Delhi Weather: दिल्ली में हीटवेव के बाद 5 दिन देरी से पहुंचा मानसून, IMD ने 5 जुलाई तक जारी किया बारिश का अलर्ट

Delhi Weather: कई दिनों की भीषण गर्मी, उमस और लू के बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच ही गया, जिससे लोगों को इस उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। बता दें कि इस बार मानसून अपने तय समय से 5 दिन देर से पहुंचा है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के पहुंचने के बाद गुरुवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे तापमान सामान्य से काफी कम रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।

दूसरी तरफ मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 जुलाई तक और मानसून बारिश की संभावना

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि मौसम प्रणाली में बदलाव के बाद दिल्ली में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।

पलावत ने कहा, “मानसून आमतौर पर मौसमी ट्रफ के साथ आगे बढ़ता है, जो अभी पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह मौसमी ट्रफ दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ बढ़ने की उम्मीद है, जिससे मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो सकती हैं।”

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 5 जुलाई तक ट्रफ के फिर से उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मानसून जैसी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

2021 के बाद पहली बार जुलाई में मॉनसून की शुरुआत

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में, मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले कुछ सालों में मानसून अलग-अलग तारीखों पर दिल्ली पहुंचा है। 2025 में यह 29 जून को, 2024 में 28 जून को, 2023 में 25 जून को और 2022 में 30 जून को पहुंचा था।

पिछले 125 सालों में दिल्ली में मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून, 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देर से आगमन 26 जुलाई, 1987 को हुआ था।

2020 में, मॉनसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था और एक दिन बाद पूरे देश में फैल गया था। 2021 में, यह दिल्ली पहुंचा और उसी दिन पूरे देश में फैल गया। 2022, 2023 और 2024 में, मॉनसून 2 जुलाई को पूरे देश में फैल गया, जबकि पिछले साल यह दिल्ली पहुंचा और 29 जून को पूरे भारत में फैल गया।

तापमान में भारी गिरावट

मानसून के आने से शहर भर में तापमान में काफी गिरावट आई। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। शहर में 21 जुलाई, 2021 के बाद से सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दर्ज किया गया; उस समय न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

अन्य मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। जैसे- पालम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड पर अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अयानगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में हल्की बारिश हुई

गुरुवार को सुबह के समय हल्की लेकिन व्यापक बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक सफदरजंग में 4.6mm बारिश हुई, जबकि पालम में 1.9mm और आयानगर में 5mm बारिश दर्ज की गई। लोदी रोड पर 4.1mm और रिज स्टेशन पर 3mm बारिश हुई। सुबह के बाद ज्यादातर मौसम केंद्रों पर कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई।

मानसून में देरी क्यों हुई?

देरी से आने की वजह बताते हुए पलावत ने कहा कि मानसून को बनाए रखने के लिए जरूरी नमी वाली हवाएं पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।

उन्होंने कहा, “बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं, जो मानसून की लगातार बारिश के लिए जरूरी हैं, पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।” दिल्ली में मानसून के देर से आने से पहले का मौसम (प्री-मानसून सीजन) सामान्य से ज्यादा गर्म रहा था।

IMD के डेटा के मुताबिक, मार्च-जून के दौरान औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा औसत तापमान है।

इसी दौरान औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2024 के बाद पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है। राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले, प्री-मानसून सीजन में लगातार गर्मी, उमस, कुछ समय के लिए तेज लू और कहीं-कहीं प्री-मानसून बारिश देखी गई।

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India Weather Tomorrow 30 June: इन 15 से ज्यादा राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जून के लिए मौसम का बड़ा और ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज रफ्तार आंधी-तूफान का अलर्ट है। जहां एक तरफ उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं, वहीं दिल्ली-एनसीआर के लोगों को 30 जून को भी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2 दिनों के भीतर इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके बाद अगले 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जून को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और बिहार।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और माहे।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

