Delhi Weather Today: दिल्ली में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, देखें वेदर फोरकास्ट

Delhi Weather Today: पिछले दो सालों में जुलाई के सबसे गर्म दिनों में से एक का सामना करने के बाद, दिल्ली को मंगलवार (7 जुलाई) को काफी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान लगाया है। इसके लिए मौसम विभाग ने “येलो अलर्ट” जारी किया है, साथ ही कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की संभावना भी जताई है।

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। हालांकि, पिछले दिन की तुलना में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन उमस ज्यादा बने रहने की संभावना है, जिससे बारिश होने तक मौसम असहज रहेगा।

दो साल में जुलाई का सबसे गर्म दिन दर्ज

सोमवार का दिन दिल्ली में पिछले दो सालों में सबसे गर्म जुलाई का दिन रहा। हवा में ज्यादा नमी (उमस) होने की वजह से लोगों को महसूस होने वाला तापमान (फील्स लाइक) करीब 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। जिस वजह से शहर भर के लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।

दिल्ली में कब तक बारिश होगी?

IMD ने अनुमान लगाया है कि उत्तर भारत में मानसून के मजबूत होने के साथ ही अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। सात दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

बता दें कि उत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं, इसलिए आने वाले दिनों में दिल्ली में बार-बार बारिश होने की उम्मीद है। इससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन शहर में जगह-जगह पानी भरने और ट्रैफिक में रुकावट का खतरा भी बढ़ जाएगा।

IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे तूफान के दौरान, खासकर सफर करते समय सतर्क रहें। तेज बारिश के दौरान पानी भरने, कम विजिबिलिटी, ट्रैफिक जाम और कुछ समय के लिए रुकावटें आ सकती हैं। लोगों को यह भी सलाह गई है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और घर से बाहर निकलने से पहले मौसम की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में आज भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 6 जुलाई को दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिसको देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और दिन भर तेज बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन भर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

आज का पूरा मौसम का हाल देखें

मौसम के अनुमान के मुताबिक, आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। शाम और रात में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, साथ ही मौसम के हालात ऐसे ही बने रहेंगे, जिसमें आंधी-तूफान और तेज हवाएं भी शामिल हैं।

वहीं, बीते दिन यानी रविवार को दिल्ली के मौसम में थोड़ा बदलाव देखा गया। दिनभर हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस बनी रही। मौसम में आए इस बदलाव का असर दिल्ली एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। खराब मौसम की वजह से कुछ उड़ानों में देरी हुई, जिसके बाद कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की।

दिल्ली में मॉनसून का आगमन

खास बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच गया। यह अपने सामान्य समय से पांच दिन देरी से पहुंचा, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि दिन भर बादल छाए रहने के कारण तापमान सामान्य से काफी कम रहा।

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल मानसून 29 जून को दिल्ली पहुंचा था। इसके अलावा, 2024 में मानसून 28 जून, 2023 में 25 जून, 2022 में 30 जून और 2021 में 13 जुलाई को आया था।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें और बेवजह यात्रा करने से बचें, खासकर उन इलाकों में जहां पानी भरने की संभावना हो। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे मौसम से जुड़े ताजा अपडेट सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही लें और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।

मानसून के आगे बढ़ने के साथ IMD लगातार मौसम पर नजर रखे हुए है। विभाग ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान और एडवाइजरी नियमित रूप से देखने की अपील की है। वहीं, प्रशासन भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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IMD Rain Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने अगले 4 दिन से लिए जारी की चेतावनी

IMD Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को देश के कई हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत में पूरी तरह सक्रिय है, जिसकी वजह से कई राज्यों में जोरदार बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। दिल्ली में सोमवार को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, वहीं कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून के सक्रिय रहने की वजह से हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं वाला मौसम बना रहने का अनुमान है। अगले तीन से चार दिनों तक देश के अधिकांश राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे पश्चिम, मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश होने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ आंधी-तूफान की भी संभावना जताई है।

IMD के मुताबिक, सोमवार को गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कई इलाकों में बहुत तेज बारिश हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, सौराष्ट्र-कच्छ, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पंजाब, उत्तराखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने निचले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, पंजाब, उत्तराखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

IMD ने बताया कि गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में भी तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और कुछ जगहों पर स्थानीय बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

