BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी का शेयर बना रॉकेट, जून तमाही के जोरदार नतीजों का असर

BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के शेयरों में 21 जुलाई को पंख लग गए। शेयर सुबह में मजबूत खुले। उसके बाद अच्छी खरीदारी से रॉकेट बन गए। 12 बजे शेयर का प्राइस एनएसई में 10:41 फीसदी के उछाल के 674 रुपये चल रहा था। बीते छह महीनों में यह शेयर 58 फीसदी चढ़ा है।

जून तिमाही में रिटेल सेल्स 49 फीसदी बढ़ा

Bluestone Jewellery and Lifestyle के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही में उसका शानदार प्रदर्शन है। कंपनी ने 20 जुलाई को नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया, जिससे उसके शेयरों पर इसका असर 21 जून को देखने को मिला। जून तिमाही में कंपनी का रिटेल सेल्स साल दर साल आधार पर 49 फीसदी बढ़ा है।

कंपनी के कंज्यूमर बेस में 21 फीसदी इजाफा

ब्लूस्टोन ज्वेलरी का रेवेन्यू जून तिमाही में बढ़कर 733 करोड़ रुपये हो गया। इसमें कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विस्तार का हाथ है। साल दर साल आधार पर कंपनी ने अपना कंज्यूमर बेस 21 फीसदी तक बढ़ाया। रिपीट कस्टमर्स से भी कंपनी को अच्छा सपोर्ट मिला। इससे कंपनी की एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) बढ़ी है।

एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 21 करोड़ रुपये का एडजस्टेड नेट लॉस हुआ था। कंपनी जून तिमाही में लॉस से प्रॉफिट में आई, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में बढ़ी है। कंपनी के शेयर पिछले साल अगस्त में शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे।

अगले पांच सालों में मुनाफा बनाने की क्षमता बढ़ेगी

ब्लूस्टोन ज्वेलरी मुंबई की ज्वैलरी कंपनी है। कंपनी ने अगले पांच सालों में कंपनी को मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ गौरव कुशवाहा ने कहा, “हमने छह साल पहले ऑपरेशन शुरू किया था। हमारे आधे से ज्यादा स्टोर्स तीन साल से कम पुराने हैं। आगे इन स्टोर्स का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है।”

यह भी पढ़ें: SBI Funds Management share: शेयर 7% प्रीमियम पर लिस्ट, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी 

शेयर बाजारों में 21 जुलाई को कमजोरी दिखी। 12:15 बजे निफ्टी 0.28 फीसदी यानी 65 अंक गिरकर 24,172 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.34 फीसदी यानी 267 अंक गरकर 77,445 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.08 फीसदी की हल्की गिरावट देखने को मिली। 20 जुलाई को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Tata Elxsi share: Q1 नतीजों के बाद शेयर 6% टूटा, अब खरीदें, बेचें या रहें बनें, जानें एक्सपर्ट की राय

Tata Elxsi Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एलेक्सी ( Tata Elxsi) के शेयर 15 जुलाई को  6 फीसदी टूट गए और ₹3,473.75 पर आ गया, जो 52 हफ़्ते का सबसे निचला लेवल है।दरअसल,   कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार को पसंद नहीं आए।  टाटा ग्रुप की कंपनी ने जून तिमाही में प्रॉफिट में भारी गिरावट की रिपोर्ट दी, जबकि रेवेन्यू काफी हद तक स्ट्रीट के अनुमानों के मुताबिक ही रहा। यहीं कारण है कि  शेयर आज निफ्टी 500 में भी टॉप लूजर में शामिल है।

इंजीनियरिंग और डिज़ाइन सर्विस फर्म ने लगातार 1.3% की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ की रिपोर्ट दी, जो एनालिस्ट की 1.2% की उम्मीदों से काफी हद तक मेल खाती है। हालांकि, EBIT मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 340 बेसिस पॉइंट्स घटकर 21.2% हो गया, जो स्ट्रीट के 22% के अनुमान से कम है।

मार्जिन में गिरावट मुख्य रूप से बड़ी डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, कस्टमर से जुड़े खर्च, ऑनसाइट सेल्स और डिलीवरी कैपेबिलिटी में इन्वेस्टमेंट, ज़्यादा सबकॉन्ट्रैक्टिंग कॉस्ट, टैलेंट इन्वेस्टमेंट और कुछ एक बार के सालाना खर्चों की वजह से हुई।

मैनेजमेंट ने बताया कि जून तिमाही में मार्जिन पर दबाव सबसे ज़्यादा था, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि सितंबर तिमाही पर सालाना सैलरी हाइक का असर पड़ेगा।

अब क्या करें, जानें क्या कहते है ब्रोकरेजज

JP मॉर्गन ने टाटा एलेक्सी पर अपनी ‘neutral’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,500 रखा है। ब्रोकरेज ने इस तिमाही को मिला-जुला बताया, जिसमें रेवेन्यू उम्मीद से थोड़ा ज़्यादा रहा लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी काफी कम रही।

रेवेन्यू ग्रोथ मीडिया और टेलीकॉम वर्टिकल की वजह से हुई, जबकि ऑटोमोटिव और हेल्थकेयर बिज़नेस दबाव में रहे। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मीडिया और टेलीकॉम में मोमेंटम बना रहेगा, जिसे हाल की डील्स और प्रोजेक्ट रैंप-अप से सपोर्ट मिला है।हालांकि, JPMorgan ने कहा कि FY27 में हाई सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ देने का कंपनी का टारगेट हेल्थकेयर सेगमेंट में रिकवरी पर निर्भर करता है, जहां विजिबिलिटी अभी भी अनिश्चित है।