30 जून को देश के कई अन्य राज्यों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। इन इलाकों में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कल बहुत तेज सतही हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। गंगा नदी के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं (झोंके 50 किमी/घंटे तक)

सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान और रायलसीमा।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली की चेतावनी

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कल अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए अगले 5 दिनों का विशेष पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रहा है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव आएगा-

दिल्ली-एनसीआर (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली): 30 जून को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। यहां 1 जुलाई तक बारिश छिटपुट रहेगी, लेकिन 2 से 4 जुलाई के बीच काफी व्यापक से लेकर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। 1 से 3 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 2 जुलाई के बीच और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश का दौर शुरू होगा। दोनों ही हिस्सों में 29 जून से 5 जुलाई के बीच आंधी, बिजली और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 जून को आंधी-बिजली के साथ 40-50 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी और 1-2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटे की रफ़्तार से तीव्र आंधी चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 5 जुलाई के बीच धूलभरी आंधी की गतिविधि देखने को मिलेगी।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर: इन पहाड़ी क्षेत्रों में 1 से 5 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश का भी अलर्ट है।

Monsoon Watch: दिल्ली-NCR और यूपी हीटवेव से बेहाल दिखे, इस बीच मानसून एंट्री और बारिश को लेकर IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon updates: देश की राजधानी दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिल्ली में रविवार को फील्स लाइक टेंप्रेचर (हीट इंडेक्स) 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून की एंट्री और आगामी बारिश को लेकर राहत भरा अपडेट जारी किया है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून की कमी के कारण हाल के दिनों में हीट स्ट्रेस काफी बढ़ गया है। वैसे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 5 से 6 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

मानसून की एंट्री को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट?

मानसून अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों और उत्तराखंड में आगे बढ़ेगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों को कवर कर लेगा।

दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून थी। लेकिन इस बार इसमें करीब एक हफ्ते की देरी है। स्काईमेट के मुताबिक अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिल्ली में मानसून 4 जुलाई के आसपास पहुंच सकता है। अगले कुछ दिनों में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

क्यों बढ़ रही है दिल्ली में गर्मी और उमस?

स्काईमेट के मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पालावत के मुताबिक मानसून में देरी और शुष्क एवं नम हवाओं के आपस में मिलने से तापमान और उमस दोनों बढ़े हुए हैं। पाकिस्तान से आ रही शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान को बढ़ा रही हैं। जबकि अरब सागर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उमस बढ़ा रही हैं।

जब ये दोनों हवाएं मिलती हैं तो बादल बनते हैं। लेकिन उनमें व्यापक बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। शाम 4 या 5 बजे तक बादल बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही वजह है कि अधिकतम टेंप्रेचर और फील्स लाइक टेंप्रेचर इतना ज्यादा बना हुआ है।

दिल्ली-NCR का हाल: दो साल की सबसे गर्म सुबह और रात

दिल्ली में रविवार को गर्मी ने पिछले दो साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो सालों में जून की सबसे गर्म सुबह रही। इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री दर्ज हुआ था। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा था। दिल्ली का लोधी रोड इलाका 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।म

दिल्ली के लिए आगे का पूर्वानुमान

दिल्ली में सोमवार 29 जून को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। 1 जुलाई तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे आने और 3 जुलाई तक 35 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है, जिससे तापमान में 5 से 6 डिग्री की क्रमिक गिरावट आएगी।

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री, हीटवेव का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जबकि लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है।

अन्य राज्यों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

1- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

उत्तराखंड: देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक 37.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देहरादून मौसम केंद्र ने पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, बिजली कड़कने, तेज से बहुत तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश: शिमला मौसम केंद्र ने राज्य में 4 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 30 जून से 4 जुलाई के बीच राज्य में 30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने और आंधी का अलर्ट है। बीते 24 घंटों में शिमला, कांगड़ा और मंडी में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई है।

