…तो बंद हो गया होता यूपी का चीनी उद्योग : सीएम योगी

CM Yogi Amroha rally: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले विकास, औद्योगिक निवेश व किसानों को गन्ना भुगतान संभव नहीं था। 2007 से 2017 के बीच सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। यदि वे सरकारें अभी होतीं तो अब तक यूपी का चीनी उद्योग बंद हो चुका होता। डबल इंजन की भाजपा सरकार 122 चीनी मिलों का संचालन कर रही है। 3.23 लाख करोड़ रुपए का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। गन्ना मूल्य भी बढ़कर 400 रुपए प्रति कुंतल हो गया है। यूपी अब चीनी, गन्ना, एथेनॉल उत्पादन करने वाला नंबर-वन राज्य है।

 

सीएम योगी शनिवार को वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में अमरोहा व धनौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए 207 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर जनपद के आध्यात्मिक इतिहास व महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। 

अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कह सकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कहेगा। इसने हस्तशिल्प व कारीगरी के माध्यम से दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। ओडीओपी के जरिए अमरोहा के तबला व ढोलक की पहचान बनी है। यहां का किसान आम की उपज को वैश्विक बाजार में पहुंचा रहा है। मध्य गंगा नहर परियोजना भी पूरी हो रही है। गंगा एक्सप्रेसवे ने राह आसान कर दी है। 10 साल पहले कोई सोच नहीं सकता था कि अमरोहा से दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज की दूरी कम हो पाएगी। अब अमरोहा से हरिद्वार की दूरी भी आसान बनाएंगे और किसानों को जमीन का अच्छा दाम देंगे। विकास के नए प्रतिमान पर स्थापित हो रहा अमरोहा अपनी नई पहचान बनाएगा। औद्योगिक विकास के लिए हसनपुर में बन रहा पार्क जनपद को नई ऊंचाई देगा। 

यूपी में सुरक्षा, सुशासन के साथ बरस रही समृद्धि 

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में आगामी 50-100 वर्ष की योजना को लेकर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। अब नौजवान बेरोजगार नहीं होगा, पलायन नहीं करेगा। 2017 के बाद से यूपी में सुरक्षा, सुशासन के साथ समृद्धि बरस रही है। सरकार तिगरी व गढ़ के लिए काम कर रही है। मां गंगा तिगरी की तरफ कुछ बढ़ रही हैं, इसलिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिया गया है कि गंगाजी को चैनलाइज कर तिगरी व गढ़ मेले के स्वरूप को और भव्य करो, जिससे यह पश्चिमी उप्र में माघ व कुंभ मेले की तरह चमकता दिखे। 

पहले आस्था पर होता था प्रहार, अब किसी त्योहार पर रोक नहीं 

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले आस्था पर प्रहार होता था। कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, रामनवमी की शोभायात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाई जाती थी। जयश्रीराम कहने पर लाठी-डंडे चलते थे और सरकारें मौन रहती थीं लेकिन अब किसी त्योहार पर रोक नहीं है, बल्कि सरकार आस्था का सम्मान करते हुए हरसंभव सहयोग करती है।

सुरक्षा में सेंध लगाने वाले जेल या जहन्नुम जाएंगे 

सीएम ने जनपदवासियों से कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों के हर प्रस्ताव को धरातल पर उतार रही है। विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी नहीं है, लेकिन इसके लिए समय, सोच, संवेदना, नीति और नीयत चाहिए। पिछली सरकारों में हर जनपद में दंगे होते थे, लोग असुरक्षित थे। हमने कहा कि सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम ही जगह है। हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम किया।

यहां के लोग कभी एक मंत्री से थे आतंकित

सीएम ने कहा कि यूपी अब सुरक्षा का मॉडल दे रहा है। सुरक्षा सुशासन लाती है। सुशासन निवेश और निवेश समृद्धि लेकर आता है। अब हर भर्ती में अमरोहा-धनौरा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र पाता है, लेकिन पहले रामपुर व सैफई का सिडिंकेट नौकरियों में डकैती डालता था। अब आपकी अपनी सरकार है, कोई हक पर डकैती नहीं डाल सकता। 2017 में महेंद्र खड़गवंशी के प्रचार में आया था तो लोग एक मंत्री के आतंक से भयभीत थे। तब मैंने कहा था कि भाजपा सरकार आएगी तो ये सभी दुम दबाकर बिल में घुसकर ही खुद को सुरक्षित कर पाएंगे। अब यहां किसी का भय या आतंक नहीं। 

