इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बने यह अनचाहे रिकॉर्ड्स

ENGvsIND आयरलैंड से पहली बार टी-20 सीरीज हारने के बाद भारत इंग्लैंड से भी पहली बार टी-20 सीरीज हार गया है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत पहली बार टी-20 सीरीज हारा है। वहीं साल 2019 के बाद किसी भी प्रारुप में इंग्लैंड से सीरीज गंवाई है। 7 साल बाद ऐसा हुआ है कि भारतीय टीम लगातार 2 सीरीज हारी हो। इसके अलावा श्रेयस अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में भारत 5 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच लगातार हारा हो।

ब्रिटेन के छह शहरों (बेलफास्ट सहित) में एक बात समान रही है, किस्मत का अय्यर का साथ नहीं देना। कप्तान बनने के बाद उन्हें अब भी अपनी पहली जीत की तलाश है।भारतीय टीम के 2006 में पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद से यह सबसे लंबा अंतराल है जबकि वह कोई मैच नहीं जीत पाई।

ब्रिस्टल में खेले गए मैच में भारत ने 20 ओवर में 158 रन बनाए जिसका पीछा इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर 13.5 ओवर में कर लिया। इससे पहले नॉटिंधम में टीम इंडिया को शर्मनाक हार मिली जहां वह 76 रनों पर सिमटकर 125 रनों से मैच हार गई। दूसरे टी-20 में भारत मैच में बना हुआ था लेकिन रवि विश्नोई की नो बॉल और 29 रन के ओवर ने भारत से मैच छीन लिया। इस मैच के बाद भारत लय में आ ही नहीं पाया।

श्रेयस पर भारी ब्रूक की पारी, इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेटों से रौंदा

ENGvsIND गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद फिल साल्ट (नाबाद 59) और कप्तान हैरी ब्रूक (नाबाद 79) के बेहतरीन अर्धशतकों से इंग्लैंड ने भारत को चौथे टी 20 में गुरूवार को नौ विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अपराजेय बढ़त बना ली।

भारत ने कप्तान श्रेयस अय्यर की नाबाद 80 रन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी की मदद से सात विकेट पर 158 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया लेकिन इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर मुकाबला एकतरफा अंदाज में निपटा दिया।

150 से अधिक रनों के चेज़ में यह इंग्लैंड के द्वारा सबसे तेज़ रन चेज़ है। सीरीज़ भी भारतीय टीम हार चुकी है। कप्तान श्रेयस का अपनी पहली जीत का इंतज़ार जारी रहेगा। 2018-19 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय टीम लगातार दो टी 20 सीरीज़ हारी है। इस मैच की बात करें तो भारतीय टीम जब बल्लेबाज़ी कर रही थी तो इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने शॉर्ट और बैक ऑफ़ लेंथ गेंदों से बल्लेबाज़ों को काफ़ी परेशान किया।

साथ ही स्पिनरों ने भी कमाल की गेंदबाज़ी की। ऐसा लगा कि पिच काफ़ी धीमी है। लेकिन भारतीय गेंदबाज़ पिच और परिस्थितियों के अनुरूप अच्छी गेंदबाज़ी करने में सफल नहीं हुए। साथ ही सॉल्ट और ब्रूक ने जिस तरह की बल्लेबाज़ी की, वह तारीफ़ योग्य है। साल्ट ने 42 गेंदों की पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया जबकि ब्रूक ने 35 गेंदों में आठ चौके और चार छक्के लगाए।

इससे पूर्व टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे भारत की शुरुआत खराब रही और उसने 48 रन तक जाते-जाते अपने शीर्ष तीन बल्लेबाज गंवा दिए। वैभव सूर्यवंशी 15, ईशान किशन चार और अभिषेक शर्मा 16 रन बनाकर आउट हुए , लेकिन अय्यर ने इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी से खेलते हुए 49 गेंदों में चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया। हालांकि भारत निश्चित रूप से अच्छे स्कोर से काफी पीछे रहा।

2025 से इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 166 रहा है और यह कहना सही होगा कि भारत का स्कोर उम्मीद से कम रहा। मेज़बान टीम की ओर से एक और शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन देखने को मिला। पावरप्ले में ‘हार्ड लेंथ’ वाली गेंदों ने कमाल किया; जोफ्रा आर्चर ने एक बार फिर वैभव को आउट किया और ईशान किशन, जोश टंग का शिकार बने।

