Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 60 प्वाइंट का दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि FIIs और ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत हैं। जापान का बाजार निक्केई दो फीसदी तो कोरिया मार्केट कॉस्पी 6 फीसदी ऊपर है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी के बीच US के बाजारों में अच्छी बढ़त दिखी है,सोने-चांदी की भी चमक बढ़ी है।

करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

21 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच भारतीय इक्विटी बेंचमार्क लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बड़ी प्राइवेट बैंकों में कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर,कंपनियों के अच्छे नतीजों और व्यापक बाजार की मजबूती पर भारी पड़ा। बाजार की शुरुआत धीमी रही और बाद में सुबह के कारोबार के दौरान दबाव में आ गया,जिससे निफ्टी गिरकर 24,135.65 के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर निवेशक सतर्क रहे। हालांकि,आखिरी घंटे में आई खरीदारी से इंडेक्स को कुछ नुकसान की भरपाई करने और 24,200 के स्तर के आसपास बंद होने में मदद मिली।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट के मेन इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें नैस्डैक सबसे आगे रहा। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 385.38 अंक या 0.74% बढ़कर 52,224.64 पर पहुंच गया, S&P 500 में 65.92 अंक या 0.89% की बढ़त हुई और यह 7,509.20 पर आ गया। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 329.13 अंक या 1.29% बढ़कर 25,837.21 पर पहुंच गया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमी

21 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,650 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदकर लगातार छह सत्रों से चली आ रही बिकवाली का सिलसिला तोड़ दिया। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौ सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला खत्म किया और 656 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर वे नेट सेलर बन गए।

ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन हमला, कच्चे तेल में तेजी,ब्रेंट $92 के पार

ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन भी हमला जारी रहा। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। तेहरान ने युद्ध का दायरा बढ़ाने का एलान किया है। इधर जंग बढ़ने और हूतियों के रेड सी के नाकेबंदी से कच्चे तेल में उछाल आया है। ब्रेंट 92 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।

Market View : निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, इस कैपिटल मार्केट शेयर में हो सकती है बंपर कमाई

जेनेरिक दवाओं के टैरिफ पर ट्रंप का बड़ा एलान

आज फार्मा सेक्टर के लिए निगेटिव खबर है। अमेरिका में जेनेरिक दवा के इंपोर्ट पर पहले दो साल तक टैरिफ नहीं लगेगा। लेकिन ट्रंप ने तीसरे साल से 100% और चौथे साल से 200% टैरिफ लगाने का एलान किया है। यह टैरिफ स्ट्रक्चर इस साल 1 अगस्त से लागू होगा।

बंधन बैंक Q1: मुनाफा 35% बढ़ा, NIMs फ्लैट

बंधन बैंक में आज दबाव दिख सकता है। कंपनी के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। लेकिन मैनेजमेंट की कमेंट्री खराब रही है। पहली तिमाही में बैंक का मुनाफा 35 फीसदी बढ़ा है। NIMs बिलकुल फ्लैट रही है लेकिन कमजोर आउटलुक ने सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है। मैनेजमेंट ने रिटर्न ऑन असेट्सका लक्ष्य घटाते हुए कहा है कि आगे मार्जिन पर भी दबाव दिख सकता है।

इंडियन होटल्स का मुनाफा 21% बढ़ा

पहली तिमाही में इंडियन होटल्स का मुनाफा 21% बढ़ा है। रेवेन्यू में भी 15% की बढ़त दिखी है। कंपनी के EBITDA में 17% का उछाल दिखा है। साथ ही मार्जिन में भी हल्का सुधार हुआ है।

DRL, नेस्ले और इटरनल के नतीजे आज, वायदा के नतीजों की लंबी लिस्ट

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की तीन कंपनियां डॉ रेड्डीज, इटरनल और नेस्ले के रिजल्ट आएंगे। डॉक्टर रेड्डीज का मुनाफा 53% घट सकता है। मार्जिन पर तगड़ी मार संभव है। साथ ही युनाइटेड स्पिरिट्स,HPCL,BPCL समेत वायदा की नौ कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

GABRIEL INDIA की बड़ी शॉपिंग

Gabriel India,दक्षिण कोरिया की ऑटो एंसिलरी कंपनी HL Mando Anand में करीब 29% हिस्सेदारी खरीदेगी। यह सौदा 2231 करोड़ रुपये में होगा। प्रोमोटर यह शेयर 1305 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी।

Market Mantra : 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना रहेगा अच्छा, US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

Market Mantra : बाजार के सामने संकट के बादल फिर खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान फिर लड़ पड़े हैं तो वहीं क्रूड की बिगड़ी चाल ने बाजार में फिर डर का माहौल बना दिया है। इसके अलावा भी बाजार के सामने कई और बड़ी चुनौतियां अब भी खड़ी हैं। कमजोर मॉनसून और पहली तिमाही के नतीजों पर बाजार नजर बनाए बैठा है। इन सभी मुद्दों से अब आगे बाजार की दिशा तय होनी है। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं खास मेहमान LIC म्यूचुअल फंड (LIC Mutual Fund) के CIO इक्विटी सुधांशु अस्थाना

US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

बाजार की चाल पर बात करते हुए सुधांशु अस्थाना ने कहा कि US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं है। US-ईरान फिर शांति की तरफ बढ़ेंगे। सरकार के कदमों से इकोनॉमी में डिमांड बढ़ी है। प्राइवेट कैपेक्स और क्रेडिट ग्रोथ में भी सुधार देखने को मिल रहा है। कॉर्पोरेट क्रेडिट ग्रोथ में 15% का उछाल आया है। देश में डॉलर का फ्लो आगे सुधरेगा। US-ईरान युद्ध आगे बढ़ा तो FY28 नतीजों पर असर दिखेगा। कच्चा तेल 85-90 डॉलर प्रति बैरल पर रहे तो इकोनॉमी पर असर नहीं होगा।

3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा

उन्होंने आगे कहा कि 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा रहेगा। कंपनियों के मुताबिक युद्ध का असर अभी डिमांड पर नहीं दिखा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है। अगले साल से 8वें वेतन आयोग का पैसा भी आने लगेगा। 8वें वेतन आयोग के पैसे से डिमांड को बूस्ट मिलेगा। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने का असर Q1 नतीजों पर दिखेगा।नतीजों के साथ कंपनियों की कमेंट्री और आउटलुक पर बाजार की नजर रहेगी।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ा

सुधांशु अस्थाना ने बताया कि उन्होंनें बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ाया है। प्राइवेट बैंक,NBFC और कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस बढ़ा है। हेल्थकेयर शेयरों में भी एक्सपोजर बढ़ाया है। प्रीसिजन इंजीनियरिंग और डाटा सेंटर पर भी फोकस बढ़ा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है।

कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में डालें पैसा

उन्होंने आगे कहा कि अगर आप कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में पैसा डालें। फ्लैक्सीकैप फंड में भी निवेश किया जा सकता है। पिछले कुछ महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश बढ़ा है। मिडकैप और स्मॉलकैप आगे अच्छा कर सकते हैं।

 

MF Investment : वाइजइन्वेस्ट के CEO हेमंत रुस्तगी से जाने बाजार में निवेश के मंत्र, क्या हैं स्टेप-अप SIP के फायदे

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।