तेज हवाओं के साथ होगा बारिश

मौसम विभाग ने बताया है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश का अनुमान है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का जोर बना रह सकता है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना भी जताई गई है।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि अगले चार दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है।

Aaj Ka Mausam 5 July: भारी बारिश-आंधी का डबल अटैक, IMD ने इन राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने पूरे शबाब पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब-हरियाणा के शेष इलाकों और राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9।4 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक ऑफ-शोर ट्रफ, मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ और एक मौसमी ट्रफ रेखा सक्रिय है। इन सबकी वजह से जुलाई को देश के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का डबल अटैक देखने को मिलेगा।

इन राज्यों में एक्स्ट्रीम भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 जुलाई को देश के कुछ प्रमुख राज्यों के लिए सबसे बड़ा अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है-

  • गुजरात राज्य
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • ओडिशा

राजस्थान, एमपी और उत्तराखंड सहित इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 जुलाई को कई राज्यों में बादलों की भारी गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है-

  • पूर्वी राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • विदर्भ
  • उत्तराखंड
  • गंगीय पश्चिम बंगाल
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

5 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसून की भारी बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है-

  • उत्तर और मध्य भारत: हिमाचल प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र का मराठावाड़ा क्षेत्र।
  • दक्षिण भारत: केरल और माहे, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक।
  • उत्तर-पूर्व भारत: असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दिल्ली-पंजाब से राजस्थान-यूपी तक आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ ही देश के एक बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है-

40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार वाला अंधड़: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाली तेज़ झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट है।

30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार वाली आंधी: बिहार और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

तीव्र बिजली की चेतावनी: गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ केवल आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

तेज सतही हवाएं: कर्नाटक, केरल और माहे और रायलसीमा में कुछ स्थानों पर बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

पूर्वी यूपी और उत्तर-पूर्व में भारी उमस, अरुणाचल में गर्म दिन

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच कुछ राज्यों को असहज करने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, असम और मेघालय, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने अलग-अलग हिस्सों में गर्म दिन रहने की आशंका जताई है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए सख्त हिदायत

खराब मौसमी प्रणालियों के चलते समंदर में तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके कारण मछुआरों को पानी में न उतरने की सलाह दी गई है। सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्सों और मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की तूफानी रफ़्तार से हवाएं चलेंगी। महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर भी यही स्थिति रहेगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से मौसम खराब रहेगा।

मध्य बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और अंडमान सागर में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से ऊंची लहरों के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है।

कल का मौसम 5 जुलाई: राजस्थान से MP तक आंधी-तूफान, IMD ने इन 20+ राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार, बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब व हरियाणा के बाकी बचे इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इस सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से मौसम विभाग ने 5 जुलाई को देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 5 जुलाई को देश के चार राज्यों में बादलों का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां छिटपुट स्थानों पर मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है-

  • गुजरात
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • ओडिशा

मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के मुताबिक, 5 जुलाई को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • छत्तीसगढ़
  • विदर्भ
  • उत्तराखंड
  • गंगीय पश्चिम बंगाल
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक

इन 10 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई अन्य हिस्सों में भी 5 जुलाई को भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा:

उत्तर प्रदेश और बिहार से सटे राज्य झारखंड में भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट है। केरल और माहे, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होगी। महाराष्ट्र के मराठावाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है। असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है।

दिल्ली-पंजाब से राजस्थान और एमपी तक आंधी-तूफान और बिजली का कहर

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर-पश्चिम भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बिजली गिरने की आशंका है। उत्तराखंड में भी बिजली गिरने की चेतावनी है।

मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र व मराठावाड़ा क्षेत्र, झारखंड, और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। बिहार और विदर्भ में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

दक्षिण भारत और अन्य क्षेत्र: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है। इसके अलावा गुजरात क्षेत्र में भी बिजली गिरने की संभावना है।

कर्नाटक, केरल और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं

बारिश और आंधी के अलावा, आईएमडी ने कर्नाटक, केरल व माहे और रायलसीमा में अलग-अलग स्थानों पर बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

उत्तर-पूर्व और यूपी में भारी उमस, अरुणाचल में गर्म दिन का अलर्ट

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच कुछ राज्यों को भारी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा। असम व मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर गर्म दिन रहने की आशंका जताई है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए चेतावनी