ब्रोकरेज ने यूरोपियन ऑटोमोटिव मार्केट में लगातार मुश्किलों पर मैनेजमेंट की कमेंट्री को भी हाईलाइट किया, जो टाटा एलेक्सी के ऑटोमोटिव बिज़नेस का 40% से ज़्यादा हिस्सा है।

 JPMorgan 

मार्जिन पर, JPMorgan ने कहा कि यह तेज गिरावट डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, रैंप-अप खर्च, ऑनसाइट डिलीवरी इन्वेस्टमेंट, टैलेंट एडिशन, कस्टमर-रिलेटेड प्रोविजन और एक बार की सालाना कॉस्ट के कॉम्बिनेशन की वजह से हुई। हालांकि इनमें से कुछ कॉस्ट अगले एक से दो क्वार्टर में कम होने की उम्मीद है, लेकिन दूसरों को नॉर्मल होने में ज़्यादा समय लग सकता है।

इस वजह से, जेपी मॉर्गन को सिर्फ़ तीसरी तिमाही से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है और उसने FY27-FY29 के लिए अपने अर्निंग्स एस्टिमेट्स में 1-13% की कटौती की है, जिसका मुख्य कारण कम मार्जिन का अंदाज़ा है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ 

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने स्टॉक पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,000 रखा है।ब्रोकरेज ने कहा कि टाटा एलेक्सी ने इन-लाइन रेवेन्यू दिया लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर निराश किया। जहां मीडिया और कम्युनिकेशंस सेगमेंट को डील रैंप-अप से फ़ायदा हुआ, वहीं ट्रांसपोर्टेशन और मेडिकल डिवाइसेज़ बिज़नेस में मामूली गिरावट आई।

कोटक ने मार्जिन मिस के लिए डील ट्रांज़िशन कॉस्ट और गो-टू-मार्केट (GTM) और डिलीवरी कैपेबिलिटीज़ में अपफ्रंट इन्वेस्टमेंट को ज़िम्मेदार ठहराया। उसका मानना ​​है कि कॉस्ट इन्फ्लेशन का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रक्चरल है और प्रॉफिटेबिलिटी पर इसका असर जारी रह सकता है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि टाटा एलेक्सी अपने सेल्स ऑर्गनाइज़ेशन, खासकर अपनी डील-हंटिंग क्षमताओं में इन्वेस्टमेंट को बढ़ा रही है, कुछ समय के कम इन्वेस्टमेंट के बाद।

ऑटोमोटिव बिज़नेस पर, कोटक को उम्मीद है कि ग्लोबल ऑटोमेकर्स द्वारा R&D खर्च कैलेंडर ईयर 2026 तक कम रहेगा, जिसका कारण जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, इंडस्ट्री में गिरावट और चीनी OEMs से बढ़ते कॉम्पिटिशन को बताया गया है। इसने यह भी कहा कि कई ऑटोमेकर्स ने कमजोर डिमांड के कारण नए व्हीकल डेवलपमेंट प्रोग्राम में या तो देरी की है या उन्हें कैंसिल कर दिया है।

मुश्किल डिमांड के माहौल और ठीक-ठाक मार्जिन आउटलुक को देखते हुए, कोटक ने FY27-FY29 के लिए अपने कमाई के अनुमानों में 10-14% की कमी की है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 550 अंक ऊपर, निफ्टी 24200 के पार, बैंक, फाइनेंशियल शेयरों में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tata Elxsi Q1 Results: टाटा की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, पहली बार रेवेन्यू ₹1000 करोड़ के पार पहुंचा

Tata Elxsi Q1 Results: डिजाइन और टेक्नोलॉजी सर्विसेज देने वाली कंपनी Tata Elxsi ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। टाटा ग्रुप की इस कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹144.3 करोड़ था।

रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही में Tata Elxsi का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹1,021.1 करोड़ पहुंच गया। तिमाही आधार पर भी इसमें 2.8% की बढ़ोतरी हुई। यह पहली बार है जब Tata Elxsi का तिमाही ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।

वहीं, EBITDA 15.7% बढ़कर ₹216 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 21.2% दर्ज किया गया।

किन कारोबारों ने बढ़ाई रफ्तार?

Tata Elxsi की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्टेशन और मीडिया कारोबार का रहा।

ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.3% बढ़ा। वहीं, मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 22.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% घटकर ₹170.6 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹220 करोड़ था। इसी तरह, EBIT भी 12.5% घटकर ₹193.7 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन 22.27% से घटकर 18.97% पर आ गया।

AI और ऑटोमोबाइल कारोबार पर फोकस

Tata Elxsi के CEO और MD मनोज राघवन ने कहा कि तिमाही के दौरान बड़े ऑर्डर और मजबूत डील एग्जीक्यूशन की वजह से अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। ऑटोमोबाइल कारोबार में OEM ग्राहकों से मजबूत मांग बनी रही।

उन्होंने बताया कि कंपनी AI पर लगातार फोकस बढ़ा रही है। इसी तिमाही में उसने ViTEL नाम का Gen AI बेस्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह अलग-अलग मटेरियल का बेहतर एनालिसिस करने में मदद करेगा। इसके अलावा AnaTEL नाम का AI प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया है। इसे हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए तैयार किया गया है।

Tata Elxsi का शेयर मंगलवार को 2.97% की गिरावट के साथ ₹3,710 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 39.96% टूट चुका है।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।