आदिल राशिद ने अपने पहले ही ओवर में अभिषेक को आउट कर दिया। भारत के टॉप तीन बल्लेबाज़ – जो सभी बाएं हाथ के थे – ‘क्रॉस-द-लाइन’ शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए। श्रेयस अय्यर और शिवम दुबे (22) ने पचास रनों की साझेदारी की, लेकिन उनके स्कोरिंग रेट से इंग्लैंड को ज़्यादा परेशानी नहीं हुई। तिलक वर्मा 11 रन बनाकर आउट हुए। वाशिंगटन सुन्दर पांच और अक्षर पटेल एक रन बनाकर पवेलियन लौटे।

कप्तान श्रेयस ने 18वें ओवर में आदिल राशिद की गेंदों पर 6, 4 और 6 रन जड़कर उन पर दबाव बनाया। लेकिन आखिरी दो ओवरों में इंग्लैंड का प्रदर्शन फिर से बेहतरीन रहा – कोई बाउंड्री नहीं, 8 रन और 2 विकेट – क्योंकि उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलावों का बखूबी इस्तेमाल किया।

संजू सैमसन की विदाई पर गर्माते विवाद के बीच आया गंभीर का यह बयान

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को टीम में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्टीकरण दे दिया गया है और उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ चल रही T20I श्रृंखला में इस विकेटकीपर-बल्लेबाज की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया।

सैमसन को आगामी जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम से बाहर कर दिया गया है। गंभीर ने कहा कि यह सीनियर खिलाड़ी पांच मैचों की मौजूदा श्रृंखला में भारत की योजनाओं में शामिल हैं, जिसमें मेहमान टीम दो हार और बारिश के कारण रद्द हुए एक मैच के बाद 0-2 से पीछे है।

गंभीर ने मंगलवार को यहां तीसरे टी20 मैच में भारत की 125 रन से हार के बाद कहा, ‘‘संजू सैमसन को जो स्पष्टता दी जानी चाहिए थी, वह उन्हें मुझसे मिल गई है। यह बातचीत मुख्य कोच और खिलाड़ी के बीच होती है। इसे मैं आपके साथ साझा नहीं कर सकता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ संजू ने विशेष कर विश्व कप में जिस तरह का प्रदर्शन किया वह असाधारण था लेकिन कभी-कभी आपको खिलाड़ी की फॉर्म पर भी गौर करना पड़ता है। ऐसा कोई अटल नियम नहीं है कि वह इस श्रृंखला में वापसी नहीं कर सकता।’’

सैमसन को इस साल के शुरू में खेले गए विश्व कप में टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था लेकिन आयरलैंड के खिलाफ दो मैच और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में कुल मिलाकर वह केवल छह रन ही बना पाए इसके बाद उन्हें अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल किया गया।

इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम से भी बाहर कर दिया गया था, क्योंकि चयनकर्ताओं ने पंजाब किंग्स के लिए आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रभसिमरन सिंह को प्राथमिकता दी थी।

गंभीर ने कहा कि टीम का चयन मौजूदा फॉर्म और उस संयोजन के आधार पर किया जाएगा जो भारत को जीतने का सबसे अच्छा मौका देता है।उन्होंने कहा, ‘‘आखिर में जीत महत्वपूर्ण होती है और हम उस संयोजन के साथ उतरेंगे जिसको लेकर हमें लगता है कि वह हमें जीत दिला सकता है। मेरा शुरू से मानना है कि प्रत्येक खिलाड़ी को टीम में अपनी जगह बनानी पड़ती है।’’

इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार में कितने अनचाहे रिकॉर्ड बना गई टीम इंडिया

दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार के बाद भारतीय टीम ने बहुत सारे अनचाहे रिकॉर्ड बना लिए हैं। यह पहली बार है जब भारतीय टीम इस प्रारुप में 100 से ज्यादा रनों से हारी हो। भारतीय टीम 76 रनों पर सिमट गई और जैसे तैसे इस प्रारुप में अपने न्यूनतम स्कोर से एक कदम आगे आ पाई।