सीएम ने चेतन चौहान को भी याद किया

मुख्यमंत्री ने पूर्व क्रिकेटर व पूर्व मंत्री चेतन चौहान को भी याद किया। कहा कि वह नौगावां सादात व जनपद में खेल, विकास को बढ़ाने के लिए समर्पित थे। एनडीए सरकार चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही है। हर तबके को बिना भेदभाव सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि 2017 के पहले यह संभव नहीं था।

 

गरीबों के हक पर डकैती डालते थे सपा-कांग्रेस के लोग

सीएम ने कहा कि कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने अपनी लाचारगी जताते हुए कहा था कि 100 में से 85 पैसे ही नीचे जनता तक पहुंचते हैं। यह छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि, गरीब के राशन, आवास, पेंशन, शौचालय का पैसा था, जिस पर सपा व कांग्रेस वाले डकैती डालते थे। अब डबल इंजन सरकार में गरीब को पूरी रकम सीधे उसके बैंक खाते में मिलती है। 

हर वर्ग के लिए योजनाएं लाई है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हर वर्ग के लिए योजनाएं हैं। निराश्रितों के लिए अटल आवासीय विद्यालय, गरीब, पिछड़ी व अनुसूचित जाति की बच्चियों के लिए कस्तूरबा गांधी विद्यालय है। आज मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का शिलान्यास भी हो रहा है। बेटियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार ने हाल में शिक्षकों के लिए हर वर्ष पांच लाख रुपए के कैशलेस इलाज की व्यवस्था की है।

शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार और अनुदेशकों का 17 हजार रुपए किया गया है। हर शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक के लिए सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना भी लागू की गई। आपदा की चपेट में आने वाले शिक्षक के परिजनों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ की सहायता मिलेगी। शिक्षामित्र या अनुदेशक के साथ घटना-दुर्घटना होने पर परिवार वालों को 30 से 80 लाख रुपए तथा रसोइया के परिजनों को दो लाख रुपए का बीमा कवर मिलेगा। आपदा की चपेट में आने वाले किसानों के परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना में 24 घंटे के भीतर पांच लाख रुपए की सहायता दिलाई जाती है। 

विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं तरारा व खड़गवंशी, अमरोहा व नौगावां सादात वाले रजाई तानकर सोते हैं 

सीएम ने कहा कि किसानों-नौजवानों के हित में सरकारें आती हैं तो हर वर्ग के विकास के लिए कार्य होता है। जहां खानदान का कब्जा हो और एक ही परिवार सभी पदों पर काबिज हो, वहां विकास नहीं हो सकता। आपने राजीव तरारा व महेंद्र सिंह खड़गवंशी जैसे अच्छे विधायकों व कंवर सिंह तंवर को सांसद चुना तो विकास कार्य हो रहे हैं। हमारे विधायक निरंतर विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं। अमरोहा सदर व नौगावां सादात वाले शासन में पैरवी नहीं करते, वे जीतने के बाद रजाई तानकर सो गए। जनता ने इन दोनों क्षेत्रों में भी कमल खिलाया होता तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती। सीएम ने अमरोहावासियों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार हर हित का ध्यान रखेगी। उन्होंने पैरोकारी के लिए अच्छे विधायक व सांसद चुनने की अपील करते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि जल्द ही वे नौगावां सादात व हसनपुर भी आएंगे।

 

इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, सांसद कंवर सिंह तंवर, जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर, विधायक राजीव तरारा, महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधान परिषद सदस्य हरि सिंह ढिल्लो, भाजपा के जिलाध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी आदि मौजूद रहे।

Abhishek Banerjee: TMC में सियासी घमासान! बागी नेताओं को अभिषेक बनर्जी की खुली चुनौती, कर दी इस्तीफे की पेशकश

