Stocks to Watch: आज, 19 जून को HDFC Bank, RIL, HCL Tech समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक

शुक्रवार, 19 जून को HDFC Bank, HCL Tech, Bharat Forge समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स पर शेयर बाजारों को जानकारी दी थी। इन पर बाजार आज प्रतिक्रिया देगा। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज की आज सालाना आम बैठक है। इसके अलावा एसएमई सेगमेंट में एक लिस्टिंग है, वहीं कुछ कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड, एक्स-बोनस, एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

इन शेयरों पर रखें नजर

Wipro: कंपनी Aggne Global IT Services में अतिरिक्त 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे के 30 जून, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। 15 फरवरी, 2024 को विप्रो और उसकी सब्सिडियरी Wipro IT Services, LLC ने Aggne Global IT Services और Aggne Global Inc. में 60-60 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी।

HDFC Bank: RBI ने HDFC बैंक के अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर केकी मिस्त्री का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह कार्यकाल 18 सितंबर, 2026 तक या रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति होने तक (जो भी पहले हो) रहेगा।

HCL Technologies: कंपनी ने चेन्नई में AI इनोवेशन जोन लॉन्च किया है। इसका मकसद कंपनियों को Intel-बेस्ड AI प्रोडक्ट्स और HCLTech AI सॉल्यूशंस में इनोवेशन करने और उन्हें इस्तेमाल में लाने में मदद करना है।

Amber Enterprises India: एम्बर ग्रुप ने Oppo Mobiles India के साथ मैन्युफैक्चरिंग के लिए साझेदारी की है। OPPO India, भारत में OPPO, OnePlus और Realme ब्रांड्स के मोबाइल फोन की लाइसेंस्ड मैन्युफैक्चरर है। साझेदारी के तहत, एम्बर ग्रुप इन ब्रांड्स के लिए मोबाइल फोन बनाएगा।

ImagicaaWorld Entertainment: महाराष्ट्र सरकार के सिंचाई विभाग ने कंपनी को बांधों से पानी का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया है। विभाग ने आसपास के इलाकों के बांधों में पानी का स्तर कम होने और अल-नीनो (El Niño) के असर का हवाला दिया है। इसके चलते कंपनी के मैनेजमेंट ने महाराष्ट्र के खोपोली में स्थित Imagicaa Water Park में कामकाज को 19 जून से अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक पानी की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता।

Diamond Power Infrastructure: कंपनी के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए इक्विटी शेयर जारी करके 2,000 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड एक या ज्यादा किश्तों में जुटाया जाएगा।

General Insurance Corporation of India: डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश लहेरी ने 18 जून से जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पदभार संभाल लिया है। इसके साथ ही, वी. बालकृष्ण 18 जून से कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नहीं हैं। हालांकि, बालकृष्ण GIC में जनरल मैनेजर के तौर पर सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा बने रहेंगे।

Bosch Home Comfort India: बॉश ग्लोबल सॉफ्टवेयर टेक्नोलोजिज ने ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में 2.02 लाख शेयरों तक के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 19.63 लाख शेयरों के बेस ऑफर साइज के अलावा है। अब कुल ऑफर साइज बढ़कर 21.66 लाख शेयर हो जाएगा। OFS 19 जून को बंद होगा।

Bharat Forge: कंपनी के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली डिफेंस सब्सिडियरी, कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स ने यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो में मिलिट्री व्हीकल और मोबाइल डिफेंस क्षमताएं देने वाली प्रमुख कंपनी AM जनरल के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप का मकसद बड़े पैमाने पर सहयोगी डिस्ट्रीब्यूशन को सपोर्ट करना है। साथ ही इस प्लेटफॉर्म को उन सहयोगी देशों के लिए एक स्केलेबल और एक्सपोर्ट-योग्य आर्टिलरी सॉल्यूशन के तौर पर पेश करना है, जो आधुनिक, मोबाइल और सुरक्षित 155mm फायरपावर क्षमताएं चाहते हैं।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Anthem Biosciences: प्रमोटर अरुणा गणेश एंथम बायोसाइंसेज में अपनी 3.04 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से बाहर निकल गए। उन्होंने यह बिक्री 1,274.7 करोड़ रुपये में की। प्रमोटर द्वारा बेची गई 3.04 प्रतिशत हिस्सेदारी को कई घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने खरीदा, जिनमें 360 ONE MF, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी केनरा रोबेको MF, घिसालो मास्टर फंड, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज़ एशिया, व्हाइटओक कैपिटल MF, महिंद्रा मैनुलाइफ MF, PI अपॉर्च्युनिटीज़ AIF V, प्रूडेंशियल हांगकांग, SBI MF, सोसिएट जेनरल और UTI MF शामिल हैं।

Shaily Engineering Plastics: प्रमोटर वनिता एल. नागडा ने शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स में 1.4 प्रतिशत हिस्सेदारी 170.3 करोड़ रुपये में बेच दी है।

SME लिस्टिंग

होरिजॉन रिक्लेम (इंडिया)