अरब सागर: सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्सों और मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। यही स्थिति महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर भी रहेगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र व उससे सटे पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: मध्य बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा के तटों, आंध्र प्रदेश, उत्तरी व मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज सुहावने मौसम के बीच बढ़ी उमस, देखें अगले 5 दिन का वेदर फोरकास्ट

Delhi Weather Today: शनिवार सुबह दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहे और मौसम उमस भरा रहा। इससे लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन उमस की वजह से परेशानी बनी रही। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दिन में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

शहर में उमस का स्तर करीब 95 प्रतिशत है, जिससे तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद मौसम काफी असहज महसूस हो रहा है।

बता दें कि दिल्ली में नमी (ह्यूमिडिटी) का स्तर करीब 95% है। इसलिए तापमान कम होने के बावजूद लोगों को उमस और चिपचिपाहट ज्यादा महसूस हो रही है।

IMD के अनुसार, शनिवार के लिए मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, दिन भर बारिश के साथ आंधी-तूफान जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान लगाया है।

अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम?

वहीं, रविवार (5 जुलाई) को भी दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। सुबह और दोपहर के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। शाम और रात के समय भी मौसम ऐसा ही रहने की उम्मीद है।

इस दौरान रविवार को अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

6 जुलाई से 9 जुलाई के बीच, राजधानी में हर दिन आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान रविवार को 32 डिग्री सेल्सियस से धीरे-धीरे गिरकर 7, 8 और 9 जुलाई तक लगभग 31 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी से अपडेट रहें, खासकर आंधी-तूफान के दौरान, और यात्रा करते समय जरूरी सावधानी बरतें।

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IMD Weather Forecast Update: यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव! इन 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

Aaj Ka Mausam 3 July: देश भर में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई के लिए अपना मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 2-3 दिनों में और मजबूत होने के आसार हैं। इस मजबूत सिस्टम और कई अन्य चक्रवातीय परिसंचरणों के कारण आज देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर भारत के कुछ मैदानी इलाकों और पहाड़ी राज्यों में अगले दो दिनों तक बारिश थोड़ी कम रहेगी लेकिन 5 जुलाई से एक बार फिर मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होगा। राहत की बात यह है कि देश के अधिकतम तापमान में 8 जुलाई तक कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।

इन 5 राज्यों में बेहद से बेहद बारिश की चेतावनी

आईएमडी के मॉर्निंग बुलेटिन के मुताबिक आज देश के पांच प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश का अलर्ट है:

  • गुजरात
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र (3 से 5 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश)
  • पश्चिम मध्य प्रदेश (3 और 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश)
  • ओडिशा (3 और 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना)

यहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के मध्य, पहाड़ी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

मध्य और पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पूरे मध्य भारत में आज मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 3 से 6 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल व माहे और तटीय कर्नाटक।

उत्तर प्रदेश और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज भारी बारिश का दौर जारी रहेगा:

उत्तर प्रदेश और बिहार: उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्से) और बिहार में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। यूपी और बिहार में 3-4 जुलाई को छिटपुट से मध्यम बारिश के बाद 5 से 7 जुलाई के बीच फिर से व्यापक बारिश का दौर आएगा।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आज भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में आज और कल (3-4 जुलाई) केवल छिटपुट बारिश होगी, लेकिन यहां 5 से 8 जुलाई के बीच भारी बारिश की वापसी होगी।

पश्चिम और पूर्वी भारत: मराठवाड़ा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड (4 से 8 जुलाई के बीच व्यापक बारिश)।

दक्षिण भारत: आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (इन राज्यों में 3-4 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है)।

आंधी-तूफान का अलर्ट: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में थंडरस्टॉर्म और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है:

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात राज्य, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में आज 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने (झोंके 60 किमी/घंटे तक) और बिजली चमकने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम व मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और तमिलनाडु में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

तेज सतही हवाएं: कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में आज तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

उमस भरा मौसम: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय के मैदानी इलाकों में 3 से 6 जुलाई के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है-

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तटों के साथ-साथ सोमालिया व ओमान तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में भी 3 से 5 जुलाई के दौरान मौसम बेहद खराब रहेगा। मछुआरों को 7 जुलाई तक इन क्षेत्रों में न जाने की हिदायत है।