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी छोड़ चुके नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर ये नेता फिर से ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी में लौट आते हैं, तो वह खुद अपना पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। पार्टी में चल रही नाराज़गी पर बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग टीएमसी छोड़ चुके हैं और अब उन पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले ममता बनर्जी के पास वापस आना चाहिए।

अभिषेक बनर्जी ने दी ये चुनौती

अभिषेक बनर्जी ने कहा, “जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं और आज मेरे खिलाफ बोल रहे हैं या मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे ‘दीदी’ यानी ममता बनर्जी के नेतृत्व में वापस आ जाएं। अगर वे ऐसा करते हैं, तो मैं एक घंटे के भीतर पार्टी से इस्तीफा दे दूंगा।” अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि ये नेता वापस नहीं आएंगे, क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि पहले पार्टी छोड़ो, फिर बागी गुट या भाजपा में शामिल हो जाओ और उसके बाद अभिषेक बनर्जी पर आरोप लगाओ, यही उनकी रणनीति है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी में बगावत की वजह वास्तव में वही हैं, तो बागी नेताओं के टीएमसी में लौटते ही वह 24 घंटे के भीतर अपना पद छोड़ देंगे।

टीएमसी में बढ़ी अंदरूनी कलह

अभिषेक बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेता और विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। इन नेताओं ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर अलग गुटों का रुख किया है और पार्टी में चल रहे संकट के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। टीएमसी छोड़ने या पार्टी से अलग होने वालों में सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा, करीब 19 से 20 सांसदों के एक बड़े गुट के भी पार्टी से अलग होने का दावा किया जा रहा है। इस गुट में काकोली घोष दस्तीदार, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बसुनिया, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, शताब्दी राय, जून मालिया, माला राय, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, बापी हलदर, मिताली बाग, खलीकुर रहमान, अबू ताहिर खान, असित मल, देव अधिकारी और पार्थ भौमिक शामिल बताए जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, यह गुट त्रिपुरा स्थित एनसीपी के एक धड़े में शामिल हो गया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को समर्थन देने की बात कही जा रही है।

नेताओं के इस्तीफे से बढ़ी मुश्किलें

हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली है। मदन मित्रा ने पार्टी के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है और एक बागी गुट में शामिल हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। मदन मित्रा ने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में फैसले एक ही व्यक्ति के हाथ में केंद्रित हो गए हैं। उन्होंने इसे “हिटलर जैसी कार्यशैली” बताते हुए आरोप लगाया कि इससे पार्टी कमजोर हो रही है।

वहीं, सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा और पार्टी के सभी पद छोड़ दिए, जबकि प्रकाश चिक बारिक ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। बाद में ये तीनों नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। इधर, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले एक अलग बागी गुट ने दावा किया है कि उसे करीब 19 सांसदों का समर्थन हासिल है। इस गुट ने यह भी संकेत दिया है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन कर सकता है।

बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, बम-बम बोलकर चलने वाले शिवभक्तों पर आपत्ति होती थी। सीएम ने अपना कुर्ता दिखाया और कहा कि इन्हें इस केसरिया रंग से चिढ़ होती थी। यह वही लोग हैं, जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाई थी। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुरादनगर व मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया। 

2017 के पहले शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से हो सकते हैं दंगे, इसे रोका जाए

सीएम ने 2017 में कांवड़ यात्रा की बैठक का जिक्र किया, कहा कि पुराने शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। यदि कुछ लोग यह यात्रा निकालते हैं तो उन्हें घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने से रोका जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा तो पता चला कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाएगी। मैंने कहा कि यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पण रखने वाले शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़ी जाति समेत हर तबके का व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में जाता है। हम उन्हें सुरक्षा व सुविधा देंगे, कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दंगा न होने की गारंटी मैंने ली, क्योंकि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता। वह मर्यादा में चलता है क्योंकि समरसता उसके जीवन का हिस्सा है। 

