यर की अपनी कप्तानी में छह टी 20 मैचों में लगातार हार के बाद यह पहली जीत है। इस जीत के सूत्रधार रहे वैभव सूर्यवंशी और मयंक यादव। मयंक यादव ने चार ओवर में मात्र 18 रन देते हुए दो अहम विकेट निकाले और ज़िम्बाब्वे को 125 के एक छोटे स्कोर पर रोकने में अहम भूमिक निभाई। सूर्यवंशी ने 19 गेंदों पर 50 रनों की पारी खेली और ज़िम्बाब्वे को मुक़ाबले में उम्मीद पाने का भी मौक़ा नहीं दिया।

सूर्यवंशी ने मात्र 19 गेंदों में चार चौकों और चार छक्कों की मदद से 50 रन की आतिशी पारी खेलकर भारत की जीत का मार्ग प्रशस्त किया। ईशान किशन ने 24 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 35 रन बनाकर भारत की जीत में योगदान दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 24 गेंदों में नाबाद 28 और तिलक वर्मा ने नाबाद छह रन बनाये।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार कमबैक…टूटा सचिन का रिकॉर्ड, यहां जानें हर गेंद का हाल

भारत ने पहले टी-20 में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। हरारे में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। जवाब में भारत ने 13.2वें ओवर में 3 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। भारत के इस जीत के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 15 साल 118 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की पहली जीत भी रही।

वैभव ने इंटरनेशल क्रिकेट में बनाया ये रिकॉर्ड

भारत के धाकड़ बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का नया रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले कुशल मल्ला ने 15 साल 340 दिन की उम्र में 8 फरवरी 2020 को अमेरिका के खिलाफ वनडे मैच में 50 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की थी।

ज़िम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में वैभव ने भारत की ओर से पारी की शुरुआत की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वैभव ने अपनी विस्फोटक पारी में 4 चौके और 4 छक्के लगाए। साथ ही उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 21 गेंदों में 45 रन की तेज साझेदारी भी की।

263 के स्ट्राइक रेट से बनाए रन

जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वैभव ने पहले ही ओवर से आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ अंदाज में अर्धशतक जड़ने का काम किया। वैभव सूर्यवंशी ने 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 18 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली। उनकी इस धुआंधार पारी का स्ट्राइक रेट 263.16 का रहा।

सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी टूटा

इस उपलब्धि के साथ वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने 16 साल 213 दिन की उम्र में नवंबर 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 59 रन बनाए थे। टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब वैभव पहले स्थान पर हैं। उनके बाद जिब्राल्टर के लुइस ब्रूस का नाम आता है, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में 20 अगस्त 2021 को माल्टा के खिलाफ 60 रन की पारी खेली थी।

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भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के बाद जिम्बाब्वे सीरीज में भी मौका मिला है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला था। तीन मैचों में खेलने के बाद वैभव को एक मैच में ड्रॉप कर दिया गया था। वहीं हाल ही में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में ड्रॉप किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अभी पूरी तरह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं। शुरुआती चुनौतियों और टीम में अपनी जगह को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने अपना फोकस बनाए रखा है और अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

हर मैच में देना है 100 प्रतिशत

15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले चार महीने उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन एक्सपीरिएंस ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने माना कि भारतीय टीम में शुरुआत आसान नहीं रही, फिर भी उनका आत्मविश्वास पहले जैसा कायम है। सूर्यवंशी ने BCCI से कहा, “हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। मुझे सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना है और हर मैच में टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।”

वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड

आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। आयरलैंड के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी के साथ 15 वर्षीय वैभव भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

वैभव ने खेल पाए बड़ी पारी

वैभव को लगातार चार टी20 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद संजू की वापसी पर उन्हें अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया। सूर्यवंशी ने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जिस तरह की मदद और मार्गदर्शन की जरूरत होती है, कोच हमेशा उसे उपलब्ध कराते हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस चाहिए, वह भी मुझे मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरा आत्मविश्वास भी बरकरार है।” अब जिम्बाब्वे दौरे के साथ वह एक बार फिर उस मैदान पर लौट रहे हैं, जो उनके युवा क्रिकेट करियर में खास महत्व रखता है।

इसी मैदान पर खेली थी बड़ी पारी

उन्होंने कहा, “यह मैदान मेरे लिए बहुत खास है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और खिताब जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बेहद यादगार पल है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर उसी मैदान पर खेलने जा रहा हूं, जहां हमने चार महीने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। इस मैदान पर दोबारा उतरना एक अलग ही एहसास है और मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने कहा, “यहां की पिच और हालात के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान मैं यहां खेल चुका हूं। उस टूर्नामेंट से जो अनुभव मिला, उसे अब आने वाले मैचों में इस्तेमाल करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा।”

प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल पर पूरा भरोसा रखूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने की कोशिश करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों मेरे लिए अच्छे रहे। अब कोशिश होगी कि उसी प्रदर्शन को आगे भी जारी रखूं।” महज चार महीने पहले वैभव सूर्यवंशी ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया।

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