2- पंजाब और हरियाणा

इन दोनों राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। IMD ने 29 जून, 1 जुलाई और 2 जुलाई को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, 1 से 4 जुलाई के बीच दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने (जो 60 किमी/घंटे तक जा सकती हैं) की चेतावनी दी गई है।

3- जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक 33.8 डिग्री और जम्मू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जम्मू के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में 29 जून को प्री-मानसून बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें व तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

4- राजस्थान

राजस्थान के बड़े हिस्से में उमस भरा मौसम बना हुआ है। हालांकि कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हुई है। झुंझुनू जिले के पिलानी में सुबह से 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों में कोटा और उदयपुर संभाग के हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है जबकि 2 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

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Delhi Weather Today: हीटवेव के बीच दिल्ली में पिछले दो सालों में सबसे गर्म सुबह दर्ज होने के अगले दिन, यानी सोमवार को मौसम सुहावना रहा। आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट से चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिन में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान जताया है और कहा है कि बारिश का यह दौर 1 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।

बता दें कि रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शहर में पिछले दो सालों में सबसे गर्म सुबह थी। IMD के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था और 14 जून, 2024 (जब यह 33.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था) के बाद से सबसे अधिक दर्ज किया गया तापमान था।

वहीं, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मौसम के औसत से 4.6 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी में लू (हीटवेव) की स्थिति बनी हुई थी, जबकि ज्यादा नमी और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के देर से आने के कारण शाम 5.30 बजे ‘महसूस होने वाला’ तापमान (feels-like temperature) लगभग 50.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार की तेज गर्मी के उलट, सोमवार की शुरुआत आसमान में बादल और कम तापमान के साथ काफी सुखद रही। IMD ने अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है। जबकि नमी का स्तर 35 से 55 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है।

इसके अलावा, मौसम विभाग ने दिन में बारिश के साथ आंधी-तूफान की भविष्यवाणी की है। सोमवार के लिए मौसम की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि कुछ इलाकों में बिजली चमकने और थोड़ी देर के लिए बारिश हो सकती है।

1 जुलाई तक आंधी-तूफान की संभावना

IMD के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम के हालात ऐसे ही बने रहने की उम्मीद है। 30 जून को दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम के पूर्वानुमान में दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश, बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान की बात कही गई है।

वहीं, 1 जुलाई को अधिकतम तापमान और गिरकर 37 डिग्री सेल्सियस हो सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश, बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। इसके साथ ही 3 जुलाई तक तापमान और गिरकर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

आने वाले दिनों में तापमान में होने वाली गिरावट से शहर में वीकेंड के दौरान पड़ी भीषण गर्मी (हीटवेव) से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाएं और बिजली चमकने से ट्रैफिक और बाहर की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

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कल का मौसम 28 जून: IMD ने इन 25 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी बिहार तक ऐसा मौसम

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जून के लिए देश के करीब 25 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का बड़ा अलर्ट जारी किया है. एक तरफ जहां कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है, वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का प्रकोप बना रहेगा.

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं.

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल में मूसलाधार आफत

मौसम विभाग ने 28 जून को देश के पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:

  • * असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है.
  • * उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इस क्षेत्र में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अलग-अलग पॉकेट्स में अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है.
  • * अरुणाचल प्रदेश और केरल-माहे: इन क्षेत्रों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है.

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 28 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्य इस प्रकार हैं:

  • * पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा का अलर्ट है.
  • * मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और कोंकण व गोवा के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
  • * दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.

आंधी-तूफान और थंडरस्कॉल: दिल्ली-NCR से राजस्थान-यूपी तक अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है:

* अंडमान और निकोबार में थंडरस्कॉल: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल आने की आशंका है.

* 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली कड़कने की संभावना है.

* 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. वहीं पंजाब, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है.

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में लू का कहर

जहां एक तरफ मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों को अभी भीषण गर्मी झेलनी होगी:

* उत्तर प्रदेश: यूपी में अभी राहत नहीं है. पूरे उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग इलाकों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बने रहने की गंभीर चेतावनी दी गई है.