202 रनों का पीछा करते हुए भारत के पांच विकेट पांच ओवर में 52 रन पर गिर गए थे। भारतीय बल्लेबाजों ने गैर जिम्मेदाराना शॉट खेले और जीत के लिये कोई प्रयास भी नहीं किया। यह पहली बार है जब एक पॉवरप्ले में भारत ने 5 विकेट गंवाए हों। श्रेयस अय्यर का बतौर कप्तान हार का सिलसिला अब पांच मैचों का हो गया है ।यह पहली बार है जब भारत लगातार 5  टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में से एक भी जीतने में नाकामयाब रहा।

भारतीय बल्लेबाजी पर नाराज हुए श्रेयस अय्यर

भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड से 125 रन की करारी हार के बाद अपनी टीम के प्रदर्शन को ‘‘बेहद खराब’’ करार दिया और कहा कि इस तरह का प्रदर्शन कतई स्वीकार्य नहीं है।अय्यर की कप्तानी में भारत ने अभी तक एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं जीता है। मंगलवार को खेले गए मैच में तो उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा जब टीम 202 रन की लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 11.4 ओवर में 76 रन पर आउट हो गई और उसे रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह बेहद निराशाजनक था, इतने बड़े अंतर से हारना स्वीकार्य नहीं है। सबसे पहले हमें हार को स्वीकार करना होगा और नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।’’इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। गुरुवार को ब्रिस्टल में चौथा टी20 मैच और शनिवार को साउथेम्प्टन में अंतिम मैच खेला जाएगा। पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।

अय्यर का मानना ​​था कि ट्रेंट ब्रिज की इस पिच पर गेंदबाजों को 200 रन नहीं देने चाहिए थे।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह 200 विकेट वाली पिच थी। हमने पावरप्ले में चार विकेट गंवा दिए और इसी वजह से हम पिछड़ गए। आप कितनी भी योजना बना लें, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद आपको परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता है। मुझे लगा कि हार्ड लेंथ पर शॉट लगाना मुश्किल था और हम उसे ठीक से अंजाम नहीं दे पाए।’’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हमें अब अतीत के बारे में नहीं सोचना होगा और मजबूत वापसी करनी होगी। हमारे प्रत्येक खिलाड़ी को इस पर विचार करना होगा कि वह किस तरह से योगदान दे सकता है।’’

गौतम ने कहा गंभीरता से खेले टीम इंडिया

गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हम अच्छा नहीं खेले। टी20 विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम में बहुत बदलाव हुए हैं। चाहे कप्तान हो या सलामी बल्लेबाज। टीम में न तो हार्दिक पंड्या हैं और न ही जसप्रीत बुमराह हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप टीम का पुनर्गठन (रिसेट) करते हैं तो थोड़ा समय लगता है। अगर आप देखें, तो 15 साल का खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) पारी का आगाज कर रहा है, प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे हैं, हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। हम अंत में सिर्फ नतीजों को देखते हैं और इसमें कोई शक नहीं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नतीजे अहम हैं, लेकिन हमें व्यावहारिक भी होना होगा। ’’

गंभीर ने जोर देकर कहा कि कई झटकों के बावजूद भारत महज चार मैच के नतीजे के आधार पर खराब टीम नहीं बन जाता।उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी प्रतिद्वंद्वी टीम आपसे बेहतर खेलती है। कभी-कभी आप हालात का सही अंदाजा नहीं लगा पाते और उन्हें ठीक से समझ नहीं पाते। खेल को समझना भी उतना ही जरूरी है। आयरलैंड के बाद से हमने ऐसा नहीं किया है। ’’

गंभीर ने कहा, ‘‘हम हालात के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाए हैं। चाहे आयरलैंड हो या इंग्लैंड, सच्चाई यही है। अगर हमने बेहतर ढंग से खुद को ढाला होता और बेहतर क्रिकेट खेला होता, तो हम लगातार चार मैच नहीं हारते। ’’

विश्वकप जिताने वाले संजू सैमसन के साथ हुआ अन्याय, जिम्बाब्वे सीरीज से हुए ड्रॉप

भारत के शानदार वर्ल्ड कप अभियान में अहम भूमिका निभाने और टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए खूब तारीफें बटोरने के बावजूद, संजू सैमसन को सोमवार को राष्ट्रीय टी20 टीम से बाहर कर दिया गया। ऐसा उनकी फ़ॉर्म में अचानक आई गिरावट के कारण हुआ। साथ ही, बीसीसीआई ने श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया और जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज़ के लिए युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में बनाए रखा।