कांवड़ यात्रा की मर्यादा व अनुशासन को बनाए रखना है

सीएम ने कहा कि अब देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद तक की निकलती है। देश और विदेश से लोग इसे देखने आते हैं, क्योंकि यह भारत में ही संभव है। आस्था को न समझने वाले राम मंदिर, कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाते थे। अब कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। बहुत शीघ्र फिर से कांवड़ यात्रा आने वाली है। सभी कांवड़ संघों व शिवभक्तों से अपील की कि इस आयोजन की मर्यादा, अनुशासन को बनाए रखना है। किसी विरोधी को अवसर नहीं देना है। प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाएं, सरकार भव्य कांवड़ यात्रा निकालने का प्रबंध कराएगी। अब तो गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है। 

आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं सपाई व कांग्रेसी 

सीएम ने आस्था के सम्मान का जिक्र कर कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर, पुरा महादेव में आदियोगी की भव्य प्रतिमा-कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही नई अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी धाम आदि पवित्र तीर्थ स्थल फिर से जगमगा रहे हैं। सपा व कांग्रेस वाले आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं। 

10 साल पहले गाजियाबाद में होता था गैंगवार, अब सुशासन यहां की पहचान 

सीएम ने कहा कि गाजियाबाद अपनी खुद की पहचान रखने वाला, भगवान दुग्धेश्वर नाथ का पावन जनपद है। हस्तशिल्प के लिए जगविख्यात गाजियाबाद की स्थिति एक दशक पहले क्या थी। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, लेकिन इसका नाम लेने से लोग भयभीत होते थे। यहां आने का साहस नहीं करते थे। गंदगी पहचान थी और यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थीं। 10 वर्ष पहले यहां की अराजकता, गुंडागर्दी और गैंगवार को आपने देखा है परंतु अब गाजियाबाद सुशासन के मॉडल के तहत पहचान बना रहा है। अब गाजियाबाद पर फिल्में नहीं बनतीं, बल्कि यहां हरिनंदीपुरम कॉलोनी आती है। अब स्वच्छता रैंकिंग में भी गाजियाबाद का स्थान होता है। 

सीएम ने गाजियाबाद में किए विकास कार्यों को गिनाया

सीएम ने कहा कि जिस दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, आज मात्र कुछ मिनट में वह दूरी तय होती है। गाजियाबाद में बेहतरीन सड़कें हैं। नगर निगम ने साफ-सफाई की शानदार व्यवस्था की है। दिल्ली-मेरठ के बीच पहली रैपिड रेल चल रही है। यह प्रस्ताव मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले से चल रहा था, लेकिन सपा सरकार ने नकार दिया था कि हमें रैपिड रेल नहीं चाहिए। बतौर मुख्यमंत्री मैंने पूछा कि पिछली सरकारों ने क्या निर्णय किया है तो पता चला कि उन्होंने इस पर नकारात्मक रूप से लिखा है। मैंने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया तो अधिकारियों ने बताया कि इसमें 32 हजार करोड़ रुपये लगेगा और इसमें राज्य व केंद्र सरकार बराबर पैसा देगी। सब सशंकित थे, लेकिन मैंने कहा कि राज्य सरकार पैसा देगी। आज लगता है कि 2017 में निर्णय लेकर हमने अच्छा किया। मेरठ से दिल्ली की तीन घंटे की दूरी अब 40 मिनट में तय हो रही है। मोदीनगर व मुरादनगर की दूरी और भी कम हुई है। 

एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा गाजियाबाद

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 वर्ष में देश को सुशासन का मॉडल दिया है। जब कानून का राज होता है, तब सुशासन आता है। कानून के राज के लिए अपराध व अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति कारगर होती है। जहां सुरक्षा होगी, वहां सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा, वहां समृद्धि आएगी, जहां समृद्धि आएगी, वहां विकास, निवेश, रोजगार का सृजन होगा, जिससे नौजवानों के हाथों को काम मिलेगा। गाजियाबाद एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वाह कर रहा है। 

2017 के पहले शासन करने वालों के यहां देर रात तक सजती थी मंडली

सीएम ने कहा कि जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुना तो परिणाम सामने है। आज की नई योजनाएं यहां की गति को और बढ़ाएगी। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले शासन करने वाले लोग 12 बजे सोकर उठते थे। 2 बजे तैयार होते थे, खाने-पीने के बाद उनके जिम जाने का समय हो जाता था। वहां से आते ही उनकी मंडली देर रात तक सजी रहती थी। तब प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू लगता था। सरकार की नीति-नीयत न होने से निवेश और रोजगार नहीं आ पाता था। 