* दिल्ली और बिहार: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और बिहार के अलग-अलग पॉकेट्स में 28 जून को लू (Heat Wave) चलने की संभावना जताई गई है.

हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 जून के बाद पूर्वी भारत में तापमान में 2-4°C की गिरावट आएगी, जबकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 30 जून के बाद तापमान 4-6°C तक गिर सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.

समुद्र में जाने से बचें: मछुआरों के लिए रेड वार्निंग

मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण समुद्र में बेहद खतरनाक स्थिति रहने वाली है, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है:

* अरब सागर: सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम व मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके अलावा दक्षिण कोंकण, गोवा, कर्नाटक व केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.

* बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है.

IMD Heavy Rain Alert: आईएमडी ने असम-मेघालय और बंगाल समेत इन 27 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, 3 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, मेघालय, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के करीब 27 राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में आगामी 3 जुलाई तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम में आफत की बारिश, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है:

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन क्षेत्रों में 27 से 29 जून के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 30 जून को भी यहां कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों में 27 जून और फिर 29-30 जून को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। सबसे गंभीर स्थिति 28 जून को होने की संभावना है, जब असम और मेघालय में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 1 से 3 जुलाई तक भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 30 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों पूर्वोत्तर राज्यों में 27 जून से लेकर 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

बिहार, झारखंड और ओड़िशा समेत पूर्वी भारत का हाल

  • बिहार: बिहार में 27 और 28 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 जून को राज्य में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को भी यहां भारी बारिश की संभावना है, जबकि 27 से 29 जून के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 30 जून से 1 जुलाई के बीच 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
  • ओडिशा: ओडिशा में 27 से 29 जून और फिर 2-3 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जून और 1 जुलाई को ओड़िशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों में 30 जून और 1 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 27 जून से 3 जुलाई तक तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहाँ 28 और 29 जून को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 28 जून से 1 जुलाई के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कॉल का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का पूर्वानुमान

  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 27 जून से 2 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि 3 जुलाई को इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से वर्षा हो सकती है। 1 से 3 जुलाई के दौरान इन राज्यों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक छिटपुट बारिश और फिर 1 से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 जून से 3 जुलाई तक बारिश का दौर देखा जाएगा, जिसके साथ 30 जून से 3 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
  • उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के बीच और जम्मू-कश्मीर में 2-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।
  • हिमाचल प्रदेश: यहां 1 से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 27 जून से 3 जुलाई तक बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मध्य और पश्चिमी भारत में वर्षा का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 जून और फिर 29-30 जून को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 29 जून को भारी बारिश हो सकती है जबकि 2 से 3 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ और विदर्भ दोनों ही क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

कोंकण और गोवा: यहाँ 27 जून से 3 जुलाई के दौरान लगातार व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य महाराष्ट्र और मारवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 27 जून को और फिर 1 से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात क्षेत्र में 2 और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम की स्थिति

तटीय कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल और माहे: यहां 27 जून और फिर 30 जून से 3 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 28 और 29 जून को केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

आंतरिक कर्नाटक: उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 2-3 जुलाई को और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 30 जून से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27-28 जून तथा 1-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

लक्षद्वीप: लक्षद्वीप में 28 और 29 जून को भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण लू की चेतावनी

बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी का अनुमान जताया है:

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इनमें से 27 और 28 जून को दोनों ही क्षेत्रों (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू का प्रकोप रहने की आशंका है।

बिहार: बिहार के कुछ सीमित इलाकों में 27 और 28 जून को लू की स्थिति देखने को मिल सकती है। उमस भरा मौसम: झारखंड और ओड़िशा में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में मानसून की एंट्री में देरी, लेकिन IMD का बड़ा अपडेट- अगले 5 दिनों में बारिश और आंधी का दौर तेज