बंगाल की खाड़ी: आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के तटों सहित मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसम तूफानी रहेगा। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच सकती है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक देश के वायुमंडल में इस समय कई शक्तिशाली प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सीमा आज 3 जुलाई को पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, नीमच, टोंक, भिवानी और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में इसके गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य पाकिस्तान से सटे उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई तक दो अलग-अलग चक्रवातीय हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर एरिया तक फैली मुख्य मानसूनी ट्रफ लाइन, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक फैली ऑफ-शोर ट्रफ और मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (जो वर्तमान में 66°E देशांतर के साथ सक्रिय है) मिलकर देश भर में इस भारी बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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Delhi Weather: कई दिनों की भीषण गर्मी, उमस और लू के बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच ही गया, जिससे लोगों को इस उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। बता दें कि इस बार मानसून अपने तय समय से 5 दिन देर से पहुंचा है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के पहुंचने के बाद गुरुवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे तापमान सामान्य से काफी कम रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।

दूसरी तरफ मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 जुलाई तक और मानसून बारिश की संभावना

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि मौसम प्रणाली में बदलाव के बाद दिल्ली में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।

पलावत ने कहा, “मानसून आमतौर पर मौसमी ट्रफ के साथ आगे बढ़ता है, जो अभी पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह मौसमी ट्रफ दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ बढ़ने की उम्मीद है, जिससे मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो सकती हैं।”

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 5 जुलाई तक ट्रफ के फिर से उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मानसून जैसी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

2021 के बाद पहली बार जुलाई में मॉनसून की शुरुआत

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में, मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले कुछ सालों में मानसून अलग-अलग तारीखों पर दिल्ली पहुंचा है। 2025 में यह 29 जून को, 2024 में 28 जून को, 2023 में 25 जून को और 2022 में 30 जून को पहुंचा था।

पिछले 125 सालों में दिल्ली में मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून, 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देर से आगमन 26 जुलाई, 1987 को हुआ था।

2020 में, मॉनसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था और एक दिन बाद पूरे देश में फैल गया था। 2021 में, यह दिल्ली पहुंचा और उसी दिन पूरे देश में फैल गया। 2022, 2023 और 2024 में, मॉनसून 2 जुलाई को पूरे देश में फैल गया, जबकि पिछले साल यह दिल्ली पहुंचा और 29 जून को पूरे भारत में फैल गया।

तापमान में भारी गिरावट

मानसून के आने से शहर भर में तापमान में काफी गिरावट आई। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। शहर में 21 जुलाई, 2021 के बाद से सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दर्ज किया गया; उस समय न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

अन्य मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। जैसे- पालम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड पर अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अयानगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में हल्की बारिश हुई

गुरुवार को सुबह के समय हल्की लेकिन व्यापक बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक सफदरजंग में 4.6mm बारिश हुई, जबकि पालम में 1.9mm और आयानगर में 5mm बारिश दर्ज की गई। लोदी रोड पर 4.1mm और रिज स्टेशन पर 3mm बारिश हुई। सुबह के बाद ज्यादातर मौसम केंद्रों पर कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई।

मानसून में देरी क्यों हुई?

देरी से आने की वजह बताते हुए पलावत ने कहा कि मानसून को बनाए रखने के लिए जरूरी नमी वाली हवाएं पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।

उन्होंने कहा, “बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं, जो मानसून की लगातार बारिश के लिए जरूरी हैं, पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।” दिल्ली में मानसून के देर से आने से पहले का मौसम (प्री-मानसून सीजन) सामान्य से ज्यादा गर्म रहा था।

IMD के डेटा के मुताबिक, मार्च-जून के दौरान औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा औसत तापमान है।

इसी दौरान औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2024 के बाद पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है। राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले, प्री-मानसून सीजन में लगातार गर्मी, उमस, कुछ समय के लिए तेज लू और कहीं-कहीं प्री-मानसून बारिश देखी गई।

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India Weather Tomorrow 30 June: इन 15 से ज्यादा राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जून के लिए मौसम का बड़ा और ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज रफ्तार आंधी-तूफान का अलर्ट है। जहां एक तरफ उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं, वहीं दिल्ली-एनसीआर के लोगों को 30 जून को भी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2 दिनों के भीतर इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके बाद अगले 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जून को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और बिहार।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और माहे।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

30 जून को देश के कई अन्य राज्यों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। इन इलाकों में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कल बहुत तेज सतही हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। गंगा नदी के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं (झोंके 50 किमी/घंटे तक)

सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान और रायलसीमा।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली की चेतावनी

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कल अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए अगले 5 दिनों का विशेष पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रहा है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव आएगा-

दिल्ली-एनसीआर (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली): 30 जून को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। यहां 1 जुलाई तक बारिश छिटपुट रहेगी, लेकिन 2 से 4 जुलाई के बीच काफी व्यापक से लेकर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। 1 से 3 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 2 जुलाई के बीच और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश का दौर शुरू होगा। दोनों ही हिस्सों में 29 जून से 5 जुलाई के बीच आंधी, बिजली और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 जून को आंधी-बिजली के साथ 40-50 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी और 1-2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटे की रफ़्तार से तीव्र आंधी चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 5 जुलाई के बीच धूलभरी आंधी की गतिविधि देखने को मिलेगी।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर: इन पहाड़ी क्षेत्रों में 1 से 5 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश का भी अलर्ट है।

Monsoon Watch: दिल्ली-NCR और यूपी हीटवेव से बेहाल दिखे, इस बीच मानसून एंट्री और बारिश को लेकर IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon updates: देश की राजधानी दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिल्ली में रविवार को फील्स लाइक टेंप्रेचर (हीट इंडेक्स) 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून की एंट्री और आगामी बारिश को लेकर राहत भरा अपडेट जारी किया है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून की कमी के कारण हाल के दिनों में हीट स्ट्रेस काफी बढ़ गया है। वैसे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 5 से 6 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

मानसून की एंट्री को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट?

मानसून अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों और उत्तराखंड में आगे बढ़ेगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों को कवर कर लेगा।

दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून थी। लेकिन इस बार इसमें करीब एक हफ्ते की देरी है। स्काईमेट के मुताबिक अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिल्ली में मानसून 4 जुलाई के आसपास पहुंच सकता है। अगले कुछ दिनों में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

क्यों बढ़ रही है दिल्ली में गर्मी और उमस?

स्काईमेट के मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पालावत के मुताबिक मानसून में देरी और शुष्क एवं नम हवाओं के आपस में मिलने से तापमान और उमस दोनों बढ़े हुए हैं। पाकिस्तान से आ रही शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान को बढ़ा रही हैं। जबकि अरब सागर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उमस बढ़ा रही हैं।

जब ये दोनों हवाएं मिलती हैं तो बादल बनते हैं। लेकिन उनमें व्यापक बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। शाम 4 या 5 बजे तक बादल बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही वजह है कि अधिकतम टेंप्रेचर और फील्स लाइक टेंप्रेचर इतना ज्यादा बना हुआ है।

दिल्ली-NCR का हाल: दो साल की सबसे गर्म सुबह और रात

दिल्ली में रविवार को गर्मी ने पिछले दो साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो सालों में जून की सबसे गर्म सुबह रही। इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री दर्ज हुआ था। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा था। दिल्ली का लोधी रोड इलाका 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।म

दिल्ली के लिए आगे का पूर्वानुमान

दिल्ली में सोमवार 29 जून को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। 1 जुलाई तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे आने और 3 जुलाई तक 35 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है, जिससे तापमान में 5 से 6 डिग्री की क्रमिक गिरावट आएगी।

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री, हीटवेव का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जबकि लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है।

अन्य राज्यों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

1- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

उत्तराखंड: देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक 37.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देहरादून मौसम केंद्र ने पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, बिजली कड़कने, तेज से बहुत तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश: शिमला मौसम केंद्र ने राज्य में 4 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 30 जून से 4 जुलाई के बीच राज्य में 30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने और आंधी का अलर्ट है। बीते 24 घंटों में शिमला, कांगड़ा और मंडी में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई है।

2- पंजाब और हरियाणा

इन दोनों राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। IMD ने 29 जून, 1 जुलाई और 2 जुलाई को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, 1 से 4 जुलाई के बीच दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने (जो 60 किमी/घंटे तक जा सकती हैं) की चेतावनी दी गई है।

3- जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक 33.8 डिग्री और जम्मू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जम्मू के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में 29 जून को प्री-मानसून बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें व तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

4- राजस्थान

राजस्थान के बड़े हिस्से में उमस भरा मौसम बना हुआ है। हालांकि कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हुई है। झुंझुनू जिले के पिलानी में सुबह से 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों में कोटा और उदयपुर संभाग के हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है जबकि 2 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

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