कांग्रेस सरकार में 85 पैसे पर पड़ती थी डकैती, हम उस पैसे को विकास में लगाते हैं 

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि 100 में से 15 पैसा ही नीचे पहुंचता था। सीएम ने कहा कि शेष 85 पैसा वही था, जिसे जनता ने टैक्स के रूप में दिया था। इससे छात्रवृत्ति, पेंशन, गरीबों का मकान, स्वास्थ्य बीमा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती थी। यह लोग यदि उस पैसे को जमीन पर उतारते तो हाईवे, मेट्रो, एयरपोर्ट बन सकता था, लेकिन धऱातल पर उतरने से पहले ही कांग्रेस व सपा के लोग इस 85 पैसे पर डकैती डालते थे, जिससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। 

एनसीआर बता रहा है कि कैसे होता है विकास

सीएम ने कहा कि एनसीआर बता रहा है कि विकास कैसे होता है। पहली रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही मेरठ से हरिद्वार के बीच जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद वालों को अब हिंडन में ही वायुसेवा प्राप्त है। ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरलवे का निर्माण हो चुका है। पीएम मोदी ने यूपी के पांचवें (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) का लोकार्पण किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी पहचान दिला रहा है। विकास की यह कड़ी भावी पीढ़ी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में नई पहचान बनने जा रही है। यहां से कुछ दूरी पर यमुना अथॉरिटी में फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी के निर्माण कर युवाओं के लिए रोजगार लेकर आ रहे हैं। 

 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, डॉ. मंजू शिवाच, धर्मेश सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल आदि मौजूद रहे। 

आदर्श राजनेता थे स्व. राजपाल त्यागी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जब जनता की सेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी जनता के दिल में स्थान बनाने वाले राजनेता थे। आदर्श राजनेता स्व. राजपाल त्यागी छह बार (दो बार निर्दल) विधायक रहे। वे दो बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व दो बार कैबिनेट मंत्री रहे। यह उनकी लोकप्रियता व जनता के मन में उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि माता-पिता की साधना और त्याग पुत्रों के कार्यों में झलकती है। तपस्या, साधना, लोककल्याण के प्रति समर्पण के भाव का परिणाम है कि अजीत पाल लगातार विधायक बनकर पिता के कार्यों को निरंतरता प्रदान कर रहे हैं। जनता का उत्साह उनके प्रेम और सेवा को प्रस्तुत कर रहा है। विधायक अजीत पाल त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया।

शामली और कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted the Samajwadi Party and the Congress

– मुख्यमंत्री ने शामली, थानाभवन व कैराना विधानसभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपए से अधिक की 89 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– 10 साल पहले आतंक व भय का प्रतीक था शामली, अब यहां गन्ने की मिठास और एक्सप्रेसवे की ‘त्रिवेणी’ है

– कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर दें

– 2017 के पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में 4 बजे से काम करने वाली सरकार

– 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 मिलें संचालित

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे। विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे। इनसे लगातार सतर्क रहना है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की।

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कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान

सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था। शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था। कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी। 

 

10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली

सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है। शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी। कोई सुरक्षित नहीं था। शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी। अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है।

 

एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है शामली

मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है। यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा।

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शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है। 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे। 

 

2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं 

सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था। 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं।

21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं। 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे। आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। अब गन्ना किसानों को 400 रुपए कुंतल दाम मिल रहा है। यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है। यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है।

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शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ 

सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता। हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया। हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया। शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है।

पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था। यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया। वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी। 

 

सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता

सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी। कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है। सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता। शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं।

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चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार

सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है। हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है। 

 

कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें 

सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं। राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है। अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए।

विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है। अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी। पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी।

 

सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की 

सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं। वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं। हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं।

जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा। इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे। शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा। आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। 

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प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स 

सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा। आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं। शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है।

 

पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार  

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे। वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे। उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी। यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है। यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है। चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है। 

 

इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

US Visa Rules Tightened: अमेरिकी वीजा नियमों में भारी बदलाव, विदेशी छात्रों और पत्रकारों के लिए क्या बदलेगा यहां जानिए