Delhi Weather Today: दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आने की सामान्य तारीख 27 जून है, लेकिन इसके इस तारीख तक न पहुंचने की संभावना है क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि बारिश आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजधानी में कब दस्तक देगी। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश के लिए मौसम की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद, शुक्रवार को दिल्ली में गर्मी और उमस भरा मौसम बना रहा। दोपहर 2:30 बजे शहर का हीट इंडेक्स, या “महसूस होने वाला” तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे बाहर निकलना काफी मुश्किल हो गया। वहीं, अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बता दें कि पिछले साल दिल्ली में मानसून ने 29 जून को दस्तक दी थी, जबकि साल 2024 में यह 28 जून को पहुंचा था।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। यह मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ेगा। इस दौरान दिल्ली में भी बारिश होने की उम्मीद है।

अगले पांच दिनों के लिए दिल्ली का मौसम का पूर्वानुमान

IMD ने अगले कुछ दिनों में दिल्ली में रुक-रुक कर आंधी-तूफान और बारिश का अनुमान लगाया है, साथ ही तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना जताई है:

27 जून को शहर में अधिकतम तापमान लगभग 40°C और न्यूनतम तापमान 27°C रहने की उम्मीद है। वहीं, बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है, लेकिन मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

28 जून को अधिकतम तापमान लगभग 40°C और न्यूनतम तापमान लगभग 27°C रहने की उम्मीद है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और आंधी-तूफान व बिजली कड़कने की संभावना है।

29 जून को तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है; दिन का तापमान 38°C और रात का तापमान 26°C रहने की संभावना है। बारिश के साथ आंधी-तूफान का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

30 जून को भी मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है, जिसमें अधिकतम तापमान 38°C, न्यूनतम तापमान 26°C और बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहेगी।

1 जुलाई तक अधिकतम तापमान और गिरकर 36°C तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रह सकता है। इसके साथ ही आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे शहर में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहेगा।

इस बीच, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में इस जून में अब तक 41.8mm बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस महीने में सामान्य बारिश 74.1mm होती है।

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कल का मौसम 27 जून: IMD ने बिहार समेत इन 20+ राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: बंगाल और सिक्किम में आफत की आशंका

मौसम विभाग ने 27 जून को कुछ राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

  • आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 27 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
  • मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मध्य महाराष्ट्र में भी व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और थंडरस्कॉल का अलर्ट: दिल्ली-NCR से राजस्थान तक

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में 27 जून को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल और बिजली गिरने की आशंका है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पश्चिम राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने का अलर्ट है।

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इसी तरह पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

यूपी में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बादल बरस रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के लोगों को अभी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में 27 जून को लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी लू का प्रकोप देखा जा सकता है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

India Mausam Today: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट का अलर्ट दिया, दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-तूफान

आज का मौसम (India Mausam Today): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से देश के 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में तेज आंधी-तूफान व गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक के लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

मानसून की ताजा स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार के बचे हुए इलाकों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

इन 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में आज भारी बारिश का अलर्ट है।

बिहार, राजस्थान और एमपी में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र आंधी

बुलेटिन के मुताबिक कुछ राज्यों में सामान्य आंधी से ज्यादा खतरनाक तीव्र आंधी चलने की आशंका है:

बिहार, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तीव्र आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही बिहार में बिजली गिरने की भी आशंका है।

दिल्ली-NCR समेत इन 18 राज्यों/इलाकों में आंधी और बिजली का अलर्ट

देश के करीब 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं, गरज-चमक और आसमानी बिजली गिरने का अलर्ट है।

उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ।

पूर्वी और दक्षिणी भारत: झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी बिजली कड़कने का अलर्ट है। कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

पूर्वी यूपी और झारखंड में लू की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां शुरू हो रही हैं, वहीं कुछ इलाके अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। पूर्वी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद (29 जून से) तापमान में 3-5°C की गिरावट आएगी। झारखंड के अलग-अलग पॉकेट्स में आज लू की स्थिति बनी रहेगी।

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