संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का मार्च, अमित शाह से मांगा जवाब

opposition protest in parliment

छात्रों पर लाठीचार्ज और चढ़ावा चोरी मामले में प्रेरणा स्थल से मकर द्वार तक विपक्षी सांसदों ने बुधवार को मार्च किया। प्रदर्शन में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत सभी विपक्षी दलों के सांसद शामिल थे। प्रदर्शनकारियों के हाथ में एक बड़ा पोस्टर था, इस पर लिखा था 'अमित शाह जवाब दो'। भाजपा ने राहुल गांधी पर संसद नहीं चलने देने का आरोप लगाया। ALSO READ: सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहने पर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, CM फडणवीस का कांग्रेस पर तीखा हमला

 

 

कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में प्रोटेस्ट का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि छात्रों पर हुई बर्बरता और चढ़ावा चोरी के खिलाफ विपक्ष के सांसदों का पैदल मार्च। मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सदन में आकर जवाब देना ही होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमारी मांग यही है कि प्रधानमंत्री मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं। वो अपना बयान दें, हम चर्चा करने को तैयार हैं। चर्चा से ही हल निकलेगा। सदन शुरु हुए काफी दिन हो गए हैं। उन्हें आना चाहिए, सदन में न आकर वो संसद का अपमान कर रहे हैं। ALSO READ: UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

 

राहुल गांधी पर भाजपा का बड़ा आरोप

भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा कि ऐसा क्यों है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद को चलने नहीं दे रहे हैं? हमने हमेशा कहा है कि ये 2 विचार धाराओं की लड़ाई है। एक तरफ नरेंद्र मोदी राष्ट्र की बात करते हैं राष्ट्र हित सर्वोपरि है। दूसरी तरफ विपक्ष के नेता राहुल गांधी केवल देश को बांटने का काम करते हैं। अराजक तत्वों के साथ खड़े होना खुद, अराजक हो जाना। नरेंद्र मोदी की सरकार में जीरो टॉलरेंस की नीति है, 2019-2026 तक 36 देशों से 274 भगोडे भारत वापस लाए गए हैं।'

 

गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बना हुआ है। इस वजह से संसद की कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आज भी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ बैठक की।

देवभूमि में कांवड़ियों का भव्य स्वागत, पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन से किया अभिनंदन, CM धामी ने परोसा भोजन

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धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी संदेश दिया गया।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार आगमन पर हरकीपैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।  

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता एवं सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

 

मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और अपने हाथों से भोजन परोसा।

 

काँवड़ यात्रियों के अभिनदंन कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास का व्यापक कार्य हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान कर रही हैं।

 

उन्होंने केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है। वहां आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, तीर्थ पुरोहित आवास सहित अनेक सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।

उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों तथा पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

 

इस अवसर पर महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, श्री प्रदीप बत्रा एवं श्री राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी, विधायक रानीपुर श्री आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर श्रीमती किरण जैसल, रुड़की की मेयर श्रीमती अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक श्री संजय गुप्ता, राज्य मंत्री श्री देशराज कर्णवाल, श्री दिनेश कौशिक, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, श्री श्यामवीर सैनी, श्री शोभाराम प्रजापति, श्री नितिन गौतम, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी (कुंभ मेला) श्री योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी (कुंभ मेला) श्री आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्रीमती निशा यादव, अपर जिलाधिकारी श्री जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर श्री अभय प्रताप सिंह, सचिव एचआरडीए श्री प्रत्यूष सिंह तथा उपजिलाधिकारी हरिद्वार श्री योगेश मेहरा, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने किया।

सदन को प्रभावित कर 25 करोड़ जनता के हितों से खिलवाड़ कर रहा विपक्ष : CM योगी

UP Assembly Monsoon Session

UP Assembly Monsoon Session: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में समाजवादी पार्टी व विपक्षी सदस्यों को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने सपा विधायकों के अभद्रतापूर्ण आचरण पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी व विपक्ष का आचरण असंवैधानिक और शर्मनाक है। विपक्ष सदन की कार्यवाही को प्रभावित कर 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जिसे सभी प्रदेशवासी देख रहे हैं।

संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली संस्थाओं का अपमान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र में सभी सदस्यों के पास बेहतरीन अवसर था कि वे 25 करोड़ जनता की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखकर सदन में उनसे जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा-परिचर्चा करें। लेकिन, जिन लोगों का लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है,  वे लोग संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली सभी संस्थाओं की अवमानना व अपमान करते हैं। समाजवादी पार्टी व विपक्ष का यह आचरण न केवल असंवैधानिक, बल्कि शर्मनाक भी है। 

सदन का बहुमूल्य समय नष्ट कर रहा विपक्ष 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दलीय नेताओं की बैठक व बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के तहत पहले ही सदन का एजेंडा तय किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों के सदस्यों ने उसके तहत सदन में विधायी कार्य या अनुपूरक बजट से जुड़े एक भी प्रस्ताव पर रुचि नहीं ली। इसके विपरीत ये लोग अनावश्यक मुद्दों को उठाकर सदन का बहुमूल्य समय नष्ट करना चाहते हैं। 