US Visa Rules: ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों, कल्चरल एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के लिए वीजा की अवधि को कड़ा करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के एक नए फाइनल रूल के तहत अब अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए F वीजा, कल्चरल एक्सचेंज विजिटर्स के तहत अमेरिका में काम करने की अनुमति देने वाले J वीजा और मीडिया कर्मियों के लिए I वीजा के लिए एक निश्चित समय अवधि तय कर दी गई है।

फिलहाल ये वीजा अमेरिका में कार्यक्रम या रोजगार की अवधि तक के लिए उपलब्ध रहते हैं। लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद विदेशी छात्रों और मीडिया कर्मियों के लिए मुश्किलें काफी बढ़ने वाली हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस नए वीजा नियम से विदेशी छात्रों और पत्रकारों के लिए क्या-क्या बदलने जा रहा है।

वीजा की अवधि में क्या हुआ बदलाव?

रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक नए नियमों के तहत वीजा की समय सीमा को पूरी तरह से सीमित कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय छात्रों (Student Visa) और एक्सचेंज वीजा की अवधि अब अधिकतम 4 वर्ष से ज्यादा नहीं होगी। विदेशी पत्रकारों के लिए वीजा मौजूदा समय में सालों तक चल सकता है पर अब अधिकतम 240 दिनों तक का होगा।

चीनी नागरिकों, पत्रकारों के मामले में इस वीजा की अवधि को और भी कम करके केवल 90 दिन कर दिया गया है। यह नया नियम फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिनों के बाद प्रभावी होगा। ये फेडरल रजिस्टर कांग्रेस की समीक्षा के अंतर्गत आता है।

विदेशी छात्रों के लिए कड़े हुए नियम

नए वीजा नियमों के कारण अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के सामने कई नई पाबंदियां और चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। नए नियम स्पष्ट रूप से स्नातक छात्रों को किसी भी समय अपने शैक्षणिक उद्देश्यों को बदलने या बिना आधिकारिक अनुमति के दूसरे स्कूल में ट्रांसफर लेने से प्रतिबंधित करते हैं।

अपनी डिग्री या ट्रेनिंग पूरी करने के बाद छात्रों को अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाले समय को 60 दिनों से घटाकर आधा यानी 30 दिन कर दिया गया है। हालांकि गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक अगर वीजा धारक निर्धारित अवधि के बाद भी अमेरिका में रुकना चाहते हैं तो उन्हें एक्सटेंशन के लिए आवेदन करना होगा या फिर विदेश यात्रा कर दोबारा अमेरिका में प्रवेश हासिल करना होगा।

भड़का चीन, दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिकी सरकार के इस कदम पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अमेरिका के इस कदम को भेदभावपूर्ण कहा है और वाशिंगटन से चीनी पत्रकारों के लिए इस नई वीजा नीति को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह कार्रवाई 2021 में मीडिया मुद्दों पर चीन और अमेरिका के बीच बनी तीन-बिंदु सहमति का गंभीर उल्लंघन करती है और अमेरिका में चीनी मीडिया के सामान्य कामकाज को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसके साथ ही लिन जियान ने चेतावनी दी कि चीन इसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

अमेरिका ने क्यों उठाया यह कदम?

गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने इन नियमों को लागू करने के पीछे वीजा आवेदकों की संख्या में आई भारी उछाल को मुख्य कारण बताया है। विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024 में 18 लाख से अधिक छात्र वीजा दाखिले हुए जो पिछले वर्ष की तुलना में 11% से अधिक की वृद्धि दर्शाते हैं। इसके अलावा अमेरिका ने वित्तीय वर्ष 2024 में 5,00,000 से अधिक एक्सचेंज विजिटर्स और 37,300 मीडिया कर्मियों को वीजा जारी किए थे।

DHS का कहना है कि इन आगंतुकों की संख्या में भारी वृद्धि की वजह से संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने के दौरान इन गैर-प्रवासियों की निगरानी और ओवरसाइट करने की विभाग की क्षमता के सामने एक चुनौती खड़ी हो गई है। विभाग ने ऐसे कई उदाहरण भी दिए जहां छात्र और एक्सचेंज विजिटर अपने वीजा पर दशकों तक अमेरिका में रुके रहे।

20वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक का अनशन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट, क्या बोले पवन खेड़ा?

sonam wangchuk hunger strike

NEET परीक्षा मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन भी जारी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की। धीरे धीरे राजनीतिक पार्टियां सोनम वांगचुक के समर्थन में सामने आने लगी हैं। अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, राज ठाकरे समेत कई राजनीतिक दिग्गज सोनम वांगचुक का समर्थन कर चुके हैं। ALSO READ: 'आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए'— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील

 

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हम सभी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंतित हैं। हमारा सामना एक बेहद असंवेदनशील सरकार से है, जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझती। ऐसी सरकार के सामने विरोध के तरीकों में बदलाव लाना होगा। इस सरकार के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालने से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि हम छात्रों की गूंज के नाम से एक अभियान चला रहे हैं। हमारे लोग सक्रिय रूप से सड़क, कैम्पस, हर जगह इस मुद्दे को उठा रहे हैं। हम सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे बल्कि परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी कर रहे हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, किसी भी स्थिति में देश के इस अनमोल रत्न को खो नहीं सकते है, लेकिन देश के युवाओं के भविष्य को भी अधर में नहीं छोड़ सकते हैं। ALSO READ: सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?

 

क्या बोले राज ठाकरे?

पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोनम वांगचुक को लेकर एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार ने शायद देश में विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ही समाप्त करने का फैसला कर लिया है। राज ठाकरे ने कहा कि यदि यह सरकार अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के दौरान मूक दर्शक बनी रह सकती है, तो नागरिकों के विरोध प्रदर्शन का उस पर आखिर क्या असर हो सकता है।

 

ठाकरे ने कहा कि वांगचुक के स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट और टेलीविजन पर दिखाई जा रही तस्वीरें निश्चित रूप से चिंताजनक हैं। यह कहना बेहद पीड़ादायक है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक को कुर्बान करने का फैसला कर लिया है और इसके साथ ही शायद देश में विरोध प्रदर्शन के लिए मौजूद लोकतांत्रिक अधिकार को भी समाप्त करने का निर्णय ले लिया है। 

केजरीवाल ने की वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग

दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।

Rahul Gandhi Dehradun event: राहुल गांधी के देहरादून कार्यक्रम से पहले बड़ा हादसा, कांग्रेस कार्यकर्ता की लोहे की रॉड गिरने से मौत

Rahul Gandhi Dehradun event: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए देहरादून स्थित बन्नू स्कूल मैदान में लगाए गए टेंट की लोहे की एक छड़ गुरुवार (17 जुलाई) को गिर गई। इसकी चपेट में आने से एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसा शाम को उस समय हुआ, जब पार्टी कार्यकर्ता अमर मेहता (65) टेंट के नीचे खड़े होकर व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे थे। इसी दौरान टेंट की लोहे की छड़ उनके ऊपर गिर गई।

उन्होंने बताया कि हादसे में मेहता के सिर पर गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बन्नू स्कूल मैदान में शुक्रवार 17 जुलाई को राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वह पेपर लीक सहित अनेक मुद्दों पर छात्रों से संवाद करेंगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब मजदूर कार्यक्रम स्थल पर लोहे का ढांचा तैयार कर रहे थे, तभी ढांचे की एक भारी रॉड अचानक अमर मेहता के सिर पर गिर गई। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और बहुत अधिक खून बहने लगा। वहां मौजूद लोग उन्हें तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे मेहता

मेहता कई दशकों से कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनके बेटे भी पार्टी की युवा शाखा ‘इंडियन यूथ कांग्रेस’ से जुड़े हैं। ‘आज तक’ से बात करते हुए उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मेहता की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है… उनका बहुत ज्यादा खून बह गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से वे उन्हें बचा नहीं सके।” यह जानलेवा घटना राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हुई, जो शुक्रवार, 17 जुलाई को शहर के एक स्कूल मैदान में होना तय है।