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

HDFC बैंक

HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स

अंबा एंटरप्राइजेज

AWL एग्री बिजनेस

कोरोना रेमेडीज

GHCL टेक्सटाइल्स

हिंदुस्तान इंसुलेटर्स एंड इंडस्ट्रीज

इंडियामार्ट इंटरमेश

इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

पॉलीकैब इंडिया

राघव प्रोडक्टिविटी एनहांसर्स

सैनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर इंडिया

सॉलिटेयर मशीन टूल्स

टाटा कम्युनिकेशंस

टोरेंट पावर

ये स्टॉक करेंगे एक्स-स्प्लिट और एक्स-बोनस ट्रेड

दीपक बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स इंडिया

स्ट्रिंग मेटावर्स

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

Reliance Industries AGM 2026 : रिलायंस इंडस्ट्रीज की आज होने वाली 49वीं AGM पर पूरे बाजार की नजर है। बाजार की नजर टेलीकॉम यूनिट की लिस्टिंग और नई एनर्जी कंपनी की प्रोग्रेस के बारे में नई जानकारियों पर लगीम रहेंगी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में कंपनी की योजनाओं से जुड़े किसी भी अपडेट पर भी नजर रहेगी। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज शुक्रवार,19 जून को 2 बजे दोपहर को होगी।

कंपनी को पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की आय 10,00,122 करोड़ रुपए रही थी। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की आय 10,71,174 करोड़ रुपए रही थी। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय 11,75,919 करोड़ रुपए पर रही है।

वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का एबिटडा 178,290 करोड़ रुपए रहा था। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का एबिटडा 183,422 करोड़ रुपए रहा था। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का एबिटडा 207,911 करोड़ रुपए पर रहा था।

वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का मुनाफा 79,020 करोड़ रुपए रहा था। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का मुनाफा 81,309 करोड़ रुपए पर आ गया। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 95,754 करोड़ रुपए पर रहा।

एजीएम में कहां रहेगी नजर?

जियो प्लेटफॉर्म्स

आज होने वाली एजीएम में बाजार की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स का बारे में होने वाले ऐलानों पर रहेगी। सबसे बड़ा इकलौता ट्रिगर है। कंपनी मैनेजमेंट ने 2026 की पहली छमाही में इसकी लिस्टिंग का संकेत दिया था। बाजार को लिस्टिंग की पक्की टाइमलाइन का इंतजार है।

न्यू एनर्जी बिजनेस

इसके अलावा बाजार की नजर न्यू एनर्जी बिजनेस से जुड़े ऐलानों पर रहेगी। पिछले कुछ सालों में न्यू एनर्जी में भारी निवेश किया गया है। जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स में बड़ा इन्वेस्टमेंट हुआ है। यहां अब कमर्शियल कामकाज शुरू होने के करीब है। मार्केट को कमीशनिंग शेड्यूल का इंतजार है।

रिलायंस रिटेल पर नजर

पिछली AGM में अगले 5 साल में रिलायंस रिटेल का साइज दो गुना करने का लक्ष्य रखा गया था। पिछले 1 साल में ग्लोबल और मैक्रो स्तर पर कई चुनौतियां रहीं हैं। अब रिटेल सेगमेंट के फ्यूचर आउटलुक पर नजर रहेगी।

AI/डेटा सेंटर

निवेशकों की रिलायंस की AI स्ट्रैटेजी पर नजर रहेगी। AI,डाटा सेंटर में कंपनी का बड़ा फोकस है। 10 जून 2026 को जामनगर में 168 मेगावाट के AI डेटा सेंटर के लिए मेटा से करार भी हुआ है। इस बात पर नजर होगी कि क्या मेटा डील के बाद दूसरे बड़े ग्लोबल प्लेयर भी जुड़ेंगे?

पारंपरिक बिजनेस 

O2C और पेट्रोकेमिकल बिजनेस आउटलुक पर भी बाजार की नजर रहेगी। हालांकि, इस एजीएम में कंपनी का प्राइमरी फोकस जियो,रिटेल और न्यू एनर्जी सेगमेंट पर शिफ्ट होने की उम्मीद है।

 

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

Stocks to Watch: शुक्रवार 19 जून को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में शुक्रवार 19 जून शुक्रवार कई कंपनियां खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। कहीं नए CEO की नियुक्ति हुई है, तो कहीं फंड जुटाने और रणनीतिक साझेदारी जैसे फैसले लिए गए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंकों में शामिल HDFC Bank को RBI से बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने केकी मिस्त्री का अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल 18 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। साथ ही बैंक ने 5 अगस्त 2026 को 32वीं AGM बुलाने की मंजूरी भी दी है।

IT Stocks

ग्लोबल IT कंपनी Accenture के ताजा नतीजों उम्मीद से कमजोर रहे। कंपनी की कमाई बढ़ी है, लेकिन रेवेन्यू मार्केट की उम्मीद से थोड़ा कम रहा। इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ सकता है। ऐसे में टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो जैसे शेयरों में हलचल दिख सकती है।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge की सहयोगी Kalyani Strategic Systems ने अमेरिकी डिफेंस कंपनी AM General के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां दुनिया भर की सेनाओं के लिए आधुनिक मोबाइल तोप सिस्टम विकसित करेंगी।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने यूरोप की रिटेल कंपनी Metro AG का बड़ा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है। कंपनी का कहना है कि इससे Metro AG को AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी का ज्यादा फायदा मिलेगा।

Quick Heal Technologies

साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस देने वाली Quick Heal Technologies ने हरीश कुमार जीएस को नया CEO नियुक्त किया है। उनके पास साइबर सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है।

Bosch Home Comfort India

वॉटर हीटर और होम कम्फर्ट प्रोडक्ट्स बनाने वाली Bosch Home Comfort India के प्रमोटर ने OFS में ओवर-सब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके बाद ऑफर का आकार बढ़ाकर 21.67 लाख शेयर कर दिया गया है। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब निवेशकों की तरफ से अच्छी मांग देखने को मिलती है।