सैमसन को टीम से बाहर करने का फ़ैसला उनके प्रदर्शन में आए अचानक बदलाव के बाद लिया गया। केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज़  वर्ल्ड कप के दौरान 3 मैच में 89, नाबाद 97 और 89 रन की पारी खेल कर भारत को फाइनल में जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तीन लगातार मैच जिताऊ पारियों के साथ भारत के सबसे बड़े सितारों में से एक थे, विश्वकप के बाद के बाद अपनी तीन टी20 पारियों में केवल 5, 0 और 1 रन ही बना पाए। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे सीरीज़ के लिए उनके अलावा दूसरे खिलाड़ियों पर विचार किया।

पुरुष चयन समिति ने तिलक वर्मा को उप-कप्तान नियुक्त किया, जबकि दौरे के लिए ईशान किशन और प्रभसिमरन सिंह को दो विकेटकीपर के तौर पर चुना। अय्यर के अलावा, टीम में अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और मयंक यादव शामिल हैं। भारत हरारे में 23, 25 और 26 जुलाई को तीनों T20I इंटरनेशनल मैच खेलेगा।

एक अलग घोषणा में, BCCI ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम में चोटिल नितीश कुमार रेड्डी की जगह शिवम दुबे को शामिल किया। अपडेट की गई वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे और इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, उप-कप्तान श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ शामिल हैं।

3 नो बॉल और 60 रन देने वाले रवि विश्नोई का तीसरे T-20I से बाहर होना लगभग तय

भले ही श्रेयस अय्यर ने लेग स्पिनर रवि विश्नोई का बचाव किया हो लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से उनका अंतिम ग्यारह से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है।इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत की चार विकेट से हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने 17वें ओवर में 29 रन लुटाने वाले स्पिनर रवि बिश्नोई का बचाव किया।

इंग्लैंड को आखिरी चार ओवर में 49 रन की जरूरत थी लेकिन बिश्नोई ने 17वें ओवर में दो नॉ बॉल के साथ 29 रन लुटा दिये और मैच पूरी तरह से भारत के हाथ से निकल गया।इससे पहले विश्नोई ने अपने स्पैल की पहली ही गेंद नो बॉल की थी।चार ओवर में बिना विकेट लिए 60 रन खर्च करने के बाद उनकी टीम में जगह पर सवाल उठने लगे हैं।

ट्रेंट ब्रिज की परिस्थितियों को देखते हुए बिश्नोई का अंतिम एकादश में शामिल होना मुश्किल माना जा रहा है। उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है। स्विंग और पिच से अतिरिक्त हरकत हासिल करने की उनकी क्षमता उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा से बेहतर विकल्प बनाती है, जिनकी ‘बैक-ऑफ-द-लेंथ’ गेंदें टी20 क्रिकेट में अपेक्षाकृत आसान साबित होती हैं।

तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पिछले मैच में शुरुआती ओवर में दो विकेट समेत कुल तीन विकेट झटके थे, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक द्वारा उनके एक ओवर में बनाए गए 27 रन भी भारत की हार का बड़ा कारण बने। इंग्लैंड ने 191 रन का लक्ष्य एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया था।

टीम के मुख्य गेंदबाज को मैच के अंतिम लम्हों पर कंधो पर चोट लगी थी लेकिन फिर भी अर्शदीप ने 19वां  ओवर पूरा किया। टीम प्रबंधन की निगाह उनकी चोट पर भी होगी अगर ऐअर्शदीप सिंह फिट नहीं होते हैं तो प्रसिद्ध कृष्णा को भी मौका मिल सकता है।

IND vs ENG: ‘अगला नंबर हमारा हो सकता है’ गौतम गंभीर और टीम के माहौल पर अश्विन ने दिया बड़ा बयान

भारतीय टीम इस समय 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर है। पहला मुकाबला बारिश में रद्द होने के बाद दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड 5 मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की आगे है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वहीं फैंस पिछले काफी समय से वैभव के डेब्यू की मांग कर रहे थे। वहीं वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और संजू सैमसन को बाहर करने पर भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपना रिएक्शन दिया है।