कार्यक्रम तय समय पर ही होगा

गोदियाल ने साफ किया कि राहुल गांधी का कार्यक्रम तय समय पर ही होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसे सादगी और संयम के साथ आयोजित किया जाएगा। राज्य कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि राहुल गांधी छात्रों को संबोधित करेंगे। उसके बाद राहुल के मेहता के परिवार से उनके घर जाकर संवेदना व्यक्त करने की भी संभावना है। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी और छात्रों के बीच बातचीत के लिए आयोजित किया है, जिसमें पेपर लीक होने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

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LIVE: पश्चिम बंगाल के बहरामपुर में ट्रेन से टकराई स्कूल वैन, 3 की मौत

baharampur accident

Latest News Today Live Updates in Hindi : पश्चिम बंगाल के बहरामपुर में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हुआ। ट्रेन से स्कूल वैन की टक्कर में 2 बच्चों समेत 3 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वांगचुक जंतर-मंतर पर लगातार 20वें दिन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बरहमपुर में एक बड़ा हादसा हुआ है। बच्चों को लेकर जा रही स्कूल वैन से ट्रेन टकरा गई। हादसे में 2 बच्चों समेत 3 लोगों की मौत हो गई।IPS अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वे IPS सतीश गोलचा की जगह लेंगे।

ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने दिया इस्तीफा

TMC MP koel mallick resigns from rajyasabha

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। TMC की राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

 

ममता ने 3 माह पहले ही अभिनेत्री कोएल को राज्यसभा सांसद बनाया था। कोयल मल्लिक पहली बार अप्रैल महीने में राज्यसभा के लिए चुनी गई थीं। उनके इस्तीफे के बाद संसद में ममता गुट के अब केवल 17 सांसद बचे हैं।

 

कोएल मल्लिक का इस्तीफा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के पार्टी छोड़ने के एक दिन बाद आया है। मदन मित्रा बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत बनर्जी वाले गुट में शामिल हो गए थे।

 

उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक ने भी टीएमसी के साथ राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। ये तीनों नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं और राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भी किया है।

 

कौन हैं कोयल मल्लिक?

बांग्ला फिल्मों के चर्चित अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी कोएल बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। 2003 में उन्होंने टॉलीवुड में एंट्री ली थी। अभिषेक बनर्जी की करीबी माने जाने वाली कोएल 2026 में ही तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थी।

 

MP UCC: मोहन सरकार समान नागरिक संहिता के जरिए साध रही है हिंदुत्व का एजेंडा?

मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में मोहन सरकार UCC से जुड़ा अहम विधयेक लाने जा रही है। 20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले 19 जलाई को कैबिनेट की बैठक में UCC कमेटी के प्रतिवेदन को कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद मोहन सरकार विधानसभा सत्र के पहले दिन ही UCC विधेयक को पेशन करने तैयारी में है।

समान नागरिक संहिता लंबे समय से भाजपा के प्रमुख वैचारिक मुद्दों में शामिल रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश भाजपा के चुनावी मेनिफेस्टो में प्रदेश में UCC लागू करना प्रमुख चुनावी एजेंडा रहा है। ऐसे में अब मोहन सरकार अब उसको पूरा करती हुई दिख रही है। दरअसल भाजपा का मानना है कि UCC लागू होने से विवाह,तलाक,उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनेगी।

बुधवार को इंदौर में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC के मुद्दें पर सरकार का नजरिया साफ करते हुए कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में अब आगे बढ़ रही है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि UCC का मकसद किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना है। सरकार ने पहले जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया भी शुरू की थी, जिसमें 10 लाख से अधिक लोगों के सुझाव लिए गए है। जिसमें 9 लाख लोगों ने यूसीसी के समर्थन में आए है और अब सरकार इसको अमलीजामान पहनाने जा रही है।

UCC पर अपना रूख साफ करें कांग्रेस-
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति द्वारा मुझे यूसीसी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। चाहे यूसीसी का मुद्दा हो या भोजशाला का, कांग्रेस हर विषय को केवल हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह है कि सभी धर्मों के नागरिकों ने यूसीसी पर अपने विचार खुलकर और स्पष्ट रूप से रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपना स्पष्ट रुख सामने नहीं रखा है।

UCC प्रतिवेदन में क्या है?- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपे गए UCC प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है। प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है। तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है।