Manappuram Finance

गोल्ड लोन कंपनी Manappuram Finance का बोर्ड 23 जून को फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। कंपनी कर्ज के जरिए पूंजी जुटाने के विकल्पों पर चर्चा करेगी। इस रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने, ज्यादा लोन देने और अन्य जरूरतों के लिए किया जा सकता है।

Diamond Power Infrastructure

पावर ट्रांसमिशन कंपनी Diamond Power Infrastructure के बोर्ड ने QIP के जरिए 2,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी यह फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को इक्विटी शेयर जारी करके जुटाएगी।

MSP Steel & Power

स्टील और पावर सेक्टर में काम करने वाली MSP Steel & Power के प्रमोटर ग्रुप ने खुले बाजार से 38.25 लाख शेयर खरीदे हैं। प्रमोटर्स की तरफ से हिस्सेदारी बढ़ाना आमतौर पर कंपनी के भविष्य को लेकर भरोसे का संकेत माना जाता है।

Brigade Enterprises

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Brigade Enterprises को चेन्नई में अपने एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर झटका लगा है। प्रोजेक्ट की एनवायरमेंटल क्लीयरेंस रद्द कर दी गई है। कंपनी इस आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है।

Tata Capital

टाटा ग्रुप की NBFC Tata Capital ने अगले कुछ वर्षों के लिए अपने ग्रोथ टारगेट दोहराए हैं। कंपनी का लक्ष्य AuM और मुनाफे दोनों को मजबूत करना है। मैनेजमेंट का कहना है कि कारोबार में फिलहाल कोई बड़ी कमजोरी नहीं दिख रही। आने वाले समय में गोल्ड लोन, Micro LAP और किफायती होम लोन पर ज्यादा फोकस रहेगा।

Rajratan Global Wire

स्टील वायर बनाने वाली Rajratan Global Wire को ICRA से पॉजिटिव अपडेट मिला है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बरकरार रखी है। यह इस बात का संकेत माना जाता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर एजेंसी का भरोसा कायम है।

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ITR Filing 2026: कब तक भरना है ITR, देरी पर कितना लगेगा जुर्माना; जानिए हर एक डिटेल

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग का सीजन शुरू हो चुका है। टैक्सपेयर्स लगातार AY 2026-27 की डेडलाइन सर्च कर रहे हैं। असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27, फाइनेंशियल ईयर (FY) 2025-26 की कमाई से जुड़ा है। ऐसे में हर टैक्सपेयर के लिए यह जानना जरूरी है कि उसे कब तक ITR फाइल करना है। तय समयसीमा चूकने पर लेट फीस, ब्याज और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

AY 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन

इनकम टैक्स विभाग ने अलग-अलग तरह के टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय की हैं।

टैक्सपेयर की कैटेगरी आखिरी तारीख
ITR-1 या ITR-2 भरने वाले व्यक्ति और HUF (ऑडिट नहीं) 31 जुलाई 2026
ITR-3 या ITR-4 भरने वाले बिजनेस और प्रोफेशनल टैक्सपेयर (ऑडिट नहीं) 31 अगस्त 2026
जिनके खातों का ऑडिट जरूरी है 31 अक्टूबर 2026
ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के दायरे में आने वाले टैक्सपेयर 30 नवंबर 2026
बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर 2026
रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027

इस बार एक अहम बदलाव भी हुआ है। ITR-3 और ITR-4 भरने वाले नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स को अब 31 जुलाई की जगह 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न दाखिल करने का समय मिलेगा।

डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?

अगर आप तय तारीख तक ITR फाइल नहीं कर पाते हैं तो भी रिटर्न दाखिल करने का मौका खत्म नहीं होता। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं। हालांकि, इसके कुछ नुकसान हो सकते हैं।

सबसे पहले आपको लेट फाइलिंग फीस देनी पड़ सकती है। अगर कोई टैक्स बकाया है तो उस पर ब्याज भी लगेगा। कुछ नुकसान (Losses) को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने की सहूलियत भी नहीं मिलेगी। कई मामलों में टैक्स रिफंड मिलने में भी देरी हो जाती है।

समय पर ITR भरने के फायदे

समय पर ITR फाइल करना सिर्फ नियमों का पालन भर नहीं है, बल्कि इसके कई व्यावहारिक फायदे भी हैं। समय पर रिटर्न भरने से टैक्स रिफंड जल्दी मिलता है।

अगर आपको भविष्य में होम लोन, पर्सनल लोन या किसी अन्य तरह की क्रेडिट सुविधा लेनी है तो ITR अहम दस्तावेज माना जाता है। वीजा और इमिग्रेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी ITR काम आता है। समय पर फाइलिंग करने से टैक्स विभाग की ओर से नोटिस या पेनाल्टी का जोखिम भी कम हो जाता है।

ITR भरने से पहले ये बातें जरूर जांच लें

रिटर्न फाइल करने से पहले कुछ जरूरी चीजों को चेक कर लेना चाहिए ताकि बाद में कोई गलती न हो।

सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने सही ITR फॉर्म चुना है। इसके बाद Form 26AS, AIS और प्री-फिल्ड डेटा का मिलान करें। अपनी आय के सभी स्रोतों की सही जानकारी दें और बैंक अकाउंट डिटेल्स को दोबारा जांच लें।

सिर्फ उन्हीं डिडक्शन और छूट का दावा करें जिनके लिए आप वास्तव में पात्र हैं। रिटर्न जमा करने से पहले पूरी जानकारी ध्यान से पढ़ें और फाइलिंग के बाद ई-वेरिफिकेशन करना बिल्कुल न भूलें।

लेट फाइलिंग पर कितना जुर्माना?

डेडलाइन चूकने पर सेक्शन 234F के तहत लेट फाइलिंग फीस लग सकती है। अगर आपकी कुल सालाना आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो अधिकतम 5,000 रुपये तक की फीस देनी पड़ सकती है। वहीं, अगर आपकी कुल आय 5 लाख रुपये या उससे कम है तो अधिकतम 1,000 रुपये की फीस लग सकती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फीस तब भी देनी होगी, जब आप बाद में तय समयसीमा के भीतर बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर दें।

CA की छुट्टी… AI ने भरा इनकम टैक्स रिटर्न! ‘Claude’ के इस वायरल प्रॉम्प्ट पर छिड़ी बहस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CA की छुट्टी… AI ने भरा इनकम टैक्स रिटर्न! ‘Claude’ के इस वायरल प्रॉम्प्ट पर छिड़ी बहस

ITR Filing with AI: टेक्नोलॉजी और AI का दायरा अब केवल कंटेंट लिखने या कोडिंग करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब सीधे आपके टैक्स और फाइनेंस से जुड़े जटिल कामों में भी एंट्री कर चुका है। आजकल देश में टैक्स सीजन चल रहा है और इस दौरान कुछ भारतीय प्रोफेशनल्स ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के लिए AI टूल्स का सहारा लेकर सबको चौंका दिया है।

सोशल मीडिया पर कुछ प्रोफेशनल्स ने इसके जबरदस्त अनुभव साझा किए हैं। एक डेटा सिक्योरिटी एनालिस्ट ने एंथ्रोपिक (Anthropic) के एआई टूल ‘क्लॉड’ (Claude) का इस्तेमाल करने के बाद अपना एक्सपीरियंस बताते हुए कहा कि इसे यूज करते वक्त ऐसा महसूस हुआ, ‘जैसे कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) मेरे बगल में ही बैठा हो’।

NRI एग्जीक्यूटिव बोले: ‘चीजें रटने के बजाय मैंने सीखी पूरी प्रक्रिया’

अमेजन के सीनियर एग्जीक्यूटिव अखिल सूद, जो फिलहाल वाशिंगटन में रहते हैं, उन्होंने पहली बार भारत में अपना ITR फाइल करने के लिए AI असिस्टेंट का इस्तेमाल किया। उनके लिए यह प्रयोग केवल ऑटोमेशन तक सीमित नहीं था, बल्कि टैक्स जैसे उलझाऊ प्रोसेस को स्पष्टता से समझना था।

अखिल सूद ने लिंक्डइन पर अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा, ‘एक एनआरआई के रूप में टैक्स फाइलिंग हमेशा से ही जरूरत से ज्यादा जटिल लगती रही है। पहले मुझे किसी सीए को ढूंढने, डॉक्यूमेंट्स भेजने, उनके जवाब का इंतजार करने और ऐसी टैक्स शब्दावली को समझने में घंटों बिताने पड़ते थे, जिससे मैं परिचित नहीं था।’

उन्होंने आगे बताया कि इस AI टूल ने न केवल उनके सवालों के जवाब दिए, बल्कि यह भी समझाया कि फॉर्म में हर एक फील्ड क्यों है, उसमें क्या जानकारी भरी जानी चाहिए, इनकम की अलग-अलग कैटेगरी कैसे काम करती हैं और सबमिट करने से पहले किन बातों को वेरीफाई करना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘बिना सोचे-समझे फॉर्म भरने के बजाय, मुझे ऐसा लगा कि मैं वास्तव में इस पूरी प्रक्रिया को सीख रहा हूं।’ इसके अलावा एआई ने टैक्स पोर्टल पर आने वाली दिक्कतों को पहचानने और ग्रीवांस दर्ज करने के तरीके भी सुझाए।

बेंगलुरु के सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट ने शेयर किया पूरा ‘AI Prompt’

इस मामले में एक और एडवांस केस बेंगलुरु के इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट उद्देश्य कुमार का सामने आया। उन्होंने केवल गाइडेंस ही नहीं ली, बल्कि Claude के डेस्कटॉप ऐप के जरिए पूरी फाइलिंग प्रोसेस को प्रैक्टिकली एग्जीक्यूट कराया।

उद्देश्य के मुताबिक, इस AI टूल ने खुद उनके Form 16 का विश्लेषण किया, उसकी तुलना Annual Information Statement (AIS) से की, डेटा में अंतर को पकड़ा, साल के बीच में नौकरी बदलने के मामले को अच्छे से संभाला, पोर्टल के एरर्स और सेशन टाइमआउट की समस्या को सुलझाया और अंत में रिटर्न को सफलतापूर्वक सबमिट भी कर दिया।

उद्देश्य कुमार ने उस सटीक AI Prompt यानी कमांड को भी शेयर किया, जिसका इस्तेमाल उन्होंने क्लॉड के ‘Chrome MCP’ (मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल) के जरिए किया था।