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन को मौका नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, टीम चयन केवल प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए और यह नहीं लगना चाहिए कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का असर फैसलों पर पड़ रहा है।

वैभव ने किया डेब्यू

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मैचों में कम रन बनाने के बाद संजू सैमसन को मैनचेस्टर टी20 की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिला, जिसका क्रिकेट प्रशंसकों को लंबे समय से इंतजार था। वहीं वैभव अपने डेब्यू मुकाबले में सिर्फ 14 रन ही बना सके और भारत को इस मैच में इंग्लैंड के हाथों चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। अब सीरीज का तीसरा मुकाबला 7 जुलाई, मंगलवार को खेला जाएगा। भारत सीरीज में वापसी करने की कोशिश करेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी बढ़त और मजबूत करना चाहेगा।

संजू के निकाले जाने के फैसले से हुए हैरान

अपने YouTube चैनल ऐश की बात पर बात करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर किया जाना उन्हें समझ नहीं आया। उन्होंने याद दिलाया कि इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए सैमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। अश्विन ने कहा, “अभी मैं काफी परेशान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर क्यों कर दिया गया। अब संजू क्या सोच रहे होंगे? जब वह नेट्स में अभ्यास करने जाएंगे तो उनके मन में कितनी प्रेरणा होगी?” उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि भारत को संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी कराने के ऑप्शन पर विचार करना चाहिए।

संजू को तीसरे नंबर पर बैटिंग करना चाहिए

अश्विन ने कहा, “अभी टीम के टॉप ऑर्डर में पहले से ही तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं—अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन। ऐसे में मुझे लगता है कि अब संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए जरूर विचार किया जाएगा। मैं पूरे भरोसे के साथ यह कह रहा हूं। कोचिंग स्टाफ और गौतम गंभीर समेत सभी जानते हैं कि संजू के साथ जो हुआ, वह सही नहीं था। अब उन्हें इस स्थिति को किसी न किसी तरह संभालना होगा।” उन्होंने आगे कहा, ‘कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद अब संजू भी बाहर हो गए, ऐसे में सभी खिलाड़ियों को लग सकता है कि अगला नंबर उनका होने वाला है। ये टीम के लिए अच्छा नहीं है।’

रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि टीम चुनते समय कई बार मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, उन्हें थोड़ा ज्यादा भरोसा और मौके मिलने चाहिए।

पृथ्वी शॉ की जिंदगी में एक और विवाद, मंगेतर ने कहा ‘धोखेबाज’

भारत को अंडर 19 विश्वकप जिताने वाले पृथ्वी शॉ का जीवन विवादों से इतना भरा रहा है कि पता ही नहीं चलता कौन सा विवाद पहले हुआ और कौन सा बाद में। अब वह एक और विवाद में फंस गए हैं। उनकी मंगेतर आकृति अग्रवाल ने उन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर उनके स्नैपशॉ्टस वायरल हो रहे हैं जिस पर लिखा है कि एक बार धोखा खाने के बाद भी बार बार धोखा मिला रहा है।

विवादों से भरा रहा है करियर

2 साल पहले एमसीए के एक सीनियर अधिकारी ने कहा  था कि खराब फिटनेस, रवैये और अनुशासन मसले के कारण कई बार टीम को मैदान पर उसे छिपाने पर मजबूर होना पड़ता था।शॉ ने 16 सदस्यीय विजय हजारे ट्रॉफी टीम में जगह नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये गुस्सा निकाला था । वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई टीम का हिस्सा थे।

शॉ ने किशोरावस्था में पदार्पण करते हुए टेस्ट शतक बनाया था। 25 साल की उम्र में वह अपने करियर के चौराहे पर खड़े हैं क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग 2024 की कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें 75 लाख रुपये के कम आधार मूल्य पर भी खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी।

भारत की 2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी को भारतीय क्रिकेट के अगले स्टार के रूप में देखा जा रहा था और छह सत्र पहले टेस्ट पदार्पण पर शतक लगाने के बाद उनसे उम्मीदें बढ़ गई थीं।

भारत के लिये 5 टेस्ट, 6 वनडे और 1 T20I मैच खेल चुके शॉ आईपीएल मेगा नीलामी 2024  में नहीं बिके। पृथ्वी भारतीय क्रिकेट टीम से 2021 से दूर चल रहे हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2021 में खेला था।