विपक्ष का संवैधानिक मूल्यों पर विश्वास नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन प्रारंभ होने से पहले ही दलीय नेताओं की बैठक में सत्ता पक्ष की ओर से मैंने व संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वस्त किया था कि नियम के अंतर्गत सदन में जो भी प्रस्ताव आएंगे, उन पर चर्चा होगी और सरकार उसका जवाब भी देगी। लेकिन, सपा व विपक्षी दलों का सदन में चर्चा, संवैधानिक मूल्यों और सदन की उच्च परंपराओं पर विश्वास ही नहीं है। इनके द्वारा लगातार सदन को प्रभावित करके प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

25 करोड़ प्रदेशवासी देख रहे सपा का अलोकतांत्रिक आचरण 

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आश्वस्त किया कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है। पीठ के द्वारा नियम के अंतर्गत जिन भी मुद्दों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाएगा, उन सभी मुद्दों पर सरकार सार्थक चर्चा को बढ़ाना चाहती है, क्योंकि हमारी सरकार जनहित के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन, विपक्षी दलों ने कभी लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं किया, बल्कि ये लोग जानबूझकर सदन की अवमानना कर लोकतंत्र की खिल्ली उड़ाना चाहते हैं। इन लोगों द्वारा लगातार सदन का माहौल खराब किया जा रहा है। प्रदेशवासी सपा के इस अलोकतांत्रिक आचरण को देख रहे हैं।

 

शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर बड़ा आयोजन, नेमरा में 14 फीट प्रतिमा का अनावरण करेंगे हेमंत सोरेन

Jharkhand CM hemant soren

दिशोम गुरु व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पद्मभूषण स्व. शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर रामगढ़ के नेमरा-लुकैयाटांड़ में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिशोम गुरु की 14 फुट ऊंची आदमकद प्रतिमा का अनावरण करेंगे। ALSO READ: CM हेमंत सोरेन की पहल रंग लाई, ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर सुरक्षित घर लौटी

 

कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि अधिकारी और शिबू सोरेन के हजारों समर्थन शामिल होंगे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। साफ सफाई और अन्य व्यवस्था भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि को लेकर गोला से नेमरा तक पूरा इलाका श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से सराबोर है। सड़क किनारे आकर्षक पोस्टर, होर्डिंग और कलात्मक प्रदर्शनी लगाई गई है। यह उनके जीवन के संघर्ष, जनआंदोलन, सामाजिक सरोकार और झारखंड आंदोलन की ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत कर रहे हैं। ALSO READ: CM हेमंत सोरेन का PM मोदी को पत्र, कहा- मांग के अनुरूप नहीं मिल रही छात्रवृत्ति राशि

 

नेमरा में श्रद्धांजलि सभा के साथ विकास मेले का भी आयोजन किया गया है। इसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बीच करोड़ों रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण किया जाएगा।

Udhayanidhi Stalin arrest: तमिलनाडु में DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को चेन्नई पुलिस ने किया गिरफ्तार, एक्ट्रेस तृषा को लेकर विवादित बयान पर विवादों में घिरे

Udhayanidhi Stalin arrest: तमिलनाडु में विपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को तंजावुर में DMK की एक रैली के दौरान एक्ट्रेस तृषा के बारे में विवादित टिप्पणी करने के आरोप में चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना से विपक्षी DMK और सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब तंजावुर ईस्ट पुलिस ने एक विरोध सभा के दौरान DMK नेता की टिप्पणियों को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।

इसके बाद पुलिस उदयनिधि स्टालिन के घर पहुंची और उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। इसके बाद उनके घर के बाहर DMK कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। DMK ने सरकार पर उदयनिधि स्टालिन को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया। मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें विधानसभा के चल रहे सत्र में हिस्सा लेने से रोकना था।

तमिलनाडु में सत्ताधारी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को राष्ट्रीय महिला आयोग में DMK यूथ विंग के सेक्रेटरी और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत 3 अगस्त को तंजावुर में DMK के एक प्रदर्शन के दौरान उनके द्वारा कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर की गई है। इसे फिल्म एक्ट्रेस पर निशाना साधकर कही गई बात माना जा रहा है।

विवादित बयान पर बवाल

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन सोमवार को अभिनेत्री तृषा को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए। उदयनिधि ने कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की उदासीनता के कारण तमिलनाडु को कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला। रैली के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने ‘तृषा, तृषा’ के नारे लगाए।

पीटीआई के मुताबिक, उदयनिधि ने इस पर अपना भाषण रोककर मुस्कुराते हुए कथित तौर पर ‘द्विअर्थी’ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद उनका राजनीतिक विरोध शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में FIR दर्ज होने के बाद चेन्नई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है।

BJP ने बताया शर्मनाक बयान

तमिलनाडु की BJP इकाई के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने X पर कहा कि उदयनिधि की कथित द्विअर्थी टिप्पणी घृणित, अश्लील, आपत्तिजनक और शर्मनाक है। BJP नेता ने कहा, “सचमुच, कोई बदमाश या चोर भी, जिसकी मां, पत्नी या बेटी हो, इतनी अभद्र भाषा में बात नहीं करेगा। कोई भी मां, पत्नी या बेटी ऐसी टिप्पणी करने वालों को माफ नहीं करेगी।”

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उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी के लिए उदयनिधि को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। तिरुपति ने कहा, “इस तरह की निम्नस्तरीय भाषा के लिए उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार कर जेल भेजना तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के लिए मार्कंडेयन (DMK विधायक) की गिरफ्तारी से अधिक श्रेयस्कर होगा। अब देखना होगा कि अदालतें इस टिप्पणी के लिए सजा देती हैं या जमानत मंजूर करती हैं।”