डेटा प्राइवेसी को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जैसे ही उद्देश्य ने यह पोस्ट शेयर की, सोशल मीडिया यूजर्स ने डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एक लिंक्डइन यूजर ने लिखा, ‘आपने अपने दस्तावेज किसी ऐसे सीए के साथ साझा नहीं किए जो शायद उनका दुरुपयोग करना न जानता हो बल्कि आपने उन्हें एक एआई कंपनी के साथ साझा किया है जिसके पास ऐसा करने की पूरी तकनीकी क्षमता है।’ एक अन्य यूजर ने डर जताया कि यह सारा डेटा एआई मॉडल को ट्रेन करने के काम आ सकता है, जिससे भविष्य में प्राइवेसी लीक होने का खतरा है।

इन चिंताओं पर उद्देश्य कुमार ने सफाई देते हुए कहा, ‘आमतौर पर लोग अपना पैन और फॉर्म 16 व्हाट्सएप पर सीए के साथ शेयर कर देते हैं या क्रेडेंशियल्स अनजान पोर्टल्स पर डाल देते हैं। मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। क्लॉड मेरे अपने ब्राउजर के अंदर चल रहा था और इस पूरी प्रक्रिया में ‘ह्यूमन-इन-द-लूप’ यानी मैं खुद हर कदम पर नजर रख रहा था।’

क्या कहती है कंपनी की पॉलिसी?

एंथ्रोपिक की पॉलिसी के अनुसार, यूजर्स का डेटा पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड होता है और जब तक यूजर खुद सहमति न दे, तब तक उनके डेटा का इस्तेमाल मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाता है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी: ‘असिस्टेंट’ मानें, ‘रिप्लेसमेंट’ नहीं

टैक्स और तकनीकी जानकारों का मानना है कि एआई का इस्तेमाल रिसर्च या काम को तेज करने के लिए एक सहायक के रूप में तो बेहतरीन है, लेकिन इस पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता। एआई में भ्रम या गलत जानकारी बना देना की समस्या होती है। इसलिए, अंतिम रूप से रिटर्न सबमिट करने से पहले किसी योग्य प्रोफेशनल या सीए से डेटा को री-वेरीफाई करवाना हमेशा सुरक्षित रहता है।

आखिर क्यों AI की तरफ आकर्षित हो रहे हैं लोग?

  • कम माथापच्ची: डॉक्यूमेंट्स शेयर करने, सीए के फॉलो-अप और लंबे इंतजार की पूरी प्रक्रिया एक सिंगल गाइडेड सेशन में सिमट जाती है।
  • सीखने का मौका: केवल फॉर्म भरने के बजाय लोग टैक्स कंप्लायंस की बारीकियों को लाइव सीख पा रहे हैं।
  • कम लागत: साधारण टैक्सपेयर्स जैसे- ITR-1 भरने वाले के लिए यह एक बेहद किफायती और आत्मनिर्भर विकल्प बनता जा रहा है।
  • महत्वपूर्ण समय: यह बदलाव ऐसे समय में देखा जा रहा है जब इनकम टैक्स रूल्स, 2026 के तहत भारत का टैक्स फ्रेमवर्क एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है, जिसका उद्देश्य फॉर्म की नंबरिंग, डिस्क्लोजर और कंप्लायंस को और ज्यादा सरल बनाना है।

ड्रॉ मैच के कारण कनाडा को मिला FIFA विश्वकप इतिहास का पहला अंक

ड्रॉ मैच के कारण  कनाडा को मिला FIFA विश्वकप इतिहास का पहला अंक

FIFA World Cup 2026 के ग्रुप बी में कनाडा बनाम बोस्निया और हर्जेगोविना के बीच खेला गया मुकाबला 1-1 से ड्रा पर समाप्त हुआ। इसी के साथ दोनों टीमों को एक-एक अंक मिल गया।कनाडा की फुटबॉल टीम ने शुक्रवार रात खेले गये मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना को 1-1 से ड्रॉ पर रोक दिया। साथ ही, उन्होंने विश्वकप इतिहास का पहला अंक भी हासिल किया।

मैच में काफी देर तक बोस्निया ने कनाडा पर लगातार हमले किये और मेहमान टीम ने शुरुआती बढ़त हासिल कर ली और 79वें मिनट तक इसे बरकरार रखा। इसके बाद कनाडा के साइल लारिन ने आखिरी समय से कुछ पहले बराबरी का गोल कर टोरंटो स्टेडियम के अंदर एक अविश्वसनीय माहौल बना दिया। इसी के साथ कनाडा ने 1986 से चले आ रहे पिछले छह विश्व कप मैचों में हार के सिलसिले का अंत कर दिया।

कनाडा की कोच जेसी मार्श ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि दर्शकों ने हमारे अंदर जोश भर दिया क्योंकि खिलाड़ी दूसरे हाफ में अधिक जोश के साथ खेल रहे थे।’’लारिन के लिए यह और भी बेहतर अनुभव था, जो आमतौर पर शुरुआती लाइनअप में होते हैं, लेकिन उन्हें दूसरे हाफ के आखिर क्षणों तक बेंच पर बैठकर मैच देखना पड़ा।

लारिन ने कहा, ‘‘अपने गृहनगर में गोल करना और प्रशंसकों के साथ जश्न मनाना अद्भुत अहसास है। माहौल शानदार था।’’लारिन का यह गोल विश्व कप में कनाडा का केवल दूसरा गोल था। इससे पहले उसकी टीम 1986 में मैक्सिको में और चार साल पहले कतर में हुए विश्व कप में अपने सभी मैच हार गई थी।

बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए गोल करने वाले लुकिच को भी शुरुआती एकादश में जगह नहीं मिलती लेकिन एडिन डेज़ेको (कंधे में चोट) और हारिस तबाकोविच (चोट का कारण अज्ञात) के चोटिल होने के कारण उन्हें शुरू में ही मैदान पर उतारा गया और वह अपेक्षाओं पर खरे उतरे।बोस्निया-हर्जेगोविना दूसरी बार विश्व कप में हिस्सा ले रहा है। इससे पहले उसने 2014 में ब्राजील में खेले गए विश्व कप में भाग लिया था लेकिन तब उसकी टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी।

बोस्निया के कोच सर्गेई बारबारेज़ के लिए यह राहत की बात थी कि उनकी टीम ने इतने मुश्किल माहौल में भी डटकर मुकाबला किया।बारबारेज़ ने कहा, ‘‘बहुत बड़ा दबाव था। मैं अपनी टीम की तारीफ करता हूं कि उसने दबाव के आगे घुटने नहीं टेके। मैं अपनी टीम के प्रदर्शन से बहुत संतुष्ट हूं।’’अब बोस्नियाई टीम का मुकाबला 18 जून को लॉस एंजिलिस में स्विट्जरलैंड और 24 जून को सिएटल में कतर से होगा। कनाडा वैंकूवर में 18 जून को कतर और 24 जून को स्विट्जरलैंड से खेलेगा।

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सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें एक महिला अपने सिर पर कैमरा लगाकर घर के सारे काम कर रही है। ऐसा करने के लिए उसे हर घंटे 250 रुपये मिल रहे हैं।

Android vs iPhone: 2026 में भारतीय यूजर्स के लिए कौन है बेहतर विकल्प? जानिए पूरी तुलना

Android vs iPhone: 2026 में भारतीय यूजर्स के लिए कौन है बेहतर विकल्प? जानिए पूरी तुलना

पिछले एक दशक से स्मार्टफोन बाजार में Android vs iPhone की बहस लगातार जारी है। भारत जैसे तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन बाजार में यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि अब ग्राहक केवल कीमत नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस, सॉफ्टवेयर अपडेट, कैमरा, सिक्योरिटी और रीसेल वैल्यू को भी ध्यान में रखकर नया फोन खरीद रहे हैं।

 

साल 2026 में भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में शामिल हो चुका है। जहां एक ओर छात्र और बजट यूजर्स एंड्रॉयड फोन पसंद कर रहे हैं, वहीं प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स आईफोन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। खास बात यह है कि आईफोन की बढ़ती लोकप्रियता ने इस मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

 

ऑपरेटिंग सिस्टम का अंतर

 

एंड्रॉयड, गूगल के ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित है और इसका इस्तेमाल Samsung, OnePlus, Vivo, Xiaomi, Realme और Motorola जैसी कंपनियां करती हैं। वहीं आईफोन, Apple के iOS प्लेटफॉर्म पर चलता है, जो सभी डिवाइस में एक जैसा अनुभव देता है।

 

एंड्रॉयड में ज्यादा कस्टमाइजेशन और अलग-अलग बजट के विकल्प मिलते हैं। आईफोन बेहतर सिक्योरिटी, स्थिरता और लंबे समय तक सॉफ्टवेयर सपोर्ट प्रदान करता है।

कीमत के मामले में कौन आगे?

 

भारतीय बाजार में कीमत सबसे बड़ा फैक्टर है।

 

Android Smartphones (2026):

 

एंट्री लेवल: ₹8,000 से ₹15,000

मिड-रेंज: ₹18,000 से ₹35,000

फ्लैगशिप: ₹50,000 से ₹1.30 लाख या उससे अधिक

 

iPhone (2026):

 

बेस मॉडल: लगभग ₹70,000 से शुरू

Pro मॉडल: ₹1.20 लाख से अधिक

 

हालांकि, रिफर्बिश्ड आईफोन की बढ़ती मांग ने तस्वीर बदल दी है। 2026 में iPhone 14 लगभग ₹40,000-55,000 और iPhone 13 लगभग ₹30,000-40,000 में उपलब्ध हो सकता है, जिससे यह मिड-रेंज एंड्रॉयड फोन को सीधी टक्कर देता है।

 

परफॉर्मेंस और यूजर एक्सपीरियंस

 

आईफोन में Apple खुद हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों डिजाइन करता है, जिससे इसकी स्पीड और मल्टीटास्किंग काफी स्मूद रहती है। कई साल पुराने आईफोन भी बेहतर परफॉर्म करते हैं।

 

वहीं एंड्रॉयड फोन की परफॉर्मेंस ब्रांड और मॉडल पर निर्भर करती है। फ्लैगशिप एंड्रॉयड फोन बेहद दमदार होते हैं, लेकिन कम बजट वाले मॉडल समय के साथ स्लो हो सकते हैं।

 

कैमरा में किसका दबदबा?

 

एंड्रॉयड की खूबियां

  • ज्यादा जूम क्षमता
  • हाई-मेगापिक्सल सेंसर
  • AI कैमरा फीचर्स
  • अल्ट्रा-वाइड फोटोग्राफी

 

आईफोन की ताकत:

 

  • नेचुरल कलर
  • शानदार वीडियो रिकॉर्डिंग
  • बेहतर लो-लाइट परफॉर्मेंस
  • प्रोफेशनल वीडियो एडिटिंग सपोर्ट
  • बैटरी और चार्जिंग

 

एंड्रॉयड स्मार्टफोन में 65W, 80W और 120W तक की फास्ट चार्जिंग मिल रही है, जबकि आईफोन अपेक्षाकृत धीमी चार्जिंग स्पीड देता है। हालांकि, आईफोन की बैटरी हेल्थ लंबे समय तक बेहतर बनी रहती है।

 

सॉफ्टवेयर अपडेट और लंबी उम्र

 

आईफोन को 5 साल या उससे ज्यादा समय तक iOS अपडेट मिलते हैं। दूसरी तरफ, ज्यादातर मिड-रेंज एंड्रॉयड फोन केवल 2-3 साल तक अपडेट प्राप्त करते हैं, जबकि कुछ फ्लैगशिप मॉडल 4-5 साल का सपोर्ट देते हैं।

 

रीसेल वैल्यू और सिक्योरिटी

 

भारत में आईफोन की रीसेल वैल्यू सबसे ज्यादा मानी जाती है। मजबूत सॉफ्टवेयर सपोर्ट और सेकेंड-हैंड मार्केट में अच्छी मांग इसकी बड़ी वजह है। सिक्योरिटी और प्राइवेसी के मामले में भी आईफोन को बढ़त मिलती है, जबकि एंड्रॉयड में ज्यादा कस्टमाइजेशन के साथ कुछ अतिरिक्त जोखिम भी जुड़े रहते हैं।

 

किसके लिए कौन बेहतर?

स्टूडेंट्स : बजट एंड्रॉयड या रिफर्बिश्ड आईफोन

कंटेंट क्रिएटर्स : आईफोन

प्रोफेशनल्स : आईफोन

बजट खरीदार : एंड्रॉयड

गेमर्स : हाई-एंड एंड्रॉयड
 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्‍स 

अगर आप कम कीमत, ज्यादा विकल्प, कस्टमाइजेशन और फास्ट चार्जिंग चाहते हैं तो एंड्रॉयड बेहतर विकल्प है। वहीं, यदि आपकी प्राथमिकता लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट, बेहतर कैमरा, मजबूत सिक्योरिटी और शानदार रीसेल वैल्यू है तो आईफोन आपके लिए सही रहेगा। 2026 में रिफर्बिश्ड आईफोन भारतीय ग्राहकों के लिए एक ऐसा विकल्प बनकर उभरे हैं, जो प्रीमियम Apple अनुभव को अपेक्षाकृत कम कीमत में उपलब्ध करा रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma

15,000 रुपए में कौन सा फोन है बेस्ट? जानिए टॉप 5 5G स्मार्टफोन

15,000 रुपए में कौन सा फोन है बेस्ट? जानिए टॉप 5 5G स्मार्टफोन

अगर आपका बजट 15,000 रुपए है और आप एक ऐसा स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं जो दमदार परफॉर्मेंस, बेहतरीन कैमरा और लंबी चलने वाली बैटरी दे, तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। इस बजट में भारतीय बाजार में कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं जो 5G कनेक्टिविटी के साथ आते हैं।

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आइए जानते हैं इस रेंज के टॉप 5 मोबाइल्स के बारे में:

1. Moto G64 5G

मोटोरोला का यह फोन उन लोगों के लिए बेस्ट है जिन्हें बिना किसी फालतू ऐप्स (Bloatware) के क्लीन एंड्रॉइड एक्सपीरियंस चाहिए।

 

डिस्प्ले : 6.5-इंच FHD+ IPS LCD, 120Hz रिफ्रेश रेट

 

प्रोसेसर : MediaTek Dimensity 7025

 

कैमरा : 50MP (OIS के साथ) + 8MP रियर, 16MP फ्रंट

 

बैटरी : 6000mAh, 30W चार्जिंग

 

खासियत : इसकी 6000mAh की विशाल बैटरी और OIS कैमरा इस बजट में इसे सबसे अलग बनाता है।

2. Samsung Galaxy M15 5G

अगर आपको सैमसंग का भरोसा और बेहतरीन डिस्प्ले चाहिए, तो यह फोन एक परफेक्ट चॉइस है।

 

डिस्प्ले : 6.5-इंच Super AMOLED, 90Hz रिफ्रेश रेट

 

प्रोसेसर : MediaTek Dimensity 6100+

 

कैमरा : 50MP + 5MP + 2MP रियर, 13MP फ्रंट

 

बैटरी : 6000mAh, 25W चार्जिंग

 

खासियत: इस बजट में Super AMOLED स्क्रीन और 4 साल के एंड्रॉइड अपडेट्स मिलना बड़ी बात है।

 

Realme NARZO 70x 5G

3. Realme NARZO 70x 5G

स्टाइलिश लुक और सुपरफास्ट चार्जिंग चाहने वाले युवाओं के लिए यह एक शानदार विकल्प है।

 

डिस्प्ले : 6.72-इंच FHD+, 120Hz रिफ्रेश रेट

 

प्रोसेसर : MediaTek Dimensity 6100+

 

कैमरा : 50MP + 2MP रियर, 8MP फ्रंट

 

बैटरी : 5000mAh, 45W SUPERVOOC चार्जिंग

 

खासियत : इसका 45W का फास्ट चार्जर फोन को बहुत जल्दी चार्ज कर देता है।

 

4. Redmi 13C 5G

अगर आप 15,000 से भी काफी कम खर्च करना चाहते हैं और एक सॉलिड 5G फोन चाहते हैं, तो रेडमी का यह फोन बजट-फ्रेंडली किंग है।

 

डिस्प्ले : 6.74-इंच HD+, 90Hz रिफ्रेश रेट

 

प्रोसेसर : MediaTek Dimensity 6100+

 

कैमरा : 50MP AI Dual रियर, 5MP फ्रंट

 

बैटरी : 5000mAh, 18W चार्जिंग

 

खासियत : कम कीमत में दमदार 5G परफॉर्मेंस और प्रीमियम ग्लास बैक डिजाइन।

 

5. Vivo T3x 5G

गेमिंग और परफॉर्मेंस के शौकीनों के लिए वीवो का यह स्मार्टफोन इस सेगमेंट में सबसे तेज प्रोसेसर्स में से एक के साथ आता है।

 

डिस्प्ले : 6.72-इंच FHD+, 120Hz रिफ्रेश रेट

 

प्रोसेसर : Snapdragon 6 Gen 1

 

कैमरा : 50MP + 2MP रियर, 8MP फ्रंट

 

बैटरी : 6000mAh, 44W फ्लैशचार्ज

 

खासियत : स्नैपड्रैगन प्रोसेसर के कारण इसमें गेमिंग बहुत स्मूथ होती है और बैटरी बैकअप भी लाजवाब है।

 

अब सवाल कौनसा स्मार्टफोन आपके लिए सही

यदि आपकी प्राथमिकता बैटरी और क्लीन सॉफ्टवेयर है तो Moto G64 चुनें। बेहतर स्क्रीन के लिए Samsung M15 और फास्ट चार्जिंग के लिए Realme NARZO 70x एक बढ़िया विकल्प है।

Instagram यूज़र्स के लिए बड़ा अलर्ट! Meta AI की खामी से हैक हुए अकाउंट, कंपनी ने जारी की चेतावनी

Instagram यूज़र्स के लिए बड़ा अलर्ट! Meta AI की खामी से हैक हुए अकाउंट, कंपनी ने जारी की चेतावनी

Instagram ने हाल ही में सामने आई एक बड़ी सुरक्षा खामी को लेकर यूज़र्स को अलर्ट किया है। यह खामी मेटा (Meta) के AI आधारित अकाउंट रिकवरी सिस्टम से जुड़ी थी, जिसका फायदा उठाकर हैकर्स कुछ यूज़र्स के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कब्जा कर रहे थे।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर सोशल मीडिया अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही, 2FA को हमेशा सक्रिय रखना और इंस्टाग्राम सिक्योरिटी से जुड़े ईमेल व नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखना जरूरी है। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक जैसे-जैसे AI आधारित सिस्टम डिजिटल सेवाओं में अधिक इस्तेमाल हो रहे हैं, वैसे-वैसे टेक कंपनियों को उनकी सुरक्षा और मजबूत करनी होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स ने Meta AI सपोर्ट सिस्टम में मौजूद एक तकनीकी कमजोरी का इस्तेमाल किया। वे खुद को असली अकाउंट मालिक बताकर AI चैटबॉट को गुमराह कर देते थे। कई मामलों में AI सिस्टम ने हमलावरों को इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़ा ईमेल एड्रेस बदलने की अनुमति दे दी, जिसके बाद हैकर्स आसानी से पासवर्ड रीसेट कर अकाउंट पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते थे।

 

हाई-वैल्यू इंस्टाग्राम अकाउंट रहे निशाने पर

 

बताया जा रहा है कि साइबर अपराधियों ने सामान्य यूज़र्स की बजाय उन अकाउंट्स को निशाना बनाया, जिनके छोटे और लोकप्रिय यूज़रनेम की डार्क वेब पर अच्छी कीमत मिलती है। हालांकि, मेटा ने अब तक प्रभावित अकाउंट्स की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है, लेकिन कई यूज़र्स ने अपने अकाउंट हैक होने की शिकायतें दर्ज कराई हैं।

Meta ने खामी दूर करने का किया दावा

मेटा का कहना है कि इस सुरक्षा खामी को ठीक कर दिया गया है। इसके बावजूद कुछ यूज़र्स ने घोषणा के बाद भी अकाउंट टेकओवर की घटनाओं की जानकारी दी है। कंपनी की सिक्योरिटी टीम प्रभावित अकाउंट्स को बहाल करने और नई शिकायतों की जांच में जुटी हुई है।

 

यदि किसी यूज़र को हाल के दिनों में संदिग्ध पासवर्ड रीसेट ईमेल या अतिरिक्त सुरक्षा सत्यापन (Security Prompt) मिले हैं, तो यह मेटा की ओर से अकाउंट की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

प्रभावित यूज़र्स को भेजे जा रहे सिक्योरिटी अलर्ट

इंस्टाग्राम ने संभावित रूप से प्रभावित यूज़र्स को ईमेल के जरिए सुरक्षा अलर्ट भेजना शुरू कर दिया है। इन संदेशों में बताया जा रहा है कि अकाउंट पर संदिग्ध गतिविधि पाई गई है और उसके समझौता (Compromise) होने की आशंका है।

ऐसे सुरक्षित रखें अपना इंस्टाग्राम अकाउंट

यदि आपको ऐसा कोई अलर्ट मिला है, तो तुरंत ये कदम उठाएं—

 

  • अपना इंस्टाग्राम पासवर्ड तुरंत बदलें।
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें।
  • अकाउंट से जुड़े सभी डिवाइस और एक्टिव लॉगिन सेशन की जांच करें।
  • किसी भी अनजान ईमेल एड्रेस या फोन नंबर को अकाउंट से हटा दें।
  • साइबर विशेषज्ञों की सलाह

 Edited by : Sudhir Sharma