264 वर्ष के शॉ टीम के अभ्यास सत्रों में नियमित रूप से भाग नहीं ले रहे और उनका वजन भी बढ गया है।कई फैंस के मन में चिंता भी थी कि साल 2018 के Under19 विश्वकप विजेता कप्तान बच्चे जैसे लगते थे और अब 26 साल की उम्र में भी उनका यह हाल हो गया।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर उठे सवालों का BCCI ने दिया जवाब, चयन प्रक्रिया पर तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। आयरलैंड सीरीज और इंग्लैंड के पहले टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला था। टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे अनुभवी बल्लेबाजों पर भरोसा जताया था। दूसरे टी20 में वैभव को डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। वहीं अपने पहले मैच में वैभव 14 रन बनाकर आउट हुए। टीम में वैभव के सेलेक्शन पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे।

वहीं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद टीम चयन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में मौका सिर्फ अच्छे प्रदर्शन और काबिलियत के आधार पर मिलता है, किसी दबाव या सिफारिश से नहीं।

राजीव शुक्ला ने क्या कहा

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ANI से कहा, “वैभव सूर्यवंशी को उनके डेब्यू और यह मौका मिलने पर मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। BCCI किसी खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं करता। जो खिलाड़ी अपनी काबिलियत के दम पर मौका पाने के हकदार होते हैं, उन्हें टीम में जगह जरूर मिलती है। सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही थी कि कुछ खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जा रहा है और इसके लिए कोच व कप्तान की आलोचना भी की जा रही थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था।”

जब टीम को सही लगा तब दिया मौका

BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि उन्होंने पहले भी साफ किया था कि वैभव सूर्यवंशी को सही समय आने पर जरूर मौका मिलेगा। उन्होंने आगे कहा, “मैंने कुछ दिन पहले ही कहा था कि जब टीम मैनेजमेंट को सही समय लगेगा, तब उसे मौका दिया जाएगा और अब ऐसा ही हुआ। मुझे पूरा भरोसा है कि वैभव आगे चलकर शानदार प्रदर्शन करेगा और भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाएगा। टीम मैनेजमेंट ने यह फैसला सोच-समझकर लिया है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।”

पहले मैच में 14 रन बनाकर हुए आउट

वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही बड़ी पारी से शुरू नहीं हुआ। अपने पहले मैच में उन्होंने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए और इस दौरान दो शानदार छक्के भी लगाए। विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई और इसके साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली।

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले एक्शन में बुमराह, नेट्स में बहाया पसीना

Vaibhav Sooryavanshi: संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को चुने जाने पर भड़के संजय मांजरेकर, फैसले पर उठाए सवाल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत ने 4 विकेट से मात दी है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के नाम था। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैभव का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू देखना खुशी की बात है, लेकिन अगर संजू पूरी तरह फिट थे तो उन्हें बाहर बैठाने का फैसला समझ से परे है।

पहले मैच में वैभव ने बनाए 14 रन

संजू सैमसन के बाहर होने की वजह चोट नहीं थी। मैच के बाद जब कप्तान श्रेयस अय्यर से इस फैसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने माना कि टीम में जगह के लिए कड़ा मुकाबला है। संजू की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला, लेकिन अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके और 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हो गए। ओल्ड ट्रैफर्ड की उछाल भरी पिच पर उन्हें बल्लेबाजी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

संजय मांजरेकर ने फैसले पर उठाया सवाल

संजय मांजरेकर ने X पर लिखा, “वैभव सूर्यवंशी को भारत की जर्सी में खेलते देखना बेहद खुशी की बात है। लेकिन संजू सैमसन को बाहर क्यों किया गया? अगर ऐसा हुआ है तो यह हैरान करने वाला फैसला है। मुझे उम्मीद है कि वह चोटिल होंगे, क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो ये काफी अजीब चयन है। अगर टीम वैभव को मौका देना चाहती थी, तो उन्हें तीसरे नंबर पर भी बल्लेबाजी कराई जा सकती थी।”

कैसा था भारत-इंग्लैंड का मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेला गया। मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे टी-20 में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने आई इंग्लैंड की टीम 19 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया।